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छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेख आधुनिकीकरण एवं नक्शा परियोजना की समीक्षा हेतु तीन दिवसीय दौरा कार्यक्रम

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) तथा नक्शा परियोजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भूमि संसाधन विभाग (DOLR) के वरिष्ठ अधिकारियों का तीन दिवसीय दौरा कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस क्रम में भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी एवं संयुक्त सचिव श्री कुणाल सत्यार्थी ने आज न्यू सर्किट हाऊस नवा रायपुर में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) तथा ‘नक्शा परियोजना’ की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में राजस्व विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत,महानिरीक्षक पंजीयन श्री पुष्पेंद्र मीणा,भू संचालक श्री विनीत नन्दनवार, भूमि संसाधन विभाग के डॉ. एम.के.स्टॅलिन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।      बैठक के दौरान केंद्रीय सचिव भूमि संसाधन श्री मनोज जोशी  विभागीय अधिकारियों के साथ भू-अभिलेख के संधारण, सर्वे आदि की प्रगति की विस्तृत समीक्षा एवं परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालय के लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के लिए अनावश्यक तिथि बढ़ाये जाने की परंपरा को रोका जाए। जिओरिफ्रेंसिंग के कार्य को पूर्ण कर किसानों के हित मे उपयोग करें। इसके लिए ध्यान रखें कि भूमि के क्षेत्र और सीमा में वेरिएशन कम से कम हो। जमीन से संबंधित प्रकरणों को निराकृत करने के लिए विशेष राजस्व अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है। राज्य में भूमि सर्वे या रिसर्वे के कार्याे को क्षेत्रानुसार अलग-अलग वेंडरों को दिया जाय ताकि काम समय पर पूरा हो। उन्होंने कहा कि राज्य में भूमि सर्वे या रिसर्वे के काम को प्रशासन द्वारा कुछ गांव को मॉडल के रूप में लेकर भी किया जा सकता है। इसी तरह जमीन दस्तावेजों के साथ भू-स्वामियों के बारे में यथा आधार कार्ड,मोबाइल नंबर आदि की सम्पूर्ण जानकारी को सुरक्षित रखा जाए। इस जानकारी का उपयोग भू-स्वामियों के लिए जमीन के उपयोग,बैंक ऋण या खरीदी-बिक्री आदि में हो सकेगा।इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण और नक्शा परियोजना की प्रगति को गति देना तथा सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।     गौरतलब है कि केंद्रीय राजस्व सचिव 14  से 16 जुलाई 2025 तक राज्य के दौरे में हैं। इस महत्वपूर्ण दौरे का उद्देश्य राज्य में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, पारदर्शिता तथा अद्यतन भू-अभिलेखों की उपलब्धता को सुनिश्चित करना है ताकि आमजन को समयबद्ध एवं सुगम सेवाएं प्राप्त हो सकें। छत्तीसगढ़ शासन एवं संबंधित विभागों द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह समीक्षा बैठक मील का पत्थर सिद्ध होगी।

जिले में अब तक 346.3 मिलीमीटर औसत वर्षा

 जिले में अब तक 346.3 मिलीमीटर औसत वर्षा सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 416.0 मिलीमीटर आज 11.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज महासमुंद  महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 346.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 416.0 मिलीमीटर, सरायपाली में 406.4 मिलीमीटर, बसना में 345.2 मिलीमीटर, महासमुंद में 323.0 मिलीमीटर, बागबाहरा में 312.9 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 274.8 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई। आज 15 जुलाई को 11.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में बसना तहसील में 21.6 मिलीमीटर, सरायपाली में 19.8 मिलीमीटर, पिथौरा में 16.1 मिलीमीटर, महासमुंद में 5.1 मिलीमीटर, कोमाखान में 2.5 मिलीमीटर एवं बागबाहरा तहसील में 1.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

पीएम सूर्यघर योजना बनी आमजन के लिए वरदान: स्वाति यादव का बिजली बिल हुआ शून्य

रायपुर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के जीवन में बदलाव ला रही है। इसी योजना का लाभ उठाते हुए जिले के अंतर्गत आने वाले चौकी विकासखंड के ग्राम मेटेपार निवासी श्रीमती स्वाति यादव ने अपने घर की छत पर सोलन पैनल लगाकर अपने घर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना लिया है। उन्होंने अपने मकान की छत पर 2 किलोवॉट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित करवाया है, जिससे अब उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। पूर्व में श्रीमती यादव ने बताया कि हर माह 3000 रूपए से 3200 रूपए तक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था। लेकिन अब, इस योजना की बदौलत उन्हें पूरी राशि बचत के रूप में मिल रही है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है। इस योजना के तहत उन्हें 78,000 रूपए की अनुदान राशि (सब्सिडी) शासन द्वारा प्रदान की गई, जिससे सोलर पैनल लगवाना उनके लिए आसान और किफायती हो गया। श्रीमती यादव ने बताया, यह योजना न केवल हमारे घर की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरी कर रही है, बल्कि यह पर्यावरण के संरक्षण में भी मददगार साबित हो रही है। हमारे घर का बिजली बिल अब पूरी तरह शून्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती यादव ने कहा कि यह योजना जनसामान्य के लिए अत्यंत उपयोगी है और इसका लाभ हर परिवार को उठाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्तयोजना का उद्देश्य घर-घर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है और प्रदूषण मुक्त रखना है। जिससे देशवासी बिजली संकट से राहत पाकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। जिले में इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर साफ़ देखे जा रहे हैं।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 378.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 378.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 598.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 189.2 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 292.0 मि.मी., सूरजपुर में 483.6 मि.मी., जशपुर में 507.2 मि.मी., कोरिया में 416.5 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 382.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 362.1 मि.मी., बलौदाबाजार में 365.4 मि.मी., गरियाबंद में 323.1 मि.मी., महासमुंद में 346.3 मि.मी. और धमतरी में 323.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 398.7 मि.मी., मुंगेली में 266.1 मि.मी., रायगढ़ मंे 526.9 सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 387.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 510.6 मि.मी., सक्ती में 450.1 मि.मी., कोरबा में 471.9 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 394.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 311.3 मि.मी., कबीरधाम में 274.2 मि.मी., राजनांदगांव में 303.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 488.1 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 251.5 मि.मी., बालोद में 381.4 मि.मी. और बस्तर जिले में 442.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 265.4 मि.मी., कांकेर में 367.0 मि.मी., नारायणपुर में 315.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 400.1 मि.मी., सुकमा में 233.7 मि.मी. और बीजापुर में 452.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

आत्महत्या से पहले छात्रा ने किया बड़ा खुलासा: विभागाध्यक्ष पर यौन शोषण का आरोप

ओडिशा ओडिशा के बालासोर में 20 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई है। प्रोफेसर की तरफ से कथित तौर पर यौन उत्पीड़न से परेशान होकर छात्रा ने शनिवार को खुद को आग लगा ली थी। फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुका है। इस बीच छात्रा का एक पत्र भी सामने आया है। खबर है कि यह लेटर आत्महत्या से करीब एक सप्ताह पहले लिखा गया था, जिसमें यौन उत्पीड़न की शिकायत की गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 जुलाई को लिखे पत्र में पीड़िता ने अनुशासनात्मक समिति गठित करने की मांग की थी, जो विभाग प्रमुख समीर कुमार साहू के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर सके। छात्रा ने HoD पर ही यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। फिलहाल, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप घोष को भी गिरफ्तार किया गया है। छात्रा ने पत्र लिखा था, 'बीते कुछ महीनों से BEd विभाग के HoD असिस्टेंट प्रोफेसर समीर कुमार साहू मानसिक रूप से मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। वह बार बार मुझे धमका रहे हैं कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि फेल हो जाऊं। उन्होंने मुझे धमकी दी है कि मेरे निजी मामलों की जानकारी मेरे परिवार को दे देंगे। सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि HoD लगातार सेक्सुअल फेवर की मांग कर रहा है।' आगे लिखा, 'मैंने बार-बार इनकार किया है। मैंने अपनी मानसिक शांति खो दी है और आत्महत्या की कोशिश की है। अगर कॉलेज अथॉरिटी भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं करती है, तो मैं आत्महत्या कर लूंगी और HoD और कॉलेज अथॉरिटी इसके जिम्मेदार होंगे।' खास बात है कि इस चेतावनी के महज चार दिन बाद ही पीड़िता ने खुद को आग लगा दी थी। शुरुआत में उसे बालासोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन वहां से AIIMS भुवनेश्वर रेफर कर दिया था। वहां बर्न यूनिट में छात्रा का इलाज चल रहा था। खबर है कि वह करीब 90 फीसदी झुलस चुकी थी। मामला बालासोर के फकीर मोहन (स्वायत्त) महाविद्यालय का है। ‘बर्न सेंटर’ ने एक बयान में कहा, 'मरीज को ‘फ्लूइड्स’ (अंतरशिरा तरल) और ‘एंटीबायोटिक्स’ (संक्रमण को खत्म करने वाली दवा) दी गईं, उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। विभाग के आईसीयू में उपचार किया गया और गुर्दे की ‘रिप्लेसमेंट थेरेपी’ सहित सभी संभव सहायक उपायों के बावजूद, उसे बचाया नहीं जा सका और 14 जुलाई की रात 11 बजकर 46 मिनट पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।'  

मैनचेस्टर टेस्ट से पहले बड़ा झटका, इंग्लैंड टीम से बाहर हुआ अहम गेंदबाज

लंदन  मैनचेस्टर टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की टीम का ऐलान हो गया है। लॉर्ड्स में सोमवार 14 जुलाई को भारत के खिलाफ इंग्लैंड की टीम को मैच विनिंग मोमेंट दिलाने वाला गेंदबाज बाहर हो गया है। ये गेंदबाज कोई और नहीं, बल्कि स्पिनर शोएब बशीर हैं, जिनकी अंगुली में फ्रैक्चर हो गया है। ऐसे में वह सीरीज में आगे नहीं खेल पाएंगे। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने शोएब बशीर की जगह एक अनुभवी स्पिनर को टीम में शामिल किया है, जो लियाम डॉसन हैं और वे पहले भी टेस्ट और इंटरनेशनल क्रिकेट इंग्लैंड के लिए खेल चुके हैं। शोएब बशीर के लिए वैसे तो ये टेस्ट सीरीज अच्छी नहीं रही, लेकिन लॉर्ड्स में अपनी टीम को विनिंग मोमेंट उन्हीं ने दिलाया, क्योंकि उन्होंने मोहम्मद सिराज का विकेट लिया। हालांकि, इसमें किस्मत का भी योगदान था, क्योंकि गेंद को सिराज ने डिफेंस किया था और वह किसी तरह पीछे चली गई थी और स्टंप्स में लग गई थी। हालांकि, अब शोएब बशीर आगे इस सीरीज में नहीं खेलेंगे, क्योंकि इसी मैच के दौरान ऋषभ पंत का एक शॉट उनके बाएं हाथ की कनिष्ठा यानी सबसे छोटी उंगली में लगा था और उसमें फ्रैक्चर हो गया था। वहीं, लियाम डॉसन की बात करें तो वे 2016-17 में कुल 3 टेस्ट इंग्लैंड के लिए खेल चुके हैं, जिनमें एक मुकाबला उन्होंने भारत के खिलाफ खेला था। हालांकि, उनको घरेलू क्रिकेट का अच्छा खासा अनुभव है। यही कारण है कि एक अनुभवी स्पिनर को इंग्लैंड ने अपनी टीम में शामिल किया है। 371 विकेट उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में चटकाए हैं। इसके अलावा टीम में कोई भी बदलाव इंग्लैंड की ओर से नहीं हुआ है। इंग्लैंड की टीम इस प्रकार है बेन स्टोक्स (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जैकब बेथेल, हैरी ब्रुक, ब्राइडन कार्स (डरहम), जैक क्रॉली, लियाम डॉसन, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), जोश टंग और क्रिस वोक्स  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व युवा कौशल दिवस पर दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों विशेष रूप से युवाओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि वर्ष 2025 की थीम एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) और डिजिटल कौशल से युवा सशक्तिकरण' है। वर्तमान समय में एआई देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को असीमित अवसर मिलें, इस उद्देश्य से राज्य सरकार तकनीकी-व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण को गति प्रदान कर रही है और प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

रेत खनन में सुधार की पहल: शासन की पहली प्राथमिकता पर्यावरण और पारदर्शिता

रायपुर : रेत खनन में पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और अवैध उत्खनन पर सख्ती शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता छत्तीसगढ़ में पारदर्शी, वैज्ञानिक और जनहितैषी खनिज नीति के तहत रेत खनन व्यवस्था को मिल रहा नया स्वरूप रेत खनन में सुधार की पहल: शासन की पहली प्राथमिकता पर्यावरण और पारदर्शिता रायपुर राज्य में रेत खनन नीति को अधिक पारदर्शी, संगठित, पर्यावरण-संवेदनशील और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से व्यापक कदम उठाए गए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के शासन काल के दौरान राज्य में संचालित रेत खदानों की संख्या 300 से घटकर लगभग 100-150 रह गई थी, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए और अवैध खनन को बढ़ावा मिला। वर्तमान सरकार द्वारा खनिज नीति में सुधार कर रेत खनन की व्यवस्था को संगठित, नियंत्रित और जनहितकारी बनाया गया है। पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया में तीव्रता राज्य में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर तीन राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण समितियों का गठन किया गया है। पूर्व में केवल एक समिति कार्यरत थी। इस निर्णय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की प्रक्रिया सुगम हुई है। वैध खदानों की संख्या में वृद्धि वर्तमान में 119 रेत खदानें पर्यावरणीय स्वीकृति के साथ विधिवत संचालित हैं, जबकि 94 अन्य खदानों की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही, आगामी 1 से 1.5 वर्षों में 300 से अधिक नई खदानों को स्वीकृति दिए जाने की योजना है, जिससे रेत की आपूर्ति सुलभ बनी रहेगी और निर्माण कार्यों को गति मिलेगी। IIT रुड़की की रिपोर्ट: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खनन प्रमुख नदियों पर खनन के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर IIT रुड़की से कराए गए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि विधिवत और नियंत्रित रेत खनन से नदियों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यह रिपोर्ट राज्य की वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित खनिज नीति को समर्थन प्रदान करती है। अवैध खनन पर सख्त कार्यवाही वर्ष 2024-25 से जून 2025 तक 6,331 अवैध खनन प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से ₹18.02 करोड़ की वसूली, 184 मशीनों की जब्ती, 56 एफआईआर तथा 57 न्यायालयीन परिवाद दायर किए गए। जिला एवं राज्य स्तरीय टास्क फोर्सों द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है, जिसमें खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन और पर्यावरण विभाग के अधिकारी सम्मिलित हैं। विवादों पर त्वरित कार्यवाही राजनांदगांव और बलरामपुर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में रेत से संबंधित विवादों एवं घटनाओं पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही की गई है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी में राहत 15 मार्च 2024 को लिए गए निर्णय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रेत पर रॉयल्टी से छूट प्रदान की गई है। इस निर्णय से गरीबों और जरूरतमंदों को प्रत्यक्ष राहत मिली है। भविष्य की नीति: पारदर्शिता और संतुलन छत्तीसगढ़ शासन की नीति स्पष्ट है — खनिज संसाधनों के दोहन को जनहित, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संतुलन के सिद्धांतों पर आधारित करना। संगठित, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से तैयार की गई यह नई रेत खनन नीति राज्य के समग्र विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए सशक्त आधार बनेगी।  

पीएम-मंत्रियों को विशेष छूट क्यों? कांग्रेस का लोकसभा स्पीकर से जवाब तलब

नई दिल्ली  लोकसभा में अटेंडेंस दर्ज कराने के सिस्टम को लेकर कांग्रेस सांसद ने आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस सांसद माणिकम टैगोर ने यह सवाल उठाया है। उन्होंने कहाकि लोकसभा में उपस्थिति दर्ज कराने की नई प्रणाली से प्रधानमंत्री और मंत्रियों को छूट क्यों दी गई है? गौरतलब है कि लोकसभा में आगामी मानसून सत्र से सदस्यों के लिए उपस्थिति दर्ज कराने की नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। इसके तहत वे लॉबी में जाकर नहीं, बल्कि अपनी आवंटित सीट पर ही उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। गौरतलब है कि मंत्रियों और नेता प्रतिपक्ष को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए हस्ताक्षर करने की जरूरत नहीं है। क्यों मिली है छूट लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक टैगोर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि लोकसभा में सीट पर ही उपस्थिति दर्ज करने के लिए नया मल्टीमीडिया सिस्टम इस मॉनसून सत्र में प्रभावी हो जाएगा। लेकिन हमने पहले ही वक्फ विधेयक पर मत विभाजन के दौरान इसे विफल होते देखा है जब प्रणाली प्रामाणिक तरीके से काम नहीं कर रही थी। एक दोषपूर्ण प्रणाली को क्यों दोहराया जाए? उन्होंने सवाल किया कि अगर उपस्थिति दर्ज कराने की यह प्रक्रिया, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है, तो प्रधानमंत्री और मंत्रियों को इससे छूट क्यों? पीएम को पेश करना चाहिए उदाहरण टैगोर ने कहाकि क्या प्रधानमंत्री को प्रक्रिया से ऊपर होने के बजाय उदाहरण पेश करने के लिए नेतृत्व नहीं करना चाहिए? इससे पता चलेगा कि प्रधानमंत्री वास्तव में कितने दिन तक लोकसभा में मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहाकि केवल उपस्थिति को डिजिटल बनाने के बजाए, हमें प्रणालीगत सुधारों की जरूरत है। सभी के लिए अनिवार्य उपस्थिति, पारदर्शी भागीदारी, बोलने के रिकॉर्ड और मतदान के स्वत: प्रकाशन की व्यवस्था हो। कांग्रेस सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल उपकरण उतने ही अच्छे होते हैं, जितनी उनके पीछे की मंशा।  

समुद्र की सतह पर उतरा स्पेसक्राफ्ट, शुभांशु शुक्ला सकुशल लौटे धरती पर

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की आज धरती पर वापसी हो गई है। एक्सिओम 4 मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य लोग अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर 18 दिन के प्रवास के बाद लौटे। स्पेसक्रॉफ्ट 22.5 घंटे की यात्रा करके कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में उतरा। इससे पहले शुक्ला, कमांडर पैगी व्हिट्सन, मिशन विशेषज्ञ पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू को लेकर आ रहा ड्रैगन ‘ग्रेस’ अंतरिक्ष यान भारतीय समयानुसार सोमवार शाम 4:45 बजे अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हो गया था।   पीएम मोदी ने किया स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष वापसी का स्वागत किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि ऐतिहासिक मिशन से वापसी पर पूरे देशवासियों के साथ मैं शुभांशु शुक्ला को बधाई देता हूं। वह अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन तक पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने अपने समर्पण और साहस से अनगिनत सपनों को पूरा किया है। इसके साथ ही गगनयान दिशा में एक और शानदार कदम हमने बढ़ा दिया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ऐतिहासिक मिशन से वापसी पर पूरे देशवासियों के साथ शुभांशु शुक्ला को दी बधाई। वह अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन तक पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं। शुभांशु शुक्ला और एक्सिओम-4 के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर पहुंचे, ड्रैगन अंतरिक्ष यान कैलिफोर्निया में समुद्र में उतरा, रायपुर के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मिशन से वापसी पर पूरे देशवासियों के साथ शुभांशु शुक्ला को दी बधाई। वह अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन तक पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं। अंतरिक्ष यात्रियों ने जताई खुशी शुभांशु शुक्ला और एक्सिओम-4 के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर पहुंचे, ड्रैगन अंतरिक्ष यान कैलिफोर्निया में समुद्र में उतरा। ड्रैगन अंतरिक्ष यान के धरती पर उतरते ही एक्सिओम-4 की कमांडर पैगी व्हिटसन ने कहा कि वापस आकर बहुत खुशी हो रही है। शुभांशु शुक्ला की सकुशल वापसी अंतरिक्ष यात्रा पर गए भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की धरती पर सकुशल वापसी हो चुकी है। एक्सिओम मिशन 4 के क्रू मेंबर्स को लेकर ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट समुद्र में उतर चुका है।