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भारतीय शटलर किरण जॉर्ज का सफर खत्म, मन्नेपल्ली स्विस ओपन के दूसरे राउंड में

बासेल भारतीय शटलर किरण जॉर्ज यहां स्विस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष एकल के प्री क्वार्टरफाइनल में हांगकांग के जेसन गुणावन से हारकर बाहर हो गए जबकि युवा थारुन मन्नेपल्ली ने जापान के अपने प्रतिद्वंदी केंटा निशिमोटो के निर्णायक सेट में रिटायर होने के बाद दूसरे दौर में जगह बनाई। जॉर्ज ने कड़ी टक्कर दी लेकिन 70 मिनट तक चले राउंड 16 मैच में 18-21, 21-16, 16-21 से हार गए। भारत के हरिहरन अम्साकारुनन और एम आर अर्जुन की पुरुष युगल जोड़ी भी प्री क्वार्टर फाइनल में हार गई। उन्हें चीनी ताइपे के चेन चेंग कुआन और लिन बिंग-वेई ने 32 मिनट में 17-21, 11-21 से हराया। भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार पुरुष युगल जोड़ी का मुकाबला आज रात प्री क्वार्टर फाइनल मैच में जापान के हिरोकी ओकामुरा और क्योहेई यामाशिता की जोड़ी से होगा। विश्व रैंकिंग में 43वें स्थान पर काबिज मन्नेपल्ली बुधवार की रात खेले गए इस मैच में तब 16-21 21-16 7-2 से आगे चल रहे थे, जब पांचवीं वरीयता प्राप्त निशिमोटो ने कंधे में दर्द के कारण मैच से हटने का फैसला किया। पिछले साल मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले 24 वर्षीय मन्नेपल्ली का अगला मुकाबला मलेशिया के जस्टिन होह से होगा। इस बीच महिला एकल में मालविका बंसोड़ थाईलैंड की विश्व में चौथे नंबर की खिलाड़ी पोर्नपावी चोचुवोंग से एकतरफा मुकाबले में 11-21, 15-21 से हार गईं। थाईलैंड की खिलाड़ी के खिलाफ यह उनकी चौथी हार है।  

BNP Paribas ओपन में सबालेंका-सिनर की धाक, शानदार जीत के साथ पहुंचे सेमीफाइनल

इंडियन वेल्स एरिना सबालेंका ने बीएनपी परीबस ओपन क्वार्टर फाइनल में विक्टोरिया एमबोको को 7 . 6, 6 . 4 से हराकर इंडियन वेल्स टेनिस खिताब की ओर अगला कदम बढा दिया । यानिक सिनर , अलेक्जेंडर ज्वेरेव और दानिल मेदवेदेव भी पुरूष वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए । मेदवेदेव ने विवादास्पद अंपायर कॉल का फायदा उठाकर गत चैम्पियन जैक ड्रेपर को 6 . 1, 7 . 5 से हराया । मेदवेदेव का सामना अब कार्लोस अल्काराज या कैमरन नॉरी से होगा जबकि दूसरे सेमीफाइनल में सिनर की टक्कर ज्वेरेव से होगी । सबालेंका सेमीफाइनल में चेक गणराज्य की 14वीं वरीयता प्राप्त लिंडा नोस्कोवा से खेलेंगी जिन्होंने आस्ट्रेलिया की गैर वरीय तालिया गिब्सन को 6 . 2, 4 . 6, 6 . 2 से मात दी । नौवीं वरीयता प्राप्त यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना भी पोलैंड की दूसरी वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक को 6 . 2, 4 . 6, 6 . 4 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंच गई । अब उनका सामना एलेना रिबाकिना से होगा जिसने अमेरिका की जेसिका पेगुला को 6 . 1, 7 . 6 से मात दी ।  

गोल्ड जीतकर भी संतुष्ट नहीं प्रीति पाल, प्रदर्शन पर खुद ही उठाए सवाल

नई दिल्ली महिलाओं की 100 मीटर टी35 इवेंट में गोल्ड जीतने के बाद भी 2024 पैरालिंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वालीं प्रीति पाल निराश हैं। प्रीति को इस बात का मलाल रह गया कि वह यहां वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाईं। प्रीति ने कहा कि वह पिछले एक महीने से लगातार प्रैक्टिस कर रही थीं, इसके बावजूद भी उन्होंने वो गलतियां कीं, जो वह प्रैक्टिस में भी नहीं करती हैं। प्रीति ने उम्मीद जताई है कि वह अगली रेस में बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश करेंगी। भारतीय पैरा धावक ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री के पहले दिन 14.46 सेकंड का समय निकालकर टॉप स्थान हासिल किया। हालांकि, प्रीति ने कहा कि रेस के आखिर में थकान की वजह से वह अपना बेस्ट प्रदर्शन नहीं कर सकीं। प्रीति ने ‘आईएएनएस’ को बताया, “यह मेरी 100 मीटर रेस थी। आखिर में मैं थक गई थी और मुझे उस पल इसका एहसास नहीं हुआ। बाद में मैंने रेस फिर से देखी तो मुझे समझ आया।” गोल्ड मेडल जीतने के बाद भी भारतीय एथलीट ने जोर देकर कहा कि टाइमिंग ज्यादा महत्व रखती है, खासकर जब आगे बड़े टूर्नामेंट होने वाले हों। उन्होंने कहा, “ग्रैंड प्रिक्स में गोल्ड मेडल जीतना सबसे जरूरी बात नहीं है — टाइमिंग ज्यादा मायने रखती है, क्योंकि मेरा असली लक्ष्य एशियन गेम्स और पैरालिंपिक में गोल्ड जीतना है।” रेस का रिव्यू करने के बाद प्रीति ने माना कि कुछ टेक्निकल गलतियां थीं, जो वह ट्रेनिंग के दौरान बहुत कम करती हैं। उन्होंने कहा, “जब मैंने अपनी रेस का रिव्यू किया और दूसरों ने भी मुझे बताया, तो मुझे एहसास हुआ कि कुछ गलतियां हुई थीं। ये चीजे आमतौर पर ट्रैक पर प्रैक्टिस के दौरान नहीं होतीं, लेकिन यहां ऐसा हुआ। पिछले एक महीने से मैं लगातार पर्सनल बेस्ट टाइमिंग दे रही थी, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।” निराशा के बावजूद, प्रीति ने कहा कि वह अपनी गलतियों से सीखकर अपने इवेंट में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी। प्रीति ने बताया, “मैंने गलतियों और सीखों को समझ लिया है और मैं उन्हें कल की 200 मीटर रेस में लागू करूंगी। मैं वहां अपना बेस्ट देने की कोशिश करूंगी। पिछली रेस में मैंने देखा कि मेरा ड्राइव फेज बहुत खराब हो गया था, इसलिए मैं अगली रेस में इसे सुधारने की कोशिश करूंगी।” प्रीति ने कहा कि उन्हें यहां पर कड़ा मुकाबला नहीं मिला। उन्होंने कहा, “मुझे यहां सच में उस स्तर का मुकाबला नहीं मिला जहां कोई मुझे हरा सके। दूसरों ने भी अपना बेस्ट दिया, लेकिन अगर मेरे पास कोई दूसरा एथलीट होता जो साइड से पुश कर रहा होता, तो शायद मैं खुद को और भी ज्यादा पुश कर पाती। इस वजह से मुझे लगता है कि मैं अपना पूरा ज़ोर नहीं लगा पाई।” प्रीति का मानना है कि कई इंटरनेशनल मीट में हिस्सा लेने से उन्हें एशियन गेम्स और पैरालिंपिक जैसे बड़े इवेंट्स की तैयारी के लिए सुधार की जगहों को पहचानने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “यह अनुभव हमें सीखने और डर दूर करने में मदद करते हैं। जब तक एशियन गेम्स आएंगे, तब तक हमें प्रेशर से निपटने की ज्यादा आदत हो जाएगी।”  

69.25 मीटर की शानदार थ्रो, सुमित अंतिल ने देश के नाम किया गोल्ड

नई दिल्ली पैरा एथलीट सुमित अंतिम ने नई दिल्ली 2026 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स के दूसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। प्रतियोगिता में अन्य भारतीय एथलीट ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक जीते। आज दिन का सबसे खास पल पुरुषों की जेवलिन थ्रो एफ 43/ एफ 44/ एफ64 थी, जिसमें पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने सभी भारतीयों के पोडियम को लीड किया। अंतिल ने 69.25 मीटर के दमदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि पुष्पेंद्र सिंह ने 56.91मी के साथ रजत और पूनम राम ने 49.48मी के साथ कांस्य पदक जीता। जीत के बाद, सुमित अंतिल ने कहा, “इस बार हमारे पास कई टूर्नामेंट हैं। मैं आने वाले कॉम्पिटिशन में अच्छा परफॉर्म करने की कोशिश करूंगा। यह मेरे लिए ऑफ-सीजन लोडिंग फेज है। मुझे ऐसे थ्रो की उम्मीद नहीं थी; मुझे लगभग 67–68मी की उम्मीद थी, लेकिन आज थ्रो 69.25मी पर अच्छा था। इसलिए मैं खुश हूं, और मेरी टीम भी खुश है।” उन्होंने कहा, “मैं अपनी टेक्निक नहीं बदल रहा हूं क्योंकि हम जानते हैं कि हम अपनी ट्रेनिंग में सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अभी, हमें बस सही कंडीशन चाहिए जहां थ्रो बिल्कुल सही जगह पर हो। इसीलिए मैं टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहा हूं ताकि मुझे कहीं न कहीं वे कंडीशन मिल सकें। मेरा टारगेट एशियन गेम्स हैं, और मेरा गोल 75m है। मैंने अभी तक प्रैक्टिस में इसे हासिल नहीं किया है, और किसी एथलीट ने अभी तक ऐसा नहीं किया है, लेकिन मैं उस मार्क तक पहुंचने के लिए टेक्निक या ताकत में जो भी सुधार हो सकते हैं, उन पर काम कर रहा हूं।” पुरुषों की 400 मीटर दौड़ टी 13 में भी भारत का दबदबा रहा, जिसमें सुबोध भट्ट ने 51.88 सेकंड में स्वर्ण जीता, उसके बाद प्रियांशु कौशिक ने 53.19 सेकंड में रजत और अवनिल कुमार ने 56.91 सेकंड में कांस्य पदक जीता। पुरुषों की 400 मी दौड़ टी 46/ टी 47 में, भाविककुमार दीन भरवाड़ ने 49.89 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण जीता, जबकि साथी भारतीय जसबीर 50.09 सेकंड में रजत पदक जीतने के लिए उनके ठीक पीछे रहे। सर्बिया के इवान क्वेतकोविक ने 50.93 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुषों की 400 मी दौड़ टी53/ टी 54 की व्हीलचेयर कैटेगरी में भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा, जिसमें मनोजकुमार सबपति ने 54.33 सेकंड में स्वर्ण, अनिल कुमार ने 57.57 सेकंड में रजत और मणिकंदन जोथी ने 1:01.94 के समय के साथ कांस्य पदक जीता। महिलाओं के इवेंट्स में भी भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं की 400मी दौड़ टी 11/ टी12 में, तेजलबेन अमराजी डामोर ने 57.53 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण जीता, ललिता किलाका ने 1:07.92 के समय के साथ रजत जीता, और शालिनी चौधरी ने 1:16.79 के समय के साथ कांस्य पदक जीतकर एक और भारतीय पोडियम स्वीप पूरा किया। फील्ड इवेंट्स में, लक्ष्मी ने महिलाओं की शॉट पुट एफ 36/ एफ 37/ एफ 40 में 7.76 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण जीता, जबकि अकुताई सीताराम उलभगत ने 5.49मी. के साथ रजत और भूटान की चिमी डेमा ने 5.27मी. के साथ कांस्य जीता। भारत ने पुरुषों की लॉन्ग जंप टी 42/ टी 63 में भी पोडियम पर कब्जा किया, जिसमें शैलेश कुमार ने 5.47 मीटर की जंप के साथ स्वर्ण जीता, रामसिंहभाई गोविंदभाई पढियार ने 4.68मी के साथ रजत और सोलाईराज जगन्नाथन ने 3.23मी के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुषों की शॉट पुट एफ46 में भी एक और क्लीन स्वीप हुआ, जहाँ रोहित कुमार ने 14.35 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण जीता, देवेंद्र सिंह गुर्जर ने 13.97मी. के साथ सिल्वर और लोकेश अकुला ने 10.92मी. के साथ कांस्य पदक जीता। भारत ने थ्रोइंग इवेंट्स में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा, जिसमें साहिल सलीम सैय्यद ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो एफ 51/एफ55 में 36.83 मीटर के साथ स्वर्ण जीता, इसके बाद सुखचैन ने रजत (30.49मी) और सुधीर ने कांस्य (28.78मी) जीता। पुरुषों की जेवलिन थ्रो एफ 12/ एफ 13 में, मनजीत ने 57.86 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण जीता, प्रतीक अमृतराव पाटिल ने 50.43मी के साथ रजत जीता, और इरफान दीवान ने 45.39मी के साथ कांस्य जीता, जिससे भारत के लिए एक और पोडियम स्वीप पूरा हुआ। पुरुषों की जेवलिन थ्रो एफ 40/ एफ41 में भी भारत का दबदबा रहा, जिसमें सुनील कुमार ने 32.58 मीटर के साथ स्वर्ण जीता, प्रिंस कुमार ने 31.23मी. के साथ रजत जीता, और कथिर धनसेकरन ने 18.73मी के साथ कांस्य जीता। दूसरे प्रदर्शनों में, मोहित पाल ने पुरुषों की 400मी. दौड़ टी 12 में 54.39 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता, जबकि लकी यादव ने 1:04.27 के साथ रजत जीता। कॉम्पिटिशन के दौरान इंटरनेशनल एथलीटों ने भी प्रभावित किया। पुरुषों की 400मी. दौड़ टी-20 में, रूस ने तीनों पदक जीते, जिसमें सर्गेई मकारोव सबसे आगे रहे, जिन्होंने 49.20 सेकंड में स्वर्ण जीता। वहीं, रूस की नतालिया साईंचिना ने महिलाओं की 400मी दौड़ टी 20 में 1:00.52 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण जीता।  

काव्या मारन पर घिरा विवाद, पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने के बाद सनराइजर्स लीड्स का X अकाउंट बंद

लंदन इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड (The Hundred) में प्लेयर्स ऑक्शन के बाद सनराइजर्स लीड्स अचानक विवादों में आ गई है. इस टीम ने 2026 सीजन के ऑक्शन में गुरुवार (12 मार्च) को पाकिस्तानी मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भारी बहस छिड़ गई. यह फैसला इसलिए चर्चा में है क्योंकि किसी भारतीय ओनर्स वाली फ्रेंचाइजी ने पहली बार द हंड्रेड में पाकिस्तानी खिलाड़ी को अपनी टीम से जोड़ा है। अबरार अहमद की खरीद के बाद भारत में कई क्रिकेट फैन्स ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई. यूजर्स ने सनराइजर्स फ्रेंचाइजी और उसकी सीईओ काव्या मारन को निशाने पर लेते हुए कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन करना 'राष्ट्रीय भावना' के खिलाफ है. कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि जब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में 2008 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेले, तो कोई भारतीय ओनर्स वाली टीम ऐसा कदम कैसे उठा सकती है. बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तानी खिलाड़ी 2008 के बाद से आईपीएल में हिस्सा नहीं ले पाए हैं। लंदन में हुई नीलामी के दौरान काव्या मारन खुद ऑक्शन टेबल पर मौजूद थीं. उनके साथ टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी भी थे. सनराइजर्स लीड्स ने ऑक्शन के दौरान ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ते हुए अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया. अबरार को खरीदने के कुछ घंटों बाद सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक X अकाउंट भी सस्पेंड हो गया. हालांकि प्लेटफॉर्म की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अकाउंट को किस वजह से सस्पेंड किया गया। सनराइजर्स लीड्स का स्वामित्व भारतीय मीडिया कंपनी सन ग्रुप के पास है, जिसका नेतृत्व उद्योगपति कलानिधि मारन करते हैं. पिछले साल इस ग्रुप ने सनराइजर्स लीड्स में पूरी हिस्सेदारी हासिल की थी. इससे पहले यह टीम नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के नाम से जानी जाती थी। कोच विटोरी ने दी सफाई टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी ने बताया कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अबरार अहमद के बारे में सलाह ली थी. उनकी गेंदबाजी और मिस्ट्री स्पिन को देखते हुए टीम ने उन्हें खरीदने का फैसला किया. विटोरी ने यह भी साफ किया कि टीम मैनेजमेंट ने इस बात पर कोई अलग बैठक नहीं की थी कि ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेना है या नहीं। द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में सोल्ड होने वाले अबरार अहमद दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी रहे. उनसे पहले पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक को बर्मिंघम फोनिक्स ने लगभग 1.40 लाख पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपये) में खरीदा था।  

अब क्या है टीम इंडिया का अगला मिशन? अगले 1 साल का पूरा क्रिकेट कैलेंडर जानिए

मुम्बई भारतीय क्रिकेट टीम का अगले 12 महीनों का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहेगा, जिसमें आयरलैंड, श्रीलंका और जिम्बाब्वे में मैच के इसके अलावा, एशिन गेम्स, इंग्लैंड, अमेरिका, बंगलादेश, जापान और घरेलू मुकाबले भी शामिल हैं। सूर्या की कप्तानी में श्रीलंका के खिलाफ 3 टी-20 मैच क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम जुलाई-अगस्त में श्रीलंका में तीन टी-20 मैच खेल सकती है, इसके अलावा आगामी कार्यक्रम में पहले दो टेस्ट मैच शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की प्रतिक्रिया पर विचार कर रहा है कि श्रीलंका में बाढ़ राहत के लिए फंड जुटाने के लिए तीन टी-20 मैच का कार्यक्रम है। टी-20 मैच और दो टेस्ट मैचों से पहले होने की संभावना है। श्रीलंका टूर से पहले जुलाई में इंग्लैंड जाएगा भारत श्रीलंका टूर से पहले भारत एक से 19 जुलाई के बीच तीन एकदिवसीय और पांच टी-20 मैच के लिए इंग्लैंड जाएगा और रास्ते में आयरलैंड में थोड़ा रुक सकता है। डबलिन में तीन मैचों की सीरीज को लेकर बातचीत चल रही है। एक सूत्र ने कहा, "बातचीत चल रही है।" और भरोसा जताया कि सीरीज हो जाएगी। बीसीसीआई ने पहले भी सीआई को (2018, 2022 और 2023 में) डबलिन में छोटी सीरीज के लिए सहयोग किया है। अगर बातचीत कामयाब होती है, तो गेम जून के आखिरी हफ्ते में, इंग्लैंड टूर से पहले और अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद निर्धारित किए जा सकते हैं, जो दह से 20 जून के बीच एक टेस्ट और तीन एकदिवसीय खेलने वाले हैं। जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज श्रीलंका सीरीज के बाद बीसीसीआई को शेड्यूलिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सितंबर में सयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज होनी है, जो इंडियन क्रिकेट के लिए पहले से ही एक व्यस्त महीना है। बंगलादेश के छह सफेद गेंद मैच – तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 के लिए दौरे की भी घोषणा की गई है। यह सीरीज, दोनों देशों के बीच हाल के डिप्लोमैटिक तनाव को देखते हुए भारत सरकार से मंजूरी मिलने पर ही होगी। इस बीच, तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे के एक छोटे दौरे की भी बात हो रही है। हालांकि अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन यह दौरा सितंबर में हो सकता है, लगभग उसी समय जब वेस्ट इंडीज तीन एकदिवसीय और पांच टी-20 के लिए भारत का दौरा करने वाला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आठ मैचों की सीरीज के अक्टूबर तक चलने की उम्मीद है। एशियंस गेम्स, न्यूजीलैंड सीरीज, श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी इसी बीच 2026 एशियन गेम्स भी हैं, जो 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने हैं। गेम्स में क्रिकेट प्रतियोगिता टी-20 प्रारूप में खेली जायेगी और भारतीय डिफेंडिंग गोल्ड मेडलिस्ट है। पुरुष मैच 25 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चलेंगे, जिससे टी-20 स्क्वॉड के जापान में खेलने की संभावना बढ़ गई है, जबकि एक एकदिवसीय टीम उसी समय वेस्टइंडीज से खेलेगी। इसके बाद भारतीय टीम के 18 अक्टूबर को न्यूजीलैंड पहुंचने की उम्मीद है, जहां वह पांच एकदिवसीय, पांच टी-20 और दो टेस्ट के पूरे टूर पर जाएगा। ऐसा समझा जाता है कि बीसीसीआई और न्यूजीलैंड क्रिकेट हाल ही में एकदिवसीय की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने पर सहमत हुए हैं। दो टेस्ट 10 सफेद गेंद मैचों के बाद होंगे, जिनमें से पहला 22 अक्टूबर से शुरू होगा। भारत के दिसंबर के पहले हफ्ते में न्यूजीलैंड से घर लौटने की उम्मीद है, जब वे श्रीलंका के खिलाफ घर पर तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 मैच खेलेंगे। इसके बाद जनवरी-फरवरी 2027 में भारत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेली जाएगी, जिसके बाद मार्च से मई 2027 तक इंडियन प्रीमियर लीग का 20वां सीजन चलेगा।

“BCCI का बड़ा कदम: T20 टीम से बाहर हुए क्रिकेटर को मिलेगा अवॉर्ड, राहुल द्रविड़ भी होंगे सम्मानित”

 नई दिल्ली भारत की टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम में जगह नहीं मिली थी. टी20 टीम से बाहर किए जाने के बावजूद शुभमन को भारतीय क्रिकेट का बड़ा सम्मान मिलने जा रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार शुभमन को 15 मार्च को होने वाले भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के वार्षिक 'नमन अवॉर्ड्स' में 'क्रिकेटर ऑफ द ईयर' अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। शुभमन गिल को यह सम्मान उनके 2025 में शानदार प्रदर्शन के लिए दिया जा रहा है. टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन टेस्ट और वनडे क्रिकेट में उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की. वहीं टीम इंडिया के पूर्व कोच और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। इंग्लैंड दौरे पर किया अविस्मरणीय प्रदर्शन 2025 में शुभमन गिल ने टेस्ट क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाया. उन्होंने कुल 9 टेस्ट मैचों में 70.21 की औसत से 983 रन बनाए. इनमें से ज्यादातर रन इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में आए, जहां शुभमन ने 4 शतकों की मदद से 754 रन बनाए. इस प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बना दिया। साल 2025 में वनडे क्रिकेट में भी शुभमन गिल का बल्ला खूब चला. उन्होंने 11 ओडीआई मैचों में 49.00 की औसत से 490 रन बनाए. इसमें आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के अभियान में बनाए गए 188 रन भी शामिल थे, जहां उन्होंने टीम इंडिया की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि टी20 इंटरनेशनल में शुभमन गिल को संघर्ष करना पड़ा. एशिया कप के दौरान उन्हें टीम में वापस बुलाया गया और उप-कप्तान भी बनाया गया, लेकिन वह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके. पिछले साल 15 टी20 इंटरनेशनल मैचों में शुभमन ने 291 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 24.25 और स्ट्राइक रेट 137.26 रहा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा और तीन मैचों में वह सिर्फ 32 रन ही बना सके। तीनों फॉर्मेट को मिलाकर शुभमन गिल ने साल 2025 में कुल 35 इंटरनेशनल मैचों में 1,764 रन बनाए, जिसमें 7 शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे. इस दौरान उनका औसत 49.00 रहा. फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी शुभमन का प्रदर्शन शानदार रहा. IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2025 में गुजरात टाइटन्स (GT) की ओर से खेलते हुए उन्होंने 50 की औसत से 650 रन बनाए। शुभमन गिल को टी20 टीम से ड्रॉप करने का फैसला अंततः भारत के लिए फायदेमंद साबित हुआ. संजू सैमसन और ईशान किशन हालिया टी20 वर्ल्ड कप में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शीर्ष दो बल्लेबाज रहे. दोनों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया. अब शुभमन गिल की नजरें आईपीएल 2026 पर होंगी, जहां वह एक बार फिर गुजरात टाइटन्स की कप्तानी करते नजर आएंगे. गुजरात टाइटन्स अपना पहला मैच 31 मार्च को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेलेगी. यह मुकाबला शुभमन के लिए टी20 फॉर्मेट में खुद को फिर से साबित करने का बड़ा मौका होगा।

बुमराह के मुरीद हुए माइक वॉन, कहा – मेसी और रोनाल्डो जैसे खिलाड़ी, जहां खेलें वहीं जीत

नई दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप के सुपर स्टार जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने अब तक जितने भी गेंदबाजों को देखा है, उनमें बुमराह बेस्ट हैं। वॉन ने बुमराह की तुलना महान फुटबॉलरों लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो से की है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप के सुपर स्टार जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने अब तक जितने भी गेंदबाजों को देखा है, उनमें बुमराह बेस्ट हैं। उन्हें वर्ल्ड कप की किसी भी टीम में रख दीजिए, वह उसे अकेले चैंपियन बना सकते हैं। वॉन ने बुमराह की तुलना महान फुटबॉलरों लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानों रोनाल्डो से की है। जसप्रीत बुमराह ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ कभी न भूला पाने वाला प्रदर्शन किया। वह टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट में 4 विकेट हॉल लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में अब सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बन गए हैं और वो भी सिर्फ 5.66 की इकॉनमी रेट के साथ। फाइनल के वह प्लेयर ऑफ द मैच रहे, लेकिन सेमीफाइनल में भी उन्होंने कसी गेंदबाजी की। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में बुमराह के आखिरी दो ओवर निर्णायक साबित हुए थे। माइकल वॉन ने स्वीकार किया कि उन्होंने अब तक जितने भी गेंदबाज देखे हैं, उनमें बुमराह बेस्ट हैं। वॉन ने कहा, 'जसप्रीत बुमराह को इंग्लैंड की टीम में रख दीजिए, वह इसे जिता देंगे।' उनके साथ बैठे इंग्लैंड के क्रिकेटर मार्क बुचर ने भी इस पर सहमति जताई। बुचर ने कहा, 'हां, आप उन्हें किसी भी टीम रख दीजिए, वह आपको जिता देंगे।' इस पर वॉन ने कहा, ‘बिलकुल। वह शायद लियोनेल मेसी या क्रिस्टियानो रोनाल्डो की तरह के खिलाड़ी हैं।’ इस दौरान डेविड लॉयड ने वॉन को टोकते हुए पूछा, 'क्या आप ये कह रहे हैं कि आपने अब तक जितने भी गेंदबाज देखे, उनमें वह बेस्ट है?' इस पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने अपनी बात दोहराते हुए फिर कहा, 'हां, वह है। मैंने 1985 से क्रिकेट देखना और समझना शुरू किया और तब से मैंने जिनको भी देखा उनमें वह बेस्ट हैं।' हालांकि इंग्लैंड के ही एक और पूर्व कप्तान एलेस्टेयर कूक इस बात पर सहमत नहीं नजर आए कि बुमराह सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं। कूक ने ये तो माना कि बुमराह हर फॉर्मेट में मौजूदा पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं लेकिन इस पर सवालिया निशान लगाया कि क्या उन्होंने वाकई टेस्ट क्रिकेट में कोई निर्णायक और मैच विजेता स्पेल फेंका है। एलेस्टेयर कूक ने सवाल उठाया, 'क्या वह टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताने वाले स्पेल फेंकने के लिहाज से बेस्ट हैं? बिना किसी शक-सुबहा के वह फिलहाल हर फॉर्मेट के बेस्ट बोलर हैं, मैं मानता हूं। आप मोटे तौर पर यह कह सकते हैं। लेकिन क्या वह किसी टेस्ट में 15 रन देकर 8 विकेट जैसे स्पेल फेंके हैं या वह उस तरह के गेंदबाज हैं?' इस पर वॉन ने जवाब दिया, 'मैंने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में ऐसा करते देखा है। कुछ स्पेल अलग रहे हैं और वो भी सपाच पिचों पर।'  

जब ओपनिंग मैच में छाए युवराज सिंह, SRH बनाम RCB मुकाबला बना यादगार

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19 वें सीजन (आईपीएल 2026) की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है। बीसीसीआई ने आईपीएल 2026 के पहले 16 दिनों का शेड्यूल जारी कर दिया है। पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। आरसीबी पिछले सीजन विजेता रही थी। आरसीबी और एसआरएच 2017 में भी सीजन का पहला मुकाबला खेल चुकी हैं। इस मुकाबले में एसआरएच 35 रन से विजयी रही थी। यह मुकाबला राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, हैदराबाद में खेला गया था। इस मैच में आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए एसआरएच ने युवराज सिंह के 27 गेंदों पर 7 चौकों और 3 छक्कों की मदद से बनाए 62 रन, मोइसेस हेनरिक्स के 37 गेंदों पर बनाए 52 रन और शिखर धवन के 31 गेंदों पर बनाए 40 रन की मदद से 4 विकेट पर 207 रन बनाए थे। आरसीबी के लिए टाइमल मिल्स, अनिकेत चौधरी, चहल और बिन्नी ने 1-1 विकेट लिए थे। 208 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी आरसीबी 19.4 ओवर में 172 पर सिमट गई और 35 रन से मैच हार गई। आरसीबी के लिए क्रिस गेल ने सर्वाधिक 32 रन बनाए थे। इसके अलावा, केदार जाधव ने 31 और ट्रेविस हेड ने 30 रन की पारी खेली थी। एसआरएच के लिए आशीष नेहरा, भुवनेश्वर कुमार, राशिद खान ने 2-2, जबकि दीपक हुड्डा और बिपुल शर्मा ने 1-1 विकेट लिए थे। एसआरएच ने उस सीजन प्लेऑफ में जगह बनाई थी, लेकिन आरसीबी टॉप 4 से बाहर रही थी। दोनों टीमों के बीच 2016 का फाइनल खेला गया था जिसमें एसआरएच विजेता रही थी। देखना होगा कि आईपीएल 2026 के पहले मुकाबले में बाजी आरसीबी या एसआरएच किसके हाथ लगती है। पिछला सीजन जीतने के बाद आरसीबी के हौसले बुलंद हैं, तो एसआरएच ने भी पिछले 2 सीजन में अपने खेल से फैंस को रोमांचित किया है।  

संदीप पाटिल का दावा: उस घटना के बाद गौतम गंभीर ने देखना तक छोड़ दिया

नई दिल्ली बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि गौतम गंभीर लंबे समय से उनसे बात नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम से ड्रॉप होने के बाद से गंभीर उनसे बात नहीं करते हैं। बात करना तो दूर, उनकी तरफ देखते तक नहीं हैं गौतम गंभीर का 2006 से 2012 तक भारतीय क्रिकेट में अपना ही रुतबा रहा। वह 2007 और 2011 की विश्व विजेता टीमों का हिस्सा रहे। वैसे तो उन्होंने नवंबर 2016 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था लेकिन सही मायनों में तो 2013 में ही वह एक तरह से टीम इंडिया से बाहर हो चुके थे। संदीप पाटिल ने विकी लालवानी शो पर कहा कि उनकी अगुआई में चयन समिति ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज चेहरों युवराज सिंह, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंदर सहवाग और यहां तक कि महान सचिन तेंदुलकर पर भी कठिन फैसले लिए थे लेकिन इनमें से गंभीर ही हैं जो अभी तक उस चीज को नहीं भुला पाए हैं। पाटिल ने कहा, ‘जब आप चयन समिति की कुर्सी पर बैठे होते हैं तब आप कुछ बड़े फैसले लेने के लिए जिम्मेदार होते हैं। आप खिलाड़ियों के साथ अपनी दोस्ती या घनिष्ठता को नहीं देख रहे होते हैं। सचिन जब 14 साल के थे तब से उनके साथ मेरी अच्छी घनिष्ठता रही है। वह मेरे अंडर खेले हैं, साथ मेरे साथ खेले हैं। जब कभी भी मैं उन्हें कुछ टेक्स्ट करता हूं तो वह तुरंत जवाब देते हैं। मैं हाल ही में एक फ्लाइट में युवराज सिंह से मिला, बहुत गर्मजोशी से मिले। यहां तक कि वीरेंदर सहवाग भी। वे सभी मुझसे अच्छी तरह बात करते हैं। गंभीर को छोड़कर। वह मुझे बहुत प्रिय थे। यहां तक कि आज भी हैं। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं लेकिन वह मुझे नाराज हैं जो ठीक भी है। यहां तक कि मैं भी जब टीम से निकाला गया तब चयन समिति से नाराज हुआ था। मैंने पाकिस्तान में 100 किए थे। कोटला में इंग्लैंड के खिलाफ दोनों पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाए लेकिन तब भी ड्रॉप कर दिया गया। उसके बाद फिर कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला।’ गंभीर की टीम से छुट्टी के बाद शिखर धवन का रास्ता साफ हुआ जिन्होंने मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया और शानदार 187 रन बनाए। रोहित शर्मा के साथ मिलकर शिखर धवन ने वनडे और टी20 में भारत की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी में से एक बनाई जबकि गंभीर नजरअंदाज होते रहे। वह आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते रहे और बाद में दिल्ली कैपिटल्स में लौटे और आखिरकार 2018 में हर तरह के क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। संदीप पाटिल ने कहा कि गंभीर अब भी उनसे खफा हैं। उन्होंने कहा, 'गंभीर अब भी खफा हैं। उन्होंने मुझसे कभी बात नहीं की। हम बहुत सारे अलग-अलग शो पर एक साथ आए। हम एक ही कमरे में बैठे लेकिन गौतम ने मेरी तरफ देखा भी नहीं। ठीक है। हर बार जब मैं उनके पास जाकर 'Hi' कहा तो उन्होंने कभी भी उसका जवाब नहीं दिया। एक बार भी नहीं देखा। लेकिन ठीक ही है।' पुराने दिनों में गौतम गंभीर के साथ अपने गर्मजोशी भरे रिश्तों का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा, 'हम टूर्स पर साथ में टेनिस खेले। हमारे बीच में बहुत ही शानदार तालमेल थी। जब मुझे कोच के पद से हटाया गया था तब गौती मुझे हर दो हफ्ते में एक बार कॉल करते थे। वह वैसे थे। गौतम अपने करियर को लेकर बहुत गंभीर थे और अपनी बैटिंग और अप्रोच पर फोकस बनाए रखते थे। कोई भी क्रिकेटर उस स्टेज पर खेल नहीं छोड़ना चाहता जब आप अच्छा कर रहे होते हैं। कोई भी ड्रॉप होना नहीं चाहता। लक्ष्मण, द्रविड़ शांति से रिटायर हो गए। सहवाग एक अच्छा जश्न चाहते थे लेकिन वैसा नहीं हुआ।'