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पैट कमिंस पहले एशेज टेस्ट से बाहर, ऑस्ट्रेलियाई टीम को लगा तगड़ा झटका — ये खिलाड़ी संभालेगा कमान

सिडनी  ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस पीठ की चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के पहले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे. ऑस्ट्रेलियाई टीम के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने इस बात की पुष्टि कर दी है. कमिंस हालांकि इसी हफ्ते गेंदबाजी करना शुरू कर देंगे, ताकि दूसरे टेस्ट के लिए फिट हो सकें. पहला टेस्ट 21 नवंबर से पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में शुरू होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 4 दिसंबर से ब्रिस्बेन के द गाबा में खेला जाना है. एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने पत्रकारों से कहा, 'हमने पहले ही अंदाजा लगा लिया था कि उन्हें पूरी तरह फिट होने में चार हफ्ते से ज्यादा लगेंगे. अब हमारे पास समय नहीं बचा है. लेकिन हम दूसरे टेस्ट के लिए कमिंस को लेकर बहुत आशावादी हैं. इस हफ्ते कमिंस गेंदबाजी शुरू करेंगे जो बड़ी बात है. अब देखना होगा कि वे गेंदबाजी शुरू करने के बाद कैसा महसूस करते हैं. तभी तय होगा कि वो ब्रिस्बेन में खेल पाएंगे या नहीं.' सितंबर में वेस्टइंडीज दौरे से लौटने के बाद पैट कमिंस की पीठ में स्ट्रेस इंजरी का पता चला था. कमिंस पहले भी बैक इंजरी से जूझ चुके हैं, इसके चलते उनके पहले और दूसरे टेस्ट के बीच 5.5 साल का लंबा अंतराल देखने को मिला था. लेकिन इसके बाद वो काफी फिट रहे हैं और लगातार ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते रहे हैं. पर्थ टेस्ट में कौन करेगा कप्तानी? पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी करेंगे. स्मिथ पहले भी कमिंस की अनुपस्थिति में 6 टेस्ट मैचों में कप्तानी कर चुके हैं, जिनमें से 5 मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया जीता. 2021-22 के एशेज सीरीज का एडिलेड टेस्ट भी इसमें शामिल है, जब कमिंस को कोरोना संक्रमिक शख्स के संपर्क में आने के चलते बाहर रहना पड़ा था. स्टीव स्मिथ ने कुल मिलाकर 40 टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की है. इस दौरान कंगारू टीम ने 23 मुकाबले जीते, जबकि 10 मैचों में टीम को हार मिली. 7 मुकाबले ड्रॉ पर भी छूटे. पैट मिंस के बाहर होने के चलते पहले टेस्ट में तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड के खेलने की संभावना बढ़ गई है. बोलैंड ने वेस्टइंडीज दौरे पर मेजबान टीम के खिलाफ हैट्रिक ली थी. एंड्रयू  मैकडोनाल्ड कहते हैं, 'कमिंस हालांकि टीम के साथ यात्रा करेंगे, भले ही वे पहले टेस्ट में न खेलें. जब वह गेंदबाजी करते दिखेंगे तो लोगों को लगेगा कि वे क्यों नहीं खेल रहे. लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे टेस्ट में वे टीम में वापसी करेंगे. कप्तान का बाहर होना आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन जब स्कॉट बोलैंड जैसे गेंदबाज आपके पास हों, तो ये भी बुरी स्थिति नहीं है.' ऑस्ट्रेलियाई टीम का ऐलान तीसरे राउंड के शेफील्ड शील्ड मैचों के बाद यानी अगले हफ्ते किया जाएगा.

भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले हीली की स्थिति अनिश्चित

नवी मुंबई ऑस्ट्रेलिया को महिला विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले से पहले झटका लग सकता है। टीम की कप्तान एलिसा हीली का भारत के खिलाफ खेलना मुश्किल है। हीली 22 अक्तूबर को इंग्लैंड के खिलाफ मैच में नहीं खेल सकी थीं। हीली को पिंडली की चोट लगी है जिस कारण वह टीम के दो मैचों में खेल नहीं सकी हैं और अब उनका सेमीफाइनल में हिस्सा लेना भी मुश्किल है। अभ्यास सत्र में हीली को लगी थी चोट हीली को बांग्लादेश के खिलाफ मैच के बाद अभ्यास सत्र के दौरान चोट लगी थी। हीली विश्व कप में शानदार फॉर्म में चल रही हैं और उन्होंने भारत और बांग्लादेश के खिलाफ शतक लगाए थे। शनिवार को दक्षिण अफ्रीका पर टीम की शानदार जीत के बाद मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच शेली निश्चे से कप्तान हीली की फिटनेस के बारे में पूछा गया। निश्चे ने कहा कि इस समय हीली की फिटनेस का आकलन किया जा रहा है और ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि वह भारत के खिलाफ सेमीफाइनल खेलने के लिए फिट हो जाएंगी। हालांकि, उनके बयान से संकेत मिले कि हीली का इस महत्वपूर्ण मुकाबले में खेलना तय नहीं है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय नवी मुंबई में होने वाले मैच के करीब आने पर लिया जाएगा। निश्चे ने कहा, 'जाहिर है वह पूरी तरह से फिट नहीं थी, लेकिन उसका मूल्यांकन जारी रहेगा। हमें सेमीफाइनल के लिए पूरी उम्मीद है, लेकिन उससे पहले अभी कुछ दिन और बाकी हैं। हमें फिर भी उम्मीद है और जैसे-जैसे मैच नजदीक आएगा, उसका मूल्यांकन जारी रहेगा।' भारत के खिलाफ आगामी मैच के बारे में बात करते हुए निश्चे ने मेजबान टीम की एक मज़बूत प्रतिद्वंदी के रूप में प्रशंसा की और स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया के सामने एक बड़ी चुनौती है। दोनों टीमों के बीच ग्रुप चरण में एक रोमांचक मुकाबला हुआ था, जहां ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप के एक मैच में 331 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया था। हीली को 107 गेंदों में 142 रनों की शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।  

IND vs AUS: टी20 सीरीज का बदला टाइम, कितने बजे शुरू होगा कैनबरा में पहला मुकाबला?

नई दिल्ली  सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में एशिया कप 2025 की चैंपियन बनी टीम इंडिया लंबे इंतजार के बाद दोबारा मैदान पर उतरने वाली है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया वनडे के बाद अब 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलने वाली है. इस सीरीज का पहला मुकाबला 29 अक्टूबर को कैनबरा में खेला जाएगा. ऑस्ट्रेलिया में होने के कारण इस मुकाबले का समय भी अलग होने वाला है. वनडे सीरीज के दौरान सभी मुकाबला 9 बजे शुरू हो रहे थे.  कितने बजे से खेला जाएगा टी20 मैच?   भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली टी20 सीरीज के शुरू होने का समय साफ हो चुका है. ये मुकाबला दोपहर 1:45 पर शुरू होगा. ऑस्ट्रेलिया के समय अनुसार ये मुकाबला 7:15 बजे शुरू होगा. भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही टीमें फिलहाल अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं. ऐसे में दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलने वाली है. सूर्यकुमार यादव की टीम लगातार जीत दर्ज करके आ रही है, तो वहीं मिचेल मार्श की टीम ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करके सभी को प्रभावित किया है. 

पाकिस्तान की हार के बाद PCB का बड़ा फैसला, फातिमा ब्रिगेड के खाते पर पड़ी रोक

इस्लामाबाद   पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद महिला राष्ट्रीय टीम के हेड कोच मुहम्मद वसीम का अनुबंध नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। पाकिस्तान आठ टीमों की प्रतियोगिता तालिका में सातवें स्थान पर रहा, लेकिन अगर बांग्लादेश अपने आखिरी मैच में अच्छा प्रदर्शन करता है तो वह आखिरी स्थान पर खिसक सकता है। पाकिस्तान ने कोलंबो में अपने सात मैचों में से चार मैच गंवाए जबकि उसके बाकी तीन मैच बारिश की भेंट चढ़ गए थे।   पीसीबी के एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी इस बात से निराश हैं कि वसीम ने वादे के अनुसार काम नहीं किया। पीसीबी ने पिछले साल वसीम को महिला टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया था। उनके कार्यकाल में पाकिस्तान एशिया कप सेमीफाइनल में श्रीलंका से हार गया था और फिर दक्षिण अफ्रीका में महिला टी 20 विश्व कप के चार मैचों में से सिर्फ एक मैच में जीत हासिल कर सका था। सूत्र ने बताया कि पीसीबी अध्यक्ष को यह भी शिकायत थी कि मुख्य कोच अपने रवैये के कारण टीम के अन्य अधिकारियों के साथ सहज नहीं रह पाते हैं। पीसीबी अगले कुछ दिनों में नए मुख्य कोच की घोषणा कर सकता है और वह एक विदेशी कोच के साथ बातचीत कर रहा है। पाकिस्तान का अभियान टूर्नामेंट में निराशाजनक रहने के बाद कप्तान कप्तान फातिमा सना ने कहा कि टीम के खराब अभियान में मौसम का योगदान रहा। उन्होंने कहा, ''टूर्नामेंट के दौरान हम गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में बहुत अच्छे थे लेकिन बल्लेबाजी में कमजोर रहे।'' उन्होंने कहा, ''हम ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ अच्छी स्थिति में थे लेकिन दुर्भाग्य से हम जीत हासिल नहीं कर पाए।''  

ODI इतिहास की सबसे आईकॉनिक पारी: हैरी ब्रूक ने जीत नहीं, पर दिल जीत लिए

नई दिल्ली  इंग्लैंड के कप्तान और विस्फोटक बल्लेबाज हैरी ब्रूक की इस समय हर जगह तारीफ हो रही है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने 135 रनों की धुआंधार पारी खेली। उनकी इस पारी को वनडे क्रिकेट की सबसे आईकॉनिक पारियों में से एक बताया जा रहा है। दरअसल, हैरी ब्रूक न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में उस समय बैटिंग करने उतरे जब टीम का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर मात्र 5 रन था। ऐसी स्थिति में आगकर टीम के लिए शतक जड़ना सचमुच काबिले तारीफ है। हैरी ब्रूक ने अपनी इस पारी के दम पर इंग्लैंड को 223 के स्कोर तक पहुंचा, मगर गेंदबाज इस स्कोर को डिफेंड नहीं कर सके। टीम के हारने के बावजूद हैरी ब्रूक को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। हैरी ब्रूक ने अपनी इस पारी के दौरान कई रिकॉर्ड्स तोड़े-       इंग्लैंड के कुल 223 रनों में हैरी ब्रुक के बल्ले से 60.53 प्रतिशत रनों का योगदान आया। यह वनडे मैचों में इंग्लैंड के लिए एक पूरी पारी में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा योगदान है। इससे पहले यह रिकॉर्ड रॉबिन स्मिथ के नाम था जिन्होंने 1993 में बर्मिंघम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड के 5 विकेट पर 277 रन के स्कोर में नाबाद 167 रन बनाए थे, उनका योगदान इस मैच में 60.28 का था।     ब्रूक का योगदान वनडे क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा ऑल आउट पारी में किया गया छठा सबसे बड़ा योगदान है। इस लिस्ट में टॉप पर डेविड वॉर्नर है जिन्होंने 2022 में जिम्बाब्वे के खिलाफ जब ऑस्ट्रेलिया 141 के स्कोर पर ढेर हो गई थी तब 94 रन बनाकर 66.66 प्रतिशत रनों का योगदान दिया था।     न्यूजीलैंड के खिलाफ ब्रूक के 135 रन इंग्लैंड के लिए वनडे में पांचवें या उससे नीचे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। जोस बटलर ने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 150 रन बनाए थे।     जब ब्रूक बैटिंग करने आए तब इंग्लैंड का स्कोर 5/3 था। ब्रूक से पहले वनडे इतिहास में सिर्फ दो बल्लेबाज ही टीम के 10 रन से कम पर तीन विकेट गिरने के बाद शतक जड़ पाए हैं – सरफराज अहमद ने 2016 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ 3/2 से 105 रन बनाए थे और युवराज सिंह ने 2005 में हैदराबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3/5 से 103 रन बनाए थे।     इंग्लैंड का 223 रनों का यह स्कोर वनडे क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है, जिसमें आठ बल्लेबाज सिंगल डिजिट पर आउट हुए। इससे पहले सबसे ज्यादा स्कोर 1984 में वेस्टइंडीज द्वारा इंग्लैंड के खिलाफ 9 विकेट पर 272 रन का था, जिसमें विव रिचर्ड्स ने नाबाद 189 रन बनाए थे।     वनडे मैच में 10 या उससे कम रनों पर चार विकेट गिरने के बावजूद किसी टीम के 200 रनों के आंकड़े को पार करने के पिछले उदाहरण 1997 का है, जब पाकिस्तान ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 9 रन पर चार विकेट गिरने के बावजूद 262 रन बनाए थे। वहीं भारत ने ऐसा 1983 में जिम्बाब्वे के खिलाफ किया था। कपिल देव ने उस मैच में 175 रनों की धुआंधार पारी खेली थी।     हैरी ब्रूक ने इस मैच में छक्कों की हैट्रिक के साथ अपना शतक पूरा किया। वह 86 से सीधा 104 के स्कोर पर पहुंचे। 2002 से ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ है। इससे पहले 2023 वर्ल्ड कप में ग्लेन मैक्सवेल ने नीदरलैंड्स के खिलाफ ऐसा किया था। वहीं शुभमन गिल ने 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना दोहरा शतक पूरा करने के लिए लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के लगाए थे।  

वर्ल्ड रिकॉर्ड ब्रेकिंग: इस भारतीय के नाम ODI में सबसे ज्यादा 0 पर आउट होने की शर्मनाक लेकिन अद्भुत पारियां

नई दिल्ली  न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज केन विलियमसन के हाथ उस समय निराशा लगी जब वह इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे खेलने माउंट माउंगानुई के बे ओवल मैदान पर उतरे। चैंपियंस ट्रॉफी के बाद पहला इंटरनेशनल मैच था, मगर अपने कमबैक मैच में वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए। केन विलियमसन के डेब्यू को 15 साल हो गए हैं, मगर यह उनके करियर का पहला गोल्डन डक है। इसी के साथ वनडे क्रिकेट में उनकी 80 पारियों से चली आ रही 0 पर ना आउट होने की स्ट्रीक का भी अंत हुआ। केन विलियमसन के वनडे करियर का यह कुल 6ठा डक था, वह आखिरी बार 0 पर 2016 में आउट हुए थे। बिना 0 पर आउट हुए लगातार सबसे ज्यादा पारियां खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड राहुल द्रविड़ के नाम है। 1999 से 2004 के बीच द्रविड़ ने लगातार 120 पारियां खेली थी, जिसमें वह 0 पर आउट नहीं हुए थे। इस लिस्ट में कुल तीन ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वनडे में लगातार 100 से ज्यादा पारियां बिना 0 पर आउट हुए खेली। राहुल द्रविड़ के अलावा न्यूजीलैंड के मार्टिन क्रो 119 तो ऑस्ट्रेलिया के केप्लर वेसल्स 105 पारियां बिना 0 पर आउट हुए खेली। बिना डक पर आउट हुए वनडे में सबसे ज्यादा पारियां- राहुल द्रविड़- 120 मार्टिन क्रो- 119 केप्लर वेसल्स- 105 सिकंदर रजा- 98 जावेद मियादाद- 95 विलियमसन अब न्यूज़ीलैंड के लिए पार्ट टाइम कॉन्ट्रैक्ट पर खेल रहे हैं और अपने अंतरराष्ट्रीय मैचों का चयन बहुत सोच-समझकर कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने काउंटी क्रिकेट और द हंड्रेड पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कई राष्ट्रीय मैचों—टेस्ट मैचों सहित—से दूरी बना ली थी। बात मैच की करें तो, इंग्लैंड ने इस मैच में न्यूजीलैंड के सामने 224 रनों का टारगेट रखा, इसमें से 135 रन अकेले कप्तान हैरी ब्रूक ने बनाए। इस स्कोर का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड दूसरे ही ओवर में आउट हो गए जब न्यूजीलैंड का स्कोर 12 रन था। विलियमसन के रूप में न्यूजीलैंड का यह दूसरा विकेट गिरा था।  

हरमनप्रीत का रणनीति वार: भारत ने टॉस जीता, टीम में किया महत्वपूर्ण बदलाव

नई दिल्ली  भारत और बांग्लादेश के बीच महिला विश्व कप का 28वां मुकाबला रविवार को डॉ. डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में खेला जा रहा है। भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। भारत ने तीन बदलाव किए हैं। उमा डेब्यू कर रहीं हैं। भारतीय टीम सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुकी है, जहां उसका सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। वहीं बांग्लादेश की टीम अभी तक टूर्नामेंट में सिर्फ एक मुकाबला जीत सकी है। भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बांग्लादेश के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। भारत ने तीन बदलाव किए हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच रविवार को महिला विश्व कप 2025 का आखिरी लीग मुकाबला रविवार को डॉ. डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में खेला जाएगा।  

‘जी-हुजूरी’ वाले विवाद पर श्रीकांत की सफाई, बोले – हर्षित राणा को लेकर मेरी बात का गलत मतलब निकाला गया

नई दिल्ली  पूर्व भारतीय कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज से पहले तेज गेंदबाज हर्षित राणा की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने भारतीय वनडे टीम में 23 वर्षीय हर्षित के सिलेक्शन पर सवाल उठाया था। उन्होंने यहां कह दिया कि राणा को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए वनडे टीम में इसलिए चुना गया क्योंकि वह हेड कोच गौतम गंभीर की जी-हुजूरी करते हैं। हालांकि, 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य श्रीकांत ने वनडे सीरीज समाप्त होने के बाद अब हर्षित की तारीफ की है। हर्षित ने सिडनी में आयोजित तीसरे वनडे में 8.4 ओवर में 39 रन देकर चार विकेट चटकाए। उन्होंने एलेक्स कैरी (24), कूपर कोनोली (23) मिचेल ओवेन (1), जोश हेजलवुड (V) का शिकार किया और ऑस्ट्रेलिया को 236 रन पर रोका। भारत ने सिडनी में 9 विकेट से जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमाया। श्रीकांत ने तीसरे वनडे के बाद अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “हर्षित राणा ने शानदार गेंदबाजी की। एक वनडे में चार विकेट लेना बड़ी उपलब्धि है। ओवेन का विकेट मेरा पसंदीदा रहा। उन्होंने शानदार गेंद डाली और रोहित शर्मा ने एक बेहतरीन कैच लपका। हर्षित ने शानदार लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की। पिछले मैच में डेथ ओवरों में काफी नुकसान हुआ था लेकिन इस मैच में उन्होंने डेथ ओवरों में भी बहुत अच्छी गेंदबाजी की। उन्होंने सिडनी में शॉर्ट बॉलिंग नहीं की और न ही बहुत ज्यादा स्लोअर गेंदें फेंकी। हर्षित राणा इस मैच के लिए तारीफ के हकदार हैं। मैं उनके लिए बहुत खुश हूं। हां, मैंने आपकी बहुत आलोचना की लेकिन आखिरकार आपने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने पिछले मैच में बल्ले से रन बनाने और गेंद से पहले स्पैल के बाद अपना आत्मविश्वास वापस पा लिया।” बता दें कि हर्षित को पहले वनडे में कोई विकेट नहीं मिला था। उन्होंने एडेलिड में दूसरे वनडे में नाबाद 24 रन बनाने के अलावा दो विकेट चटकाए। हालांकि, हर्षित ने एडिलेड में 8 ओवर मे 59 रन लुटा दिए दिए थे। कप्तान शुभमन गिल का कहना है कि अगर हर्षित बल्ले से 20 से 25 रन का योगदान कर सकते हैं तो वह आठवें नंबर पर गेंदबाजी ऑलराउंडर हो सकते हैं, जिसकी भारत को तलाश है। गिल ने सिडनी वनडे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''मुझे लगता है कि हमारे लिए आठवें नंबर के स्थान के लिए अगर कोई बल्लेबाज वहां 20-25 रन बना सकता है तो यह बहुत अहम स्थान बन सकता है। हमें भरोसा है कि हर्षित ऐसा कर सकता है।'' उन्होंने कहा, ''बहुत कम तेज गेंदबाज हैं जो लंबे हैं और जो 140 से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं। इसलिए अगर हम दक्षिण अफ्रीका (2027 वनडे वर्ल्ड कप) को देखें तो ऐसी विकेटों पर ऐसे गेंदबाज बहुत अहम हो जाते हैं।''  

कोहली ने लिखा नया इतिहास – सचिन का रिकॉर्ड अब बीते ज़माने की बात!

नई दिल्ली टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का बल्ला आखिरकार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में चला। पहला दो वनडे में विराट खाता भी नहीं खोल पाए थे। सिडनी वनडे में पहला रन बनाने के बाद उनके चहरे पर खुशी देखने वाली थी। पहला रन लेते ही उन्होंने अपनी नर्वस को सेटल किया और फिर चेज मास्टर का असली रूप दिखाया। ऑस्ट्रेलिया द्वारा मिले 237 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए विराट कोहली ने 74 रनों की नाबाद पारी खेली, इस दौरान उन्होंने रोहित शर्मा के साथ शतकीय साझेदारी भी की, जिन्होंने नाबाद 121 रन बनाए। विराट कोहली ने अपनी इस पारी के दम पर इतिहास रच दिया है, वह लिमिटेड ओवर में सचिन तेंदुलकर का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। लिमिटेड ओवर क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर ने सिर्फ एक टी20 मैच खेला था, जिसमें उन्होंने 10 रन बनाए थे। वहीं वनडे क्रिकेट में उनके नाम सबसे अधिक 18426 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह कहना मुश्किल है कि वनडे में विराट कोहली सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा रन बनाने के रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे या नहीं, मगर उन्होंने वनडे और टी20 मिलाकर लिमिटेड ओवर क्रिकेट में उन्हें जरूर पछाड़ दिया है। विराट कोहली के नाम वनडे क्रिकेट में 14255 रन है, जो इस फॉर्मेट में दुनिया के किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए दूसरे सबसे अधिक रन है। वहीं टी20 में उनके नाम 4188 रन दर्ज है। वह सबसे छोटे फॉर्मेट में भी सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में तीसरे पायदान पर हैं। लिमिटेड ओवरों में सबसे ज्यादा रन (वनडे+T20I) 18443 – विराट कोहली* 18436 – सचिन तेंदुलकर 15616 – के. संगकारा 15601 – रोहित शर्मा* 14143 – एम. ​​जयवर्धने 14105 – रिकी पोंटिंग भारत 9 विकेट से जीता रोहित शर्मा और विराट कोहली की शानदार बैटिंग के दम पर सीरीज में लाज बचाने में कामयाब रहा। पहले दो मैच हारकर टीम इंडिया पर सूपड़ा साफ होने का खतरा मंडरा रहा था, मगर आखिरी मुकाबले को भारत ने 9 विकेट से जीता। भारत की अगली वनडे सीरीज साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर है।

HIL 2025-26: हीरो हॉकी इंडिया लीग का पूरा शेड्यूल घोषित, इस दिन से शुरू होगा धमाकेदार सीजन

रांची हीरो हॉकी इंडिया लीग के आगामी सीजन (2025-26) के लिए पुरुष और महिला वर्ग के शेड्यूल की घोषणा कर दी गई है। हीरो हॉकी इंडिया लीग ने शनिवार को 2025-26 सीजन की हीरो पुरुष और महिला लीग के आधिकारिक शेड्यूल की घोषणा की। महिला लीग 28 दिसंबर से 10 जनवरी तक रांची में आयोजित होगी। पुरुष लीग 3 से 26 जनवरी तक चेन्नई, रांची और भुवनेश्वर में होगी। घोषणा रांची के मारांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल और युवा मामले मंत्री सुदिव्य कुमार थे। इस मौके पर हॉकी इंडिया के महासचिव और एचआईएल गवर्निंग कमेटी के सदस्य भोला नाथ सिंह, रांची रॉयल्स टीम के मालिक अल्विश एम.ए., और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मनदीप सिंह, आशीष तानी पुर्ती, संगीता कुमारी, दीपिका सोरेंग, निक्की प्रधान एवं ब्यूटी डुंग डुंग भी उपस्थित रहीं। हीरो हॉकी इंडिया लीग गवर्निंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, "पिछले सीजन की सफलता के बाद हम इस बार और भी रोमांचक प्रतियोगिता देखने जा रहे हैं। हमने पुरुष लीग को तीन शहरों तक विस्तारित किया है ताकि अधिक से अधिक प्रशंसक इस विश्वस्तरीय हॉकी का आनंद ले सकें।” हॉकी इंडिया लीग गवर्निंग कमेटी के सदस्य भोला नाथ सिंह ने कहा, "हीरो हॉकी इंडिया लीग भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का संगम बन चुकी है। देशभर में फैले मैच और बढ़ते प्रशंसक जुड़ाव के साथ यह सीजन अब तक का सबसे यादगार होगा।" कार्यक्रम के दौरान रांची रॉयल्स का आधिकारिक लोगो लॉन्च किया गया। लोगो टीम की जीवंत भावना और झारखंड की समृद्ध हॉकी विरासत के साथ मजबूत संबंध का प्रतीक है। 28 दिसंबर से 10 जनवरी 2026 तक रांची में होने वाली महिला लीग में कुल 13 मैच खेले जाएंगे। भाग लेने वाली चार टीमों रांची रॉयल्स, एसजी पाइपर्स, जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब, और श्राची रारह बंगाल टाइगर्स के बीच डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में मुकाबले होंगे। अंक तालिका की शीर्ष दो टीमें 10 जनवरी को फाइनल में भिड़ेंगी। टूर्नामेंट में नीदरलैंड, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और ग्रेट ब्रिटेन जैसे 10 से अधिक देशों की महिला खिलाड़ी भाग लेंगी। पुरुष लीग 3 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक चलेगी। पहला चरण चेन्नई में, दूसरा रांची में और तीसरा भुवनेश्वर में आयोजित होगा। पुरुष लीग में आठ टीमें तमिलनाडु ड्रैगन्स, हैदराबाद तूफान, जीएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब, श्राची रारह बंगाल टाइगर्स (वर्तमान चैंपियन), वेदांता कलिंग लांसर्स, रांची रॉयल्स, एसजी पाइपर्स और एचआईएल गवर्निंग काउंसिल हिस्सा लेंगी। पुरुष लीग में 33 मैच खेले जाएंगे, जिनमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, जर्मनी, इंग्लैंड, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे शीर्ष हॉकी राष्ट्रों के खिलाड़ी शामिल होंगे। सभी टीमें सिंगल राउंड-रॉबिन प्रारूप में एक-दूसरे से खेलेंगी। शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी। क्वालिफायर 1 और एलिमिनेटर 23 जनवरी (भुवनेश्वर) को खेला जाएगा। दूसरा क्वालिफायर 25 जनवरी को खेला जाएगा। फाइनल और तीसरे स्थान के लिए मैच 26 जनवरी को कलिंग स्टेडियम, भुवनेश्वर में खेला जाएगा।