samacharsecretary.com

मॉनसून ने लिया जल्दी रुख्सत, कई राज्यों में सूखे जैसे हालात का खतरा

नई दिल्ली मॉनसून इस साल समय से पहले देशभर में छाया और अब इसके विदाई भी समय से पहले शुरू कर दी है. मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून 14 सितंबर, 2025 को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस चला गया है, जबकि इसकी सामान्य तिथि 17 सितंबर है. वहीं, अगले 2-3 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून आमतौर पर 1 जून तक केरल में प्रवेश करता है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है. फिर ये 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू कर देता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है. आईएमडी का पूर्वानुमान था कि 15 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. हालांकि ये वापसी 14 सितंबर से ही शुरू हो गई. बता दें कि इस साल मॉनसून ने सामान्य तिथि 8 जुलाई से नौ दिन पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया था. 2020 के बाद से इस साल मॉनसून ने सबसे जल्दी पूरे देश को कवर कर लिया था, इससे पहले, 2020 में 26 जून तक ऐसा हुआ था. वहीं, इस बार केरल से मॉनसून का आगमन भी 24 मई को हुआ था, जो 2009 के बाद से भारतीय मुख्य भूमि पर इसका सबसे पहला आगमन था, जब यह 23 मई को मॉनसून पहुंचा था. देश में मॉनसून सीजन में अब तक 836.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 778.6 मिमी होती है, जो 7 प्रतिशत अधिक है. मई में आईएमडी ने पूर्वानुमान लगाया था कि भारत में जून-सितंबर मॉनसून सीजन के दौरान 87 सेमी की दीर्घकालिक औसत वर्षा का 106 प्रतिशत प्राप्त होने की संभावना है. इस 50-वर्षीय औसत के 96 से 104 प्रतिशत के बीच वर्षा को 'सामान्य' माना जाता है. कैसे तय होती है मॉनसून की वापसी? दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी कुछ मानदंडों पर तय होती है.     पश्चिमी राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर एक प्रतिचक्रवाती परिसंचरण का विकास.     लगातार 5 दिनों के दौरान क्षेत्र में शून्य बारिश.     मध्य क्षोभमंडल तक के क्षेत्र में वायुमंडल की नमी की मात्रा में कमी. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी रेखा 30.5°N /73.5°E, श्री गंगानगर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर और 25.5°N /70°E से होकर गुजरती है. मॉनसून भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद अहम है, जो लगभग 42 प्रतिशत आबादी की आजीविका का आधार है और सकल घरेलू उत्पाद में 18.2 प्रतिशत का योगदान देता है. यह पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक जलाशयों को पुनः भरने में भी खास भूमिका निभाता है.

जनता दर्शन में सीएम का सख्त रुख, बच्चों को दुलारा, मरीजों को मिली तुरंत मदद

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश भर से आये हर पीड़ित के पास पहुंचे, शिकायतें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। 'जनता दर्शन' में 50 से अधिक लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। रायबरेली से आये किडनी व हर्ट के मरीज को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश दिए। किडनी, हृदय के मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के निर्देश 'जनता दर्शन' में रायबरेली के थाना खीरो के ग्राम बरवलिया के एक युवक भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उनके पिता किडनी-हृदय व यूरिन की बीमारी से पीड़ित हैं। प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने में अब आर्थिक दिक्कत आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने इलाज के लिए अस्पताल से एस्टीमेट भी मंगवाने को कहा। हर जरूरतमंद को इलाज में निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है सरकार 'जनता दर्शन' में इलाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए कई फरियादियों ने प्रार्थना पत्र दिया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद मरीज को इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। आप भी अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर भिजवाएं। आपके इलाज के खर्च की चिंता सरकार करेगी। सरकार विगत 8 वर्ष से हर जरूरतमंद को निरंतर आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।    नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट 'जनता दर्शन' में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।

तिरंगे की शान बनीं देश की 4 बेटियां, वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मीनाक्षी और जैस्मीन का गोल्डन पंच

लिवरपूल  भारतीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप को जीत इतिहास रच दिया है। जैसमीन ने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडल विजेता पोलैंड की जूलिया जेरेमेटा को हराकर फीदरवेट वर्ग में चैंपियन बन गई। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली जैसमीन ने 57 किलोवर्ग के फाइनल में शनिवार को देर रात 4-1 (30-27, 29-28, 30-27, 28-29, 29-28) से जीत दर्ज की। नुपूर शेरोन (80 प्लस किलो) और पूजा रानी (80 किलो) को गैर ओलंपिक भारवर्ग में क्रमश: सिल्वर और ब्रॉन्ज पदक से संतोष करना पड़ा। इस जीत के साथ जैसमीन विश्व चैंपियन बनने वाली भारत की नौवीं मुक्केबाज बन गई। इससे पहले छह बार की चैंपियन एम सी मेरीकोम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), दो बार की विजेता निकहत जरीन (2022 और 2023), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006), लेखा केसी (2006), नीतू गंघास (2023), लवलीना बोरगोहेन (2023) और स्वीटी बूरा (2023) यह खिताब जीत चुकी है। तीसरी बार विश्व चैंपियनशिप में भाग ले रही 24 वर्षीय जैसमीन ने मुकाबले में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। शुरू में दोनों मुक्केबाज एक-दूसरे को परख रही थीं, लेकिन रेफरी के उकसावे पर जेरेमेटा ने पहला वार किया। ओलंपिक फाइनल में लिन यू-टिंग से हारने वाली पोलैंड की यह मुक्केबाज तेज और सटीक थी और रक्षात्मक रणनीति का इस्तेमाल करते हुए तेजी से अंदर-बाहर हो रही थी। उन्होंने पहला राउंड 3-2 से जीत लिया। दूसरे राउंड में भारतीय मुक्केबाज ने की जबरदस्त वापसी दूसरे राउंड में भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार वापसी की। जैसमीन ने मुकाबले पर नियंत्रण बनाया तथा आक्रमण और रक्षण के बीच शानदार समन्वय स्थापित किया जिससे सभी जज उनके पक्ष में हो गए। जब अंतिम फैसला सुनाया गया, तो आमतौर पर शांत रहने वाली जैसमीन ने हल्की सी चीख मारी और फिर हाथ उठाकर अपनी निराश प्रतिद्वंद्वी को शालीनता से गले लगा लिया। पदक समारोह में, जब पूरे स्टेडियम में भारतीय राष्ट्रगान गूंज रहा था, तो उनकी आंखें चमक उठीं। नुपुर को सिल्वर से करना पड़ा संतोष एक अन्य फाइनल में नुपुर को पोलैंड की तकनीकी रूप से कुशल अगाता काज्मार्स्का से 2-3 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें सिल्वर पदक मिला। नूपुर अपने लंबे कद के बावजूद मुकाबले में खुद को हावी नहीं कर पाईं। उन्होंने शानदार शुरुआत की और मुक्कों की झड़ी लगा दी, लेकिन काज्मार्स्का ने लगातार आक्रामकता से जवाब दिया और ऐसे वार किए कि भारतीय खिलाड़ी निढाल हो गई। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, नूपुर मुक्के मारने में हिचकिचाने लगीं, जबकि पोलैंड की खिलाड़ी लगातार आक्रमण करती रही। निर्णायक क्षण अंतिम राउंड में आया जब अगाता ने एक जबरदस्त अपरकट लगाया जो मुकाबला 3-2 से उनके पक्ष में करने और उनके पहले विश्व खिताब को सुनिश्चित करने के लिए काफी था।

मसूड़ों से खून आने की समस्या को करें दूर, अपनाएं ये कारगर टिप्स

नई दिल्ली क्या आपने कभी ब्रश करते वक्त थूकने पर गुलाबी रंग देखा है या टूथब्रश पर हल्का खून लगा पाया है? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। मसूड़ों से खून आना  एक आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना आपकी ओरल हेल्थ के लिए गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकता है। दरअसल, मसूड़ों से खून आने की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है और इसके पीछे कई कारण छिपे होते हैं। अक्सर हम इस समस्या की ही तरह इन कारणों को भी नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन इनके बारे में जानकर आप इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानें मसूड़ों से खून आने के कारण और बचाव के तरीके। मसूड़ों से खून आने के कारण क्या हैं? जिंजिवाइटिस- यह सबसे आम कारण है। जब दांतों की सही तरह से सफाई नहीं हो पाती, तो दांतों और मसूड़ों के बीच प्लाक जमा हो जाता है। इस प्लाक में मौजूद बैक्टीरिया मसूड़ों में इन्फेक्शन और सूजन पैदा करते हैं, जिसे जिंजिवाइटिस कहते हैं। सूजन की वजह से मसूड़े नाजुक हो जाते हैं और ब्रश करने या फ्लॉस करने पर आसानी से खून बहने लगता है। हार्ड ब्रशिंग- बहुत से लोग सोचते हैं कि जोर से ब्रश करने से दांत अच्छी तरह साफ होते हैं, लेकिन यह गलत धारणा है। हार्ड ब्रिसल्स वाला टूथब्रश या जोर लगाकर ब्रश करने से मसूड़ों के टिश्यूज को नुकसान पहुंचता है और उनसे खून बहने लगता है। तंबाकू और सिगेरट- तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों और स्मोक करने वालों में मसूड़ों की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। तंबाकू में मौजूद केमिकल्स मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं और उन्हें कमजोर बनाते हैं। हार्मोनल बदलाव- प्रेग्नेंसी, पीरियड्स या मेनोपॉज के दौरान हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव होते हैं। इससे मसूड़े ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं और खून आसानी से आने लगता है। इसे ‘प्रेग्नेंसी जिंजिवाइटिस’ भी कहा जाता है। कुछ दवाएं- खून पतला करने वाली दवाएं, कुछ तरह की ब्लड प्रेशर की दवाएं और डिप्रेशन दवाएं मसूड़ों से खून आने का कारण बन सकती हैं। पोषण की कमी- विटामिन-सी और विटामिन-के की कमी से भी मसूड़े कमजोर होते हैं और उनमें खून आने लगता है। कुछ हेल्थ कंडीशन- डायबिटीज, ल्यूकेमिया या हीमोफिलिया जैसे हेल्थ कंडीशन के कारण भी मसूड़ों से खून आना एक लक्षण हो सकता है। बचाव के तरीके सही तरीके से ब्रश करें- नरम ब्रिसल्स वाला टूथब्रश इस्तेमाल करें। ब्रश कोमलता से गोल-गोल घुमाते हुए दांतों को साफ करें, जोर-जोर से घिसें नहीं। दिन में दो बार (सुबह और रात को सोने से पहले) कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें। नियमित रूप से फ्लॉस करें- केवल ब्रश करने से दांतों के बीच का प्लाक साफ नहीं होता। रोजाना फ्लॉस करने से दांतों के बीच फंसे खाने के टुकड़े और प्लाक निकल जाता है, जिससे जिंजिवाइटिस का खतरा कम होता है। एंटी-बैक्टीरियल माउथवाश का इस्तेमाल- एक अच्छा एंटी-बैक्टीरियल माउथवाश प्लाक बनने से रोकने और मसूड़ों की सूजन कम करने में मददगार साबित हो सकता है। हेल्दी डाइट लें- विटामिन-सी और विटामिन-के से भरपूर फूड्स मसूड़ों को मजबूत बनाते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं- दिन भर में खूब पानी पीने से मुंह साफ रहता है और खाने के कण धुलते रहते हैं। स्मोकिंग और तंबाकू से परहेज- तंबाकू और स्मोकिंग छोड़ना आपकी ओरल हेल्थ में सुधार के लिए सबसे अच्छा कदम है। नियमित डेंटल चेक-अप- साल में कम से कम दो बार डेंटिस्ट से चेकअप करवाएं।  

दिशा पाटनी ने न्यूयॉर्क फैशन वीक में किया फैशन का जलवा, ब्लैक स्लिप ड्रेस में बिखेरी चमक

न्यूयॉर्क न्यूयॉर्क फैशन वीक में स्टार्स अपनी मौजूदगी के साथ  हमेशा ही ग्लैमर का तड़का लगाते हैं. हमेशा की तरह ही इस बार भी ऐसा ही हुआ, लेकिन सबकी नजरें सिर्फ और सिर्फ दिशा पाटनी पर टिक गईं. स्ट्रैपी ब्लैक ड्रेस में जैसे ही दिशा ने रेड कार्पेट पर कदम रखा वैसे ही सबकी निगाहें उनकी ओर घूम गईं. कैल्विन क्लेन के स्प्रिंग 2026 शो में बड़े-बड़े सितारे मौजूद थे इसके बाद भी, दिशा का स्टाइलिश और सिंपल लुक सबका ध्यान खींचने में कामयाब रहा. उनका लुक ग्लैमर और बोल्डनेस का परफेक्ट कॉम्बिनेशन था. चलिए डीटेल में जानते हैं दिशा ने क्या पहना हुआ था. स्टाइलिश ड्रेस में ग्लैमरस लगीं दिशा: इस खास इवेंट के लिए दिशा ने क्लासिक ब्लैक स्लिप ड्रेस पहनी. आमतौर पर स्पोर्टी या कैज़ुअल ड्रेस में दिखने वाली दिशा ने इस साटन फैब्रिक जैसी स्मूद ड्रेस पहनकर अपने स्टाइल को नया अंदाज दिया. ड्रेस में पतली-पतली स्पेगेटी स्ट्रैप्स थीं, जो उनके लुक को खास ना रहा था. ड्रेस की डीप नेकलाइन और इसका क्रॉस डिटेल लो बैक एक्ट्रेस के लुक को एलिगेंस और ग्लैमर का परफेक्ट कॉम्बिनेशन बना रहा था. फ्रंट से ये ड्रेस सिंपल और स्टाइलिश लग रही थी, लेकिन इसका बैक इसे स्टाइलिश टच दे रहा था. मिनिमल एक्सेसरीज लगीं क्लासिक: दिशा ने अपने लुक को सिंपल और स्टाइलिश रखा, जिससे सभी की नजरें उनकी ड्रेस पर टिक गई थीं. उन्होंने अपनी ड्रेट को स्ट्रैपी ब्लैक हील्स के साथ पेयर किया. जूलरी की बात करें तो उन्होंने सिर्फ छोटे-छोटे स्टड इयररिंग्स पहने. अपने लुक को एलिवेट करने के लिए दिशा ने अपने बाल स्ट्रेट और स्मूद रखे थे. एक्ट्रेस ने सॉफ्ट ब्रॉन्ज टोन, स्मोकी आईज और ग्लॉसी न्यूड लिप्स के साथ उन्होंने अपने लुक को पार्टी और इवेंट परफेक्ट बनाया. उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. 

मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ

रायपुर : प्रकृति और संस्कृति का संगम है जशपुर : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ जशपुर जम्बूरी से जिले के पर्यटन को मिल रही नयी पहचान, नए सीजन का आयोजन 06 से 09 नवंबर तक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने   मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में पर्यटन एवं कृषि क्रांति का शुभारंभ किया। जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति इको टूरिज्म और होमस्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जशपुर के स्व सहायता समूह और किसानों को  इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, एस एस पी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर सबका साथ सबका विकास को चरितार्थ किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्व सहायता समूह और युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय बगिया में ’जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति’ का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने कहा कि नए दायित्वों और जिम्मेदारियों की वजह से अब ज्यादातर समय मुझे जशपुर से बाहर रहना पड़ता है, लेकिन जशपुर निरंतर आता रहूंगा और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जशपुर जम्बूरी के जरिए जशपुर को पर्यटन के नक्शे पर नयी पहचान दिलाने की पहल की गई है। वर्ष 2024 में हुए जशपुर जम्बूरी में हमारे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने और उस अवसर का गवाह बनने पहुँचे। जशपुर जम्बूरी में न सिर्फ ईको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट के लिए लोगों ने नया महौल दिया, बल्कि जनजातीय परम्पराओं से भी रूबरू कराया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों का मेला और जनजातीय नृत्यों ने पर्यटकों को आकर्षित किया, जिससे स्थानीय कारीगरों और गाइड्स को रोजगार मिला।  मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर जशपुर जम्बूरी के नए सीजन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें आगामी 6 से 9 नवम्बर तक देश, दुनिया के लोग यहाँ पहुँचकर रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों से परिचित हो पाएँगे। जशपुर की मिट्टी की खुशबू को जीवंत करने के लिए कर्मा, सरहुल जैसे जनजातीय नृत्य के साथ गोदना कला, काष्ट शिल्प और लौह शिल्प जैसे हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और लोकनाट्य पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। इससे न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और प्रसार होगा, बल्कि स्थानीय कला और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। जशपुर जम्बूरी एक ऐसा उत्सव है जो प्रकृति, संस्कृति और विकास को एक सूत्र में पिरोता है। यह आयोजन जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ पेश करता है। जशपुर जंबूरी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम भी है।  उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत मयाली नेचर कैंप में बोटिंग, कैक्टस गार्डन और टेंट सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। यहाँ के पर्यटक स्थल अब बेहतर सुविधाओं से सजे हैं, मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ को गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है जो जशपुर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम टूरिज्म सेक्टर को एक उद्योग के रूप में देख रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्यमशीलता बढ़ेगी। राज्य में होम-स्टे नीति लागू की है ताकि पर्यटक जनजातीय संस्कृति को जानना-समझना चाहते हैं। उनके भीतर आदिवासी संस्कृति, परम्पराओं, उनके खान-पान, रहन-सहन को लेकर एक जिज्ञासा और उत्सुकता रहती है। ऐसे में होम-स्टे छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नयी अवधारणा है, जिसमें स्थानीय समुदायों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहा है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जशपुर जम्बूरी जैसे उत्सव से स्थानीय होम-स्टे, गाइड्स और शिल्पकारों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जशपुर जम्बूरी को एक वार्षिक महोत्सव के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी जशपुर आकर्षण का बड़ा केन्द्र बन पाए। जीआईएस (GIS) मैपिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जशपुर की पहुँच बढ़ेगी।   यहाँ युवाओं और पर्यटन से जुड़े सभी लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकें।  कार्यकम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत और जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने भी संबोधित किया और जशपुर के विकास, पर्यटन के क्षेत्र और कृषि क्रांति की विस्तार से जानकारी दी।      दूसरी जम्बूरी 6 से 9 नवम्बर तक, पहली 2024 में हुई जशपुर जम्बूरी जशपुर की वादियों और झरनों के बीच हर साल एक ऐसा उत्सव मनाया जाता है, जो केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि इस जिले की आत्मा का अनुभव है। जशपुर जम्बूरी ने 2024 में अपनी शानदार शुरुआत की और अब 2025 में एक और भव्य रूप में लौट रहा है। 2024 में आयोजित पहली जशपुर जम्बूरी ने रोमांच, संस्कृति और समुदाय का ऐसा संगम पेश किया, जिसने देशभर से प्रतिभागियों को आकर्षित किया। झारखंड, ओडिशा, रायपुर और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से आए लोगों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने रानी दाह, टी-गार्डन और जशपुर संग्रहालय जैसे स्थलों की सैर कर इतिहास और संस्कृति को करीब से महसूस किया। फ़ूड लैब ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर सबका दिल जीता। सरहुल और कर्मा नृत्य की प्रस्तुतियों ने जनजातीय परंपराओं की गहराई दिखाई। चार दिन रोमांचक गतिविधियों, सांस्कृतिक रंग और सामुदायिक मेलजोल के नाम रहे। इस आयोजन ने जशपुर को ईको-टूरिज़्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स का नया गंतव्य बना दिया। दूसरी जशपुर जम्बूरी 2025 नये अनुभवों की ओर अब यह उत्सव और बड़े स्वरूप में वापस आ रहा है। 6 नवम्बर से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाला जशपुर जम्बूरी 2025 रोमांच, … Read more

नरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगात

रायपुर नरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगातनरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगातनरहरपुर में आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: क्षेत्रवासियों को दी विभिन्न सौगात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के नरहरपुर में आदिवासी समाज द्वारा आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में आदिवासी समाज के ईष्ट आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई उद्योग नीति में आदिवासी विकास को प्राथमिकता देते हुए बस्तर सहित सरगुजा को विशेष तौर पर फोकस किया गया है, ताकि यहां के निवासियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें अधिकतम लाभ दिलाया जा सके। ब्लॉक मुख्यालय नरहरपुर के उन्मुक्त खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने आदिवासी समाज के ईष्ट देवी-देवताओं का जयघोष करते हुए उपस्थित लोगों को ठाकुर जोहारनी और नवाखाई की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की यह अनूठी परंपरा आगे भी जीवित रहनी चाहिए और समाज की एकजुटता हमेशा बनी रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आगे बढ़ें, सुशिक्षित बनें, इसके लिए पूरे प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। उन्होंने बताया कि आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईआईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षण संस्थाएं प्रदेश में संचालित हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी तरह प्रयास और एकलव्य जैसे श्रेष्ठ संस्थानों के माध्यम से भी लगातार सुधार के प्रयास हो रहे हैं। दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित है और प्रदेशभर में नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों को माओवाद के विरुद्ध अभियान में लगातार बड़ी सफलताएँ मिल रही हैं। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक माओवाद के खात्मे का संकल्प दोहराया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से पशुपालन, मुर्गीपालन जैसी रोजगारमूलक गतिविधियों से लोगों को जोड़ने का कार्य प्रदेश सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, चरणपादुका वितरण, रामलला दर्शन योजना सहित ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से आदिवासियों के सतत् और समग्र विकास को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा उत्सव का कार्यक्रम है। जल, जंगल, जमीन और अपनी परंपराओं, लोकनृत्य, गीत, मांदर और मृदंग के साथ जीने वाले आदिवासियों की अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों को मजबूत करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा और अधिकारों के प्रति सजग रहना नितांत आवश्यक है।  कार्यक्रम को सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम सहित गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग, जिला अध्यक्ष राजेश भास्कर तथा राजाराम तोड़ेम ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नरहरपुर क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएँ भी कीं। इनमें 30 करोड़ की लागत से बागोड़ एनीकट का निर्माण, नरहरपुर में 132 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापना हेतु 30 करोड़ रुपये, नरहरपुर में मावा मोदोल लाइब्रेरी के लिए 20 लाख रुपये, ग्राम ढोढ़रापहार में गोंडवाना सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, नरहरपुर में मोबाइल टॉवर की स्थापना, नरहरपुर में सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह निर्माण के लिए 80 लाख रुपये और नरहरपुर विकासखंड के गोंडवाना समाज के सभी 12 मुड़ा क्षेत्रों में 12 टीन शेड निर्माण हेतु 10–10 लाख रुपये के मान से कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम धनेसरा में गोंडवाना समाज द्वारा संचालित जंगोरायतार इंग्लिश मीडियम स्कूल हेतु आवश्यक सहयोग की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, नगरपालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी और समाज के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

Emmy Awards 2025: युवा स्टार ओवेन कूपर का जलवा, ‘द स्टूडियो’ की बड़ी कामयाबी

मुंबई  लॉस एंजेलिस में हुए 77वें एमी अवॉर्ड्स का धमाकेदार आगाज हुआ. आइकॉनिक पीकॉक थियेटर में सितारों की महफिल सजी. एक्टर नैट बारगेट्ज ने शो होस्ट किया है. 'द स्टूडियो' ने 13 ट्रॉफी जीतकर एमी अवॉर्ड में इतिहास रचा है. ये शो एक ही सीजन में सबसे ज्यादा अवॉर्ड जीतने वाली कॉमेडी सीरीज बन गई है. 'सेवरेंस' ने भी कई अवॉर्ड अपने नाम किए. इस शो की एक्ट्रेस ब्रिट लोअर ने बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता. वहीं ट्रेमेल टिलमैन को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (ड्रामा) का सम्मान मिला है.  सीरीज 'एडोलसेंस' ने 8 एमी अवॉर्ड अपने नाम किए. ओवेन कूपर ने रचा इतिहास इस बार एमी अवॉर्ड्स में 15 साल के ओवेन कूपर ने इतिहास रचा है. वो एक्टिंग अवॉर्ड जीतने वाले सबसे यंग एक्टर बन गए हैं. उन्होंने नेटफ्लिक्स की सीरीज 'एडोलसेंस' में अपने बेहतरीन काम के लिए आउटस्टैंडिंग सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड जीता. जैसे ही ओवेन कूपर स्टेज पर ये अवॉर्ड लेने आए पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. इस सम्मान के लिए एक्टर ने अपने पेरेंट्स, कास्ट और क्रू को धन्यवाद किया. अपनी इस जीत के साथ कूपर ने माइकल ए. गूरजियन का रिकॉर्ड तोड़ा है, उन्होंने 1994 में इसी कैटिगरी में अवॉर्ड जीता था. तब उनकी उम्र 23 साल थी. जीत के बाद क्या बोले ओवेन कूपर? सोशल मीडिया पर ओवेन की स्पीच वायरल हो रही है. उन्होंने अवॉर्ड लेने के बाद कहा- सालों पहले जब मैंने ड्रामा क्लासेस लेना शुरू किया था, तब नहीं सोचा था अमेरिका में रहूंगा. लेकिन आज मुझे लगता है कि अगर आप सुनो, फोकस करो और अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलो तो जिंदगी में सब कुछ अचीव कर सकते हो. मैं 3 साल पहले कुछ नहीं था. आज मैं यहां पर हूं. किसे फर्क पड़ता है अगर आप शर्मिंदा हो जाओ? कुछ भी संभव है. देखें विनर्स की पूरी लिस्ट… आउटस्टैंडिंग ड्रामा सीरीज द पिट आउटस्टैंडिंग लीड एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज) ब्रिट लोअर, सेवरेंस आउटस्टैंडिंग लीड एक्टर (ड्रामा सीरीज) नोआ वाइल, द पिट आउटस्टैंडिंग सपोर्टिंग एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज) कैथरीन लानासा, द पिट आउटस्टैंडिंग सपोर्टिंग एक्टर (ड्रामा सीरीज) ट्रामेल टिलमैन, सेवरेंस आउटस्टैंडिंग गेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा सीरीज) मेरिट वेवर, सेवरेंस आउटस्टैंडिंग गेस्ट एक्टर (ड्रामा सीरीज) शॉन हैटोसी, द पिट आउटस्टैंडिंग कॉमेडी सीरीज द स्टूडियो आउटस्टैंडिंग लीड एक्ट्रेस (कॉमेडी सीरीज) जीन स्मार्ट, हैक्स आउटस्टैंडिंग लीड एक्टर (कॉमेडी सीरीज) सेठ रोजन, द स्टूडियो आउटस्टैंडिंग सपोर्टिंग एक्ट्रेस (कॉमेडी सीरीज) हन्ना आइनबिंदर, हैक्स आउटस्टैंडिंग सपोर्टिंग एक्टर  (कॉमेडी सीरीज) जेफ़ हिलर, समबडी समव्हेयर आउटस्टैंडिंग गेस्ट एक्ट्रेस (कॉमेडी सीरीज) रॉबी हॉफ़मैन, हैक्स आउटस्टैंडिंग गेस्ट एक्टर (कॉमेडी सीरीज) ब्रायन क्रैंस्टन, द स्टूडियो आउटस्टैंडिंग लिमिटेड एंथोलॉजी सीरीज एडोलसेंस आउटस्टैंडिंग लीड एक्ट्रेस (लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज/मूवी) क्रिस्टिन मिलियोटी, द पेंगुइन आउटस्टैंडिंग लीड एक्टर (लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज/मूवी) स्टीफन ग्राहम, एडोलसेंस आउटस्टैंडिंग सपोर्टिंग एक्ट्रेस (लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज/मूवी) एरिन डोहर्टी, एडोलसेंस आउटस्टैंडिंग सपोर्टिंग एक्टर (लिमिटेड/एंथोलॉजी सीरीज/मूवी) ओवेन कूपर, एडोलसेंस आउटस्टैंडिंग रियलिटी कॉम्पिटिशन प्रोग्राम द ट्रैटर्स आउटस्टैंडिंग टॉक सीरीज द लेट शो विद स्टीफन कोलबर्ट

मंत्री राजवाड़े ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण उन्मूलन और आंगनबाडियों के व्यवस्थित़ संचालन पर दिए कड़े निर्देश

रायपुर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण उन्मूलन और आंगनबाडियों के व्यवस्थित़ संचालन पर दिए कड़े निर्देशयोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण उन्मूलन और आंगनबाडियों के व्यवस्थित़ संचालन पर दिए कड़े निर्देश महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर जिले के संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा कर अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शिता के साथ मिले। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल विवाह रोकथाम की दिशा में गंभीर पहल करने पर जोर देते हुए कहा कि किशोरी बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी देकर जागरूक बनाया जाए, ताकि राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल हो सके। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि केंद्र नियमित समय पर खुलें, बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने केंद्रों की साफ-सफाई, अध्यापन व्यवस्था और पोषण वाटिका व रेडी-टू-ईट वितरण की भी समीक्षा की। कुपोषण उन्मूलन पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने एनआरसी सेंटरों के सुचारू संचालन और कुपोषित बच्चों को नियमित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रधानमंत्री जनमन अंतर्गत निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर कार्य शीघ्र पूर्ण करने, रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित करने और आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल देते हुए श्रीमती राजवाड़े ने सक्षम योजना की समीक्षा कर महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने की बात कही। बैठक में महतारी वंदन योजना, चाइल्डलाइन, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, सखी वन स्टॉप सेंटर सहित विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने और विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश भी दिए। बैठक में समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्रीमती विस्मिता पाटले, प्रभारी उप संचालक समाज कल्याण विभाग सुस्टेला खलखो सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मंत्री राजवाड़े ने बाल गृह में बच्चों संग किया संवाद, वृद्धाश्रम में बांटा अपनापन

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर में विभिन्न संस्थाओं का किया निरीक्षण मंत्री राजवाड़े ने बाल गृह में बच्चों संग किया संवाद, वृद्धाश्रम में बांटा अपनापन मंत्री राजवाड़े ने सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण रायपुर सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षणसखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री ने बाल गृह, वृद्धाश्रम, सखी सेंटर और नशामुक्ति केंद्र का दौरा कर बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की तथा अधिकारियों को संस्थानों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बालगृह में बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। बच्चों ने पढ़ाई और खेलों से जुड़े सवालों के उत्साहपूर्वक जवाब दिए तथा सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन भी किया। मंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों के कक्ष, रसोई और स्वास्थ्य-देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर सुधारात्मक सुझाव दिए। सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण वृद्धाश्रम पहुंचकर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने वहां आश्रित बुजुर्गों से आत्मीयता से भेंट की और उनके खानपान व स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों की देखभाल परिवारिक वातावरण में हो, इसके लिए संस्थान को हरसंभव प्रयास करने चाहिए। सखी सेंटर में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने महिलाओं को आपातकालीन सहायता, हिंसा से सुरक्षा और त्वरित मदद की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से संवाद कर सेंटर की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। सखी सेंटर में महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर, नशामुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण नशामुक्ति केंद्र में नशा पीडि़तों से मिलकर मंत्री ने उनके स्वास्थ्य और पुनर्वास की स्थिति जानी। पीडि़तों ने बताया कि केंद्र में आकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती राजवाड़े ने उन्हें योग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि नशा छोड़कर स्वरोजगार की दिशा में बढ़ें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करें। निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग  की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, अपर कलेक्टर अभिषेक गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।