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सुशीला कार्की ने संभाली पीएम की कमान, नई कैबिनेट के गठन पर जारी मंथन

काठमांडू नेपाल की नवनियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की रविवार सुबह 11 बजे सिंह दरबार में आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। पूर्व मुख्य न्यायाधीश कार्की को शुक्रवार रात को अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सुशीला कार्की रविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं। वह मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप देने में अपने सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श कर रही हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार छोटा होगा। वहीं दूसरी ओर पीएम कार्की गृह, विदेश और रक्षा समेत लगभग दो दर्जन मंत्रालय अपने पास रख सकती हैं। मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच शनिवार को समय निकालकर वह सरकार विरोधी प्रदर्शन में घायलों से मिलने सिविल अस्पताल भी गईं थीं। शुक्रवार को शपथ लेने के तुरंत बाद भी वह अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना था। मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं 15 मंत्री काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, कार्की ने अपने मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने की तैयारी के लिए जेन जी आंदोलन के करीबी सलाहकारों और प्रमुख हस्तियों के साथ परामर्श शुरू कर दिया है। उनके एक सहयोगी ने दावा किया है कि कार्की रविवार सुबह अपने मंत्रिमंडल के गठन के लिए गहन चर्चा शुरू करेंगी। सभी 25 मंत्रालयों पर अधिकार रखने के बावजूद वह कथित तौर पर 15 से अधिक मंत्रियों के साथ एक सुव्यवस्थित मंत्रिमंडल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इन नामों पर चल रहा है विचार काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार मंत्री पदों के लिए जिन नामों पर विचार किया जा रहा है उनमें कानूनी विशेषज्ञ ओम प्रकाश आर्यल, पूर्व सेना अधिकारी बालानंद शर्मा, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आनंद मोहन भट्टाराई, माधव सुंदर खड़का, अशीम मान सिंह बसन्यात और ऊर्जा विशेषज्ञ कुलमन घीसिंग शामिल हैं। चिकित्सा क्षेत्र से डॉ. भगवान कोइराला, डॉ. संदुक रुइत, डॉ. जगदीश अग्रवाल और डॉ. पुकार चंद्र श्रेष्ठ जैसे प्रमुख लोगों के नामों पर विचार चल रहा है। नामों को लेकर हो रही है ऑनलाइन वोटिंग काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, जेनरेशन जेड के सदस्य भी समानांतर परामर्श कर रहे हैं। इसके लिए वह ऑनलाइन वोटिंग का भी सहारा ले रहे हैं। अगर इन नामों पर आम सहमति बन जाती है, तो मंत्रिमंडल रविवार शाम तक शपथ ले सकता है, हालांकि चर्चा के नतीजों के आधार पर इसे सोमवार तक के लिए भी टाला जा सकता है। 5 मार्च 2026 को होंगे संसदीय चुनाव नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार को नव नियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफारिश पर देश की संसद (प्रतिनिधि सभा) को भंग कर दिया था। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सदन का विघटन 12 सितंबर 2025 की रात 11 बजे से प्रभावी हुआ। अंतरिम सरकार बनने के साथ ही अधिकारियों ने देश में नए सिरे से संसदीय चुनाव कराने का भी एलान कर दिया। नेपाल में अब 5 मार्च 2026 को आम चुनाव कराए जाएंगे। सोमवार से खुलेंगे स्कूल काठमांडू महानगरपालिका क्षेत्र के स्कूलों में सोमवार से कक्षाएं शुरू होंगी। शनिवार को जारी सूचना में महानगर ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी रविवार को ही स्कूल में उपस्थित होंगे, लेकिन पढ़ाई सोमवार से शुरू होगी। रविवार को स्कूलों में प्रशासनिक काम, क्षति का मूल्यांकन और विवरण संकलन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जो स्कूल संचालन योग्य स्थिति में होंगे वहां कक्षाएं होंगी। युवाओं के आंदोलन के कारण 8 सितंबर से स्कूल बंद थे। नेपाल में धीरे-धीरे सामान्य हो रहा जनजीवन कई दिनों की अशांति के बाद नेपाल में अब धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो रहा है। काठमांडो घाटी समेत देश के अन्य हिस्सों से शनिवार को कर्फ्यू और प्रतिबंधात्मक आदेश हटा लिया गया। दुकानें, किराना स्टोर, सब्जी बाजार और शॉपिंग मॉल दोबारा खुल गए हैं। सड़कों पर भी वाहनों की चहल-पहल बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना ने प्रतिबंधात्मक आदेश या कर्फ्यू को शनिवार से आगे नहीं बढ़ाया है। प्रतिबंध हटने के साथ ही सार्वजनिक परिवहन सेवा पुनः शुरू हो गई। काठमांडू से देश के कई भागों के लिए लंबी दूरी की बसों का संचालन भी शुरू हो गया है। हालांकि, काठमांडू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिश्वो अधिकारी के अनुसार, हालांकि काठमांडू घाटी के अधिकांश क्षेत्र अब प्रतिबंधों से मुक्त हैं, लेकिन संभावित विरोध प्रदर्शनों को रोकने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में प्रतिबंध जारी रहेंगे। प्रमुख सरकारी भवनों समेत कई स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया, जिन्हें हाल ही में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से तोड़फोड़ कर आग के हवाले कर दिया गया था। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ केपी शर्मा ओली सरकार के खिलाफ शुरू हुए जेन-जी के आंदोलन के दौरान कम से कम 51 लोग मारे गए थे। पीएम ओली समेत उनके मंत्रियों को पद छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। इसके बाद नेपाल की सेना ने सुरक्षा व्यवस्था को अपने हाथों में ले लिया था।

लंदन की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब: दक्षिणपंथी गुटों ने उठाई ये मांगें

लंदन ब्रिटेन की राजधानी लंदन में शनिवार को एक लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतर आए। हालिया इतिहास का यह सबसे बड़ा दक्षिणपंथी संगठनों का प्रदर्शन है। एंटी इमिग्रेशन कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन के नेतृत्व में करीब 1.10 लाख प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों पर हमले की भी खबरें सामने आईं। यह रैली यूनाइट द किंगडम मार्च के नाम से आयोजित की गई थी। इसके जवाब में स्टैंड अप टू रेसिज्म नामक काउंटर-प्रदर्शन भी हुआ, जिसमें लगभग 5,000 लोगों ने भाग लिया। मेट्रोपॉलिटन पुलिस को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि दोनों गुट आमने-सामने न आ जाएं। पुलिस ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरों को तोड़ने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुसने की कोशिश की। इस दौरान कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए। हालात काबू में लाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया और घुड़सवार दस्ते भी उतारे गए। शनिवार को लंदन में प्रदर्शन के अलावा कई बड़े फुटबॉल मैच और कॉन्सर्ट भी थे, जिसके चलते पुलिस ने 1,600 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया। 500 अन्य शहरों से बुलाए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने यूनियन फ्लैग और सेंट जॉर्ज क्रॉस के झंडे लहराए। कुछ ने अमेरिकी और इजरायली झंडे भी थामे हुए थे। “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” कैप पहने कई लोग प्रधानमंत्री कियर स्टार्मर के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। कई पोस्टरों पर लिखा था – “उन्हें घर भेजो”। टॉमी रॉबिन्सन का असली नाम स्टीफन याक्सली-लेनन है। उन्होंने मार्च को अभिव्यक्ति की आजादी का जश्न बताया। उन्होंने हाल ही में मारे गए अमेरिकी दक्षिणपंथी नेता चार्ली किर्क को भी श्रद्धांजलि दी। रॉबिन्सन ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “हजारों लाखों लोग आज लंदन की सड़कों पर एकजुट होकर अपनी आजादियों के लिए खड़े हैं।” रॉबिन्सन अपने समर्थकों के बीच खुद को पत्रकार और व्हिसलब्लोअर बताते हैं और कहते हैं कि वे सरकार की गलतियों को उजागर करते हैं। उनके समर्थकों में टेस्ला और एक्स के मालिक एलन मस्क जैसे प्रभावशाली नाम भी शामिल हैं। हालांकि, रीफॉर्म यूके जैसी बड़ी एंटी-इमिग्रेंट पार्टी उनसे दूरी बनाए रखती है, क्योंकि रॉबिन्सन के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। रैली में शामिल एक समर्थक सैंड्रा मिशेल ने कहा – “हम अपना देश वापस चाहते हैं। हम अपनी आजादी और अभिव्यक्ति का अधिकार वापस चाहते हैं। अवैध प्रवासियों को रोका जाना चाहिए। हम टॉमी पर भरोसा करते हैं।” पुलिस कमांडर क्लेयर हेन्स ने कहा, “हम इस प्रदर्शन को वैसे ही संभालेंगे जैसे किसी और प्रदर्शन को। बिना किसी पक्षपात के। लोगों को कानूनसम्मत अधिकार दिए जाएंगे, लेकिन अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।” उन्होंने माना कि पहले भी कुछ प्रदर्शनों में एंटी-मुस्लिम नारेबाजी और भड़काऊ घटनाएं सामने आई थीं, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि लंदन की विविध समुदायों को भयभीत होकर घरों में रहने की जरूरत नहीं है। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब ब्रिटेन में प्रवासियों के मुद्दे ने राजनीतिक बहस पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। इस साल अब तक 28,000 से अधिक प्रवासी छोटे नावों से इंग्लिश चैनल पार करके ब्रिटेन पहुंचे हैं। देशभर में सड़कों और मोहल्लों में लाल-सफेद झंडों की मौजूदगी बढ़ी है। समर्थकों का कहना है कि यह राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है, लेकिन एंटी-रेसिज्म कैंपेनरों का मानना है कि यह विदेशियों के प्रति नफरत का संदेश है।  

भरूच: फैक्ट्री में लगी आग से मचा हड़कंप, आसमान में उठे धुएं के गुबार

भरूच भरुच जिले के जीआईडीसी (GIDC) पानोली में स्थित संघवी ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (Sanghvi Organics Pvt Ltd) में शनिवार को एक बड़ी आग लग गई। दूर से ही धुएं के मोटे गुबार और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में दहशत फैल गई। अधिकारियों ने बताया कि दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और आग बुझाने का काम फिलहाल जारी है। हालांकि, आग लगने की वजह और नुकसान का अभी तक पता नहीं चल पाया है। आग पर काबू पाने के लिए मौके पर 15 से अधिक दमकल गाड़ियां मौजूद हैं। किसी के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है। इस नई घटना से कुछ महीने पहले 2 अप्रैल को गुजरात में बनासकांठा जिले के डीसा में भी एक और भयानक आग लगी थी। वह आग एक गोदाम में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में एक बड़े धमाके से लगी थी, जिसमें कम से कम 21 लोग मारे गए थे, जिनमें से कई मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूर थे। उस समय के चश्मदीदों ने बताया था कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आस-पास के घरों तक हिल गए और धुएं का गुबार आसमान में छा गया। गोदाम के कुछ हिस्से गिर गए, जिससे मजदूर मलबे में फंस गए। बाद में, पुलिस ने पुष्टि की कि यह यूनिट बिना किसी वैध लाइसेंस और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए चलाई जा रही थी। इस त्रासदी के बाद फैक्ट्री के मालिक खूबचंद ठक्कर और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया था।

मौसम विभाग का अलर्ट: कई जिलों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में अनेक स्थानों पर मध्यम वर्षा हुई. सबसे ज्यादा बारिश बीजापुर जिले के भोपालपटनम में दर्ज की गई. इस दौरान सबसे अधिक तापमान रायपुर में 35 डिग्री सेलसियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश इलाकों में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की की संभावना है. मौसम विभाग ने कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई है. वहीं कुछ स्थानों पर अगले 3 दिनों तक भारी वर्षा जारी रह सकता है. यहां हुई बारिश मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, भोपालपटनम-5 सेमी, तखतपुर, कोटा, सन्ना, दंतेवाड़ा, नया बाराद्वार, राजनांदगांव -4 सेमी, लोरमी 3 सेमी, कुंडा, लालपुर थाना, सकरी, रतनपुर, पेंड्रा, पंढरिया, गंडई, मोहला, बेलरगांव, नवागढ़, पत्थलगांव-3 सेमी, प्रेमनगर, बोराई, दाढ़ी, मनोरा, मालखरौदा, पिपरिया, हसौद, बेलगहना, कापू, रेंगाखार कला, कुकदुर, नगरी, छाल, कवर्धा, कांसाबेल, बिलाईगढ़, सरिया, बेलतरा, केशकाल -2 सेमी. इसके अलावा कुछ और स्थानों पर इससे कम वर्ष दर्ज की गई. राजधानी में आज कैसा रहेगा मौसम राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है. साथ ही बादल गरजने-चमकने के साथ बारिश हो सकती है. अधिकतम तापमान  34 और न्यूनतम तापमान के आसपास बने रहने की आशंका जताई गई है.

बिलासपुर-जबलपुर हाईवे ठप: हजारों यात्रियों की आवाजाही में मुश्किलें

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही बिलासपुर-जबलपुर नेशनल हाइवे पर फिर से जाम लग गया. बीती रात जिले के आखिरी छोर पर स्थित करिआम आरटीओ बेरियर के पास रोड के बीचों-बीच ट्रक और ट्रेलर के फंसने से आगे-पीछे गाड़ियों की लंबी कतार लग गई. दरअसल, बिलासपुर-जबलपुर नेशनल हाइवे का निर्माण कार्य चल रहा है. ऐसे में बारिश की वजह से सड़क के दोनों ओर कीचड़ होने की वजह से सड़क पर गाड़ियों किसी वजह से फंस जाने से गाहे-बगाहे वाहनों की आवाजाही रुक जा रही है. इसी तरह बीती रात से लगे जाम की वजह से बिलासपुर से अमरकंटक, जबलपुर, अनूपपुर, मनेंद्रगढ़ के अलावा उत्तरप्रदेश से आना-जाना करने वाले हजारों यात्री फंसे हुए हैं. जाम खुलवाने के लिए स्थानीय पुलिस और यातायात विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर प्रयास कर रहे हैं.

दंतैल का कहर: लोगों को दौड़ाया, जान बचाने छतों पर चढ़े ग्रामीण

कोरबा  छत्तीसगढ़ में हाथियों का कहर जारी है. कोरबा जिले के पसान ग्राम पंचायत में दंतैल ने जमकर उत्पात मचाया. बस्ती में घुसकर मकान-दुकान, कार-बाइक को तोड़ने के साथ ग्रामीणों को भी दौड़ाया. यह भी पढ़ें : पॉवर सेंटर : जब कलेक्टर ने मांगा ‘फेवर’…थिरकती पुलिस…न्यूडिटी…सरकारी नौकर…अर्जियां…चीफ सेक्रेटरी कौन?…. जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पसान बस्ती में दंतैल ने तीन घंटे तक बस्ती में विचरण किया. दंतैल की चिंघाड़ से दहशतजदा ग्रामीण डर कर अपने घरों की छतों पर चढ़कर अपनी जान बचाई. लेकिन ऐसे मौके पर भी कई लोग वीडियो बनाने और सेल्फी लेने से बाज नहीं आए. गमीमत रही कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. पसान के डिप्टी रेंजर ईश्वर दास मानिकपुरी ने बताया कि पसान बस्ती विचरण कर रहे दंतैल हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया. उन्होंने ग्रामीणों से ऐसे मौके पर सतर्कता बरतने की सलाह दी, अन्यथा खतरा हो सकता है.

मेरे दिमाग की कीमत 200 करोड़ – नितिन गडकरी का बयान बना सुर्ख़ियों में

नई दिल्ली इथेनॉल को लेकर विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विरोधियों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, मेरा दिमाग की ही कीमत हर महीने 200 करोड़ की है। मेरे पास पैसे की कोई कमी नहीं है और मैं कभी नीचे नहीं गिर सकता हूं। उन्होंने कहा कि वह जो कुछ भी करना चाहते हैं वह किसानों के हित के लिए है। इसका कमाई से कोई लेना-देना नहीं है। नागपुर में एग्रीकोज वेलफेयर सोसाइटी के एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, आपको क्या लगता है कि ये सब मैं पैसे के लिए कर रहा हूं? मैं कोई दलाल नहीं हूं, ईमानदारी से कमाना जानता हूं। उन्होंने कहा, बहुत सारे राजनेता लोगों को लड़ाकर खुद फायदा उठाना जानते हैं, लेकिन हम उनमें नहीं हैं। गडकरी ने कहा, मेरा भी घर-परिवार है। मैं कोई संत नहीं हूं। मुझे हमेशा लगता है कि विदर्भ में 10 हजार किसानों की आत्महत्या शर्म की बात है। जब तक कि हमारे किसान समृद्ध नहीं हो जाते, हम अपने प्रयास कम नहीं करेंगे। गडकरी ने अपने बेटे की कंपनी को लेकर कहा कि वह केवल आइडिया देने का काम करते हैं। उन्होंने कहा, मेरा बेटा इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का बिजनेस करता है। उसने हाल ही में ईरान से 800 कंटेनर सेब ऑर्डर किए और यहां से 100 कंटेनर केले भेज दिए। गडकरी ने कहा, मेरे बेट ने गोवा से 300 कंटेनर मछलियां सर्बिया को सप्लाई कीं। उन्होंने कहा, बेटे ने ऑस्ट्रेलिया में दूध के प्रोडक्ट की फैक्ट्री लगाई है। वह अब अबू धाबी और अन्य जगहों पर भी कंटेनर भेजता है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा आईटीसी के साथ मिलकर 26 चावल मिलें चलाता है। गडकरी ने कहा, मुझे पांच लाख टन चावल के आटे की जरूरत पड़ती है। इसलिए वह मिल चलाता है और मैं उससे आटा खरीद लेता हूं। उन्होंने कहा कि ये कुछ उदाहरण है जिससे पता चलता है कि बिजनेस में इंटरेस्ट रखने वाले लोग कृषि क्षेत्र में कैसे अवसर पैदा कर सकते हैं।

‘लड़ो या मर जाओ’ नारे के बीच लंदन में विरोध तेज, मस्क ने बढ़ाई आग

लंदन ब्रिटेन में इमिग्रेशन के खिलाफ आंदोलन की आग विकराल रूप ले चुकी है। शनिवार को लंदन में एंटी इमिग्रेशन कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन के नेतृत्व में लाखों लोग सड़कों पर उतर पड़े। इसी बीच अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने भी आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अब ब्रिटेन में सत्ता परिवर्तन की जरूरत है। प्रदर्शनकारियों के पास केवल दो विकल्प हैं, लड़ो या मर जाओ। एलन मस्क ने कहा कि ब्रिटेन का पहले से ही क्षरण शुरू हो गया है और आने वाले समय में यह पूरे देश के विनाश का कारण बनेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर माइग्रेशन की वजह से संकट खड़ा हो रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी हिंसा होने वाली है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों के पास केवल लड़ने या मरने का विकल्प शेष है। एलन मस्क ने कहा, मेरा यही संदेश है कि हिंसा की आग तुम तक पहुंचेगी जरूर। ऐसे में तुम्हें लड़ना होगा। तुम चाहो या ना पाओ, हिंसा होकर रहेगी। एलन मस्क ने कहा, मुझे लगता है कि अब कीर स्टार्मर की अगुआई वाली लेबर सरकार को गिराने की जरूरत है। आपेक पास चार साल का वक्त नहीं है। आने वाले चुनाव में अभी बहुत वक्त है। पहले ही कुछ होना चाहिए। संसद भंग होनी चाहिए और दोबारा वोटिंग होनी चाहिए। मस्क ने कहा, हमारे दोस्त चार्ली किर्क को मार दिया गया और वामपंथी इसका जश्न मना रहे हैं। हमें एक मिनट ठहरकर सोचना होगा कि हिंसा रोकने का कोई उपाय नहीं है। ऐसे में लड़ने के लिए तैयार रहना ही एक मात्र रास्ता है। लंदन की इस रैली को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा का आह्वान बताया गया, लेकिन इस दौरान आव्रजन का मुद्दा छाया रहा। प्रदर्शनकारियों ने बार-बार 'हमें अपना देश वापस चाहिए' जैसे नारे लगाए।इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प होने की भी खबरें आईं।रॉबिन्सन यूनाइटेड किंगडम में एक प्रमुख दक्षिणपंथी नेता हैं और इंग्लिश डिफेंस लीग (ईडीएल) का नेतृत्व करते हैं जो मुख्य रूप से प्रवासन के मुद्दों से संबंधित है। बता दें कि हाल ही में नेपाल में दो दिन के आंदोलन ने ही वहां की वामपंथी सरकार उखाड़कर फेंक दी है। अब ब्रिटेन के इस प्रदर्शन को भी नेपाल जैसा ही बताया जा रहा है।

पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश बनेगा देश की कॉटन कैपिटल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैविक कपास उत्पादन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। देश में जितना जैविक कपास उत्पादन होता है उसमें मध्यप्रदेश का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धार जिले में प्रथम पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास से मध्यप्रदेश देश की कॉटन कैपिटल बन जायेगा। कपास उत्पादक किसानों का सीधा संपर्क अंतर्राष्ट्रीय बाजार से हो जायेगा। पीएम मित्रा पार्क किसानों की मेहनत को वैश्विक पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की आधारशिला और किसानों के लिए नई संभावनाओं का द्वार बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्ट‍ि से किसानों की उपज खेतों से सीधे वैश्विक बाजार तक पहुँच जायेगी। इसमें मध्यप्रदेश की कपास उत्पादक धरती सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इस पार्क से कपास उत्पादक किसानों की समृद्धि के नये द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि पीएम मित्रा पार्क किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं का जीवन बदलने वाली औदयोगिक परियोजना है। कपास उत्पादक किसान अब सीधे कपास आधारित उद्योगों से जुड़ जायेंगे, जिससे मध्यप्रदेश का कपास केवल फसल न रहकर प्रदेश की औद्योगिक पहचान बनेगा। मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के मालवा अंचल के जिलों में सबसे ज्यादा कपास उत्पादन होता है। इनमें प्रमुख रूप से इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, खण्डवा और बुरहानपुर शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन की स्थ‍िति अच्छी रही है। वर्ष 2022-23 में 8.78 लाख मीट्रिक टन, 2023-24 में 6.30 लाख मीट्र‍िक टन और 2024-25 में 5.60 लाख मीट्र‍िक टन कपास उत्पादन हुआ।‍ इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जिलों में भी कपास की अच्छी फसल ली जाती है। देश में ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रसिद्ध‍ि पा चुका है। यही वजह है कि वस्त्र उद्योग के लिए मध्यप्रदेश सबसे उपयुक्त राज्य साबित हुआ है। इसी पृष्ठभूमि के आधार पर धार को पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए चुना गया है। सर्व-सुविधायुक्त होगा पीएम मित्रा पार्क करीब 2,158 एकड़ में विकसित हो रहा पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं। निवेशकों ने जताया भरोसा निवेशकों ने भी भरोसा जताते हुए पीएम मित्रा पार्क में अब तक 27 हजार 109 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे। जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टेक्सटाइल हब के रूप में होने लगेगी। प्रधानमंत्री के विजन पर केन्द्रित है पार्क की थीम प्रधानमंत्री श्री मोदी के विज़न के अनुरूप यह पार्क “फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और विदेश” की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों में आदर्श बनायेगी। पीएम मित्रा पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा।  

iPhone 15 मुफ्त में जीतने का मौका! Amazon कॉन्टेस्ट में ढूंढें 5 स्टीकर्स

नई दिल्ली फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी-बड़ी डील्स और सेल आ जाती हैं। लोगों को इन डील्स का इंतजार रहता है, ताकि ठीक-ठाक ऑफर में डिवाइस खरीद सकें। अब जल्द ही अमेजन का ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2025 जल्द ही शुरू होने वाला है। यह सेल 23 सितंबर से शुरू होगी, लेकिन यदि आप प्राइम मेंबर हैं, तो आपके लिए यह सेल 22 सितंबर से ही शुरू होगी। इस बार अमेजन ने छूट के साथ-साथ एक खास कॉन्टेस्ट भी शुरू किया है, जिसमें हिस्सा लेकर आप iPhone 15 जीत सकते हैं। चलिए, जानते हैं कि ये कॉन्टेस्ट क्या है और इसमें आप कैसे हिस्सा ले सकते हैं? अमेजन का ' iPhone 15 Price Dekha Kya ?' कॉन्टेस्ट अमेजन ने अपने कॉन्टेस्ट का नाम कॉन्टेस्ट 'iPhone 15 Price Dekha Kya?' रखा है। इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेकर आप iPhone 15 जीत सकते हैं। इस कॉन्टेस्ट में शामिल होना बहुत आसान है। आपको बस कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। सबसे पहले, आपको अमेजन ऐप में जाना है, वहां मोबाइल्स सेक्शन में पांच iPhone 15 स्टिकर्स छिपे हुए हैं। ये स्टिकर्स आपको एक साथ नहीं मिलेंगे। आपको हर दिन ऐप में चेक करना होगा और इन स्टिकर्स को इकट्ठा करना होगा। जैसे-जैसे आप स्टिकर्स इकट्ठा करेंगे, आपका कॉन्टेस्ट पूरा होने की ओर बढ़ेगा।   सोशल मीडिया पर शेयर करनी होगी प्रोग्रेस जब आप पांचों स्टिकर्स इकट्ठा कर लें, तो अगला कदम है अपनी प्रोग्रेस को शेयर करना। समझ ही गए होंगे कि सोशल मीडिया पर शेयरिंग करनी है। इसके लिए आपको अपने स्टिकर्स का स्क्रीनशॉट लेना होगा। फिर इसे अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट करना होगा। पोस्ट करते समय @amazonmobilesin को टैग करना होगा। साथ ही आपको दो हैशटैग्स भी लगाने होंगे, #iPhone15PriceDekhaKya और #AmazonGreatIndianSale का इस्तेमाल करना जरूरी है। iPhone 15 को अपनी विशलिस्ट में डालें कॉन्टेस्ट का आखिरी स्टेप भी आसान है। आपको अमेजन ऐप पर जाकर iPhone 15 को अपनी विशलिस्ट में जोड़ना होगा। यह स्टेप पूरा करना बहुत जरूरी है। अगर आप स्टिकर्स इकट्ठा कर लेते हैं और इंस्टाग्राम पर पोस्ट भी कर देते हैं, लेकिन iPhone 15 को विशलिस्ट में नहीं जोड़ते, तो आपकी एंट्री रद्द हो जाएगी। कब तक चलेगा यह कॉन्टेस्ट? यह कॉन्टेस्ट 25 सितंबर 2025 तक चलेगा और रात 11:59 बजे तक खुला रहेगा। इसमें हिस्सा लेने के लिए आपकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए और आपको भारत का निवासी होना चाहिए। हर व्यक्ति केवल एक बार ही इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा ले सकता है। कॉन्टेस्ट के अंत में पांच विजेताओं का चयन रैंडम तरीके से किया जाएगा। हर विजेता को एक iPhone 15 मिलेगा। विजेताओं के नाम अमेजन के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर बताए जाएंगे।