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भारत-पाकिस्तान हाईवोल्टेज भिड़ंत, कोलंबो में मौजूद रहेंगे BCB चीफ अमीनुल इस्लाम

ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के प्रमुख अमीनुल इस्लाम ने कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को होने वाले टी20 विश्व कप मैच देखने के लिए कोलंबो में जाएंगे और उन्हें उम्मीद है कि पिछले कुछ सप्ताह से चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ उनके संबंध सुधरेंगे। इस्लाम ने बांग्लादेश के अखबार ‘प्रथम आलो’ से कहा कि इस हाई-प्रोफाइल मैच के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की तरफ से निमंत्रण मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘आईसीसी ने एक फैसला लिया है। आईसीसी के प्रमुख हितधारक ये पांच एशियाई देश हैं तथा वह चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने मैच के लिए सभी पांच एशियाई देशों के प्रतिनिधि एक साथ स्टेडियम में मौजूद रहें, मैच देखें और एक-दूसरे से बात करें।’’ भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान एशिया के आईसीसी में महत्वपूर्ण सदस्य हैं। इस्लाम से पूछा गया कि क्या इस बैठक से बीसीसीआई के साथ उसके तनावपूर्ण संबंध खत्म करने में मदद मिलेगी, उन्होंने कहा, ‘‘‘आप इसे कुछ इसी तरह मान सकते हैं।’’ बीसीसीआई और बीसीबी के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय बोर्ड ने कुछ अज्ञात परिस्थितियों के चलते बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स के आईपीएल अनुबंध से बाहर करने का आदेश दिया। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह कदम बांग्लादेश में हुई राजनीतिक हिंसा से प्रेरित था जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए विश्व कप मैचों के लिए भारत आने से इनकार कर दिया। बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी ने बांग्लादेश की चिंताओं को खारिज कर दिया था। बांग्लादेश हालांकि अपने रुख पर कायम रहा इसके बाद उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को दे दी गई। इस्लाम ने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन तैयार करेगा जिससे आईसीसी की तरफ से उन्हें मिले आश्वासनों को अंतिम रूप दे दिया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक समझौता भी करेंगे। यह एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) जैसा दस्तावेज होगा, ताकि कोई अनिश्चितता न रहे। आईसीसी के साथ (समझौता ज्ञापन तैयार करने के संबंध में) चर्चा लगभग अंतिम पड़ाव पर है।’’  

कंगारुओं के खिलाफ बड़ा दांव! जिम्बाब्वे रचेगा इतिहास?

कोलंबो ग्रुप बी में सबकी नजरें अब क्लासिक डेविड बनाम गोलियथ मुकाबले पर टिकी हैं, जब शुक्रवार को यहां आर. प्रेमदासा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे का मुकाबला टूर्नामेंट की फेवरेट टीम ऑस्ट्रेलिया से होगा। ऑस्ट्रेलिया इस मुकाबले में जीत की जबरदस्त संभावना और दुनिया भर में दबदबे के साथ उतर रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्बाब्वे इस एडिशन का पहला बड़ा उलटफेर कर सकता है? सिकंदर रजा की टीम ने चुपचाप मोमेंटम बना लिया है। ओमान पर उनकी आठ विकेट की बड़ी जीत ने गेंद से डिसिप्लिन और बल्ले से धैर्य दिखाया। लेकिन शुक्रवार का मुकाबला एक बिल्कुल अलग चुनौती पेश करता है – ऑस्ट्रेलियाई टीम का सामना करना जिसमें पावर-हिटर्स, अच्छे ऑलराउंडर्स और कोलंबो के हालात के हिसाब से एक मजबूत स्पिन अटैक है। जिम्बाब्वे की उम्मीदें निडर रवैये पर टिकी होंगी। ब्रायन बेनेट, जिन्होंने पिछले गेम में 48 रन बनाए, पिछले साल उनके सबसे लगातार परफॉर्मर रहे हैं और टॉप पर अहम होंगे। अगर बेनेट और तदीवानाशे मारुमानी नई गेंद को संभालकर एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार कर पाते हैं, तो ब्रेंडन टेलर, रज़ा और रयान बर्ल की अनुभवी तिकड़ी बीच के ओवरों में स्कोरिंग को आगे बढ़ा सकती है। असली मौका गेंद के साथ हो सकता है। ब्लेसिंग मुजराबानी और रिचर्ड नगारवा ने अपने पिछले मैच में छह विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था। एक ऐसी सतह पर जिससे शुरू में स्विंग और बाद में टर्न मिलने की उम्मीद है, ज़िम्बाब्वे का पेस-स्पिन कॉम्बिनेशन ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक टॉप ऑर्डर की परीक्षा ले सकता है। आयरलैंड के खिलाफ थोड़ी कमज़ोरी दिखाने वाले मिडिल ऑर्डर को बेनकाब करने के लिए शुरुआती ब्रेकथ्रू जरूरी होंगे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया अभी भी मजबूत है। कप्तान ट्रैविस हेड लीडर के तौर पर पहली जीत हासिल करने के बाद आगे से लीड करने के लिए बेताब होंगे। जोश इंग्लिस, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस और कैमरन ग्रीन की मौजूदगी पूर्व चैंपियन को ऐसी गहराई देती है जिसका मुकाबला कुछ ही टीमें कर सकती हैं। एडम जम्पा और मैथ्यू कुहनेमन की उनकी स्पिन जोड़ी भी कोलंबो की धीमी होती पिच का फ़ायदा उठा सकती है। प्रेमदासा की पिच ने हमेशा लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को फ़ायदा पहुँचाया है, पिछले दस में से आठ मैच बाद में बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। मैच के दिन बादल छाए रहने का अनुमान है, जिससे गेंदबाजों को शुरुआत में और मदद मिल सकती है, जिससे मुकाबले में एक और अप्रत्याशित बात जुड़ जाएगी। ज़िम्बाब्वे के लिए, यह सिर्फ़ ग्रुप-स्टेज का मैच नहीं है। यह सोच को बदलने और खुद को सिर्फ़ हिस्सा लेने वाले के बजाय असली दावेदार के तौर पर पेश करने का मौका है। उलटफेर टी20 वर्ल्ड कप की धड़कन रहे हैं, और सबसे छोटे फ़ॉर्मेट में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होती। कागज़ पर ऑस्ट्रेलिया शायद बहुत ज़्यादा पसंदीदा हो, लेकिन अगर ज़िम्बाब्वे खास मौकों का फ़ायदा उठाता है – खासकर पावरप्ले और डेथ ओवरों में – तो कहानी एक बड़ा मोड़ ले सकती है। मंच तैयार है। पसंदीदा टीमें पक्की हैं। लेकिन टी20 क्रिकेट में, भरोसा भी नाम जितना ही ताकतवर हो सकता है।  

वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का धमाका, तीसरा सबसे बड़ा स्कोर किया दर्ज

नई दिल्ली दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारत ने रचा इतिहास, बनाया विश्व कप का अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर, चौथी बार छुआ 200+ का आंकड़ा टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ए मैच में भारत ने नामीबिया के खिलाफ रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेलते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय टीम इस विश्व कप में कितनी मजबूत स्थिति में है। इस मैच में भारत की शुरुआत और अंत दोनों ही धमाकेदार रहे। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 61 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनके बाद मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या ने भी नामीबियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली और 52 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और भारत के 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। भारत की पारी आखिरी के दो ओवरों में लड़खड़ाती हुई नजर आई वरना यहां आंकड़े कुछ और होते और भारतीय टीम और विशाल स्कोर खड़ा करती। भारत ने पहली बार 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में 200 से अधिक रन बनाए थे। डरबन के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस ऐतिहासिक मैच में भारत ने 218/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह आज भी टी20 वर्ल्ड कप में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके बाद साल 2021 में अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का बल्ला जमकर बोला था। उस मुकाबले में भारत ने मात्र 2 विकेट खोकर 210 रन बनाए थे, जो इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इन दोनों ही मैचों में भारतीय टीम ने विपक्षी गेंदबाजों पर पूरी तरह से दबाव बनाए रखा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। तीसरी बार 200 का आंकड़ा छूने का कारनामा भारत ने पिछले 2024 के वर्ल्ड कप में किया था। ग्रॉस आइलेट में ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ भारत ने 205/5 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था। आज नामीबिया के खिलाफ 209 रन बनाकर भारत चौथी बार 200 का स्कोर बनाने का कारनामा किया है और अपने पिछले उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। अरुण जेटली स्टेडियम की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री का भारतीय बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टीम को और मजबूती प्रदान की। टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के 4 सबसे बड़े स्कोर 1. 218/4 बनाम इंग्लैंड (डरबन, 2007): यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का अब तक का उच्चतम स्कोर है। 2. 210/2 बनाम अफगानिस्तान (अबू धाबी, 2021): भारत ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 200+ का आंकड़ा छुआ था। 3. 209/9 बनाम नामीबिया (दिल्ली, 2026): आज के मैच में ईशान किशन (61) और हार्दिक पांड्या (52) के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने यह स्कोर बनाया। 4. 205/5 बनाम ऑस्ट्रेलिया (ग्रॉस आइलेट, 2024): पिछले विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने यह धमाकेदार प्रदर्शन किया थ

इंटरनेशनल स्तर पर पाकिस्तान की फजीहत, होटल ने रोका—बिल नहीं भरा तो बाहर इंतजार

कैनबरा पाकिस्तान हॉकी टीम के सदस्यों को कैनबरा पहुंचने पर कई घंटे सड़क पर ही बिताने पड़े क्योंकि पैसे के अभाव में पाकिस्तान हॉकी महासंघ होटल के बिल का भुगतान नहीं कर सका, जिससे होटल बुकिंग रद्द हो गई। पाकिस्तानी टीम होबर्ट में एफआईएच प्रो लीग के दूसरे चरण के मैच खेलने आस्ट्रेलिया में है। टीम के सूत्रों के अनुसार खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को घंटों तक सड़क पर रहकर धूल फांकनी पड़ी। एक सूत्र ने बताया ,''खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिये कैनबरा में एक चार सितारा होटल में कमरे बुक किये गए थे । उन्हें बताया गया था कि पाकिस्तान खेल बोर्ड और पीएचएफ ने कैनबरा में उनके रहने के लिये सारे भुगतान कर दिये हैं ।'' सूत्र ने कहा , ''लेकिन पिछले सप्ताह कैनबरा पहुंचने पर पता चला कि उस होटल में कोई बुकिंग थी ही नहीं । टीम के मुख्य कोच ताहिर जमान टाइम जोन अलग होने के कारण पीएसबी और पीएचएफ अधिकारियों से संपर्क नहीं कर सके ।'' सू्त्र ने कहा ,''ताहिर ने उन्हें इस स्थिति के बारे में बताया कि लाहौर से लंबा सफर करके आये खिलाड़ियों के पास आराम करने की कोई जगह नहीं है ।'' हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल बता दें कि हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल है और टीम प्रो लीग में आस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसी शीर्ष टीमों से खेल रही है । सूत्र ने बताया कि कई घंटे बाहर इंतजार करने के बाद होटल प्रबंधन ने खिलाड़ियों को कुछ कमरे दिये । सूत्र ने कहा ,''कमरे उपलब्ध नहीं थे लिहाजा एक ही कमरे में दो तीन खिलाड़ी रूके और अगले दिन आस्ट्रेलिया से मैच खेलने स्टेडियम गए जिसमें 2-3 से पराजय मिली ।''इससे पहले अर्जेंटीना में प्रो लीग के पहले चरण में खिलाड़ियों को दैनिक भत्ते नहीं मिले थे जिससे विदेश में उन्हें पैसों की किल्लत हो गई । सुरक्षा अधिकारियों से झड़प कैनबरा में टीम मैनेजर के बिना गई है क्योंकि नियमित मैनेजर और पूर्व ओलंपियन अंजुम सईद को पीएचएफ ने निकाल दिया है ।उन्हें वापिस लौटते समय फ्लाइट में सिगरेट पीते पाया गया और हवाई अड्डे पर सुरक्षा अधिकारियों से उनकी झड़प भी हुई । सूत्र ने बताया कि कैनबरा में कुछ स्थानीय पाकिस्तानी लोगों से संपर्क किया गया जिन्होंने आकर उनकी मदद की । पाकिस्तान प्रो लीग के सभी छह मैच हार चुका है ।

4.62 करोड़ की टैक्स मांग! आयकर विभाग ने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया को थमाया नोटिस

नई दिल्ली आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 156 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) को पहली बार 4.62 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी किया है। आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी दी गई है। ईएफआई को नौ फरवरी, 2026 के नोटिस में कहा गया है कि इस खेल महासंघ को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4,62,18,102 रुपये की राशि भुगतान करनी होगी। ईएफआई के चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा महासंघ के पदाधिकारियों को लिखे गए पत्र के अनुसार, कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना और उन्हें आयकर विभाग के समक्ष पेश करना जरूरी था। इस मामले के संबंध में एक अंतिम संचय प्रमाण पत्र भी तैयार किया गया है, लेकिन ईएफआई के महासचिव कर्नल जयवीर सिंह ने बताया कि ईएफआई कार्यकारी समिति ने दस्तावेज तैयार करने में देरी की जिससे उसे इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित यह संचय प्रमाण पत्र आयकर विभाग के पास जमा करना जरूरी था। इस दस्तावेज़ को प्रस्तुत न करने के कारण यह पत्र जारी किया गया है। आयकर नियमों के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार महासंघ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’’ ‘संचय प्रमाणपत्र’ से तात्पर्य आम तौर पर उस दस्तावेज़ से है जिसे कोई संगठन चालू वर्ष में कर लगाए बिना भविष्य में उपयोग के लिए आय अलग रखने के लिए दाखिल करता है। ईएफआई सूत्रों ने यह भी कहा कि कर्नल जगत सिंह के नेतृत्व वाले महासंघ ने अधिनियम की धारा 11 से संबंधित प्रावधानों के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से अनुमोदन हासिल नहीं किया था, जो कुछ विदेशी लेन देन से जुड़े मामलों में जरूरी होता है। ईएफआई अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध होने के कारण राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में संबद्धता शुल्क, भागीदारी राशि और संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के लिए विदेशों में धन भेजता है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान न करने पर अधिनियम की धारा 220(2) के तहत प्रत्येक माह एक प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज लगेगा। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि भुगतान न करने पर धारा 221 के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा सकती है जो सुनवाई का अवसर प्रदान करने के बाद बकाया कर की राशि तक हो सकती है। यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत वसूली की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है। ईएफआई युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध है।  

वनडे वर्ल्ड कप 2027 पर रोहित का ऐलान: खेलने नहीं, देश के लिए जीतने उतरूंगा

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब दिलाया, लेकिन उनके दिल में विश्व कप 2023 का खिताब न जीत पाने का गम अभी भी जिंदा है। रोहित उस कसक को मिटाने के लिए अगला वनडे विश्व कप खेलने और जीतने के प्रति दृढ़संकल्पित हैं। रोहित शर्मा ने बुधवार को एक आईसीसी इवेंट में कहा, “वह सिर्फ वनडे विश्व कप 2027 खेलना नहीं चाहते हैं, बल्कि 2023 में अहमदाबाद में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारने वाली ट्रॉफी उठाने के लिए बेताब हैं। पूर्व कप्तान ने कहा, “मैं 50-ओवर का विश्व कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं। उस समय कोई टी20 विश्व कप नहीं था, कोई आईपीएल नहीं था। वह क्रिकेट का सबसे ऊंचा स्तर था, जो हर चार साल में होता था। इसलिए, बेताबी थी। उस एक ट्रॉफी का इतना ज्यादा बोझ था। मैं सच में वह ट्रॉफी चाहता हूं, इसलिए मैं कड़ी मेहनत करने और उसे पाने के लिए अपनी पूरी ताकत और काबिलियत से सब कुछ करने की कोशिश करूंगा। मैं वहां जाकर अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं।” टी20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके रोहित शर्मा की उम्र और फिटनेस की वजह से 2027 विश्व कप में खेलने को लेकर सवाल था। पिछले 6 महीने में रोहित ने अपनी फिटनेस पर काम किया और अपना वजन कम किया है। साथ ही उनकी बल्लेबाजी में भी जोरदार बदलाव दिखा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उनका बल्ला बेशक नहीं चला था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित ने अपनी बल्लेबाजी से रोमांचित किया था। फिटनेस और फॉर्म के प्रति रोहित की सजगता देखते हुए विश्व कप 2027 को लेकर उनके समर्पण का अंदाजा लगाया जा सकता है। मौजूदा समय में वनडे फॉर्मेट के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में से रोहित शर्मा ने 282 वनडे की 274 पारियों में 33 शतक और 61 अर्धशतक की मदद से 11,577 रन बनाए हैं।  

‘गेम की समझ ही असली ताकत’— आधुनिक शतरंज पर विश्वनाथन आनंद का बड़ा बयान

मदुरै (तमिलनाडु) पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने गुरुवार को यहां कहा कि ऐसे युग में जहां खिलाड़ी कंप्यूटर से मिलने वाली सहायता से अभिभूत हैं तब खेल की गहरी समझ आधुनिक शतरंज में एकमात्र असली निर्णायक कारक बन गई है। आनंद ने तीन दिवसीय शतरंज कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘दिलचस्प बात यह है कि आपको जितना अधिक ज्ञान उपलब्ध कराया जाता है, उतना ही कम आप जान पाते हैं। यदि हर दिन आपको 20-30 नए निष्कर्ष मिलते हैं तो आप उन्हें कैसे समझ पाएंगे। मेरा मानना है कि आज के शतरंज खिलाड़ियों को अलग करने वाली एकमात्र चीज गहरी समझ है।’’ कई साल पहले जब आनंद ने कंप्यूटर का उपयोग करना सीखा था, तब का उदाहरण देते हुए इस ग्रैंडमास्टर ने कहा कि नए विचारों के प्रति खुला रहना मददगार होता है, लेकिन बारीकियों को समझना एक खिलाड़ी को नए स्तर पर ले जाता है। आनंद ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि शतरंज में महारत हासिल करना रटने के बजाय पैटर्न को पहचानने पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा दिमाग हमारी क्षमता से कहीं अधिक पैटर्न बनाता है। किसी का खेल देखने के हफ्तों बाद अक्सर खिलाड़ियों के दिमाग में नए विचार आ जाते हैं। उन्हें इसका अहसास नहीं होता है कि वे कहीं और से कुछ नकल कर रहे हैं।’’  

टीम इंडिया का तूफानी प्रदर्शन, दूसरे मैच में नामीबिया के सामने 210 रनों की चुनौती

नई दिल्ली दिल्ली के अरुण जेलटी स्टेडियम में भारत और नामीबिया के बीच खेले जा रहे विश्व कप के मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 209 रन बनाए हैं। नामीबिया को अब निर्धारित 20 ओवरों में 210 रनों का विशाल स्कोर बनाना है। नामीबिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया लेकिन उसका यह फैसला सही साबित नहीं हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। संजू सैमसन ने आते ही 3 गगनचुंबी छक्के लगाए। वे 8 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए। उसके बाद ईशान किशन ने मोर्चा संभाला जिन्होंने 20 गेंदों में ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़ा। वे 61 रन बनाकर आउट हुए। भारत की ओर से हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 52 रनों की पारी खेली। तिलक वर्मा ने 25 रन बनाए वहीं, सूर्यकुमार यादव 12 रन बनाकर आउट हुए। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए हैं। नामीबिया ने आखिरी दो ओवरों में शानदार गेंदबाजी की और भारत के एक के बाद एक विकेट लिए जिससे भारतीय टीम 209 रनों पर ही रुक गई। अब क्या 210 रनों के स्कोर का नामीबिया पीछा कर पाएगी जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ।   पिछले मैच में कठिन पिच पर संघर्ष करने के बाद, भारतीय बल्लेबाज दिल्ली के छोटे मैदान पर अपनी छक्के लगाने की लय वापस पाने के लिए बेताब होंगे। संजू सैमसन को आज ओपनिंग का मौका मिल सकता है क्योंकि अभिषेक शर्मा पेट की बीमारी के कारण शायद न खेलें। वहीं, दूसरी ओर नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी टीम को बिना किसी डर के नामीबियाई अंदाज में लड़ने का आह्वान किया है। दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है।

टी20 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले नंबर-2 गेंदबाज बने एडम जांपा

कोलंबो एडम जांपा टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। इस लेग स्पिनर ने अब तक टी20 वर्ल्ड कप में 40 विकेट हासिल किए हैं, जिसके साथ उन्होंने वानिंदु हसरंगा और राशिद खान की बराबरी कर ली है। इन तीनों ही गेंदबाजों ने टी20 वर्ल्ड कप में 40-40 विकेट हासिल किए हैं, जबकि शाहिद अफरीदी 39 विकेट के साथ इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष पर बांग्लादेश के शाकिब अल हसन हैं, जिन्होंने 50 विकेट अपने नाम किए। आयरलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में एडम जांपा ने 4 ओवर गेंदबाजी करते हुए 23 रन देकर 4 विकेट निकाले। यह जांपा का टी20 वर्ल्ड कप में दूसरा ‘फोर-विकेट हॉल’ है। उन्होंने टूर्नामेंट में एक बार मैच में 5 विकेट भी निकाले हैं। कुल मिलाकर, जांपा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 112 मुकाबलों में 20.56 की औसत से 143 विकेट लिए हैं। इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 182 रन बनाए। इस टीम के लिए मार्कस स्टोइनिस ने सर्वाधिक 45 रन बनाए, जबकि मैट रेनेशॉ और जोश इंगलिस ने 37-37 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। विपक्षी खेमे से मार्क अडायर ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि मैथ्यू हम्फ्रीज, जॉर्ज डॉकरेल और हैरी टेक्टर ने 1-1 विकेट निकाला। इसके जवाब में आयरलैंड की टीम 16.5 ओवरों में 115 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए जॉर्ज डॉकरेल ने सर्वाधिक 41 रन बनाए, जबकि लॉरेन टकर ने 24 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से नाथन एलिस और एडम जांपा ने 4-4 विकेट निकाले। एक विकेट मैथ्यू कुहनेमन के हाथ लगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम 13 फरवरी को अपने अगले मुकाबले में इसी वेन्यू पर जिम्बाब्वे से भिड़ेगी, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के उनके ग्रुप स्टेज का दूसरा मैच होगा। इस मुकाबले में जांपा के पास राशिद और हसरंगा से आगे निकलने का मौका होगा।  

लीपजिग पर भारी पड़ा बायर्न, शानदार जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंची टीम

बर्लिन बायर्न म्यूनिख ने 2020 के बाद पहली बार जर्मन कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। क्वार्टरफाइनल में आरबी लीपजिग को 2-0 से हराकर बायर्न ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। दोनों गोल दूसरे हाफ में आए। लीपजिग ने मैच की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। क्रिस्टोफ बॉमगार्टनर ने चौथे मिनट में गोल भी कर दिया था, लेकिन वीएआर समीक्षा के बाद इसे ऑफसाइड करार दिया गया। इसके बाद बायर्न ने धीरे-धीरे खेल पर पकड़ बनानी शुरू की। हैरी केन ने शुरुआती मिनटों में गोलकीपर मार्टेन वेंडेवोर्ड्ट को कठिन बचाव करने पर मजबूर किया, जबकि 11वें मिनट में कैस्टेलो लुकेबा ने रिबाउंड पर संभावित गोल को लाइन से हटाकर टीम को राहत दी। पहले हाफ के मध्य में बायर्न ने दबाव बढ़ाया। लुइस डियाज और केन ने करीब से गोल करने की कोशिश की, लेकिन लीपजिग का डिफेंस मजबूती से डटा रहा। एक विवादित क्षण तब आया जब जोसिप स्टैनिसिक ने एंटोनियो नुसा को पेनल्टी बॉक्स के बाहर गिराया, पर रेफरी ने पेनल्टी नहीं दी। हाफ टाइम तक दोनों टीमें गोलरहित रहीं। दूसरे हाफ में मुकाबला संतुलित रहा, लेकिन 64वें मिनट में निर्णायक मोड़ आया। लीपजिग के गोलकीपर वेंडेवोर्ड्ट स्टैनिसिक को चैलेंज करते हुए फिसल गए और बायर्न को पेनल्टी मिल गई। हैरी केन ने शांतचित्त होकर पेनल्टी को गोल में बदला और टीम को बढ़त दिलाई। इसके तीन मिनट बाद ही लुइस डियाज ने 67वें मिनट में दूसरा गोल दागकर बढ़त दोगुनी कर दी। इसके बाद बायर्न ने खेल पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और लीपजिग को वापसी का मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ बायर्न सेमीफाइनल में बायर लेवरकुसेन, स्टटगार्ट और फ्रीबर्ग के साथ शामिल हो गया है। अंतिम चार के लिए ड्रॉ 22 फरवरी को होगा। मैच के बाद लीपजिग के चेयरमैन ओलिवर मिंट्जलाफ ने बायर्न को बधाई देते हुए कहा कि उनकी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन भविष्य में बायर्न को हराने के लिए और मेहनत की जरूरत होगी।