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सलोनी हार्ट सेंटर से जीवन में आई नई उम्मीद, सीएम योगी ने सराहा प्रयास

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ में एसबीआई फाउंडेशन आईसीयू प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। यह प्रोजेक्ट सलोनी हार्ट सेंटर में संचालित होगा, जो बच्चों की जन्मजात हृदय बीमारियों के उपचार के लिए समर्पित है। इस अवसर पर एसबीआई फाउंडेशन ने लगभग 10 करोड़ रुपए का सहयोग प्रदान किया। इस राशि से सेंटर को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बच्चों के हृदय रोगों के लिए उच्च स्तरीय उपचार सुविधा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ऐसे में सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व शुभारंभ किए गए इस सेंटर में अब तक 300 से अधिक बच्चों की हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक हो चुकी है। हार्ट सेंटर का पहला चरण पूर्णतः क्रियाशील है, जबकि दूसरे चरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। सीएम योगी ने सलोनी हार्ट फाउंडेशन की संचालक दंपति मिली सेठ एवं हिमांशु सेठ के प्रयासों की सराहना की, साथ ही एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सलोनी हार्ट सेंटर प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद का संचार कर रहा है। यह पहल 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का प्रत्यक्ष सुफल है और बच्चों के जीवन की रक्षा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश ने पूर्व में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है और अब बच्चों के हृदय रोगों के उपचार में भी ठोस प्रगति हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसबीआई फाउंडेशन का यह सहयोग सलोनी हार्ट सेंटर को और अधिक क्षमता सम्पन्न बनाएगा और आने वाले समय में बच्चों के जीवन की रक्षा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अवसर पर एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके. धीमान ने मुख्यमंत्री को हार्ट सेंटर की स्थापना से लेकर अब तक की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी भी दी।

मौसम अपडेट: महाराष्ट्र में जोरदार बारिश, ट्रेनों पर असर और 12 की मौत

मुंबई महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्यभर में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान पर हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि अकेले नांदेड जिले में ही बाढ़ जैसे हालात के कारण 9 लोगों ने अपनी जान गंवाई। मुंबई में 8 घंटे में 170 मिमी बारिश दर्ज हुई है। मराठवाड़ा और विदर्भ में भारी तबाही मराठवाड़ा, विदर्भ और कोकण क्षेत्र में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए। मराठवाड़ा के पानलोट क्षेत्र में कई गांव पानी में डूब गए। बादल फटने जैसी बारिश ने सैकड़ों मवेशों की जान ले ली और कई लोगों के घर जलमग्न हो गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। नांदेड जिले में हालात सबसे ज्यादा गंभीर रही और 9 लोगों की मौत हुई। हालांकि अब बारिश थम गई है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सरकार ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया है और भोजन-पानी की व्यवस्था की है। मंत्री महाजन ने बताया कि जरूरत पड़ने पर सेना की मदद भी ली गई। नांदेड़ जिला कलेक्टर राहुल कार्डिले ने बताया कि सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण मुखेड़ तालुका के 4 गांवों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। SDRF की टीम ने 300 लोगों को बचाया, लेकिन दुर्भाग्य से हसनद गांव में 5-6 लोगों की मौत हो गई। उनके शव आज बरामद किए गए…बारिश कम होने के बाद जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति अभी नियंत्रण में है… लेकिन पैनगंगा और गोदावरी का बहाव अभी भी तेज है। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मुंबई में रेल और सड़क यातायात बाधित भारी बारिश का असर मुंबई पर भी पड़ा है। यहां लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं। मध्य और हार्बर लाइन पर पटरियों पर पानी भर जाने से सेवाएं ठप हो गईं। जबकि पश्चिम रेलवे की उपनगरीय सेवाएं भी प्रभावित हुई और लोकल ट्रेनें धीमी गति से चलीं। मध्य और पश्चिम रेलवे की कुल 16 लंबी दूरी की ट्रनों को रद्द कर दिया गया। भारी बारिश और जलभराव के कारण मध्य रेलवे ने 14 लंबी दूरी की ट्रेनें (7 जोड़ी) रद्द कर दी हैं। जबकि पश्चिम रेलवे ने दो पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया है। मुंबई की सड़कों पर भी भीषण जलभराव हुआ, जिसके कारण जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। मिलन सबवे समेत कई अहम मार्गों पर वाहनों की आवाजाही घंटों तक रोकनी पड़ी। हालात को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें। मुंबई (महाराष्ट्र) में लगातार बारिश से मीठी नदी का जलस्तर 3.9 मीटर तक बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर कुर्ला के क्रांतीनगर इलाके से 350 लोगों को बीएमसी के स्कूल में शिफ्ट किया गया है। यहां उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। हालांकि अब पानी का स्तर घट रहा है। मौसम विभाग ने मुंबई समेत कोंकण के लिए 20 अगस्त को ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।

यूपी ने पीएम आवास योजना में दी मिसाल, देशभर में सबसे आगे रहा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और उनकी तेज कार्यशैली ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड उपलब्धियों तक पहुंचा दिया है। जहां राष्ट्रीय स्तर पर एक आवास निर्माण में औसतन 299 दिन लगते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश ने मात्र 195 दिन में आवास बनाकर एक मिसाल पेश कर दी है। 2016-17 से 2024-25 के बीच 36.57 लाख आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष उत्तर प्रदेश ने अब तक 36.34 लाख आवासों का निर्माण पूरा कर लिया है। शेष आवासों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसके साथ ही, प्रदेश सरकार की ओर से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 3.73 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 3.51 लाख आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि 22 हजार आवासों पर तेजी से काम जारी है। योजना के अंतर्गत यूपी 99.37 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर है। सिक्किम 99.57 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है, हालांकि उसका लक्ष्य केवल 1,399 आवासों का था। वहीं, भारत सरकार के परफॉर्मेंस इंडेक्स, राजमिस्त्री प्रशिक्षण, सोशल ऑडिट, एरिया ऑफिसर ऐप पर इंस्पेक्शन, पात्र लाभार्थियों को भूमि पट्टा और आवास पूर्णता में उत्तर प्रदेश नंबर वन पर है। निर्मित आवासों को कन्वर्जेन्स के माध्यम से 99.39 प्रतिशत शौचालय, 93.31 प्रतिशत विद्युत कनेक्शन, 94.42 प्रतिशत एलपीजी कनेक्शन और 80.02 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन से संतृप्त किया गया है। इससे प्रधानमंत्री आवास अब सिर्फ छत नहीं, बल्कि सुविधाओं से युक्त पूर्ण गृह बन रहे हैं। हाल ही में मुख्य सचिव एसपी. गोयल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए कि शेष आवासों का निर्माण मानक एवं गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए। इसके साथ ही लाभार्थियों को दिव्यांगजन पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल जैसी योजनाओं से भी जोड़ा जाए, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत बिजनौर जनपद की बोक्सा जनजाति के लिए स्वीकृत 145 आवासों में से 123 पूर्ण कर लिए गए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री मॉडल आवास (ग्रामीण) के तहत 587 मॉडल हाउस बन चुके हैं, 190 निर्माणाधीन हैं। आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 के वेरीफिकेशन का काम भी तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 में 25 हजार महिला राजमिस्त्रियों को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है।

कर्मचारियों के हित में हरियाणा सरकार ने लिया निर्णय, हड़ताल का समय अब अवकाश में गिनेगा

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने साल 2023 में हड़ताल पर गए लिपिकों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब इस हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश (लीव ऑफ दी काइंड ड्यू) माना जाएगा। साथ ही, हड़ताल अवधि का न तो वेतन काटा जाएगा और न ही इस अवधि को सेवा में बाधा (ब्रेक इन सर्विस) के रूप में नहीं माना जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का कार्यभार भी है, द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि हड़ताल पर जाने से पूर्व अर्जित अथवा संचित ‘अर्जित अवकाश’ को सर्वप्रथम समायोजित किया जाएगा, इसके पश्चात ‘हाफ पे लीव’ जाएगा। अर्जित अवकाश और ‘हाफ पे लीव’ की कटौती के बाद भी यदि हड़ताल अवधि शेष रहती है तो अग्रिम अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाएगा, जिसे संबंधित लिपिकों के भविष्य में अर्जित होने वाले अवकाश खाते से समायोजित किया जाएगा। पत्र में कहा गया है कि यह छूट केवल एक बार की विशेष व्यवस्था के तौर दी जा रही है और इसे भविष्य में मिसाल के तौर पर नहीं लिया जाएगा। ये निर्देश केवल कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों, खास तौर पर लिपिकों पर लागू होंगे, जिन्होंने उस विशेष हड़ताल में भाग लिया था। ये निर्देश अन्य किसी भी मामले में लागू नहीं होंगे। तदनुसार, विभागों में कार्यरत एसएएस कैडर से सत्यापन के उपरांत वेतन जारी किया जा सकता है। इस सम्बन्ध में सभी प्रशासकीय सचिवों, विभागाध्यक्षों, सभी मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, उप-मंडल अधिकारियों (नागरिक) और खजाना अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया को साउथ अफ्रीका ने वनडे में थमाई 34 सालों की सबसे बड़ी हार

साउथ अफ्रीका साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। साउथ अफ्रीका ने मंगलवार को मेजबान ऑस्ट्रेलिया को पहले वनडे में 92 रनों से रौंदा। ऑस्ट्रेलियाई टीम केर्न्स के मैदान पर 297 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 40.5 ओवर में 198 पर ढेर हो गई। स्पिनर केशव महाराज के 'कातिलाना पंजे' से ऑस्ट्रेलिया बुरी तरह जख्मी हुआ। उन्होंने 10 ओवर में महज 33 रन देकर पांच विकेट चटकाए। महराज ने पहली बार पांच विकेट हॉल लिया। महराज का इससे पहले करियर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 33 रन पर चार विकेट था। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया को पिछले 34 सालों में रनों के लिहाज घरेलू वनडे में सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी है। वहीं, साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर कंगारू टीम के खिलाफ वनडे में रनों के अंतर से सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। साउथ अफ्रीका ने इससे पहले 1994 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया को 82 रनों से धूल चटाई थी। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने सधी हुई शुरुआत की। ट्रैविस हेड और कप्तान मिचेल मार्श ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। हेड 24 गेंदों में 27 रन बनाकर आठवें ओवर में स्टंप आउट हुए। इसके बाद, महाराज का कहर देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया ने 89 रन तक अपने छह विकेट गंवा दिए थे। प्लेयर ऑफ द मैच महराज ने मार्नस लाबुशैन (1), कैमरून ग्रीन (3), जोश इंग्लिस (5), एलेक्स कैरी (0) और आरोन हार्डी (4) का शिकार किया। हालांकि, मार्श ने काफी देर तक मजबूती से एक छोर संभाले रखा। वह 37वें ओवर में पवेलियन लौटे। उन्होंने 96 गेंदों में 10 चौकों के जरिए 88 रन बनाए। बेन ड्वार्शुइस ने 33 और नाथन एलिस ने 14 रनों का योगदान दिया। साउथ अफ्रीका के लिए लुंगी एनगिडी और नंद्रे बर्गर ने दो-दो विकेट झटके। दूसरी ओर, टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 296 रन जुटाए। ओपनर एडेन मार्करम ने 81 गेंदों में 82 रन बनाए। उनके बल्ले से 9 चौके निकले। रयान रिकेल्टन ने 43 गेंदों में 33 रन बटोरे। कप्तान टेम्बा बावुमा (74 गेंदों में 65) और मैथ्यू ब्रीट्जके (56 गेंदों में 57) ने अर्धशतक ठोका। वियान मुल्डर 26 गेंदों में 31 रन बनाकर नाबाद रहे। ट्रिस्टन स्टब्स का खाता नहीं खुला। डेवाल्ड ब्रेविस 6 रन ही जुटा सके। ऑस्ट्रेलिया के लिए हेड ने सर्वाधिक चार विकेट लिए। बेन ड्वार्शुइस ने दो अपने नाम किए।  

राजस्थान ने पूरा किया 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, CM शर्मा ने ‘हरियालो राजस्थान’ पोस्टर जारी किया

जयपुर राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश ने 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके निवास पर मुलाकात कर बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने "हरियालो राजस्थान" अभियान के तहत पोस्टर का विमोचन किया। वहीं, वन मंत्री ने उन्हें प्रतीक स्वरूप पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस सफलता को प्रदेशवासियों की सहभागिता और सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण से ही राजस्थान को हराभरा बनाया जा सकता है। वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है और आने वाले समय में हरित प्रदेश के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।

वोट चोरी के विरोध में बिहार में जनता ने दिखाई एकजुटता, कन्हैया कुमार का बयान

नवादा  कांग्रेस के नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि 'वोट चोरी' के खिलाफ निकाली गई 'वोटर अधिकार यात्रा' को बिहार में जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। यह जनसमर्थन मिलने की वजह यह है कि यहां के मतदाता सजग हैं और यहां के लोगों के दिल में लोकतंत्र बसता है। राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' में शामिल कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार के लोग जानते हैं कि पहले देश में विधायकों को रिसॉर्ट में पहुंचाकर 'सरकार चोरी' की जाती थी और अब ये मताधिकार की चोरी कर संविधान और लोकतंत्र की चोरी करना चाहते हैं। इस चोरी के खिलाफ जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग समझते हैं कि चोरी की हुई सरकार जनता के लिए ईमानदारी से काम नहीं करेगी। जो सरकार चोरी से बनी है, उससे ईमानदारी की उम्मीद नहीं की जा सकती है। बिहार के लोग समझते हैं कि जब हम वोटर ही नहीं रहेंगे तो हमारे पास कोई अधिकार नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि वोट का राज मतलब गरीबों का राज। आम लोगों के राज को बचाने के लिए बिहार के आम लोग सड़कों पर हैं। भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि इस यात्रा में साफ दिख रहा है कि बिहार के लोगों ने सरकार बदलने और जदयू-भाजपा की सरकार को हटाकर इंडिया गठबंधन को सत्ता में लाने की तैयारी कर ली है। बिहार की जनता वोट चोरों को कड़ा सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि जदयू-भाजपा सरकार के खिलाफ जो जनाक्रोश उमड़ रहा है, वह चुनाव आयोग के जरिए एसआईआर की साजिश को नाकाम कर देगा। वोट चोरों को गद्दी से जाना होगा। बिहार बदलेगा और आगे चलकर देश भी बदलेगा। राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई है। इस यात्रा में इंडिया गठबंधन में शामिल राजद के नेता तेजस्वी यादव सहित घटक दलों के सभी नेता शामिल हैं। 16 दिन की यह यात्रा लगभग 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर तय करेगी। 1 सितंबर को पटना में बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा।

राजस्थान के कोटा में नए एयरपोर्ट का निर्माण शुरू, कैबिनेट ने दी हरी झंडी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंगलवार को 1,507 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से कोटा-बूंदी (राजस्थान) में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राजस्थान सरकार ने ए-321 श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के उद्देश्य से एएआई को 440.06 हेक्टेयर भूमि ट्रांसफर की है। सरकार के द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस परियोजना में 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक टर्मिनल भवन का निर्माण किया जाएगा, जो व्यस्त समय के दौरान 1,000 यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा और जिसकी कुल क्षमता बीस लाख यात्री प्रति वर्ष होगी। इसमें 3200 मीटर x 45 मीटर आकार का रनवे (हवाई पट्टी), ए-321 प्रकार के विमानों के लिए 07 पार्किंग बे (विमान पार्किंग क्षेत्र) के साथ एक एप्रन (विमान में ईंधन भरने और उनके रखरखाव का स्थान), दो लिंक टैक्सीवे, एटीसी-कम- टेक्निकल ब्लॉक, फायर स्टेशन, कार पार्किंग और संबंधित कार्य शामिल हैं। चंबल नदी के तट पर स्थित कोटा, राजस्थान की औद्योगिक राजधानी मानी जाती है। इसके अतिरिक्त, कोटा भारत के शैक्षिक कोचिंग केंद्र के रूप में भी प्रसिद्ध है। सरकार के मुताबिक, शैक्षिक और औद्योगिक क्षेत्रों की प्रमुखता के कारण कोटा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अनुमानित यातायात वृद्धि का समाधान करना है। कोटा में अभी एएआई के स्वामित्व वाला एयरपोर्ट मौजूद है, जहां 1220 मीटर x 38 मीटर आकार का एक रनवे है, जो कोड 'बी' विमानों (जैसे डीओ-228) के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त मौजूदा एप्रन केवल दो विमानों के लिए उपयुक्त है। वर्तमान टर्मिनल भवन 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है, जिसकी व्यस्त समय में 50 यात्रियों को संभालने की क्षमता है। सरकार ने बताया कि मौजूदा एयरपोर्ट को अपर्याप्त भूमि उपलब्धता और एयरपोर्ट के आसपास बढ़ते शहरीकरण के कारण वाणिज्यिक संचालन के लिए विकसित नहीं किया जा सकता है।

भारी बारिश से पाकिस्तान में तबाही, 657 लोग गंवाए जीवन

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में जारी भीषण मानसूनी बारिश ने तबाही मचा दी है। देशभर में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जून के अंत से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 657 लोगों की मौत हो गई है और करीब 1,000 लोग घायल हुए हैं। सोमवार को अकेले 400 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की गई, जिनमें अधिकतर मामले बन्नू, स्वात, शंगला, बाजौर, पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) से सामने आए। बारिश और बाढ़ से दर्जनों घर बह गए, गांवों में अंतिम संस्कार खुले मैदानों में होने लगे और पहाड़ी घाटियों में मातम छा गया। इस त्रासदी ने एक बार फिर पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता और संस्थागत तैयारियों की कमी को उजागर कर दिया है। यह बात पाकिस्तान ऑब्जर्वर में प्रकाशित शोधार्थी ज़फ़र ख़ान सफ़दर के लेख में सामने आई। खैबर पख्तूनख्वा (के-पी) प्रांत में सबसे अधिक जनहानि हुई, जहां बीते 15 वर्षों में सरकार ने महज नारेबाजी और वादों के सिवा कुछ ठोस कदम नहीं उठाए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान का बहुचर्चित "बिलियन ट्री सुनामी प्रोजेक्ट" एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आया है। इसमें न तो वादे के मुताबिक पेड़ लगाए गए, न भूमि का सही उपयोग हुआ, बल्कि अरबों रुपये की हेराफेरी हुई और स्वात व दिर की पहाड़ियां अब भी उजड़ी पड़ी हैं। इसके अलावा, के-पी के मलम जब्बा भूमि घोटाले ने प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। सोमवार को के-पी के स्वाबी जिले में ही 17 लोगों की मौत हो गई। यहां बादल फटने से दर्जनभर घर डूब गए और भूस्खलन ने कई बस्तियों को निगल लिया। स्वाबी के डिप्टी कमिश्नर नसरुल्लाह ख़ान ने बताया कि डालोरी गांव में बादल फटने से 12 घर पूरी तरह डूब गए, जबकि गडून अमजई के पहाड़ी इलाकों में भारी तबाही हुई। पाकिस्तान ऑब्जर्वर ने रिपोर्ट में कहा कि के-पी में अनियंत्रित पेड़ कटाई और वनों की अंधाधुंध कटान ने प्राकृतिक सुरक्षा कवच को नष्ट कर दिया है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यदि सरकार ने वनों की सुरक्षा, जलग्रहण क्षेत्रों की बहाली और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त रखने पर गंभीरता दिखाई होती, तो अनगिनत लोगों की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन हकीकत यह है कि सैकड़ों मौतें सिर्फ बाढ़ और बारिश से नहीं बल्कि सरकारी लापरवाही, कुप्रबंधन और जवाबदेही के अभाव से हुई हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री का बयान: भारत के अमीर परिवारों का रूसी तेल पर लाभ

नई दिल्ली  भारत पर 50 फीसदी शुल्क लगा चुके अमेरिका का कहना है कि रूसी तेल की खरीद के मामले में चीन की स्थिति अलग है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार में वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा है कि रूसी तेल खरीदकर भारत मोटा मुनाफा कमा रहा है। भारत ने पहले भी कहा है कि उसे रूसी तेल खरीदने के कारण अमेरिका और यूरोपीय संघ की तरफ से निशाना बनाया जा रहा है। सीएनबीसी से बातचीत में बेसेंट ने कहा है कि भारत ने यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी तेल बेचकर काफी मुनाफा कमाया है। उन्होंने कहा, 'यह… भारतीय मध्यस्थता यानी सस्ता रूसी तेल खरीदना और एक उत्पाद के रूप में दोबारा बेचना युद्ध के दौरान ही शुरू हुआ, जो बिल्कुल अस्वीकार्य है।' साथ ही उन्होंने कहा कि भारत का रूसी तेल खरीदना 'अमीर भारतीय परिवारों' को फायदा पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कुल जरूरत का 1 फीसदी से भी कम रूस से खरीदता था, लेकिन अब 'ये 42 प्रतिशत तक पहुंच गया है।' उन्होंने कहा, 'भारत सिर्फ मुनाफा कमा रहा है, वह इसे बेच रहे हैं…। उन्होंने 16 बिलियन ज्यादा प्रॉफिट कमाया है। इनमें कुछ भारत के रईस परिवार हैं।' चीन को लेकर अमेरिका की रणनीति का भी बेसेंट ने बचाव किया है। उन्होंने कहा कि बीजिंग 'का तेल आयात अलग-अलग स्थानों से हैं और ऐसे में उनकी स्थिति अलग है।' खास बात है कि चीन भी रूसी तेल खरीदता है, लेकिन अमेरिका ने बीजिंग पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। भारत के अलावा ट्रंप ने ब्राजील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।