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कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट शिष्यमंडल ने मंत्री संजय सेठ को दिया श्री राधा कृष्ण मंदिर आने का न्योता

रांची झारखंड में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट का एक शिष्टमंडल ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल के अगुवाई में रांची के सांसद और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से यहां उनके आवास में मुलाकात की। शिष्टमंडल ने उनका अभिनंदन करते हुए श्री राधा कृष्ण की स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें जन्म दिवस की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा उनके दीर्घायु की कामना करते हुए पुंदाग स्थित झारखंड के सबसे बड़े श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में सपरिवार आने का आमंत्रण दिया। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सररफ ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की ओर से सांसद संजय सेठ को एक ज्ञापन दिया गया जिसमें उनसे पुंदाग गुटवा रोड में स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर एवं सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के सामने सड़क एवं नाली के निर्माण के लिए आग्रह किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि इस रोड में झारखंड का सबसे बड़ा श्री राधा कृष्ण मंदिर का निर्माण हुआ है जो धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक द्दष्टि से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। इसके अतिरिक्त ट्रस्ट द्वारा दिव्यांग एवं निराश्रित जनों के पुर्नवास सेवा एवं देखभाल के लिए अपना घर आश्रम का कुशलता पूर्वक संचालन किया जा रहा है। इस सेवा संस्थान तक पहुंचाने के लिए ना कोई पक्की सड़क है और न ही समुचित जल निकासी, नाली की व्यवस्था है। मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं जिन्हें बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए संबंधित विभागों को निर्देशित कर श्री राधा कृष्ण मंदिर के सामने शीघ्र ही पक्की सड़क एवं नाली निर्माण की स्वीकृति एवं कार्यवाही सुनिश्चित कराने की कृपा करें। इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव मनोज कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल, प्रवक्ता संजय सराफ, पूरणमल सर्राफ, मुकेश काबरा आदि शामिल थे।  

जालंधर में फिर हड़ताल पर नगर निगम कर्मचारी!

जालंधर नगर निगम में आज एक बार फिर सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों ने हड़ताल कर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध पंजाब मजदूर फेडरेशन के प्रधान सनी सहोता की अगुवाई में किया गया। सनी सहोता ने आरोप लगाया कि सीवर की सफाई कर रहे कर्मचारियों को न तो सही वर्दी, न बूट और न ही सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपकरण न होने से उन्हें काम के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान यूनियन की नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि से बातचीत हुई। इसके बाद कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों को जल्द ही सभी जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं हाल ही में हादसे का शिकार हुए सीवरमैन का इलाज बेहतर अस्पताल में कराने का वादा भी किया गया। करीब दो घंटे चली इस हड़ताल को कमिश्नर के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया। 

राहुल गांधी ने लिया मां जानकी का आशीर्वाद, तेजस्वी यादव रहे मौजूद

सीतामढ़ी लोकसभा नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को बिहार के सीतामढ़ी में जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और अन्य नेता भी शामिल हुए। बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश कुमार ने कहा कि वे लोगों के कल्याण और राज्य की प्रगति के लिए प्रार्थना करने आए हैं। राजेश कुमार ने बताया, "हम यहां लोगों के कल्याण के लिए प्रार्थना करने आए हैं…देश और बिहार राज्य की प्रगति हो।" बता दें कि 16 दिवसीय 'मतदाता अधिकार यात्रा' आज सीतामढ़ी से फिर से शुरू होगी। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अन्य के साथ शामिल होने के लिए तैयार हैं। बुधवार को राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में सत्तारूढ़ (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) पर निशाना साधते हुए कहा, "एनडीए का पूरा नाम 'नहीं देंगे अधिकार' है… लोग हमारा समर्थन कर रहे हैं। जिस तरह से 'वोट चोरी' हो रही है, जनता जागरूक है और अपने वोटों की रक्षा करेगी। आगामी चुनावों में भाजपा-एनडीए विफल होगी।"  

BWF विश्व चैंपियनशिप: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने वांग झीयी को हराया

नई दिल्ली  दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने गुरुवार को BWF विश्व चैंपियनशिप में विश्व की नम्बर 2 खिलाड़ी वांग झीयी को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की। सिंधु ने झीयी सीधे सेटों में हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया।  ओलिंपिक में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकीं सिंधु ने वर्ल्ड नंबर-2 वांग झी के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखा। सिंधु ने 5वें हेड टु हेड मैच में वांग को तीसरी बार हराया। वर्ल्ड नंबर 15 सिंधु ने पहला गेम कड़ी टक्कर के बाद 21-19 के अंतर से जीता।  दूसरे गेम में भी सिंधु ने 12-6 के अंतर से बढ़त बनाने के बाद इसे कायम रखा। अंत में सिंधु ने दूसरा सेट 21-15 के अंतर से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। अब क्वार्टर फाइनल में सिंधु का सामना विश्व की नम्बर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी साउथ कोरिया की आन से यंग से हो सकता है।   

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी – ईश्वर दुश्मनी का साधन नहीं, याचिकाओं के पीछे है अहंकार

चेन्नई  श्वर के नाम पर होने वाली राजनीति पर मद्रास हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि ईश्वर प्रतिद्वंद्विता के साधन नहीं, बल्कि एकता, शांति और आध्यात्मिक उत्थान के प्रतीक हैं। अदालत ने विनायक चतुर्थी के दौरान भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना के लिए कई याचिकाएँ दायर करने पर ये टिप्पणी की और कहा कि दायर कई याचिकाएं आस्था से नहीं, बल्कि अहंकार से प्रेरित हैं। जस्टिस बी. पुगलेंधी की पीठ ने कहा, "यह अदालत कुछ मामलों में अंतर्निहित प्रेरणाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकती। वर्तमान में दायर अधिकांश याचिकाएं वास्तविक धार्मिक मंशा की बजाय अहंकार के टकराव और आर्थिक प्रभाव जमाने की इच्छा से प्रेरित प्रतीत होते हैं। यह न्यायालय व्यक्तिगत बदला लेने या सामाजिक प्रभुत्व प्रदर्शित करने के लिए ईश्वर को शामिल करने की प्रथा की कड़ी निंदा करता है। ईश्वर प्रतिद्वंद्विता के साधन नहीं हैं; वह एकता, शांति और आध्यात्मिक उत्थान के प्रतीक है।" गली-मोहल्लों में मंदिर तो उपेक्षित, फिर ये होड़ क्यों? बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट ने इस तथ्य पर भी संज्ञान लिया कि जहाँ गली-मोहल्लों में स्थित मंदिर साल भर उपेक्षित रहते हैं, वहीं त्योहारों के दौरान विशाल मूर्तियाँ स्थापित करने के व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। कोर्ट ने कहा, “यह विरोधाभास भक्तों को आत्मचिंतन करने के लिए प्रेरित करता है। सच्ची भक्ति भव्यता में नहीं, बल्कि पूजा स्थलों के प्रति निरंतर श्रद्धा और रखरखाव में निहित है।” हाई कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उत्सवों के दौरान स्थापित की गई मूर्तियों से सार्वजनिक अशांति या पर्यावरण विनाश न हो। कोर्ट ने कहा, "ईश्वर की भक्ति से मनुष्य को अशांति या प्रकृति का विनाश नहीं होने दिया जा सकता। सच्ची पूजा सद्भाव में निहित है – शांति और व्यवस्था के माध्यम से समुदायों के बीच सद्भाव, और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से सृष्टि के साथ सद्भाव।" अंतिम समय में आवेदन देने पर अचरज कोर्ट ने इस बात पर भी अचरज जताया कि कई याचिकाकर्ताओं ने मूर्तियाँ स्थापित करने के लिए अंतिम समय में आवेदन दिए थे, जिससे अधिकारियों के पास यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत कम समय बचा कि अगर अनुमति दी जाती है तो पर्यावरण और सार्वजनिक व्यवस्था की आवश्यकताओं का पालन किया जा सकेगा या नहीं। न्यायालय ने कहा, “अंतिम समय में प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जा सकता, खासकर जब उनमें सार्वजनिक स्थापनाएँ शामिल हों जिनके लिए कई विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता हो।” हालांकि, कोर्ट ने ऐसे आवेदनों पर निर्धारित तरीके से कार्रवाई न करने या चुनिंदा अनुमतियाँ देने के लिए अधिकारियों की आलोचना भी की। मूर्ति स्थापना की होड़ के पीछे क्या वजह? दरअसल, तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर धार्मिक गोलबंदी करने का इसे एक साधन बनाया जा रहा था और इसी कड़ी में कई आयोजकों ने चेन्नई में पंडाल निर्माण और मूर्ति स्थापना के लिए चेन्नई पुलिस से इजाजत मांगी थी लेकिन कई आवेदनों को पुलिस ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ कई संगठन हाई कोर्ट पहंचे थे। कोर्ट ने सभी याचिकाओं पर एक-एक कर फैसला लेने का आदेश दिया है और अंतिम क्षण में दिए आवेदनों को खारिज कर दिया है।  

2023 और 2024 में मिली अभूतपूर्व सफलता ने बढ़ाया भरोसा, तीसरे संस्करण से और बड़ी उड़ान की तैयारी

निवेश और निर्यात का बड़ा मंच बना यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  2023 और 2024 में मिली अभूतपूर्व सफलता ने बढ़ाया भरोसा, तीसरे संस्करण से और बड़ी उड़ान की तैयारी 2024 में बी2बी और बी2सी के माध्यम से 2200 करोड़ रुपए से अधिक के मिले निर्यात ऑर्डर अकेले प्रदर्शनी के माध्यम से उद्यमियों ने की 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकॉर्ड सेल प्रदेश के विभिन्न जनपदों से शीर्ष 20 उद्यमियों ने हासिल किया 630 करोड़ से अधिक का निर्यात ऑर्डर 2023 में पहले संस्करण के दौरान भी 1000 करोड़ से अधिक रहा था ओवरऑल बिजनेस वॉल्यूम यूपीआईटीएस 2025 में एक बार फिर‘मेक इन इंडिया’ व ‘लोकल फॉर वोकल’ को मिलेगा वैश्विक मंच लखनऊ  उत्तर प्रदेश का इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) अब राज्य की पहचान को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर स्थापित करने का सशक्त जरिया बन गया है। 2023 और 2024 के सफल आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश न केवल घरेलू बाजार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है। अब तीसरा संस्करण और बड़ी उम्मीदों के साथ आयोजित होने जा रहा है, जहां निवेश और निर्यात के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह आयोजन पिछले दोनों संस्करणों से कहीं बड़ा और प्रभावी होगा। न केवल निर्यात और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि उत्तर प्रदेश वैश्विक व्यापार जगत में अपनी मजबूत स्थिति को और पुख्ता करेगा। 2023 में मिली ऐतिहासिक शुरुआत यूपीआईटीएस की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। इस पहले संस्करण में 2000 से अधिक प्रदर्शकों ने प्रदेश की कला, संस्कृति, कृषि और औद्योगिक ताकत को दुनिया के सामने रखा। 60 देशों के 350 विदेशी खरीदारों और करीब 3 लाख विजिटर्स की मौजूदगी में 1000 करोड़ रुपए से अधिक का बिजनेस वॉल्यूम दर्ज हुआ। मुख्यमंत्री के विजन को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदर्शित करने के लिए शुरू किया गया यह आयोजन स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच दिलाने का बड़ा माध्यम साबित हुआ। 2024 ने दी नई ऊंचाई दूसरा संस्करण 2024 में और भी प्रभावशाली साबित हुआ। वियतनाम को सहयोगी देश के रूप में शामिल करने वाले इस आयोजन में 2122 प्रदर्शक, 70 देशों से आए 350 विदेशी खरीदार और लगभग 5 लाख विजिटर्स ने हिस्सा लिया। बी2बी और बी2सी मॉडल के जरिए 2200 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर प्राप्त हुए, वहीं प्रदर्शनी के दौरान 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की सीधी बिक्री दर्ज की गई। सबसे खास उपलब्धि यह रही कि शीर्ष 20 उद्यमियों को ही 630 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर मिले। इनमें मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, कानपुर, बागपत, बाराबंकी, मिर्जापुर, मथुरा, संभल और ग्रेटर नोएडा जैसे जिलों के उद्यमी शामिल रहे। ग्लोबल ब्रांडिंग का बना प्रतीक यूपीआईटीएस ने केवल कारोबार ही नहीं बढ़ाया बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को वैश्विक पहचान देने का भी काम किया। ओडीओपी, स्टार्टअप, एमएसएमई, रोजगार और निर्यात प्रोत्साहन की राज्य सरकार की नीतियों ने इसमें नई ऊर्जा भर दी है। यूपीआईटीएस 2025 को लेकर इस बार खास रणनीति बनाई जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार न केवल परंपरागत उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा बल्कि हाई-टेक सेक्टर्स में भी निवेश और निर्यात के बड़े मौके पैदा होंगे।    

मौजूदा हालात के मद्देनजर पंजाब के लिए BJP की बड़ी रणनीति

पंजाब पंजाब में बाढ़ के खतरे को देखते हुए भाजपा ने बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार, 'भाजपा के सेवादार आए आप द्वार' अभियान के तहत पंजाब में आयोजित किए जा रहे जन कल्याण शिविरों को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंधी जानकारी देते हुए भाजपा पंजाब प्रधान सुनील कुमार जाखड़ ने दी है। जाखड़ ने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होते ही केंद्र सरकार द्वारा गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, दलितों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए राज्य भर में फिर से शिविर लगाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, जाखड़ ने कहा कि पंजाब के हालात को देखते हुए भाजपा के सीनियर नेता और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों की समस्याओं को दूर करने और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए इन समाज कल्याण शिविरों को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, ये शिविर फिर से आयोजित किए जाएंगे। 

चीन का पावर शो: 41 विमान और 7 पोत ने तोड़ी ताइवान की हदें, अलर्ट पर सेना

ताइपे ताइवान को लेकर चीनी राष्ट्रपति का क्या योजना है? इस मुद्दे पर अक्सर चर्चा होती रहती है। चर्चा की वजह भी स्पष्ट है। बार-बार चीनी विमान और जहाज ताइवान की सीमा में घुसपैठ करते हैं। एक बार फिर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के विमान और जहाज दिखाई दिए हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने गुरुवार सुबह 6 बजे तक अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के आसपास 41 चीनी सैन्य विमानों, सात नौसैनिक जहाजों और एक आधिकारिक जहाज की मौजूदगी का पता लगाया। मंत्रालय के अनुसार, 41 विमानों में से 21 ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ (एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन) में प्रवेश किया। ADIZ वह क्षेत्र है जहां प्रवेश करने वाले विमानों की पहचान की जाती है ताकि देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। सुबह 6 बजे दिखे विमान और जहाज रक्षा मंत्रालय ने X पर एक पोस्ट में कहा कि आज सुबह 6 बजे तक ताइवान के आसपास 41 PLA (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) विमान, 7 PLA नौसेना जहाज और 1 आधिकारिक जहाज देखे गए। इनमें से 24 विमानों ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया। हमने स्थिति पर नजर रखी और उचित जवाब दिया। गौरतलब है कि बुधवार को भी ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने PLA के 23 विमानों, 7 PLA नौसेना जहाजों और एक आधिकारिक जहाज को अपने क्षेत्र के आसपास देखे थे। मंत्रालय ने कहा कि 23 विमानों में से 16 ने मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया। चीन 'क्षेत्रीय उपद्रवी' ताइवान के विदेश मंत्री लिन चिया-लंग ने चीन को 'क्षेत्रीय उपद्रवी' करार दिया था। उन्होंने यह बयान तब दिया जब सोलोमन द्वीप ने ताइवान और अमेरिका सहित अन्य वार्ता भागीदारों को आगामी प्रशांत द्वीप समूह फोरम (PIF) नेताओं की बैठक से रोक दिया था। ताइपे टाइम्स के अनुसार, लिन ने 'प्रशांत तरीके' की बात करते हुए कहा कि सभी को शामिल करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि वार्ता भागीदारों को बाहर करने से फोरम की आम चुनौतियों का सामना करने की क्षमता कमजोर होगी। झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता वहीं, ताइवान पर चीन के दावों को खारिज करते हुए लिन ने कहा कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना ने एक दिन भी ताइवान पर शासन नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रस्ताव 2758 में ताइवान का कोई जिक्र नहीं है। लिन ने चीन के दावे को 'सम्राट के नए कपड़े' बताते हुए कहा कि एक झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता। लिन ने आगे कहा कि ताइवान गहरे अंतरराष्ट्रीय सहयोग, व्यावहारिक योगदान और निरंतर राजनयिक पहुंच के माध्यम से चीन के दबाव का मुकाबला कर रहा है। ताइवान दुनिया के अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि चीन के प्रभाव को कम किया जा सके।  

रिपेयर के बहाने लीक कर दिए निजी वीडियो, यूजर ने सुनाया डरावना अनुभव

नई दिल्ली  शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो, जिसपर आपकी नजर पड़े और वह मोबाइल यूजर ना हो। जिस रफ्तार से मोबाइल के उपयोगकर्ता बढ़ रहे हैं, उसी तेजी से इनसे जुड़े अपराधियों की संख्या में भी इजाफा जारी है। जरा सोचिए कि आपने किसी मोबाइल पर अपना फोन सुधारने के लिए दिया हो और कुछ समय बाद आपको निजी वीडियो सोशल मीडिया पर नजर आ जाएं। एक रेडिट यूजर ने ऐसी ही कहानी प्लेटफॉर्म पर साझा की है, जिसे सुनकर आम मोबाइल फोन उपयोगकर्ता सोच में पड़ सकता है। पोस्ट में बताया गया है, 'कोलकाता में फोन सुधारने वाले ने निजी वीडियो लीक कर दिए…।' उन्होंने आगे लिखा, 'मुझे समझ नहीं आ रहा है कि इस सदमे से कैसे बाहर निकला जाए।' यूजर ने लिखा, 'पूरी तरह से टूट गए हैं…। तब से माता पिता भी बात नहीं कर रहे हैं…। मैंने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए हैं, फोन नंबर बदल लिया है और सभी से पूरी तरह दूरी बना ली है…। अब अपने कमरे के बाहर नहीं जा रहे हैं।, लोगों से मिलने से बच रहे हैं और फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है।' रेडिट यूजर ने एक और स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है, जिसमें कई यूजर्स उन्हें गंदे मैसेज भेज रहे हैं। यूजर ने पोस्ट में बताया है कि उनकी छवि धूमिल हो चुकी है। साथ ही उन्होंने अन्य उपयोगकर्ताओं से भी सलाह मांगी है। उन्होंने बताया है कि इस संबंध में साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। एक स्क्रीनशॉट के माध्यम से यूजर ने कहा कि पुलिस ने जानकारी दी है कि शिकायत को महिला थाना को भेज दिया गया है।  

Travis Kelce ने पहनाई Taylor Swift को करोड़ों की रिंग, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

लॉस एंजिल्स अमेरिकी सिंगर और दुनिया की सबसे अमीर महिला संगीतकार टेलर स्विफ्ट और फुटबॉल खिलाड़ी ट्रैविस केल्सी ने सगाई कर ली है। इन्होंने अपनी एंगेजमेंट की पांच तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर की हैं। उन्होंने बड़े ही डिफरेंट कैप्शन के साथ अपनी सगाई को लेकर अनाउंसमेंट किया है। इसी के साथ इस वक्त सबसे अधिक चर्चा टेलर स्विफ्ट की एंगेजमेंग रिंग की कीमत की हो रही है जो करोड़ों में है। दो साल की डेटिंग के बाद कपल ने मंगलवार, 26 अगस्त को इंस्टाग्राम पर अपनी सगाई की खबर शेयर की है। इस पोस्ट में सबकी नजरें टेलर स्विफ्ट की हीरे की अंगूठी पर टंगी रहीं। टेलर स्विफ्ट ने शेयर की पांच रोमांटिक तस्वीरें टेलर स्विफ्ट ने इन पांचों रोमांटिक तस्वीरों को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'आपके इंग्लिश टीचर और जिम टीचर अब शादी करने जा रहे हैं।' हालांकि, उन्होंने कॉमेंट बॉक्स को फिलहाल बंद कर रखा है। इस कैप्शन के साथ में डायनामाइट स्टिक का इमोजी भी है। करोड़ों में है अंगूठी की कीमत स्विफ्ट की उंगलियों में सजी सगाई की इस अंगूठी में एक बड़ा सा एंटीक हीरा नजर आ रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसकी रिंग कीमत करीब $550,000 होगी, जो इंडियन करेंसी में करीब 4.5-4.8 करोड़ रुपये के आसपास है। अफेयर पिछले दो साल से चल रहा था इंस्टाग्राम पर इस सुपरस्टार सिंगर और फुटबॉल खिलाड़ी ने अपनी सगाई की खबर दी और इनका अफेयर पिछले दो साल से चल रहा है। कपल के अनाउंसमेंट से उनके फैन्स बेहद खुश हैं। दुनिया की सबसे अमीर सिंगर हैं टेलर स्विफ्ट दुनिया की सबसे अमीर महिला संगीतकार बन चुकीं टेलर स्विफ्ट की नेट वर्थ करीब 1.6 बिलियन डॉलर के आसपास है। साल 2024 में जारी किए फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्विफ्ट की संपत्ति का 600 मिलियन डॉलर टूर और रॉयल्टी से आता है। इसके अलावा 600 मिलियन डॉलर उनके म्यूजिक एल्बम के कॉस्ट से और 125 मिलियन डॉलर रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट से कमाई होती है। ऐसा कहा जाता है कि टेलर स्विफ्ट ने 2023 में अकेले स्पॉटिफाई स्ट्रीमिंग से 100 मिलियन डॉलर की रॉयल्टी हासिल की, जो उन्हें उनके 2022 के एल्बम 'मिडनाइट्स' और 2023 में 1989 के एल्बम से मिली थी। स्विफ्ट और केल्सी की लव-स्टोरी स्विफ्ट और केल्सी की लव-स्टोरी 2023 की गर्मियों में शुरू हुई थी जब केल्सी कैनसस सिटी में स्विफ्ट के एरास टूर में शामिल हुए थे। न्यू हाइट्स पॉडकास्ट पर केल्सी ने बताया, 'मुझे निराशा हुई कि वह अपने शो से पहले या बाद में बात नहीं करतीं क्योंकि उन्हें अपनी आवाज़ उन 44 गानों के लिए बचाकर रखनी होती है जो वो गाती हैं, मैं उनके लिए बनाए गए ब्रेसलेट में से एक भी उन्हें नहीं दे पाया।' महान खिलाड़ियों में से एक हैं केल्सी इतिहास के सबसे महान टाइट एंड्स में से एक माने जाने वाले, केल्सी दस बार प्रो बॉलर और सात बार ऑल-प्रो रहे हैं, जिन्हें चार बार पहली टीम और तीन बार दूसरी टीम में चुना गया है। उनके नाम लगातार सबसे ज़्यादा और कुल मिलाकर सबसे ज़्यादा सीजन में टाइट एंड द्वारा 1,000 रिसीविंग यार्ड्स हासिल करने का NFL रिकॉर्ड है।