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इतिहास रच रहा ICC वर्ल्ड कप: टिकट कीमत सिर्फ 100-100 रुपये

नई दिल्ली  Women's Cricket World Cup 2025 के लिए गुरुवार 4 सितंबर को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने टिकटों की बिक्री शुरू कर दी है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि वुमेंस वर्ल्ड कप आईसीसी का सबसे सस्ता ग्लोबल इवेंट बन गया है, क्योंकि वर्ल्ड कप के मैचों की टिकट की कीमत 100 रुपये (1.14 US डॉलर) से शुरू होती है। आईसीसी तमाम ग्लोबल इवेंट्स मेंस और वुमेंस कैटेगरी में कराती है, लेकिन इतनी कम कीमत किसी भी इवेंट्स के टिकटों की नहीं रही। 4 सितंबर से प्री-सेल 4 दिन के लिए शुरू की है, जो रिकॉर्ड लो प्राइस पर है। 2022 में ICC महिला क्रिकेट विश्व कप खेला गया था, जो न्यूजीलैंड में आयोजित हुआ था। पिछले संस्करण के लिए बच्चों के टिकटों की प्राइस 7 न्यूजीलैंड डॉलर यानी करीब साढ़े 350 रुपये या 4.45 यूएस डॉलर थी, जबकि वयस्कों के लिए सबसे कम टिकट 17 NZD थी, जो 850 रुपये या 10 यूएस डॉलर के बराबर है, जो वर्तमान विश्व कप टिकट की कीमत से साढ़े आठ गुना ज्यादा है। बता दें कि भारत और श्रीलंका इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं। 30 सितंबर को गुवाहाटी में वुमेंस वर्ल्ड कप का उद्घाटन मैच खेला जाएगा और इससे करीब चार सप्ताह पहले टिकटों की बिक्री आईसीसी की ओर से शुरू कर दी गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें, महिला क्रिकेट विश्व कप के 13वें संस्करण में आठ टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें सह-मेजबान भारत और श्रीलंका के अलावा पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीम शामिल है। सभी टीमें राउंड रोबिन फॉर्मेट में मुकाबला खेलेंगी। हर टीम को बाकी सात टीमों से एक-एक मैच में भिड़ना होगा। पॉइंट्स टेबल में टॉप की चार टीमें सेमीफाइनल में भिड़ेंगी और फिर सीधे फाइनल होगा, जो 2 नवंबर को आयोजित होगा। पाकिस्तान की टीम अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलेगी। अगर फाइनल में टीम पहुंचती है तो फाइनल भी श्रीलंका में ही आयोजित होगा। पाकिस्तान की टीम बाहर होती है तो फिर फाइनल में भारत में होगा। इससे पहले आईसीसी ने वुमेंस वर्ल्ड कप के लिए रिकॉर्ड प्राइज मनी का ऐलान किया था। 13.88 मिलियन अमेरिकी डॉलर इस इवेंट के लिए आईसीसी ने निर्धारित किए हैं, जो 2022 संस्करण के मुकाबले चार गुना ज्यादा रकम है। 3.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि पिछले संस्करण के लिए थी।

क्रिकेट के भाई पांड्या ने कोच को किया सम्मानित, 80 लाख, शादी और कार के तोहफे दिए

मुंबई  हार्दिक पांड्या टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी हैं और क्रुणाल पांड्या भी भारत के लिए खेल चुके हैं. इन दोनों ही खिलाड़ियों ने आईपीएल 2025 में अपने परफॉर्मेंस से सभी का दिल जीता था. हार्दिक मुंबई इंडियंस के कप्तान रहे तो वहीं क्रुणाल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मुख्य गेंदबाज के रूप में उभरे. ये दोनों खिलाड़ी ऑन-फील्ड के साथ ही ऑफ-फील्ड भी काफी बेहतर हैं. हार्दिक और क्रुणाल ने अपने कोच जितेंद्र सिंह के लिए काफी कुछ किया है. हार्दिक और क्रुणाल ने अदा की गुरू दक्षिणा पांड्या ब्रदर्स के कोच जितेंद्र सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि 'आज हार्दिक और क्रुणाल आर्थिक रूप से काफी मजबूत हो गए हैं, लेकिन वो मेरे लिए आज भी पहले जैसे ही हैं'. जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि '2018 में जब मेरी बहन की शादी हुई, तब इन दोनों ने मेरी फाइनेंशियली काफी मदद की. इसके बाद जब दूसरी बहन की शादी हुई, तब भी कई गिफ्ट्स दिए'. हार्दिक ने कोच को गिफ्ट की कार जितेंद्र सिंह ने आगे बातचीत में बताया कि '2015-16 में ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद हार्दिक ने मुझे एक कार गिफ्ट दी. हार्दिक ने कोच ने बताया कि वो उसकी पहली ही सीरीज थी और वो अभी फाइनेंशियली सैटल भी नहीं थी, लेकिन फिर भी वो मेरे लिए कार लेकर आया. मैंने उससे तब मना भी किया तो उसने कहा कि बाइक से जाते हैं और हम नहीं चाहते कि आपको चोट लग जाए, इसलिए ये आपकी सेफ्टी के लिए है. उस गाड़ी की कीमत करीब 5-6 लाख रुपये थी'. मां के इलाज में भी मदद की हार्दिक पांड्या आईपीएल 2015 में डेब्यू कर रहे थे और जितेंद्र सिंह की मां की तबियत खराब थी. जितेंद्र सिंह ने इसे लेकर बताया कि 'मैंने हार्दिक से इस बारे में कुछ नहीं कहा, क्योंकि मैं उसका ध्यान नहीं भटकाना चाहता था. लेकिन जब बड़ौदा लौटने के बाद उससे मेरी बात हुई तो मैंने सबकुछ बताया, तब उसने मुझसे कहा कि मेरा सारा पैसा ले लो, लेकिन अपनी मां का ध्यान रखो'.

डेंगू: बचाव और इलाज की हर जानकारी

कोई मच्छर काट ले तो टेंशन में न आएं। हर मच्छर डेंगू वाला नहीं होता। बुखार आ जाए तो भी घबराने की जरूरत नहीं। हर बुखार डेंगू का नहीं होता। डेंगू हो भी जाए तो पैनिक न हों। डेंगू में सिर्फ 1 फीसदी माले ही रिस्की होते हैं। बुखार का मैनेजमेंट घर में करें। डॉक्टर से इलाज कराएं। जब तक डॉक्टर न कहे, अस्पताल में भर्ती न हों। एक्सपर्ट्स से बात करके डेंगू से बचाव और इलाज पर जानकारी दे रहे हैं हम… क्या है बुखार जब हमारे शरीर पर कोई बैक्टिरिया या वायरस हमला करता है तो हमारा शरीर अपने आप ही उसे मारने की कोशिश करता है। इसी मकसद से शरीर जब अपना टेम्प्रेचर बढ़ाता है तो उसे ही बुखार कहा जाता है। जब भी शरीर का टेम्प्रेचर नॉर्मल (98.3) से बढ़ जाए तो वह बुखार माना जाएगा। आमतौर पर छोटे बच्चों को बुखार होने पर उनके हाथ-पांव तो ठंडे रहते हैं लेकिन माथा और पेट गर्म रहते हैं इसलिए उनके पेट से उनका बुखार चेक किया जाता है। कई बार बुखार 104-105 डिग्री फॉरनहाइट तक भी पहुंच जाता है। कहीं यह बुखार डेंगू तो नहीं डेंगू वाले मच्छर के किसी इंसान को काटने के बाद डेंगू का वायरस इंसान के ब्लड में 2-7 दिनों तक रहता है। डेंगू बुखार के लक्षण मच्छर के काटने के 4-7 दिनों में दिखते हैं। कभी-कभी इसमें 14 दिनों का वक्त भी लगता है। बुखार अक्सर तेज होता है और दिन में 4-5 बार आता है। डेंगू बुखार तकरीबन 7-10 दिनों तक बना रहता है और अपने आप ठीक हो जाता है। बुखार से प्रभावित कुल लोगों में से 10 फीसदी को ही हॉस्पिटल ले जाने की जरूरत होती है। डेंगू के सामान्य लक्षण हैंः बुखार, तेज बदन दर्द, सिर दर्द खास तौर पर आंखों के पीछे, शरीर पर दाने आदि। डेंगू ऐसा भी हो सकता है कि इसके लक्षण न उभरें। ऐसे मरीज का टेस्ट करने पर डेंगू पॉजिटिव आता है लेकिन वह खुद-ब-खुद बिना किसी इलाज के ठीक हो जाता है। दूसरी तरह का डेंगू बीमारी के लक्षणों वाला होता है। यह भी तीन किस्म का होता हैः क्लासिकल डेंगू फीवर, डेंगू हेमरेजिक फीवर और डेंगू शॉक सिंड्रोम। क्लासिकल डेंगू फीवर एक नॉर्मल वायरल फीवर है। इसमें तेज बुखार, बदन दर्द, तेज सिर दर्द, शरीर पर दाने जैसे लक्षण दिखते हैं। यह डेंगू 5-7 दिन के सामान्य इलाज से ठीक हो जाता है। डेंगू हेमरेजिक फीवर थोड़ा खतरनाक साबित हो सकता है। इसमें प्लेटलेट और डब्लूबीसी की संख्या कम होने लगती है। नाक और मसूढ़ों से खून आना, शौच या उलटी में खून आना या स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के चकत्ते जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। डेंगू शॉक सिंड्रोम में मरीज धीरे-धीरे होश खोने लगता है, उसका बीपी और नब्ज एकदम कम हो जाती है और तेज बुखार के बावजूद स्किन ठंडी लगती है। …ताकि पैदा न हों मच्छर डेंगू के बचाव के लिए मच्छरों को पैदा होने से रोकना और काटने से रोकना, दोनों जरूरी हैंः कहीं भी खुले में पानी रुकने या जमा न होने दें। साफ पानी भी गंदे पानी जितना ही खतरनाक है। पानी पूरी तरह ढककर रखें। कूलर, बाथरूम, किचन आदि में जहां पानी रुका रहता है में दिन में एक बार मिट्टी का तेल डाल दें। ऐसा करने से उनमें मच्छरों के अंडे डिवेलप नही होंगे। एसीः अगर विंडो एसी के बाहर वाले हिस्से के नीचे पानी टपकने से रोकने के लिए ट्रे लगी हुई है तो उसे रोज खाली करना न भूलें। उसमें भी ब्लीचिंग पाउडर डाल कर रख सकते हैं। कूलरः इसका इस्तेमाल बंद कर दें। अगर नहीं कर सकते तो उसका पानी रोज बदलें और उसमें ब्लीचिंग पाउडर या बोरिक एसिड जरूर डालें। गमलेः ये चाहे घर के भीतर हों या बाहर, इनमें पानी जमा न होने दें। गमलों के नीचे रखी ट्रे भी रोज खाली करना न भूलें। छतः छत पर टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें या उलटा करके रखें। पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें। पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करके साफ करने के बाद पानी भरें। किचन, बाथरूमः सिंकध्वॉशबेसिन में भी पानी जमा न होने दें। हफ्ते में एक बार अच्छी तरह से सफाई करें। पानी स्टोर करने के बाद बर्तन पूरी तरह ढक कर रखें। बेहतर तो यह है कि गीले कपड़े से ऐसे बर्तनों को ढकें ताकि मच्छर को जगह न मिले। नहाने के बाद बाथरुम को वाइपर और पंखे की मदद से सुखा दें। ड्रॉइंगरूमः घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार मच्छरनाशक दवाई का छिड़काव जरूर करें। डाइनिंग टेबल में सजाने के लिए रखे फूलों या फूलों के बर्तन में पानी रोज बदलें …ताकि न काटें मच्छर आउटडोर में पूरी बांह की शर्ट, बूट, मोजे और फुल पैंट पहनें। खासकर बच्चों के लिए इस बात का जरूर ध्यान रखें। मच्छर गाढ़े रंग की तरफ आकर्षित होते हैं इसलिए हल्के रंग के कपड़े पहनें। तेज महक वाली परफ्यूम लगाने से बचें क्योंकि मच्छर किसी भी तरह की तेज महक की तरफ आकर्षित होते हैं। कमरे में मच्छर भगानेवाले स्प्रे, मैट्स, कॉइल्स आदि का प्रयोग करें। मस्किटो रेपलेंट को जलाते समय सावधानी बरतें। इन्हें जलाकर कमरे को 1-2 घंटे के लिए बंद कर दें। सोने से पहले खिड़की-दरवाजे खोल लें। खिड़की, दरवाजे बंद रखेंगे तो सांस की बीमारी हो सकती है। घर की मेन एंट्रेंस के बाहर लगी ट्यूब लाइट के पास मस्किटो रेपलेंट (गुडनाइट, ऑलआउट आदि) जलाकर रखें। इससे गेट खुलने पर अंदर आनेवाले मच्छरों को रोका जा सकेगा। आजकल इसे 24 घंटे जलाकर रखें ताकि मच्छर को जगह न मिले। सोने से पहले हाथ-पैर और शरीर के खुले हिस्सों पर विक्स लगाएं। इससे मच्छर पास नहीं आएंगे। एक नीबू को बीच से आधा काट लें और उसमें खूब सारे (6-7) लौंग घुसा दें। इसे कमरे में रखें। मच्छर भाग जाएंगे। मच्छरों को भगाने और मारने के लिए गुग्गुल जलाएं। लैवेंडर ऑयल की 15-20 बूंदें, 3-4 चम्मच वनीला एसेंस और चैथाई कप नीबू रस को मिलाकर एक बोतल में रखें। शरीर के खुले हिस्सों पर लगाने से पहले अच्छी तरह मिलाएं। इसे लगाने से मच्छर दूर … Read more

दलीप ट्रॉफी: पंत की जगह टीम इंडिया में चुने गए इस खिलाड़ी ने खेली शानदार पारी, 3 रन से चूका दोहरा शतक

तमिलनाडु  तमिलनाडु के विकेटकीपर बल्लेबाज नारायण जगदीसन दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में दोहरे शतक से महज 3 रन से चूक गए। साउथ जोन की ओर से खेल रहे नारायण ने नॉर्थ जोन के खिलाफ मुकाबले में 197 रन की शानदार पारी खेली।  जगदीसन के प्रथम श्रेणी में शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें इंग्लैंड दौरे पर आखिरी टेस्ट मैच के लिए ऋषभ पंत की जगह भारतीय टीम में शामिल किया गया था। आखिरी टेस्ट से पहले पंत को पैर में चोट लग गई जिस वजह से जगदीशन भारतीय स्क्वाड में चुने गए। लेकिन उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ प्लेइंग-11 में खेलने का मौका नहीं मिला। जगदीशन ने दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में दूसरे दिन की शुरुआत नाबाद 148 रन के स्कोर से की। उन्होंने पहले दिन अपना 11वां प्रथम श्रेणी शतक लगाया। दूसरे दिन के पहले सत्र में उन्होंने शानदार 197 रन बनाए लेकिन तीन रन से दोहरा शतक चूक गए। जगदीशन पहले ही प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दो दोहरे शतक लगा चुके है। जगदीशन ने रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन की 13 पारियों में 56 की औसत से 674 रन बनाए थे। जिसमें दो शतक और 5 अर्धशतक शामिल थे। पिछले सीजन ही जगदीशन ने रणजी ट्रॉफी में लगातार 200+ का स्कोर बनाया। रेलवे के खिलाफ 245* रन बनाने के बाद चंडीगढ़ के खिलाफ 321 रन का अपना व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर भी बनाया। दाएं हाथ के बल्लेबाज जगदीशन का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में औसत अब 49.58 है और अगर पंत और जुरेल दोनों समय पर ठीक नहीं हो पाते हैं तो वह भारत के लिए डेब्यू भी कर सकते है।  

सरकार बच्चे के इलाज के लिए परिवार की हर संभव मदद करेगी: मुख्यमंत्री भगवंत मान

अमृतसर  अमृतसर के गांव तलवंडी का 8 साल का बच्चा अभिजोत सिंह किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि बच्चे के परिवार का एक वीडियो आज सामने आया। सरकार बच्चे के इलाज के लिए परिवार की हर संभव मदद करेगी। वह राज्य में किसी भी व्यक्ति को इलाज और दवा से वंचित नहीं रहने देंगे।

केतकी सिंह के विवादित बयान पर सपा की सख्त कार्रवाई, बीजेपी विधायक को नोटिस जारी

लखनऊ बांसडीह से भाजपा की विधायक केतकी सिंह की सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर टोंटी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद बलिया से लखनऊ तक की सियासत गरमा गई है। भाजपा विधायक के बयान के खिलाफ सपा ने केतकी सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। जहां, लखनऊ में विधायक के आवास पर प्रदर्शन भी किया गया। वहीं, सपा की अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एडवोकेट कृष्ण कन्हैया पाल ने केतकी सिंह को अब मानहानि का नोटिस भेजा है। हाल ही में केतकी सिंह ने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुख्यमंत्री आवास से गायब टोंटियों का हिसाब मांगा था। नोटिस में केतकी के इस बयान को लेकर कहा गया है कि यह स्पष्ट हो गया कि आपने दुर्भावनापूर्ण रूप से आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब अखिलेश यादव और सपा ने मुख्यमंत्री आवास से टोटियों की चोरी की थी। आपने जानबूझकर सपा के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में कन्नौज से संसद सदस्य (लोकसभा) अखिलेश यादव को बदनाम करने के गुप्त इरादे से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की व्यवस्था की और उसमें बयान दिया। टोटियां चोरी कीं बयान के खिलाफ नोटिस नोटिस में बयान को लेकर लिखा है, केतकी से एक सवाल किया गया। सवाल था कि अखिलेश कल बिहार चुनाव प्रचार में गए थे, लेकिन इनका एक भी उम्मीदवार वहां खड़ा नहीं था, फिर भी गए हैं चुनाव प्रचार में, आप कैसे देखते हैं? इस सवाल के जवाब में केतकी ने कहा कि अच्छा बहुत दिन से हो गया होगा अपने एसी कमरे में रहते हुए साहब को लगा होगा कि मैं भी घूम कर आता हूं। चुनाव चुनाव खेलकर आता हूं। पर अभी उनके एक ऑफिसिलय ट्विटर से और समाजवादी ट्विटर से भी मैंने देखा कि मेरे खिलाफ उन्होंने कोई ट्वीट वगैरह किया था। तो मैं तो यह कहना चाहूंगी कि ठीक है, आप वहां जाकर जो वोट मांगना है वो लीजिए, परंतु पहले यूपी की जनता को वो टोटियां लौटाइए जो आप मुख्यमंत्री आवास खाली करते हुए ले गए वे। अब मुझे नहीं लगता अखिलेश यादव जी जैसे बड़े नेता ऐसी हरकत कर सकते हैं, परंतु उन्हें पता जरूर करवाना चाहिए कि समाजवादी पार्टी में ऐसे कौन लोग थे जो टोटियां उखाड़ कर ले गए थे। पहले यूपी की जनता को, जिसने उन्हें चार बार मुख्यमंत्री बनाया, उनकी टोटिया वापस कीजिए, उसके बाद आगे की बात होगी। केतकी बिना शर्त मांगें माफी नोटिस में लिखा गया है कि उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, आपसे अनुरोध है कि आप अखिलेश यादव और सपा के पक्ष में बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक रूप से माफीनामा जारी करें, जिसे इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाए। ऐसा न करने पर, मैं आपके विरुद्ध सक्षम न्यायालय में मानहानि के लिए उचित दीवानी और आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के लिए बाध्य हो जाऊंगा, जिसमें आपके संपूर्ण जोखिम, लागत और परिणामों पर कम से कम 5 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा जाएगा।

रमन अरोड़ा पर नया केस, जमानत मिलते ही हुई गिरफ्तारी

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक रमन अरोड़ा को जालंधर की रामा मंडी पुलिस एक नए मामले में प्रोडक्शन वारंट पर ले गई। रमन अरोड़ा भ्रष्टाचार के मामले में नाभा की नयी ज़िला जेल में बंद थे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 105 दिनों के बाद रमन अरोड़ा को ज़मानत दी थी। रमन अरोड़ा को बृहस्पतिवार दोपहर जेल से रिहा किया जाना था। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के एक दिन बाद, जालंधर सेंट्रल से आप विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ रामा मंडी थाने में एक नया मामला दर्ज किया गया है। विधायक के खिलाफ यह मामला 30 अगस्त को एक निजी संस्था द्वारा दर्ज कराई गई जबरन वसूली की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। विधायक को 23 मई को गिरफ्तार किया गया था। सनौर के विधायक पठानमाजरा के 11 मददगार गिरफ्तार : पटियाला पुलिस ने सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पुलिस हिरासत से भागने में मदद करने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर फरार विधायक ने अपने वकीलों के माध्यम से अग्रिम ज़मानत याचिका दायर की है। शुक्रवार को सुनवाई होगी।

वास्तु टिप्स: कछुए की मूर्ति से मिलता है धन-समृद्धि का आशीर्वाद

  माना जाता है कि जिस घर में वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखा जाता है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि का माहौल बना रहता है। वहीं वास्तु नियमों की अनदेखी करने पर व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना करना पड़ता है, जिससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप किस तरह अपने घर में कछुए की मूर्ति रख सकते हैं, जिससे आपको लाभ होगा। मिलते हैं ये फायदे वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में कछुए की मूर्ति (tortoise vastu tips) रखने से जीवन में धन-समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। साथ ही इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर बनी रहती है। इतना ही नहीं वास्तु के अनुसार, घर में कछुए की मूर्ति रखने से वास्तु दोष भी दूर होता है। किस दिशा में रखना है शुभ कछुए की मूर्ति को हमेशा घर की उत्तर या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। इस दिशा में पीतल, सोना या फिर चांदी से बनी कछुए की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। वहीं अगर आप क्रिस्टल से बनी कछुए की मूर्ति रख रहे हैं, तो इसे ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में कछुए की इस तरह की मूर्ति घर में रखना शुभ माना गया है, जिसमें कछुआ पानी के अंदर हो। इस पानी को रोजाना बदलना चाहिए। कहां रखें कछुएं की मूर्ति बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी कछुए की मूर्ति रखना काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में आप इसे बच्चों के कमरे में रख सकते है। इसके साथ ही कछुए की मूर्ति को मुख्य द्वार के पास रखना भी लाभकारी माना जाता है। मूर्ति को कुछ इस तरह से रखें कि कछुए का मुंह घर के अंदर की तरफ हो।  

गर्भवती महिलाएं चंद्रग्रहण में रखें विशेष ध्यान, वरना हो सकता है असर

साल 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण जल्द ही लगने वाला है. साल का दूसरा चंद्रग्रहण भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि को लगेगा. यह साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा. 7 सितंबर को लगने वाला चंद्रग्रहण बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है. यह ग्रहण भारत में भी नजर आएगा. 7 सितंबर को लगने वाले चंद्र ग्रहण से गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी होगी. मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान ब्रह्मांड में शक्तिशाली तरंगें सक्रिय हो जाती हैं. इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है, ताकि मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सुरक्षा हो सके. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के रहना चाहिए. मान्यता है कि इस दौरान निकलने वाली हानिकारक किरणें गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकती हैं. साथ ही चंद्र ग्रहण के समय आमतौर पर कुछ भी खाने से परहेज किया जाता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं को ताज़े फल, सात्विक भोजन और जरूरी दवाइयां लेने की अनुमति होती है. चंद्र ग्रहण के दिन प्रेग्नेंट महिलाओं को तेज धार वाली या नुकीली चीजों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.इस दौरान घर की खिड़कियां और दरवाजे को बंद कर लेना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की किरणें घर के अंदर प्रवेश ना कर सके. गर्भवती महिलाएं को ग्रहण के समय ध्यान और मंत्र जाप करने की सलाह दी जाती है और उनके लिए भगवान का नाम लेना और मंत्र जाप करना लाभकारी होता है.चंद्र ग्रहण से पहले और बाद में स्नान करना जरूरी होता है. मान्यता है नहाने से नकारात्मक असर को दूर किया जा सकता है.

क्या 22 सितंबर से पहले गिरेंगे FMCG और इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम?

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने करीब 400 वस्‍तुओं और सेवाओं पर जीएसटी (GST) दरों में बड़ी कटौती कर दी है. जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू होगी. खाने-पीने के सामान से लेकर रोजमर्रा की चीज़ें, इलेक्ट्रॉनिक्स, गाडियां और बीमा सस्ते हो जाएंगे. सरकार चाहती है कि इस कटौती का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे और जीएसटी कटौती का असर 22 सितंबर को दिखना लग जाए. लेकिन, सवाल यह है कि आने वाले 17 दिनों में लोगों को जीएसटी में कमी का फायदा देने के लिए कंपनियां और दुकानदार कितने तैयार हैं और वो कैसे इसे आम आदमी तक पहुंचाएंगे? यह प्रश्‍न इसलिए उठ रहा है क्‍योंकि पहले ही हजारों टन पुराना माल दुकानों और गोदामों तक पहुंच चुका है, जिन पर पुरानी दर का टैग लगा हुआ है. ऐसे में कंपनियों और दुकानदारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे दाम कैसे घटाएं और उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ कैसे दें. कंपनियों कैसे करेगी फायदा पास ऑन इसका पहला तरीका है कीमतों का समायोजन यानी प्राइस एडजेस्‍टमेंट (Price Adjustment). कंपनियां पुरानी दर वाले माल के लिए डीलरों को क्रेडिट नोट देंगी. उदाहरण के लिए, अगर किसी डीलर ने साबुन का एक कार्टन पुराने टैक्स पर खरीदा है और अब उसकी कीमत घट गई है, तो कंपनी उसे बराबर का क्रेडिट देगी. इससे डीलर नुकसान में नहीं रहेगा और ग्राहकों को सस्ता दाम मिल सकेगा. सॉफ्टवेयर और बिलिंग अपडेट बड़ी रिटेल चेन जैसे बिग बाजार, रिलायंस या डीमार्ट जैसी कंपनियों के पास तकनीकी सिस्टम हैं. ये अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर और पॉइंट-ऑफ-सेल मशीनों को तुरंत अपडेट कर सकती हैं. 22 सितंबर से इनके बिल पर सीधे नए रेट दिखाई देंगे. हालांकि छोटे किराना और मोहल्ले की दुकानों को यह बदलाव करने में थोड़ी मुश्किल होगी, क्योंकि उनके पास उतना तकनीकी ढांचा नहीं है. नई स्टिकरिंग और पैकिंग साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट जैसे उत्पादों पर नई एमआरपी (MRP) वाली स्टिकर चिपकाई जाएगी. कंपनियों ने टीम लगाई हैं जो गोदाम और दुकानों में जाकर पुराने पैक पर नई कीमत की स्टिकर लगाएंगे. कई कंपनियां ट्रेड स्कीम्स और प्रमोशन को फिर से तय कर रही हैं. हो सकता है कि कुछ जगह कीमत घटाने की बजाय पैक का वजन बढ़ा दिया जाए. जैसे, 10 रुपये वाले बिस्किट पैक में पहले से ज्यादा बिस्किट मिल सकते हैं. किन-किन क्षेत्रों में असर दिखेगा रोजमर्रा के सामान (FMCG): नमकीन, बिस्किट जैसे तय दाम वाले पैक में वजन बढ़ेगा. वहीं शैंपू, साबुन, टूथपेस्ट जैसी चीज़ों पर सीधे नए दाम चिपका दिए जाएंगे. दुकानदारों को कंपनी से रेट डिफरेंस का क्रेडिट मिलेगा. कंज्यूमर ड्यूरेबल्स : इन पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है. कंपनियां कह रही हैं कि त्योहारी सीजन में बिक्री तेज होगी. उदाहरण के लिए, पहले 20,000 रुपये का एसी पर 5,600 रुपये टैक्स लगता था, अब 3,600 रुपये लगेगा. 2,000 रुपये का सीधा फायदा उपभोक्ता को मिलेगा. होटल और हवाई यात्रा: 7,500 रुपये प्रति रात से कम वाले होटल रूम अब 12% की बजाय 5% जीएसटी पर मिलेंगे. लेकिन फायदा सिर्फ उन ग्राहकों को होगा जो होटल पर पहुंचकर पेमेंट करेंगे. पहले से बुक और पेमेंट किए कमरे पर पुरानी दर ही लागू होगी. हवाई यात्रा में उल्टा असर है. प्रीमियम इकोनॉमी, बिजनेस और फर्स्ट क्लास टिकट पर जीएसटी 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है. बीमा (Insurance): हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी अब पूरी तरह जीएसटी से मुक्त होंगी. इसका मतलब है कि उपभोक्ता को 18% की सीधी बचत होगी. हालांकि कंपनियां प्रीमियम घटाने की बजाय अतिरिक्त सुविधाएं जैसे पर्सनल एक्सीडेंट कवर या ज्यादा अस्पतालों में कैशलेस सुविधा दे सकती हैं. ऑटो सेक्टर: यह क्षेत्र फिलहाल थोड़ी परेशानी में है. पीएम मोदी के 15 अगस्त वाले भाषण के बाद से डीलरों ने भारी स्टॉक जमा कर लिया था. अब दरें घटने से पुराने स्टॉक पर उन्हें नुकसान हो रहा है. जैसे पहले जिस कार पर 50% टैक्स लगता था, अब 40% लगेगा. लेकिन डीलर ने पहले ही पुराना टैक्स भर दिया है, उसका रिफंड नहीं मिलेगा.