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यूपी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली-जेवर RRTS से सफर होगा सुपरफास्ट

नोएडा  उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली को जेवर में बनने वाले आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है. इस हाई-स्पीड ट्रांजिट रूट से दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने और यात्रा का समय घटकर लगभग 21 मिनट रह जाने की उम्मीद है।  राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद, अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) को भेज दिया गया है. यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह कॉरिडोर NCR के तेजी से विकसित हो रहे ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।  प्रस्तावित दिल्ली-जेवर एयरपोर्ट RRTS कॉरिडोर के वर्तमान में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर चल रही 'नमो भारत' रैपिड रेल प्रणाली की तर्ज पर ही काम करने की उम्मीद है. इन ट्रेनों को अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिज़ाइन किया गया है और ये 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चल सकती हैं।  वर्तमान में, दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर भारत की एकमात्र चालू RRTS लाइन है. यह 82.15 किलोमीटर लंबा मार्ग दिल्ली के सराय काले खां को उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम से जोड़ता है और देश में क्षेत्रीय हाई-स्पीड शहरी परिवहन  का पहला उदाहरण है।  उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता के अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में एयरपोर्ट टर्मिनल पर एक समर्पित स्टेशन के माध्यम से दिल्ली-जेवर RRTS को आगामी दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल परियोजना से जोड़ने का भी प्रस्ताव दिया गया है. इस कदम से एक एकीकृत परिवहन नेटवर्क  तैयार हो सकता है, जो हवाई यात्रा को हाई-स्पीड रेल बुनियादी ढांचे से जोड़ेगा।  एयरपोर्ट कनेक्टिविटी यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ान संचालन की तैयारी कर रहा है, जिसके 15 जून से शुरू होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल की शुरुआत में 28 मार्च को इस एयरपोर्ट परियोजना का उद्घाटन किया था।  अधिकारियों को उम्मीद है कि नया हवाई अड्डा उत्तर भारत में एक बड़े विमानन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा, जिससे यात्रियों और व्यवसायों के लिए कुशल कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी. एक्स (X) पर एक पोस्ट में, गुप्ता ने कहा कि एक उच्च स्तरीय बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के "समग्र और नियोजित विकास" की समीक्षा की गई, जिसमें जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।  मंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों को प्रभावित करने वाली कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए. इसके साथ ही, विभिन्न विभागों को पारदर्शिता में सुधार करने और स्थानीय निवासियों व किसानों के लिए मुआवजा तंत्र NOC की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश दिए गए।  जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विस्तार होने की भी उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र को प्रमुख परिवहन गलियारों से जोड़ा जा रहा है, जिनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे शामिल हैं. बैठक के दौरान इस क्षेत्र के लिए नियोजित कई औद्योगिक और विनिर्माण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जो इस पूरे इलाके को एक लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास हब में बदलने के सरकार के व्यापक विजन को रेखांकित करती है। 

बहू ने निभाया रिश्ते का फर्ज, वृद्ध सास को पीठ पर ढोकर दिलाई पेंशन

अंबिकापुर सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत शुक्रवार को कुनिया के जंगलपारा की रहने वाली सुखमनिया अपनी 90 साल की सास सोनवारी को पीठ पर लादकर करीब तीन किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक पहुंची। यहां बैंक ने उसे तीन महीने की रुकी हुई पेंशन के 1500 रुपए दिए, जबकि खाते में चार महीने के कुल दो हजार रुपए जमा थे। स्वजन के अनुसार वृद्धा के दो पुत्र हैं जो काम करने चले जाते हैं। पेंशन नहीं मिलने के कारण परेशान बहू आखिरकार अपनी सास को पीठ पर लादकर बैंक तक का सफल पैदल तय की। बैंक पहुंची बहू सुखमनिया ने बताया कि पहले बैंक मित्र तपेश घर आकर पेंशन दे जाता था, लेकिन बाद में उसने घर पर पैसा देने से मना कर दिया। यही वजह है कि तीन महीने से भटकने के बाद उसे मजबूरी में सास को ढोकर बैंक लाना पड़ा। जंगलपारा के रास्ते में नाला पड़ने के कारण वहां कोई गाड़ी नहीं चलती, इसलिए वह पैदल ही बैंक पहुंची। बुजुर्ग सोनवारी को महतारी वंदन योजना का लाभ भी नहीं मिलता, उन्हें सिर्फ वृद्धावस्था पेंशन के 500 रुपए ही मिलते हैं। कुनिया ग्राम के जंगलपारा स्थित घर से डेढ़ किलोमीटर दूर एक नाला पड़ता है, जिसके कारण वहां कोई गाड़ी नहीं पहुंच पाती है। इसके बाद डेढ़ किलोमीटर का रास्ता और तय करना पड़ता है। महज 500 रुपए की पेंशन के लिए बुजुर्ग सास को इस तरह पीठ पर लादकर ले जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल रहा है। परिवार बेहद जरूरतमंद है। बहू ने बताया कि पहले बैंक मित्र घर पर ही पेंशन देने आता था, जिससे उन्हें सहूलियत होती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसने घर आना बंद कर दिया। वहीं केवाईसी पूरा नहीं होने के कारण भी कई महीनों से पेंशन अटकी हुई थी। इसी वजह से शुक्रवार को बहू को मजबूरी में अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर पांच किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक तक पैदल लाना पड़ा। बैंक मैनेजर बोले- घर पर ही पेंशन देने की व्यवस्था इस पूरे मामले पर नर्मदापुर सेंट्रल बैंक के मैनेजर मिर्जा अल्ताफ बेग का कहना है कि मैनपाट इलाके में वृद्धावस्था पेंशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था है और इसके लिए बैंक के आठ बैंक मित्र काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन्हें भी पैसा निकालना होता है, उनके स्वजन अगर बैंक में सूचना दे दें तो बैंक मित्र को उनके घर भेज दिया जाता है।  

भजनलाल सरकार सख्त, सरकारी विदेश यात्राओं पर रोक और पेट्रोल-डीजल वाहनों को चरणबद्ध हटाने का निर्णय

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और खर्चों में कटौती को लेकर बड़ा फैसला लिया है. शनिवार को इस संबंध में वित्त विभाग ने एक विस्तृत आदेश जारी किया गया है. सरकार ने सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा, पेट्रोल-डीजल से चलने वाली सभी सरकारी गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का फैसला लिया है. इसके अलावा मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अनावश्यक वाहनों के उपयोग कम करने की सलाह दी गई है.  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया है        राजस्थान सरकार के अन्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने और सीमित संख्या में वाहन रखने की सलाह दी गई है.       सरकार ने पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का भी निर्णय लिया है और संविदा पर लिए जाने वाले वाहनों में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.       इसके अलावा, एक ही गंतव्य पर जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कार पूलिंग अपनाने की सलाह दी गई है ताकि ईंधन की बचत हो सके और खर्चों में कमी आए.        सरकारी खर्चों में नियंत्रण के तहत सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने का भी फैसला किया गया है. ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने कई पहल की हैं. वित्त विभाग के आदेश के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी.        साथ ही राजकीय कार्यालयों में भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे बिजली खर्च में कमी लाई जा सके.       कृषि क्षेत्र में भी सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं, जहां उर्वरकों के संतुलित और आवश्यकता अनुसार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत सस्टेनेबल, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की लागत भी कम हो सके. इससे पहले शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कई बड़े प्रस्तावों पर मंजूरी दी, जिसमें पेंशन नियमों में बदलाव से लेकर नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 पर मुहर लगाना शामिल है. राजस्थान सरकार ने पेंशन नियमों (1996) में तीन बड़े बदलाव किए हैं. पेंशन को लेकर नए नियम के तहत दिव्यांग बच्चों को हर 3 साल में विकलांगता प्रमाण पत्र देने की बाध्यता खत्म कर दी गई है. अब केवल एक बार ही यह सर्टिफिकेट देना होगा. पेंशनर्स को अब मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी से सालाना जीवित प्रमाण पत्र (Life Certificate) देने की छूट होगी.

सम्राट चौधरी की अनुशंसा पर विधान परिषद में नेता, सचेतक और उपनेता नियुक्त

पटना  मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी की अनुशंसा पर बिहार विधान परिषद में सत्‍ता पक्ष के 6 नेताओं को नई जिम्‍मेदारी दी गई है। संसदीय कार्य विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है। 15 मई से प्रभावी इस फैसले के तहत नेता, उपनेता, मुख्य सचेतक और उपमुख्य सचेतक के पदों पर मनोनयन किया गया है। ललन एवं राजेंद्र बने उपनेता अधिसूचना के अनुसार ललन कुमार सर्राफ एवं प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्‍ता को उपनेता का बनाया गया है। इन्‍हें मंत्री पद की सुविधा प्रदान की गई है। जदयू के विधान पार्षद संजय कुमार सिंह को मुख्‍य सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी मंत्री की सुविधा प्राप्‍त हो गई है। वहीं जनक राम उपमुख्‍य सचेतक बनाए गए हैं। इन्‍हें राज्‍य मंत्री की सुविधा प्रदान की गई है। इनके अलावा नीरज कुमार एवं रीना देवी को सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी राज्‍य मंत्री की सुविधा मि‍ली है।   राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयन समित‍ि का पुनर्गठन इससे एक दिन पूर्व राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयण समिति का पुनर्गठन राज्‍य सरकार ने किया। सीएम सम्राट चौधरी इसके अध्‍यक्ष बनाए गए हैं। इनके अलावा उपमुख्‍यमंत्री व‍िजय कुमार चौधरी कार्यकारी अध्‍यक्ष बनाए गए हैं। समिति में संजय सरावगी एवं उमेश सिंह कुशवाहा को उपाध्‍यक्ष बनाया गया है।   उपाध्‍यक्ष के पद पर ललन कुमार मंडल भी रखे गए हैं। समिति में विधायक चेतन आनंद, संगीता कुमारी, भरत बिन्द, मुरारी प्रसाद गौतम तथा सिद्धार्थ सौरव सहित कई नेताओं को सदस्य बनाया गया है। इसके अतिरिक्त प्रहलाद यादव, नीलम देवी, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश कुमार वर्मा, भारती मेहता और चंदन कुमार सिंह भी सदस्‍य बनाए गए हैं। दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया जाएगा, जबकि सभी सदस्यों को राज्य के उप मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। बिहार विधान मंडल के सदस्य अपने वर्तमान वेतन, भत्ता और अन्य सुविधाएं पूर्ववत प्राप्त करते रहेंगे।

राज्य में 3.94 करोड़ लीटर पेट्रोल व 8.09 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक

रायपुर  छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को घबराकर अतिरिक्त खरीदी या संग्रहण करने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा किसानों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्तमान समय में 3 करोड़ 94 लाख 7 हजार 700 लीटर पेट्रोल तथा 8 करोड़ 8 लाख 83 हजार लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। खाद्य विभाग के अनुसार रबी फसल की कटाई और खरीफ सीजन की तैयारी के कारण डीजल की मांग में वृद्धि को देखते हुए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिर हसौद (रायपुर) तथा गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से जिलों को लगातार आवश्यकतानुसार आपूर्ति की जा रही है। गौरतलब है कि 22 मई 2026 को ही प्रदेश को 21 लाख 83 हजार लीटर पेट्रोल और एक करोड़ 29 लाख 75 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही प्रतिदिन नियमित रूप से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति जारी है। खाद्य सचिव ने राज्य में ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा के लिए 20 मई 2026 को सभी ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन पेट्रोल पंपों में स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन रही हो, वहां डिपो से तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। राज्य शासन ने 22 मई 2026 से प्रदेश के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर ड्रम और जरीकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि किसानों तथा कलेक्टर द्वारा चिन्हित अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। राज्य शासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम में आकर पैनिक खरीदी अथवा इसका संग्रहण न करें। जरूरत के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

हरदा के डायल-112 हीरोज रेलवे ट्रैक पर खड़े व्यक्ति की सतर्कता से बचाई जान समझाइश देकर परिजनों के सुपुर्द किया

भोपाल हरदा जिले के थाना टिमरनी क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता, सतर्कता एवं संवेदनशील कार्रवाई से रेलवे ट्रैक पर खड़े एक व्यक्ति की समय रहते जान बचाई गई। त्वरित हस्तक्षेप एवं समझाइश के माध्यम से पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया। 22 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना टिमरनी क्षेत्र अंतर्गत रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे ट्रैक पर खड़ा है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही टिमरनी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक  धर्मेंद्र पटवारी एवं पायलट  संजय पवार ने मौके पर पहुँचकर पाया कि एक व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर खड़ा था। उसी दौरान ट्रेन आने का सिग्नल भी हो चुका था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं साहस का परिचय देते हुए तत्काल व्यक्ति को पकड़कर रेलवे ट्रैक से सुरक्षित बाहर निकाला और संभावित हादसे को टाल दिया। घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित व्यक्ति के परिजन भी मौके पर पहुँच गए। डायल-112 टीम द्वारा व्यक्ति को सुरक्षित डायल 112 वाहन से थाना लाया गया, जहाँ परिजनों को बुलाकर समझाइश दी गई एवं आवश्यक परामर्श उपरांत व्यक्ति को उनके सुपुर्द किया गया। डायल-112 जवानों की सतर्क, संवेदनशील एवं त्वरित कार्यवाही से एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सुरक्षा एवं सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन पर आयोजित संगोष्ठी संपन्न

भोपाल सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि समाज का मूल आधार सहकारिता है। सहकारिता के माध्यम से परिवार, समाज, राष्ट्र और दुनिया चलती है। जब तक एक-दूसरे का समन्वय, सहयोग और सहभागिता नहीं होती, तब तक किसी भी काम का परिणाम प्राप्त नहीं किया जा सकता। मंत्री  सारंग शनिवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ में आयोजित हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ द्वारा क्रियान्वित एवं विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित सीएचसीडीएस योजना अंतर्गत निर्मित सीएफसी कॉमन फैसिलिटी सेंटर का लोकार्पण भी किया। मंत्री  सारंग ने कहा कि राज्य सहकारी संघ द्वारा विभाग की योजना के माध्यम से स्किल ट्रेनिंग प्राप्त करने से रोजगार के अवसर सृजित हो सकेंगे। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर टूलकिट से अपनी जीविका को गति देने से परिवार की आय में वृद्धि होगी। इसका सद्उपयोग कर अपने व्यवसाय कों आगे बढ़ाये और परिवार की आय में अपना सहयोग दें और समृद्ध मध्यप्रदेश सहित विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करें। कार्यक्रम को सहकारिता आयुक्त  मनोज पुष्प ने भी संबोधित किया। शुरूआत में राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक  ऋतुराज रंजन ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर हस्तशिल्प के उप संचालक  वैभव यशवंत मोहारे और अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता उपस्थित थे। मंत्री  सारंग ने कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप 6 महिला प्रतिभागी किरण राजपूत, नीलम यादव, आशा मेहरा, कविता रजक, सोनी यादव और महिमा यादव को कढ़ाई एवं जूट शिल्प का टूलकिट वितरित किया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में हुए कार्यों एवं गतिविधियों के संकलन की पुस्तिका "सहकारिता के नवयुग का शंखनाद" का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने सामान्य सुविधा केन्द्र का लोकार्पण किया। यह सुविधा केन्द्र प्रारंभिक तौर पर इंदौर, भोपाल और नौगाँव में शुरू किये गये हैं। साथ ही उन्होंने Coopcraft वाणिज्यिक पोर्टल का शुभारंभ भी किया।  

बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ा अभियान, हरियाणा में 78 बच्चों को मिला नया जीवन

कैथल/चंडीगढ़. ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत मानवता व संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायी मिसाल देखने को मिली। एमडीडी ऑफ इंडिया और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त टीमों ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 78 जरूरतमंद बच्चों को रेस्क्यू कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया। इन बच्चों में गुमशुदा, बाल श्रमिक, भीख मांगने वाले, कूड़ा बीनने वाले तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे शामिल रहे। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन भीम सेन ने बताया कि अप्रैल 2026 की मासिक समीक्षा रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों का सफलता पूर्वक निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है अपनी कैथल जिला की पुलिस पर जिन्होंने अभियान के दौरान 18 गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया गया, जबकि 20 बच्चों को बाल श्रम के चंगुल से मुक्त करवाया गया। बेहतर भविष्य और पारिवारिक संरक्षण मिल सके इसके अतिरिक्त 22 बच्चों को भीख मांगने की विवशता से बाहर निकालकर सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया तथा आठ कचरा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने बताया कि एक परित्यक्त मासूम बच्ची को भी सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाते हुए विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (एसएए) में शिफ्ट किया गया, ताकि उसे बेहतर भविष्य और पारिवारिक संरक्षण मिल सके। इस अभियान के दौरान हर बच्चे की काउंसलिंग, चिकित्सा जांच, सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी गई। भीम सेन अग्रवाल ने कहा कि हर बच्चा देश का भविष्य है और उसे भय, शोषण तथा असुरक्षा से मुक्त वातावरण देना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।” उन्होंने बताया कि सीडब्ल्यूसी की टीम लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा दोबारा असुरक्षित परिस्थितियों में न पहुंचे।

बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला, चंडीगढ़ में समर कैंप की बाहरी गतिविधियां बंद

चंडीगढ़. गर्मी की छुट्टियों में स्कूलों में आयोजित किए जा रहे समर कैंपों में बाहरी गतिविधियाें पर पाबंदी रहेगी। यह आदेश चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) ने बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए जारी किया है। स्कूलों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आयोग ने कहा है कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान आयोजित किए जा रहे समर कैंपों में बच्चों को तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाया जाए तथा दोपहर के समय किसी भी प्रकार की बाहरी गतिविधियां न करवाई जाएं। आयोग ने पहले ही हीटवेव की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन ने भी सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 23 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ स्कूल छुट्टियों के दौरान समर कैंप आयोजित कर रहे हैं। आयोग ने माना कि ऐसे कैंप बच्चों की रचनात्मकता और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होते हैं, लेकिन मौजूदा भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों को खुले में गतिविधियों से बचाना बेहद जरूरी है। सीसीपीसीआर की अध्यक्ष शिप्रा बंसल ने कहा कि अत्यधिक गर्म मौसम में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्कूलों और संस्थानों से जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा गर्मी की तीव्र परिस्थितियों के संपर्क में न आए। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।

AI आधारित स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली एवं डिजिटल विद्युत प्रबंधन मॉडल की सराहना

भोपाल  भारत सरकार के ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत संचालित आरडीएसएस कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में स्मार्ट मीटरिंग, फीडर सेपरेशन, पीएम कुसुम योजना, वन क्षेत्र विद्युत अधोसंरचना तथा डिजिटल विद्युत प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने निर्देश दिए कि कंपनी क्षेत्र में शेष अविद्युतीकृत घरों का सर्वे शीघ्र पूर्ण कर उनका डेटा तैयार किया जाए तथा डीपीआर को अंतिम रूप देकर प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिससे पात्र घरों तक विद्युत सुविधा पहुंचाई जा सके।  अग्रवाल ने आरडीएसएस योजना अंतर्गत फीडर सेपरेशन में शामिल 874 फीडरों को पीएम कुसुम योजना से जोड़कर लाभान्वित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही वन्य जीव अभयारण्य क्षेत्रों से गुजरने वाली एलटी लाइनों के केबलीकरण के निर्देश देते हुए कहा कि इससे वन्य जीवों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा विद्युत आपूर्ति अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनेगी। बैठक में आरडीएसएस योजना अंतर्गत पूर्व क्षेत्र कंपनी के 41 ऐसे प्रकरणों की भी समीक्षा की गई, जिनमें वन विभाग की स्वीकृति लंबित है। ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन प्रकरणों में वन मंत्रालय स्तर पर सतत फॉलोअप किया जाए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। समीक्षा के दौरान स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली में Artificial Intelligence (AI) एवं Machine Learning आधारित विश्लेषण प्रणाली की विशेष प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि AI आधारित तकनीकों के माध्यम से विद्युत चोरी की संभावनाओं की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है। उपभोक्ताओं के खपत पैटर्न, स्मार्ट मीटर टैंपर इवेंट्स, डीटीआर ऊर्जा संतुलन, GIS आधारित उपभोक्ता मैपिंग तथा ऐतिहासिक बिलिंग डेटा का विश्लेषण कर संदिग्ध उपभोक्ताओं की सूची स्वतः तैयार की जा रही है। बैठक में कंपनी के स्मार्ट बिजली ऐप का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 13 हजार स्मार्ट मीटर उपभोक्ता प्रतिदिन स्वयं अपना विद्युत उपभोग ऐप के माध्यम से देख रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में ऊर्जा संरक्षण एवं डिजिटल सहभागिता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू टैरिफ ऑर्डर में TOD योजना लागू की जा चुकी है, जिसका लाभ स्मार्ट मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राप्त हो रहा है। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ऊर्जा संरक्षण, लोड प्रबंधन एवं डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। ऊर्जा सचिव  अग्रवाल ने पूर्व क्षेत्र कंपनी द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं डिजिटल उपभोक्ता सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के तकनीक आधारित मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।