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जहानाबाद जेल ब्रेक कांड का मुख्य आरोपी ‘लाइटर’ बिहार में गिरफ्तार

पटना बिहार पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 1 लाख के इनामी नक्सली योगेन्द्र रविदास को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 18 मामले दर्ज हैं। पटना जिले का कुख्यात इनामी नक्सली योगेन्द्र रविदास उर्फ लाइटर, जिस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था, गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर बिहार एसटीएफ की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया है। नवंबर, 2005 में वामपंथी उग्रवादी संगठनों द्वारा अपने साथियों को जेल से छुड़ाने एवं विरोधियों को मारने हेतु योजनाबद्ध तरीके से जहानाबाद जेल पर हमला किया गया था। जेल ब्रेक की घटना में उक्त नक्सली शामिल था। उक्त नक्सली के विरूद्ध पटना एवं जहानाबाद जिला के विभिन्न थानों में कुल 18 (अठारह) हत्या, रंगदारी सहित नक्सल से सम्बंधित कांड दर्ज है।  

संजय पाठक के लिए मुश्किलें बढ़ीं: GST व ब्याज के साथ पेनल्टी, जबलपुर में होगी कलेक्शन कार्रवाई

जबलपुर खनिज विभाग जबलपुर की सीमा में आने वाली खदानों में अवैध उत्खनन करने के आरोप में विधायक संजय पाठक से 443 करोड़ वसूलने की तैयारी शुरू हो गई है। यह जिम्मा जबलपुर खनिज विभाग को दिया गया है। विभाग के अधिकारियों ने वसूली करने के लिए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना से स्वीकृति मांगी है। विभाग ने इस संबंध में मांग पत्र तैयार कर कलेक्टर को भेजा है, लेकिन गुरुवार तक इस पर सहमति नहीं मिल सकी। अब संभवतः शुक्रवार को कलेक्टर इस पर सहमति देंगे, जिसके बाद संजय पाठक से वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। खदानों में तय सीमा से ज्यादा किया उत्खनन दरअसल, संजय पाठक ने सन् 2004 से 2017 तक अपनी खदानों में तय सीमा से ज्यादा उत्खनन किया। इसकी जानकारी न तो जबलपुर खनिज विभाग को लगी और न ही भोपाल में बैठे अधिकारियों को। करीब 13 साल तक विधायक ने अपनी स्वीकृत खदानों से तय मात्रा से ज्यादा उत्खनन किया, लेकिन कागजों पर तय सीमा में ही उत्खनन दिखाया गया। इसकी शिकायत जब भोपाल पहुंची तो हड़कंप मच गया और जांच टीम गठित कर संजय पाठक की मां और बेटे के नाम पर ली गई खदानों की जांच की गई।   हर कंपनी से किया अवैध उत्खनन दरअसल भोपाल खनिज विभाग की टीम ने कुछ दिन पहले संजय पाठक की मां निर्मला पाठक और पुत्र यश पाठक के नाम पर ली गई खदानों की जांच की। इसमें आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, निर्मला मिनरल्स, पैसेफिक एक्सपोर्ट और आनंद माइनिंग कार्पोरेशन ने ली खदानों में अवैध उत्खनन लिया। जांच के बाद खनिज विभाग ने आनंद माइनिंग पर 234.51 करोड़, निर्मला मिनरल पर 126.79, पैरोफिक एक्सपोर्ट पर 81.79 करोड़ और आनंद कॉर्पोरेशन से 20.02 करोड़ की पेनल्टी लगाई है। इसे वसूलने का काम जबलपुर जिला प्रशासन को दिया गया है। कलेक्टर से सहमति के बाद वसूली जिले के खनिज विभाग द्वारा मांग पत्र पर कलेक्टर से सहमति के बाद वसूली के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। इतना ही नहीं भुगतान न करने पर संजय पाठक की खदानों में उत्खनन करने पर रोक भी लग सकती है। वसूली न हो, इसलिए निवेश कर दिया हाल ही में कटनी में हुए कॉन्क्लेव में देशभर की खनिज क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों ने निवेश किया। इस दौरान संजय पाठक की फर्मों पर लगाए 443 करोड़ के जुर्माना को लेकर चर्चा रही। अवैध उत्खनन पर सरकार के रुख को ठंडा करने के लिए संजय पाठक ने अपनी और अपने बेटे यश पाठक की फर्मों द्वारा निवेश करने की राशि में इजाफा किया और बढ़ाकर चार हजार करोड़ कर दिया गया। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री और खनिज विभाग के आला अधिकारियों ने इस निवेश पर संजय पाठक की प्रशंसा भी की। कोर्ट के आदेश पर आगे बढ़ी कार्रवाई इसके बाद यह कयास लगाए गए कि अब सरकार, जुर्माने की राशि वसूलने पर जोर नहीं देगी, लेकिन अचानक हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की ऑर्डर शील पर संजय पाठक द्वारा फोन पर अप्रोच लगाने की बात कही, जिसके बाद आनन-फानन में जुर्माना की कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। जबलपुर खनिज अधिकारी एके राय ने कहा कि भोपाल से आए आदेश के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई के संबंध में मांग पत्र तैयार किया गया है, जिस पर कलेक्टर की सहमति के बाद जुर्माना वसूलने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

JDU में भूचाल: दो दिग्गज नेता PK के जन सुराज में शामिल, नीतीश पर सीधे हमला

पटना बिहार में इसी साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है। उससे पर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड के दो पुराने नेताओं ने उन्हें झटका दे दिया है। कई बार विधायक, सांसद और मंत्री रहे दसई चौधरी और जदयू प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भुवन पटेल ने प्रशांत किशोर का दामन थाम लिया है। जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने शुक्रवार को दोनों को पटना में पार्टी की सदस्यता दिलाई। चुनाव से पहले इसे अहम फेरबदल माना जा रहा है। पटना में पार्टी कार्यालय शेखपुरा हाउस में उदय सिंह ने दोनों नेताओं का पीला गमछा पहना कर स्वागत किया। उदय सिंह ने कहा कि सभी अच्छे लोग हैं। लंबे समय तक नीतीश जी का साथ दिया है। इनकी तरह ही कई अच्छे लोगों को साथ लेकर नीतीश जी ने अच्छी राह पर चलना शुरू किया था। लेकिन अब नीतीश जी चलते चलते राह भटक गए हैं। मैं खुद उनका बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं। लेकिन अब वो ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं जो बिहार को तेजी से सर्वनाश की ओर ले जा रहे हैं। दसई चौधरी ने कहा कि मैं बहुत दिनों तक जदयू से जुड़ा रहा। जब मैं विधायक था, तब नीतीश जी कुछ नहीं थे। लालूजी की पार्टी से तीन बार विधायक रहने के बाद फिर लालूजी के खिलाफ हमने तन मन धन से नीतीश जी का साथ दिया। लेकिन बाद में नीतीश जी ने हमपर ध्यान नहीं दिया। न ही संगठन, न सरकार में सहभागी बनाया। हम बार बार उनसे अनुरोध करते रहे। मुलाकात भी की, लेकिन उन्होंने कोई सकारात्मक बात नहीं की। फिर प्रशांत किशोर जी से मुलाकात की और उनके साथ काम करने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने बहुत इज्जत के साथ पार्टी से जुड़कर काम करने को कहा। वहीं जन सुराज की सदस्यता लेने के बाद भुवन पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार सबसे जीनियस मुख्यमंत्री हैं। लेकिन उम्र के अनुसार उनकी शारीरिक क्षमता कम हो रही है। स्थिति ऐसी हो गई है कि अगल-बगल रहने वाले कुछ लोग ही सरकार चला रहे हैं। भुवन पटेल समता पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं। कहा कि जदयू से बड़ी संख्या में लोग निकलेंगे और दूसरी पार्टियों में जगह बनाएंगे।  

ट्रंप के सलाहकार की विवादित टिप्पणी पर भारत का कड़ा जवाब, रिश्तों पर उठे सवाल

नई दिल्ली  भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की हालिया टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने के मामले में नवारों ने आरोप लगाया था कि ब्राह्मण आम भारतीयों की कीमत पर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नवारों की टिप्पणी को गलत और भ्रामक बताया है। साथ ही, यह भी दोहराया है कि दोनों देशों के बीच संबंध आपसी सम्मान और हितों के आधार पर आगे बढ़ते रहेंगे। पीटर नवारों के बयान पर रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने नवारो के गलत और भ्रामक बयानों को देखा है और हम उन्हें अस्वीकार करते हैं। हमने पहले भी इस बारे में बात की है। अमेरिका और भारत के बीच यह रिश्ता हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देश एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं, जो हमारे साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और मजबूत जन-जन संबंधों पर आधारित है। इस साझेदारी ने कई बदलावों और चुनौतियों का सामना किया है। हम उस ठोस एजेंडे पर केंद्रित हैं जिसके लिए दोनों देश प्रतिबद्ध हैं, और हमें उम्मीद है कि आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर यह रिश्ता आगे बढ़ता रहेगा।'' उन्होंने आगे कहा, ''जैसा कि आपने देखा होगा, मैं आपका ध्यान अलास्का में चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास की ओर आकर्षित करना चाहूंगा। कुछ दिन पहले, 2+2 अंतर-सत्रीय बैठक हुई थी… दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और हम अपनी साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" नवारो फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर टिप्पणी कर रहे थे, जब उन्होंने दावा किया कि फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण से पहले, भारत का रूसी कच्चे तेल के साथ बहुत कम जुड़ाव था। उन्होंने कहा, "क्या हुआ? रूसी रिफाइनरियां भारत की बड़ी तेल कंपनियों के साथ गठजोड़ कर बैठीं। पुतिन (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को कच्चे तेल पर छूट देते हैं। वे इसे रिफाइन करते हैं और यूरोप, अफ्रीका और एशिया में भारी प्रीमियम पर भेजते हैं और खूब पैसा कमाते हैं।" उन्होंने आगे आरोप लगाया, "भारत क्रेमलिन के लिए एक धोबीघर के अलावा कुछ नहीं है। यह यूक्रेनियों को मारता है।" उन्होंने आगे कहा, "मैं बस इतना कहूंगा कि भारतीय लोग, कृपया समझें कि यहाँ क्या हो रहा है। ब्राह्मण भारतीय लोगों की कीमत पर मुनाफा कमा रहे हैं। हमें इसे रोकना होगा।"  

वीडियो वायरल: महिला IPS के सामने नंबर मांगते पकड़े गए अजित पवार, देना पड़ा सफाई

मुंबई  महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम अजित पवार से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद विवाद इतना बढ़ गया है कि अब उन्हें सफाई देनी पड़ी है। दरअसल बीते दिनों NCP प्रमुख अजित पवार का वीडियो सामने आया जिसमें वह एक महिला IPS ऑफिसर से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्हें अधिकारी से नंबर मांगकर वीडियो कॉल पर बात करने को कहते सुना जा सकता है। घटना तब हुई जब अधिकारी वहां अवैध मिट्टी खनन पर कार्रवाई को रोकने गई थीं। पवार ने उन्हें कार्रवाई रोकने के भी निर्देश दिए। विवाद बढ़ने पर अजित पवार ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि उनका कानूनी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने का इरादा नहीं था। अजित पवार ने लिखा, “ "सोलापुर में पुलिस अधिकारियों के साथ मेरी बातचीत से संबंधित कुछ वीडियोज की ओर मेरा ध्यान आकर्षित हुआ है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मेरा इरादा कानून प्रवर्तन में हस्तक्षेप करने का नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि जमीनी स्तर पर स्थिति शांत रहे और आगे न बिगड़े। पवार ने आगे लिखा कि वे महिला अधिकारियों का बेहद सम्मान करते हैं। उन्होंने लिखा, “मैं पुलिस फोर्स और उसके अधिकारियों, जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं का बहुत सम्मान करता हूं। मैं कानून के शासन को सबसे ऊपर रखता हूं। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हूं कि रेत खनन सहित हर अवैध गतिविधि से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाए।" वीडियो में क्या? जानकारी के मुताबिक वायरल हुए वीडियो में अजित पवार कथित तौर पर NCP कार्यकर्ता के फोन से करमाला की पुलिस उपाध्यक्ष अंजना कृष्णा से बात करते सुने जा सकते हैं। इस दौरान आईपीएस अधिकारी उनकी आवाज नहीं पहचान पातीं। इसके बाद पवार पुलिस अधिकारी को वीडियो कॉल करते हैं और कथित तौर पर उनसे मिट्टी के अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई रोकने के लिए कहते हैं। वीडियो में पवार यह कहते हुए भी सुने गए, “मैं उप उपमुख्यमंत्री अजित पवार बोल रहा हूं। क्या आप मुझे नहीं पहचानती हैं? अपना नंबर दीजिए, मैं आपको वीडियो कॉल करता हूं। आप मेरी आवाज नहीं पहचानतीं?”  

खराब नियत वाले लोग अक्सर अपनाते हैं ये 5 आदतें, इन्हें देखें तो रखें दूरी!

किसी इंसान की नीयत को उसके चेहरे से नहीं पहचाना जा सकता। बाहर से कोई कितना भी सीधा-सादा या भला लगे, जरूरी नहीं कि उसके दिल में भी उतनी ही अच्छाई हो। इंसान की असली पहचान तो उसकी आदतों से होती है। कुछ छोटी-छोटी बातें और व्यवहार, ये दो ही चीजें ऐसी हैं, जिनके जरिए आप इंसान की अच्छी और बुरी नीयत को पहचान सकते हैं। कुछ लोग बाहर से तो बहुत अच्छे बने रहते हैं लेकिन उनकी नियत खराब होती है। ऐसे लोगों से बचकर रहना बहुत जरूरी होता है क्योंकि ये किस फायदे के लिए आपके साथ जुड़े हुए हैं, ये कहना मुश्किल होता है। तो चलिए जानते हैं कुछ ऐसी आदतें, जो अक्सर खराब नियत वालों में देखने को मिल जाती हैं। हर बात में अपना फायदा ढूंढना खराब नीयत वाले लोग हर स्थिति को इस नजरिए से देखते हैं कि इसमें उनका क्या फायदा हो सकता है। चाहे वह दोस्ती हो, काम का रिश्ता हो या परिवार से जुड़ा मामला। उनके मन में हमेशा यह कैलकुलेशन चलती रहती है कि उन्हें इस चीज से क्या फायदा मिलने वाला है। ये लोग किसी की मदद भी तब ही करते हैं, जब उन्हें यकीन हो कि बाद में उससे उन्हें कोई लाभ मिल सकता है। अगर उन्हें किसी रिश्ते से फायदा नहीं मिल रहा होता है तो वो उससे किनारा करने लगते हैं। दूसरों की बुराई करके खुद को बेहतर दिखाना जो लोग हमेशा दूसरों को बुरा दिखाकर खुद को अच्छा साबित करने की फिराक में लगे रहते हैं, ऐसे लोग भी खराब नीयत वाले होते हैं। ऐसे लोग अक्सर दूसरों की कमियों को उजागर करते हैं, ताकि खुद को ऊँचा दिखा सकें। पीठ पीछे बुराई करना इन लोगों की खास आदत होती है। ऐसे लोगों की बातें सुनने में तो तर्कपूर्ण लग सकती हैं, लेकिन उनका मकसद सिर्फ अपनी छवि को चमकाना और दूसरों को कमजोर साबित करना होता है। जिन्हें हो झूठ बोलने की आदत खराब नियत वाले इंसान की एक खास आदत ये भी होती है कि उन्हें झूठ बोलने में कोई झिझक नहीं होती। ऐसे लोगों के लिए सच को तोड़-मरोड़कर पेश करना या पूरी तरह से झूठी बातें बना लेना आम बात है। इस तरह के लोग अपने झूठ को इतनी सफाई से कहते है कि सामने वाला तुरंत पकड़ भी नहीं पाता। धीरे-धीरे जब सच्चाई सामने आती है, तब तक कई लोगों को काफी नुकसान हो चुका होता है। जिन्हें दूसरों के इमोशन की कद्र ना हो खराब नीयत वाले इंसान कभी दूसरों के इमोशन की कद्र नहीं करते हैं। किसी के सुख-दुख का इन्हें कोई ख्याल नहीं रहता। ऐसे लोग किसी का भरोसा जीतकर, फिर उसी का गलत इस्तेमाल करने से भी नहीं चूकते। इनके लिए प्यार, दोस्ती, सहानुभूति जैसे इमोशन सिर्फ एक हथियार है, जिसका इस्तेमाल वो अपने मतलब को पूरा करने के लिए करते हैं। कभी अपनी गलती नहीं मानना खराब नीयत वाले व्यक्ति में विनम्रता की भी कमी होती है। ऐसे लोग इस बात को कभी एक्सेप्ट नहीं करते हैं कि उनसे कोई गलती हुई है। उल्टा वे अपनी गलती को दूसरों पर डालने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग अपनी इमेज को सुधारने के लिए किसी को भी बलि का बकरा बना सकते हैं।  

संघ प्रमुख की मौजूदगी में आरएसएस की अहम बैठक, बीजेपी और अन्य संगठनों के नेता उपस्थित

 जोधपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय राष्ट्र स्तरीय समन्वय बैठक जोधपुर में शुरू हो गई है। इस बैठक को लेकर संघ से जुड़े संगठनों और भाजपा के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी अहम बना दिया है। मुख्य पंडाल में संघ प्रमुख सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मौजूद हैं। उनके साथ कार्यवाहक सरसंघचालक दत्तात्रेय होसबोले विभिन्न विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ भी बैठक में भाग ले रहे हैं, जो बैठक की संगठनात्मक और राजनीतिक महत्ता को दर्शाता है। राष्ट्रीय स्तर पर संघ से जुड़े 32 संगठनों के लगभग 320 प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए हैं। इनमें 249 संगठन पदाधिकारी हैं। प्रतिनिधि अलग-अलग समूहों में बैठकर कार्ययोजना, भविष्य की रणनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। बैठक का प्रमुख उद्देश्य सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और आगामी समय की प्राथमिकताओं पर चर्चा करना है। इसमें संघ से प्रेरित 32 संगठनों के पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी जैसे डॉ. कृष्ण गोपाल, मुकुंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, अतुल लिमये और आलोक कुमार भी उपस्थित हैं। बैठक में विभिन्न संगठनों का वार्षिक कार्यवृत्त प्रस्तुत किया जा रहा है, जिसमें वर्षभर के अनुभव और उपलब्धियों का विवरण शामिल है। बैठक शामिल होने वाले संगठनों में एबीवीपी, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, विद्या भारती और सक्षम (दिव्यांगजन सेवा संगठन) प्रमुख हैं। बैठक में देश के विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर पंजाब, बंगाल, असम और पूर्वोत्तर के जनजातीय इलाकों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर भी चर्चा होनी है। इसके साथ ही पंच परिवर्तन- सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण-अनुकूल जीवन, स्वर आधारित रचना और नागरिक कर्तव्य पालन जैसे विषयों पर भी विमर्श किया जा रहा है।  

बिहार में विकास की नई राह, CM नीतीश के विज़न से 26,000 किमी तक पहुँचना अब आसान

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की सड़कों ने विकास की नई गाथा लिख दी है। पिछले दो दशकों में राज्य में सड़कों की लंबाई दोगुनी हो गई है। 2005 में जहां महज 14,468 किलोमीटर सड़कें थीं, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 26,000 किलोमीटर से अधिक हो चुकी हैं। राष्ट्रीय और जिला मार्गों में लंबी छलांग 2005 तक राज्य में राष्ट्रीय उच्च पथों की कुल लंबाई 3,629 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 6,147 किलोमीटर हो गई है। इसी तरह वृहद जिला पथों की लंबाई 8,457 किलोमीटर से दोगुनी होकर 16,296 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है। पहले जहां अधिकांश सड़कें सिंगल लेन तक सीमित थीं, वहीं अब दो, चार और छह लेन की सड़कों का जाल बिछ चुका है। ग्रामीण सड़कों ने खोले रोजगार के रास्ते ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क क्रांति दिखाई दे रही है। नाबार्ड के सहयोग से 2025 तक स्वीकृत 2,025 सड़कों में से 1,859 का निर्माण पूरा हो चुका है। इनकी कुल लंबाई लगभग 4,822 किलोमीटर है। साथ ही 1,235 स्वीकृत पुलों में से 910 बनकर तैयार हो गए हैं। ये पुल और सड़कें ग्रामीण इलाकों को शहरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं। सड़कों ने बदली बिहार की तकदीर बिहार की सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास की धुरी बन चुकी हैं। इनसे गांव सीधे शहरों से जुड़ गए हैं, बाजार, स्कूल और अस्पताल तक पहुंचना आसान हो गया है। व्यापार और कृषि उत्पादों की आवाजाही बढ़ने से किसानों की आमदनी भी मजबूत हुई है। चौतरफा विकास की राह विशेषज्ञ मानते हैं कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न सिर्फ यात्रा का समय कम हुआ है, बल्कि रोजगार और व्यापार की नई संभावनाएं भी खुली हैं। यही कारण है कि बिहार अब ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सड़क कनेक्टिविटी में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है।  

नारायणपुर-अबूझमाड़ से बड़ी खबर: सुरक्षाबलों ने छह माओवादियों के शव किए बरामद

जगदलपुर माओवाद विरोधी अभियान को लेकर जहां राजधानी रायपुर में उच्चस्तरीय बैठक जारी है, वहीं बस्तर में सुरक्षाबलों ने नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमावर्ती पहाड़ियों में शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ में छह माओवादियों को मार गिराया है। पुलिस ने अब तक छह माओवादियों के शव बरामद कर लिए हैं। सुरक्षाबलों के अनुसार कई अन्य माओवादी भी मारे गए या घायल हुए हैं। उधर रायपुर के मेफ़ेयर होटल में केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी माओवाद विरोधी रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। बैठक में हालिया अभियानों की समीक्षा और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा हो रही है। माओवादियों पर लगातार बना है दबाव बस्तर में इस साल सुरक्षाबलों ने माओवादियों पर लगातार दबाव बनाया है। अप्रैल–मई में चले ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में 31 माओवादी मारे गए थे। जुलाई में अबूझमाड़ में हुई मुठभेड़ में छह माओवादी ढेर किए गए, जिनमें एक डिविजनल कमेटी सदस्य भी शामिल था। अब तक इस वर्ष बस्तर में 200 से अधिक माओवादी मारे जा चुके हैं। सबसे बड़ी सफलता मई में मिली, जब संगठन का शीर्ष कमांडर और महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारा गया। इसके बाद जून में केंद्रीय समिति का वरिष्ठ नेता और विचारधारा प्रमुख सुधाकर उर्फ नरसिम्हा चालन भी ढेर हो गया। शीर्ष नेतृत्व के लगातार खात्मे से संगठन की पकड़ और मनोबल दोनों कमजोर पड़े हैं। प्रदेश में दिसंबर 2023 से अब तक 453 माओवादी मारे गए, 1,616 गिरफ्तार हुए और 1,666 ने आत्मसमर्पण किया है। इन अभियानों से माओवादियों का प्रभाव क्षेत्र तेजी से सिमट रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मिल रही सफलताओं और बड़े नेताओं के सफाये ने माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा झटका दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे निर्णायक चरण मान रही हैं और लक्ष्य है कि 2026 तक बस्तर को पूरी तरह माओवादी प्रभाव से मुक्त किया जाए।

विधानसभा से बाहर किए जाने का जिक्र, अनिल विज ने ममता पर साधा निशाना

हरियाणा  हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। विज ने कहा कि ममता बनर्जी का हाल भी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जैसा होने वाला है, क्योंकि दोनों का रवैया तानाशाही रहा है। हुड्डा ने भी मुझे विधानसभा से बाहर फिंकवाया मीडिया से बातचीत में विज ने कहा,“जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने मुझे कई बार विधानसभा से बाहर उठवाकर फिंकवाया था। अब ममता बनर्जी भी भाजपा विधायकों के साथ वही कर रही हैं, लेकिन यह प्रजातंत्र के खिलाफ है।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि आज हुड्डा ‘‘खुड्डे लाइन’’ लगे हुए हैं और ममता का भी यही हाल होने वाला है। प्रजातंत्र में विधायकों को बोलने का अधिकार विज ने कहा कि भारत की शासन प्रणाली प्रजातंत्र पर आधारित है और इसमें चुने हुए प्रतिनिधियों को विधानसभा में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। लेकिन कुछ दल और नेता प्रजातंत्र को बर्दाश्त नहीं कर पाते और अपनी तानाशाही प्रवृत्ति दिखाते हैं। चुने हुए विधायकों की आवाज दबाना लोकतंत्र का अपमान है। ममता बैनर्जी का रवैया इसी दिशा को दिखाता है। भाजपा विधायकों को बाहर फिंकवाना गलत कोलकाता में विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायकों को मार्शलों से घसीटकर बाहर निकाले जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कहा, “यह कृत्य प्रजातंत्र की आत्मा को ठेस पहुंचाने वाला है। विपक्ष की बात सुनना और सहन करना लोकतंत्र की मूल भावना है। लेकिन ममता बैनर्जी इसको स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।”