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संघर्ष से सुपरस्टार तक: Sanju Samson की स्वर्णिम कमबैक स्टोरी

नई दिल्ली साल 2015…केरल से एक खिलाड़ी आता है, जिसे जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया जाता है। वे जिम्बाब्वे के दौरे पर जाते हैं। पहले मैच में उनको मौका नहीं मिलता, लेकिन 19 जुलाई 2015 को दूसरे मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाते हैं और अपना इंटरनेशनल डेब्यू कैप हासिल करते हैं। इस मैच में 7वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं और 24 गेंदों में एक चौके की मदद से 19 रन बनाते हैं। 146 रनों का टारगेट भारत के सामने होता है, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत 135 रनों तक ही पहुंच पाता है और मुकाबला 10 रन से हार जाता है। इस हार का ठीकरा संजू के सिर मढ़ दिया जाता है। इस मैच के बाद संजू सैमसन एक मैच, एक सीरीज या एक साल के लिए ड्रॉप नहीं होते, बल्कि उनको करीब 5 साल और 79 मैचों का इंतजार करना पड़ता है। 10 जनवरी 2020 को 5 साल के बाद उनको फिर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका मिलता है। श्रीलंका के खिलाफ पुणे के मैदान पर वे उतरते हैं। पहली गेंद पर छक्का जड़ते हैं और अगली गेंद पर आउट हो जाते हैं। हालांकि, सीरीज के पहले दो मैचों में उनको नहीं खिलाया जाता है। इसके बाद न्यूजीलैंड की सरजमीं पर उनको टी20 सीरीज के लिए चुना जाता है। वहां वे दो मैच खेलते हैं और ड्रॉप कर दिए जाते हैं, क्योंकि दो मैचों में उन्होंने रन नहीं बनाए होते हैं। फरवरी के बाद दिसंबर में उनको फिर से कुछ मैच खेलने को मिलते हैं, लेकिन फिर से ड्रॉप हो जाते हैं। कमबैक की कहानी जारी रही जुलाई 2021 में फिर से उनको मौका मिलता है। तीन मैच श्रीलंका के खिलाफ खेलते हैं और फ्लॉप रहते हैं और टीम से बाहर हो जाते हैं। फरवरी 2022 में फिर संजू की वापसी होती है। इस बार कुछ रन बनाते हैं। इसके बाद आईपीएल आता है और उसके बाद भी वे टीम में बने रहते हैं, लेकिन जून और अगस्त में वे तीन मैच खेलते हैं। अक्टूबर-नवंबर में टी20 विश्व कप के लिए नहीं चुने जाते हैं। इस दौरान वे सिर्फ एक ही अर्धशतक जड़ पाते हैं। जनवरी 2023 में वे एक मैच खेलते हैं और चोटिल होकर टीम से बाहर हो जाते हैं। अगस्त 2023 में वे फिर से वापस आते हैं और सात मैच खेलते हैं, लेकिन प्रदर्शन अभी भी वैसा नहीं है, जैसा वे आईपीएल या डोमेस्टिक क्रिकेट में कर रहे होते हैं। इस दौरान उनको न तो भारत की वनडे विश्व कप की टीम में मौका मिलता है और न ही एशियन गेम्स के लिए टीम में चुने जाते हैं। इसके बाद जनवरी 2024 में फिर से एक मैच खेलने को मिलता है। हालांकि, आईपीएल के बाद हुए टी20 विश्व कप 2024 के लिए वे टीम में चुन लिए जाते हैं, लेकिन वहां ऋषभ पंत उनसे आगे खेल जाते हैं और पूरे टूर्नामेंट में सैमसन एक भी मैच नहीं खेलते। इसके बाद आता है अक्तूबर 2024, जहां से सैमसन की किस्मत पलटी, लेकिन उस समय उनका करियर भी खत्म हो सकता था। करियर खत्म हो सकता था दरअसल, अक्तूबर में बांग्लादेश की टीम भारत के दौरे पर आती है। सैमसन उस सीरीज में पहले दो मैचों में फ्लॉप होते हैं और कहा जाता है कि आखिरी मैच में उनको मौका नहीं मिलेगा और उनका करियर समाप्त है। अगर उनको आखिरी मैच में मौका मिला और रन नहीं बने तो फिर हमेशा के लिए टीम से बाहर हो जाएंगे, क्योंकि इतने कमबैक और इतने मौके इंटरनेशनल क्रिकेट में और वह भी भारत जैसी टीम में मिलते नहीं है। अब तक 32 मौके उनको मिले थे, जिनमें दो अर्धशतक उन्होंने जड़े थे। ज्यादातर मैचों में उनका स्कोर सिंगल डिजिट था। बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में भारत आखिरी मैच सीरीज का खेलता है, जो कि संजू सैमसन का करियर डिसाइडिंग मैच था। इस मैच में 47 गेंदों में 111 रन संजू बनाते हैं और अपना करियर बचाते हैं। अगली सीरीज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी पहले मैच में संजू के बल्ले से शतक आता है। हालांकि, अगले दो मैचों में फिर से वे शून्य पर आउट हो जाते हैं, लेकिन अच्छी बात ये थी कि चौथे मैच में भी उनके बल्ले से शतक आता है। भारत जीतता चला जाता है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी दमदार नजर आती है। फ्लॉप शो रहा जारी अब जनवरी 2025 आता है, जहां वे इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 51 रन बनाते हैं। इसके बाद भारत को सीधे एशिया कप खेलना था। सितंबर में खेले गए उस एशिया कप में सिलेक्टर ने ओपनर के तौर पर शुभमन गिल को मौका दिया था और उन्हें वाइस कैप्टन बनाया था। संजू को कहा गया कि वे मैच फिनिशर की भूमिका निभाएं, जिसमें वह फेल रहे। ऊपर गिल का भी बल्ला नहीं चला। एक अर्धशतक एशिया कप में संजू ने जड़ा और फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 24 रनों की अच्छी पारी खेली, लेकिन उन्हें सराहना नहीं मिली, क्योंकि एक मैच नंबर तीन पर उतरे थे। ऑस्ट्रेलिया का दौरा आता है और अक्तूबर में वे दो मैच वहां खेलते हैं, लेकिन एक में बल्लेबाजी आती है और दो रन ही वे बना पाते हैं और फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर पांच मैचों की टी20 सीरीज में वे ड्रॉप हो जाते हैं। इस दौरान अभिषेक के साथ गिल ओपन करते हैं, लेकिन सीरीज के आखिरी मैच में गिल से ओपनिंग छीनकर संजू को दे दी जाती है, जो फिर से संजू का कमबैक था। उस मैच में वे 22 गेंदों में 37 रन बनाते हैं। इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का चयन होता है। उसी टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी थी। मेन प्लेयर से बैकअप प्लेयर बन गए संजू अब चयनकर्ता शुभमन गिल से आगे बढ़ चुके थे। उनको ड्रॉप किया गया था और ईशान किशन को बतौर बैकअप ओपनर और बैकअप विकेटकीपर टीम में चुना गया था। उपकप्तानी अक्षर पटेल को सौंपी गई थी। संजू सैमसन मेन ओपनर और मेन विकेटकीपर थी। 

आलोचकों को करारा जवाब: गौतम गंभीर बने दो ICC ट्रॉफी जिताने वाले पहले भारतीय कोच

नई दिल्ली खिलाड़ी के तौर पर चमकने के बाद गौतम गंभीर मुख्य कोच के तौर पर भी खुद को साबित कर रहे हैं। 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो गया था और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम की जिम्मेदारी गंभीर को सौंपी थी। गंभीर का मेंटर के तौर पर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ कार्यकाल बेहद सफल रहा था, लेकिन जब से उन्हें राष्ट्रीय टीम का जिम्मा सौंपा गया, तभी से उनके फैसलों पर लगातार सवाल उठते रहे।   टेस्ट में फुस्स, सफेद गेंद प्रारूप में मजबूत गंभीर ने टी20 विश्व कप 2024 के बाद मुख्य कोच के रूप में पदभार संभाला था और पहले ही दिन से उन्होंने कड़े फैसले लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। गंभीर पर पक्षपात करने के आरोप लगे और उनकी नीतियों पर सवाल भी खड़े किए गए, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा और वह नियमित रूप से अपना काम करते रहे। गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है और टीम घरेलू मैदान पर भी जीत हासिल नहीं कर पा रही है, लेकिन सीमित ओवर में उन्हें सफलताएं मिली है। द्रविड़ से अलग है शैली गंभीर राहुल द्रविड़ के सफल कार्यकाल के बाद इस पद पर आए थे। उनके सामने कड़ी चुनौतियां थी। गंभीर की शैली द्रविड़ से काफी अलग थी और ऐसी चर्चा होनी शुरू हो गई थी कि उनके विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों से रिश्ते क्या बेहतर रहेंगे? कम समय में ही गंभीर के कार्यकाल की आलोचना होने लगी और उनकी शैली पर भी सवाल खड़े किए गए।   टी20 टीम में बदलाव से हुई शुरुआत गंभीर ने जुलाई 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच पद को संभाला था। गंभीर ऐसे समय पद पर आए जब भारत ने द्रविड़ के कार्यकाल में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया था और इस प्रारूप में भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी। माना जा रहा था कि हार्दिक पांड्या को टी20 टीम की कमान सौंपी जाएगी, लेकिन कप्तानी सूर्यकुमार यादव को मिली। यह हैरान करने वाला फैसला था, लेकिन टीम इंडिया में गंभीर का दौर शुरू हो चुका था और संभवतः सूर्यकुमार को कप्तानी मिलने में गंभीर की अहम भूमिका रही। इन दोनों की जोड़ी टी20 में हिट रही। चाहे एशिया कप हो या द्विपक्षीय सीरीज और अब टी20 विश्व कप, इन दोनों के नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन दमदार रहा। कोच के तौर पर पहली बार में दिलाया था खिताब तमाम आलोचनाओं और पक्षपात के आरोपों के बीच गंभीर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था। भारत ने उस समय पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया था। रोहित शर्मा की कप्तानी और गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। गंभीर ने इस तरह कोच के तौर पर अपने पहले ही आईसीसी टूर्नामेंट में भारत को जीत दिलाई थी। टेस्ट प्रारूप में असफलता पर निशाने पर आए थे कोच गंभीर के नेतृत्व में वनडे और टी20 में तो टीम ने दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन टेस्ट प्रारूप में भारत का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने पहली टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश को हराया था। इसके बाद भारत का मुकाबला 2024 में न्यूजीलैंड से हुआ था। तीन मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन घरेलू मैदान पर काफी खराब रहा था और टीम इंडिया लंबे समय के बाद घर में कोई टेस्ट सीरीज हारी। कीवी टीम ने भारत को उसी के घर पर 0-3 से मात दी थी।

टी20 वर्ल्ड कप जीतते ही शोएब अख्तर का अजीब रिएक्शन, ‘अमीर बच्चा-गरीब बच्चा’ बयान से मचा बवाल

नई दिल्ली जली न, तेरी जली न। ये मीम अक्सर सोशल मीडिया पर चलता है। भारत के लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने पर पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर की जलन पर ये मीम बहुत ही सटीक बैठता है। शायद इससे ज्यादा सटीक कोई मौका हो ही नहीं सकता। टीम इंडिया की जीत से शोएब अख्तर जल भी गए और शायद कन्फ्यूज भी हो गए। एक तरफ वह अमीर बच्चा-गरीब बच्चा वाली कहानी सुनाकर भारत की कामयाबी को कमतर जताने की कोशिश करने लगे। अब्बा डब्बा जब्बा करने लगे। दूसरी तरफ भारतीय टीम की जमकर तारीफ भी की। टीम इंडिया ने रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से शिकस्त दे दी। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने टी20 विश्व कप फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन ठोक डाले। फिर प्लेयर ऑफ द मैच जसप्रीत बुमराह और लोकल बॉय अक्षर पटेल की कातिल गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड की टीम को 19 ओवर में 159 रन पर समेट दिया। पूरे विश्व कप में भारत ने सिर्फ एक मैच हारा। सुपर 8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ। लगातार दूसरी बार और कुल मिलाकर तीसरी बार टी20 विश्व चैंपियन बनकर टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया लेकिन रावलपिंडी एक्सप्रेस को सूर्यकुमार यादव ब्रिगेड की ये कामयाबी शायद ठीक से नहीं पची।   शोएब अख्तर ने टैपमैड शो 'गेम ऑन है' पर भारत की इस ऐतिहासिक जीत पर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली लेकिन अंदाज ऐसा रहा जैसे टीम इंडिया की कामयाबी को कमतर जताने की कोशिश कर रहे हों। शोएब अख्तर ने कहा, ‘इंडिया ने कोशिश की, जैसे अमीर बच्चा नहीं होता मोहल्ले में, जो सारे गरीब बच्चों को बुला लेता है कि आओ क्रिकेट खेले। जीतना सिर्फ मैंने है। इंडिया भी वही कर रहा है हमारे साथ। 8 टीम में से 4 रह गई हैं, उनको हराकर कहता है, लो मैं जीत गया। क्रिकेट भी खत्म कर दिया गया।’ अख्तर ने जब ये बात कहते हैं तब शो पर मौजूद दूसरे पैनलिस्ट सना मीर, मोहम्मद हफीज, उमर गुल और सकलैन मुश्ताक हंसने लगते हैं। शोएब अख्तर एक तरफ तो भारत की ऐतिहासिक कामयाबी को हल्के-फुल्के अंदाज में कमतर जताने की कोशिश की लेकिन उसी शो पर दूसरी तरफ चैंपियन टीम की तारीफों के पुल भी बांधे। शोएब अख्तर ने कहा, ‘ये उनकी नीतियों, सिस्टम और मेरिट का सबूत है। ये भी हो सकता था कि पैसे का सही जगह पर इस्तेमाल नहीं होता। गौतम गंभीर ने जोखिम लिया और संजू सैमसन को बीच में लाए। अभिषेक शर्मा युवा है और अक्खड़ है, उसे बहुत कुछ सीखने की जरूरत है लेकिन सैमसन बहुत ही परिपक्व है।’ अख्तर ने भारतीय टीम की तारीफ करते हुए कहा, 'भारत ने दिखाया कि कैसे सही खिलाड़ियों को मौके दिए जाते हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने संन्यास ले लिया था और अब भारत ने विश्व कप जीत लिया।'

टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान: 5 भारतीय खिलाड़ियों की एंट्री, सूर्या और हार्दिक पांड्या को नहीं मिली जगह

नई दिल्ली भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया बैक टू बैक दो टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनी है। इसी के साथ भारत घर पर और कुल तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला भी पहला देश बना है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से रौंदकर यह उपलब्धि हासिल की। ऐसे में लाइवहिंदुस्तान आपके लिए टीम ऑफ द टूर्नामेंट लेकर आया है। 11 खिलाड़ियों की इस टीम में 5 भारतीयों को शामिल किया गया है, जिसमें संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह जैसे मैच विजेता खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली है। आईए एक नजर टी20 वर्ल्ड कप 2026 टीम ऑफ द टूर्नामेंट पर डालते हैं। संजू सैमसन और साहिबजादा फरहान (ओपनर्स) लाइवहिंदुस्तान की टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट के ओपनर्स के रूप में भारत के संजू सैमसन और पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान को चुना गया है। दोनों ही खिलाड़ियों को प्रदर्शन इस वर्ल्ड कप में लाजवाब रहा। संजू सैमसन ने मात्र 5 मैचों में 321 रन बनाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। वहीं साहिबजादा फरहान ने सबसे अधिक 383 रन बनाकर इतिहास रचा, वह एक टी20 वर्ल्ड कप एडिशन में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। साहिबजादा फरहान ने इस वर्ल्ड कप में 2 शतक जड़े। टिम साइफर्ट भी एक ऑप्शन थे, मगर साहिबजादा फरहान उनसे एक कदम आगे रहे। एडन मारक्रम, ईशान किशन और शिवम दुबे (मिडिल ऑर्डर) साउथ अफ्रीका के कप्तान एडन मारक्रम को इस टीम में नंबर-3 पर रखा गया है, साथ ही उन्हें इस टीम का कप्तान भी बनाया है। SA ने मारक्रम की अगुवाई में ही बिना हारे सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था, हालांकि न्यूजीलैंड ने एकतरफा मैच में उन्हें हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया। मारक्रम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 286 रन बनाए। वहीं सूर्यकुमार यादव 242 रनों के साथ उनसे पीछे रहे। ईशान किशन और शिवम दुबे का भी चयन इस टीम में हुआ है। किशन ने इस वर्ल्ड कप में 317 रन बनाए, जो संजू सैमसन के बाद किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे अधिक है। उनकी पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतकीय पारी भी हर किसी को याद रहेगी। वहीं शिवम दुबे ने इस टूर्नामेंट में 235 रन बनाने के साथ-साथ 5 विकेट भी चटकाए। इस वर्ल्ड कप में उनका इंपैक्ट हार्दिक पांड्या से काफी अधिक था। विल जैक्स और सिकंदर रजा (ऑलराउंडर्स) इंग्लैंड के विल जैक्स और जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा को लाइवहिंदुस्तान की टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट में बतौर ऑलराउडर्स चुना गया है। विल जैक्स ने 4 प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतकर इंग्लैंड को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने बल्ले से 226 रन बनाने के साथ-साथ 9 विकेट भी चटकाए थे। वहीं सिकंदर राज की अगुवाई में ही जिम्बाब्वे ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी बड़ी टीमों को हराने में कामयाब रहा। रजा ने इस टूर्नामेंट में 206 रन बनाने के साथ-साथ 5 विकेट भी चटकाए। जसप्रीत बुमराह, शैडली वैन शाल्कविक, लुंगी एनगिडी और वरुण चक्रवर्ती जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती संयुक्त रूप से टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज रहे। दोनों को 14-14 विकेट मिले। जसप्रीत बुमराह का इंपैक्ट काफी अलग था, उन्होंने यह 14 विकेट 12.42 की औसत और 6.21 की इकॉमी से रन खर्च करके लिए। वरुण अंत में आते-आते थोड़े महंगे जरूर साबित हुए, मगर विकेट का कॉलम उनका भरा रहा। इसके अलावा अमेरिका के शैडली वैन शाल्कविक और साउथ अफ्रीका के लुंगी एनगिडी को भी टीम में रखा गया है। अमेरिका की टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी, मगर शैडली वैन शाल्कविक ने 4 मैचों में ही 13 विकेट चटकाकर हर किसी को हैरान कर दिया था। बुमराह-चक्रवर्ती आखिरी मैच में उनसे आगे निकले में कामयाब रहे। वहीं लुंगी एनगिडी के खाते में 12 विकेट आए, उनका इकॉनमी 7.19 का रहा। टी20 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट- संजू सैमसन, साहिबजादा फरहान, एडन मारक्रम, ईशान किशन, शिवम दुबे, विल जैक्स, सिकंदर रजा, जसप्रीत बुमराह, शैडली वैन शाल्कविक, लुंगी एनगिडी, वरुण चक्रवर्ती

पाकिस्तान की टी20 वर्ल्ड कप में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने 6 नए चेहरों को दिया मौका

इस्लामाबाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश के खिलाफ 11 मार्च से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया है, जिसमें कई चौंकाने वाले फैसले लिए गए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 से बाहर होने के बाद बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व कप्तान बाबर आजम को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बाबर ने वर्ल्ड कप के चार मैचों में केवल 91 रन बनाए थे। उनके साथ ही सलामी बल्लेबाज फखर जमान, युवा बल्लेबाज साइम अयूब और स्टार तेज गेंदबाज नसीम शाह को भी टीम में जगह नहीं मिली है। चयनकर्ताओं के इस फैसले को पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। शाहीन शाह अफरीदी टीम की कप्तानी जारी रखेंगे, लेकिन टीम का कलेवर पूरी तरह बदल गया है। इस 15 सदस्यीय टीम में छह अनकैप्ड खिलाड़ियों—शमील हुसैन, मुहम्मद गाजी गोरी, अब्दुल समद, फैसल अकरम, माज सदाकत और साद मसूद को शामिल किया गया है। वहीं, अनुभवी विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान और तेज गेंदबाज हारिस रऊफ की टीम में वापसी हुई है। टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले साहिबजादा फरहान को उनके बेहतरीन फॉर्म का इनाम मिला है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों के लिए बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना और टीम में गहराई लाना है। पाकिस्तान टीम में यह बड़ा फेरबदल कई पूर्व क्रिकेटरों की आलोचना और टीम के लगातार गिरते स्तर को देखते हुए किया गया है। मुख्य चयनकर्ता का मानना है कि केवल प्रदर्शन के आधार पर ही खिलाड़ियों को जगह दी जाएगी। शाहीन अफरीदी के नेतृत्व में यह नई ब्रिगेड बांग्लादेश के खिलाफ अपनी छाप छोड़ने के इरादे से उतरेगी। फिलहाल, बाबर आजम जैसे दिग्गज खिलाड़ी को बाहर रखने के फैसले ने सोशल मीडिया और क्रिकेट गलियारों में बहस छेड़ दी है। यह सीरीज तय करेगी कि क्या पाकिस्तान की यह नई प्रयोगवादी टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से अपना खोया हुआ सम्मान वापस पा सकेगी।  

भारत के वर्ल्ड कप विनर बनने पर पीएम मोदी ने दी बधाई, जबरदस्त स्किल्स, टीमवर्क की जीत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी ने टीम इंडिया को टी20 वर्ल्डकप जीत पर बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया साइट पर लिखा, “आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई! यह शानदार जीत असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क का प्रतीक है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट साहस का प्रदर्शन किया है। इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है। शाबाश, टीम इंडिया!” नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी दी बधाई लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी टीम इंडिया को टी20 वर्ल्डकप जीत पर बधाई दी। सोशल मीडिया साइट एक्स पर उन्होंने लिखा, "एक बार फिर चैंपियन। हमारी भारतीय टीम के लिए यह एक शानदार जीत थी, जिसमें संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह के पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए विशेष सराहना। टीम इंडिया को घरेलू मैदान पर ट्रॉफी बरकरार रखने और देश को एक और अविस्मरणीय पल देने के लिए बधाई।"  

19 नवंबर का बदला: जिस मैदान पर टूटा था दिल, वहीं भारत बना टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन

अहमदाबाद न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर का अहमदाबाद में भीड़ को खामोश करने का सपना सपना ही रह गया। उनकी हसरत थी कि जिस तरह पैट कमिंस की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविस हेड की खूंखार बल्लेबाजी की बदौलत वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम को सन्नाटे से भर दिया था, कीवी भी कुछ वैसा ही करेंगे। लेकिन ये नहीं हुआ। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 19 नवंबर 2023 को करोड़ों दिलों को तोड़ने वाली उस हार की याद भले ही नहीं मिट सकती, लेकिन अब भारत ने उसी मैदान में टी20 विश्व कप जीतकर उस कड़वी याद को पीछे छोड़ दिया है। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी20 विश्व कप पर कब्जा किया है। इसके साथ ही भारत ने हिस्ट्री रिपीट भी की और डिफीट भी। एक साथ कई सारे ऐसे कारनामे किए जो वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार हुए। पहली बार किसी टीम के तीनों टॉप बल्लेबाजों ने फिफ्टी+ बनाए भारत ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के तूफानी अर्धशतकों और शिवम दुबे के विस्फोटक 26 रनों की बदौलत विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर बनाया। संजू सैमसन लगातार तीसरे मैच में शतक के करीब पहुंचकर चूके। वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर फाइनल में नाबाद 97, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन की पारियों के बाद फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ सिर्फ 46 गेंद में 89 रन की पारी खेली। अभिषेक शर्मा भी अपने चिरपरिचित अंदाज में दिखे। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच को छोड़कर हर मैच में फ्लॉप चलते आ रहे शर्मा फाइनल में लय में आ ही गए। उन्होंने 21 गेंद में 52 रन की पारी खेली। पूरे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते आ रहे ईशान किशन ने भी सिर्फ 25 गेंद में 54 रन ठोक डाले। टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार किसी टीम के टॉप ऑर्डर के तीन बल्लेबाजों ने फिफ्टी प्लस का स्कोर खड़ा किया। जवाब में जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल की कातिल गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी ने घुटने टेक दिए। कीवी टीम 19 ओवर में 159 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने 96 रनों के विशाल अंतर से टी20 विश्व कप का फाइनल जीत गया। बुमराह ने 4 और अक्षर पटेल ने 3 विकेट लिए। हार्दिक पांड्या, वरुण चक्रवर्ती और अभिषेक शर्मा ने 1-1 विकेट हासिल किए। पहली बार किसी ने बैक टु बैक टी20 विश्व कप जीता- हिस्ट्री रिपीट भारत ने 2024 टी20 विश्व कप जीतने की कहानी दोहराकर हिस्ट्री रिपीट कर दिया। पहली बार किसी टीम ने बैक टु बैक टी20 विश्व कप जीता। पहली बार किसी डिफेंडिंग चैंपियन ने टी20 विश्व कप जीता। 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने विश्व विजय किया था तो उसके अगले विश्व कप यानी 2026 में सूर्यकुमार की अगुआई में वो कारनामा दोहराया गया। पहली बार किसी मेजबान ने जीता- हिस्ट्री डिफीट टी20 विश्व कप के इतिहास में इससे पहले किसी मेजबान देश ने ट्रॉफी नहीं जीती थी। इस बार भारत और श्रीलंका ने टी20 विश्व कप की सहमेजबानी की। पहली बार किसी देश ने अपनी ही सरजमीं पर टी20 विश्व कप की ट्रॉफी उठाई है। ठीक वैसे ही, जैसे 2011 में पहली बार किसी मेजबान देश ने वनडे विश्व कप को अपने नाम किया था। टी20 और वनडे विश्व कप दोनों में ही भारत ने 'हिस्ट्री डिफीट' की। किसी मेजबान के विश्व कप नहीं जीत पाने की हिस्ट्री को बदलकर रख दिया। पहली बार किसी टीम ने 3 बार टी20 विश्व कप अपने नाम किया टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्व कप को अपने नाम किया है। पहली बार किसी टीम ने तीन बार टी20 विश्व कप को जीता है। भारत ने सबसे पहले 2007 के पहले टी20 विश्व कप को जीता था। उसके बाद 2024 में जीता और अब 2026 में भी अपना परचम लहराया है। इससे पहले तक भारत सबसे ज्यादा बार टी20 विश्व कप जीतने के मामले में संयुक्त रूप से शीर्ष पर था और अब तीसरे विश्व कप ट्रॉफी के साथ अकेले शीर्ष पर मौजूद है। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने 2-2 बार टी20 विश्व कप जीता है।

संजू सैमसन का ऐतिहासिक शतक: फाइनल में रचा इतिहास, मार्लन सैमुअल्स का दशक पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

अहमदाबाद भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप के फाइनल में अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली है। वह टी20 विश्व कप के फाइनल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। संजू सैमसन ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आखिरी मुकाबले में 46 गेंद में 89 रन बनाए। उन्होंने वेस्टइंडीज के मार्लन सैमुअल्स का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2016 में खेले गए टी20 विश्व कप में ये रिकॉर्ड अपने नाम किया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 255 रन बनाए हैं। संजू फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर संजू सैमसन टी20 विश्व कप के इतिहास में फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। संजू सैमसन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में अभिषेक शर्मा के साथ धमाकेदार शुरुआत की। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी हुई। संजू 46 गेंद में 8 छक्के और पांच चौके की मदद से 89 रन बनाए। इसके साथ ही उन्होंने टी20 विश्व कप के फाइनल में सर्वाधिक रन बनाने वाले बैटर रहे मार्लन सैमुअल्स को पीछे छोड़ दिया है। मार्लन सैमुअल्सने नाबाद 85 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज मार्लन सैमुअल्स ने 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ये स्कोर बनाया था। तीसरे नंबर पर केन विलियमसन हैं, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2021 में 85 रन की दमदार पारी खेली। मार्लेन सैमुल्स ने 2012 में खेले गए विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ टी20 विश्व कप फाइनल में 78 रन बनाए थे। भारत ने संजू सैमसन (89 रन), अभिषेक शर्मा (52 रन) और ईशान किशन (54 रन) के अर्धशतकों से रविवार को टी20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच विकेट पर 255 रन बनाए। सैमसन ने अभिषेक के साथ पहले विकेट के लिए 98 रन की और दूसरे विकेट के लिए किशन के साथ 105 रन की भागीदारी निभाई। सैमसन ने 46 गेंद की पारी में पांच चौके और आठ छक्के जड़े। अभिषेक ने 18 गेंद में अर्धशतक जड़ा जो टी20 विश्व कप नॉकआउट मैच का और इस चरण का सबसे तेज अर्धशतक भी है।  

टीम इंडिया का जलवा: न्यूजीलैंड को मात देकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा

नई दिल्ली भारतीय टीम रविवार को न्यूजीलैंड को टी20 विश्व कप के फाइनल में हराकर चैंपियन बन गई है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से करारी शिकस्त दी। भारत ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और आखिरी में शिवम दुबे की तेजतर्रार पारी की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 255 रन बनाए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और 19 ओवर में सभी विकेट खोकर 159 रन ही बना सकी। भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने 4, अक्षर पटेल ने तीन विकेट लिए। भारत ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है। वहीं भारतीय टीम तीन बार टी20 विश्व कप ट्रॉफी जीतने वाली टीम बन गई है। आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जा रहा है। न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के धागे खोल दिए। पावरप्ले में ही अभिषेक शर्मा ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। वहीं, भारतीय टीम ने 6 ओवर में बिना विकेट खोए 92 रन बनाए। बाद में संजू सैमसन और ईशान किशन के बल्ले से अर्धशतक आए। शिवम दुबे ने आखिरी ओवर में 24 रन बटोरे और कुल 255 रन 5 विकेट खोकर भारत ने बनाए। अब न्यूजीलैंड को 256 रनों का टारगेट मिला है। अभिषेक ने 18 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन 21 गेंदों में 52 रन बनाकर वे आउट हो गए। हालांकि, भारत को तब तक दमदार शुरुआत मिल चुकी थी। सैमसन ने 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो इस टी20 विश्व कप में उनका लगातार तीसरा अर्धशतक है। संजू फिर से 89 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। ईशान किशन ने 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, लेकिन वे 54 रन की पारी खेलकर आउट हो गए। सूर्या का खाता नहीं खुला और हार्दिक ने सिर्फ 18 रन बनाए। शिवम दुबे ने 8 गेंदों में 26 रन बनाए। 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने तीसरे ओवर में पहला विकेट गंवाया। फिल एलन 7 गेंद में नौ रन ही बना सके। रचिन रविंद्र दो गेंद में ही एक रन ही बना पाए। ग्लेन फिलिप्स ने 5 गेंद में 5 रन बनाए। मार्क चैपमैन 8 गेंद में तीन रन ही बना सके। टिम साइफर्ट ने 26 गेंद में ताबड़तोड़ 52 रन बनाए। NZ 159/8 (19 ओवर)* IND 255/5 (20 ओवर)

रोमांचक मुकाबले में बीपीसीएल की ओएनजीसी पर 4-3 से जीत, पीएससीबी हॉकी में आईओसीएल भी विजयी

पुणे 41वें पीएसपीबी इंटर-यूनिट हॉकी टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और रनर-अप इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने शुक्रवार को अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की। पुणे के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में दूसरे दिन जीत के साथ टीम ने पूरे तीन-तीन प्वाइंट्स हासिल किए। इस जीत के साथ, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) छह प्वाइंट्स (2 जीत) के साथ स्टैंडिंग में अकेली लीड पर आ गई, जबकि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) राउंड 2 मुकाबलों के बाद तीन प्वाइंट्स (1 जीत) के साथ ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) के साथ दूसरे स्थान पर है। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) लगातार अपना दूसरा मैच हार गई है। इस टीम ने खाता नहीं खोला है। शुक्रवार को, बीपीसीएल ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) पर 4-3 से जीत दर्ज की। बीपीसीएल ने गेम की शुरुआत एक गोल (0-1) से पीछे रहकर की, जब गुरजोत सिंह (17′) ने ओएनजीसी के लिए एक फील्ड गोल किया। इसके बाद, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने तीन गोल किए, जिसमें 2002 ओलंपिक मेडलिस्ट वरुण कुमार (22′) का पेनाल्टी कॉर्नर पर किया गया बराबरी का गोल (1-1) शामिल था और इसके बाद 2012 ओलंपियन तुषार खांडेकर (37′) और विश्वास जी (45′) की कोशिशों से दो और फील्ड गोल करके अपनी टीम बीपीसीएल को 3-1 से लीड दिलाई। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) की तरफ से जगवंत सिंह (52′) ने गोल करके अंतर कम किया। हालांकि, मौजूदा इंडिया इंटरनेशनल राजिंदर सिंह (56′) ने एक और गोल करके बीपीसीएल के लिए स्कोर 4-2 कर दिया। दूसरे आखिरी मिनट में, ओएनजीसी ने अपना तीसरा गोल किया जब बिकाश टोप्पो (59′) ने स्कोर 3-4 कर दिया। दिन के दूसरे मैच में, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) को 2-0 से हराया। रोशन मिंज (14′) और सुनील यादव (54′) के दोनों हाफ में किए गए एक-एक गोल की मदद से आईसीसीएल को पूरे प्वाइंट्स मिले।