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जनता दर्शन में योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की, कहा- समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान जनता दर्शन में लोगों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर व्यक्ति की समस्या का निस्तारण, उनकी सरकार की विशेष प्राथमिकता है।  एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक तरीके से उनका समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यहां गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन में योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद गए और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने करने की आवश्यकता नहीं है और सभी की समस्या का समाधान हर हाल में किया जाएगा। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं जमीन से जुड़े विवादों में प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची थीं और उनकी शिकायत थी कि उनकी जमीनों पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन शिकायतों पर अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि जमीनी विवादों का समाधान तत्परतापूर्वक इस तरह होना चाहिए जिससे पीड़ित व्यक्ति संतुष्ट दिखे। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि पैसे की तंगी से किसी का भी इलाज नहीं रुकने दिया जाएगा। जनता दर्शन के दौरान कुछ महिलाओं संग पहुंचे उनके बच्चों को मुख्यमंत्री ने चॉकलेट दी।  

अवैध धर्मांतरण के खिलाफ अभियान जारी, योगी राज में अब तक 16 को मिली सजा

लखनऊ योगी सरकार की अवैध धर्मांतरण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। योगी सरकार के निर्देश पर पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस, एसटीएफ और एटीएस दो दर्जन से अधिक अवैध धर्मांतरण गिरोहों के सरगना और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार सलाखों के पीछे धकेल चुकी है। वहीं, अभियोजन विभाग द्वारा कोर्ट में प्रभावी पैरवी, वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर पिछले आठ वर्षों में अवैध धर्मांतरण में लिप्त 16 आरोपियों को सजा दिलायी गयी। इनमें से 12 आरोपियों का आजीवन कारावास और 4 आराेपियों को 10 वर्ष के कारावास की सजा दिलायी गयी। इसके साथ ही कोर्ट द्वारा आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया। डीजीपी राजीव कृष्णा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेशभर में धार्मिक-सामाजिक एकता बनाए रखने और जनसंख्या संतुलन को बिगाड़ने वाली साजिशों को विफल करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अवैध धर्मांतरण के सरगनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि अभियान ने न केवल अवैध धर्मांतरण की गहरी जड़ों को उजागर किया बल्कि संगठित धर्मांतरण गिरोहों की कमर तोड़ दी है। डीजीपी ने बताया कि पिछले आठ सालों में प्रदेश भर में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेला गया है। यह आरोपी उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और हरियाणा में भी सक्रिय थे। इनका मकसद बहुसंख्यक आबादी में धार्मिक असंतुलन पैदा कर देश की जनसांख्यिकी को बदलना और शांति को भंग करना था। यह लोग गिरोह के संचालन के लिए इस्लामिक दावा सेंटर (आईडीसी) जैसे केंद्रों का उपयोग करते थे, जहां गरीब, असहाय, दिव्यांग और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों को बहला-फुसलाकर, नौकरी, इलाज, शादी और पैसे के लालच से अवैध धर्मांतरण कराया जाता था। वहीं कुछ अभियुक्तों को प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से प्रेरित भी पाया गया है।  डीजीपी ने बताया कि अभियान में दबोचे गये आरोपियों ने अवैध धर्मांतरण का सुनियोजित नेटवर्क तैयार कर रखा था। इनके कब्जे से 450 से अधिक अवैध धर्मांतरण प्रमाण-पत्र और भारी मात्रा में विदेशी फंडिंग के दस्तावेज बरामद हुए थे। अवैध धर्मांतरण के लिए पीड़ितों पर मानसिक दबाव बनाया जाता था, उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था और बाद में उन्हें रैली और वीडियो के ज़रिए मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर प्रचारित किया जाता था। इनमें से कई आरोपियों के खाते में एफसीआरए के बिना विदेशी चंदा आया था, जिसे उन्होंने अवैध धर्मांतरण की गतिविधियों में इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं योगी सरकार द्वारा अवैध धर्मांतरण के आकाओं और उनके सहयोगियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए कोर्ट में प्रभावी पैरवी की गयी। वैज्ञानिक साक्ष्य और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कर आरोपियों को दिलायी गयी कठोर सजा अभियोजन विभाग के डीजी दीपेश जुनेजा ने बताया कि अवैध धर्मांतरण में लिप्त आरोपियों को कोर्ट के जरिये सजा दिलाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई। इसी का परिणाम है कि पिछले आठ वर्षों में अवैध धर्मांतरण में लिप्त आकाओं और उनके सहयोगियों को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा दिलायी गयी। इनमें से 12 आरोपियों को आजीवन कारावास और 4 को 10 वर्षों की कठोर सजा सुनाई गई है। साथ ही कोर्ट द्वारा आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया। अवैध धर्मांतरण के इन आरोपियों को दिलायी गयी सजा 1. मोहम्मद उमर गौतम 2. मौलाना कलीम सिद्दीकी 3. काज़ी जहांगीर आलम कासमी 4. इरफान शेख उर्फ इरफान खान 5. सरफराज अली जाफरी 6. कौशर आलम 7. फराज बाबुल्लाह शाह 8. अब्दुल्ला उमर 9. धीरज गोविंद राव जगताप 10. सलाउद्​दीन जैनुद्​दीन शेख 11. प्रसाद रामेश्वर कांवरे उर्फ आदम 12. अर्सलान मुस्तफा उर्फ भूप्रिय बंदो 13. मोहम्मद सलीम 14. राहुल भोला 15. मन्नू यादव 16. कुणाल अशोक चौधरी  

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जीवन में आया स्वर्णिम बदलाव

सफलता की कहानी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जीवन में आया स्वर्णिम बदलाव खंडवा  खंडवा जिले की श्रीमती पप्पी सुदामा चौधरी ने अपनी मेहनत, हौसले और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से एक ऐसी मिसाल कायम की है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। पप्पी ने स्व-सहायता समूह की सहायता से 2 लाख रुपये का ऋण लेकर एक जनरल स्टोर शुरू किया, जिससे उनकी मासिक आय 20 से 22 हजार रुपये हो गई है। यह कहानी न केवल उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता की है, बल्कि सामाजिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण की भी जीवंत तस्वीर है। पप्पी सुदामा बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। ग्रामीण परिवेश में महिलाओं के लिए बाहर जाकर काम करना मुश्किल था, और सामाजिक पाबंदियों ने उनके सपनों को सीमित कर रखा था।स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। समूह की अन्य महिलाओं ने उन्हें प्रोत्साहित किया और व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया। 2 लाख रुपये के ऋण से शुरू किए गए जनरल स्टोर में रोजमर्रा के सामान की बिक्री ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि उनके परिवार के विचारों में भी सकारात्मक बदलाव लाया। अब उनका परिवार उनका पूरा समर्थन करता है। पप्पी की मेहनत और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें शिव शक्ति स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष बनाया। वे अब अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित करती हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। पप्पी कहती हैं, “यदि महिलाएं ठान लें, तो कुछ भी असंभव नहीं है।थोड़े से हौसले और मेहनत की जरूरत है।” उनकी दुकान से होने वाली आय ने उनके बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाया है और परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद की है। पप्पी सुदामा चौधरी ने शासन का धन्यवाद देते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने मुझे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया और मेरे परिवार के जीवन को बेहतर बनाया। वे इस योजना को ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान मानती हैं, जिसने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक बंधनों से हटकर नई पहचान बनाने का अवसर भी दिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने पप्पी जैसी लाखों ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह योजना स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ऋण, प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच प्रदान करती है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। पप्पी की कहानी इस मिशन की सफलता का जीवंत प्रमाण है। पप्पी का यह छोटा-सा प्रयास न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समुदाय के लिए प्रेरणा बन रहा है।  

डॉक्टर की चेतावनी: हार्ट अटैक सिर्फ कोलेस्ट्रॉल से नहीं, यह सस्ता टेस्ट जरूर कराएं

नई दिल्ली  हार्ट अटैक से बचने के लिए डॉक्टर अच्छी लाइफस्टाइल के साथ अक्सर स्क्रीनिंग की भी सलाह देते हैं। अब रशिया के एक कार्डियोलॉजिस्ट का पोस्ट वायरल है। इसमें उन्होंने बताया है कि कोलेस्ट्रॉल नहीं बल्कि दिल की सेहत का हाल जानने के लिए एक और ब्लड टेस्ट इम्पॉर्टेंट है। डॉक्टर डिमीट्री वह इंस्टाग्राम पर हार्ट ट्रांसप्लांट डॉक्टर के नाम से हैं साथ ही हार्ट फेलियर में स्पेशलाइजेशन है। ये है साइलंट इन्फ्लेमेशन मार्कर इंस्टाग्राम पर हार्ट ट्रांसप्लांट के नाम से फेमस डॉक्टर डिमीट्री का जून का एक पोस्ट वायरल है। इसमें उन्होंने लिखा है, यह ब्लड टेस्ट हार्ट अटैक की भविष्यवाणी करता है लेकिन यह कोलेस्ट्रॉल नहीं है। इस टेस्ट का नाम है सीआरपी। यह एक साइलेंट इन्फ्लेमेशन मार्कर है जो कि आपकी लाइफ बचा सकता है। सीआरपी यानी सी रिऐक्टिव प्रोटीन आपके लिवर में तब बनता है जब कोई इन्फ्लेमेशन होता है। जब इन्फ्लेमेशन बहुत ज्यादा होता है तो यह आपकी ब्लड वसेल्स को डैमेज करता है और हार्ट अटैक और स्ट्रोक के रिस्क को बढ़ा देता है। कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने के बाद भी रिस्क डॉक्टर ने बताया कि सीआरपी टेस्ट इसलिए इम्पॉर्टेंट है क्योंकि ये हार्ट अटैक, स्ट्रोक, धमनियों के सकरे होने और पेरिफेरल आर्टरी डिसीज से जुड़ा है। अगर आपका कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल है और सीआरपी ज्यादा है तो आप रिस्क जोन में हैं। कितना होना चाहिए सीआरपी सीआरपी का ये टेस्ट Hs-CRP यानी हाई सेंसिटिव सीआरपी के नाम से होता है। अगर इसका नतीजा 3.0mg/L है तो आपको हाई रिस्क है। अगर 1.0 से 3.0 तक है तो मॉडरेट रिस्क है। अगर आपका Hs-CRP 1 से कम है तो आपको रिस्क भी कम है। कैसे कम करें सीआरपी टेस्ट के बाद अगर आपका सीआरपी ज्यादा आए तो आप इसे कम करने की कोशिश करें। इसके लिए ऐसी डायट लें जो दिल के लिए अच्छी और ऐंटी-इनफ्लेमेटरी हो। फिजिकली ऐक्टिव रहें। वजन ज्यादा है तो इसे कम करें। सिगरेट छोड़ दें। अपने डॉक्टर से बात करें। बता दें कि सीआरपी और Hs-CRP टेस्ट बहुत महंगे नहीं बल्कि 400 से 900 रुपये के बीच हो जाते हैं। इनका रेट शहर और पैथोलॉजी के हिसाब से बदल सकता है।  

पीएसजी से मिली हार के बाद लुका मोड्रिक ने रियल मैड्रिड को कहा अलविदा

ईस्ट रदरफोर्ड फीफा क्लब वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) के हाथों 0-4 की करारी हार रियल मैड्रिड के दिग्गज मिडफील्डर लुका मोड्रिक के लिए विदाई का पल साबित हुई। यह मैच रियल मैड्रिड के लिए मोड्रिक का आखिरी मुकाबला था। 39 वर्षीय क्रोएशियाई स्टार मोड्रिक ने 2012 में रियल मैड्रिड का दामन थामा था और इसके बाद क्लब के साथ उन्होंने 28 प्रमुख खिताब अपने नाम किए। इनमें छह यूएफा चैंपियंस लीग, चार ला लीगा और दो कोपा डेल रे खिताब शामिल हैं। इस उपलब्धि के साथ मोड्रिक रियल मैड्रिड के इतिहास में सबसे अधिक ट्रॉफी जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। मोड्रिक न सिर्फ क्लब के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी रहे हैं, बल्कि रियल मैड्रिड के लिए सबसे उम्रदराज गोल स्कोरर का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। पीएसजी के खिलाफ अपने आखिरी मैच में मोड्रिक 63वें मिनट में जूड बेलिंघम की जगह मैदान पर उतरे। उनके इस फैसले से एक युग का अंत हुआ है, जिसमें उन्होंने रियल मैड्रिड को यूरोप और दुनिया की फुटबॉल में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।  

वनांचल में वनोपज बना आजीविका का आधार, केदार कश्यप ने बताया बदलाव का सूत्र

वन मंत्री की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति रायपुर वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति(आईडीसी)की 307वीं बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्री निवास कार्यालय में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा मजबूती मिलेगी और वनांचल के लोगों की आय में बढ़ोत्तरी होगी साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 306वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2023-24, तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों जैसे महुआ फूल, तेंदूपत्ता (बीज रहित), गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज आदि वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार किया गया। इस अवसर पर सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, श्रीमती सलमा फारूकी सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ की झलक दिखाने वाला दर्शनीय भवन होगा विधानसभा की नई बिल्डिंग – अरुण साव

विधानसभा के नए भवन का काम सितम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य, इंटीरियर और फर्नीचर का काम जोरों पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माणाधीन विधानसभा भवन के कार्यों का किया निरीक्षण, निर्धारित समय पर काम पूर्ण करने के दिए निर्देश छत्तीसगढ़ की झलक दिखाने वाला दर्शनीय भवन होगा विधानसभा की नई बिल्डिंग – अरुण साव रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन तीनों विंगों के कार्यों का बारिकी से अवलोकन कर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्धारित समय में सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। विधानसभा के नवीन भवन का सिविल वर्क पूर्ण होने के बाद फर्नीचर और इंटीरियर का काम प्रगति पर है। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नए विधानसभा भवन में कार्यों के निरीक्षण के बाद कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा यहां सभी कार्यों को सितम्बर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। तदनुसार आगामी 1 नवम्बर को राज्योत्सव पर इसे छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित करने की तैयारी की जाएगी। नए भवन में विंग-ए जहां विधानसभा सचिवालय लगेगा और विंग-सी जहां उप मुख्यमंत्रियों एवं मंत्रियों के कार्यालय रहेंगे, का काम लगभग पूर्णता की ओर है। विधानसभा के सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय वाले विंग-बी में भी फर्नीचर और इंटीरियर का काम जल्दी चालू होगा। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यों के निरीक्षण के दौरान विधानसभा के सदन में विधायकों के लिए लगने वाली कुर्सी का अवलोकन कर इसकी विशेषताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विधानसभा के नए भवन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प की झलक मिलेगी। यह राज्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए दर्शनीय भवन होगा। 52 एकड़ में बन रहा विधानसभा भवन, 200 सदस्य बैठ सकेंगे सदन में नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन 52 एकड़ में निर्माणाधीन है। इसके सदन में सदस्यों की बैठक क्षमता 200 होगी। नए विधानसभा भवन के एक विंग में विधानसभा सचिवालय, दूसरे में विधानसभा का सदन, सेंट्रल-हॉल, विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का कार्यालय तथा तीसरे विंग में मंत्रियों के कार्यालय होंगे। यहां 500 दर्शक क्षमता का ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा। 700 कारों की पार्किंग क्षमता वाले परिसर में डेढ़-डेढ़ एकड़ के दो सरोवरों का निर्माण भी प्रस्तावित है।

श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम कोसमनारा में पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, की प्रार्थना

रायपुर गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का दिन श्रद्धा, आस्था और मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। कोसमनारा स्थित यह धाम लोगों की आस्था का केंद्र है और यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण के मार्ग पर गुरुजनों के आशीर्वाद और जनआशीर्वाद के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और महापौर श्री जीवर्धन चौहान भी उपस्थित थे।

धमतरी : अग्निवीर, एसएससी, सीजी व्यापम, रेल्वे आदि परीक्षाओं के लिए कार्यशाला 17 जुलाई को

धमतरी  जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आगामी अग्निवीर, एसएससी, सीजी व्यापक, रेल्वे आदि परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए 17 जुलाई को कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह कार्यशाला स्थानीय समुदायिक भवन धमतरी में सुबह 10 बजे से आयोजित होगी। प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि इस कार्यशाला में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमण्डलाधिकारी, सीईओ जिला पंचायत सहित अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन प्रदाय किया जाएगा। कार्यशला में आने वाले अभ्यर्थियों को उक्त परीक्षाओं से संबंधित शंकाओं का समाधान मिल पायेगा। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा परीक्षा संबंधी तनाव भी कम होगा। इसके अलावा जिले के तीनों अनुभाग धमतरी, कुरूद और नगरी में जुलाई से अक्टूबर तक जिला प्रशासन के सहयोग से अग्निवीर, एसएससी, सीजी व्यापम, रेल्वे आदि परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग शुरू हो रहा है, जिसका लाभ जिले के युवा उठा सकते हैं।

सातवें आसमान से जमीं पर आया दर्द, लोकेंद्र की खुशियां क्रैश में हो गईं राख

चुरू राजस्थान के चुरू में बुधवार को क्रैश हुए जगुआर लड़ाकू विमान में सवार देश के दो बहादुर पायलट की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें से एक स्क्वाड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिद्धू की खुशियां इन दिनों सातवें आसमान पर थी। क्योंकि पिछले महीने ही वह पिता बने थे। नवजात बच्चे के साथ खुशियों के पल बिताकर वह 30 जून को ही वह दोबारा ड्यूटी पर लौटे थे। 32 साल के एयरफोर्स के पायलट हरियाणा के रोहत जिले में खेरी साध गांव के रहने वाले थे। पेशे से डॉक्टर उनकी पत्नी सुरभि सिंधु ने हिसार स्थित अपने मायके में 10 जून को बेटे को जन्म दिया। बुधवार को जब दुघद हादसे की खबर आई सुरभि मायके में ही थीं। रोहतक के देव कॉलोनी में रहने वाले परिवार के मुताबिक पायलट लोकेंद्र ने 30 जून को ही ड्यूटी जॉइन की थी। लोकेंद्र के पिता जोगिंदर सिंह महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से 2023 में सुपरिंटेंडेंट के पद से रिटायर हुए थे, जबकि मां स्कूल टीचर हैं। बड़े भाई एक एमएनसी में जॉब करते हैं। लोकेंद्र की बहन अंशी ने भी एयरफोर्स हाल ही में शॉर्ट सर्विस कमिशन के रूप में कार्यकाल पूरा किया है, उनके पति भी विंग कमांडर हैं। आखिरी मिशन से पहले पिता से की थी बात भाई ज्ञानेंद्र ने बताया कि लोकेंद्र ने जगुआर विमान से अपनी आखिरी उड़ान से पहले पिता से बात की थी। उन्होंने परिवार के वॉट्सऐप ग्रुप में बेटे की तस्वीर भी शेयर की थी। जोगिंद्र सिंधू कहते हैं कि उनका बेटा बचपन से ही बहुत अच्छा स्टूडेंट था। वह हमेशा से एयरफोर्स का पायलट बनकर आसमान छूना चाहता था। परिवार को उस पर गर्व है। उन्होंने कहा, 'लोकेंद्र ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और 2011 में एयरफोर्स में शामिल हुए थे। राजस्थान के सूरतगढ़ में उनकी मौजूदा पोस्टिंग थी।' राजस्थान केऋषि की भी गई जान बुधवार दोपहर चुरू में क्रैश हुए जगुआर विमान में लोकेंद्र के अलावा फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषि राज सिंह भी थे, जो राजस्थान के पाली के रहने वाले थे। उनकी भी इस हादसे में जान चली गई। इस साल मार्च से अब तक यह तीसरा जगुआर विमान हादसा है। एयर फोर्स ने हादसे का कारण पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है।