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बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई और पुनर्निर्माण का महाअभियान, CM मान कर रहे निगरानी

पंजाब पंजाब में बाढ़ के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. बाढ़ का संकट आया, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों को जमीन पर उतरकर पूरी निष्ठा से निभाया. अब जैसे-जैसे पानी उतर रहा है, वैसे-वैसे मान सरकार ने राहत, सफाई और पुनर्निर्माण का महाअभियान शुरू कर दिया है. सरकार की ओर से 14 सितंबर से 23 सितंबर तक पूरे राज्य में सफाई और बहाली का विशेष ड्राइव चलाया जा रहा है, जो 2300 से ज्यादा गांवों और शहरी वार्डों में एक साथ शुरू हुआ है. इस महाअभियान में हर गली, हर मोहल्ले, हर वार्ड को साफ-सुथरा और पहले से बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. जलभराव से जमा हुई गाद, सिल्ट और गंदगी को हटाने के लिए नगर निगमों, नगर परिषदों और पंचायतों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं. 1000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी जिले में तैनात प्रदेश के कई जिलों में 1000 से ज्यादा सफाई कर्मचारी, 200 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां, 150 JCB मशीनें और सैकड़ों की संख्या में हेल्थ वर्कर्स इस काम में लगातार लगे हुए हैं. सरकार ने सभी ज़िलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, जिनकी सीधी निगरानी में काम हो रहा है. हर जोन का जिम्मा एक अफसर को सौंपा गया है और उन्हें साफ निर्देश हैं कि वे रोजाना ग्राउंड पर रहें और काम पूरा कराएं. नगर निगमों में कमिश्नर और जिलों में एडीसी को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे. पूरे अभियान पर सीएम की नजर मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद इस पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. वे लगातार अधिकारियों से संपर्क में हैं और खुद स्थिति का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने साफ कहा है, ये कोई औपचारिक मुहिम नहीं, ये पंजाब के हर नागरिक के घर-आंगन को फिर से खुशहाल बनाने का संघर्ष है. सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बराबर फोकस है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवा छिड़काव, साफ पानी की आपूर्ति और प्राथमिक चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं. 5 सितंबर को जारी एडवाइजरी के तहत सभी ULBs को साफ-सफाई और रोग रोकथाम के उपाय तुरंत लागू करने के निर्देश हैं. बाढ़ के बाद सर्वे जारी बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी तेज़ी से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है. घरों, दुकानों, सड़कों, बिजली के खंभों, जल योजनाओं जैसी सभी सार्वजनिक व निजी संपत्तियों का आकलन इंजीनियरिंग टीमों द्वारा किया जा रहा है, ताकि सरकार हर प्रभावित व्यक्ति को जल्द से जल्द मुआवजा दे सके. विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान शुरू पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए हर जगह काम से पहले और बाद की तस्वीरें खींची जा रही हैं. यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी काम अधूरा न रहे और हर जरूरतमंद तक सरकारी मदद पहुंचे. पंजाब के सभी जिलों में आज, 14 सितंबर से मान सरकार का विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान ज़ोर-शोर से शुरू हो गया है. सुबह से ही नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन की टीमें फील्ड में उतर चुकी हैं. JCB मशीनों की आवाज़ और ट्रैक्टर-ट्रालियों की हलचल इस बात का संकेत दे रही है कि अब पंजाब में सिर्फ राहत नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण की शुरुआत हो चुकी है. लोग खुद कह रहे हैं कि पहली बार सरकार इतनी तेज़ी और गंभीरता से हर गली-नुक्कड़ तक पहुंची है. ये देखकर जनता को भरोसा हुआ है कि सरकार सिर्फ एलान नहीं करती, जमीन पर काम करती है, वो भी बिना रुके, बिना थके. एकजुटता ने बाढ़ को हराया मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच ने इस बार साबित कर दिया है कि बाढ़ जैसी आपदा को भी अगर ज़िम्मेदारी से संभाला जाए, तो वो लोगों के हौसले को गिराने की जगह उसे और मज़बूत बना सकती है. इस बार सरकार ने बाढ़ को सिर्फ प्राकृतिक संकट नहीं, बल्कि पंजाबियों की हिम्मत, सेवा-भाव और एकजुटता की परीक्षा माना है. राहत कार्यों को इवेंट या प्रचार की तरह नहीं, बल्कि जनसेवा और जवाबदेही के अवसर की तरह लिया गया है, यही वो फर्क है जो एक लोक सेवक सरकार और दिखावटी राजनीति में होता है. पंजाब के साथ खड़ी मान सरकार बाढ़ आई, नुकसान हुआ, लेकिन सरकार कहीं नहीं डगमगाई. मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी टीम ने खुद को मैदान में उतार दिया. यह वही फर्क है जो जनता अब साफ देख रही है, जहां कुछ दल मुसीबत में सियासत खोजते हैं, वहीं मान सरकार समाधान खोजती है. आज जब विपक्ष सवालों की स्क्रिप्ट लिख रहा है, मान सरकार अपने काम से जवाब दे रही है, और वो भी जनता के बीच रहकर, उनके पिंडा विच में खड़े होकर और इसलिए आज पूरा पंजाब कह रहा है. मान सरकार खड़ी है, सिर उठाके, सीने ठोक के अपने लोकां दे नाल, हर वक्त, हर हाल.  

पलामू में जबरदस्त मुठभेड़: सुरक्षाबलों ने 5 लाख का इनामी नक्सली किया ढेर

पलामू,  झारखंड के पलामू जिले के मनातू जंगल में रविवार को सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के बीच हुई मुठभेड़ में 5 लाख का इनामी नक्सली मुखदेव यादव मारा गया। जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों ने 10 लाख के इनामी कमांडर शशिकांत को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। कोबरा, झारखंड जगुआर और अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम जब कॉम्बिंग कर रही थी, तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुखदेव यादव मारा गया। मुखदेव पर कई गंभीर मामले दर्ज थे और वह तीन सितंबर को पलामू में हुई उस मुठभेड़ में भी शामिल था, जिसमें पुलिस के दो जवान शहीद हुए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार का अभियान अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है, जिसमें 200 से अधिक सुरक्षाकर्मी शामिल रहे। शशिकांत के दस्ते में 8 से 10 सदस्य होने की जानकारी मिली है, जिनमें मुखदेव और एक अन्य इनामी नक्सली नगीना भी शामिल था। इसके पहले 7 सितंबर को पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बुर्जुवा पहाड़ी पर मुठभेड़ में पुलिस और सुरक्षा बलों ने दस लाख के इनामी नक्सली अमित हांसदा उर्फ अपटन को ढेर कर दिया था। बोकारो जिले के ढोडी गांव का रहने वाला अमित 96 नक्सली वारदातों में वांटेड था। झारखंड पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हर महीने औसतन तीन नक्सली मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं। पुलिस का अनुमान है कि फिलहाल राज्य में 100 से 150 माओवादी सक्रिय हैं। फिलहाल 58 नक्सली इनामी सूची में हैं, जिन पर कुल 5 करोड़ 46 लाख रुपए का इनाम घोषित है। झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में भाकपा माओवादी के 13 बड़े नक्सली हैं, जिनमें मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी और असीम मंडल पर एक-एक करोड़ का इनाम है। इनके अलावा, अनमोल, मोछु, अजय महतो, अगेन अंगरिया, अश्विन, पिंटू लोहरा, चंदन लोहरा, जयकांत और रापा मुंडा भी सूची में शामिल हैं। इस साल नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ी मुठभेड़ 21 अप्रैल को हुई थी, जब बोकारो जिले के लुगु पहाड़ पर एक करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी उर्फ विवेक सहित आठ माओवादी मारे गए थे। झारखंड पुलिस और केंद्रीय बल मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत अभियान चला रहे हैं। इस वर्ष जनवरी से अब तक कुल 24 नक्सली मारे जा चुके हैं।  

विश्वकर्मा पूजा 2025: घर व ऑफिस में वास्तु के ये नियम ज़रूर अपनाएं

विश्वकर्मा पूजा सिर्फ़ औपचारिक पूजा नहीं है बल्कि घर, कार्यस्थल, कारख़ाना, दुकान और औज़ारों में सकारात्मक ऊर्जा व सफलता लाने का एक माध्यम मानी जाती है। इस दिन वास्तु नियमों का ध्यान रखने से पूजा का प्रभाव और भी बढ़ जाता है। ईशान कोण में पूजा, पूर्व या उत्तर मुखी स्थापना, औज़ार व मशीनों को शुद्ध कर स्वस्तिक बनाना, दीपक अग्नि कोण में रखना और उत्तर-पूर्व की स्वच्छता। ये विश्वकर्मा पूजा के प्रमुख वास्तु नियम हैं। आइए, विस्तार से जानें: पूजा का स्थान ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा): वास्तु में इसे सबसे शुभ और पवित्र दिशा माना गया है। यहीं पूजा करना श्रेष्ठ है। यदि घर या कार्यस्थल में यह संभव न हो तो पूर्व या उत्तर दिशा का चयन करें। कभी भी पूजा दक्षिण-पश्चिम कोने में न करें, इससे कार्यक्षेत्र में रुकावटें आती हैं। मूर्ति / चित्र की स्थापना भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या चित्र पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके रखें। पूजक को पश्चिम या दक्षिण की ओर मुख करके बैठना चाहिए। मूर्ति को ज़मीन पर सीधे न रखें, उसके नीचे लकड़ी या स्वच्छ चौकी हो। औजार और मशीनें मशीनें, औज़ार, वाहन, कंप्यूटर आदि को पहले अच्छे से साफ़ करें। इन्हें पूजा के समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। पूजा के बाद उन पर स्वस्तिक का चिह्न बनाकर रोली या हल्दी से तिलक करें। रंग और सजावट वास्तु के अनुसार पीला, लाल और हरा रंग शुभ ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। पूजा स्थल पर इनका प्रयोग करें। पूजा स्थान पर प्रकाश की व्यवस्था पूर्व और उत्तर दिशा में अधिक होनी चाहिए। दीपक और धूप दीपक को पूजा स्थल के दक्षिण-पूर्व कोने (अग्नि कोण) में रखें। धूपबत्ती या अगरबत्ती भी इसी कोने में जलाएं। बैठने की दिशा पूजा करने वाले व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए। यदि कई लोग एक साथ पूजा कर रहे हों तो सभी का मुख एक ही दिशा में रहे। स्वच्छता और शुद्धता पूजा से पहले घर/कारख़ाना विशेषकर उत्तर-पूर्व दिशा को अच्छे से साफ करें। गंदगी या अव्यवस्था वास्तु दोष बनाती है और पूजा का प्रभाव घटाती है।

जानिए सूर्य ग्रहण पर दान का महत्व: कौन सी वस्तुएं दान करने से बढ़ता है पुण्य

सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसका वैज्ञानिक महत्व तो है ही, लेकिन भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक घटना भी माना जाता है. हिंदू धर्म में इसे एक अशुभ काल माना गया है, जिसमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इसी वजह से इस दौरान शुभ कार्य और पूजा-पाठ वर्जित होते हैं. हालांकि, सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ ऐसे कार्य भी हैं, जिन्हें बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है. इनमें सबसे प्रमुख है दान करना. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण काल में किया गया दान सामान्य दिनों में किए गए दान से कई गुना अधिक पुण्य देता है. सूर्य ग्रहण के दिन दान का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में वातावरण में नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं. इन नकारात्मक प्रभावों को कम करने और जीवन में सुख-शांति लाने के लिए दान का सहारा लिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि दान करने से इन नकारात्मक ऊर्जाओं का शमन होता है और व्यक्ति पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों से मुक्ति मिलती है. पापों का नाश: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण काल में किए गए दान से पिछले जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है. यह एक प्रकार का प्रायश्चित्त होता है, जिससे आत्मा की शुद्धि होती है. ग्रह दोषों से मुक्ति: कई बार व्यक्ति की कुंडली में सूर्य या चंद्र से संबंधित दोष होते हैं. ग्रहण के दौरान सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करने से इन दोषों का निवारण होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. आर्थिक समृद्धि: ऐसी मान्यता है कि ग्रहण काल में किया गया दान व्यक्ति को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाता है. दान करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती. पुण्य की प्राप्ति: धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि ग्रहण के दौरान किया गया दान हजारों यज्ञों और करोड़ों तीर्थ यात्राओं के बराबर पुण्य देता है. सूर्य ग्रहण के दिन किन चीजों का दान करना है शुभ? सूर्य ग्रहण के दिन विशेष रूप से उन वस्तुओं का दान करना चाहिए, जो सूर्य से संबंधित मानी जाती हैं. इन वस्तुओं का दान करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है. गेहूं और गुड़: गेहूं और गुड़ दोनों ही सूर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं. इनका दान करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और नौकरी-व्यापार में तरक्की मिलती है. तांबे के बर्तन: तांबा सूर्य का धातु माना जाता है. तांबे के बर्तन या तांबे के सिक्के दान करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है. लाल वस्त्र: लाल रंग सूर्य का प्रिय रंग है. लाल वस्त्र, विशेष रूप से गरीबों और जरूरतमंदों को दान करने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में उसकी प्रतिष्ठा बढ़ती है. नारियल और बादाम: मान्यता है कि ग्रहण के बाद नारियल और बादाम दान करने से शनि और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से छुटकारा मिलता है. काले तिल और काले कंबल: ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण काल में तिल और काले कंबल का दान करना राहु-केतु और शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने में मदद करता है. यह दान विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी होता है जिनकी कुंडली में ये ग्रह कमजोर हैं. अन्न का दान: ग्रहण के बाद अनाज, जैसे चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्री का दान करना बेहद पुण्यकारी माना जाता है. यह दान गरीबों और भूखों की भूख शांत करता है, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है. दान करने का सही समय और तरीका     ग्रहण समाप्त होने के बाद ही दान करना चाहिए.     दान की वस्तुएं साफ होनी चाहिए.     दान हमेशा जरूरतमंदों और गरीबों को ही करना चाहिए.     दान करते समय मन में किसी भी प्रकार का अहंकार नहीं होना चाहिए.  

प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का ऐलान, आरती राव बोलीं

चंडीगढ़  हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। जारी बयान में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 135 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इन संस्थानों के निर्माण पर लगभग 74.43 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।  स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि इनमें 126 सब हेल्थ सेंटर शामिल हैं, जिन पर लगभग 6993 लाख रुपये की लागत आएगी। इसी के साथ 9 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिन पर कुल 450 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने विस्तार से बताया कि जिन जिलों में सब हेल्थ सेंटर स्थापित किए जाएंगे, उनमें महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पलवल, पानीपत और सोनीपत शामिल हैं। वहीं ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स का निर्माण सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर और पानीपत जिलों में किया जाएगा।

ट्रंप की चेतावनी: रूस का तेल न खरीदें, चीन को मिलने वाली सजा की तैयारी

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को NATO के सभी सदस्य देशों से आग्रह किया है कि वे रूस से तेल की खरीद बंद कर दें और चीन के उन आयातों पर 50-100% टैरिफ लागू करें जो रूस से ऊर्जा संबंधी लेन-देनों में शामिल हैं। उनका कहना है कि ये कदम रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने का एक जरूरी तरीका हैं।  ट्रंप ने ट्वीट और सार्वजनिक बयानों में कहा कि अगर NATO सदस्य रूसी तेल नहीं खरीदेंगे, तो उनकी रूस के साथ बातचीत और आर्थिक दबाव बढ़ेगा, जिससे युद्ध की गति धीमी हो सकेगी।   उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि युद्ध समाप्ति हो जाए तो ये टैरिफ हटा दिए जाएँ। ट्रंप ने कुछ NATO सदस्यों-विशेषकर टर्की, हंगरी और स्लोवाकिया की आलोचना की कि वे अभी भी रूस से तेल खरीद रहे हैं, जो गठबंधन की नैतिक और रणनीतिक एकता को कमजोर करता है।     ट्रंप ने कहा कि चीन भी रूस के साथ करीबी आर्थिक संबंध बनाए रखकर रूस की युद्ध नीति को समर्थन दे रहा है। टैरिफ लगाने से इस आर्थिक संबंध को तोड़ा जा सकेगा।  भारत के बारे में भी ट्रंप ने पहले ही घोषणा कर दी है कि भारत पर 25% टैरिफ लगाया गया है क्योंकि वह रूस से ऊर्जा आयात कर रहा है। अब उनका प्रस्ताव है कि यदि यूरोपीय देश भी साथ दें तो चीन और भारत के उन आयातों पर भारी टैरिफ लगाया जाए जो रूस की ऊर्जा अर्थव्यवस्था से जुड़े हों।   यूरोपीय मित्र देशों में इस तरह के टैरिफ लगाने को लेकर संयुक्त आर्थिक प्रभाव की चिंता है। यदि चीन और भारत पर बहुत अधिक टैरिफ लगे तो व्यापार युद्ध की स्थिति बन सकती है। भारत और चीन ने अभी तक इस प्रस्ताव का औपचारिक जवाब नहीं दिया है लेकिन वे ऐसी नीतियों के संभावित आर्थिक प्रतिकूल प्रभावों से सतर्क हैं। इसके अलावा, NATO में ऐसे देशों को भी दबाव का सामना करना पड़ सकता है जिन पर रूस से ऊर्जा निर्भरता अधिक है, उदाहरण के लिए टर्की।     ट्रंप की यह पेशकश सिर्फ आर्थिक नहीं है-यह रणनीतिक निशाना है रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को निर्देशित करने का। यदि NATO, G7, यूरोपीय संघ और भारत-चीन जैसे बड़े खिलाड़ी इस तरह की टैरिफ व्यवस्था में शामिल होते हैं, तो युद्ध-विरोधी दबाव काफी तेज हो सकता है। लेकिन इसके लिए एक साथ राजनीतिक इच्छाशक्ति, आर्थिक स्थिरता और रणनीतिक संतुलन बनाए रखना ज़रूरी होगा।

नेशन बिल्डर अवॉर्ड समारोह में उप मुख्यमंत्री हुए शामिल, युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने का आहवान किया

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भारत आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। आज हर क्षेत्र में संभावनाएं हैं, अवसर हैं। इन अवसरों का लाभ लेने के लिए आवश्यक है कि युवा सजग हों और मनोयोग से मेहनत करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास का सुनहरा फल युवाओं को मिले, इसके लिए आवश्यक है कि वे नशे से दूरी बनाकर अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मीडिया से आग्रह किया कि नशे के दुष्परिणामों पर जनजागरूकता अभियान चलाएँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल आनंद मोहन माथुर सभागृह, इंदौर में निजी मीडिया समूह के 12वें नेशन बिल्डर अवॉर्ड 2025 समारोह में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य को कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त होना इसका प्रमाण है। सिंचाई के क्षेत्र में भी लगातार वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है और प्रदेश विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया। महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, सुप्रसिद्ध सिने तारिका एवं पूर्व सांसद श्रीमती जया प्रदा, आयोजक श्री वीरेंद्र मिश्रा सहित नागरिक उपस्थित रहे। श्रीमती जया प्रदा ने इंदौर की स्वच्छता की सराहना की।  

वैष्णो देवी के दर्शन स्थगित, श्रद्धालु निराश: भविष्य में यात्रा कब संभव होगी?

नई दिल्ली  श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए भारी संख्या में भक्त जाते हैं. ऐसे में भक्तों को मायूस कर देने वाली एक खबर आई है. आज की यात्रा एक बार फिर अगले आदेशों तक स्थगित कर दी गई है. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने रात करीब आठ बजे यात्रा स्थगित करने की जानकारी अपने एक्स हैंडल पर दी. यात्रा को स्थगित करने की प्रमुख वजह मौसम, भवन और रास्तों में हो रही लगातार बारिश बताई जा रही है. श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, जय माता दी. लगातार बारिश के कारण 14 सितंबर से शुरू होने वाली वैष्णो देवी यात्रा अगले आदेश तक स्थगित की गई है. सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वो कृपया आधिकारिक संचार माध्यमों के माध्यम से अपडेट लेते रहें.’ यात्रा स्थगित होने से भक्तों में छाई मायूसी मां वैष्णो देवी भवन परिसर के साथ ही सभी रास्तों और कटरा में देर शाम को बरसात हुई. इसके बाद श्री माता वैष्णो देवी साइन बोर्ड ने एक बार फिर ये फैसला किया कि यात्रा स्थगित की जाएगी. श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा एक बार फिर स्थगित होने से कटरा में उन भक्तों में मायूसी नजर आई जो माता की यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. फिलहाल भक्तों को इंतजार करना पड़ेगा. मौसम सुधरेगा तो यात्रा होगी सुचारू श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अनुसार, आने वाले सोमवार या फिर कुछ दिनों में मौसम सुधरता दिखाई देगा तो माता वैष्णो देवी की यात्रा एक बार फिर सुचारू कर दी जाएगी. श्राइन बोर्ड यात्रा एक बार फिर सुचारू करने को लेकर सभी तरह की तैयारीयां कर चुका है, लेकिन मौसम इसमें बाधा खड़ी कर रहा है. मौसम के हालातों को देखकर ही यात्रा सुचारू की जाएगी. ये बात पहले ही श्राइन बोर्ड साफ कर चुका है.

शमी ने आत्महत्या के विचारों को किया याद, ‘सोचा जरूर पर हुआ नहीं, शुक्र है वरना वर्ल्ड कप मिस हो जाता’

नई दिल्ली  भारत के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने स्वीकार किया कि उनके मन में आत्महत्या करने के विचार आ रहे थे, लेकिन उन्होंने इस विचार को खारिज कर दिया क्योंकि उन्हें एहसास हुआ कि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। रजत शर्मा के साथ आप की अदालत के एपिसोड में अपने विचार प्रकट करते हुए भारतीय स्टार तेज गेंदबाज ने कहा, 'सोचा जरूर पर हुआ नहीं, ये शुक्र है वरना वर्ल्ड कप मिस हो जाता मेरे से क्योंकि जब सोचा था कि मेरे दिमाग में ये समय है जिंदगी के अंत का, जिस चीज के लिए मुझे इतना नाम दिया, जिस चीज के लिए मीडिया मेरे पीछे है, उसको छोड़ के इस जंप के चक्कर में…वो सोचा, वो प्यार याद आया। सोचा चलो इसको छोड़ा, चलो गेम में लगते हैं फिर…'  इस साल जुलाई में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शमी को अपनी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां और बेटी को भरण-पोषण के रूप में 4 लाख रुपए मासिक गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया था। जहां को 1.50 लाख रुपए प्रति माह देने होंगे जबकि बेटी को 2.50 लाख रुपए प्रति माह मिलेंगे। पूर्व मॉडल हसीन जहां ने 2014 में मोहम्मद शमी से शादी की थी। इस जोड़े को 2015 में एक बेटी हुई। मोहम्मद शमी और हसीन जहां 2018 में अलग हो गए थे जब उन्होंने उन पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था।  घरेलू हिंसा के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर उनके बारे में कही गई अपमानजनक बातों के बारे में पूछे जाने पर शमी ने जवाब दिया, 'बुरी बातें कही जाती हैं, लेकिन आजकल उन बातों के बारे में भी बात की जाती है जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है… मुझे सबसे ज़्यादा इसी से डर लगता है। कल मैं एक तस्वीर देख रही था और मुझे पता ही नहीं चला कि मैंने उसे कब खींच लिया था। पिछले 6-7 सालों में मुझ पर जितने आरोप लगे हैं, शायद किसी आतंकवादी पर भी इतने आरोप न लगे हों। मैं इसमें कुछ नहीं कर सकती।'  हसीन जहां ने 2018 में क्रिकेटर पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। उन्होंने अलीपुर कोर्ट में एक याचिका दायर कर शमी और उनके परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। जहां ने परिवार के भरण-पोषण के लिए तेज गेंदबाज से 7 लाख रुपए प्रति माह की मांग की थी। शमी ने आखिरी बार 2 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए एक प्रतिस्पर्धी मैच खेला था। वह मैच इस तेज गेंदबाज के लिए यादगार नहीं रहा था, क्योंकि गुजरात टाइटन्स के खिलाफ उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था और उन्होंने तीन ओवरों में 48 रन दिए थे।  चैंपियंस ट्रॉफी अभियान में शमी जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे थे। वह भारत के लिए संयुक्त रूप से सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे, उन्होंने 5 मैचों में 9 विकेट लिए, उनके साथ मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती भी थे जिन्होंने सिर्फ तीन मैचों में इतने ही विकेट लिए। शमी के प्रयासों की बदौलत भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता। उन्होंने भारत के लिए आखिरी टेस्ट क्रिकेट 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड में खेला था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शमी को वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सफेद गेंद की सीरीज के लिए टीम में शामिल किया जाता है या नहीं।   

सोने से पहले अपनाइए ये 5 आदतें, कामयाबी और धन आपके कदम चूमेंगे

जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।