samacharsecretary.com

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने केजीएमयू जाकर घायल छात्रों से की मुलाकात

छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा- मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय लखनऊ, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय शुक्रवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय  लखनऊ पहुंचे, जहाँ उन्होंने रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में एलएलवी पाठ्यक्रम की मान्यता नवीनीकरण एवं अवैध वसूली को लेकर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से भेंट की। मंत्री ने घायल छात्रों से उनका हालचाल पूछा, उनकी चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली और उन्हें हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुलाकात के दौरान छात्रों ने मंत्री को वीडियो दिखाते हुए विस्तार से बताया  कि किस प्रकार शांतिपूर्ण ढंग से अपनी समस्याएँ उठाने पर भी उनके साथ बर्बरता की गई। मंत्री ने छात्रों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और कहा कि योगी सरकार छात्रों की न्यायोचित मांगों के साथ खड़ी है तथा उनके हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उच्च शिक्षा मंत्री को घायल छात्रों ने अवगत कराया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के स्थानीय असामाजिक तत्वों ने छात्रों पर हमला किया तथा मौजूदा पुलिस कर्मियों ने उनके साथ मिलकर पाशविक कृत्य किया। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और मंडलायुक्त को  मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा परिषद के सचिव दिनेश राजपूत की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही पर भी गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि एलएलवी पाठ्यक्रम की मान्यता का समय से नवीनीकरण न कराना, बिना अनुमति के प्रवेश लेना, छात्रों से अवैध वसूली करना और उनकी जायज मांगों को दबाने के लिए बाहरी तत्वों की मदद लेना गंभीर अपराध है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार किसी भी हालत में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि सभी मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो और छात्रों को अनावश्यक दबाव या अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से किया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग से।

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ वेतनमान देने की घोषणा प्रदेश के 55 लाख विद्यार्थियों को गणवेश खरीदने 330 करोड़ राशि हुई अंतरित राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को किया सम्मानित भोपाल  राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही शासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ की राशि अंतरित की। आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षकों को क्रमोन्नत योजना प्रभावशील होने से चतुर्थ समयमान वेतनमान के लाभ के समरूप चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिये जाने की घोषणा की। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि समय की जरूरत है कि सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें और परिवार एवं समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ विवेकानंद जयंती पर संवाद कर इस दिशा में पहल की है। गुरूजन के सम्मान और गुरू शिष्य परम्परा की महत्ता भारत की गौरवशाली संस्कृति की धरोहर है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण युग की गुरू शिष्य परम्परा से प्रेरणा लेकर बच्चों को संस्कारित करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश और समाज के निर्माता शिक्षक होते हैं, वह भावी पीढ़ी को संस्कार, ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। व्यक्तित्व का विकास और चरित्र निर्माण करते हैं। भावी जीवन की सफलताओं के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार का भाव सारे जीवन बना रहे, इसके लिए शिक्षकों और पालकों को आगे आना होगा। उन्होंने आधुनिक समाज में बच्चों की आत्म हत्या की बढ़ती चुनौती के प्रति चिंता व्यक्त की। पटेल ने कहा कि समारोह का आयोजन राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के देश, समाज के निर्माण में उनके समर्पण और निष्ठा के प्रति देशवासियों का आभार प्रदर्शन है। शिक्षा वह शक्ति और साधन है जो राष्ट्र को ज्ञान, कौशल और जीवन के मूल्यों से संस्कारित करती है। राष्ट्र को सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए सक्षम बनाती है। राज्यपाल पटेल ने गर्व के साथ कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नया आयाम प्रदान किया है। उन्होंने देश की स्थानीय, वैश्विक जरूरतों और भारत को दुनिया की ज्ञान की महाशक्ति बनाने के लिए दूरगामी छात्र केंद्रित राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति संभवतः आजादी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अभिनव प्रयास और राष्ट्र की जन भावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में राज्य के प्रथम नागरिक के रूप में राज्यपाल ने सभी शिक्षकों का अभिनंदन किया और सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी, भारतीय संस्कृति के प्रबल पोषक, चिंतक और संवाहक डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर नमन भी किया। एक लाख 50 हजार शिक्षकों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की प्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। सभी पात्र शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात वित्त वर्ष 2025-26 से मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान और उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए हमारी सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है। प्राचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे, जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया। उसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ज्ञान पाना और ज्ञान देना दोनों सुसंस्कृत समाज के निर्माण के लिए जरूरी है। ज्ञान का दान समाज की सेवा भी और अपने नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण भी है। हमारे गुरुजन बड़े प्रभावी तरीके से इस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। गुरु के बिना जीवन तमस में होता है। गुरु ही अपने ज्ञान से सबके जीवन को ज्योतिर्मय बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शिक्षा ही व्यक्ति को सुसंस्कृत और संस्कारवान इंसान बनाती है। दशरथनंदन श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने का श्रेय आचार्य विश्वामित्र को जाता है, वहीं गुरु सांदीपनि ने कान्हा को वह शिक्षा दी, जिसने उन्हें भगवत गीता का ज्ञान देने वाला श्रीकृष्ण बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय हैं, क्योंकि वे अपने ज्ञान और परिश्रम से शिक्षा के मंदिरों को प्रकाशित करते हैं। प्रदेश सरकार शिक्षकों के मान-सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों का अभिवादन कर प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को आदरांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक महान दार्शनिक और विद्वान थे, जिन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा को अपनी प्रतिभा से गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। दुश्मन से रक्षा के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने आधुनिक सुदर्शन चक्र विकसित कर सेना को सौंपा है। भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम, जियो और जीने का संदेश दुनिया को दिया है। भारत ने विश्व गुरु रहते हुए शिक्षा के माध्यम से … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का किया सम्मान

प्रदेश के 2204 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को वितरित किये गये टैबलेट सीएम योगी ने किया प्रदेश के 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में दो-दो स्मार्ट क्लास का लोकार्पण एससीईआरटी की बाल कहानी संग्रह ‘गुल्लक’ और ‘उद्गम’ पुस्तिका का सीएम ने किया विमोचन उद्गम के डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ समर कैम्प और वृक्षारोपण पर आधारित लघु फिल्म का किया गया प्रदर्शन लखनऊ, राजधानी के लोकभवन सभागार में शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत रत्न, पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र के कुल 81 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसमें बेसिक शिक्षा के 66 और माध्यमिक शिक्षा के 15 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए शामिल किया गया। 'उद्गम' के डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ कार्यक्रम में एससीईआरटी द्वारा तैयार की गई बाल कहानी संग्रह 'गुल्लक', 'बाल वाटिका' हस्त पुस्तिका, शैक्षिक नवाचारों के संकलन की पुस्तिका 'उद्गम' का विमोचन और उद्गम के डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। बता दें कि 'गुल्लक' के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों के ज्ञान को सहज और रोचक बनाने के साथ साथ नैतिक एवं मानवीय मूल्यों को विकसित करने में सफल हो सकेंगे। पुस्तक 'उद्गम' में शिक्षकों द्वारा विद्यालयों में किये जा रहे नवाचारों के उत्कृष्ट प्रयासों को समाहित किया गया है। इसके अलावा बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित समर कैम्प और वृक्षारोपण से संबंधित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन हुआ। समारोह की शुरुआत जनता गर्ल्स आलमबाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना से की। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े 5-5 प्रधानाचार्य/शिक्षकों को सम्मान स्वरूप 25 हजार की धनराशि, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न के रूप में मां सरस्वती की प्रतिमा एवं शाल भेंट किया गया। बेसिक शिक्षा के इन शिक्षकों का सीएम ने किया सम्मान सम्मानित शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग से भदोही के सहायक अध्यापक संतोष कुमार सिंह, मेरठ से सहायक अध्यापिका रेनू सिंह, लखीमपुर खीरी से सहायक अध्यापिका मोहिनी श्रीवास्तव, प्रयागराज से सहायक अध्यापिका डॉ. रीना मिश्रा, गोरखपुर से सहायक अध्यापक प्रमोद कुमार सिंह शामिल रहे। माध्यमिक शिक्षा से जुड़े इन शिक्षकों का सीएम ने किया सम्मान माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हमीरपुर के प्रधानाचार्य रामप्रकाश गुप्त, गाजियाबाद की अध्यापिका वाणिज्य कोमल त्यागी, बरेली से प्रधानाचार्य चमन जहां, जौनपुर से प्रधानाचार्य जंगबहादुर, गोरखपुर के विज्ञान अध्यापक डॉ. वीरेन्द्र कुमार पटेल को मुख्यमंत्री ने मंच से सम्मानित किया। 2204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को वितरित किया गया टैबलेट इस अवसर पर प्रदेश के 2204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को टैबलेट वितरण किया गया। इनमें महोबा से सरगम खरे और ज्ञानवंत सिंह, प्रयागराज के धर्मेन्द्र कुमार, चंदौली के राजेश यादव और गाजियाबाद की डॉ. विभा चौहान को मुख्यमंत्री द्वारा मंच से टैबलेट प्रदान किया गया। 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास का भी लोकार्पण किया और पांच विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इस बाबत मंच से प्रमाण पत्र प्रदान किया। इनमें बांदा के अजय प्रकाश सिंह, गाजीपुर के दिनेश यादव, गोरखपुर की किरणमई तिवारी, ललितपुर की अंजना वर्मा और गोरखपुर से विश्वप्रकाश सिंह शामिल थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, प्रभारी मुख्य सचिव एवं माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा सहित प्रदेशभर से आये शिक्षकगण उपस्थित रहे। गुणवत्तापूर्ण कंटेंट के माध्यम से बच्चों को समान शिक्षा मिल रही बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार बच्चों को आधुनिक पद्धति से बिना भेदभाव शिक्षा प्रदान कर रही है। स्मार्ट क्लास, अच्छे शिक्षक और गुणवत्तापूर्ण कंटेंट के माध्यम से बच्चों को समान शिक्षा मिल रही है। सरकार बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षक विद्यार्थी को विद्वान बनाता है और गुरु विद्यार्थी को महान माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में नकल पर पूरी तरह नकेल लगी है। नकल माफिया अब पराजित हैं और पकड़े जाने पर उन्हें एक करोड़ रुपए का जुर्माना और आजीवन कारावास का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थी को विद्वान बनाता है और गुरु विद्यार्थी को महान। शिक्षक समाज और बच्चों के लिए आदर्श हैं।

बीजेपी बैठक में सीएम बोले– विपक्ष खतरे से भागता है, वन नेशन-वन इलेक्शन पर चर्चा

भोपाल  भोपाल में भाजपा कार्यालय में सेवा पखवाड़े की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालय और लोकतांत्रिक संस्थाओं की धज्जियां उड़ाने वाली पार्टी है. सीएम ने कहा कि – 'विपक्ष शुतुरमुर्ग की तरह खतरे से आंख मूंदकर जनता को भ्रमित कर रहा है, जबकि भाजपा के तपोनिष्ठ कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है और कांग्रेस के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।' 17 दिनों में हम अपने कामों को नीचे तक लेकर जाएं CM ने कहा- 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर सेवा पखवाड़े चलेगा। सारी गतिविधियां और कार्यक्रम चलेंगे। आज के समय हमारी भूमिका को जनता के बीच जिस ढंग का माहौल हमारे विपक्षी लोग कर रहे हैं। दुनिया भारत को सम्मान और गर्व की निगाह से देख रही है। आज के इस दुविधापूर्ण समय में कांग्रेस अपना काम कर रही है। लेकिन, हम अपनी पार्टी और केन्द्र सरकार के एक-एक काम को सेवा पखवाड़े के माध्यम से नीचे तक ले जाएं। और ताकत के साथ हम अपने विषय रखें। हम अपनी जड़ें और नीचे तक बनाते जाएं। ये 17 दिन का समय हमारे लिए हमारी पूरी व्यवस्थाओं को नीचे तक विश्वास बनाने का अवसर है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव भाजपा ने प्राप्त किया है। आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं सीएम ने कहा- शहजादों की भाषा उनके अपने आचरण और व्यवहार जो अपने आपको पार्टी भले ही कहती हो। लेकिन, सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा है। हम अपने एक-एक काम से संदेश दे रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता यदि काम कर रहे हैं तो वह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होकर सांस्कृतिक धारा में तपोनिष्ठ कार्यकर्ता की तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। राजनीतिक विचारधारा में आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हैं सीएम ने कहा- हमारी राजनीतिक यात्रा जनसंघ के जमाने से शुरू हुई थी। उस यात्रा के आधार पर हमने सफलता के परचम लहराए हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हुए हैं। दुश्मनों के हालात आज उनके लिए तो करो या मरो के समान हैं। इसलिए वो सारे नाटक कर रहे हैं। जिसके आधार पर उनको लगता है कि वो मूल उद्देश्य की प्राप्ति कर लेंगे। हमारे दुश्मन रावण की तरह आते हैं सीएम ने कहा- आज हमारे राज्य में और कई सारे राज्यों में चुनाव की कोई बेला नहीं हैं। ऐसे में हम अपनी बात बहुत शिष्टता से करें। लेकिन दुश्मन बहुत चालाक है। वो भगवान राम के समय से माता सीता का अपहरण करने साधु के वेश में आता है। वो उसी नाटक से आज भी बाहर नहीं आ रहे। इसलिए, आज भी वो संविधान की किताब दिखाते हुए। उन्होंने सौ-सौ बार संविधान का संशोधन करते हुए अपना चरित्र दिखाया। चुनाव आयोग ने दमदारी से जवाब दिया सीएम ने कहा कि आज कांग्रेस न्यायालय की बात करती है, लेकिन न्यायालय की धज्जियां उड़ाने का इतिहास भी कांग्रेस का ही रहा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी विश्वसनीयता चुनाव आयोग की होती है, लेकिन कांग्रेस उसके खिलाफ जिस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग का धन्यवाद करता हूं कि आजादी के बाद पहली बार चुनाव आयोग ने मजबूती और दमदारी से अपनी बात रखी है। चुनाव आयोग की यही भूमिका होनी चाहिए- सही को सही और गलत को गलत कहना। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है, लेकिन आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि वह न पक्ष में है, न विपक्ष में, बल्कि निष्पक्ष है। आयोग ने कहा कि सभी पंजीकृत दल हमारे लिए बराबर हैं। खतरे को देख रेत में सिर घुसा लेते हैं सीएम ने कहा- न्यायालय की परंपरा के आधार पर देश गौरवान्वित हुआ था, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होते हुए पद का दुरुपयोग कैसे कर सकती हैं। इसके खिलाफ वो सच्चाई सामने लाए। और ये शुतुरमुर्ग की तरह आने वाले खतरे को देखकर अपनी मुंडी रेत में घुसाकर जनता को बेवकूफ बनाने वाले लोग हैं। शुतुरमुर्ग का यह तरीका रहता है जब वह खतरे का सामना नहीं कर पाता है तो रेत में अपना सिर घुसा कर सोचता है कि खतरा टल गया। राम के नाम पर देश में दंगे कराने का पाप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने एक-एक फैसले से देश का नुकसान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वे लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम के मुद्दे पर देश में दंगे कराए। इन्हीं के कारण तीन तलाक की प्रथा बनी रही, जिसने मुस्लिम बहनों की जिंदगी को नरक बना दिया। आजादी के बाद धारा 370 लगाने के चलते 40 हजार निर्दोष लोगों की जान गई, जिसका पाप भी कांग्रेस के सिर पर है। विपक्ष के लिए आने वाला वक्त और चुनौती का सीएम ने कहा कि आज का समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है। विपक्ष को मालूम है कि आने वाला वक्त उनके लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। इसी कारण वे आखिरी कोशिश करेंगे कि किसी भी तरह भाजपा के विजय रथ को रोक सकें। लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा के कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। वे तपोनिष्ठ और समर्पित हैं। मध्यप्रदेश तो संगठन की नर्सरी है, जहां हर बूथ से मजबूत कार्यकर्ता तैयार होकर निकलते हैं। इसी संगठन और कार्यकर्ताओं की फौज के बल पर हम हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।  

रूसी तेल पर भारत अडिग, ट्रंप ने यूरोप से कहा– सिर्फ हमें नहीं, चीन को भी रोको

वाशिंगटन रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत को टैरिफ का दंड देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब यूरोप के पीछे पड़ गए हैं. गुरुवार को दुनिया के नेताओं के साथ एक बैठक में उन्होंने कहा कि यूरोप को रूसी तेल खरीदना बंद कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध को खत्म करने के लिए चीन पर आर्थिक दबाव डालना चाहिए. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अमेरिका ब्रॉडकास्टर सीएनएन को यह जानकारी दी. ट्रंप ने गुरुवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के साथ 'Coalition of the Willing' की बैठक में यह टिप्पणी की. यह यूक्रेनी सहयोगियों का एक समूह है जो युद्ध को समाप्त करने और भविष्य के हमलों से यूक्रेन को सुरक्षा प्रदान करने की कोशिश कर रहा है. यूरोपीय देशों पर ट्रंप की टिप्पणी के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन में शांति को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि 26 देशों ने वादा किया है कि अगर युद्ध विराम समझौते को अंतिम रूप दिया जाता है तो वे संभावित शांति सेना में योगदान देंगे. हालांकि, माना जाता है कि अमेरिकी के बिना यूरोपीय देश यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पाएंगे. मैक्रों ने गुरुवार को इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि यूक्रेन की सेना को मजबूत करने और यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों को तैनात करने में तीसरा फैक्टर अमेरिका का 'सेफ्टी नेट' होना चाहिए. फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, 'आने वाले दिनों में हम इन सुरक्षा गारंटियों के लिए अमेरिकी समर्थन को अंतिम रूप दे देंगे.' पुतिन के साथ मीटिंग के हफ्तों बाद भी रूस के साथ ट्रंप की बात नहीं बन रही ट्रंप और यूरोपीय नेताओं की यह बैठक यूक्रेन में युद्ध समाप्त न करा पाने की ट्रंप की हताशा के बीच हो रही है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन के लगभग तीन हफ्ते बाद भी ट्रंप शांति वार्ता में प्रगति न होने से लगातार निराश हो रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप इस बात पर विचार कर रहे हैं कि रूस और यूक्रेनी नेताओं के बीच बैठक कराने में उन्हें पर्सनली कितना शामिल होना चाहिए. रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच किसी भी शीर्ष स्तरीय बैठक से पहले 'काफी काम' करने की जरूरत है. व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि मैक्रों और यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप को बैठक में बुलाया था जिसमें ट्रंप ने 'इस बात पर जोर दिया कि यूरोप को रूसी तेल खरीदना बंद करना चाहिए क्योंकि इससे रूस को युद्ध में मदद मिल रही है. ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस ने एक साल में यूरोपीय संघ को ईंधन बेचकर 1.1 अरब यूरो कमाया है. अधिकारी ने कहा, 'राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि यूरोपीय नेताओं को रूस के युद्ध प्रयासों की फंडिंग के लिए चीन पर आर्थिक दबाव डालना चाहिए.' रूस के साथ व्यापार करने वालों को निशाना बना रहे ट्रंप लेकिन… रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही ट्रंप रूस के साथ बिजनेस करने वाले देशों को निशाना बना रहे हैं लेकिन निजी तौर पर वो इस बात से फिक्रमंद भी हैं कि ऐसा करने से रूस के साथ यूक्रेन में युद्ध खत्म करने की वार्ता प्रभावित हो सकती है.  जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा कि वो ऐसा पहले ही कर चुके हैं. ट्रंप ने कहा, 'मैंने भारत के संबंध में पहले ही ऐसा कर दिया है.' उन्होंने रूसी तेल आयात करने को लेकर भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50% करने के अपने फैसले का जिक्र किया. 

2047 तक हर जिले को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ेगा यूपी, निवेश और उद्योग को मिलेगी रफ्तार

जेवर एयरपोर्ट बनेगा कार्गो और ट्रांजिट हब, प्रदेश को मिलेगा वैश्विक मानचित्र पर स्थान जेवर में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल सेंटर से विमानन क्षेत्र को मिलेगी नई ऊंचाई अब तक 16 घरेलू हवाई अड्डे संचालित, 5 निर्माणाधीन लखनऊ, उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित यूपी बनाने के संकल्प में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एयर कनेक्टिविटी को एक निर्णायक आधारस्तंभ माना है। उनका स्पष्ट विजन है कि आने वाले 22 वर्षों में प्रदेश को एविएशन सेक्टर का हब बनाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘एक मंडल एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ का संकल्प लिया है। इसके साथ ही हर ज़िले को न केवल सड़क और एक्सप्रेसवे बल्कि हवाई मार्ग से भी जोड़ा जाएगा। 2047 का विजन : विकसित यूपी की उड़ान आगामी वर्षों में यूपी में ग्रीन स्मार्ट हाईवे, एयर कार्गो हब, रीजनल एयरस्ट्रिप्स, हेलिपोर्ट और आधुनिक एविएशन इकोसिस्टम तैयार किए जाएंगे। हर जिले को एयर कनेक्टिविटी से जोड़कर प्रदेश को लॉजिस्टिक पावरहाउस बनाया जाएगा। यह प्रयास केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यूपी को वैश्विक निवेश और औद्योगिक विकास का केंद्र बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह विजन उत्तर प्रदेश को 2047 तक उस मुकाम पर ले जाएगा जहां से प्रदेश न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए एविएशन पावर सेंटर बनकर उभरेगा। 2017 से पहले की स्थिति 2017 से पहले प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बेहद सीमित थी। केवल चुनिंदा हवाई अड्डे संचालित हो रहे थे और अधिकांश जिले हवाई नेटवर्क से कटे हुए थे। औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हवाई संपर्क लगभग न के बराबर था, जिससे निवेश और विकास दोनों प्रभावित होते थे। 2017 से 2025 तक का विकास योगी सरकार ने बीते साढ़े आठ सालों में इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया। प्रदेश में अब तक 16 घरेलू हवाई अड्डे संचालित हो चुके हैं और 5 नए एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं। साथ ही 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे विकसित किए जा चुके हैं। इसके अलावा पांचवां जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो एशिया के सबसे बड़े और अत्याधुनिक हवाई अड्डों में गिना जाएगा। यह एयरपोर्ट न सिर्फ यात्रियों के लिए बल्कि कार्गो और ट्रांजिट हब के रूप में भी गेम-चेंजर साबित होगा। यहां एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर की स्थापना की जा रही है, जो प्रदेश को वैश्विक विमानन मानचित्र पर नई पहचान देगा।

सेंचुरी ऑफ़ रिनपास: CM हेमंत ने बताया– संस्थान की सारी कमियां जल्द दूर होंगी

रांची रिनपास शताब्दी समारोहः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि रांची इंस्टीट्यूट ऑफ़ न्यूरो साइकेट्री एंड एलाइड साइंस ( रिनपास ) में जल्द कई बदलाव देखने को मिलेंगे। हेमंत सोरेन ने गुरूवार को यहां रिनपास के 100 वर्ष पूरा होने के अवसर पर आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि रिनपास में आधारभूत संरचना तथा शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। यहां जो भी कमियां होगी, उसकी विस्तृत समीक्षा कर उसे दूर किया जाएगा। यहां मानसिक मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिले, उनका अत्याधुनिक तरीके से इलाज की समुचित व्यवस्था हो, इस दिशा में राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सेवा, समर्पण और विश्वास के गौरवशाली सौ वर्ष पूरे होने पर रिनपास से जुड़े सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय रिनपास जैसे संस्थानों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। जिस तरह लोग मानसिक अवसाद की गिरफ्त में आ रहे हैं। वैसे में उन्हें बेहतर काउंसलिंग और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। हालांकि , कोई भी व्यक्ति यह नहीं चाहता कि उसे रिनपास जैसे संस्थान में आने की नौबत आए, लेकिन मानसिक परेशानी, मजबूरी और परिस्थिति कई लोगों को यहां तक आने को मजबूर करती है। ऐसे में यहां आने वाले मनोरोगी पूरी तरह स्वस्थ होकर जाएं, इसके लिए यहां इलाज की बेहतर से बेहतर व्यवस्था व्यवस्था की जाएगी।  

‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी में बतौर अध्यक्षता बोले मुख्यमंत्री

युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में हो रहा आयोजन सुरक्षा के माहौल में ही प्राप्त किया जा सकता है समृद्धि का लक्ष्य गोरखपुर, मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नागरिकों के संरक्षण और दुष्टों का संहार करके ही कोई राष्ट्र सुरक्षित रह सकता है।सुरक्षा के माहौल में ही स्मृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। सीएम योगी शुक्रवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में समसामयिक विषयों पर आयोजित संगोष्ठी श्रृंखला के पहले दिन ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे थे। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आचार्य चाणक्य के एक उद्धरण का उल्लेख करते हुए कहा कि," कोई राष्ट्र वाह्य रूप से सुरक्षित हो और आंतिरक रूप से सुरक्षित न हो तो उसे अराजक राष्ट्र माना जाता है। ऐसा अराजक राष्ट्र शीघ्र समाप्त होने के कगार पर होता है"। पाकिस्तान इसी तरह के अराजक राष्ट्र का उदाहरण है। आंतरिक अराजकता से वह पूरी तरह खोखला हो चुका है। उन्होंने कहा कि अराजकता किसी भी राष्ट्र को दुर्गति की ओर ले जाती है। दुर्गति से अस्तित्व पर संकट होता है। भारत प्राचीनकाल से ही इस पर सजग और सतर्क रहा है। भारत मां के प्रति दुस्साहस बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वैदिककाल से ही भारत में यह शिक्षा दी गई है कि धरती हमारी माता है। कोई भी सुयोग्य पुत्र मां के साथ अराजकता बर्दाश्त नहीं कर सकता। भारत मां की आन, बान, शान के प्रति किसी ने दुस्साहस किया तो उसके खिलाफ हर भारतीय खड़ा होगा। सीएम योगी ने रामायणकाल में उपद्रवियों के नाश के लिए प्रभु श्रीराम के ‘निसिचर हीन करहुं महि…’ संकल्प को रामराज की आधारशिला बताया। इसी परिप्रेक्ष्य में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के ‘परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्’ के उद्घोष को संदर्भित करते हुए कहा कि नागरिकों का संरक्षण और दुष्टों का संहार राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपरिहार्य है। सेना के जवानों के कठिन परिश्रम से नागरिक सोते हैं चैन की नींद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिए गए पंचप्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें सेना के जवानों के प्रति सम्मान का भाव रखने का भी एक संकल्प है। उन्होंने कहा कि नागरिक चैन की नींद इसलिए सो पाते हैं कि हमारे सैनिक देश के मोर्चे पर माइनस 50 डिग्री तापमान में भी देश की सुरक्षा के लिए जागते रहते हैं। भारतीयों के लिए यह गर्व की बात है कि भारतीय सेना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध के तौर तरीके बदले हैं। बदली परिस्थितियों में भी हमारी सेना ने दुश्मन को उसकी सीमाओं का एहसास कराया है। राष्ट्र के लिए समर्पित रहा गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय का जीवन गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय दिग्विजयनाथ जी महाराज और अवेद्यनाथ जी महाराज की पावन स्मृति को नमन करते हुए मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आध्यात्मिक साधना के साथ ब्रह्मलीन महंतद्वय का पूरा जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। पांथिक संकीर्णता में बंधे रहने की बजाय महंतद्वय ने भारत और भारतीयता के लिए किए गए हर आह्वान में बढ़चढ़कर भाग लिया। महंतद्वय की स्मृति में राष्ट्र से जुड़े विषयों पर संगोष्ठी का यह आयोजन गुरु परंपरा के प्रति गौरव की अनुभूति और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर होता है। डॉ. राधाकृष्णन को याद कर सीएम ने दी शिक्षक दिवस की बधाई संगोष्ठी के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर याद किया और इस अवसर पर मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस की बधाई सभी शिक्षकों को दी। सीएम ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन एक दार्शनिक शिक्षक थे। उन्होंने समाज के मुद्दों को दार्शनिक अंदाज में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। युद्ध में सफलता के लिए सरप्राइज फैक्टर महत्वपूर्ण : सीडीएस ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी के मुख्य अतिथि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान ने कहा कि युद्ध में सफलता हासिल करने के लिए सरप्राइज (अचरज) एक महत्वपूर्ण फैक्टर होता है। उरी सर्जिकल स्ट्राइक में भारत ने जमीन के रास्ते जाकर आतंकी ठिकानों को बर्बाद किया, बालाकोट में एयर स्ट्राइक का सहारा लिया गया। जबकि पहलगाम हमले के बाद लो एयर स्पेस, ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। भारतीय सेनाओं ने हर बार दुश्मन को सरप्राइज कर अपना टारगेट पूरा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भारतीय सेनाएं 365 दिन, 24×7 के फार्मूले पर हमेशा तैयार हैं। आतंकवादी कहीं भी हो, उसे ढूढ़कर मारा जाएगा। सीडीएस जनरल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा एक व्यापक और महत्वपूर्ण विषय है। हर वर्ग और व्यक्ति इसे अपने नजरिए से देखता है। किसी देश के राजदूत इसे द्विपक्षीय या बहुपक्षीय दृष्टि से देखते हैं तो अर्थशास्त्री इसे आर्थिक सुरक्षा की दृष्टि से। सैनिक का दृष्टिकोण भिन्न होता है। उन्होंने बताया कि आचार्य चाणक्य ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए चार तथ्य बताए हैं, राष्ट्र के आंतरिक खतरे, वाह्य खतरे, बाहरी सहयोग से आंतरिक खतरे और आंतरिक सहयोग से बाहरी खतरे। सीडीएस ने कहा कि समग्र रूप से राष्ट्र की सुरक्षा के लिए तीन घटक महत्वपूर्ण होते हैं। भूमि की सुरक्षा, विचारधारा की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए इन तीनों की सुरक्षा अनिवार्य है। इस संदर्भ में उन्होंने तीन घेरों सैन्य सुरक्षा, राष्ट्र की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा की विस्तार से चर्चा की। कहा कि सैन्य तत्परता के लिए रक्षा संसाधनों, अनुसंधान एवं विकास के साथ रणनीतिक संस्कृति अहम होती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी भी जरूरी है। युद्ध व अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता सीडीएस जनरल चौहान ने एक जर्मन विद्वान के उद्धरण के हवाले से कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में युद्ध, राजनीति का ही विस्तार है। युद्ध और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अलग अलग नहीं देखा जा सकता है। उन्होंने कहा … Read more

सिर्फ 99 रुपये में घर के हर कोने में मिलेगा WiFi, Airtel का झकास ऑफर

नई दिल्ली एयरटेल एक ऐसा कमाल का ऑफर लेकर आई है जिसकी वजह से सिर्फ 99 रुपये में आपके घर का कोना-कोना WiFi नेटवर्क से भर जाएगा। दरअसल अगर आप भी अपने घर में WiFi का इस्तेमाल करते हैं, तो डेड जोन की समस्या से वाखिफ होंगे। घर में कुछ ऐसी जगहें होती हैं, जहां तमाम तिकड़म भिड़ाने के बावजूद WiFi का नेटवर्क नहीं पहुंचता। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ही एयरटेल Coverage+ Wi-Fi Extender सर्विस लेकर आया है। चलिए डिटेल में जानते हैं कि Airtel आखिर 99 रुपये में क्या ऑफर कर रहा है और इससे आपको क्या फायदा होगा। Mesh WiFi टेक्नोलॉजी पर आधारित Airtel, Mesh टेक्नोलॉजी पर आधारित WiFi एक्सटेंडर की सर्विस ऑफर कर रहा है। इससे आपका घर एक स्मार्ट डिजिटल हब बन जाएगा। दरअसल Mesh पर आधारित एक्सटेंडर्स साधारण एक्सटेंडर की तरह काम नहीं करते। यह टेक्नोलॉजी ज्यादा एडवांस होने के साथ-साथ यूजर फ्रेंडली भी है। इससे न सिर्फ आपके इंटरनेट कनेक्शन की क्वालिटी बेहतर हो जाती है बल्कि पूरे घर में स्टेबल इंटरनेट कनेक्शन मिल पाता है। किन लोगों को फायदा? अगर आपका घर बड़ा है और एक सिंगल WiFi राउटर पूरे घर को कवर नहीं कर पाता या फिर अलग-अलग फ्लोर पर रहने की वजह से आपका WiFi कनेक्शन कमजोर पड़ जाता है, तो Airtel की नई सर्विस आपके लिए ही है। Airtel की मेश आधारित नई सर्विस में पॉड्स को इस तरह से घर में रखा जाता है कि कोई भी डेड जोन न बचे। ये पॉड्स मेन राउटर और आपस में लगातार बात करते रहते हैं। इससे एक सेल्फ हीलिंग अडैप्टिव नेटवर्क बन जाता है। यह 4,000 sq ft तक के एरिया मेंमजबूत कवरेज दे सकता है। इसका प्रीमियम वर्जन और भी बड़ी प्रॉपर्टीज के लिए बनाया गया है। कीमत सिर्फ 99 रुपये Airtel इस प्रीमियम सर्विस को अपने ग्राहकों को सिर्फ 99 रुपये में ऑफर कर रहा है। इस सर्विस के लिए आपको 1000 रुपये का रिफंडेबल डिपॉजिट भी जमा कराना होगा। बता दें कि इसके लिए आपके पास पहले से एक एक्टिव Airtel WiFi कनेक्शन होना चाहिए। इसके बाद आप अगर Airtel Thanks ऐप पर जाकर Mesh सर्च करेंगे, तो आपके सामने इस सर्विस से जुड़ा मेन्यु खुल जाएगा। यहां आप रिफंडेबल डिपॉजिट जमा करवा कर 99 रुपये प्रति महीने की दर एक्सटेंडर मेश पॉड ऑर्डर कर सकते हैं। ध्यान रहे कि अगर आपके घर में एक से ज्यादा पॉड की जरूरत पड़ती है, तो आपको उसी के अनुसार डिपॉजिट और मंथली फीस चुकानी होगी।

दोस्ती के नए रंग: भारत और रूस का चीन के साथ नजदीकी संबंध ट्रंप को नहीं भाया

वॉशिंगटन  50 फीसदी टैरिफ के चलते भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में दरार आई है। भारत, चीन और रूस के बीच दोस्ती बढ़ने लगी है, जिसकी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिर्ची लगी है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा है कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर ट्रंप ने पोस्ट किया, ''ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को सबसे गहरे, सबसे अंधकारमय चीन के हाथों खो दिया है। उनका भविष्य लंबा और समृद्ध हो।" अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यकाल में भारत के प्रति थोड़ा सख्त नजर आ रहे हैं। पहले उन्होंने रेसिप्रोकल टैरिफ के नाम पर भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया तो बाद में रूस से तेल आयात करने के चलते 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाकर कुल टैरिफ 50 पर्सेंट कर दिया। इसकी वजह से भारत और चीन, जिनके बीच सीमा विवाद के बाद से तनाव बना हुआ था, दोनों फिर से करीब आने लगे। हाल ही में चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ बैठक में पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तिकड़ी की खूब चर्चा हुई। तीनों नेताओं एक-दूसरे से बात करते हुए दिखाई दिए। इसे पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के लिए संदेश माना गया। सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुईं तीनों राष्ट्राध्यक्षों की तस्वीरों के बाद अब ट्रंप ने भी टिप्पणी की है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग की तस्वीर भी शेयर की है। इससे पहले, ट्रंप ने चीनी सैन्य परेड में हथियारों को सार्वजनिक तौर पर दिखाए जाने को लेकर भी चीन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि यह परेड चीन ने उन्हें दिखाने के लिए की है। चीन ने सैन्य परेड में फाइटर जेट्स, ड्रोन्स, मिसाइलों समेत तमाम अत्याधुनिक हथियार दिखाए थे। इस परेड में रूस, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया आदि देशों के प्रमुखों को बतौर मेहमान बुलाया गया था। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''बहुत ही अच्छा कार्यक्रम था, लेकिन मुझे पता है कि वह किन वजहों से ऐसा कर रहे हैं। उन्हें विश्वास था कि मैं उसे देख रहा हूं। मैं देख रहा था।''