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झमाझम बारिश ने बदला मौसम, दिल्ली-NCR में ठंडी हवा का अहसास

नई दिल्ली इन दिनों देश के कई राज्यों में बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। जमकर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मानसून का कहर पहाड़ों से मैदान तक जारी है। देश के कई शहरों में बाढ़ ने तबाही मचाई है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आज सुबह बारिश देखने को मिली। जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। इससे पहले गुरुवार को भी दिनभर बादलों की आंख मिचौली के बीच हल्की बारिश हुई थी। इस दौरान हुई कई इलाकों में हुए जलभराव और जाम से फिर दिल्लीवासी परेशान हुए। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार बीते 24 घंटे में दिल्ली में 13.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिक 35.4 जबकि न्यूनतम पारा सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस कम के साथ 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने और दोपहर बाद हल्की से मध्यम बारिश के आसार मौसम विभाग ने जताए थे। आईएमडी के अनुसार, 30 अगस्त यानी शनिवार को गरज के साथ हल्की बारिश के आसार हैं।

ग्लैमरस एक्स-टेनिस स्टार अन्ना कुर्निकोवा बिना शादी के 4वीं बार मां बनने वाली

लंदन  टेनिस कोर्ट पर अपनी खूबसूरती और दिलकश अदाओं से करोड़ों दिल जीत चुकीं अन्ना कुर्निकोवा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. ग्लैमरस एक्स-टेनिस स्टार कुर्निकोवा ने 44 साल की उम्र में अपनी चौथी प्रेग्नेंसी की घोषणा कर सबको चौंका दिया है. वह अपने पार्टनर और मशहूर स्पेनिश सिंगर 50 साल के एनरिके इग्लेसियस के साथ चौथे बच्चे का स्वागत करने जा रही हैं. स्पैनिश मैगजीन Hola के मुताबिक कुर्निकोवा पहले से ही प्रेग्नेंसी के बीच के चरण में हैं और उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है. यह खुशखबरी उस समय आई है जब कुछ महीने पहले उन्हें व्हीलचेयर और प्रोटेक्टिव बूट में देखा गया था, जिसके बाद उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई गई थी. इग्लेसियस लगातार अपने फैन्स के लिए परफॉर्म कर रहे हैं, वहीं टेनिस फैन्स को कुर्निकोवा की झलक कभी-कभार ही मिलती है. तीन बच्चों के बाद चौथी बार किलकारी कुर्निकोवा और इग्लेसियस के पहले से तीन बच्चे हैं- जुड़वां लूसी और निकोलस (7 वर्ष) और बेटी मैरी (5 वर्ष). अगस्त में मियामी में उन्हें बच्चों को मार्शल आर्ट्स क्लास के लिए ले जाते देखा गया था, जिससे उनकी तबीयत को लेकर उठे सवाल शांत हो गए.  कोर्ट से शोहरत, मॉडलिंग से ग्लैमर रूसी स्टार कुर्निकोवा ने 14 साल की उम्र में प्रोफेशनल टेनिस में कदम रखा था. वह सिंगल्स में भले ही ग्रैंड स्लैम खिताब न जीत सकीं, लेकिन मार्टिना हिंगिस के साथ जोड़ी बनाकर 1999 और 2002 में ऑस्ट्रेलियन ओपन डबल्स खिताब जीता. टेनिस कोर्ट से बाहर भी कुर्निकोवा ने खूब सुर्खियाँ बटोरीं. 2002 में उन्हें दुनिया की सबसे सेक्सी महिला चुना गया था, जिसमें उन्होंने ब्रिटनी स्पीयर्स और जेनिफर लोपेज जैसी स्टार्स को पीछे छोड़ा. 2010 में उन्हें अब तक की सबसे सेक्सी टेनिस खिलाड़ी घोषित किया गया. हर साल चोटों से जूझीं कुर्निकोवा का करियर चोटों से भरा रहा. पीठ और पैरों की गंभीर चोटों ने उन्हें बार-बार कोर्ट से दूर किया. 2003 में महज 21 साल की उम्र में उन्होंने टेनिस को अलविदा कह दिया. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- 'मैं तभी तक खेलूंगी जब तक मुझे मजा आएगा. यह समझना जरूरी है कि टेनिस ही जिंदगी में सबकुछ नहीं है. लगभग हर साल मुझे चोट लगी. 1997 में स्ट्रेस फ्रैक्चर, 1998 में अंगूठे का लिगामेंट फट गया, 1999 में फिर से स्ट्रेस फ्रैक्चर और 2001 में तो पूरा साल ही मैं कोर्ट से बाहर रही.' 2001 से कुर्निकोवा-एनरिके साथ-साथ  दोनों की मुलाकात 2001 में इग्लेसियस के हिट गाने ‘Escape’ के म्यूजिक वीडियो के दौरान हुई थी. उस समय से दोनों साथ हैं और पिछले दो दशकों से मियामी में रह रहे हैं. उनकी ऑन-स्क्रीन हॉट केमिस्ट्री ने ही रियल लाइफ में रोमांस की शुरुआत की थी. मियामी में आलीशान जीवन कपल ने इस साल मियामी बीच के Bay Point इलाके में 6.5 मिलियन डॉलर का आलीशान घर खरीदा. इसमें पांच बेडरूम और साढ़े चार बाथरूम हैं. यह घर उनकी प्रॉपर्टी लिस्ट में नया इजाफा है. शादी का रहस्य बरकरार इस कपल की शादी हुई है या नहीं, यह अब तक रहस्य है. इग्लेसियस कई बार कुर्निकोवा को अपनी 'वाइफ' कह चुके हैं, लेकिन उनका कहना है, 'असल मायने यह रखते हैं कि आप अच्छे माता-पिता बनें, न कि शादी का कागज आपके पास हो.'

भव्य हवन में बांटी भस्म, दादा धूनीवाले दरबार में 20 पीपा रसगुल्ले और सोने-चांदी की आहुति

नर्मदापुरम नर्मदापुरम में दादा धूनीवाले दरबार में चल रहे अनुष्ठान में 20 तोला सोने और चांदी की आहुति दी गई। इसके अलावा हवन में 200 साड़ियां, चुनरियां, मगज के 11 हजार लड्डू, 20 पीपा रसगुल्ला, फल और पूजन सामग्री भी डाले गए।  ये अनुष्ठान नर्मदापुरम के हैप्पी मैरिज गार्डन में 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर शुरू हुआ था। समापन आज शुक्रवार शाम होगा। इससे पहले गुरुवार रात को आयोजित महाहवन और महाआरती में 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन परंपरागत 'धूनीमाई' पद्धति से किया गया, जो दादाजी के समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। सेवादार दादा शिवानंद महाराज ने कहा- किसी धार्मिक अनुष्ठान में पहली बार ऐसी हवन सामग्री अर्पित की गई है। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसे 7 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस तरह के आयोजन का प्रमाण वीडियो के रूप में पेश करने पर 51 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। अब तक सवा किलो सोना, एक किलो चांदी की आहुति सेवादार दादा शिवानंद महाराज ने बताया कि 51 दिन से जारी हवन में रोज काजू, किशमिश, बादाम, लड्डू और नारियल की आहुति दी जा रही है। हर गुरुवार को विशेष महाआरती और हवन होता है। 10 जुलाई से 29 अगस्त तक हर गुरुवार को 20 तोला सोना और चांदी के आभूषण की आहुति दी गई। अब तक करीब सवा किलो सोना और एक किलो चांदी की आहुति दी जा चुकी है। इस भस्म को प्रसादी के रूप में बांटा जाता है। दादाजी सेवक साहब सिंह लोधी ने बताया- हवन के बाद धूनीमाई की भस्म को छान लिया जाता है। बड़े अवशेष नर्मदा नदी में विसर्जित कर दिए जाते हैं। बची भस्म को श्रद्धालुओं में बांट दिया जाता है। चंदा या आर्थिक सहयोग नहीं लिया, स्वेच्छा से मिली सामग्री का उपयोग शिवानंद महाराज ने बताया कि पूरे आयोजन में किसी भी श्रद्धालु से चंदा या आर्थिक सहयोग नहीं लिया गया। जो भी सामग्री उपयोग की गई, वह श्रद्धालुओं द्वारा स्वेच्छा से दी गई थी। इसी सामग्री का उपयोग दरबार में भंडारे और हवन के लिए किया गया। 51 दिन तक लगातार सुबह-शाम काशी से आए ब्राह्मणों ने रूद्राभिषेक, हवन और आरती की। दोनों समय भंडारे हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। शिवानंद महाराज ने कहा कि यदि उनका प्रवास नवरात्रि के समय नर्मदापुरम में रहेगा तो ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती के अखंड पाठ कराए जाएंगे। अखंड ज्योति भी जलाई जाएगी। 100 से ज्यादा घंटे बांधे, 5100 दीपकों से सजाया अनुष्ठान में पहुंचे छीपानेर निवासी पृथ्वीराज सिंह चौहान ने बताया कि वे परिवार सहित हर दिन 51 हजार नर्मदेश्वर शिवलिंग के अभिषेक में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि दादाजी का दरबार केवल मनोकामना पूर्ति नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी है। आयोजन स्थल पर 100 से अधिक घंटे बांधे गए थे। मंच को 5100 दीपकों से सजाया गया था।

श्रीलंका की एशिया कप टीम में युवा स्टार ‘बेबी मलिंगा’, देखें पूरा स्क्वॉड

कोलंबो  एशिया कप 2025 के लिए श्रीलंका ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने इस टूर्नामेंट के लिए 16 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसकी कप्तानी चरिथ असलंका करेंगे. श्रीलंकाई टीम में ऑलराउंडर वानिंदु हसारंगा और तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना जैसे स्टार खिलाड़ियों को भी जगह मिली है. बता दें कि मथीशा पथिराना का एक्शन पूर्व श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा की तरह है, जिसके चलते उन्हें 'बेबी मलिंगा' भी कहा जाता है. पथिराना ने दिसंबर 2024 में श्रीलंकाई के लिए आखिरी बार कोई मुकाबला खेला था. 22 साल के पथिराना इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का प्रतिनिधित्व करते हैं. एशिया कप 2025 के मुकाबले इस बार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों दुबई और अबू धाबी में खेले जाएंगे. टूर्नामेंट का आयोजन टी20 फॉर्मेट में होना है. ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, ओमान और यूएई को रखा गया है. जबकि ग्रुप-बी में हॉन्ग कॉन्ग, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान की टीमें हैं. एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर को होगी और इसका खिताबी मुकाबला 28 सितंबर को होना है. श्रीलंका के ग्रुप मुकाबले कब-कब? श्रीलंका ने एशिया कप के पिछले संस्करण (2023) में दूसरा स्थान हासिल किया था. श्रीलंका अपने अभियान की शुरुआत 13 सितंबर को अबू धाबी में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले से करेगा. फिर उसका सामना 15 सितंबर को दुबई में हॉन्ग कॉन्ग से होगा. इसके बाद श्रीलंकाई टीम 18 सितंबर को अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज का अपना आखिरी मुकाबला खेलेगी. एशिया कप के लिए श्रीलंका का 16 सदस्यीय स्क्वॉड: चरिथ असलंका (कप्तान), पथुम निसंका, कुसल मेंडिस, कुसल परेरा, नुवानीदु फर्नांडो, कामिंदु मेंडिस, कामिल मिशारा, दासुन शनाका, वानिंदु हसारंगा, डुनिथ वेलालगे, चमिका करुणारत्ने, महीश तीक्ष्णा, दुष्मंथा चमीरा, बिनुरा फर्नांडो, नुवान तुषारा, मथीशा पथिराना.

एक्सप्रेस वे हादसे में आगरा के अधिकारी की मौत

आगरा आगरा के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और वर्तमान में कलेक्ट्रेट में अपर नगर मजिस्ट्रेट का चार्ज संभाल रहे एसडीएम राजेश जायसवाल की लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। एसडीएम अपनी कार से वापस लौट रहे थे। इटावा के पास एक्सप्रेस वे पर दर्दनाक हादसे में उनकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार, राजेश जायसवाल की कार  इटावा के पास एक्सप्रेस वे पर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। राजेश जायसवाल किरावली में एसडीएम के पद पर तैनात थे। और वर्तमान में कलेक्ट्रेट में अपर नगर मजिस्ट्रेट का चार्ज संभाल रहे थे। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे की पूरी जांच की जा रही है। राजेश जायसवाल का निधन प्रशासनिक सेवा में एक प्रमुख नुकसान माना जा रहा है।  

बारिश बनी आफत: खेतों में डूबीं फसलें, सड़कें-जिंदगी प्रभावित

जयपुर राजस्थान में मानसून का दौर लगातार सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग ने 10 सितंबर तक राज्य में यलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बांसवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा 5 इंच तक बारिश दर्ज की गई, वहीं झालावाड़, बूंदी, कोटा और जयपुर समेत अन्य जिलों में भी झमाझम बरसात हुई। भारी वर्षा के चलते कुछ जिलों में दुखद घटनाएं भी सामने आईं। सलूंबर के झल्लारा क्षेत्र में एक शिक्षक बाइक समेत नदी में बह गए, वहीं भीलवाड़ा जिले के बड़लियास थाना क्षेत्र में नदी में नहाने गई दो युवतियां पानी का स्तर अचानक बढ़ने से डूब गईं। नदियों और नालों में तेज बहाव ने ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून टर्फ लाइन गंगानगर, शिवपुरी और दमोह होते हुए लो-प्रेशर सिस्टम तक गुजर रही है, जिसके चलते बारिश का दौर जारी है। इसके अलावा एक अन्य टर्फ मध्यप्रदेश से दक्षिणी पंजाब की ओर सक्रिय है, जो राजस्थान में बारिश बढ़ाने का कारण बन रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के इस सक्रिय चरण में राज्यभर में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके चलते सड़कों पर जलभराव, फसल नुकसान और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों के लिए निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बारिश का असर और अधिक गंभीर हो सकता है, इसलिए सभी को सतर्क और सावधान रहना जरूरी है।

जस्टिस शम्भू सिंह नहीं रहे, इंदौर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश का आज होगा अंतिम संस्कार

इंदौर राजगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील के ग्राम ढाबला निवासी और इंदौर हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायमूर्ति शम्भू सिंह (85) का गुरुवार देर रात निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के अनुसार जस्टिस शम्भू सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 1 बजे पैतृक गांव ढाबला में होगा। निधन की खबर फैलते ही गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। निष्पक्षता और सादगी के लिए जाने जाते थे जस्टिस शम्भू सिंह अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान निष्पक्ष फैसलों, ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए पहचाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। 2004 में लड़ा था लोकसभा चुनाव वर्ष 2004 में उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में राजगढ़ लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन क्षेत्र में उनकी पहचान न्यायप्रिय और सरल स्वभाव वाले नेता के रूप में बनी रही। न्यायिक और राजनीतिक जगत में शोक उनके निधन से न्यायिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।  

पूर्व RBI गवर्नर उर्जित पटेल को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में बड़ी भूमिका

नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के तौर पर उनके कार्यकाल को देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण माना जाता है।  उनकी यह नियुक्ति तीन वर्षों के लिए होगी।   अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ कैबिनेट की सहमति के बाद उर्जित पटेल को इस बेहद महत्वपूर्ण पद के लिए चुना गया और केंद्र सरकार के 28 अगस्त के नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने दिसबंर 2018 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर के पद से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल सितंबर 2019 तक था, लेकिन इसके पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। वे एनआईपीएफपी के चेयरमैन के रूप में भी काम कर चुके हैं। 

PAK पर मिसाइल हमले की तैयारी में थे 15 MiG-29K, इंडियन नेवी का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय नौसेना ने अपनी ताकत का जबरदस्त प्रदर्शन किया. वाइस एडमिरल तरुण सोबती, डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (DCNS) ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान  एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर 15 मिग-29के फाइटर जेट्स तैनात थे.  मध्य प्रदेश के डॉ. अंबेडकर नगर में आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित तीनों सेनाओं के 'रण संवाद-2025' में नौसेना की त्वरित और दृढ़ कार्रवाइयों के बारे में बताया. पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 से 10 मई 2025 तक ऑपरेशन सिंदूर चला था. पहलगाम हमले से शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें हिंदू पुरुषों को निशाना बनाकर 26 पर्यटकों की हत्या की गई. 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने जिम्मेदारी ली, जो लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी है.  भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद समर्थन का आरोप लगाया. 7 मई को भारत ने मिसाइल हमले शुरू किए, जो पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 स्थानों पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. पाकिस्तान ने दावा किया कि हमले नागरिक क्षेत्रों पर हुए, जिसमें 31 मौतें हुईं. भारत ने कहा कि केवल आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया गया. यह ऑपरेशन 10 मई को समाप्त हुआ, लेकिन इससे पहले तनाव बढ़ा, जिसमें ड्रोन और मिसाइल हमले हुए. नौसेना का रोल समुद्री ब्लॉकेड और निगरानी में था. वाइस एडमिरल सोबती ने बताया कि नौसेना का द्विवार्षिक थिएटर-लेवल एक्सरसाइज TROPEX पहले से ही पश्चिमी समुद्री तट पर संपत्तियों को तैनात कर चुका था. 96 घंटों के अंदर सभी ऑपरेशनल जहाज समुद्र में तैनात हो गए. हम बंदरगाह लौटे, गोला-बारूद की पूर्ति की (क्योंकि जहाज हमेशा पूरी तरह लोड नहीं होते) और सभी जहाजों व पनडुब्बियों को तैयार करके फिर समुद्र में उतर गए.   आईएनएस विक्रांत का रोल: 15 मिग-29के के साथ ताकत का प्रतीक ऑपरेशन का केंद्र था आईएनएस विक्रांत. भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर. इस पर 15 मिग-29के फाइटर जेट्स तैनात थे, जो डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट्स और पनडुब्बियों वाले टास्क फोर्स का बैकबोन बने. विक्रांत कराची के दक्षिण में अंतरराष्ट्रीय जल में तैनात होकर डी फैक्टो ब्लॉकेड स्थापित किया, जिससे पाकिस्तानी नौसेना अपने बंदरगाहों तक सीमित हो गई. वाइस एडमिरल सोबती ने कहा कि हमने विक्रांत पर 15 मिग-29के चढ़ाए और समुद्र में तैयार हो गए. उद्देश्य फॉरवर्ड और डिटरेंट पोस्चर बनाए रखना था, ताकि विरोधी नौसेना हमें, हमारे व्यापार मार्गों, आर्थिक जीवनरेखाओं या तट को धमकी न दे सके. यह रणनीति सफल रही. उन्होंने कहा कि हम सफल रहे, क्योंकि हम पाकिस्तानी नौसेना को तट के पास बांध सके. उनके पास मैन्युवर की आजादी नहीं थी, वे बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सके. हमने वह पोस्चर बनाए रखा. नौसेना की उपस्थिति सैटेलाइट, विमान, UAVs और तटीय रडार से समुद्री डोमेन अवेयरनेस से मजबूत हुई, जिससे पाकिस्तानी यूनिट्स बिना सीधे लड़ाई के निष्क्रिय हो गईं. नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर: बिना बॉर्डर क्रॉस किए लक्ष्य हासिल ऑपरेशन सिंदूर ने नौसेना की 'नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर' क्षमता दिखाई, जिसमें एडवांस्ड इंटेलिजेंस, लॉन्ग-रेंज मिसाइल्स और अनमैनेड सिस्टम्स से रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल किया. सोबती ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से नौसेना के अलावा पूरी सशस्त्र सेनाओं ने कई सबक सीखे. कुछ उपाय लागू हो चुके, बाकी तेजी से हो रहे हैं.      लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक: दुश्मन क्षेत्र में न घुसते हुए लैंड और सी टारगेट्स को प्रभावित करने की क्षमता बढ़ानी होगी .     काउंटर-ड्रोन सिस्टम्स: लो-कॉस्ट UAVs का खतरा बढ़ा है, जैसे रेड सी और एडेन गल्फ में हूती हमलों में. मिलियन डॉलर के महंगे SAMs से लो-कॉस्ट UAVs को नष्ट करना महंगा है. हमें काउंटर-UAV सिस्टम विकसित करने होंगे.     इलेक्ट्रोमैग्नेटिक मैनेजमेंट: काउंटर-UAV जैमर्स से नौसेना के रडार प्रभावित हो सकते हैं. जहाज पहले से उपकरणों से भरे हैं, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वातावरण घना है.  नए ट्रांसमिटिंग सिस्टम्स जोड़ने से अपनी रडार क्षमता बाधित हो सकती है.  भविष्य के युद्धों के लिए सबक नौसेना की भूमिका समुद्री ब्लॉकेड में थी, जो पाकिस्तानी नौसेना को कराची बंदरगाह तक सीमित रखी. सोबती ने कहा कि नौसेना के कर्मी रैरिंग टू गो थे. एस्केलेशन लैडर कंट्रोल्ड था, क्योंकि मिलिट्री और पॉलिटिकल एम जल्द हासिल हो गया. अगर विरोधी बढ़ाता, तो हम तैयार थे. 

हंगामे के बीच झारखंड विधानसभा की कार्यवाही ठप, स्पीकर का विशेष आग्रह

रांची झारखंड विधानसभा के पूरक मानसून सत्र की कार्यवाही बीते गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सदन में भोजनावकाश के बाद सभा की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह सदन तृतीय मानसून सत्र के रूप में 1 अगस्त से 7 अगस्त, 2025 तक आहूत था परंतु बीच सत्र में दिशोम गुरू शिबू सोरेन के निधन के आलोक में 4 अगस्त, 2025 को सदन स्थगित की गयी। पुन: सदन नेता का प्रस्ताव प्राप्त होने पर 22 अगस्त 2025 से 28 अगस्त, 2025 तक के लिए तृतीय (मानसून) पूरक सत्र 2025 चल कर आज समाप्त हुआ। सत्र में कुल 324 प्रश्न हुए स्वीकृत विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस सत्र में कुल 324 प्रश्न स्वीकृत की गयी, जिसमें 107 अल्पसूचित, 183 तारांकित तथा 34 अतारांकित प्रश्न शामिल है। शून्यकाल की कुल 70 सूचनाएं स्वीकृत हुई, कुल 21 निवेदन प्राप्त हुए। कुल 34 ध्यानाकर्षण प्राप्त हुए, जिसमें से 20 स्वीकृत हुए तथा 4 ध्यानाकर्षण सदन में उत्तरित हो पाये। इस सत्र में कुल 34 गैर सरकारी संकल्प प्राप्त हुए। महतो ने कहा कि इस सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट, सहित 5 अन्य राजकीय विधेयक, झारखण्ड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, झारखण्ड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (शुल्क विनियमन) विधेयक, झारखण्ड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, झारखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (विशेष छूट) विधेयक तथा झारखण्ड प्लेटफॉर्म आधारित गिग श्रमिक (निबंधन और कल्याण), विधेयक, 2025 सदन में उपस्थापित किया तदोपरांत सदन द्वारा पारित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्लेटफॉर्म आधारित गिग श्रमिक विधेयक से झारखण्ड के वर्तमान सरकार का सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। गिग श्रमिकों की पहचान, लाखों युवाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, कानूनी सुरक्षा, प्लेटफॉर्म कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए लाये गये विधेयक एवं सदन द्वारा पारित एक मिशाल कायम करेगा। यह विधेयक झारखण्ड के गिग श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं न्यायपूर्ण अवसरों की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। मैं समझता हूं कि यह कानून अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकता है। झारखण्ड व्यावसायिक शिक्षण संस्थान शुल्क विनियमन विधेयक राज्य में तेजी से बढ़ती निजी शिक्षा, निजी संस्थानों की फीस संरचना और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगा। प्रश्नकाल में जनता की आवाज को प्राथमिकता दे अध्यक्ष ने कहा कि झारखण्ड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक, 2025 के माध्यम से राज्य के कोचिंग संस्थानों को एक व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह ढांचे के अंतर्गत लाने का प्रयास है। इस विधेयक के माध्यम से विद्यार्थियों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा, शूल्क पर नियंत्रण, गुणवतापूर्ण शिक्षा का वातावरण, मानसिक स्वास्थ्य के साथ डीजिटल प्रणाली को बढ़ावा देगा जिससे अभिभावकों का विश्वास बढ़ेगा तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। महतो ने कहा कि सदन की कार्यवाही के बीच एक पीड़ादायक परिणाम भी सामने आती है जिसको आज इस अवसर पर साझा करना आवश्यक हो जाता है। यह देखा जा रहा है कि कई माननीय सदस्यगण अनेक बार अपनी जनप्रतिबद्धता और स्थानीय समस्याओं की अपेक्षा दलगत निर्देशों को प्राथमिकता देने लगते है। जब जनादेश से चुने गये हम सब जनप्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं को पीछे छोड़कर केवल पार्टी कमांड का पालन करते है तो यह सदन के लिए, लोकतंत्र के लिए बहुत उचित प्रतित नहीं होता है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा तभी बनी रह सकती है जब प्रत्येकसदस्य अपना दायित्व जनता के प्रति निष्पक्षता से पालन करे। आज यह आग्रह करना चाहूंगा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता की आवाज को प्राथमिकता कम से कम प्रश्नकाल में जरूर दे। उन्होंने कहा कि मैं यहां सदन के प्रथम निर्वाचित भारतीय अध्यक्ष विट्ठल भाई जी के संसदीय अनुशासन को स्मरण करना चाहूंगा। उनका मानना था कि 'सदन की शक्ति उसके परम्परा और अनुशासन में है यदि नियमों का पालन न हो, तो यह केवल बहस का मंच रह जायेगा न की एक लोकतांत्रिक संस्था'। महतो ने कहा कि यह सदन झारखण्ड राज्य के निर्माता, समाज सुधारक, वंचितों, दबे-कुचलों, शोषितों, आदिवासियों के हक हकूक के लिए हमेशा अपना जीवन निछावर करने वाले दिशोम गुरू शिबू सोरेन को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' प्रदान करने के लिए प्रस्ताव सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया। इस निमित्त भी यह सत्र ऐतिहासिक साबित होगा। सत्र के संचालन में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद, नेता प्रतिपक्ष, सभी दलों के नेता और सभी माननीय सदस्यों का जो सहयोग मुझे प्राप्त हुआ इसके लिए मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। राज्य सरकार के समस्त अधिकारियों, विधान सभा सचिवालय के पदाधिकारी / कर्मी, पुलिस बल और मीडिया का भी आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस सत्र को सफल बनाने के लिए अपना योगदान दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष महतो ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।