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पूर्व CM के बेटे की गिरफ्तारी चुनौती पर आज सुनवाई, ED की बड़ी कार्रवाई संभव

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला से जुड़े मामले में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ प्रवतर्न निदेशालय (ED) कोर्ट में चालान पेश कर सकती है. ईडी की न्यायिक रिमांड पर चैतन्य बघेल रायपुर जेल में बंद है. ईडी की विशेष कोर्ट में चैतन्य बघेल के खिलाफ चालान पेश किया जा सकता है. शराब घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने पूर्व सीएम के बेटे को गिरफ्तार किया था. पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल की ओर से गिरफ़्तारी को लेकर हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर आज सुनवाई होनी है. ईडी की गिरफ्तार को चुनौती दी गई है. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की ओर से आज सिंगल बैंच में जवाब प्रस्तुत किया जाएगा. बता दें कि चैतन्य को 18 जुलाई 2025 को भिलाई से ईडी ने गिरफ्तार किया था. बीते दिनों चैतन्य ने अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था और उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया था. इसके बाद चैतन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें दावा किया गया है कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और ईडी ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया. इस मामले में जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में लगातार सुनवाई जारी है

नाटो की चिंता बढ़ी: ड्रोन अटैक्स से नहीं निपट पा रहे, रूसी रणनीति ने बढ़ाई हलचल — जानें मजेदार पहलू

वारसॉ बीते सप्ताह पोलैंड के आसमान से रूसी ड्रोन गुजरने पर हड़कंप मच गया था। खबर है कि 19 ड्रोन पोलैंड के आसमान से गुजरे थे, जिनमें से 7 को ही उसकी ओर से इंटरसेप्ट किया जा सका। इसे उसकी एक असफलता के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में नाटो देशों की एक मीटिंग हुई है, जिसमें ड्रोन हमलों से निपटने में अक्षमता की बात कही गई। गुरुवार को नाटो महासचिव मार्क रुट और यूरोपियन यूनियन के राजदूतों की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में मौजूद कई प्रतिनिधियों ने कहा कि ड्रोन हमलों से निपटने के लिए नाटो के सदस्य देशों की तैयारी कमतर है। यह भी चिंता जाहिर की गई कि ड्रोन हमले बेहद कम लागत से होते हैं और उनके जवाब में बड़ी पूंजी खर्च की जा रही है। इस दौरान एक मजेदार तथ्य यह भी पेश किया गया कि रूस की ओर से करीब 11 हजार डॉलर के ड्रोन से ही हमले किए जाते हैं। उनके जवाब में हमारी तरफ से एयर-टू-एयर मार करने वाली 4 लाख डॉलर की मिसाइल चलाई जाती है। यह बेहद खर्चीला और जटिल है। इस संबंध में ऑस्ट्रिया के अखबार कुरियर डेली ने भी महत्वपूर्ण बात अपनी रिपोर्ट में कही है। अखबार लिखता है कि ड्रोन के जवाब में F-35 फाइटर जेट को तैनात किया गया। इसके अलावा इटली के सर्विलांस प्लेन लगे थे। यही नहीं जर्मन पैट्रियाट एयर डिफेंस सिस्टम भी लगा था। इसके बाद भी रूस की ओर से उड़े 19 ड्रोन्स में से 7 को ही इंटरसेप्ट किया जा सका। यही वजह है कि नाटो देशों ने ड्रोन हमलों से निपटने में अपनी असफलता मानी है। पोलैंड की अथॉरिटीज का भी कहना है कि रूस की ओर से भेजे गए ड्रोन्स में से 3 से 4 को ही मार गिराने में सफलता मिली। फिलहाल रूसी ड्रोन्स के कारण नाटो देशों में हलचल की स्थिति है। पौलैंड के आसमान से रूसी ड्रोन गुजरने को संप्रभुता को चैलेंज माना जा रहा है। यहां तक कि पोलैंड ने तो इसी मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मीटिंग बुलाने की भी मांग की है। नाटो के अधिकारियों का कहना है कि हम हर ड्रोन की निगरानी या उसे गिराने के लिए हर बार F-35 जैसे फाइटर जेट भी तैनात नहीं कर सकते। फिलहाल इस पर बात हुई कि ड्रोन से निपटने के कारगर और कम खर्चीले तरीकों को विकसित किया जाए। पोलैंड की मीडिया ने कहा कि उनका देश ड्रोन तकनीक से होने वाले हमलों से निपटने में सक्षम नहीं है। हमें अपनी तकनीक का आधुनिकीकरण करना होगा।

निर्मम हत्या से दहला पटना: युवक का शव सड़क किनारे मिला, सिर और हाथ लापता

पटना  सिर कटा, हाथ गायब…राजधानी पटना में सोमवार सुबह क्षत-विक्षत हालत में शव मिला तो हड़कंप मच गया। इस भयानक नजारे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। स्थानीय लोगों में खौफ का माहौल है। फिलहाल, मौके पर पहुंची पुलिस मृतक की पहचान करने में जुटी हुई है। दरअसल, पूरा मामला नौबतपुर थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने सोमवार सुबह बिहटा-सरमेरा स्टेट हाईवे-78 पर ग्रामीणों की नजर एक शव पर पड़ी। शव का सिर पूरी तरह से कटा हुआ था और हाथ भी गायब थे। लोगों की आशंका जताई कि युवक की निर्मम तरीके से हत्या कर शव को सड़क पर फेंक दिया गया है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटना की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह सड़क हादसा था या फिर हत्या।  

SC का बड़ा फैसला: वक्फ एक्ट पर पूरी रोक नहीं, 5 साल की शर्त खारिज, गैर-मुस्लिम सदस्य होंगे शामिल

नई दिल्ली वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मुस्लिम पक्ष की कुछ दलीलें तो मान ली है, लेकिन पूरे कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. CJI बीआर गवई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट बेंच ने साफ किया कि वक्फ संपत्तियों को लेकर कलेक्टर के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलैक्टर का फैसला अंतिम फैसला नहीं होगा. इसके साथ ही वक्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 की उस प्रावधान पर रोक लगा दी है, जिसमें वक्फ़ बनाने के लिए किसी व्यक्ति का 5 वर्षों तक इस्लाम का अनुयायी होना आवश्यक बताया गया था. अदालत ने फिलहाल उस प्रावधान पर रोक लगाई है, जिसमें वक्फ बोर्ड का सदस्य बनने के लिए कम से कम 5 साल तक इस्लाम का पालन करने की शर्त रखी गई थी. कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में उचित नियम बनने तक यह प्रावधान लागू नहीं होगा. इसके अलावा, धारा 3(74) से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड के प्रावधान पर भी रोक लगाई गई है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि कार्यपालिका किसी भी व्यक्ति के अधिकार तय नहीं कर सकती. जब तक नामित अधिकारी की जांच पर अंतिम निर्णय न हो और जब तक वक्फ संपत्ति के मालिकाना हक का फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट द्वारा न हो जाए, तब तक वक्फ को उसकी संपत्ति से बेदखल नहीं किया जा सकता. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े मामलों का अंतिम निपटारा होने तक किसी तीसरे पक्ष के अधिकार नहीं बनाए जाएंगे. बोर्ड में अधिकतम तीन गैर-मुस्लिम सदस्य ही होंगे वक्फ बोर्ड की संरचना पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि बोर्ड में अधिकतम तीन गैर-मुस्लिम सदस्य ही हो सकते हैं, यानी 11 में से बहुमत मुस्लिम समुदाय से होना चाहिए. साथ ही, जहां तक संभव हो, बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मुस्लिम ही होना चाहिए. अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका यह आदेश वक्फ एक्ट की वैधता पर अंतिम राय नहीं है. अदालत ने साफ किया कि पूरे कानून पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं है, लेकिन कुछ प्रावधानों पर अंतरिम सुरक्षा दी जा रही है. कोर्ट ने कहा कि सामान्य तौर पर किसी कानून के पक्ष में संवैधानिक वैधता की धारणा रहती है. पांच साल वाली शर्त खारिज मुख्य आपत्ति धारा 3(r), 3(c), 3(d), 7 और 8 सहित कुछ धाराओं पर थी. इनमें से धारा 3(r) के उस प्रावधान पर कोर्ट ने रोक लगा दी, जिसमें वक्फ बोर्ड का सदस्य बनने के लिए पांच साल तक इस्लाम का पालन करने की शर्त रखी गई थी. अदालत ने कहा कि जब तक सरकार इस पर स्पष्ट नियम नहीं बनाती, तब तक यह प्रावधान लागू नहीं होगा, वरना यह मनमाना साबित हो सकता है. कार्यपालिका नहीं तय कर सकती संपत्ति के अधिकार   अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी कलेक्टर या कार्यपालिका को संपत्ति के अधिकार तय करने की अनुमति देना शक्तियों के पृथक्करण (separation of powers) के खिलाफ है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक धारा 3(c) के तहत वक्फ संपत्ति के मालिकाना हक का अंतिम फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट से नहीं हो जाता, तब तक न तो वक्फ को संपत्ति से बेदखल किया जाएगा और न ही राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ होगी. साथ ही, इस दौरान किसी तीसरे पक्ष के अधिकार भी नहीं बनाए जाएंगे.

1300 एकड़ में बसेगा टेक्सटाइल हब, 17 सितंबर को पीएम करेंगे भूमिपूजन: CM ने बताया निवेश का प्लान

भोपाल  भारत के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को करेंगे। उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। इससे पहले ही देश की बड़ी टेक्सटाइल कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास के पहले ही देश की अग्रणी 114 टेक्सटाइल कंपनियों से 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। इन प्रस्तावों में से 91 कंपनियों और इकाइयों के आवेदन स्वीकृत किए। साथ ही 1294 एकड़ भूमि आवंटित किए जाने की अनुशंसा की जा चुकी है। 20000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश आ चुके वहीं, जिन कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है, उनमें 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 72 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। पार्क परियोजना पूर्ण विकसित होने पर रोजगार का आंकड़ा तीन लाख तक पहुंचने का अनुमान है। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आने वाला ठोस बदलाव है। ये कंपनियां करेंगी निवेश इसके साथ ही देश की जिन अग्रणी टेक्सटाइल कंपनियों को पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटित की गई है, उनके द्वारा बड़े स्तर पर निवेश के प्रस्ताव दिए गए हैं। इसमें प्रमुख रूप से वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटेड 2000 करोड़ रुपए का निवेश कर 190 एकड़ भूमि पर इकाई स्थापित करेगा। जैन कॉर्ड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड 2515 करोड़ रुपए का निवेश 58 एकड़ भूमि पर करेगा। एबी कॉटस्पिन इंडिया लिमिटेड 1300 करोड़ रुपये का निवेश 45 एकड़ भूमि पर, ट्राइडेंट लिमिटेड कंपनी 180 एकड़ भूमि पर 4,881 करोड़ रुपये का निवेश, ऑरा सिक्योरिटीज प्रा.लि. 105 एकड़ भूमि पर 1204 करोड़ रुपए, बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा.लि. 75 एकड़ भूमि पर 981 करोड़ रुपए का निवेश, नासा फाइबर टू फैशन प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 472 करोड़ का निवेश, डोनियर सिंथेटिक लि. 20 एकड़ भूमि पर 220 करोड़ का निवेश, महालक्ष्मी प्रोसेसिंग हाउस प्रा.लि. 30 एकड़ भूमि पर 300 करोड़ रुपए का निवेश, कमर्शियल सिन बैग्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 134 करोड़ रुपए का निवेश और नावकार टेकटेक्स लिमिटेड 8 एकड़ भूमि पर 135 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। वहीं, पीएम मित्रा पार्क में शार्मनजी यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड ने 836.70 करोड़, सनातन पॉलिकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने 1000 करोड़, सिद्धार्थ प्योरस्पन प्राइवेट लिमिटेड ने 380 करोड़, फैबियन टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने 308 करोड़, पासा पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 270 करोड़, दादी मां फाइबर्स ने 280 करोड़, ओसीएम फ्लोरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 250 करोड़, सोनिया सिंथेटिक्स एलएलपी ने 240 करोड़, वंश टेक्नोफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 233 करोड़, डोनियर रिटेल प्रा. लिमिटेड ने 240 करोड़, तनमय प्योर स्पन ने 220 करोड़, महाशक्ति टेक्सटाइल मिल्स ने 202 करोड़, जिनेन्द्रम टेक्सस्पिन प्राइवेट लिमिटेड ने 200 करोड़, जे.के. क्वालिटी कॉटन इंडस्ट्रीज ने 180 करोड़, लक्ष्मीनाथ कल्पना मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 155 करोड़, टिकमसा दुलीचंद नैचुरल फाइबर लिमिटेड ने 142 करोड़, मोहिनी एक्टिव लाइफ प्राइवेट लिमिटेड ने 190 करोड़, एल्पाइन टेक्सवर्ल्ड लिमिटेड ने 140.04 करोड़, टैनफैक अपैरल्स लिमिटेड ने 125 करोड़, महावीर स्पिनफैब प्राइवेट लिमिटेड ने 125 करोड़, रमेश टेक्सटाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 115 करोड़, कैनडेक्स फिलामेंट प्राइवेट लिमिटेड ने 113.79 करोड़, अनीका टेक्सफैब ने 100 करोड़, न्यू जील फैशन वेयर प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, मराल ओवरसीज लिमिटेड ने 100 करोड़, श्री पैकर्स (एमपी) प्राइवेट लिमिटेड ने 100 करोड़, आर.आर. जैन इंडस्ट्रीज ने 101.25 करोड़, मैस्कॉट फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड ने 80 करोड़, ऋचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 77.88 करोड़, कोटली क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड ने 60 करोड़, वाइब्रेंट पॉलिमर्स एलएलपी ने 50.61 करोड़, बॉन एंड कंपनी ने 50 करोड़, गोल्डन सीम्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, शंकारी फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 45 करोड़, के.जी. एक्सपोर्ट्स ने 43.35 करोड़, ऑरम विनाइल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ और राघवेंद्र स्पिनटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 37.60 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इसके साथ ही अन्य कंपनियों की तरफ से भी निवेश प्रस्ताव आए हैं। टेक्सटाइल की पूरी वेल्यू चेन यहीं डेवलप होगी पीएम मित्रा पार्क में होने वाले निवेशों से यार्न, फैब्रिक और गारमेंट उत्पादन की पूरी वैल्यू चेन यहीं विकसित होगी, जिससे प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। पीएम मित्रा पार्क में जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। पीएम मित्रा की कुल 2158 एकड़ भूमि में से लगभग 1300 एकड़ भूमि का आवंटन पूरा हो चुका है और बाकी जमीन भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को होगा फायदा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। सीएम ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और 2 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों की उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और रॉ-मटेरियल सप्लाई की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। गारमेंट उत्पाद की संपूर्ण वैल्यू चेन होगी विकसित इन प्राप्त निवेशों से यार्न, फैब्रिक और गारमेंट उत्पादन की संपूर्ण वैल्यू चेन यहीं विकसित होगी, जिससे प्रदेश का टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। पीएम मित्रा की कुल 2158 एकड़ भूमि में से लगभग 1300 एकड़ भूमि का आवंटन पूरा हो चुका है और शेष भूमि भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है। पीएम मित्रा पार्क भूमि पूजन के बाद उद्योगों के निर्माण कार्य शुरू होने से निवेश का लाभ शीघ्र ही धरातल पर दिखाई देगा।

ड्राय स्कैल्प के लिए अपनाएं ये 3 घरेलू उपाय

क्या आपको बार-बार सिर में खुजली होती है और बालों में सफेद पपड़ी नजर आती है? अगर हां, तो बता दें कि यह ड्राई स्कैल्प की निशानी है। ड्राई स्कैल्प की वजह से न सिर्फ खुजली होती है, बल्कि बाल भी कमजोर होकर टूटने लगते हैं। जी हां, अगर आप इस समस्या से परेशान हैं, तो इस आर्टिकल में बताए गए 3 घरेलू नुस्खे आपके काम आ सकते हैं। नारियल का तेल नारियल का तेल तो हर घर में मौजूद होता है। यह सिर्फ बालों को पोषण ही नहीं देता, बल्कि ड्राई स्कैल्प के लिए भी रामबाण है। रात में सोने से पहले आप हल्के गरम नारियल तेल से सिर की मालिश कर सकते हैं और सुबह बालों को धो सकते हैं। बता दें, इससे आपको कुछ ही दिनों में आपको फर्क नजर आने लगेगा। एलोवेरा जेल एलोवेरा में मॉइस्चराइजिंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो रूखी और खुजली वाले स्कैल्प को शांत करते हैं। इसके लिए, फ्रेश एलोवेरा जेल को सीधे स्कैल्प पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर नॉर्मल पानी से बाल धो लें। बता दें, हफ्ते में दो बार ऐसा करने से जल्द ही आपका स्कैल्प हेल्दी हो जाएगा। दही का हेयर मास्क दही में लैक्टिक एसिड मौजूद होता है, जो स्कैल्प को साफ करने और नमी बनाए रखने में मदद करता है। एक कटोरी दही में थोड़ा-सा शहद मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे अपनी स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाएं और 30 मिनट बाद धो लें। यह मास्क आपकी स्कैल्प को हाइड्रेट करने के साथ-साथ बालों को भी मुलायम बनाएगा। इन आसान उपायों को अपनाकर आप बिना किसी केमिकल के अपनी ड्राई स्कैल्प की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं और अपने बालों को हेल्दी बना सकते हैं।

लौकी खाने से पहले सोच लें! इन 5 लोगों को हो सकता है बड़ा नुकसान

क्या आप भी सोचते हैं कि लौकी दुनिया की सबसे सेहतमंद सब्जियों में से एक है? क्या आप भी हर बार इसे प्लेट में देखकर सोचते हैं कि यह सिर्फ फायदे ही देगी? तो ठहरिए! अक्सर हम जिस चीज को फायदेमंद मानते हैं, वही कुछ लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। आपकी रसोई की यह 'सुपरफूड' लौकी भी कुछ खास लोगों के लिए भारी पड़ सकती है। आइए जानते हैं ऐसे 5 लोग कौन हैं , जिन्हें लौकी खाने से पहले दो बार सोचना चाहिए। लो ब्लड प्रेशर के मरीज अगर आपका ब्लड प्रेशर अक्सर कम रहता है, तो लौकी से दूरी बनाए रखना ही समझदारी है। लौकी में ऐसे गुण होते हैं जो ब्लड प्रेशर को और कम कर सकते हैं। ज्यादा मात्रा में लौकी खाने से चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी जैसी समस्या हो सकती है। पाचन की समस्या वाले लोग जिन लोगों को अक्सर गैस, पेट फूलना या अपच की शिकायत रहती है, उन्हें लौकी सोच-समझकर खानी चाहिए। लौकी में फाइबर और पानी की अधिकता पाचन तंत्र को धीमा कर सकती है, जिससे आपकी समस्या और बढ़ सकती है। खासकर रात के समय लौकी खाने से बचें। किडनी से जुड़ी समस्याएं किडनी के मरीजों के लिए लौकी नुकसानदेह हो सकती है। लौकी में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है, जिसे किडनी के लिए फिल्टर करना मुश्किल हो सकता है। शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो उनकी हालत को और बिगाड़ सकता है। गर्भवती महिलाएं बरतें सावधानी गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खान-पान का विशेष ध्यान रखना होता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि लौकी में मौजूद कुछ टॉक्सिन गर्भ में पल रहे शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को लौकी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। सबसे जरूरी बात अगर आप गलती से भी कड़वी लौकी खा लेते हैं, तो यह आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। कड़वी लौकी में 'कुकुरबिटासिन' नामक एक टॉक्सिक कंपाउंड होता है, जो उल्टी, दस्त, पेट में तेज दर्द और गंभीर मामलों में फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। यही वजह है कि लौकी की सब्जी या जूस बनाने से पहले हमेशा उसका एक छोटा टुकड़ा चखकर देख लेना चाहिए। अगली बार जब आप लौकी को अपनी डाइट में शामिल करें, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में, अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह लेना ही सबसे सही होता है।  

जौनपुर सड़क हादसा: दर्शनार्थियों की बस और ट्रेलर में भिड़ंत, चार मृत, नौ लोग घायल

जौनपुर जौनपुर जिले के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सीहीपुर में रविवार की रात भीषण सड़क हादसा हुआ। श्रद्धालुओं से भरी बस ट्रेलर से टकरा गई। हादसे में अब तक चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। जबकि नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। कैसे हुआ हादसा छत्तीसगढ़ से 50 श्रद्धालुओं से भरी बस अयोध्या गई थी। अयोध्या दर्शन करने के बाद सभी श्रद्धालु वाराणसी श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए जा रहे थे। भोर में करीब तीन बजे बस लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सीहीपुर में पहुंची थी। जहां ट्रेलर को ओवरटेक करने के चक्कर में बस टकरा गई। टक्कर के बाद मची चीख- पुकार हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद मौके पर चीख-  पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से सभी श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने चार श्रद्धालुओं को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य श्रद्धालुओं का इलाज जारी है। क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी एसपी जौनपुर डॉक्टर कौस्तुभ के मुताबिक हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौत हुई है। सभी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। जबकि नौ लोग घायल हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। मामले की छानबीन की जा रही है।

वरात्रि विशेष: नौ दिनों में मां दुर्गा को चढ़ाएं ये नौ भोग, दूर होंगी सारी बाधाएं

इस बार शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होने जा रही है, जिसका समापन 1 अक्टूबर के दिन होगा. शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि नवरात्र के इन पावन नौ दिनों में भक्तजन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना करते हैं . नवरात्र में पूजा-पाठ के साथ-साथ भोग का भी खास महत्व होता है. मान्यता है कि मां दुर्गा को उनके प्रिय भोग अर्पित करने से देवी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर सुख, समृद्धि, शांति और शक्ति की वर्षा करती हैं. हर दिन मां के एक अलग स्वरूप की पूजा की जाती है और हर देवी का प्रिय भोग भी अलग होता है. इसीलिए नवरात्र के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के स्वरूप के अनुसार भोग अर्पित करने की परंपरा है. आइए जानते हैं उन नौ दिव्य भोग के बारे में. शारदीय नवरात्र के नौ दिन और नौ अलग-अलग भोग  पहला दिन – मां शैलपुत्री इस दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा होती है. इस दिन गाय के घी का भोग लगाने से मां दुर्गा की विशेष कृपा भक्तों पर होती है, ऐसी मान्यता है कि इससे  रोग और कष्ट दूर होते हैं. दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी इस दिन मां दुर्गा को मिश्री का भोग लगाने की परंपरा है, इससे परिवार में सुख-समृद्धि आती है. तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा इस दिन मां दुर्गा मां चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है. इस दिन माता को खीर का भोग लगाने से मानसिक शांति और दुखों से मुक्ति मिलती है. चौथा दिन – मां कूष्मांडा इस दिन मां दुर्गा को मालपुए का प्रसाद चढ़ाने से  जीवन के सभी दुखों का नाश होता है.  पांचवां दिन – मां स्कंदमाता शारदीय नवरात्र के पांचवे दिन मां को केले का भोग लगाना चाहिए. इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. छठा दिन – मां कात्यायनी इस दिन मां कात्यायनी को शहद का प्रसाद चढ़ाना चाहिए. इससे आकर्षण शक्ति बढ़ाती है और रिश्ते मधुर होते हैं. सातवां दिन – मां कालरात्रि इस दिन मां कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी चीजें अर्पित करने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं. आठवां दिन – मां महागौरी आठवां दिन दुर्गा मां के महागौरी रूप की पूजा होती है, इस दिन देवी को नारियल का भोग चढ़ाना चाहिए. इससे संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती है. नौवां दिन – मां सिद्धिदात्री नौवें दिन मां सिद्धिदात्री को तिल का प्रसाद चढ़ाना चाहिए. इससे अचानक आने वाली विपत्तियों से सुरक्षा मिलती है. 

जमीन के झगड़े में खूनखराबा: हिस्ट्रीशीटर भांजे ने प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारकर किया घायल

उदयपुर रविवार देर रात शहर के विजय सिंह पथिक नगर क्षेत्र में प्रॉपर्टी व्यवसायी और अंजुमन तालिमुल इस्लाम के केबिनेट सदस्य मोहम्मद अनीस पर फायरिंग की गई। वारदात रात करीब 11 बजे हुई, जब अनीस के ही भांजे और हिस्ट्रीशीटर फरदीन उर्फ गांजा ने पीछे से उनकी कमर पर गोली चला दी। गोली लगते ही अनीस जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार इस हमले के पीछे जमीनी विवाद कारण बताया जा रहा है। आरोपी फरदीन हाल ही में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से बाहर आया था। उस पर मारपीट, अवैध हथियार रखने और अन्य आपराधिक गतिविधियों के कई मामले पहले से दर्ज हैं। इलाके में उसकी पहचान एक शातिर अपराधी के रूप में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामा-भांजे के बीच जमीन को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। रविवार रात फरदीन ने मौका पाकर गोली चलाई और वारदात के बाद मौके से फरार हो गया। अचानक हुई इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही सवीना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बयान दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। फरदीन की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार मोहम्मद अनीस की हालत फिलहाल स्थिर है लेकिन चिकित्सकों की टीम लगातार उन्हें निगरानी में रख रही है।