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विपक्ष का हंगामा तय! सरकार को घेरने की तैयारी में BJP-कांग्रेस

रांची झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र पुन: 22 अगस्त से शुरू होगा और 28 अगस्त तक चलेगा। इस बार सत्र के दौरान कुल चार बैठकें होगी। 23 अगस्त को शनिवार और 24 अगस्त को रविवार होने के कारण इन दोनों दिनों में बैठक नहीं होगी। इसके अलावा 27 अगस्त को भी अवकाश होगा। उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र पहले 1 अगस्त से 7 अगस्त तक निर्धारित था और इसका शुभारंभ एक अगस्त को हुआ भी था, लेकिन 4 अगस्त को दिशोम गुरु और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के कारण सत्र को तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। सदन के अनिश्चितकाल के लिए स्थगन के बाद विधानसभा सचिवालय द्वारा पुन: बैठक का औपबंधिक कार्यक्रम जारी किया गया है। इसके अनुसार अब मानसून सत्र पुन: 22 अगस्त से शुरू होगा। सदन में 22 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पेश की जाएगी। उसके बाद शोक प्रकाश होगा। 25 अगस्त को प्रश्नकाल होगा तथा प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा की जाएगी। 26 अगस्त को प्रश्नकाल होगा एवं राजकीय विधेयक पेश किया जाएगा जाएंगे। 28 अगस्त को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक अन्य राजकीय कार्य होगा और गैर सरकारी संकल्प भी लिए जाएंगे।  

रेखा गुप्ता हमले का आरोपी बोला – बंदरों के लिए अयोध्या में किया था अनशन

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को उनके सिविल लाइंस स्थित आवास में जनसुनवाई के दौरान एक सनसनीखेज हमला हुआ। हमलावर की पहचान गुजरात के राजकोट निवासी 41 वर्षीय राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया के रूप में हुई। राजेश फरियादी बनकर सीएम हाउस पहुंचा और उसने न केवल मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने की कोशिश की, बल्कि उनके बाल खींचकर उन्हें धक्का भी दिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि यह शख्स पहले अयोध्या में बंदरों की सुरक्षा के लिए अनशन कर चुका है। हमलावर का अजीबोगरीब इतिहास आरोपी राजेश ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। राजेश की मां और पड़ोसी ने बताया कि वह जानवरों से प्रेम करता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजेश ने साल अयोध्या में बंदरों के लिए अनशन किया था। पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद वहां प्रशासन ने मंदिर परिसर से बंदरों को हटाने का अभियान शुरू किया था। यह सुनकर राजेश राजकोट से अयोध्या पहुंच गया। इसके अलावा आरोपी राजकोट में भी जानवरों के हितों के लिए प्रदर्शन कर चुका है। उसके पड़ोसी ने बताया कि वह गाय को रोटी खिलाता है और आवारा कुत्तों की देखभाल करता है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आवारा कुत्तों को पकड़ने के आदेश से वह खासा नाराज था और इसलिए उसने सीएम पर हमला करने की योजना बनाई। जनसुनवाई में अचानक हंगामा हर बुधवार की तरह, सुबह करीब 8:15 बजे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने सिविल लाइंस कार्यालय में जनता की समस्याएं सुन रही थीं। लोग अपनी शिकायतों के साथ कतार में थे। तभी राजेश अपनी बारी आने पर आगे बढ़ा। उसने पहले कुछ कागजात हवा में लहराए, चिल्लाया और फिर अचानक मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया। उसने रेखा गुप्ता को थप्पड़ मारा, उनके बाल खींचे और उन्हें धक्का देकर गिराने की कोशिश की। सुनियोजित साजिश या पशु प्रेम की सनक? मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को हत्या की सुनियोजित साजिश करार दिया है। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि राजेश ने हमले से पहले कम से कम 24 घंटे तक रेखा गुप्ता के शालीमार बाग स्थित निजी आवास और सिविल लाइंस कार्यालय की रेकी की थी।  

झारखंड में वन्यजीव सुरक्षा को बड़ा झटका, पलामू अभयारण्य से 9 शिकारी दबोचे गए

लातेहार झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य (पीटीआर) में 9 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि उनके पास से जब्त की गई वस्तुओं में आठ देसी बंदूकें, 400 ग्राम बारूद, 14 ग्राम गंधक, बाघ को पकड़ने का पिंजरा, एक फंदा, एक कुल्हाड़ी और जानवरों के अंग शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि अभयारण्य से रविवार को 2 संदिग्ध शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। उनके (शिकारियों) द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सोमवार को दो और शिकारियों को गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को विस्फोटक और बारूद की आपूर्ति करने वाले सरफराज मियां को गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने बताया कि सरफराज मियां से पूछताछ के बाद अभयारण्य के विभिन्न हिस्सों से ये गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने बताया कि 13 अन्य शिकारियों की तलाश जारी है। सरफराज मियां वर्षों से उन्हें बारूद और विस्फोटक मुहैया करा रहा था। पीटीआर के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना ने कहा, ‘‘अभयारण्य की सुरक्षा मजबूत कर दी गई है।'' उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 10 साल पहले अभयारण्य के गारू वन क्षेत्र के चंदवा चट्टान में एक बाघ को मार डाला था। जेना ने बताया, ‘‘उन्होंने (शिकारियों) अभयारण्य में जंगली सूअर, हिरण और अन्य जानवरों का भी शिकार किया। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उनका कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध है।'' जेना ने बताया कि पूछताछ के दौरान सरफराज मियां ने तपेश्वर सिंह नाम के एक व्यक्ति का नाम बताया। सिंह ने ही मियां को बारूद उपलब्ध कराया था। उन्होंने बताया, ‘‘इस सूचना के आधार पर वन विभाग की एक टीम ने तड़के करीब तीन बजे सिंह के आवास पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान सिंह ने 10 शिकारियों के नाम बताए।

महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज, राज ठाकरे और फडणवीस की मीटिंग पर अजित पवार का बयान चर्चा में

मुंबई  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच गुरुवार हुई मुलाकात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में संवाद बनाए रखना एक परंपरा रही है। इससे एक दिन पहले ही मनसे और शिवसेना (UBT) को BEST चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। वर्धा में पत्रकारों से बातचीत में पवार ने कहा, 'कई नेता एक-दूसरे से और मुख्यमंत्री से मिलते हैं, चाहे वे नेता सत्ता में हों या नहीं। एक-दूसरे के साथ संवाद बनाए रखना राज्य की परंपरा है। इस मुलाकात को राजनीतिक रंग देने की कोई जरूरत नहीं है।' इससे पहले राज ठाकरे ने फडणवीस से दक्षिण मुंबई में स्थित उनके आधिकारिक बंगले 'वर्षा' में मुलाकात की थी, जिससे राज्य के राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई थीं। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बेस्ट कर्मचारी सहकारी ऋण समिति का चुनाव मिलकर लड़ने वाली उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राज ठाकरे की मनसे को बुधवार को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा है। दोनों पार्टियों ने पहली बार मिलकर कोई चुनाव लड़ा था, हालांकि उनका संयुक्त पैनल 21 में से एक भी पद नहीं जीत पाया। फडणवीस ने दोनों पार्टियों पर ‘‘ठाकरे ब्रांड’’ के नाम पर क्रेडिट सोसायटी चुनाव का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था। राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए शिवसेना (UBT) और मनसे के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं हो रही हैं। राज ठाकरे क्या बोले मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ठाकरे ने कहा, 'महाराष्ट्र के शहरों में पुनर्विकास हो रहा है। जनसंख्या बढ़ रही है…, यातायात बढ़ रहा है… और यहां बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। मुंबई में ट्रैफिक बड़ी समस्या है। लोगों को ट्रैफिक के नियम नहीं पता। वो कहीं भी गाड़ियां पार्क कर देते हैं और चले जाते हैं।' उन्होंने कहा, 'आज मैंने मुख्यमंत्री के साथ-साथ मुंबई पुलिस से चर्चा की।'  

केंद्र की नई योजना में शामिल होंगे पंजाब के 100+ गांव, ग्रामीणों को होगा लाभ

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में विकास को गति देने के लिए 6 जिलों के 107 गांवों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का हिस्सा बनाया है। यह योजना अप्रैल 2025 से शुरू होकर वित्तीय वर्ष 2028-29 तक जारी रहेगी। इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर, बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, वित्तीय सुधार, युवाओं के लिए कौशल विकास और सहकारी समितियों को मज़बूत बनाने जैसे काम किए जाएंगे। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबि अमृतसर के 25 गांव, तरनतारन के 24 गांव, फाजिल्का के 15 गांव, फिरोजपुर के 17 गांव, गुरदासपुर के 19 गांव, पठानकोट के 7 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है। केंद्र ने इस कार्यक्रम के लिए करीब 6,839 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। यह राशि 2028-29 तक चरणबद्ध तरीके से खर्च की जाएगी। योजना का मकसद अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े गांवों का समग्र विकास करना है। 

30 से अधिक हाथियों का दल गांव में घुसा, ग्रामीणों में मची भगदड़

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के करंजवार गांव में हाथियों का विशाल झुंड देखा गया है. करीब 30 से 35 हाथियों का यह दल क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है. हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने धान और मक्का की फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है. बता दें, झुंड में बड़े दतैल हाथियों के साथ छोटे-छोटे शावक भी शामिल हैं. स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार मौके पर डटी हुई है. विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों से दूर रहने की अपील की है.

दोस्ती में छिपा खौफनाक राज! आर्टिस्ट पीयूष हत्याकांड में पांच आरोपी गिरफ्तार

सीवान बिहार के सीवान में टैटू आर्टिस्ट पीयूष हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल पांच आरोपी दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त चाकू,खून लगा कपड़ा और 3 मोबाइल भी बरामद हुए हैं। वहीं, अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। आपसी विवाद में दोस्तों ने हत्या की घटना को अंजाम दिया है। मंगलवार को बसंतपुर के खोड़ीपाकड़ नहर के किनारे से पीयूष का अधजला शव बरामद किया गया था। इसकी जानकारी महाराजगंज एसडीपीओ अमन ने प्रेसवार्ता कर दी है। निर्मम तरीके से की गई हत्या एसडीपीओ अमन ने बताया कि मंगलवार को बसंतपुर के खोड़ीपाकर नहर के किनारे भगवानपुर हाट के मलमलिया गांव निवासी स्वः रवीन्द्र सिंह के पुत्र पीयूष कुमार का अधजला शव बरामद किया गया था। पीयूष की निर्मम तरीके से गला रेतकर हत्या करने के बाद पेट्रोल छिड़ककर जला दिया गया था। इस घटना के बाद मृतक की मां रीमा देवी ने थाने में आवेदन देकर पीयूष के दोस्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एसआईटी टीम का गठित सीवान एसपी मनोज तिवारी के निर्देश पर महाराजगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में तुरंत एसआईटी टीम का गठन किया गया। गठित टीम के सभी पुलिस अधिकारी विशेष टीम के प्रयास से एसडीपीओ के नेतृत्व छापेमारी की। टीम ने महज तीन घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा किया। पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया। घटना में प्रयुक्त चाकू और घटना को अंजाम देने के समय का आरोपी का खून लगा हुआ कपड़ा बरामद कर लिया गया है। मामले पर छापामार कार्रवाई जारी घटना में संलिप्त अन्य आरोपी के विरुद्ध लगातार छापामारी की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपी दोस्तों ने आपसी विवाद में हत्या की घटना को अंजाम दिया। साक्ष्य छुपाने के लिए शव को जलाने का प्रयास किया था, लेकिन शव अधजला होने की वजह से पहचान हो गई। गिरफ्तार युवकों की पहचान सीवान जिले के लकडीनवीगंज के खवासपुर निवासी विनोद कुमार सिंह के पुत्र अमन कुमार, भगवानपुर हाट के मलमलिया निवासी पंकज सिंह उर्फ पप्पू सिंह के पुत्र हिमांशु सिंह,रविन्द्र सिंह के पुत्र मोहित सिंह,बसंतपुर के हरायपुर निवासी सत्येंद्र सिंह के पुत्र अनीश कुमार और रतौली निवासी अवध पाण्डेय के पुत्र सूरज कुमार पाण्डेय के रूप में हुई है। वहीं, भगवानपुर के चरौली निवासी मुकेश सिंह का पुत्र मोहित सिंह फरार चल रहा है,जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

वोट चोरी विवाद में अभय चौटाला का कांग्रेस पर तीखा हमला

सोनीपत हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल एक बार फिर अपनी सियासी जमीन तलाशने में जुट गई है और अभय सिंह चौटाला लगातार हरियाणा में हर विधानसभा पर कार्यकर्ता सम्मेलन कर 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली देवीलाल जयंती का निमंत्रण जनता को दे रहे है। अभय सिंह चौटाला सोनीपत के दौरे पर थे। इस मौके पर बीजेपी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जमकर निशाना साधते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में बीजेपी की मदद के लिए हुड्डा ने उतारे हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया, ताकि बीजेपी को सीधा फायदा मिल सके। वहीं कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि 10 साल पहले कहां थे चुनाव के दौरान कांग्रेस ने ये मुद्दा क्यों नहीं उठाया। भिवानी में मनीषा हत्या मामले पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सुसाइड नोट एक सप्ताह पहले क्यों नहीं आया। अधिकारियों और सरकार के बयानों में कोई तालमेल नहीं। पहले हत्या की बात हुई, अब सुसाइड की बात कह रहे हैं। सीबीआई जांच की जगह पंजाब पुलिस से जांच होनी चाहिए। अभय चौटाला को धमकी देने वाले बयान पर जवाब देते हुए कहा कि क्या वो पुलिस के अधिकारी है, उनसे पूछना चाहिए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की भी अभय सिंह चौटाला ने निंदा की और कहा कि उनको प्रदेश की जनता ने चुनकर भेजा है। ऐसा नहीं करना चाहिए था। इससे किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।  वहीं लोकसभा में अमित शाह द्वारा सदस्यता वाले बिल पर बोले अभय सिंह चौटाला ये मनमानी कर रहे हैं और अगर किसी की सदस्यता रद्द करवानी होगी तो पहले ईडी में मामला दर्ज कराया जाएगा फिर 2 तीन माह जेल में भेज कर सदस्यता रद्द करवाई जाएगी, सजा ना होने तक ये प्रावधान गलत है, सरकार तानाशाही करेंगी।

उर्स मेले में भीड़ नियंत्रण के लिए काम आया अंशिका वर्मा का डिजिटल इनोवेशन

बरेली बरेली में तीन दिवसीय आला हजरत उर्स में पुलिस ने इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए मोबाइल एप व एआई तकनीक का इस्तेमाल किया। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा का बनाया डीडीएमएस एप पुलिसिंग का नया हथियार बना। इससे हर पुलिसकर्मी व भीड़ की लाइव लोकेशन अफसरों के मोबाइल कंट्रोल रूम में स्क्रीन पर दिख रही थी। अंशिका वर्मा ने पूर्व तैनाती के दौरान आईपीएस सोनम कुमार के साथ मिलकर डायनेमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम (डीडीएमएस) एप बनाया था। इसका एसएसपी अनुराग आर्य ने इस बार उर्स में इस्तेमाल किया। जिले में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के साथ ही दूसरे जिले से बुलाकर ड्यूटी पर लगाए गए स्टाफ का ब्योरा इसमें दर्ज किया गया। इससे उनके ड्यूटी स्थल को खोजने की समस्या खत्म हुई तो अधिकारियों ने भी उनकी लोकेशन की मॉनीटरिंग कर ली। कंट्रोल रूम से अफसरों ने की निगरानी एसएसपी अनुराग आर्य ने कुल के दौरान अधूरे स्काई वॉक पर चढ़ी भीड़ को हटाया, वरना ओवरलोडिंग से हादसा हो सकता था। कमिश्नर व एडीजी समेत कई अधिकारी नगर निगम के कंट्रोल रूम में बैठे रहे। इससे शहर में भीड़ व जाम की स्थिति का जायजा लेकर संबंधित स्थान पर पुलिस टीम भेजी गई। एसएसपी ने बताया कि डीडीएमएस एप का भविष्य में होने वाले अन्य आयोजनों में इस्तेमाल किया जाएगा। अफसरों का जताया आभार बरेली में उर्स-ए-रजवी आयोजन के बाद सर्व सेवा समिति, सिविल डिफेंस वॉर्डन जहीर अहमद, सेवानिवृत्त एडीएम केएल सहगल, अश्वनी ओबेरॉय, मनोज अरोड़ा व सुरेन्द्र त्यागी ने जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने एडीजी जोन रमित शर्मा, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य की बेहतर प्रबंधन के लिए सराहना की है।  

टीम इंडिया की घोषणा के साथ बदल गई अगरकर की भूमिका, क्या हिलेगी किसी की कुर्सी?

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यनी बीसीसीआई ने टीम इंडिया के हेड कोच अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव किया है। यह बदलाव एशिया कप 2025 के स्क्वॉड के ऐलान के कुछ दिन बाद ही हुआ। बीसीसीआईॉ ने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 तक बढ़ा दिया है। जून 2023 में शुरू हुए उनके कार्यकाल में, भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप और इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। उनके रहते हैं भारतीय टेस्ट टीम में प्रभावशाली बदलाव देखने को मिले साथ ही टीम 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। इन सभी उपलब्धियों को देखते हुए अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया गया है।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईपीएल 2025 से पहले ही अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने की बात हो गई थी, जिसे हेड कोच ने एक्सेप्ट कर लिया है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, "उनके (अजीत अगरकर) कार्यकाल में भारतीय टीम ने खिताब जीते और टेस्ट और टी20 में भी बदलाव देखा। बीसीसीआई ने उनका अनुबंध जून 2026 तक बढ़ा दिया था और उन्होंने कुछ महीने पहले ही यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था।" अजीत अगरकर के रहते ही विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टी20 और टेस्ट से रिटायरमेंट लिया और इन दोनों फॉर्मेट में भारत को नया कप्तान मिला। टेस्ट में शुभमन गिल को तो टी20 में सूर्यकुमार यादव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। रोहित-विराट वनडे में एक्टिव है, मगर आगामी समय में यहां भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। एस शरत को हटाया जा सकता है मौजूदा समय में चयन समिति में अगरकर के अलावा एसएस दास, सुब्रतो बनर्जी, अजय रात्रा और एस शरत शामिल हैं। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली वार्षिक आम सभा की बैठक के बाद सीनियर चयन समिति में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। शरत, जो सितंबर 2021 में जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष थे और जनवरी 2023 में सीनियर चयन समिति में प्रमोट कर दिया गया था। उन्हें अब चार साल पूरे होने को है। पता चला है कि बोर्ड उनकी जगह किसी नए चेहरे को नियुक्त कर सकता है। बीसीसीआई आगे चलकर नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करेगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बोर्ड दास और बनर्जी को बरकरार रखेगा या नहीं। बोर्ड कथित तौर पर मौजूदा चयन समिति से संतुष्ट है और पैनल में केवल एक संभावित बदलाव किया जा सकता है।