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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दीं ऋषि पंचमी की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को ऋषि पंचमी के अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वेदों के ज्ञान और मानवता के कल्याण के लिए जीवन समर्पित करने वाले सप्तऋषियों कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ जी के चरणों में कोटिश: नमन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश के साथ संपूर्ण जगत के कल्याण के लिए प्रार्थना की है।  

महोदय, शिक्षिका 12 बजे स्कूल आती हैं और दो बजे घर लौट जाती हैं

–    नाम छुपाने की शर्त पर सिवान के रघुनाथपुर के एक ग्रामीण ने दर्ज कराई है विभाग में शिकायत –    लिखा, शिक्षिका का परिवार दबंग है, नाम उजागर होने पर हो सकता है मेरी जान को खतरा     पटना, शिक्षा विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को ग्रामीणों के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति और कार्यकलापों को लेकर कई तरह की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। ऐसी एक शिकायत सिवान के रघुनाथपुर स्थित हाई स्कूल सह इंटर कॉलेज, निखती कलां से प्राप्त हुई है। यह शिकायत वहां के एक स्थानीय ग्रामीण ने वहां कार्यरत एक शिक्षिका सुश्री गीतांजलि के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराई है।        उक्त ग्रामीण का कहना है कि शिक्षिका गीतांजलि का निवास विद्यालय से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है। किंतु उन्होंने अपने एक नज़दीकी रिश्तेदार  जो विद्यालय से लगभग 500 मीटर दूरी पर रहते हैं। शिक्षिका ने उनके घर पर अपना मोबाइल रख छोड़ा है। उसी रिश्तेदार द्वारा प्रतिदिन उनकी हाजिरी मोबाइल ऐप से बनाई जाती है, जबकि शिक्षिका विद्यालय में समय पर उपस्थित नहीं रहतीं। वह कभी 11 बजे तो कभी 12 बजे स्कूल आती हैं। कभी आती ही नहीं हैं और दोपहर 2 से 3 बजे ही विद्यालय से चली जाती हैं। जब प्रधानाध्यापक ने उनके खिलाफ सख्ती दिखाई, तो उक्त शिक्षिका एवं उनके रिश्तेदारों द्वारा प्रधानाध्यापक को ही जान से मारने की धमकी देने लगे।      इस व्यक्ति ने विद्यालय के कुछ फोटो भी बतौर साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं जिससे उसके आरोपों की पुष्टि होती है। शिक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि उक्त शिक्षिका ने अपनी कई दिनों की हाजिरी एक ही पृष्ठभूमि यानी बैकग्राउंड में बनाई गई है। किसी दिन सुबह और शाम की हाजिरी की फोटो में कपड़े भी अलग-अलग हैं। कभी-कभी तो शिक्षिका की जगह किसी पुरुष का फोटो भी हाजिरी में दर्ज है। उनका हाजिरी लोकेशन भी हमेशा 400 मीटर से अधिक दूरी दर्शाता रहा है। उक्त शिकायतकर्ता का कहना है कि इस विषय की जानकारी बीआरसी और जिलास्तर के पदाधिकारियों को भी है, लेकिन दबंग रिश्तेदारों के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उसने यह भी बताया है कि इस मामले में स्थानीय स्तर पर शिकायत करने पर मेरी सुरक्षा को खतरा है। इस वजह से निवेदन किया गया है कि इस शिकायत को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाए और साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।

अनमोल सिनेमा पर 31 अगस्त को होगा ‘पुष्पा 2 : द रूल’ का प्रीमियर

मुंबई,  ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा 2 : द रूल’ का प्रीमियर अनमोल सिनेमा पर 31 अगस्त को होगा।  सुकुमार के निर्देशन में बनी फिल्म ‘पुष्पा 2 : द रूल’ का प्रीमियर अनमोल सिनेमा पर 31 अगस्त को शाम 7 बजे होगा।इस फिल्म में अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना की अहम भूमिका है। फिल्म के प्रीमियर के बारे में बात करते हुए रश्मिका मंदाना ने कहा, “श्रीवल्ली का किरदार निभाना मेरे लिए बेहद खास अनुभव रहा है, क्योंकि उसमें एक शांत ताकत और गहराई है। पुष्पा 2 में वो पहले से कहीं ज़्यादा मुखर होती है।वह अब सिर्फ साथ निभाने वाली नहीं पत्नी नहीं है, बल्कि जब वक़्त आता है, तो डटकर साथ खड़ी होती है। एक सीन में वो पुष्पा के लिए आवाज़ उठाती है, और वह पल न सिर्फ़ उनके रिश्ते का प्रतीक है, बल्कि उनकी अपनी सोच और हिम्मत की भी। यह बदलाव दिखाना मेरे लिए बहुत ही सशक्त और सच्चा अनुभव रहा।” निर्देशक सुकुमार ने कहा, “सिनेमा लोगों से कई स्तरों पर जुड़ता है, और टेलीविज़न उस अनुभव को उनके सबसे निजी स्पेस यानी घर तक लेकर आता है। यह फिल्म मेरे दिल के बेहद क़रीब है, जिसकी हर फ्रेम, हर जज़्बात, प्यार और जुनून से बुना गया है। मैं चाहता हूं कि लोग अपने परिवार के साथ बैठकर पुष्पा का यह सफर फिर से महसूस करें ।एक्शन, इमोशन और ड्रामा को फिर से जीएँ, और उसे अपने घर में आराम से बैठकर खुलकर एन्जॉय करें।”  

किशनगंज में जीविका दीदियों ने संभाली टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई की कमान

– महानंदा लीफ से बनेगी किशनगंज की चाय की पहचान – बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की जीविका दीदियाँ करेंगी टी फैक्ट्री का संचालन पटना,  किशनगंज के पोठिया में गुरुवार को  महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा ने कहा कि यह इकाई जिले के चाय पत्ता उत्पादक किसानों और जीविका दीदियों के लिए आर्थिक स्वावलंबन का मजबूत आधार बनेगी। उन्होंने बताया कि अब हमारी दीदियाँ टी फैक्ट्री का संचालन करेंगी और आने वाले समय में महानंदा लीफ ब्रांड के नाम से यहां तैयार चाय देश-विदेश में अपनी पहचान बनाएगी। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि यह इकाई स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत कालिदास किस्मत, कचकेचिपाड़ा, पोठिया में स्थापित की गई थी। राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा इकाई को जीविका को हस्तांतरित करना किसानों के हित में साबित होगा। जीविका संपोषित महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की दीदियाँ इसका संचालन करेंगी। लाभार्थी दीदियों को सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज और इंडिविजुअल इंटरप्राइज के लिए सांकेतिक चेक प्रदान किया गया। वहीं खुशी सीएलएफ अंतर्गत दीदी अधिकार केंद्र शुभारंभ के लिए डमी चाबी सौंपी गई। स्थानीय किसान शिखा और आरती दीदी ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के गठन से चाय उत्पादक किसानों को अब उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल रहा है और वे बिचौलियों से मुक्त हुए हैं। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त स्पर्श गुप्ता, जीविका निदेशक उद्यम विनय कुमार राय, डीपीएम अनुराधा चंद्रा सहित जीविका एवं जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

CGPSC गोपनीयता भंग का आरोप, PCC चीफ ने की CBI जांच की मांग

रायपुर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने राज्य सरकार पर छत्तीसगढ़ राज्य लोकसेवा आयोग (पीएससी) को बर्बाद करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने आज प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पीएससी परीक्षा की गोपनीयता भंग हो चुकी है और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वालों के नाम तक सार्वजनिक हो रहे हैं. दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी परीक्षा करवाने का वादा किया था, लेकिन आज परीक्षाओं को मजाक बना दिया गया है. एक वेबसाइट रिपोर्ट के मुताबिक बिलासपुर पीजीबीटी कॉलेज के कुछ शिक्षक, जिनमें विद्याभूषण शर्मा, सलीम जावेद और प्रिंसिपल का नाम शामिल है, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर रहे हैं. यहां तक कि डेपुटेशन पर नौकरी करने वालों और अपात्र शिक्षकों को भी कॉपी जांचने की जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब 5वीं की बोर्ड परीक्षा में भी प्रश्नपत्र और कॉपी जांचने वालों के नाम गोपनीय रखे जाते हैं, तब उच्च पदों की भर्ती के लिए आयोजित पीएससी परीक्षा में यह गोपनीयता क्यों नहीं रखी गई? उन्होंने कहा कि जब परीक्षकों के नाम बाजार में सामने आ रहे हैं तो निष्पक्ष मूल्यांकन की गारंटी नहीं बचती. इस मामले की भी सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए.

हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद, जिन्होंने ना कहा हिटलर के ऑफर को

नई दिल्ली  मेजर ध्यानचंद 'हॉकी के जादूगर' थे। उनका खेल अद्भुत था। जब गेंद उनके पास होती, तो इसे उनसे छीनना नामुमकिन होता। मेजर ध्यानचंद ने भारत को तीन ओलंपिक स्वर्ण दिलाए। उनकी गिनती दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में होती है। आज भी भारतीय उनके खेल को याद करके गर्व महसूस करते हैं। 29 अगस्त 1905 को प्रयागराज में जन्मे ध्यान सिंह के पिता ब्रिटिश सेना में थे। वह हॉकी के शौकीन थे। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए ध्यान सिंह महज 16 साल की उम्र में बतौर सिपाही सेना में शामिल हो गए। उन्होंने भी सेना में सेवा देते हुए हॉकी खेलना शुरू कर दिया। ध्यान सिंह के दोस्त उन्हें 'चंद' कहकर पुकारते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि ध्यान सिंह ड्यूटी के बाद अक्सर चांदनी रात में घंटों हॉकी की प्रैक्टिस किया करते थे। ऐसे में उनका नाम 'ध्यानचंद' पड़ गया। सेना में रहते हुए ध्यानचंद ने रेजिमेंटल मैच खेलने शुरू कर दिए थे। साल 1922 से 1926 के बीच अपने शानदार खेल के चलते ध्यानचंद सुर्खियों में आ गए। मेजर ध्यानचंद की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें सेना की टीम में न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुन लिया गया। इस दौरे पर मेजर ध्यानचंद ने शानदार प्रदर्शन किया और सेना की टीम ने 18 मैच जीते। सिर्फ एक ही मुकाबले में उसे हार मिली। जब नवगठित भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) ने 1928 ओलंपिक के लिए एक टीम भेजने का फैसला किया, तो ध्यानचंद को ट्रायल के लिए बुलाया गया। ध्यानचंद ने न सिर्फ टीम में जगह बनाई, बल्कि पांच मुकाबलों में 14 गोल दागते हुए शीर्ष स्कोरर भी रहे। भारतीय हॉकी टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और गोल्ड जीता। साल 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में भारत को हॉकी में गोल्ड मेडल जिताने में मेजर ध्यानचंद का अहम योगदान रहा। 'हॉकी के जादूगर' ने तीन ओलंपिक के 12 मुकाबलों में 37 गोल दागे। 1936 ओलंपिक में ध्यानचंद के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने जर्मनी को 8-1 से शिकस्त दी। जर्मनी की करारी हार से हिटलर काफी गुस्से में था। वह मुकाबले के बीच में ही स्टेडियम से बाहर चला गया। इस मुकाबले की समाप्ति के बाद हिटलर ने ध्यानचंद से मुलाकात की और उन्हें अपनी सेना में बड़ा पद ऑफर किया, लेकिन ध्यानचंद ने विनम्रता के साथ इसे ठुकरा दिया। जब मेजर ध्यानचंद हॉकी खेलते, तो मानो गेंद उनकी हॉकी स्टिक से चिपक ही जाती। हॉलैंड के खिलाफ एक मैच के दौरान उनकी हॉकी स्टिक को तोड़कर चेक तक किया गया, लेकिन जांच में उन्हें निर्दोष पाया गया। जब द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ, उस वक्त तक ध्यानचंद 40 साल से ज्यादा के हो चुके थे। साल 1948 में जब स्वतंत्र भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया, उस समय मेजर ध्यानचंद ने टीम का हिस्सा बनने से मना कर दिया। उनका मानना था कि अब युवा खिलाड़ियों को मौका देने का समय आ गया है। ध्यानचंद ने भारतीय सेना में करीब 34 साल अपनी सेवा दी। वह 1956 में बतौर लेफ्टिनेंट रिटायर हुए। करीब 22 वर्षों तक मेजर ध्यानचंद ने भारत के लिए हॉकी खेलते हुए 400 से ज्यादा गोल दागे। 'पद्म भूषण' से सम्मानित इस दिग्गज हॉकी खिलाड़ी के नाम पर आज खिलाड़ियों को 'मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड' दिए जाते हैं। 3 दिसंबर 1979 को मेजर ध्यानचंद ने कैंसर से जंग लड़ते हुए दुनिया को अलविदा कह दिया। भारत में 29 अगस्त को उनके जन्मदिवस को 'राष्ट्रीय खेल दिवस' के रूप में मनाया जाता है।

धमाकेदार एंट्री: TVS का नया EV स्कूटर Orbiter, कीमत में बजट-फ्रेंडली

मुंबई  टीवीएस मोटर कंपनी ने आज घरेलू बाजार में अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए नए इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS Orbiter को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है. इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर को लेकर कंपनी का दावा है कि, इसमें कई नए और एडवांस फीचर्स दिए गए हैं, जो सेग्मेंट में दूसरे मॉडलों में नहीं मिलते हैं. जैसा कि पहले से ही पूर्वानुमान था, कंपनी ने इस स्कूटर को iQube के मुकाबले किफायती रखा है. इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती कीमत महज 99,900 रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. कैसा है नया TVS Orbiter सबसे पहले लुक और डिज़ाइन की बात करें तो ये स्कूटर बाजार में उपलब्ध अन्य मॉडलों से काफी अलग है. इस स्कूटर को कंपनी ने बॉक्सी और फ्यूचरिस्टिक डिज़ाइन दिया है. टीवीएस का कहना है कि, स्कूटर के एयरोडायनमिकी पर ख़ासा काम किया गया है, जो इसे 10% एक्स्ट्रा रेंज देने में मदद करता है. टीवीएस ऑर्बिटर में कनेक्टेड मोबाइल ऐप, वाइज़र के साथ फ्रंट LED हेडलैंप और इनकमिंग कॉल डिस्प्ले वाला कलर्ड LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है. TVS Orbiter में कंपनी ने 845 मिमी लंबी सीट दी है, जो फ्लैटफ़ॉर्म सीट पर राइडर और पीछे बैठे व्यक्ति दोनों के लिए कम्फर्टेबल राइड प्रदान करती है. जबकि 290 मिमी का स्ट्रेट फ़ुटबोर्ड चालक को पर्याप्त लेगरूम प्रदान करता है. स्कूटर में कंपनी ने एक चौड़ा और सीधा हैंडलबार दिया गया है, जो राइडिंग पोस्चर को स्ट्रेट रखने में मदद करता है. इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में  34 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज भी दिया गया है, जो दो हेलमेट रखने के लिए पर्याप्त है. बैटरी और ड्राइविंग रेंज टीवीएस ऑर्बिटर में कंपनी ने 3.1 kWh की क्षमता का लिथियम-ऑयन बैटरी पैक दिया है. जिसको लेकर कंपनी का दावा है कि, ये स्कूटर को सिंगल चार्ज में 158 किलोमीटर तक की शानदार ड्राइविंग रेंज देता है. इसकी बैटरी IP67 रेटेड है, जो इसे धूल, धूप या पानी से भी पूरी तरह सुरक्षित रखती है. इसमें 14 इंच के व्हील दिए गए हैं जो स्कूटर को खराब रास्तों पर भी आसानी से दौड़ने में मदद करते हैं.  टेक्नोलॉजी और कनेक्टिविटी      एक्टिव सेफ्टी: दुर्घटना, स्कूटर के गिरने, एंटी-थेफ्ट, जियो-फेंसिंग और टाइम-फेंसिंग अलर्ट मिलता है.     कंट्रोल: मोबाइल ऐप पर दूर से बैटरी चार्ज और ओडोमीटर की जाँच की जा सकती है.     स्मार्ट नेविगेशन: कस्टमाइजेबल सेटिंग्स के साथ टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन की सुविधा.     स्मार्टफोन कनेक्टिविटी: एलसीडी डिजिटल क्लस्टर पर कॉल, एसएमएस और व्यक्तिगत अलर्ट मिलेंगे.     सेफ्टी फीचर्स: हिल होल्ड असिस्ट, क्रूज़ कंट्रोल और पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं.     अपडेट: समय-समय पर ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट मिलेंगे.     डुअल मोड: रेंज और सुरक्षा के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग के साथ इको और पावर मोड दिए गए हैं. मिलते हैं ये फीचर्स 169 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ आने वाले टीवीएस ऑर्बिटर में इंटीग्रेटेड इंडिकेटर्स के साथ एलईडी हेडलैंप, एज-टू-एज कॉम्बिनेशन लैंप, एक USB चार्जिंग पोर्ट और मज़बूत बॉडी दी गई है. स्कूटर के बॉडी पर ऑर्बिटर ग्राफिक्स, कनेक्टेड टेल लैंप इत्यादि इसके डिज़ाइन को और भी बेहतर बनाते हैं.  टीवीएस ऑर्बिटर कनेक्टेड फीचर्स के अपने एडवांस सेट के साथ सेफ्टी को और भी बेहतर बनाता है. कंपनी का कहना है कि इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में  टाइम फ़ेंस, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग, नेविगेट-टू-व्हीकल, क्रैश और फ़ॉल अलर्ट, इमरजेंसी नोटिफिकेशन, जियोफ़ेंसिंग, एंटी-थेफ़्ट और टोइंग अलर्ट जैसी सुविधाएं दी गई हैं. इसके अलावा ये सेग्मेंट का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर है जिसमें क्रूज कंट्रोल की सुविधा दी गई है.  स्कूटर गिरने पर मिलेगा अलर्ट इसमें एक ऐसा फीचर दिया गया है कि, यदि आपका स्कूटर पार्किंग में खड़ा है और अचानक किसी वजह से गिर जाता है. तो इस स्थिति में आपके स्मार्टफोन पर तत्काल अलर्ट आएगा. जिससे आप यह जान सकेंगे कि, स्कूटर के पोजिशन में बदलाव हुआ है. इसके अलावा इसमें वाहन चोरी होने की स्थिति से बचने के लिए एंटी-थेफ्ट अलर्ट भी मिलता है.  कलर ऑप्शन और बुकिंग टीवीएस ऑर्बिटर को कंपनी ने कुल 6 कलर ऑप्शन के साथ लॉन्च किया है. जिसमें निऑन सनबर्स्ट, स्ट्रैटोस ब्लू, लूनर ग्रे, स्टेलर सिल्वर, कॉस्मिक टाइटेनियम और मार्टियन कॉपर शामिल हैं. इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की आधिकारिक बुकिंग शुरू की जा चुकी है. जिसे कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत डीलरशिप के माध्यम से बुक किया जा सकता है.  इनसे है मुकाबला टीवीएस मोटर्स ने नए TVS Orbiter को किफायती कीमत में पेश कर बाजार में प्रतिस्पर्धा को और भी बढ़ा दिया है. अपने iQube के साथ टीवीएस मोटर्स पहले से ही सेग्मेंट का लीडर बना हुआ है. अब ये नया स्कूटर बाजार में बजाज चेतक, ओला इलेक्ट्रिक, हीरो विडा और एथर एनर्जी के इलेक्ट्रिक स्कूटरों को कड़ी टक्कर देगा.

बिहार में ग्रामीण सड़कों के निर्माण से कम हुई गांवों से शहरों की दूरी

–    नाबार्ड के सहयोग से राज्य की 2025 ग्रामीण सड़कों में 1859 पर फर्राटा भर रहे हैं छोटे बड़े वाहन –    कुल 1235 ग्रामीण पुलों में 910 पुलों का भी निर्माण कार्य पूर्ण, ग्रामीण कार्य विभाग ने जारी की सड़कों के निर्माण की प्रगति रिपोर्ट    पटना, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की मदद से बिहार में निर्मित ग्रामीण सड़कों और पुलों का संजाल बुनने का काम अब लगभग अपने अंतिम चरण में है। राज्य में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों के निर्माण से गांवों की तस्वीर तो बदली ही है, साथ ही राज्य के सुदूर गांवों से शहरों की दूरी लगातार कम गई है। साथ ही राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को यह सड़कें नई रफ़्तार दे रही हैं। नाबार्ड के सहयोग से इस राज्य योजना के तहत विभिन्न जिलों में स्वीकृत सड़कों के निर्माण की ग्रामीण कार्य विभाग ने जिलावार प्रगति रिपोर्ट गुरुवार को जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में राज्य की कुल 2025 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की विभाग ने प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की थी। जिसमें 1859 सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। इन 2025 सड़कों की कुल लम्बाई 5254.490 किलोमीटर है, जिसमें 4822.474 सड़कों का निर्माण कर लिया गया है। इसी तरह, राज्य में ग्रामीण सड़कों के साथ-साथ कुल 1235 पुलों के निर्माण का लक्ष्य भी नाबार्ड के सहयोग से निर्धारित किया गया था। जिसमें अबतक कुल 910 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 325 पुलों का निर्माण का कार्य जारी है और इसे अगले कुछ महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। नालंदा समेत इन जिलों का प्रदर्शन शानदार ग्रामीण कार्य विभाग के स्तर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नालंदा जिला सबसे आगे है। जहां कुल 214 सड़कों की स्वीकृति में से 199 सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। नालंदा में 370 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। जबकि लक्ष्य 396.194 किलोमीटर सड़क के निर्माण का है। साथ ही, नालंदा में 67 पुल का निर्माण किया जाना था, जिसमें 59 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं, गयाजी में कुल 129 सड़कों के निर्माण की मिली स्वीकृति के विरुद्ध 120 सड़कों का निर्माण हो चुका है। गयाजी में कुल 395.245 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके विरुद्ध अबतक 365.782 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि गयाजी में निर्माणाधीन 57 पुलों में 46 पुलों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। वहीं, राजधानी पटना जिला में कुल 167 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। जिनमें से 157 सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। पटना में कुल 363.767 किमी से अधिक ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य है। जबकि इस लक्ष्य के विरुद्ध कुल 329.708 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा चुका है। पटना के ग्रामीण इलाकों में निर्माणाधीन कुल 54 पुलों में 46 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं, औरंगाबाद में कुल 244.856 किलोमीटर, दरभंगा में 235.740 किमी, पूर्वी चंपारण में 230.772 किमी, मुंगेर में 202.814 किमी, रोहतास में 176.462 किमी, जहानाबाद में 169.606 किमी, सीतामढ़ी में 151.346 किमी, मुजफ्फरपुर में 139.682 किमी सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वहीं, जमुई, मधुबनी, समस्तीपुर, गोपालगंज, किशनगंज और नवादा में भी ग्रामीण सड़कों के निर्माण का काम लगभग पूर्ण हो चुका है।

टीम द राजासाब ने सेट पर मनाई गणेश चतुर्थी

मुंबई, दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार प्रभास की आने वाली फिल्म द राजासाब की टीम ने फिल्म के सेट पर धूमधाम से गणेश चतुर्थी मनायी। फिल्म द राजासाब में रिबेल स्टार प्रभास लीड रोल में हैं। जैसे पूरे देश ने गणपति बप्पा का स्वागत श्रद्धा और जोश से किया, वैसे ही द राजासाब की टीम ने भी बप्पा का जोरदार स्वागत किया। प्रोडक्शन हाउस ने सोशल मीडिया पर झलकियां शेयर कीं, जिनमें भव्य हवेली सेट के बीचोंबीच सजे-धजे गणपति बप्पा विराजमान नज़र आए। निर्देशक मारुति, कास्ट और क्रू संग पूरी परंपरा से पूजा-अर्चना करते दिखे। एक और दिल छू लेने वाली तस्वीर में पूरी टीम बप्पा संग पोज़ देती नज़र आई और माहौल पूरा त्योहार वाला हो गया। शूटिंग शेड्यूल की भागदौड़ के बावजूद टीम ने बप्पा को गरमजोशी से स्वागत कर खास अंदाज़ में गणेशोत्सव मनाया। मारुति के निर्देशन और पीपल मीडिया फैक्ट्री के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म का संगीत थमन एस. ने दिया है। प्रभास के साथ फिल्म में संजय दत्त, मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल और बोमन ईरानी जैसे सितारे भी धमाल मचाने वाले हैं। यह पैन-इंडिया एंटरटेनर तेलुगु, हिन्दी, तमिल, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज़ होगी।  

बिहार में जनता का गुस्सा, नित्यानंद राय ने राहुल और तेजस्वी पर साधा निशाना

पटना  केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के समर्थकों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए दोनों पार्टियों को कटघरे में खड़ा करते हुए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से बिहार और देश के लोगों से माफी मांगने की बात कही। उन्होंने कहा, "बिहार के लोग यह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के मंच से टिप्पणी की जाए।" केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे विपक्ष के नेता बनने के लायक नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'वोटर अधिकार यात्रा' के नाम पर देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरोधी दलों के लोगों ने 'वोटर अधिकार यात्रा' को गाली-गलौज करने का मंच बनाकर रख दिया है। आजकल राहुल गांधी और तेजस्वी यादव संविधान की कॉपी जेब में लेकर घूम रहे हैं, लेकिन इन लोगों ने संविधान को मजाक बनाकर रख दिया है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नहीं मालूम है कि प्रधानमंत्री का पद संवैधानिक है? प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, किसी पार्टी के नहीं? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर तत्काल माफी मांगें, अन्यथा भारतीय जनता पार्टी चुप नहीं बैठेगी। बिहार के 14 करोड़ लोगों में जबरदस्त गुस्सा है और इसका जवाब जनता देने के लिए तैयार है।