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हरमनप्रीत कौर के सामने सुनहरा मौका, वर्ल्ड कप फाइनल में टूटेगा बड़ा रिकॉर्ड!

मुंबई  भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रविवार को आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल खेला जाना है। दोनों टीमों की नवी मुंबई के मैदान पर मैदान भिड़ंत होगी। भारत तीसरी बार टूर्नामेंट के फाइनल में खिताबी सूखे को खत्म करने उतरेगा। भारत ने साल 2005 और 2017 में फाइनल खेला था मगर निराशा हाथ लगी। वहीं, साउथ अफ्रीका का यह महिला वर्ल्ड कप का पहला फाइनल है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर खिताबी मुकाबले में इतिहास रचने की दहलीज पर हैं। वह टूर्नामेंट की 'सिक्सर क्वीन' बनने से सिर्फ दो कदम दूर हैं।   हरमनप्रीत फिलहाल महिला वनडे वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने वाली खिलाड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। वह टूर्नामेंट में 34 मैचों में कुल 22 सिक्स लगा चुकी हैं। वेस्टइंडीज की धाकड़ ऑलराउंडर डिएंड्रा डॉटिन ने 29 मुकाबलों में 22 छक्के जमाए हैं। शीर्ष पर न्यूजीलैंड की दिग्गज सोफी डिवाइन हैं, जिन्होंने 32 मैचों में 23 सिक्स उड़ाए। 36 वर्षीय हरमनप्रीत को डिवाइन से आगे निकालने के लिए महज दो सिक्स की जरूरत है। डिवाइन इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो गई हैं। उन्होंने वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद अपने करियर को अलविदा कहा। हरमनप्रीत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार पारी खेली थी। उन्होंने 89 गेंदों में 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से 89 रन बनाए। भारत ने 339 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। जेमिमा रोड्रिग्स (134 गेंदों में नाबाद 127) प्लेयर ऑफ द मैच रहीं। महिला वनडे वर्ल्ड कप में सर्वाधिक सिक्स लगाने वाली प्लेयर्स की सूची में भारत की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना तीसरे पायदान पर हैं। उन्होंने 24 मैचों में 22 छक्के ठोके हैं। उनके बाद साउथ अफ्रीका की ऑलराउंडर क्लो ट्रायोन हैं। ट्रायोन ने 26 मुकाबलों में 17 सिक्स जड़े हैं।  

BCCI की नाराज़गी: एशिया कप ट्रॉफी न मिलने पर ICC से करेगा शिकायत

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि बोर्ड आईसीसी की तिमाही बैठक में पुरुष टी20 एशिया कप 2025 की ट्रॉफी सौंपने में हुई देरी पर औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराएगा। यह बैठक 4-7 नवंबर तक दुबई में आयोजित की जाएगी। बीसीसीआई सचिव ने शनिवार को आईएएनएस को बताया, "मैंने बीसीसीआई की ओर से अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि हम अगले 2-3 दिन और इंतजार करेंगे। अगर हमें ट्रॉफी वापस नहीं मिलती, तो हम 4 नवंबर से शुरू होने वाली आईसीसी बैठक में यह मुद्दा उठाएंगे। फिलहाल हम अगले दो दिनों का इंतजार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "हमने 10 दिन पहले एसीसी को एक पत्र भेजा है। अगर ट्रॉफी नहीं आती, तो हम आईसीसी के सामने अपनी शिकायत रखेंगे, क्योंकि वह क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था है।" सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने 28 सितंबर को एशिया कप 2025 के खिताबी मैच में पाकिस्तान को 5 विकेट से मात दी थी। इसके बाद टीम इंडिया ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नौवां एशिया कप खिताब जीतने के बाद जब भारत ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार किया, तो अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर बाद अधिकारी ट्रॉफी वापस अपने साथ ले गए। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रॉफी के बगैर ही जीत का जश्न मनाया। पिछले महीने ऐसी खबरें आई थीं कि मोहसिन नकवी ने 10 नवंबर को ट्रॉफी सौंपने के अपने इरादे की जानकारी दी थी। एसीसी अध्यक्ष ने कथित तौर पर इस महीने दुबई में एक कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश की है, जहां एशिया कप भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को सौंपा जा सके। यह कार्यक्रम महाद्वीपीय संस्था और बीसीसीआई के बीच पत्रों के आदान-प्रदान के बाद प्रस्तावित किया गया था। भले ही बीसीसीआई ने ट्रॉफी और विजेताओं के पदकों के मुद्दे को सुलझाने के लिए एसीसी को औपचारिक रूप से पत्र लिखा था, लेकिन मामला अभी तक अनसुलझा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकवी ने ट्रॉफी को एसीसी मुख्यालय से किसी अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है।

शतरंज की दुनिया में नया इतिहास: विश्वनाथन आनंद सम्मानित, FIDE वर्ल्ड चेस कप ट्रॉफी का नाम उनके नाम पर

पणजी पणजी से बड़ी खबर सामने आई है, FIDE  वर्ल्ड चेस कप 2025 की नई ट्रॉफी अब भारत के महान शतरंज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद के नाम पर होगी. गोवा में शुक्रवार को हुए शानदार उद्घाटन समारोह में इसे “विश्वनाथन आनंद ट्रॉफी” के नाम से समर्पित किया गया. यह ब्रास से बनी और गोल्ड-प्लेटेड ट्रॉफी हर साल नए चैम्प‍ियन को मिलेगी, यानी एक रोलिंग ट्रॉफी, जो आने वाले विजेताओं के बीच घूमती रहेगी. 2002 के बाद यह पहली बार है जब FIDE वर्ल्ड कप कप भारत में आयोजित हो रहा है, तब  आनंद ने हैदराबाद में दो गेमों के फइनल में रुस्तम कासिमदज़नोव (Rustam Kasimdzhanov) को हराया था.  ट्रॉफी का अनावरण एक रंगारंग उद्घाटन समारोह के दौरान किया गया, जिसमें केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और FIDE (Fédération Internationale des Échecs, इंग्ल‍िश ट्रांसलेशन-International Chess Federation) प्रमुख अर्कडी ड्वोर्कोविच (Arkady Dvorkovich) शामिल हुए . इस इवेंट में  ऑल इंड‍िया चेस फेडरेशन (AICF) के अध्यक्ष नितिन नारंग ने कहा- विश्वनाथन आनंद कप,  FIDE  विश्व कप (ओपन) विजेता रनिंग ट्रॉफी की घोषणा करते हुए मुझे बेहद गर्व और खुशी हो रही है, जिसे शतरंज के बादशाह और भारत के पहले ग्रैंडमास्टर श्री विश्वनाथन आनंद के सम्मान में स्थापित किया गया है.  यह रनिंग ट्रॉफी भारतीय शतरंज की जबरदस्त प्रगति और @vishy64theking (विश्वनाथन आनंद) की अद्भुत उपलब्धियों और विरासत का प्रतीक है. जिसे आने वाली कई सदियों तक संजोकर रखा जाएगा और यह शतरंज की नई पीढ़ियों तक प्रेरणा बनकर पहुंचेगी.  उन्होंने 'X' पर लिखा- यह भव्य, शानदार और बेहद प्रतीकात्मक डिजाइन में बनी यह ट्रॉफी भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर को नृत्य मुद्रा में दर्शाती है, एक ऐसा दृश्य जो शतरंज के शाश्वत आकर्षण को फिर से जीवंत कर देता है. गोवा की समृद्ध संस्कृति और 'शतरंज की भावना और कहानी' को प्रदर्शित करने वाले एक रंगारंग समारोह के बाद नितिन नारंग द्वारा पढ़े गए एक पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टूर्नामेंट की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा की. प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा- शतरंज विश्व कप 'शतरंज के घर' में लौट रहा है, ऐसा लग रहा है जैसे खेल का चक्र पूरा हो गया है. प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के मेजबान के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका जारी है और यह भारत और विश्व दोनों के लिए शुभ संकेत है. मैं FIDE शतरंज विश्व कप 2025 के शुभारंभ की घोषणा करता हूं.  वहीं विमेंस वर्ल्ड कप चैम्प‍ियन दिव्या देशमुख ने ड्रॉ ऑफ कलर्स समारोह किया और भारत के गुकेश के लिए ब्लैक पीस चुने, यानी शनिवार को ऑड नंबर्स वाले खिलाड़ी काले मोहरों से खेल की शुरुआत करेंगे. वहीं इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा-  जब भारत ने पिछली बार 2002 में वर्ल्ड कप होस्ट किया था, तब हमारे पास 10 से भी कम ग्रैंडमास्टर थे. आज हमारे पास 90 हैं. भारत ने ओपन और विमेंस दोनों ओलंपियाड खिताब जीते हैं, और दिव्या देशमुख विमेंस वर्ल्ड कप चैंपियन हैं. आने वाले सालों में हम और चैंपियन बनाएंगे.” टूर्नामेंट की एक झलक     कुल 206 खिलाड़ी, 82 देशों से, और 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 17 करोड़ रुपये की इनामी राशि दांव पर रहेगी.      विजेता को Candidates 2026 में एंट्री मिलेगी, यानी वर्ल्ड चेस चैम्पियनशिप के अगले चरण का टिकट.     मुकाबले 1 नवंबर से शुरू, आठ राउंड तक चलेंगे.     50 टॉप सीड्स को पहले राउंड में बाय मिला है. भारत की मजबूत दावेदारी भारत के युवा वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश, दूसरे सीड अर्जुन एरिगैसी और पिछले संस्करण के रनर-अप आर प्रज्ञानानंदा सीधे दूसरे राउंड से खेल शुरू करेंगे. पहले राउंड में देश के जूनियर विश्व चैंपियन प्रणव वी उतरेंगे, जो अल्जीरिया के अला एद्दीन बुलरेन्स से भिड़ेंगे. वहीं इंटरनेशन प्लेयर्स में जर्मनी के विंसेंट कीमर एक प्रमुख दावेदार होंगे. वह लाइव रेटिंग सूची में दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी हैं. उन्होंने यूरोपीय क्लब कप और यूरोपीय टीम चैम्प‍ियन में 18 रेटिंग अंक हासिल किए हैं. वहीं समरकंद ग्रैंड स्विस व‍िनर अनीश गिरी भी क्ल‍ियर फेवरेट होंगे.  वेस्ली सो और लेवोन अरोनियन की अमेरिकी जोड़ी भी एक बड़ा खतरा होगी. वहरीं 2017 वल्ड्र कप विजेता लेवोन अरोनियन ने भी कई खिताब जीतकर एक अच्छा वर्ष बिताया है. नवीनतम FIDE रेटिंग सूची के अनुसार, 22 खिलाड़ियों को 2700 या उससे अधिक रेटिंग दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि इस आयोजन में विश्व शतरंज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी शामिल होंगे.   

Jannik Sinner का धमाल: शेल्टन पर जीत के साथ पेरिस मास्टर्स सेमीफाइनल में एंट्री

पेरिस  पेरिस मास्टर्स में जैनिक सिनर ने बेन शेल्टन पर 6-3, 6-3 से शानदार जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सिनर विश्व नंबर 1 रैंकिंग हासिल करने के एक कदम और करीब पहुंच गए हैं। शेल्टन पर लगातार सातवीं जीत के साथ सिनर ने पहली बार पेरिस सेमीफाइनल में जगह बनाई है। 24 वर्षीय सिनर अब तीसरे वरीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव से भिड़ेंगे, जिन्होंने तीन सेटों तक चले रोमांचक मुकाबले में दो मैच प्वाइंट बचाकर डेनियल मेदवेदेव को शिकस्त दी है। कार्लोस अल्काराज की कैमरन नॉरी के खिलाफ अप्रत्याशित दूसरे दौर की हार ने इतालवी खिलाड़ी के लिए रास्ता खोल दिया है, जो फ्रांस की राजधानी में एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब जीतकर स्पेनिश खिलाड़ी को पछाड़ सकते हैं। सिनर ने दूसरे सेट के बीच में कुछ देर के लिए अपनी सर्विस गंवा दी थी, लेकिन जल्द ही नियंत्रण हासिल करते हुए 23 वर्षीय शेल्टन के खिलाफ 70 मिनट से भी कम समय में जीत हासिल की। सिनर ने 'स्काई स्पोर्ट्स' को बताया, "मैं बहुत खुश हूं। यह बहुत ही कठिन मुकाबला था। कई बार उनकी शानदार सर्विस की वजह से आप ज्यादा नियंत्रण में नहीं रहते, लेकिन इस मैच में लगा कि मैं बहुत अच्छा रिटर्न कर रहा हूं। मैंने बहुत मजबूत और आक्रामक खेल दिखाया।" ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन चैंपियन ने कहा, "मैं इस समय रैंकिंग के बारे में नहीं सोच रहा हूं। यह मेरे खेलने के तरीके का नतीजा है। पेरिस में सेमीफाइनल में पहुंचना बहुत मायने रखता है। यह एक बहुत लंबा सीजन रहा है, जिसमें कुछ बेहतरीन परिणाम मिले हैं। मैं इन परिणामों को कभी कमतर नहीं आंकता।" सिनर सेमीफाइनल में अलेक्जेंडर ज्वेरेव से भिड़ेंगे। जर्मन खिलाड़ी ने डेनियल मेदवेदेव को 2-6, 6-3, 7-6 (7-5) से शिकस्त दी है। वहीं, अलेक्जेंडर बुब्लिक ने ऑस्ट्रेलिया के छठे वरीय एलेक्स डी मिनौर को कड़े मुकाबले में 6-7 (5-7), 6-4, 7-5 से शिकस्त देकर अपने पहले मास्टर्स सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। 13वीं वरीयता प्राप्त बुब्लिक अपने अगले मुकाबले में कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे से भिड़ेंगे। अलियासिमे ने शंघाई मास्टर्स चैंपियन वैलेंटिन वाचेरोट को 6-2, 6-2 से शिकस्त देकर अंतिम चार में जगह पक्की की है।

ज्वेरेव दो मैच प्वाइंट बचाकर पेरिस मास्टर्स के सेमीफाइनल में, अब मुकाबला सिनर से

पेरिस अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने दो मैच प्वाइंट बचाकर दानिल मेदवेदेव को 2-6, 6-3, 7-6 (5) से हराया और पेरिस मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव करने की उम्मीद बरकरार रखी। ज्वेरेव ने इस जीत से मेदवेदेव के खिलाफ पिछले दो साल से चला आ रहा पांच मैचों की हार का सिलसिला समाप्त कर दिया। दुनिया में तीसरे नंबर के खिलाड़ी ज्वेरेव सेमीफाइनल में दूसरे नंबर के यानिक सिनर से भिड़ेंगे। पिछले सप्ताहांत वियना फाइनल में दोनों की भिड़ंत हुई थी, जहां सिनर ने तीसरे सेट में 7-5 से जीत हासिल की थी। दोनों का एक दूसरे के खिलाफ रिकॉर्ड 4-4 से बराबर है। ⁠ निर्णायक सेट में 4-5 के स्कोर पर ज्वेरेव ने मेदवेदेव के खिलाफ दोनों मैच प्वाइंट बचाए। पेरिस मास्टर्स में 2020 फाइनल में ज्वेरेव को हराने वाले मेदवेदेव ने टाईब्रेकर में 5-5 की बराबरी कर ली, लेकिन ज्वेरेव ने फिर से बढ़त बनाते हुए ढाई घंटे में जीत हासिल कर ली। सिनर ने नंबर सात बेन शेल्टन को 6-3, 6-3 से हराकर पहली बार इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इससे वह फिर से नंबर एक रैंकिंग हासिल करने के करीब पहुंच गए। यदि सिनर खिताब जीत लेते हैं, तो यह वर्ष की उनकी पहली मास्टर्स ट्रॉफी होगी और इससे वह फिर से विश्व के नंबर एक खिलाड़ी भी बन जाएंगे। अमेरिकी खिलाड़ी पर सिनर की यह लगातार सातवीं जीत है। फेलिक्स ऑगर अलियासिमे ने एक अन्य क्वार्टर फाइनल में वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाले वैलेन्टिन वेचेरोत को 6-2, 6-2 से पराजित किया। सेमीफाइनल में उनका सामना अलेक्जेंडर बुब्लिक से होगा, जिन्होंने छठी वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनौर को बिना सर्विस गंवाए 6-7(5) 6-4 7-5 से हराया।  

भारतीय टेनिस के दिग्गज रोहन बोपन्ना ने लिया रिटायरमेंट, फैंस को समर्पित किया भावुक संदेश

मुंबई  भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है. बोपन्ना ने 1 नवंबर (शनिवार) को भावुक पोस्ट शेयर करके दो दशक से ज्यादा समय तक चले अपने टेनिस करियर पर विराम लगाया. 45 साल के बोपन्ना का आखिरी टूर्नामेंट पेरिस मास्टर्स 2025 रहा, जहां उन्होंने अलेक्जेंडर बुब्लिक के साथ जोड़ी बनाई थी. उस टूर्नामेंट में बोपन्ना-बुब्लिक को राउंड ऑफ 32 में जॉन पीयर्स और जेम्स ट्रेसी ने 5-7, 6-2, 10-8 से हरा दिया था. रोहन बोपन्ना ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "एक अलविदा, लेकिन अंत नहीं. ऐसी चीज को अलविदा कहना बहुत मुश्किल होता है, जिसने आपकी जिंदगी को अर्थ (Meaning) दिया हो. 20 अविस्मरणीय सालों के बाद अब वक्त आ गया है. मैं आधिकारिक तौर पर अपना रैकेट टांग रहा हूं. जब मैं यह लिख रहा हूं, मेरा दिल भारी भी है और आभारी भी. कूर्ग जैसे छोटे से शहर से अपनी यात्रा शुरू की, लकड़ी के ब्लॉक काटकर सर्व मजबूत की, कॉफी के बागानों में दौड़कर स्टैमिना बनाई और टूटे कोर्ट्स पर सपने देखते हुए आज दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंचा, यह सब किसी सपने जैसा लगता है." रोहन बोपन्ना ने आगे लिखा, "टेनिस मेरे लिए सिर्फ एक खेल नहीं रहा, इसने मुझे जीवन का उद्देश्य दिया. जब मैं खो गया था, तब ताकत दी. जब मैं टूटा हुआ था, तब विश्वास दिलाया. हर बार जब मैं कोर्ट पर उतरा, तो इस खेल ने मुझे धैर्य, जज्बा और दोबारा उठने की हिम्मत दी. जब मैं अंदर से कहता था कि कुछ नहीं कर सकता, तब टेनिस ने मुझे लड़ना सिखाया और सबसे बढ़कर यह याद दिलाया कि मैंने शुरुआत क्यों की और मैं कौन हूं." 'आपने मुझे वो सब दिया…' रोहन बोपन्ना ने अपने माता-पिता का जिक्र करते हुए कहा कि वो उनके लिए असली हीरो हैं. बोपन्ना लिखते हैं, "आपने मुझे वो सब दिया जिसकी मदद से मैं अपना सपना पूरा कर सका. आपके त्याग, आपकी निःशब्द ताकत और आपके अटूट विश्वास के कारण ही मैं यहां तक पहुंचा." बोपन्ना ने अपनी बहन (रश्मि), पत्नी (सुप्रिया) और बेटी (त्रिधा) का धन्यवाद किया, जो हर मोड़ पर बोपन्ना के साथ खड़ी रहीं. बोपन्ना ने अपने कोच, दोस्तों, साथी खिलाड़ियों और फैन्स का भी आभार जताया. रोहन बोपन्ना ने अंत में लिखा, "मैं भले ही अब प्रतियोगिता से दूर हो रहा हूं, लेकिन टेनिस से मेरा रिश्ता खत्म नहीं हुआ है. इस खेल ने मुझे सब कुछ दिया. अब मैं इस खेल को कुछ लौटाना चाहता हूं, ताकि छोटे-शहरों के युवा यह विश्वास कर सकें कि उनकी शुरुआत ही उनकी सीमाओं को परिभाषित नहीं करतीं. अगर आपके पास विश्वास, मेहनत और दिल है, तो कुछ भी संभव है. यह 'गुडबाय' नहीं, बल्कि उन सबके लिए 'थैंक यू' है, जिन्होंने मुझे गढ़ा, संभाला और प्यार दिया. आप सब मेरी कहानी का पार्ट हैं और मैं आप सबका हिस्सा हूं." रोहन बोपन्ना ने अपने सुनहरे करियर में दो ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब जीते. बोपन्ना ने फ्रेंच ओपन 2017 में मिक्स्ड डबल्स खिताब जीता था. तब बोपन्ना और गैब्रिएला डाब्रोव्स्की की जोड़ी ने अन्ना-लेना ग्रोनफेल्ड-रॉबर्ट फराह को 2-6, 6-2, [12-10] से हराया था. फिर बोपन्ना ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2024 में मैथ्यू एब्डेन (ऑस्ट्रेलिया) के साथ मिलकर मेन्स डबल्स खिताब अपने नाम किया. रोहन-एब्डेन ने इटली के सिमोन बोलेली और आंद्रे वावसोरी को 7-6 (0), 7-5 से पराजित किया. इसी के साथ बोपन्ना ग्रैंड स्लैम (ओपन एरा) जीतने वाले सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी बन गए थे.  

महामुकाबला आज! भारत-साउथ अफ्रीका भिड़ेगी खिताब के लिए, तीसरी बार किसका सपना होगा पूरा?

नवी मुंबई भारत और साउथ अफ्रीका के बीच रविवार, 2 नवंबर को आईसीसी वुमेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल मुकाबला नवी मुंबई में खेला जाना है। इस मैच में दोनों टीमों की नजरें अपने-अपने पहले खिताब पर होगी। भारत ट्रॉफी उठाने को बेहद उत्सुक होगा क्योंकि 2005 और 2017 के बाद उनका यह तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल है। वहीं साउथ अफ्रीका की वुमेंस टीम पहली बार वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही है। भारत को निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने महिला वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में अपने तीसरे प्रयास में खिताबी सूखे को खत्म किया था और कुछ ऐसी ही स्थिति भारतीय महिला टीम की है   साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गये वर्ल्ड कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रन से हराया था जबकि 2017 में इंग्लैंड ने घरेलू सरजमीं पर रोमांचक फाइनल में भारत पर नौ रन से जीत दर्ज की की। वुमेंस वर्ल्ड कप के शुरुआती दो आयोजनों में विजेता का फैसला लीग चरण के अंकों के आधार पर हुआ था। जिसमें 1973 में इंग्लैंड और 1978 में ऑस्ट्रेलिया चैंपियन बना था। वर्ल्ड कप में फाइनल मैच की प्रथा 1982 से शुरू हुई। इंग्लैंड को 1982 और 1988 में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से शिकस्त का सामना करना पड़ा लेकिन टीम ने 1993 में न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल जीता। न्यूजीलैंड इसके बाद 1997 में भारत में खेले गये वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा लेकिन इस बार उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। टीम ने हालांकि घरेलू सरजमीं पर साल 2000 में खेले गये वर्ल्ड कप के फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया को हराकर इंग्लैंड की तरह ही अपने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। भारत वर्ल्ड कप में अपना तीसरा फाइनल साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलने को तैयार है। दोनों देशों के बीच 33 वनडे मैचों 20 जीत के साथ भारत का पलड़ा भारी है लेकिन वर्ल्ड कप में मुकाबला बराबरी का है। वनडे वर्ल्ड कप के छह मैचों में भारत के नाम तीन जीत हैं लेकिन साउथ अफ्रीका ने पिछले तीनों मैच में भारत को शिकस्त दी है। साउथ अफ्रीका इकलौती ऐसी टीम है जिसे भारत ने 2017 से इस वैश्विक आयोजन में नहीं हराया है। वर्ल्ड कप के इतिहास में इससे ज्यादा बार लगातार मैचों में ऑस्ट्रेलिया (आठ) और न्यूजीलैंड (पांच) ने भारत को हराया है। भारतीय टीम ऐसे में फाइनल में साउथ अफ्रीका से वर्ल्ड कप में मिली लगातार तीन हार का बदला भी चुकता करना चाहेगी। साउथ अफ्रीका ने 2017 वर्ल्ड कप में भारत को 115 जबकि 2022 वर्ल्ड कप में तीन विकेट से हराया था। इस टीम ने मौजूदा वर्ल्ड कप में विशाखापत्तनम में भारत को तीन विकेट से शिकस्त देकर वर्ल्ड कप के मैचों में जीत की हैट्रिक पूरी की थी। इस जीत से साउथ अफ्रीका ने भारतीय महिला टीम के खिलाफ लगातार पांच वनडे मैचों की हार का सिलसिला तोड़ा था। भारत ने फाइनल की मेजबानी कर रहे डीवाई पाटिल स्टेडियम में अपने दो मैचों जीत दर्ज की है जबकि बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था जबकि साउथ अफ्रीका की टीम पहली बार इस मैदान पर खेलेगी। महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में यह पहला मौका है जब खिताबी मुकाबला ऐसी दो टीमों के बीच होगा जो कभी चैंपियन नहीं रही है। महिला वनडे वर्ल्ड कप में यह पांचवां मौका है जब मेजबान टीम खिताबी मुकाबला खेलेगी। ऑस्ट्रेलिया (1988), इंग्लैंड (1993, 2017) और न्यूजीलैंड (2000) ने यह कारनामा किया है। ऑस्ट्रेलिया सात खिताब और नौ फाइनल के साथ वर्ल्ड कप की सबसे सफल टीम है जबकि इंग्लैंड ने तीन और न्यूजीलैंड ने एक खिताब जीता है ऐसे में रविवार का दिन महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक होगा क्योंकि जीतने वाली टीम पहली बार वर्ल्ड विजेता बनेगी।  

अब बेहतर महसूस कर रहे श्रेयस अय्यर, बीसीसीआई ने बताई भारत वापसी की तारीख

नई दिल्ली टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और वनडे टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। बीसीसीआई ने शनिवार, 1 नवंबर को अय्यर की इंजरी पर तीसरा अपडेट जारी कर बताया कि उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज मिल गया है। हालांकि वह अभी भारत नहीं लौटेंगे। श्रेयस अय्यर आगे की जांच के लिए फिलहाल सिडनी में ही रहेंगे और उड़ान भरने के लिए फिट पाए जाने पर भारत लौट आएंगे। श्रेयस अय्यर को 25 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान फील्डिंग करते समय पेट में गंभीर चोट लगी थी   बीसीसीआई ने रिलीज में लिखा, श्रेयस अय्यर को 25 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान फील्डिंग करते समय पेट में गंभीर चोट लग गई, जिससे उनकी तिल्ली में चोट लग गई और इंटरनल ब्लीडिंग होने लगी। चोट की तुरंत पहचान कर ली गई और एक मामूली ऑपरेशन के बाद इंटरनल ब्लीडिंग तुरंत बंद कर दिया गया। इसके लिए उनका उचित चिकित्सा उपचार किया गया है। अब उनकी हालत स्थिर है और वे अच्छी तरह से ठीक हो रहे हैं। सिडनी और भारत के विशेषज्ञों के साथ-साथ बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनके स्वास्थ्य लाभ से खुश है और उन्हें आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बीसीसीआई सिडनी में डॉ. कौरौश हाघीगी और उनकी टीम के साथ-साथ भारत में डॉ. दिनशॉ पारदीवाला का हार्दिक आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने श्रेयस को उनकी चोट का सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया। श्रेयस आगे की जांच के लिए सिडनी में ही रहेंगे और उड़ान भरने के लिए फिट पाए जाने पर भारत लौट आएंगे। बता दें, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज के दौरान ही अय्यर को टीम इंडिया का उप-कप्तान बनाया गया था। रिपोर्ट्स हैं कि वह इस चोट की वजह से लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रह सकते हैं। ऐसे में वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दौड़ से भी बाहर माने जा रहे हैं। उम्मीद लगाई जा रही है कि वह अब वह सीधा आईपीएल में ही वापसी करेंगे।  

14 साल का सनसनी वैभव सूर्यवंशी! IPL चीफ बोले- टीम इंडिया का अगला स्टार तैयार

नई दिल्ली  IPL 2025 के जरिए वर्ल्ड क्रिकेट का ध्यान अपनी ओर खींचने वाले वैभव सूर्यवंशी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वैभव ने आईपीएल के बाद अंडर-19 टीम के लिए खूब रन बनाए, लिमिटेड ओवर क्रिकेट के अलावा उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी अपना जलवा बिखेरा। उनके इस लाजवाब प्रदर्शन को देखने के बाद फैंस उत्साहित हैं कि वह कब भारतीय टीम के लिए डेब्यू करेंगे। क्या वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के लिए तैयार है? आईपीएल चीफ अरुण धूमल ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा है कि 14 साल के वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के लिए दरवाजे खटखटा रहे हैं।   अरुण धूमल ने टीम इंडिया की प्रभावशाली बेंच स्ट्रेंथ की तारीफ की और 14 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा को उजागर किया। उन्होंने इस दौरान रोहित शर्मा और विराट कोहली की भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, दृढ़ विश्वास और कार्यशैली के लिए सराहना की। धूमल को भरोसा है कि रोहित और कोहली ODI फॉर्मेट में अभी बहुत आगे हैं, और उन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ संपन्न तीन मैचों की वनडे सीरीज में रोहित की शानदार बल्लेबाजी की सराहना की, जहां उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था। अरुण धूमल ने कहा, “हम लंबे समय से भारतीय टीम की इस बेंच स्ट्रेंथ के बारे में बात कर रहे हैं। लेकिन इस टीम को देखिए, एक 14 साल का अद्भुत खिलाड़ी, वैभव सूर्यवंशी, टीम का हिस्सा बनने के लिए दरवाजा खटखटा रहा है। और फिर आपके पास रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी हैं, जिनके बारे में लोग सोचते हैं कि वे जा रहे हैं, लेकिन वे नहीं जा रहे हैं। वे यहीं रहने वाले हैं।” उन्होंने आगे कहा, "और जिस तरह से रोहित ने इस वनडे सीरीज में अपनी क्लास दिखाई है, उस उम्र में, फाइनल मैच में प्लेयर ऑफ द मैच और फिर प्लेयर ऑफ द सीरीज़ बनकर, यह दर्शाता है कि उनमें किस तरह का दृढ़ विश्वास है, वे किस तरह की कड़ी मेहनत करते हैं। जब टीम इंडिया की बात आती है, तो वे अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहेंगे। और यही एक खिलाड़ी की सच्ची झलक है। और मेरी उन दोनों को शुभकामनाएं। उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को अपना जीवन दिया है।"  

म्युनिख ओलंपिक 1972 कांस्य पदक विजेता हॉकी गोलकीपर फ्रेडरिक का निधन

नई दिल्ली भारतीय पुरूष हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर और म्युनिख ओलंपिक 1972 की कांस्य पदक विजेता टीम के सदस्य मैनुअल फ्रेडरिक का शुक्रवार को सुबह बेंगलुरू में निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे और उनके परिवार में दो बेटियां हैं। वह पिछले दस महीने से प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे। ⁠ केरल के कन्नूर में 20 अक्टूबर 1947 को जन्मे फ्रेडरिक ओलंपिक पदक जीतने वाले प्रदेश के पहले खिलाड़ी थे। उनके अलावा केरल से पी आर श्रीजेश ने तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है और वह भी हॉकी गोलकीपर रहे हैं। काफी पहले बेंगलुरू में आ बसे फ्रेडरिक एक साल पहले पत्नी शीतला के निधन के बाद से अवसाद में भी थे। उनकी बेटी फ्रेशना ने कहा, ‘‘डैड का सुबह निधन हो गया। वह पिछले दस महीने से कैंसर से जूझ रहे थे और एक साल पहले मां के जाने के बाद से अवसाद में भी थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने बहुत कोशिश की लेकिन उन्हें पीलिया भी हो गया था जिससे उनका लिवर प्रभावित हुआ और उनकी हालत बिगड़ गई।’ फ्रेडरिक को 2019 में खेलों में आजीवन उपलब्धियों के लिये मेजर ध्यानचंद पुरस्कार भी दिया गया था।