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ईश सोढ़ी का नया कारनामा, T20I में हासिल किया विकेट किंग का ताज

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में करियर बेस्टर परफॉर्मेंस देते हुए 4 विकेट चटकाए। इन 4 विकेट के साथ उन्होंने T20I में 150 विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अपनी जगह बनाई। सोढ़ी टिम साउथी और राशिद खान के बाद क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में ऐसा करने वाले मात्र तीसरे और न्यूजीलैंड के दूसरे गेंदबाज बने हैं। सोढ़ी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में 4 ओवर में मात्र 12 रन खर्च कर 4 विकेट चटकाए। उनके इस उम्दा प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड की टीम 60 रनों से मैच जीतने में कामयाब रही। सोढ़ी को उनकी लाजवाब परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। T20I क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड टिम साउथी के नाम है। इस कीवी तेज गेंदबाज ने 126 मैचों में 164 शिकार किए हैं। वहीं लिस्ट में दूसरे नंबर पर अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान हैं। दाएं हाथ के इस कलाई स्पिनर ने मात्र 96 मैचों में 161 विकेट चटकाए हैं। वह टिम साउथी को पछाड़ने से मात्र 4 विकेट दूर हैं। भारत का कोई गेंदबाज टॉप-5 या 10 में तो छोड़ो टॉप-20 में भी नहीं है। दो बार के चैंपियन भारत के लिए T20I में सर्वाधिक 99 विकेट अर्शदीप ने चटकाए हैं। वह लिस्ट में 23वें पायदान पर हैं। T20I में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज- टिम साउथी- 164 राशिद खान- 161 ईश सोढ़ी- 150 शाकिब अल हसन- 149 मुस्तफिजुर रहमान- 139 बता दें, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच ट्रॉई सीरीज खेली जा रही है। कीवी टीम ने लीग स्टेज के सभी चार मैच जीते हैं। वहीं उनके साथ फाइनल में पहुंचने वाली साउथ अफ्रीका की टीम 4 में से दो मैच जीती है और जिम्बाब्वे को अपने सभी चारों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। 26 जुलाई को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच ट्रॉई सीरीज का फाइनल खेला जाएगा।

कोनेरू हम्पी ने फाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास, दिव्या देशमुख से होगी टक्कर

मुंबई   ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने  फिडे महिला विश्व कप सेमीफाइनल में चीन की टिंगजी लेई को टाईब्रेकर में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए हरा दिया और अब फाइनल उनका सामना हमवतन भारतीय दिव्या देशमुख से होगा। शनिवार से होने वाले फाइनल में जगह बनाने वाली हम्पी और दिव्या दोनों ने अगले साल होने वाले महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर लिया है। सामान्य समय नियंत्रण में पहली दो बाजी ड्रॉ होने के बाद हम्पी को टाईब्रेकर में 1-1 से ड्रॉ के साथ संतोष करना पड़ा जिसमें दोनों खिलाड़ियों के लिए 15-15 मिनट की दो बाजी अतिरिक्त समय के साथ थी। अगली दो टाईब्रेक बाजी 10-10 मिनट की थी। लेई ने पहली बाजी जीतकर बढ़त बनाई लेकिन हम्पी ने मुश्किल स्थिति में होने के बावजूद दूसरी बाजी जीतकर मुकाबला फिर बराबर कर दिया। टाईब्रेक बाजी के तीसरे सेट में हम्पी ने पहली बाजी में सफेद मोहरों से शुरुआत की और खेल के सभी विभागों में लेई को परास्त करते हुए इसे जीत लिया। पहली बाजी जीतने के बाद फाइनल में पहुंचने के लिए हम्पी को बस एक ड्रॉ की जरूरत थी और उन्होंने जीत हासिल करके खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। यह पहली बार है जब किसी चेस वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत बनाम भारत मुकाबला होगा। दिव्या देशमुख के साथ होगा फाइनल? ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी का फाइनल मुकाबला भारत की ही खिलाड़ी दिव्या देशमुख के साथ होगा. दिव्या FIDE वूमेंस शतरंज वर्ल्ड कप में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी थीं. वहीं अब कोनेरू हम्पी ने भी इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करा लिया है. जिस टूर्नामेंट के फाइनल तक आज तक कोई भारतीय महिला नहीं पहुंची थीं, वहीं इस बार FIDE चेस वर्ल्ड कप की दोनों फाइनलिस्ट भारत की ही प्लेयर हैं. दिव्या देशमुख ने भी चीन की खिलाड़ी को हराया इंटरनेशनल मास्टर दिव्या देशमुख ने बुधवार, 23 जुलाई को खेले गए फाइनल मुकाबले में ही चीन की टैन झोंग्यी को हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया. नागपुर की रहने वाली ये लड़की FIDE शतरंज वर्ल्ड कप में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला है. दिव्या देशमुख और कोनेरू हम्पी के फाइनल में पहुंचने से ये तो तय है कि इस बार चेस का विश्व विजेता भारत बनने जा रहा है.   दिव्या पहली बार खेल रहीं वर्ल्ड कप इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मास्टर 19 साल की दिव्या देशमुख ने फिडे महिला विश्व शतरंज कप के सेमीफाइनल के दूसरे गेम में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को हरा दिया था और मिनी मैच 1.5-0.5 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया था। इस प्रक्रिया में दिव्या कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बन गईं थीं। महिला कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट अगले साल होना है और उस टूर्नामेंट से मौजूदा महिला विश्व चैंपियन वेनजुन जू के प्रतिद्वंदी का फैसला होगा। दिलचस्प बात यह है कि दिव्या पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं। चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त जोनर झू और तत्कालीन हमवतन ग्रैंडमास्टर डी हरिका को क्वार्टर फाइनल में हराने के बाद दिव्या ने इस प्रतियोगिता में अपना दबदबा बरकरार रखा और टैन के खिलाफ 101 चाल में जीत उनके बढ़ते शतरंज कौशल का प्रमाण था।   

कोनेरू हम्पी ने फाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास, दिव्या देशमुख से होगी टक्कर

मुंबई   ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने  फिडे महिला विश्व कप सेमीफाइनल में चीन की टिंगजी लेई को टाईब्रेकर में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए हरा दिया और अब फाइनल उनका सामना हमवतन भारतीय दिव्या देशमुख से होगा। शनिवार से होने वाले फाइनल में जगह बनाने वाली हम्पी और दिव्या दोनों ने अगले साल होने वाले महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर लिया है। सामान्य समय नियंत्रण में पहली दो बाजी ड्रॉ होने के बाद हम्पी को टाईब्रेकर में 1-1 से ड्रॉ के साथ संतोष करना पड़ा जिसमें दोनों खिलाड़ियों के लिए 15-15 मिनट की दो बाजी अतिरिक्त समय के साथ थी। अगली दो टाईब्रेक बाजी 10-10 मिनट की थी। लेई ने पहली बाजी जीतकर बढ़त बनाई लेकिन हम्पी ने मुश्किल स्थिति में होने के बावजूद दूसरी बाजी जीतकर मुकाबला फिर बराबर कर दिया। टाईब्रेक बाजी के तीसरे सेट में हम्पी ने पहली बाजी में सफेद मोहरों से शुरुआत की और खेल के सभी विभागों में लेई को परास्त करते हुए इसे जीत लिया। पहली बाजी जीतने के बाद फाइनल में पहुंचने के लिए हम्पी को बस एक ड्रॉ की जरूरत थी और उन्होंने जीत हासिल करके खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। यह पहली बार है जब किसी चेस वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत बनाम भारत मुकाबला होगा। दिव्या देशमुख के साथ होगा फाइनल? ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी का फाइनल मुकाबला भारत की ही खिलाड़ी दिव्या देशमुख के साथ होगा. दिव्या FIDE वूमेंस शतरंज वर्ल्ड कप में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी थीं. वहीं अब कोनेरू हम्पी ने भी इतिहास के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करा लिया है. जिस टूर्नामेंट के फाइनल तक आज तक कोई भारतीय महिला नहीं पहुंची थीं, वहीं इस बार FIDE चेस वर्ल्ड कप की दोनों फाइनलिस्ट भारत की ही प्लेयर हैं. दिव्या देशमुख ने भी चीन की खिलाड़ी को हराया इंटरनेशनल मास्टर दिव्या देशमुख ने बुधवार, 23 जुलाई को खेले गए फाइनल मुकाबले में ही चीन की टैन झोंग्यी को हराकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया. नागपुर की रहने वाली ये लड़की FIDE शतरंज वर्ल्ड कप में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला है. दिव्या देशमुख और कोनेरू हम्पी के फाइनल में पहुंचने से ये तो तय है कि इस बार चेस का विश्व विजेता भारत बनने जा रहा है.   दिव्या पहली बार खेल रहीं वर्ल्ड कप इससे पहले अंतरराष्ट्रीय मास्टर 19 साल की दिव्या देशमुख ने फिडे महिला विश्व शतरंज कप के सेमीफाइनल के दूसरे गेम में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को हरा दिया था और मिनी मैच 1.5-0.5 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया था। इस प्रक्रिया में दिव्या कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बन गईं थीं। महिला कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट अगले साल होना है और उस टूर्नामेंट से मौजूदा महिला विश्व चैंपियन वेनजुन जू के प्रतिद्वंदी का फैसला होगा। दिलचस्प बात यह है कि दिव्या पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं। चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त जोनर झू और तत्कालीन हमवतन ग्रैंडमास्टर डी हरिका को क्वार्टर फाइनल में हराने के बाद दिव्या ने इस प्रतियोगिता में अपना दबदबा बरकरार रखा और टैन के खिलाफ 101 चाल में जीत उनके बढ़ते शतरंज कौशल का प्रमाण था।   

रेसलिंग आइकन हल्क होगन का निधन, 71 की उम्र में हृदय गति रुकने से गई जान

फ्लोरिडा WWE सुपरस्टार हल्क होगन का 24 जुलाई (गुरुवार) को 71 साल की उम्र में निधन हो गया है. होल्क होगन का निधन कार्डियक अरेस्ट के चलते हुआ. टीएमजेड स्पोर्ट्स के अनुसार गुरुवार की सुबह फ्लोरिडा के क्लियरवॉटर स्थित हल्क होगन के घर पर डॉक्टर्स को बुलाया गया. कुश्ती के इस दिग्गज के घर के बाहर पुलिस की कई गाड़ियां और आपातकालीन चिकित्साकर्मी मौजूद थे. हल्क होगन को स्ट्रेचर पर लादकर एम्बुलेंस के जरिए हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. कुछ ही सप्ताह पहले हल्क होगन की पत्नी स्काई (Sky) ने उन अफवाहों का खंडन किया था कि वह बेहोश हैं. हल्क होगन की वाइफ ने कहा था कि उनका दिल मजबूत है और वह सर्जरी से उबर रहे हैं. Hulk Hogan सिर्फ एक रेसलर नहीं थे, वो 80 के दशक में फैन्स के लिए 'रियल लाइफ सुपरहीरो' बन चुके थे. दमदार शरीर, पीला-लाल रंग का कॉस्ट्यूम और उनका स्लोगन (Say your prayers, eat your vitamins) उनकी खास पहचान थी. हल्क होगन ने अपने अदम्य साहस और काबिलियत के चलते 'हल्कमैनिया' का निर्माण किया. शुरुआती दिनों में वो विंस मैकमैहन की राष्ट्रीय विस्तार योजना का चेहरा बने. रेसलमेनिया 3 में आंद्रे द जाइंट के खिलाफ उनका मैच आज भी ऐतिहासिक माना जाता है, जिसे 93,000 से अधिक लोगों ने लाइव देखा था. अमेरिकी रेसलिंग को नया आयाम दिया हल्क होगन कई बार WWF चैम्पियन रहे. शुरुआती आठ रेसलमेनिया में से सात के आयोजन में हल्क होगन ने मुख्य भूमिका निभाई. इस दौरान फैन्स की नजरें उनपर ही रहती थीं. उनकी अपार लोकप्रियता ने पेशेवर कुश्ती को कॉर्निवल सर्किट से अमेरिकी एंटरटेनमेंट की मुख्यधारा में ला खड़ा किया. 1996 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप रेसलिंग (WCW) में वापसी करके हल्क होगन ने दुनिया को चौंका दिया. हल्क होगन अबकी बार पुराने लाल-पीले रंग के कॉस्ट्यूम को छोड़कर काले-सफेद गियर में 'हॉलीवुड होगन' के रूप में सामने आए. वो nWo (न्यू वर्ल्ड ऑर्डर) के तीसरे सदस्य बने और रेसलिंग के इतिहास का सबसे बड़ा 'हील टर्न' कर दिया. उनका ये अवतार आज भी रेसलिंग के सबसे चर्चित चेप्टर्स में से एक माना जाता है. पेशेवर कुश्ती पर हल्क होगन का प्रभाव काफी व्यापक है. उन्हें WWE हॉल ऑफ फेम में दो बार शामिल किया गया, एक बार 2005 में एकल प्रतिभागी के रूप में और फिर 2020 में nWo के सदस्य के रूप में. 

यश दयाल की कानूनी मुश्किलें बढ़ीं, रेप के दूसरे केस में नामजद

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाड़ी यश दयाल की मुश्किलें बढ़ गई है. तेज गेंदबाज यश दयाल पर एक महीने में दूसरी बार बलात्कार का आरोप लगाया गया है. यश दयाल पर अब जयपुर की युवती ने रेप केस का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया है. इससे पहले यूपी के गाजियाबाद की एक लड़की ने भी यश पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया था. इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से यश को राहत मिली थी. लेकिन अब दूसरे मामले से यश दयाल की मुश्किलें बढ़ने वाली है. जयपुर के सांगानेर में दर्ज हुआ FIR इंडियन प्रीमियर लीग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज यश दयाल एक बार फिर यौन शोषण के आरोपों में घिर गए हैं. जयपुर की एक युवती ने सांगानेर सदर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. युवती ने आरोप लगाया है कि यश दयाल ने क्रिकेट में करियर बनाने का झांसा देकर और भावनात्मक दबाव बनाकर करीब दो साल तक उसका शोषण किया. पीड़िता के अनुसार उस वक्त वह नाबालिग 17 वर्ष की थी. POCSO केस में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. एफआईआर में यह भी बताया गया है कि आईपीएल 2025 के दौरान जब यश दयाल जयपुर आए थे तब उन्होंने सीतापुरा के एक होटल में बुलाकर युवती के साथ दोबारा दुष्कर्म किया. पीड़िता ने 23 जुलाई को मामला दर्ज कराया. यूपी की लड़की से 5 साल तक यौन शोषण इससे पहले 8 जुलाई को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी एक महिला ने यश दयाल पर शादी का झांसा देकर पांच साल तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था. उस मामले में BNS की धारा 69 धोखे से यौन संबंध बनाना के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उस प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है.

मैनचेस्टर टेस्ट में दूसरे दिन का खेल खत्म, इंग्लैंड का स्कोर 225/2, क्राउली-डकेट शतक से चूके

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले में दूसरा दिन (24 जुलाई) का खेल समाप्त हो चुका है. इंग्लैंड का स्कोर स्टम्प तक दो विकेट के नुकसान पर 225 रन है. ओली पोप 20 और जो रूट 11 रन पर नाबाद हैं. इंग्लैंड की टीम पहली पारी के आधार पर 133 रन पीछे है और उसके 8 विकेट शेष हैं. मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 358 रन बनाए. भारत के लिए पहली पारी में ऋषभ पंत अर्धशतक (54 रन) जड़ने में सफल रहे. इंग्लैंड के लिए कप्तान बेन स्टोक्स ने पांच विकेट झटके. 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में फिलहाल इंग्लिश टीम 2-1 से आगे है. ऐसे में शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा है. अगर भारतीय टीम यह टेस्ट हारती है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा. भारत की तरह मेजबान इंग्लैंड की भी पहली पारी में शुरुआत शानदार रही. बेन डकेट और जैक क्राउली ने जबरदस्त बैटिंग करते हुए पहले विकेट के लिए 166 रनों की पार्टनरशिप की. डकेट ने इस दौरान 7 चौके की मदद से 46 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. वहीं क्राउली ने 73 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की, जिसमें 9 चौके शामिल रहे. इस शतकीय पार्टनरशिप को रवींद्र जडेजा ने तोड़ा. जडेजा ने जैक क्राउली को चलता किया, जिन्होंने 84 रन बनाए. फिर अंशुल कम्बोज ने डकेट को 94 रनों के निजी स्कोर पर आउट करके अपने टेस्ट करियर का पहला विकेट लिया. यहां से जो रूट और ओली पोप ने दूसरे दिन के खेल में भारत को कोई और नुकसान नहीं होने दिया. जख्मी ऋषभ पंत की एंट्री पर मैदान में जमकर बजीं तालियां भारत-इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले के दूसरे दिन विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत चोट के बावजूद भारत की पहली पारी में दोबारा बैटिंग के लिए उतरे. ऋषभ को टेस्ट मैच के पहले दिन दाहिने पैर में चोट लग गई थी. तब उन्हें मैदान छोड़कर जाना पड़ा था. अब ऋषभ इंजरी के बावजूद जैसा हौसला दिखाया है, वो काबिले तारीफ है. ऋषभ पंत जब दोबारा बैटिंग करने उतरे तो उन्होंने मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान को चूमा. वो थोड़ा इमोशनल भी नजर आए. दूसरी ओर मैदान पर मौजूद दोनों टीमों के ही सपोर्ट्स ने तालियां बजाकर इस स्टार बल्लेबाज का स्वागत किया. ऋषभ पंत की ग्रैंड एंट्री से दर्शक खुशी से झूम उठे. ऋषभ पंत को लेकर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने अपडेट दिया था कि वो अब इस मुकाबले में विकेटकीपिंग करते नजर नहीं आएंगे. वो जरूरत पड़ने पर ही बैटिंग करने उतरेंगे. अब पंत ने पहली पारी में शार्दुल ठाकुर का विकेट गिरने के बाद मैदान पर उतरने का फैसला किया. बीसीसीआई ने क्या कहा? बीसीसीआई की ओर से कहा गया, 'मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन दाहिने पैर में चोट लगने के बाद ऋषभ पंत इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. ध्रुव जुरेल विकेटकीपर की जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं. चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम से जुड़ गए हैं और टीम की जरूरतों के मुताबिक बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे.' ऋषभ पंत को मैनचेस्टर टेस्ट मैच के पहले दिन क्रिस वोक्स की गेंद पर चोट लग गई थी. तब पंत 37 रन पर बैटिंग कर रहे थे और वो गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. चोट इतनी गंभीर थी कि पंत को मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा. पंत अब 6 हफ्ते के लिए क्रिकेटिंग एक्शन से दूर रह सकते हैं.

फैंस के लिए खुशखबरी: एशिया कप में हो सकती है भारत-पाक टक्कर, जानिए वेन्यू की डिटेल

मुंबई  एशिया कप क्रिकेट 2025 सितंबर के महीने में आयोजित हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) इस टूर्नामेंट को दुबई और अबू धाबी में कराने पर सहमत हो गया है. BCCI के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन मोहसिन नकवी अगले कुछ दिनों में टूर्नामेंट की फाइनल डेट्स तय करेंगे. स्पॉन्सर्स से भी बातचीत की जाएगी क्योंकि मार्केटिंग प्लान्स बनाने के लिए उन्हें अधिक समय चाहिए. टूर्नामेंट का आगाज 7 सितंबर को होने की संभावना है और इसकी समाप्ति तीसरे या चौथे हफ्ते में होगी. BCCI ने ECB (एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड) के साथ 3 वेन्यू के लिए करार किया है, लेकिन एशिया कप के लिए केवल 2 स्टेडियमों का उपयोग होगा. बीसीसीआई टूर्नामेंट के लिए सरकार की मंजूरी का भी इंतजार कर दिया है. इस टूर्नामेंट के लिए संभावित वेन्यू दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम और जायद क्रिकेट स्टेडियम (अबू धाबी) हैं. सूत्रों के मुताबिक इस टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान दोनों को एक ही ग्रुप में रखा जाएगा. यानी दोनों का मुकाबला ग्रुप स्टेज में होना तय दिख रहा है. एशियन क्रिकेट काउंसिल की बैठक 24 जुलाई को ढाका में हुई, जिसमें ये निर्णय लिए गए है. बैठक में BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वर्चुअली भाग लिया. न्यूट्रल वेन्यू पर क्यों होगा ये टूर्नामेंट? बीसीसीआई के पास आठ टीमों के इस टूर्नामेंट की मेजबानी का अधिकार है, लेकिन भारत-पाकिस्तान के संबंधों में तल्खी के कारण टूर्नामेंट को न्यूट्रल वेन्यू पर कराया जाएगा. यह पहली बार है जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एक उच्च-स्तरीय एसीसी बैठक की मेजबानी की. बीसीबी के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने कहा था कि बीसीबी केवल एसीसी को लॉजिस्टिक्स सहायता प्रदान कर रहा है. एशिया कप के आगामी संस्करण में आठ टीमें भाग लेंगीं. इसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात का नाम शामिल है. टूर्नामेंट में आठ टीमों को चार-चार के दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा. फिर प्रत्येक ग्रुप से टॉप-2 टीमें सुपर-4 स्टेज के लिए क्वालिफाई करेंगी. ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, यूएई और हॉन्ग कॉन्ग को रखा जा सकता है. वहीं ग्रुप-बी में अफगानिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और ओमान को जगह मिल सकती है.

BCCI का बड़ा फैसला: पंत खेलेंगे बतौर बल्लेबाज़, कीपिंग करेगा ये खिलाड़ी

मैनचेस्टर पैर में लगी चोट के बावजूद ऋषभ पंत मैनचेस्टर टेस्ट मैच में बैटिंग के लिए उपलब्ध होंगे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इसे लेकर अपडेट दिया है. बीसीसीआई ने कहा कि ऋषभ पंत टीम के साथ दूसरे दिन के खेल के लिए जुड़ चुके हैं और जरूरत पड़ने पर बैटिंग करेंगे. हालांकि बीसीसीआई ने ये स्पष्ट किया कि ऋषभ अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल के कंधों पर होगी. बीसीसीआई की ओर से कहा गया, 'ऋषभ पंत को मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन दाहिने पैर में चोट लगी थी. इसी कारण अब वह इस टेस्ट मैच में आगे विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. उनकी जगह ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ मौजूद और जरूरत पड़ने पर वह बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे.' विकेटकीपिंग नहीं करेंगे पंत ऐसे में बीसीसीआई ने पहले दिन मैच के बाद पंत की चोट पर अपडेट जारी करते हुए कहा था कि उन्हे स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है। गुरुवार को बीसीसीआई ने एक बार फिर अपडेट जारी किया और बताया, मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन चोटिल होने वाले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे। उनकी जगह अब ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभाएंगे। बल्लेबाजी के लिए हैं उपलब्ध अपनी चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ जुड़ गए हैं और जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे। टीम की आवश्यकता अनुसार, वे बैटिंग कर सकते हैं। यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम मैनेजमेंट की सलाह के बाद लिया गया है, ताकि ऋषभ पंत की चोट और टीम बैलेंस दोनों का ध्यान रखा जा सके।

BCCI का बड़ा फैसला: पंत खेलेंगे बतौर बल्लेबाज़, कीपिंग करेगा ये खिलाड़ी

मैनचेस्टर पैर में लगी चोट के बावजूद ऋषभ पंत मैनचेस्टर टेस्ट मैच में बैटिंग के लिए उपलब्ध होंगे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इसे लेकर अपडेट दिया है. बीसीसीआई ने कहा कि ऋषभ पंत टीम के साथ दूसरे दिन के खेल के लिए जुड़ चुके हैं और जरूरत पड़ने पर बैटिंग करेंगे. हालांकि बीसीसीआई ने ये स्पष्ट किया कि ऋषभ अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल के कंधों पर होगी. बीसीसीआई की ओर से कहा गया, 'ऋषभ पंत को मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन दाहिने पैर में चोट लगी थी. इसी कारण अब वह इस टेस्ट मैच में आगे विकेटकीपिंग नहीं करेंगे. उनकी जगह ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ मौजूद और जरूरत पड़ने पर वह बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे.' विकेटकीपिंग नहीं करेंगे पंत ऐसे में बीसीसीआई ने पहले दिन मैच के बाद पंत की चोट पर अपडेट जारी करते हुए कहा था कि उन्हे स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है। गुरुवार को बीसीसीआई ने एक बार फिर अपडेट जारी किया और बताया, मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन चोटिल होने वाले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अब इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं करेंगे। उनकी जगह अब ध्रुव जुरेल विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभाएंगे। बल्लेबाजी के लिए हैं उपलब्ध अपनी चोट के बावजूद ऋषभ पंत दूसरे दिन टीम के साथ जुड़ गए हैं और जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध रहेंगे। टीम की आवश्यकता अनुसार, वे बैटिंग कर सकते हैं। यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम मैनेजमेंट की सलाह के बाद लिया गया है, ताकि ऋषभ पंत की चोट और टीम बैलेंस दोनों का ध्यान रखा जा सके।

दिव्या देशमुख की डबल जीत: विश्वकप फाइनल में प्रवेश और कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह पक्की

बातुमी (जॉर्जिया) अंतरराष्ट्रीय मास्टर 19 साल की दिव्या देशमुख नेफिडे महिला विश्व शतरंज कप के सेमीफाइनल के दूसरे गेम में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को हरा दिया और मिनी मैच 1.5-0.5 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। इस प्रक्रिया में दिव्या कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बन गईं। महिला कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट अगले साल होना है और उस टूर्नामेंट से मौजूदा महिला विश्व चैंपियन वेनजुन जू के प्रतिद्वंदी का फैसला होगा। दिलचस्प बात यह है कि दिव्या पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं। चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त जोनर झू और तत्कालीन हमवतन ग्रैंडमास्टर डी हरिका को क्वार्टर फाइनल में हराने के बाद दिव्या ने इस प्रतियोगिता में अपना दबदबा बरकरार रखा और टैन के खिलाफ 101 चाल में जीत उनके बढ़ते शतरंज कौशल का प्रमाण था। दूसरे सेमीफाइनल में कोनेरू हम्पी ने 75 चाल में चीन की शीर्ष वरीयता प्राप्त टिंगजी लेई के साथ ड्रॉ खेला। हम्पी अब छोटे प्रारूप में लेई के खिलाफ टाई-ब्रेकर खेलेंगी। नौ दिसंबर 2005 को नागपुर में जन्मीं दिव्या ने पांच साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। उनके पिता का नाम जितेंद्र और माता का नाम नम्रता है। दिव्या ने 2012 में सात साल की उम्र में अंडर-7 नेशनल चैंपियनशिप जीती। इसके बाद उन्होंने अंडर-10 (डरबन, 2014) और अंडर-12 (ब्राजील, 2017) कैटेगरी में विश्व युवा खिताब भी जीते। इसके बाद 2014 में डरबन में आयोजित अंडर-10 वर्ल्ड यूथ टाइटल और 2017 में ब्राजील में अंडर-12 कैटेगरी में भी खिताब अपने नाम किए। उनकी निरंतर प्रगति ने उन्हें 2021 में महिला ग्रैंडमास्टर बना दिया और इसके साथ ही वह विदर्भ की पहली और देश की 22वीं महिला खिलाड़ी बनीं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। 2023 में दिव्या ने हासिल किया इंटरनेशनल मास्टर का खिताब दिव्या ने 2023 में इंटरनेशनल मास्टर का खिताब भी प्राप्त कर लिया। 2024 में उन्होंने विश्व जूनियर गर्ल्स अंडर-20 चैंपियनशिप में भी परचम लहराया, जहां उन्होंने 11 में से 10 अंक जुटाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा, 45वें चेस ओलंपियाड में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही। दिव्या एशियाई जूनियर चैंपियन भी हैं। दिव्या शतरंज की दुनिया में अब जाना-पहचाना नाम है। नंबर एक खिलाड़ी होउ यिफान को दे चुकीं हैं मात दिव्या देशमुख इस साल फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज टीम शतरंज चैंपियनशिप में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी होउ यिफान को मात दे चुकी हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी तारीफ की थी। दिव्या ने 10 से 16 जून को लंदन में आयोजित फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज टीम चैंपियनशिप के सेमीफाइनल के दूसरे चरण में चीन की यिफान को हराया था। दिव्या के करियर की यह सबसे बड़ी जीत में से एक है। ओलंपियाड में तीन स्वर्ण, कई एशियाई और विश्व युवा खिताब। चेन्नई में शतरंज गुरुकुल में जीएम आरबी रमेश के तहत प्रशिक्षित दिव्या को उनकी तेज सामरिक दृष्टि, अडिग धैर्य और रचनात्मक प्रतिभा के लिए सराहा जाता है।