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2025 महिला विश्व कप में भारत को मिली बड़ी सफलता, दिव्या देशमुख की शानदार जीत

बातुमी  जॉर्जिया के बातुमी शहर में चल रहे महिला विश्व कप के चौथे राउंड का पहला मुक़ाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए शानदार रहा। भारत की अंतरराष्ट्रीय मास्टर दिव्या देशमुख ने सफेद मोहरों से शानदार बाज़ी खेलते हुए अपनी चीनी प्रतिद्वंद्वी जिनेर झू को मात दी। यह दिव्या की जिनेर झू पर क्लासिकल शतरंज में पहली जीत है। जिनेर विश्व की नंबर 6 महिला खिलाड़ी हैं और वह भी दिव्या की तरह ही चीन की एक शानदार प्रतिभा बनकर उभर रही हैं, पर दिव्या ने इस जीत के साथ अब आगे की राह थोड़ी आसान ज़रूर कर ली है और उन्हें क्वार्टर फाइनल में जाने के लिए अब केवल एक ड्रॉ की आवश्यकता होगी। अन्य मुकाबलों में भारत की नंबर एक महिला खिलाड़ी कोनेरू हम्पी ने स्विट्ज़रलैंड की एलेक्ज़ान्द्रा कोस्टेनियुक को काले मोहरों से ड्रॉ पर रोका, तो वहीं हरिका द्रोणावल्ली ने ग्रैंडमास्टर कैटेरीना लागनों को और ग्रैंडमास्टर वैशाली ने कज़ाख़िस्तान की मेरुएर्त कामालिदेनोवा को ड्रॉ पर रोका। चौथे राउंड की दूसरी बाज़ियाँ आज खेली जाएँगी।  दिव्या देशमुख (भारत) बनाम जिनेर झू (चीन) भारत की दिव्या देशमुख अपनी चीनी प्रतिद्वंद्वी जिनेर झू से इससे पहले दो क्लासिकल मुकाबले खेल चुकी हैं, पर दोनों ही मुकाबलों में दिव्या को काले मोहरों से खेलते हुए हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन विश्व कप के चौथे राउंड के पहले मुकाबले में दिव्या ने यह साबित कर दिया कि उन्हें न तो पुरानी हारों का और न ही बड़े मंच का कोई दबाव रहता है। सफेद मोहरों से खेलते हुए दिव्या ने 1.e4 खेलने का निर्णय लिया, जिसके जवाब में जिनेर ने सिसिलियन डिफेंस खेला। लगभग 20वीं चाल के बाद चंद चालों में ही दोनों खिलाड़ियों ने अपने लगभग सारे मोहरे लड़ लिए और 31वीं चाल पर दिव्या के पास बचा तो केवल एक घोड़ा और वज़ीर, वहीं जिनेर के पास ऊँट और वज़ीर। घोड़े और वज़ीर की मदद से दिव्या ने जिनेर पर ज़बरदस्त आक्रमण किया और चीनी खिलाड़ी दिव्या को रोकने में नाकाम नज़र आईं और 49वीं चाल पर उन्होंने अपनी हार स्वीकार की। दिव्या की सफेद मोहरों से यह जीत काफी बड़ी और ज़रूरी भी है और अब आज होने वाली बाज़ी में उन्हें काले मोहरों से शानदार खेल दिखाना होगा।

वर्ल्ड नंबर वन पर भारी पड़े प्रज्ञानंद, दिखाया कार्लसन को बाहर का रास्ता

लास वेगास  भारत के ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने लास वेगास में फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंड स्लैम टूर में दुनिया के नंबर 1 मैग्नस कार्लसन पर शानदार जीत दर्ज की। 19 वर्षीय प्रज्ञानंद ने पांच बार के विश्व चैंपियन को मात्र 39 चालों में मात दी। नॉर्वे के ग्रैंडमास्टर कार्लसन, जो हाल ही में भारत के मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश से लगातार हार चुके हैं, उन्हें एक और हार का सामना करना पड़ा। कार्लसन को 19 साल के आर प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज के चौथे राउंड में हरा दिया। इस टूर्नामेंट में हर खिलाड़ी को 10 मिनट का समय और हर चाल पर 10 सेकंड अतिरिक्त मिलते हैं। प्रज्ञानंद का कमाल प्रज्ञानंद अब आठ खिलाड़ियों वाले ग्रुप व्हाइट में 4.5 अंकों के साथ संयुक्त बढ़त बनाए हुए हैं। प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट की शुरुआत नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के खिलाफ काले मोहरों से ड्रॉ खेलकर की। इसके बाद उन्होंने असाउबायेवा को हराया। तीसरे राउंड में उन्होंने काले मोहरों से खेलते हुए कीमर को हराया और फिर चौथे राउंड में कार्लसन को चौंका दिया।हालांकि, कार्लसन पेरिस और कार्लजूए में फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट जीत चुके हैं। वह पूरे टूर में शीर्ष पर थे, लेकिन उन्हें अब लास वेगास में खिताबी दौड़ से बाहर होना पड़ा है। राउंड-रॉबिन चरण में उतार-चढ़ाव भरे दिन के बाद कार्लसन अपने ग्रुप में संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे और प्लेऑफ में लेवोन अरोनियन से हारकर बाहर हो गए। अब वह निचले ब्रैकेट में पहुंच गए हैं, जहां तीसरे से ऊपर नहीं आ सकते। कार्लसन ने दो जीत के साथ की शुरुआत कार्लसन ने दो जीत के साथ शुरुआत की, लेकिन फिर उनकी परफॉर्मेंस गिर गई। प्रज्ञानंद और वेस्ली सो से हार और दो ड्रॉ के बाद, उन्हें अंतिम दौर में जीत की जरूरत थी, ताकि टाईब्रेकर हो सके। उन्होंने बिबिसारा अस्सौबायेवा को हराया, लेकिन फिर दोनों प्लेऑफ गेम अरोनियन से हार गए। इसके चलते वह टॉप ब्रैकेट में नहीं जा सके। इसी ग्रुप में, प्रज्ञानंदा, नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव और जावोखिर सिंडारोव ने 4.5/7 अंक हासिल करके तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। अरोनियन ने 4 अंक हासिल किए और कार्लसन को पछाड़ दिया। ब्लैक ग्रुप में हिकारू नाकामुरा ने शानदार प्रदर्शन किया और 7 में से 6 अंक लेकर टॉप पर रहे। हांस नीमन, जिन्होंने शुरुआत में 5 में से 4.5 अंक हासिल किए थे, उन्होंने भी अगले दौर में जगह बना ली। उनके साथ फैबियानो कारूआना और अर्जुन एरिगैसी भी आगे बढ़े। कारूआना ने अपने शुरुआती छह मुकाबले ड्रॉ खेले थे, लेकिन आखिरी राउंड में नीमन को हराकर जरूरी जीत दर्ज की। लास वेगास के विंन होटल में फ्रीस्टाइल शतरंज की यूएस में पहली बार हो रही शुरुआत के साथ अब 16 खिलाड़ी नॉकआउट स्टेज में पहुंच चुके हैं। इनमें से आधे खिलाड़ी, जैसे कार्लसन और कीमर, निचले ब्रैकेट से आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे, जबकि बाकी खिलाड़ी सीधे खिताब की दौड़ में बने रहेंगे। गुरुवार को क्वार्टरफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें हारने वाले खिलाड़ी ऊपरी ब्रैकेट से निकलकर निचले ब्रैकेट में चले जाएंगे, जबकि जीतने वाले खिलाड़ी 2 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि के लिए मुकाबला जारी रखेंगे।

10 साल बाद टी20 फॉर्मेट में न्यूजीलैंड को चुनौती देगा जिम्बाब्वे, दोनों टीमें इस फॉर्मेट में एक-दूसरे को चुनौती देंगी

नई दिल्ली जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स में 18 जुलाई को त्रिकोणीय टी20 सीरीज का तीसरा मैच खेला जाना है। करीब 10 साल बाद दोनों टीमें इस फॉर्मेट में एक-दूसरे को चुनौती देने जा रही हैं। दोनों टीमों के बीच टी20 इतिहास में अब तक कुल छह मैच खेले गए हैं, जिसमें सभी मुकाबले न्यूजीलैंड ने जीते। इस फॉर्मेट में आखिरी बार अगस्त 2015 में दोनों टीमों की भिड़ंत हुई थी। न्यूजीलैंड ने अक्टूबर 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ सात रन से जीत दर्ज की थी। इसके बाद साल 2011 में दोनों देशों के बीच दो मुकाबले खेले गए, जिसमें न्यूजीलैंड ने क्रमश: 10 विकेट और 34 रन से जीत हासिल की। इसके बाद साल 2012 में दोनों टीमें दो बार आमने-सामने आईं, जिसमें न्यूजीलैंड ने क्रमश: सात और पांच विकेट से जीत दर्ज की। दोनों देश अगस्त 2015 में आखिरी बार इस फॉर्मेट में आमने-सामने आए, जिसमें जिम्बाब्वे को 80 रन से हार झेलनी पड़ी। न्यूजीलैंड इस त्रिकोणीय सीरीज में अपना पहला मैच जीत चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे को अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। प्वाइंट्स टेबल को देखें, तो अपना शुरुआती मुकाबला जीतकर न्यूजीलैंड की टीम शीर्ष स्थान पर है, जबकि साउथ अफ्रीका दो में से एक मैच जीतकर दूसरे पायदान पर मौजूद है। जिम्बाब्वे की टीम शुरुआती मुकाबला गंवाकर तीसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड की टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले को जीतकर प्वाइंट्स टेबल में नंबर-1 पायदान को मजबूत कर सकती है। वहीं, जिम्बाब्वे की टीम हर हाल में अपने जीत का खाता खोलना चाहेगी। त्रिकोणीय सीरीज में न्यूजीलैंड को जिम्बाब्वे के खिलाफ मजबूत टीम समझा जा रहा है, जिसके पास मिचेल सैंटनर, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, मैट हेनरी, जेम्स नीशम, रचिन रवींद्र और ग्लेन फिलिप्स जैसे खिलाड़ी हैं, लेकिन सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे की टीम को कमतर नहीं आंका जा सकता। न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही त्रिकोणीय टी20 सीरीज का फाइनल मैच 26 जुलाई को खेला जाना है, जिसमें प्वाइंट्स टेबल की शीर्ष दो टीमों के बीच भिड़ंत देखने को मिलेगी। न्यूजीलैंड : मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, जैकब डफी, जकरी फॉल्क्स, मिशेल हे, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, विल ओ’रूर्के, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम रॉबिन्सन, टिम सेफर्ट और ईश सोढ़ी। जिम्बाब्वे : सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेटरयान बर्ल, ट्रेवर ग्वांडु, क्लाइव मदांडे, वेस्ली मधेवेरे, टिनोटेंडा मापोसा, वेलिंग्टन मसाकाद्जा, विंसेंट मासेकेसा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजारबानी, डायोन मायर्सरिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामुरी, और तफदजवा त्सिगा।  

प्रो लीग में खराब प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए एक चेतावनी : श्रीजेश

नई दिल्ली पूर्व भारतीय कप्तान और गोलकीपर पी आर श्रीजेश का मानना है कि हाल ही में समाप्त हुई एफआईएच प्रो लीग अगले साल होने वाले एशियाई खेलों और विश्व कप से पहले पुरुष राष्ट्रीय हॉकी टीम के लिए अच्छा सबक है। भारत को प्रो लीग के यूरोपीय चरण में संघर्ष करना पड़ा और वह नौ टीमों में से आठवें स्थान पर रहा। तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भारत की कांस्य पदक विजेता टीमों का हिस्सा रहे श्रीजेश का मानना है कि खिलाड़ियों ने बहुत खराब प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन दुर्भाग्य से परिणाम टीम के पक्ष में नहीं रहे। श्रीजेश ने यहां बुधवार की रात को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘मुझे लगता है कि खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, हमने कई मौके बनाए। हमने कड़ी चुनौती दी लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है जब परिणाम आपके पक्ष में नहीं आते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तैयारी अच्छी थी लेकिन दुर्भाग्य से परिणाम हमारे लिए अच्छे नहीं रहे लेकिन कोचों के पास एशिया कप के लिए टीम तैयार करने के लिए पर्याप्त समय है और निश्चित रूप से अगले साल एशियाई खेल और विश्व कप भी है।‘‘ श्रीजेश ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस प्रो लीग ने हमें विश्व कप और एशियाई खेलों की तैयारी के लिए कड़ा सबक सिखाया है।’’ एशियाई खेलों का आयोजन 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में किया जाएगा। विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित किया जाएगा। पेरिस ओलंपिक खेलों के बाद संन्यास लेने के बाद श्रीजेश अब भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम के कोच हैं और वह इसका आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी दिनचर्या पहले जैसी ही है। जब आप सुबह जल्दी उठते हैं तो खिलाड़ियों को तैयार करने के बारे में सोचते हैं। यह सुनिश्चित करते हैं कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं और बाकी दिन अगले सत्र की तैयारी करते हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि पहले शारीरिक हिस्से पर अधिक जोर देना पड़ता था लेकिन अब दिमाग पर ज्यादा जोर देना पड़ता है लेकिन मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।’’ भारत इस वर्ष 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में एफआईएच जूनियर विश्व कप की मेजबानी करेगा और श्रीजेश अपने खिलाड़ियों को तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनके (खिलाड़ियों) लिए सबसे बड़ी चुनौती जूनियर विश्व कप है क्योंकि चार देशों के टूर्नामेंट और इस तरह की अन्य प्रतियोगिताएं उन पर जूनियर विश्व कप जितना दबाव नहीं डालतीं। मेरा काम उन्हें इन टूर्नामेंट के लिए अच्छी तरह से तैयार करना है।’’ जूनियर विश्व कप में भारत को पूल बी में पाकिस्तान, चिली और स्विट्जरलैंड के साथ रखा गया है। हालांकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण जूनियर विश्व कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं, लेकिन श्रीजेश किसी एक विशेष टीम पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक ही पूल (भारत और पाकिस्तान) में हैं, लेकिन मैं नहीं चाहता कि मेरे खिलाड़ी किसी एक विशेष टीम के बारे में सोचें।’’  

मैनचेस्टर में बदल सकती है टीम की तस्वीर, करुण की जगह कौन लेगा?

नई दिल्ली  भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती तीन मैचों में भारत के ज्यादातर बल्लेबाजों ने बड़े रन बटोरे हैं लेकिन करुण नायर अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पा रहे हैं। क्रिकेट ने करुण नायर को दूसरा मौका दिया लेकिन इंग्लैंड दौरे पर वह इसका पूरा फायदा नहीं उठा पाए हैं और चौथे टेस्ट के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन तय होने पर सिर्फ उन्हीं का नाम हट सकता है। आठ साल बाद अंतिम एकादश में वापसी करने वाले 33 वर्षीय खिलाड़ी को अपनी छह पारियों में से ज्यादातर में अच्छी शुरुआत मिली है लेकिन वह उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पाए हैं। वह पिच पर अच्छी लय में दिखे, विशेषकर ड्राइव करते हुए लेकिन लेंथ से आती हुई उछाल लेती गेंदों ने उन्हें परेशान किया है। पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता का कहना है कि सुदर्शन को वापस लाने का समय आ गया है। लॉर्ड्स में दूसरी पारी में वह ब्रायडन कार्स की अंदर आती गेंद की लाइन एंव लेंथ का सही अनुमान नहीं लगा पाए और आउट हो गए। तीसरे नंबर पर भारत को नायर से मजबूती दिलाने की उम्मीद थी क्योंकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा करने के बाद राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। भारत पांच मैचों की सीरीज में 1-2 से पीछे है और अगला मैच अभी एक हफ्ते दूर है, ऐसे में प्रबंधन को फैसला लेना होगा कि नायर के साथ बने रहें या फिर युवा साई सुदर्शन पर दांव लगाएं जिन्हें अपने पहले मैच के बाद अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया था। बाहर किए गए बाएं हाथ के इस शानदार बल्लेबाज कोई बड़ी गलती नहीं की और ऐसा आठवें नंबर पर एक अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प को शामिल करने के लिए किया गया। भारत 23 जुलाई से शुरू होने वाले मैच में सीरीज बराबर करने की कोशिश करेगा, जिससे ओल्ड ट्रैफर्ड में एकमात्र बदलाव यही हो सकता है कि लगभग एक महीने बाद 23 वर्षीय सुदर्शन नायर की जगह टीम में चुने जाएं। इस सीरीज में कमेंटरी कर रहे पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता का कहना है कि सुदर्शन को वापस लाने का समय आ गया है। उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘आप अब भी सीरीज में बने हुए हैं क्योंकि लॉर्ड्स टेस्ट मैच भी बेहद करीबी था। नतीजा किसी भी तरफ जा सकता था। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं तीसरे नंबर को देख रहा हूं। क्या करुण नायर अब भी खेलते रहेंगे या आप साई सुदर्शन जैसे युवा खिलाड़ी को खिलाना चाहेंगे जो पहले टेस्ट मैच की आखिरी पारी में सहज दिखे थे? वह युवा हैं और भविष्य के लिए निवेश हैं। ’’ दासगुप्ता ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि करुण को उनके मौके मिल गए हैं। यह बात मौकों की नहीं है। इससे भी ज्यादा वह क्रीज पर कैसे दिखे। वह टुकड़ियों में सहज दिख रहे हैं लेकिन कुछ सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं। और यही बात मुझे कुछ और सोचने पर मजबूर करती है। ’’ वह तीसरे नंबर के बल्लेबाज से स्थिरता की उम्मीद करते हैं जब सुदर्शन लीड्स में खेले थे तो नायर ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी की थी। दासगुप्ता ने कहा, ‘‘तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी के लिए आपको उस दृढ़ता का अहसास होना जरूरी है। और कई बार, मुझे ऐसा नहीं लगा। ’’ शुभमन गिल की टीम घरेलू टीम के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही है इसलिए सीरीज बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। बल्लेबाजी में एक बदलाव को छोड़कर भारत बड़े बदलाव नहीं चाहेगा। गेंदबाजी विभाग में कुलदीप यादव को और इंतजार करना होगा क्योंकि रविंद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर अभी अपना काम बखूबी कर रहे हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बचे हुए दो टेस्ट में से सिर्फ एक में खेलेंगे जिससे उनके मैनचेस्टर में खेलने की उम्मीद है जिसमें भारत को जीतना जरूरी है। दासगुप्ता ने कहा, ‘‘बुमराह को खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। मैचों के बीच में उन्हें काफी आराम मिला है। भारत 1-2 से पीछे है तो आप उनसे खेलने की उम्मीद करेंगे। ’’

भगदड़ कांड में RCB फंसी, कर्नाटक सरकार ने क्रिमिनल केस चलाने की मंजूरी दी

बेंगलुरु  बेंगलुरु भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के खिलाफ आपराधिक मामले दायर करने की मंजूरी दे दी है. ये फैसला मंत्रिमंडल की बैठक में जस्टिस माइकल डी'कुन्हा आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने के बाद लिया गया है. आयोग की इस रिपोर्ट में कई अनियमितताओं और गड़बड़ियों का खुलासा किया गया है, जिसके आधार पर ये कार्रवाई की जा रही है. जस्टिस माइकल डी'कुन्हा की अध्यक्षता में गठित आयोग ने आरसीबी और केएससीए से जुड़े विभिन्न मुद्दों की गहन जांच की थी. इस जांच में वित्तीय अनियमितताओं, प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी और अन्य गंभीर उल्लंघनों के सबूत सामने आए. आयोग की रिपोर्ट में इन संगठनों द्वारा नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख किया गया है, जिसे मंत्रिमंडल ने गंभीरता से लिया. मंत्रिमंडल की बैठक में इस रिपोर्ट को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया और इसके आधार पर आरसीबी और केएससीए के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने का फैसला लिया गया है. ये कदम खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. RCB की लापरवाही पर सवाल ट्रिब्यूनल ने आईपीएल फ्रेंचाइजी RCB की कड़ी आलोचना की, क्योंकि उन्होंने पुलिस की मंजूरी के बिना अपनी जीत के जश्न की घोषणा की थी, जिसके बाद भारी भीड़ उमड़ी और ये हादसा हुआ. ट्रिब्यूनल ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास कुमार विकास की निलंबन आदेश को रद्द करते हुए कहा कि RCB ने अचानक सोशल मीडिया पर जश्न की घोषणा की, जिसके कारण लगभग तीन से पांच लाख लोग जमा हो गए.ट्रिब्यूनल ने कहा, ‘पहली नजर में ऐसा लगता है कि RCB तीन से पांच लाख लोगों के जमा होने के लिए जिम्मेदार है. RCB ने पुलिस से उचित अनुमति या सहमति नहीं ली. अचानक, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और इसके बाद भीड़ जमा हो गई.’ सरकार को झटका, आपराधिक मामला दर्ज ट्रिब्यूनल का ये फैसला कर्नाटक सरकार के लिए भी एक बड़ा झटका है. कर्नाटक सरकार ने इस हादसे के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया था. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पहले खुफिया विभाग की आलोचना करते हुए कहा था, ‘अगर खुफिया विभाग समय पर और सटीक जानकारी नहीं दे सकता, तो इसका क्या फायदा?’ RCB अधिकारियों, KSCA और डीएनए एंटरटेनमेंट के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. कई इवेंट मैनेजर्स को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई. इस बीच, कर्नाटक हाईकोर्ट इस हादसे की सुनवाई कर रहा है. 

क्रांति गौड़ की गेंदबाज़ी में बुमराह जैसी धार, टीम में धमाकेदार एंट्री

साउथैम्पटन  क्रांति गौड़ ने  साउथैम्पटन के रोज बाउल में खेले गए पहले एकदिवसीय मैच में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। अपने सिर्फ दूसरे ODI मैच में खेलते हुए, 21 वर्षीय क्रांति ने एमी जोन्स और खतरनाक टैमी ब्यूमोंट को आउट किया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। क्रांति ने शुरुआती स्पेल में 5 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट लिए। क्रांति गौड़ को 2025 में WPL में यूपी वॉरियर्ज ने 10 लाख में खरीदा था। क्रांति गौड़ का कमाल टीम इंडिया के लिए अमनजोत कौर के बाद क्रांति गौड़ ने दूसरे छोर से नई गेंद संभाली। उन्हें शुरुआत में लय में आने में थोड़ा समय लगा। उन्होंने लगातार तीन वाइड गेंदें फेंकी। लेकिन उन्होंने जल्दी ही लय पकड़ ली। उन्होंने एमी जोन्स को बोल्ड कर दिया। एमी जोन्स आठ गेंदों में सिर्फ एक रन बना पाईं। उनका स्टंप उखड़ गया। यह क्रांति का वनडे में पहला विकेट था। क्रांति की ये गेंद इतनी खतरनाक थी कि जोन्स को हवा तक नहीं लगी। अमनजीत की ये गेंद टप्पा खाने के बाद काफी अंदर आई थी। अगले ओवर में भी कमाल अपने दूसरे ओवर में क्रांति ने टैमी ब्यूमोंट को आउट किया। टैमी ब्यूमोंट महिला वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे सिर्फ मेग लैनिंग (15) और सूजी बेट्स (13) हैं। चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर, क्रांति की गेंद ब्यूमोंट के पैड पर लगी। अंपायर ने अपील को ठुकरा दिया। भारत ने रिव्यू लेने का फैसला किया। डीआरएस से पता चला कि गेंद लाइन में पिच हुई थी और स्टंप्स पर लगती। इसलिए अंपायर का फैसला बदल दिया गया। ब्यूमोंट सिर्फ पांच रन बनाकर आउट हो गईं। महिला प्रीमियर लीग में किया था कमाल क्रांति गौड़ 2025 महिला प्रीमियर लीग (WPL) के दौरान चर्चा में आईं। उन्हें यूपी वॉरियर्ज ने नीलामी में 10 लाख रुपये में खरीदा था। इस युवा तेज गेंदबाज ने अपनी गति और आक्रामकता से सबको प्रभावित किया। उन्होंने 8 मैचों में 9.45 की इकोनॉमी रेट से 6 विकेट लिए। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने चार ओवर में 25 रन देकर 4 विकेट लिए। बाद में उन्होंने श्रीलंका में त्रिकोणीय वनडे सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया।  

जापान ओपन में भारत की चुनौती कमजोर, अब अनुपमा पर टिकी निगाह

नई दिल्ली  भारतीय बैडमिंटन फैंस को तगड़ा झटका लगा है. जापान ओपन से भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी तथा चिराग शेट्टी की जोड़ी दूसरे दौर के अपने-अपने मैचों में हारकर बाहर हो गई है. इससे पहले  पहले राउंड का अपना मैच हारकर पीवी सिंधु भी बाहर हो गई थीं.अब बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट, जापान ओपन में केवल एकमात्र भारतीय शटलर अनुपमा उपाध्याय ही बची हैं. लक्ष्य सेन जापानी खिलाड़ी से हराकर हुए बाहर गुरुवार को लक्ष्य सेन को अपने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान के कोडाई नाराओका से सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा. नाराओका ने लक्ष्य सेन को 19-21, 11-21 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली जबकि लक्ष्य को टूर्नामेंट से बाहर करा रास्ता दिखा दिया. इससे पहले बुधवार को लक्ष्य सेन ने चीन के वांग झेंग जिंग को 21-11, 21-18 से हराकर दूसरे राउंड में जगह बनाई थी. सात्विक-चिराग को प्री-क्वार्टर फाइनल में मिली हार इसके अलावा जापान ओपन मेंस डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को चीन की जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग के हाथों सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ गया. इसके साथ ही भारतीय जोड़ी का सफर खत्म हो गया जबकि चीनी जोड़ी क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई. सात्विक-चिराग को वेई केंग और चांग के हाथों 22-24, 14-21 से हार मिली. सात्विक और चिराग ने बुधवार को दक्षिण कोरिया के कांग मिन ह्युक और की डोंग जू को 42 मिनट में 21-18, 21-10 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया. आपको बता दें कि टूर्नामेंट में बुधवार को भी भारत को बड़ा झटका लगा था. तब एचएस प्रणय और पीवी सिंधु जैसे प्रमुख खिलाड़ी पहले ही दौर से ही बाहर हो गए थे. अब भारतीय फैंस के सारी उम्मीदें अनुपमा उपाध्याय के ऊपर टिकी हुई हैं. अनुपमा आज महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में चीन की वांग ज़ी यी से भिड़ेंगी. उनके पास आज इस प्री क्वार्टर फाइनल मैच को जीतकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की करने का मौका होगा. उनके मैच पर सभी की निगाहें रहेंगी क्योंकि वो एकमात्र भारतीय शटलर हैं, जो भारत की उम्मीदों को टूर्नामेंट में जिंदा रखे हुईं हैं.

382 दिन बाद कोहली के बिना भारत T20 रैंकिंग में टॉप पर, रिटायरमेंट को हुए एक साल से अधिक

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउसिंल ने बुधवार यानी 16 जुलाई को अपनी साप्ताहिक रैंकिंग चार्ट को अपडेट किया। लॉर्ड्स में शतक लगाने के बाद जो रूट ने नंबर 1 टेस्ट बल्लेबाज का स्थान फिर से हासिल कर लिया, जबकि भारतीय खिलाड़ियों की रैंकिंग में गिरावट आई। इस बीच एक दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली टी20 इंटरनेशनल रेटिंग में बदलाव देखा गया, जो 897 से बढ़कर 909 हो गई। 2024 टी20 विश्व कप के फाइनल में शानदार खिताबी जीत के बाद विराट कोहली ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। रिटायरमेंट के 382 दिन बाद नंबर वन बनते देख प्रशंसक चौंक गए। विराट कोहली की रेटिंग 897 से 909 तक कैसे उछली? इस तरह वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बन गए हैं, जिसने अपने करियर में 900 या इससे अधिक रेटिंग पॉइंट हर फॉर्मेट में हासिल की। खास बात यह है कि विराट ने एक साल से अधिक समय से कोई टी20 मैच नहीं खेला है, जिससे प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि यह बदलाव कैसे हुआ। अब बात करते हैं कि यह सब कैसे हुआ तो प्रशंसकों को आश्वस्त होना चाहिए कि न तो कोई तकनीकी गलती हुई है और न ही विराट के हालिया किसी ऑनफील्ड प्रदर्शन ने उनकी टी20 इंटरनेशनल रेटिंग को प्रभावित किया है। ICC ने रैंकिंग कार्यप्रणाली को संशोधित किया दरअसल, ऐतिहासिक संशोधन (Historical Revision) आईसीसी की एक नियमित प्रक्रिया है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ऐतिहासिक मैच डेटा की समीक्षा करने और व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए दिए गए रेटिंग अंकों की पुनर्गणना के बाद सभी प्रारूपों में अपने आधिकारिक रिकॉर्ड को अपडेट करती है। ऐसे समायोजन आमतौर पर तब होते हैं जब ICC अपनी रैंकिंग कार्यप्रणाली में बदलाव करता है, स्कोरकार्ड डेटा को सही करता है, या नई रैंकिंग नीतियां लाता है, जिसके परिणामस्वरूप क्रिकेटरों के रेटिंग अंकों में बदलाव होता है। इस प्रकार हाल ही में भी ऐसी ही एक प्रक्रिया होने की उम्मीद है, जहां जय शाह की अगुवाई वाली ICC ने अपनी हालिया नीतियों में संशोधन किया होगा। यह एक नियमित प्रक्रिया है और केवल विराट कोहली ही नहीं, बल्कि कई अन्य खिलाड़ी भी अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग में बढ़ौतरी या गिरावट का सामना करते हैं। हालांकि, विराट की रेटिंग में हालिया बदलाव के परिणामस्वरूप एक बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ, जिससे वह सभी प्रारूपों में 900+ रेटिंग वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। आईसीसी टी20 रैंकिंग में टॉप-10 बल्लेबाज कौन-कौन हैं? क्रम टीम खिलाड़ी रेटिंग पॉइंट करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग 1 ऑस्ट्रेलिया ट्रैविस हेड 856 885 बनाम स्कॉटलैंड एडिनबर्ग 2024 में 2 भारत अभिषेक शर्मा 829 829 बनाम इंग्लैंड मुंबई 2025 में 3 भारत तिलक वर्मा 804 845 बनाम इंग्लैंड चेन्नई 2025 में 4 इंग्लैंड फिल साल्ट 791 881 बनाम वेस्टइंडीज बारबाडोस 2024 में 5 इंग्लैंड जोस बटलर 772 774 बनाम वेस्टइंडीज ब्रिस्टल 2025 में 6 भारत सूर्यकुमार यादव 739 912 बनाम न्यूजीलैंड रांची 2023 में 7 श्रीलंका पथुम निसंका 727 728 बनाम बांग्लादेश पालेकेले 2025 में 8 न्यूजीलैंड टिम सीफर्ट 708 708 बनाम पाकिस्तान वेलिंगटन 2025 में 9 श्रीलंका कुसल परेरा 677 786 बनाम वेस्टइंडीज मीरपुर 2014 में 10 भारत यशस्वी जायसवाल 673 781 बनाम श्रीलंका पालेकेले 2024 में

इंग्लैंड की चाल उलटी पड़ी, गिल की आक्रामक बल्लेबाज़ी पर पूर्व ऑलराउंडर की खुलकर तारीफ

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने फील्ड पर जिस तरह आक्रामकता दिखाई, इंग्लैंड के खिलाड़ियों से उलझे, उसकी तुलना विराट कोहली की आक्रामकता से की जा रही है। हालांकि, तमाम पूर्व क्रिकेटर गिल की आक्रामकता को गैरजरूरी बता रहे। लॉर्ड्स में टीम की हार के बाद गिल अपनी आक्रामकता के लिए भारत और इंग्लैंड के आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने गिल का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता में कोई बुराई नहीं है। हालांकि, साथ में उन्होंने यह भी दावा किया कि संभवतः भारतीय कप्तान की आक्रामकता से ही लॉर्ड्स में इंग्लैंड के भीतर का सोया शेर जाग गया। लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन गिल इंग्लैंड के ओपनर्स जैक क्रॉली और बेन डकेट से मैदान में ही उलझ गए थे। दिन का खेल खत्म होने तक भारत को ज्यादा ओवर डालने का मौका न मिले, इसके लिए इंग्लैंड की टीम ने जानबूझकर देरी की रणनीति अपनाई। उनकी इस पैंतरेबाजी से गिल का सब्र जवाब दे गया और वह मैदान में ही अंग्रेज खिलाड़ियों से उलझ पड़े। इस दौरान गुस्से में उनके मुंह से शायद कुछ अपशब्द भी निकल गए थे। उसका नुकसान ये हुआ कि बल्लेबाजी के दौरान उनकी एकाग्रता भंग हुई और वह दूसरी पारी में 9 गेंद पर 6 रन बनाकर आउट हो गए। लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को आखिरी पारी में जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन पूरी टीम 170 रन पर आउट हो गई। फिलहाल ग्लोबल सुपर लीग में हिस्सा ले रहे मोईन अली ने गिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान तो बस प्रतिस्पर्धी बनने की कोशिश कर रहे थे। गिल का समर्थन करने के साथ-साथ मोईन ने एक अहम बात भी कही। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता से इंग्लैंड के भीतर की जुझारू प्रवृत्ति जाग गई। मोईन अली ने कहा, 'यह ठीक है। मुझे लगता है कि वह सिर्फ प्रतिस्पर्धी बनने और लड़ने की कोशिश कर रहे थे, बिल्कुल वैसे ही जैसे विराट कोहली करते थे। मुझे लगता है कि ये ठीक है। लेकिन आपने जो किया, उससे इंग्लैंड का बेस्ट बाहर निकल आया। सोया शेर जगा गया। मुझे लगता है कि यह इंग्लैंड का एक अलग तरह का पहलू है जिसे खिलाड़ियों ने दिखाया। यह सीरीज के लिए बहुत अच्छा है, मुझे नहीं पता उनकी (गिल) की आलोचना क्यों हो रही है।'