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बल्लेबाजों का बोलबाला: रणजी ट्रॉफी में लगातार टूट रहे रिकॉर्ड्स

नई दिल्ली भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में पिछले कुछ सीजन से खूब रन बरस रहे हैं. 2025-26 का सीजन भी इसी सिलसिले को आगे बढ़ा रहा है.  मेघालय के बल्लेबाज आकाश कुमार चौधरी ने तो अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मैदान पर तूफान मचा दिया. आकाश कुमार चौधरी ने अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाजों की जमकर खबर ली और लगातार 8 छक्के जड़े. इस दौरान उन्होंने एक ओवर में छह छक्के भी लगाए. आकाश ने सिर्फ 11 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर दर्शकों को टी20 जैसा रोमांच दे दिया. आकाश इसी के साथ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए थे. आकाश कुमार चौधरी की यह उपलब्धि न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से बड़ी है, बल्कि इसने पूर्वोत्तर राज्यों की टीम्स की क्षमता को भी उजागर किया है, जो अब घरेलू क्रिकेट में तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं. आकाश ने 11 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर इतिहास रचा ही, देखा जाए तो पिछले कुछ सीजन में भी इसी तरह के कुछ ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स बने. ये रिकॉर्ड्स भी टूटने मुश्किल 2021-22 सीजन में झारखंड की टीम ने नागालैंड के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था. उस मैच में झारखंड ने 1008 रनों की बढ़त हासिल की थी. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पहली बार किसी टीम ने 1000 से ज्यादा रनों की लीड ली. झारखंड ने मुंबई का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, जिसने 1948-49 में महाराष्ट्र के खिलाफ 958 रनों की लीड बनाई थी. इस अविश्वसनीय प्रदर्शन ने दिखाया कि घरेलू स्तर पर भी टीमों में किस हद तक दमखम बढ़ा है. 2021-22 सीजन में एक और रिकॉर्ड बना, जब मुंबई ने उत्तराखंड को 725 रनों से हराकर इतिहास रच दिया. ये फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रनों के लिहाज से किसी टीम की सबसे बड़ी जीत रही. मुंबई ने न्यू साउथ वेल्स के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. न्यू साउथ वेल्स ने 1929-30 में शेफील्ड शील्ड मैच में क्वींसलैंड के खिलाफ 685 रनों से जीत हासिल की थी. 2023-24 सीजन में हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज तन्मय अग्रवाल ने इतिहास रच दिया था. तन्मय अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ 147 गेंदों पर तिहरा शतक जड़ दिया था. यह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में किसी बल्लेबाज की सबसे तेज ट्रिपल सेंचुरी रही. तन्मय अग्रवाल ने साउथ अफ्रीकी क्रिकेटर मार्को मरैस का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, जिन्होंने साल 2017 में ईस्टर्न प्रोविंस के खिलाफ 191 गेंदों पर तिहरा शतक जड़ा. तन्मय 181 गेंदों पर 366 रन बनाए थे, जिसमें 34 चौके और 26 छक्के शामिल रहे. किसी फर्स्ट क्लास इनिंग्स में एक बल्लेबाज की ओर से लगाए गए ये सबसे ज्यादा छक्के रहे. 2024-25 सीजन में गोवा के स्नेहल कौथंकर और कश्यप बाकले ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था. स्नेह-कश्यप ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मैच के दौरान गोवा की पहली पारी में तीसरे विकेट के लिए 606 रनों की नाबाद साझेदारी की. यह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे बड़ी साझेदारी रही. दोनों ने साल 2016-17 सीजन में महाराष्ट्र के स्वप्निल सुगले और अंकित बावने के बीच हुई 594 रनों* की साझेदारी को पीछे छोड़ दिया था. स्वप्निल-अंकित ने दिल्ली के खिलाफ ये रिकॉर्ड बनाया था.

स्पिन जाल में फंसेगी टीम इंडिया? पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका की घातक तैयारी

कोलकाता दक्षिण अफ्रीका के बेहतरीन स्पिन आक्रमण के सामने भारत के सितारा बल्लेबाजों के कौशल की असली परीक्षा होगी जब दोनों टीमें दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में शुक्रवार से यहां आमने सामने होंगी। भारत को पिछले साल न्यूजीलैंड ने भारत में ही 3.0 से हराया था और कीवी स्पिनरों ऐजाज पटेल, मिचेल सेंटनेर और ग्लेन फिलिप्स ने मिलकर तीन टेस्ट में 36 विकेट चटकाये थे। दक्षिण अफ्रीका का गेंदबाजी आक्रमण इस समय स्पिनरों पर निर्भर है और ऐसे में मेजबान टीम को धीमे गेंदबाजों के खिलाफ अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। ⁠ मौजूदा विश्व टेस्ट चैम्पियन दक्षिण अफ्रीका आम तौर पर अच्छे तेज गेंदबाजों के लिये जानी जाती रही है लेकिन इस समय उसके पास धुरंधर स्पिनर हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हाल ही में उसने श्रृंखला 1.1 से ड्रॉ खेली। इसमें केशव महाराज, साइमन हार्मर और सेनुरान मुथुस्वामी ने 39 में से 35 विकेट लिये। भारत के सहायक कोच रियान टेन डोइशे ने दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजी आक्रमण को ‘उपमहाद्वीप की शैली‘ वाला बताया। उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास चार स्पिनर हैं जिनमे से वे तीन को उतार सकते हैं। ऐसा लग रहा है कि हम उपमहाद्वीप की किसी टीम के खिलाफ खेलने वाले हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस पर बात की है। हमने न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला से सबक लिया है।’’ छत्तीस वर्ष के हार्मर 1000 प्रथम श्रेणी विकेट ले चुके हैं और भारत के हालात से अनभिज्ञ नहीं हैं। दस साल पहले हाशिम अमला की कप्तानी में उन्होंने मोहाली और नागपुर में दो टेस्ट खेलकर चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा और रिधिमान साहा के विकेट लिये थे। एक दशक बाद भी वह उतने ही चतुर गेंदबाज हैं। उन्होंने रावलपिंडी में पिछले महीने टेस्ट में आठ विकेट चटकाकर दक्षिण अफ्रीका को जीत दिलाई और श्रृंखला ड्रॉ भी कराई। वहीं महाराज आधुनिक क्रिकेट के सबसे सटीक और आक्रामक स्पिनरों में से एक हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों और दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों के बीच मुकाबला रोचक रहने वाला है। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और कप्तान शुभमन गिल कई बार पिच का मुआयना कर चुके हैं। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आश्वासन दिया है कि यह टर्निंग पिच नहीं होगी। इससे जसप्रीत बुमराह जरूर आहलादित होंगे जो आम तौर पर शुरूआत में मूवमेंट और बाद में रिवर्स स्विंग देने वाली पिच पर भारत के ट्रंपकार्ड साबित हो सकते हैं। भारत दो तेज गेंदबाजों को उतार सकता है और घरेलू हालात की जानकारी होने से आकाश दीप को तरजीह मिल सकती है। पिछले 15 साल में तेज गेंदबाजों ने यहां टेस्ट में 61 प्रतिशत विकेट लिये हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने इस साल इंग्लैंड में श्रृंखला 2.2 से ड्रॉ खेली लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार उसे अभी भी कचोट रही होगी। वेस्टइंडीज की कमजोर टीम को 2.0 से हराने पर उसे डब्ल्यूटीसी चक्र में ज्यादा मदद नहीं मिलेगी। ऋषभ पंत की वापसी और ध्रुव जुरेल के बतौर बल्लेबाज खेलने से भारत का मध्यक्रम संतुलित लग रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में 16 विकेट लेने वाले वॉशिंगटन सुंदर भी उपयोगी साबित होंगे। दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जायेगा। टीमें : भारत : शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साइ सुदर्शन, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रविंद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, देवदत्त पडिक्कल दक्षिण अफ्रीका : तेम्बा बावुमा (कप्तान ), एडेन माक्ररम, रियान रिकेलटन, ट्रिस्टन स्टब्स , काइल वेरेने , डेवाल्ड ब्रेविस, जुबैर हमजा, टोनी डि जोर्जी, कोर्बिन बोश, वियान मूल्डर, मार्को यानसेन, केशव महाराज, सेनुरान मुथुस्वामी , कैगिसो रबाडा, साइमन हार्मर मैच का समय : सुबह 9.30 से।   

गिल बनाम शमी! चयन का फैसला अब सेलेक्टर्स के हाथों में

नई दिल्ली  भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने कहा है कि आगामी दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज के लिए चुनी गई स्क्वॉड से मोहम्मद शमी को बाहर रखना मुश्किल फैसला था। गिल ने अपने बयान में युवा तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन और भविष्य की योजना पर जोर दिया, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि शमी का टेस्ट करियर अब ढलान पर हो सकता है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए मोहम्मद शमी को टीम में शामिल न किए जाने पर काफी बहस हुई, जबकि इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था। गिल ने कहा कि शमी जैसे कुशल गेंदबाज का चयन नहीं कर पाना हमेशा मुश्किल होता है। भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ‘‘अधिकतर गेंदबाज उनके स्तर के नहीं हैं। लेकिन जो गेंदबाज खेल रहे हैं उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। कभी-कभी शमी भाई जैसे खिलाड़ियों का टीम से बाहर होना मुश्किल होता है। चयनकर्ता ही आपको इसका बेहतर जवाब दे पाएंगे।‘‘ उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि अगली सीरीज कहां है और हम कहां खेल रहे हैं। आगे की योजना बनाने के लिए। किस तरह के तेज गेंदबाज हमें सर्वश्रेष्ठ मौका दे सकते हैं? जहां तक फिटनेस और चयन मामलों का सवाल है, चयनकर्ता इस पर स्पष्ट जवाब देने की बेहतर स्थिति में होंगे।” मोहम्मद शमी ने शुरुआती दो मैचों में शानदार प्रदर्शन किया और 15 विकेट चटकाए। इसके बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया। वहीं शमी ने हाल में अपनी फिटनेस पर उठाए गए सवालों के जवाब भी दिए थे और चयनकर्ताओं पर निशाना साधा था। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति इस 35 वर्षीय तेज गेंदबाज को नजरअंदाज कर चुकी है जिनकी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैच की श्रृंखला के लिए अनदेखी की गई है। वह पिछली बार मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की ओर से खेले थे।  

सिनर ने एटीपी फ़ाइनल्स के सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की की

तूरिन (इटली) गत चैंपियन यानिक सिनर ने घरेलू दर्शकों के अपार समर्थन के बीच अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-4, 6-3 से हराकर एटीपी फाइनल्स टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। सिनर ने इनडोर हार्ड कोर्ट पर अपनी जीत का सिलसिला 28 मैचों तक बढ़ा दिया है। यह सिलसिला दो साल पहले इस प्रतियोगिता के फाइनल में नोवाक जोकोविच से मिली हार के बाद शुरू हुआ था। यह सिनर की ज्वेरेव पर लगातार पांचवीं जीत है, जिसमें इस वर्ष का ऑस्ट्रेलियाई ओपन का फाइनल भी शामिल है। ⁠ सिनर दो जीत के साथ ब्योर्न बोर्ग ग्रुप में शीर्ष पर पहुंच गए हैं, जबकि ज्वेरेव और फेलिक्स ऑगर अलियासिमे ने एक-एक जीत हासिल की है। बेन शेल्टन अभी तक एक भी मैच नहीं जीत पाए हैं। एक अन्य मुकाबले में आठवीं वरीयता प्राप्त ऑगर अलियासिमे ने शेल्टन को 4-6, 7-6 (7), 7-5 से हराकर प्रतियोगिता में अपनी पहली जीत दर्ज की।  

ईडन गार्डन्स में बढ़ेगी मुश्किलें! इस तिकड़ी से सतर्क रहना होगा टीम इंडिया को

नई दिल्ली  साउथ अफ्रीका के बेहतरीन स्पिन अटैक के सामने टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाजों के कौशल की असली टेस्ट होगा, जब दोनों टीमें दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में शुक्रवार से कोलकाता के ईडन गार्डेंस में आमने-सामने होंगी। भारत को पिछले साल न्यूजीलैंड ने भारत में ही 3-0 से हराया था और कीवी स्पिनरों ऐजाज पटेल, मिचेल सेंटनेर और ग्लेन फिलिप्स ने मिलकर तीन टेस्ट में 36 विकेट चटकाये थे। साउथ अफ्रीका का गेंदबाजी आक्रमण इस समय स्पिनरों पर निर्भर है और ऐसे में मेजबान टीम को धीमे गेंदबाजों के खिलाफ अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। मौजूदा विश्व टेस्ट चैम्पियन साउथ अफ्रीका आम तौर पर अच्छे तेज गेंदबाजों के लिए जानी जाती रही है, लेकिन इस समय उसके पास धुरंधर स्पिनर हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हाल ही में उसने सीरीज 1-1 से ड्रॉ खेली। इसमें केशव महाराज, साइमन हार्मर और सेनुरान मुथुस्वामी ने 39 में से 35 विकेट लिए। ऐसे में भारत के लिए स्पिनर इस बार चुनौती पेश करेंगे। भारत के सहायक कोच रियान टेन डोइशे ने साउथ अफ्रीका के गेंदबाजी आक्रमण को ‘उपमहाद्वीप की शैली‘ वाला बताया। उन्होंने कहा ,‘‘ उनके पास चार स्पिनर हैं जिनमे से वे तीन को उतार सकते हैं। ऐसा लग रहा है कि हम उपमहाद्वीप की किसी टीम के खिलाफ खेलने वाले हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ हमने इस पर बात की है। हमने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज से सबक लिया है।’’ छत्तीस वर्ष के हार्मर 1000 प्रथम श्रेणी विकेट ले चुके हैं और भारत के हालात से अनभिज्ञ नहीं हैं। दस साल पहले हाशिम अमला की कप्तानी में उन्होंने मोहाली और नागपुर में दो टेस्ट खेलकर चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा और रिधिमान साहा के विकेट लिए थे। एक दशक बाद भी वह उतने ही चतुर गेंदबाज हैं। उन्होंने रावलपिंडी में पिछले महीने टेस्ट में आठ विकेट चटकाकर साउथ अफ्रीका को जीत दिलाई और सीरीज ड्रॉ भी कराई। वहीं, महाराज आधुनिक क्रिकेट के सबसे सटीक और आक्रामक स्पिनरों में से एक हैं। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों और साउथ अफ्रीका के स्पिनरों के बीच मुकाबला रोचक रहने वाला है। भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और कप्तान शुभमन गिल कई बार पिच का मुआयना कर चुके हैं। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आश्वासन दिया है कि यह टर्निंग पिच नहीं होगी। इससे जसप्रीत बुमराह जरूर आहलादित होंगे जो आम तौर पर शुरूआत में मूवमेंट और बाद में रिवर्स स्विंग देने वाली पिच पर भारत के ट्रंपकार्ड साबित हो सकते हैं। भारत दो तेज गेंदबाजों को उतार सकता है और घरेलू हालात की जानकारी होने से आकाश दीप को तरजीह मिल सकती है। पिछले 15 साल में तेज गेंदबाजों ने यहां टेस्ट में 61 प्रतिशत विकेट लिये हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने इस साल इंग्लैंड में सीरीज 2 . 2 से ड्रॉ खेली लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार उसे अभी भी कचोट रही होगी। वेस्टइंडीज की कमजोर टीम को 2-0 से हराने पर उसे डब्ल्यूटीसी चक्र में ज्यादा मदद नहीं मिलेगी। ऋषभ पंत की वापसी और ध्रुव जुरेल के बतौर बल्लेबाज खेलने से भारत का मध्यक्रम संतुलित लग रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में 16 विकेट लेने वाले वॉशिंगटन सुंदर भी उपयोगी साबित होंगे। दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 नवंबर से गुवाहाटी में खेला जायेगा। टीमें इस प्रकार हैं भारत : शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साइ सुदर्शन, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रविंद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, आकाश दीप, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, देवदत्त पडिक्कल साउथ अफ्रीका : तेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन माक्ररम, रियान रिकेलटन, ट्रिस्टन स्टब्स , काइल वेरेने , डेवाल्ड ब्रेविस, जुबैर हमजा, टोनी डि जोर्जी, कोर्बिन बोश, वियान मूल्डर, मार्को यानसेन, केशव महाराज, सेनुरान मुथुस्वामी , कैगिसो रबाडा, साइमन हार्मर  

क्वालीफायर्स पर भारतीय नजरें: बिली जीन किंग कप में दमखम दिखाने को तैयार महिला टीम

बेंगलुरू भारतीय महिला टेनिस टीम बिली जीन किंग कप (बीजेकेसी) क्वालीफायर्स में जगह बनाने के लिए शुक्रवार से यहां शुरू हो रहे प्ले ऑफ में नीदरलैंड और स्लोवेनिया जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को घरेलू मैदान पर हराने की उम्मीद के साथ कोर्ट पर उतरेगी। पूरा देश अभी भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की हाल ही में पहली बार विश्व कप जीतने की खुशी में डूबा हुआ है और यदि टेनिस स्टार खिलाड़ी क्वालीफायर्स में जगह बनाने में सफल रहते तो यह भारत में महिला खेलों के लिए एक और अच्छी खबर होगी। भारत नीदरलैंड और स्लोवेनिया के साथ ग्रुप जी में है। भारतीय अभियान का नेतृत्व सहजा यमलापल्ली, श्रीवल्ली भामिदीपती, अंकिता रैना, रिया भाटिया और प्रार्थना थोम्बरे करेंगे। ⁠ शुक्रवार को नीदरलैंड और स्लोवेनिया के बीच मुक़ाबला होगा। भारत का पहला मुक़ाबला शनिवार को स्लोवेनिया से होगा और उसके बाद रविवार को वह सातवीं वरीयता प्राप्त नीदरलैंड से भिड़ेगा। यह पहला अवसर है जबकि भारत इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। तीनों टीमें राउंड-रॉबिन मैचों में एक-दूसरे का सामना करेंगी। ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीम 2026 में होने वाले क्वालीफायर में जगह बनाएंगी जबकि बाकी दो टीम क्षेत्रीय ग्रुप एक में लौट जाएंगी। भारत इससे पहले 2021 में केवल एक बार बिली जीन किंग कप प्ले-ऑफ में पहुंचा था लेकिन तब वह लाटविया से हार गया था। इस प्रतियोगिता को पहले फेडरेशन कप के नाम से जाना जाता था। भारत की उम्मीदें सहजा पर निर्भर हैं। भारत की नंबर एक और विश्व की 309वें नंबर की खिलाड़ी सहजा ने मैक्सिको में डब्ल्यूटीए 125 प्रतियोगिता में 2017 की अमेरिकी ओपन चैंपियन स्लोएन स्टीफंस को हराया था और वह नीदरलैंड की विश्व की 87वें नंबर की खिलाड़ी सुजान लामेंस के खिलाफ भी इसी तरह की सफलता की उम्मीद कर रही होंगी। सहजा ने पिछले महीने डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन में भी अच्छा प्रदर्शन किया था, जहां वह एकल के क्वार्टर फाइनल और युगल वर्ग में खिताबी मुकाबले तक पहुंची थीं। लामेंस के अलावा नीदरलैंड की टीम में अरांताक्सा रुस और युगल विशेषज्ञ डेमी शूर्स जैसे अन्य सक्षम खिलाड़ी भी शामिल हैं। स्लोवेनिया की टीम में तमारा जिदानसेक भी हैं, जो फ्रेंच ओपन की पूर्व सेमीफाइनलिस्ट हैं, लेकिन भारतीय टीम यहां एसएम कृष्णा टेनिस स्टेडियम के हार्ड कोर्ट पर उनके खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगी। इस संदर्भ में विश्व में 381वें नंबर की खिलाड़ी श्रीवल्ली को उम्मीद होगी कि उनकी तेज सर्विस और सटीक ग्राउंड शॉट प्रतिद्वंद्वियों को दबाव में रखेंगे। भारतीय टीम चार नवंबर से शहर में डेरा डाले हुए है और गैर खिलाड़ी कप्तान विशाल उप्पल ने उम्मीद जताई कि 10 दिवसीय अभ्यास शिविर से उनके खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा,‘‘हमने अपने से अधिक रैंकिंग वाली टीमों को हराकर प्लेऑफ में जगह बनाई। हमारे सभी खिलाड़ी अच्छी लय में हैं। अब हमारा लक्ष्य अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना और अपने से ऊंची रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वियों के लिए मुश्किलें खड़ी करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना है।‘‘  

अनाहत सिंह चीन में हारीं, रथिका सीलन बोंडी ओपन के सेमीफाइनल में

नई दिल्ली भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह शंघाई में बुधवार को मिस्र की आठवीं वरीयता प्राप्त और दुनिया की 15वें नंबर की खिलाड़ी सना इब्राहिम के खिलाफ बढ़त बनाने के बावजूद चाइना ओपन के अंतिम 16 के मुकाबले में हार गईं। भारतीय खिलाड़ी अनाहत इस तरह पीएसए गोल्ड टूर्नामेंट में 11-5, 6-11, 4-11, 7-11 से पराजित हो गईं। वहीं सिडनी में बोंडी ओपन पीएसए चैलेंजर टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त रथिका सुथांथिरा सीलन सेमीफाइनल में पहुंच गईं। ⁠ रथिका ने अपने अभियान की शुरुआत हमवतन आराधना कस्तूरीराज को 11-8, 11-3, 11-5 से हराकर की। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड की अनंतना प्रसेरतनाकुल को 11-7, 11-3, 11-3 से हरा दिया।  

West Indies ODI Team: पुराने ओपनर की वापसी, दो नए खिलाड़ियों को मिला पहला मौका

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए वेस्टइंडीज की टीम का ऐलान हो गया है। कैरेबियाई टीम में 6 साल के बाद ओपनर जॉन कैम्पबेल की वापसी हुई है। तेज गेंदबाज जोहान लेने और तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर शमर स्प्रिंगर को पहली बार वनडे टीम में शामिल किया गया है, जबकि तेज गेंदबाज मैथ्यू फोर्ड, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए कंधे की चोट से उबरकर टीम में लौटे थे, उनकी भी वापसी हुई है। 16 नवंबर से इस वनडे सीरीज की शुरुआत हो रही है। इन तीनों ने पिछले महीने बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई टीम से स्पिनर अकील हुसैन और गुडाकेश मोती और चोटिल हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रेमन सिमंड्स की जगह ली। अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ और जेडियाह ब्लेड्स भी चोटों के कारण बाहर हो गए थे। कैम्पबेल ने बांग्लादेश सीरीज में फेल हुए ओपनर ब्रैंडन किंग की जगह ली है। किंग ने उस सीरीज में 44, 0 और 18 रन बनाए थे, जिसमें वेस्टइंडीज को 2-1 से हार मिली थी। उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन भी खराब रहा है, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड सीरीज में पिछले पांच मैचों में चार बार सिंगल डिजिट स्कोर रहा है। कैंपबेल को रेड बॉल क्रिकेट में उनके दमदार प्रदर्शन के बाद वनडे टीम में वापस बुलाया गया है, जिसमें पिछले महीने दिल्ली में भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में लगाया गया एक प्रभावशाली शतक भी शामिल है। पिछले सीजन में सुपर 50 कप में वे जमैका के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, जिन्होंने सात मैचों में 102.20 के स्ट्राइक रेट से 278 रन बनाए थे। गौरतलब है कि उस प्रतियोगिता में शीर्ष दस रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से किसी ने भी इतनी तेज गति से रन नहीं बनाए थे। पिछले महीने भारत दौरे पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण के बाद लेन को टीम में शामिल किया गया है। उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं है, लेकिन नए तेज गेंदबाजी आक्रमण में वे निखर सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ, लेन, स्प्रिंगर, फोर्ड और जस्टिन ग्रीव्स के अलावा जेडन सील्स और रोमारियो शेफर्ड भी तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी इस वनडे सीरीज में निभाएंगे। शाई होप कप्तानी करेंगे। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे के लिए वेस्टइंडीज टीम शाई होप (कप्तान), एलिक एथनेज, एकीम ऑगस्टे, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टी, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जंगू, जोहान लेने, खारी पियरे, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर  

कोचिंग में वॉटसन की एंट्री! KKR ने आईपीएल 2026 के लिए किया बड़ा ऐलान

नई दिल्ली  आईपीएल 2026 के लिए अभिषेक नायर को मुख्य कोच नियुक्त करने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन को सहायक कोच के रूप में नियुक्त किया। केकेआर ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर वॉटसन को सहायक कोच बनाए जाने की पुष्टि की है। केकेआर के सीईओ वैंकी मैसूर ने एक्स पर लिखा, "केकेआर परिवार में शेन वॉटसन का स्वागत करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। उच्चतम स्तर पर एक खिलाड़ी और कोच के रूप में उनका अनुभव हमारी टीम संस्कृति और तैयारी में अपार योगदान देगा। टी20 प्रारूप की उनकी समझ विश्वस्तरीय है, और हम मैदान के अंदर और बाहर, दोनों जगह उनके योगदान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।"  केकेआर का सहायक कोच बनने के बाद वॉटसन ने कहा, "केकेआर जैसी प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। मैंने हमेशा केकेआर के प्रशंसकों के जुनून और टीम की उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की है। मैं कोलकाता को एक और खिताब दिलाने के लिए कोचिंग समूह और खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।" वॉटसन का आईपीएल में एक खिलाड़ी और कोच के रूप में लंबा अनुभव रहा है, जो केकेआर के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज 2022 और 2023 में दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के सहायक कोच के रूप में काम कर चुके हैं। वहीं बतौर खिलाड़ी वॉटसन के आईपीएल करियर पर गौर करें तो 145 मैचों में 4 शतक और 21 अर्धशतक लगाते हुए 137.91 की स्ट्राइक रेट और 30.99 की औसत से 3,874 रन बनाए हैं। साथ ही 92 विकेट हासिल किए हैं। अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर पर नजर डालें तो, 58 मैचों में 1 शतक और 10 अर्धशतक की मदद से 1,462 रन बनाने के साथ ही 48 विकेट उनके नाम दर्ज हैं। 

लंबी चोट के बाद कमबैक पर बोले पंत— किस्मत ने साथ दिया

नई दिल्ली  ऋषभ पंत चार महीने के अंतराल के बाद शुक्रवार को कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से भारतीय टीम में वापसी करेंगे। स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज चोट से उबरने के बाद फिर से क्रिकेट खेलने पर काफी खुश हैं।  जुलाई में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट के दौरान पंत के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उन्होंने बेंगलुरु में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ भारत ए के दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। पंत ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘चोट लगने के बाद वापसी करना कभी आसान नहीं होता। लेकिन मुझ पर हमेशा भगवान की कृपा रही है। उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहा है और इस बार भी उनकी कृपा से ही मैं वापसी करने में सफल रहा। मैं वापसी करके बहुत खुश हूं।’ उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं तो आभार जरूर व्यस्त करता हूं। मैं हमेशा ऊपर देखता हूं और भगवान, अपने माता-पिता, अपने परिवार, सभी का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने चोट से उबरने के दौरान मेरा साथ दिया।’ पंत ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान उनका ध्यान अपने दिमाग को अच्छी स्थिति में रखने पर था, न कि अपने भविष्य के बारे में बाहरी अटकलों के बारे में चिंता करने पर। उन्होंने कहा, ‘मैं केवल उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करता हूं जो मेरे नियंत्रण में हैं। किस्मत ऐसी चीज़ है जिसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते। इसलिए मैं इसके बारे में सोचने की कोशिश नहीं करता। आप केवल उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करें जो आपके लिए मायने रखती हैं। आपको खुशी मिलेगी यदि आप उन चीजों को करते रहें जो आपको अच्छा महसूस कराती हैं। जब आप चोटिल हो तब ऐसा करना जरूरी हो जाता है।’ इस 28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘आप जो भी कर रहे हैं, आपको उस पल का आनंद लेना चाहिए, अपना 100 प्रतिशत देना चाहिए और उसमें आनंद और खुशी ढूंढनी चाहिए।’