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पटना साहिब की जंग: नंद किशोर यादव को BJP ने सौंपी कमान, कांग्रेस ने दिखाया दमखम

पटना सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंंद सिंह जी की जन्मस्थली पटना साहिब की व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी खास पहचान है। यहां मारुफगंज, मंसूरचक, रामबाग, मच्छरहट्टा जैसे मोहल्लों में अनाज-मसाले से लेकर शृंगार व छोटे खिलौनों की थोक मंडी और बड़ी संख्या में कुटीर उद्योग हैं। पहले इसे पटना पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था, लेकिन 2008 में परिसीमन के बाद यह क्षेत्र पटना साहिब बन गया। कांग्रेस, जनसंघ और समाजवादियों को बारी-बारी से मौका देने वाला यह विधानसभा क्षेत्र पिछले साढ़े तीन दशक से भाजपा का गढ़ है। इस सीट से भाजपा के नंदकिशोर यादव पिछले सात चुनावों से लगातार जीत रहे हैं। वह बिहार विधानसभा के अध्यक्ष हैं और इस लिहाज से पटना साहिब महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। नंद किशोर यादव इस बार चुनाव मैदान में आठवीं बार यहां उतरने वाले हैं। 1957 में अस्तित्व में आए पटना पूर्वी क्षेत्र में 1990 तक नौ विधानसभा चुनावों में सर्वाधिक पांच बार कांग्रेस जीती। भारतीय जनसंघ को दो और जनता पार्टी तथा जनता दल को एक-एक बार सफलता मिली। 1995 में इस सीट पर पहली बार नंदकिशोर यादव जीते। तब से यह भाजपा का गढ़ बना है। इस बार चुनाव में यह सीट इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के खाते में आने के आसार हैं। 90 के दशक के बाद कांग्रेस पहली बार विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर दिख रही है। एक-एक सीट का आकलन हो रहा है। कांग्रेस पटना साहिब में किसे उम्मीदवार बनाती है, यह भी अहम पहलू होगा। उधर, जनसुराज ने भी सक्रियता बढ़ाई है और चुनाव संघर्ष को त्रिकोणीय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। नंदकिशोर यादव क्षेत्र से लगाव व विकास कार्यों की बदौलत फिर चुनाव मैदान में उतरने को तैयार हैं। कहते हैं, क्षेत्र का चहुंमुखी विकास मेरा सपना है। उम्मीद है कि जात-पात से ऊपर उठ इस बार भी जनता हमें आशीर्वाद देगी। प्रतिद्वंद्वी दल सामाजिक समीकरण साधने के साथ वे मुद्दे भी उठा रहे हैं, जो विकास से अछूते हैं। 2015 के चुनाव में कांटे की टक्कर नंदकिशोर यादव को क्षेत्र के लोग ‘नंदू भइया’ से भी बुलाते हैं। वह पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा था, जब जदयू, राजद व कांग्रेस का महागठबंधन था। राजद ने उनके शिष्य रहे संतोष मेहता को उतारा और मुकाबला इस कदर कांटे का रहा कि नंदकिशोर यादव के सिर महज 2792 मतों से जीत का सेहरा बंधा। चुनावों में नंद किशोर यादव के सामने प्रतिद्वंद्वी पार्टी और चेहरा बदलता रहा। 1995 में उनके सामने राजद के रामलखन सिंह यादव थे तो 2000 में उनका सामना राजद के ही ज्ञानेन्द्र कुमार ज्ञानू से हुआ। इसी तरह 2005 में हुए दो चुनावों में उनके सामने राजद ने भारती यादव (फरवरी) और अनिल यादव (नवंबर) को उम्मीदवार बनाया। कांग्रेस ने 2010 के चुनाव में परवेज अहमद को टिकट दिया, जबकि 2015 में राजद ने संतोष मेहता तो 2020 में कांग्रेस ने प्रवीण कुशवाहा को मैदान में उतारा था। नंद किशोर यादव जी बिहार में कई विभागों के मंत्री रहे। अभी विधानसभा के अध्यक्ष हैं। बिहार की राजनीति में जितना बड़ा उनका चेहरा है, उसके मुताबकि पटना साहिब का विकास नहीं हुआ। पटना सिटी के इलाके में आवागमन सुगम नहीं हो सका। कई इलाकों में लोग जलजमाव से त्रस्त हैं। अपराध भी बेलगाम है। -प्रवीण सिंह कुशवाहा, कांग्रेस प्रत्याशी पटना साहिब के विधायक सह बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि जातपात से ऊपर उठकर मैं विकास की राजनीति करता हूं। पटना साहिब में सड़कों के निर्माण के लिए 125 करो़ड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गयी है। मंगल तालाब के सौन्दर्यीकरण अगले माह शुरू हो जाएगा। गंगा पाथ के निर्माण से जाम से काफी राहत मिली है। पटना घाट समेत अन्य सड़कों का निर्माण पूरा हो जाने से आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। पांच साल में दिखा यह बदलाव ● जेपी गंगा पथ का दीदारगंज तक विस्तार ● गायघाट से पटना घाट तक लिंक रोड का निर्माण ● गायघाट में आईआईटी की स्थापना ● मंगल तालाब पाटलिपुत्र में इंडोर स्टेडियम का निर्माण ● गुरु गोविंद सिंह अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा वायदे, जो पूरे नहीं हुए – : ● अशोक राजपथ और उससे सटे इलाकों को जाम से मुक्ति नहीं ● बरसात में जल्ला के कृषि योग्य भूमि को जलजलाव से निजात नहीं ● कुटीर उद्योगों का दायरा बढ़ने की जगह सिमट रहा है ● छोटी पहाड़ी और महादेव स्थान के पास अंडरपास नहीं बना ● अंतरराज्यीय बस स्टैंड बना पर जाम की समस्या का नहीं हुआ निदान कब-कौन जीता 1957 – जेहरा अहमद (कांग्रेस) 1962 – जेहरा अहमद (कांग्रेस) 1967 – रामदेव महतो (भारतीय जनसंघ) 1969 – रामदेव महतो (भारतीय जनसंघ) 1972 – जमील अहमद (कांग्रेस) 1977 – रामदेव महतो (जनता पार्टी) 1980 – शरत कुमार जैन (कांग्रेस) 1985 – शरत कुमार जैन (कांग्रेस) 1990 – महताब लाल (जनता दल) 1995 – नंद किशोर यादव (भाजपा) अबतक  

RCB का अहम फैसला, भगदड़ पीड़ितों को मिलेगा सहारा!

नई दिल्ली  इस साल आईपीएल के इतिहास में पहली बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के बाद आरसीबी के जश्न में मची भगदड़ पर फ्रेंचाइजी ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उसने आरसीबी केयर्स नाम की पहल का ऐलान किया है। हालांकि, उसके बारे में अभी डीटेल से नहीं बताया गया है लेकिन जल्द ही डीटेल शेयर करने की बात कही गई है। आईपीएल खिताब जीतने के अगले दिन 4 जून को आरसीबी ने बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में जश्न का कार्यक्रम रखा था। उस दौरान स्टेडियम के गेट के पास भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत हो गई थी और 56 अन्य घायल हो गए थे। भगदड़ के 84 दिन बाद आरसीबी ने उसे लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उसने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट डालते हुए कहा है कि उसकी चुप्पी गैरमौजूदगी नहीं थी। वह दर्द था। इसके साथ ही फ्रेंचाइजी ने 'आरसीबी केयर' पहल का जिक्र किया है। पोस्ट में उसके बारे में तो और ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है लेकिन संकेत मिल रहा है कि हो सकता है कि फ्रेंचाइजी भगदड़ के पीड़ित परिवारों के लिए कुछ राहतभरा कदम उठाए। ये राहत आश्रितों के जीवनयापन, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की जिम्मेदारी उठाने या आर्थिक मदद जैसी पहल के रूप में हो सकती है। लेकिन आरसीबी केयर के तहत ऐसा कुछ किया जाएगा या नहीं, ये फिलहाल स्पष्ट नहीं है। जल्द ही डीटेल देने की बात कही गई है। भगदड़ के बाद से ही आरसीबी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एकदम से चुप्पी थी। 3 महीने तक न तो हादसे को लेकर कुछ लिखा गया और न ही क्रिकेट पर या किसी क्रिकेटर पर या किसी भी तरह का पोस्ट। आरसीबी ने गुरुवार को एक्स पर फैंस को संबोधित नोट पोस्ट किया। उसमें लिखा, 'डियर 12th मैन आर्मी, यह आपको हमारा दिल से लिखा खत है! करीब तीन महीने हो चुके हैं जब हमने यहां पिछली बार पोस्ट किया था। चुप्पी गैरमौजूदगी नहीं थी। यह दर्द था।' नोट में आगे लिखा गया है, 'यह स्पेस कभी ऊर्जा, यादों और मोमेंट्स से भरा हुआ होता था जिसे आप बहुत इंजॉय करते थे…लेकिन 4 जून ने सबकुछ बदल दिया। उस दिन ने हमारे दिलों को तोड़ दिया, और तब से हमारे इस स्पेस पर चुप्पी थी। उस चुप्पी में हम शोक मान रहे थे। सुन रहे थे। सीख रहे थे। और धीरे-धीरे हमने कुछ ऐसा बनाना शुरू किया जो सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं है। कुछ ऐसा है जिसमें हम पूरी तरह यकीन करते हैं। इस तरह आरसीबी केयर्स का जन्म हुआ।' पोस्ट में बताया गया है कि आरसीबी केयर्स अपने फैंस के साथ खड़े होने, उन्हें सम्मान देने और घाव भरने के लिए है। आरसीबी ध्यान रखता है और हम हमेशा ध्यान रखेंगे। जल्द ही विस्तार से जानकारी देंगे।  

NH-107 अपग्रेडेशन को हरी झंडी, 22 करोड़ से काझी पथ होगा और मजबूत

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरूवार को बताया कि पथ प्रमंडल पूर्णियां अंतर्गत एन.एच.-107 से काझी (कुल लंबाई 6.000 किमी) पथ चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई है। सम्राट चौधरी ने बयान जारी कर बताया कि इस योजना की लागत 22 करोड़ 61 लाख 70 हजार रुपये आएगी। उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग से तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। इसके क्रियान्वयन और खर्च की जिम्मेदारी पथ प्रमंडल पूर्णिया के कार्यपालक अभियंता को दी गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार, सड़कों के बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। यही वजह है कि बिहार में सड़कों का विशाल नेटवर्क तैयार हुआ है। हाल में ही सरकार ने पूर्णिया जिले के पथ प्रमंडल अंतर्गत एनएच-107 के चेथरीयपीर चौक से चम्पानगर भाया धनहरा, कुम्हारटोला, जंगैली, जगनी तक कुल 7.653 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की थी और अब इसी कड़ी में 22 करोड़ 61 लाख 70 हजार रुपये की लागत से पूर्णिया में एन.एच.-107 से काझी पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि काझी पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण जहां आवागमन सुगम होगा वहीं रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।  

गवर्नर बनाम राष्ट्रपति: सेना तैनात करने की पावर किसके पास?

नई दिल्ली राज्यपालों और राष्ट्रपति की ओर से किसी विधानसभा से पारित बिल पर लंबे समय तक निर्णय न लेने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में एक आदेश दिया था। बेंच ने विधेयकों पर फैसले के लिए 90 दिन की लिमिट तय कर दी थी, जिस पर राष्ट्रपति ने अदालत में रेफरेंस दाखिल किया है। उन्होंने पूछा है कि क्या सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए टाइमलाइन तय की जा सकती है। इसी पर 5 दिन सुनवाई चल चुकी है और आज फिर से दिलचस्प बहस देखने को मिली। केंद्र सरकार के वकील तुषार मेहता ने कहा कि इस तरह यदि बिलों को रोकने की बात अदालत में आई है तो क्या किसी विधेयक को मंजूरी पर भी ऐसा हो सकता है। यही नहीं उन्होंने राज्यपाल और राष्ट्रपति के विवेकाधिकार एवं परिस्थितिजन्य निर्णय लेने की क्षमता पर अदालत में विचार होने पर भी सवाल उठाया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मान लीजिए कि किसी राज्य में कानून व्यवस्था की समस्या हो गई है। स्थानीय पुलिस स्थिति को संभाल नहीं पा रही है। ऐसे में क्या अर्धसैनिक बलों की तैनाती से पहले केंद्र सरकार को अदालत में अर्जी दाखिल करनी चाहिए। मेरा तो जवाब है कि ऐसा नहीं हो सकता। यही नहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आर्टिकल 32 के तहत तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों की ओर से अर्जी दाखिल करने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 32 में मूलभूत अधिकारों की रक्षा की बात कही गई है। एक बार कर्नाटक सरकार ने भी इसके तहत अर्जी डाली थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। बेंच का कहना था कि मूल अधिकारों के रक्षा के नाम पर सरकार अर्जी नहीं डाल सकती। कोई एनजीओ, पीड़ित पक्ष या अन्य उत्पीड़न के शिकार लोग या संस्था ऐसा कर सकते हैं, लेकिन सरकार नहीं। इस दौरान तमिलनाडु सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने भी दिलचस्प दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल और सरकार एक म्यान में दो तलवार की तरह नहीं रह सकते। दोनों को सहयोगी की भूमिका में ही रहना होगा। राज्यपाल केंद्र सरकार के कर्मचारी नहीं हैं, किसने रखी दलील उन्होंने कहा कि राज्यपाल का काम एक मार्गदर्शक का है। वह टकराव की भूमिका में नहीं आ सकते और ना ही राज्य विधानसभा की ओर से पारित विधेयकों को पलट सकते हैं। यही नहीं उन्हें केंद्र सरकार का प्रतिनिधि बताने पर भी बहस हुई। तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल कोई केंद्र सरकार के कर्मचारी नहीं हैं। वह एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति हैं। इस पर चीफ जस्टिस गवई ने कहा कि राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के तौर पर वह राज्यों में होते हैं। संविधान के मुताबिक केंद्र सरकार की शक्तियां राष्ट्रपति में समाहित होती हैं। इसलिए ऐसा कहना गलत है कि राज्यपाल केंद्र सरकार के प्रतिनिधि नहीं हैं।  

गरीब-मजदूरों के मामले में मांगी थी घूस, ESIC मैनेजर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सोनीपत हरियाणा में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम भ्रष्टाचार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत अब रोहतक और सोनीपत एसीबी की संयुक्त टीम ने सोनीपत में तैनात ESIC मैनेजर विनोद को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार 3 माह पहले ही ट्रांसफर होकर सोनीपत पहुंचे मैनेजर विनोद ने गरीब-मजदूरों की मुआवजा राशि निपटाने के बदले शिकायतकर्ता सागर से 16 हजार रुपये की मांग की थी। शुरूआत में आरोपी ने 5 हजार रुपये ले लिए और बाकि राशि बाद में देने का दबाव बनाया। परेशान होकर युवक ने एसीबी से शिकायत की। योजना बनाकर जब शिकायतकर्ता ने 11 हजार रुपये दिए तो एसीबी टीम ने मौके पर छापा मारकर विनोद को गिरफ्तार कर लिया। ACB अधिकारी सचिव कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई कानून के मुताबिक की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि मजदूरों के हक पर डाका डालने वाले भ्रष्ट अधिकारी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। 

सरकार से नाराज NHM स्टाफ, सिर मुंडवाकर जताया आक्रोश

सूरजपुर छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16 हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बीते 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. मोदी की गारंटी को आधार बनाते हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है. सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों का हड़ताल आज 11 वें दिन भी जारी है. सूरजपुर बस स्टैंड के पास NHM कर्मचारियों ने नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आज सिर मुंडवा कर विरोध प्रदर्शन किया है. बता दें, लगातार 11 दिनों से वे अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग जिलों में अलग-अलग ढंग से हड़ताल कर रहे हैं. बीते दिन बुधवार को मनेंद्रगढ़ में NHM कर्मचारियों ने PPE किट पहनकर बाजार में भीख मांगते हुए प्रदर्शन किया. ये वही किट है, जो कोरोना काल में पहनी जाती थी. वहीं स्वास्थ्य कर्मचारियों के लगातार हड़ताल पर रहने से अस्पतालों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्थाओं में काफी असर पड़ रहा है. ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ 29 अगस्त से सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने अब शुक्रवार से ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है. इसके तहत सभी कर्मचारी राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर जुटेंगे और वहां से प्रदेशभर में इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे. संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा ने ‘मोदी की गारंटी’ का नारा देकर घोषणा पत्र जारी किया था. उसमें एनएचएम कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने का वादा किया गया था. लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने अब तक 160 से ज्यादा ज्ञापन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की. मजबूर होकर कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा. डॉ. मिरी ने कहा कि शुक्रवार 29 अगस्त को प्रदेशभर से कर्मचारी अपने-अपने जिलों से राजधानी की ओर कूच करेंगे. रास्ते में पड़ने वाले गांवों और कस्बों में ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ चलाया जाएगा. इसके लिए विशेष रुप से तैयार किये गए 2 लाख पंपलेट बांटे जाएंगे, जिनके जरिए लोग सरकार से पूछेंगे कि वादा की गई गारंटी आखिर कहां गायब हो गई. आंदोलनकारी कर्मचारी आम जनता, दुकानदारों और परिचितों से मिलकर अपनी पीड़ा भी साझा करेंगे.

स्मार्टफोन जगत में हलचल! Realme का नया हैंडसेट बना पावरहाउस, बैटरी बैकअप 90 दिन

नई दिल्ली Realme ने दो नए स्मार्टफोन्स का कॉन्सेप्ट पेश किया है, जो अनोखे और दमदार फीचर्स के साथ आते हैं. ब्रांड ने चीन में हुए 828 फैन फेस्टिवल में दोनों ही कॉन्सेप्ट फोन्स को रिवील किया है. इसमें एक फोन 15000mAh की बैटरी के साथ आता है. ये अब तक की किसी फोन में मिलने वाली सबसे बड़ी बैटरी है. ब्रांड ने इस साल की शुरुआत में भी एक कॉन्सेप्ट फोन को पेश किया था, जो 10000mAh की बैटरी से लैस था. कंपनी का कहना है कि 15000mAh बैटरी वाले फोन पर 50 घंटे तक वीडियो प्लेबैक किया जा सकेगा. साथ ही कंपनी ने Chill Fan फोन को पेश किया है. इस स्मार्टफोन में एक फैन लगा हुआ है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स. क्या है इन फोन्स में खास? Realme 828 फैन फेस्टिवल लाइवस्ट्रीम में कंपनी ने 15000mAh बैटरी वाला स्मार्टफोन दिखाया है. कंपनी इस फोन को पोर्टेबल पावर स्टेशन की तरह बता रही है. इस फोन का इस्तेमाल आप दूसरे स्मार्टफोन और वियरेबल को चार्ज करने में कर सकते हैं. रियलमी के वाइस प्रेसिडेंट Chase Xu की मानें, तो यूजर्स सिंगल चार्ज में इस फोन पर बैक-टू-बैक 25 मूवी देख सकते हैं. सिंगल चार्ज में इस डिवाइस पर 18 घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है, 30 घंटे गेम खेल सकते हैं या 5 दिनों तक नॉर्मल यूज कर सकते हैं. फ्लाइट मोड में ये तीन महीने का स्टैंड बाय टाइम ऑफर करेगा. क्या होंगे स्पेसिफिकेशन्स? हालांकि, इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स के बारे में कंपनी ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है. रिपोर्ट्स की मानें, तो ये हैंडसेट Android 15 पर काम करेगा. इसमें MediaTek Dimensity 7300 प्रोसेसर दिया जाएगा, जो 12GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ आएगा. इसके साथ ही कंपनी ने Realme Chill फोन को अनवील किया है. इस फोन में बिल्ट-इन कूलिंग फोन होगा. ब्रांड इसे बिल्ट-इन AC बता रहा है. टीजर वीडियो में एक वेंट ग्रिल हैंडसेट के फ्रेम पर दिख रहा है. कंपनी की मानें, तो ये फैन स्मार्टफोन को 6 डिग्री सेल्सियस तक घंटा करेगा.

पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा पर अभय चौटाला का निशाना, कहा वोट काटने में सहयोगी

फतेहाबाद  फतेहाबाद की जाट धर्मशाला में बुधवार को इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 23 सितंबर को होने वाली ताऊ देवीलाल जयंती समारोह को लेकर कार्यकर्ताओं को निमंत्रण दिया। इसके बाद वह मीडिया से भी रूबरू हुए। अभय चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा पर साधा निशाना  अभय सिंह चौटाला ने कहा कि विधानसभा के सत्र में विपक्ष पूरी तरह से नाकाम रहा है और सरकार को घेर नहीं पाया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी के 37 विधायक होते तब हम बताते कि विपक्ष क्या होता है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा वोट काटु है और इन्होंने ही बीजेपी की सरकार बनाने में मदद की है। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मुझे हरवाने में भी बीजेपी और कांग्रेस एक हो गई थी और यह जानती थी कि अगर अभय सिंह चौटाला जीत गया तो वह विधानसभा में किसी को बोलते नहीं देगा। वही आयुष्मान योजना को लेकर रुकी डॉक्टरों की पेमेंट को लेकर भी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कुछ डॉक्टर आयुष्मान योजना का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहे है।

पंजाब BJP कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा के बड़े भाई का निधन

चंडीगढ़  पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा को गहरा सदमा लगा है। अश्वनी शर्मा के बड़े भाई राम प्रसाद शर्मा का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि राम प्रसाद शर्मा 63 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। पी.जी.आई. में पिछले 15 दिनों से उनका इलाज चल रहा था और पिछले 3 दिनों से वह आई.सी.यू. में भर्ती थे। उनके निधन से अश्वनी शर्मा सहित पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। राम प्रसाद शर्मा का अंतिम संस्कार कल 29 अगस्त  सुबह 11 बजे पठानकोट के सिविल नजदीक श्मशान घाट में किया जाएगा। 

भाजपा पर बरसीं ममता, बोलीं- जब तक जिंदा हूं वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहेगा

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को TMC छात्र परिषद की रैली में भाजपा पर जोरदार हमले किए हैं। ममता बनर्जी ने कहा है कि भाजपा 500 लोगों की टीम ले कर बंगाल आई है और लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लेकिन उनके होते हुए किसी भी बंगाली के मतदान के अधिकार को नहीं छीनने दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने ‘भाषाई आतंकवाद’ का भी जिक्र किया है। CM ममता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाषाई आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोलकाता में छात्र शाखा की एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, "आपको खुद जांच करनी चाहिए कि आपका नाम अभी भी मतदाता सूची में है या हटा दिया गया है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपके पास आधार कार्ड हैं।" उन्होंने आगे कहा, "जब तक मैं ज़िंदा हूं, किसी को भी लोगों का मताधिकार नहीं छीनने दूंगी।" ममता बनर्जी ने इस दौरान चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राज्य सरकार के अधिकारियों को धमका रहा है। उन्होंने दावा किया, "चुनाव आयोग हमारे अधिकारियों को धमका रहा है। आयोग का अधिकार क्षेत्र चुनाव के दौरान केवल तीन महीनों तक ही है, पूरे साल नहीं।" बंगालियों की भूमिका भुलाने की कोशिश ममता बनर्जी ने दावा किया है कि भाजपा स्वतंत्रता आंदोलन में बंगालियों द्वारा निभाई गई भूमिका को भुलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर बंगाली भाषा ही नहीं है, तो राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत किस भाषा में लिखे गए हैं? वे चाहते हैं कि लोग स्वतंत्रता आंदोलन में बंगालियों द्वारा निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को भूल जाएं। हम इस भाषाई आतंक को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” भाजपा के पास 'भ्रष्टाचार भंडार वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी ममता बनर्जी ने जवाब दिया। CM ममता ने दावा किया कि TMC सरकार ने कई सामाजिक कल्याणकारी पहल की हैं। वहीं केंद्र की भाजपा सरकार विकास के नाम पर भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने कहा, "हम महिलाओं के लिए 'लक्ष्मी भंडार' योजना लेकर आए हैं, जबकि भाजपा के पास 'भ्रष्टाचार भंडार' और भाई-भतीजावाद है। वे देश को लूट रहे हैं, जबकि हम महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।"