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नेमप्लेट विवाद में कूदे बाबा रामदेव, बोले- नाम छिपाना अनुचित, सभी के पूर्वज थे हिंदू

हरिद्वार कांवड़ यात्रा से पहले 'नेमप्लेट विवाद' पर योग गुरु बाबा रामदेव ने बड़ा बयान दिया है। बाबा रामदेव ने कहा है कि सभी मुसलमानों के पूर्वज हिंदू ही हैं, इसलिए नाम छिपाने में कुछ नहीं रखा है। बाबा रामदेव ने शिवभक्तों से भी खास अपील की है। बाबा रामदेव ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "जैसे रामदेव को हिंदू होने पर गर्व है, वैसे ही मुस्लिम समुदाय के लोगों को अपने मुस्लिम होने पर गर्व होना चाहिए। सभी मुसलमानों के पूर्वज हिंदू ही हैं। इसलिए नाम छिपाने में कुछ नहीं रखा है। नाम बताना चाहिए, अगर किसी की मर्जी होगी तो वो खाना खाने आएगा, इसलिए नाम छिपाना न मजहब की दृष्टि से उचित है, न धार्मिक स्थिति और न व्यवहारिक दृष्टि से उचित है।" उन्होंने कहा कि सबको अपने-अपने मातृवंश और मजहब पर गौरव होना चाहिए। मुस्लिम भाइयों को किसी तरह से भी अपना मजहब नहीं छिपाना चाहिए। योग गुरु रामदेव बाबा ने कांवड़ यात्रियों से भी अपील की है। उन्होंने कहा, "कांवड़ लेकर चलने वाले लोग भगवान शिव के सच्चे भक्त हैं। भगवान शिव पवित्रता के प्रतीक हैं और सनातन धर्म के सबसे बड़े देवताओं में से एक 'आदि योगी' हैं। इसलिए शिव भक्तों को संयम और धैर्य का परिचय देना चाहिए। अगर किसी को बीड़ी-सिगरेट, शराब पीने या भांग जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करने की लत है तो उन्हें इस बार कांवड़ लेकर चलते समय भगवान भोलेनाथ को अपनी सारी बुराइयां अर्पित करनी चाहिए। उन्हें व्यसन मुक्त जीवन जीने का संकल्प लेना चाहिए।" 'भाषा विवाद' पर योग गुरु ने कहा, "भाषा और अलग-अलग जाति के आधार पर हम हिंदू लड़ते हैं तो उससे हिंदू एकता, राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर आंच आती है। इसलिए हम सबको भारतवासी होकर एकजुट रहना चाहिए। हमारी एकता में ही राष्ट्रीय एकता और अखंडता अक्षुण्य रहेगी।" उन्होंने आगे कहा, "हिंदुत्व का जो मूल दर्शन है, हमें उसे ही समझना है। हम सब एक ही ईश्वर की संतान हैं। भाषाएं अलग हो सकती हैं, रीति-रिवाज भिन्न हो सकते हैं और जाति-वर्ग अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन अभेद दृष्टि को ही हमने जीया है और यही हिंदुत्व है। वेद भी यही कहते हैं।"

मौसम का कहर: MP से ओडिशा तक बारिश का तांडव, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

नई दिल्ली  देश के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के करीब है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में 6 से 11 जुलाई तक को अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 6 से 8 जुलाई तक भारी बारिश होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ में 6 से 7 जुलाई और विदर्भ में 7 व 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश के आसार हैं। इसके अलावा, पूर्वी और मध्य भारत में अगले सात दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं की संभावना है। राजस्थान में दक्षिण पश्चिमी मॉनसून की सक्रियता जारी है। शनिवार दिन में सीकर में सबसे अधिक 45 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में रविवार से बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। मौमस विभाग के अनुसार, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में मध्यम दर्जे की बारिश आगामी 2-3 दिन हो सकती है। जोधपुर संभाग के कुछ भागों में 6 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कमी होगी। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार शनिवार को राज्य में कई स्थानों पर बादल गरजने के साथ बारिश हुई। इस दौरान सीकर में 45 मिलीमीटर, वनस्थली में 26 मिलीमीटर, जयपुर में 14 मिलीमीटर, कोटा में 7.2 मिलीमीटर, फतेहपुर में 7 मिलीमीटर बारिश हुई। कई और जगह भी बूंदाबांदी व बारिश हुई। बंगाल में भारी बारिश की संभावना पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र में कम दबाव बनने की संभावना है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। पुरुलिया, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों के कुछ हिस्सों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिम वर्धमान, पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और बांकुड़ा जिलों में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने और मजबूत मानसून प्रवाह के कारण इन जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होगी। आईएमडी ने कहा कि उपहिमालयी जिलों दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार के कुछ हिस्सों में 10 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों के लिए रेड अलर्ट हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण 260 से अधिक सड़कें बंद हैं जिनमें से 176 अवरुद्ध सड़कें अकेले मंडी जिले में हैं। स्थानीय मौसम विभाग ने रविवार को कांगड़ा, सिरमौर और मंडी जिलों के कुछ स्थानों पर अत्याधिक बारिश की आशंका जताते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, सोलन, शिमला और कुल्लू जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत बारिश की आशंका के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। एक दिन में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी के बीच हुई वर्षा को बहुत भारी वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 204.4 मिमी से अधिक वर्षा को अति भारी वर्षा माना जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन, अचानक बाढ़ आने, जलभराव होने और कमजोर ढांचों, फसलों एवं आवश्यक सेवाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका के प्रति सतर्क किया है। साथ ही नदी-नालों से दूर रहने और संवेदनशील इलाकों में न जाने की सलाह दी है।

प्रेम में पागल डॉक्टर ने महिला सहकर्मी से की मारपीट, मोबाइल भी छीना

तमिलनाडु तमिलनाडु के होसुर में डॉक्टर की ओर से अपनी महिला सहकर्मी पर हमला का मामला सामने आया है। एक निजी दंत चिकित्सा क्लिनिक में काम करने वाली 25 वर्षीय डॉ. कृतिका ने डॉ. अंबु सेल्वन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस हिंसक घटना में घायल डॉ. कृतिका को होसुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पीड़िता ने कहा कि डॉक्टर बार-बार के उसे विवाह करने का प्रस्ताव दे रहा था, जिसने उसने ठुकरा दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। डॉ. कृतिका ने बताया कि डॉ. अंबु ने उन्हें कई बार विवाह के लिए दबाव डाला, जिसे उन्होंने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया। घटना के दिन, अंबु ने उन्हें दोपहिया वाहन पर पाठला पल्ली क्षेत्र में ले जाकर गया और फिर से विवाह के लिए दबाव बनाने लगा। जब कृतिका ने इनकार किया, तो अंबु ने उस पर हमला कर दिया। उनका मोबाइल फोन, सोने की चेन, कंगन और घड़ी छीन ली। बाद में, उन्हें क्लिनिक वापस लाकर और मारपीट की गई, जहां उनके सहकर्मियों ने दखल देकर उनकी जान बचाई। आरोपी डॉक्टर पहले से शादीशुदा होसुर टाउन पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद केस अधिकरट्टी पुलिस स्टेशन को हस्तांतरित कर दिया, क्योंकि घटना उनके क्षेत्राधिकार में हुई थी। डॉ. कृतिका ने अधिकरट्टी पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज की है। जांच में पता चला कि डॉ. अंबु सेल्वन पहले से शादीशुदा है, लेकिन वर्तमान में अपनी पत्नी से अलग रह रहा है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और सख्त ऐक्शन लेने की मांग हो रही है।  

भगवान गणेश और नाग देवता की मूर्तियां टूटीं, कर्नाटक के शिवमोगा में हालात तनावपूर्ण

कर्नाटक  कर्नाटक में शिवमोगा के बंगरप्पा लेआउट इलाके में रविवार को उस समय तनाव फैल गया, जब अज्ञात बदमाशों ने भगवान गणेश और नाग देवता की मूर्तियों को खंडित कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने यह भी बताया कि नाग देवता की मूर्ति सड़क किनारे नाले में पड़ी पाई गई। यह घटना शिवमोगा के शांतिनगर वार्ड में हुई, जहां हाल ही में बंगरप्पा लेआउट की मुख्य सड़क पर मूर्तियां स्थापित की गई थीं। इलाके के निवासियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और देवताओं के अपमान पर गुस्सा जताया। पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय समुदाय से चर्चा की। अधिकारियों ने निवासियों को बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और पुलिस जांच जारी है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विजयेंद्र ने एक्स पर एक पोस्ट में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिवमोगा में शरारती हरकतों में थोड़े समय के विराम के बाद हिंदू विरोधी तत्वों ने एक बार फिर अपनी हरकतें शुरू कर दी हैं। भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना शिवमोगा जिले के शिकारीपुरा से विधायक विजयेंद्र ने कहा, ‘रग्गीगुड्डा में बदमाशों ने भगवान गणेश और शेषनाग की मूर्तियों को खंडित किया।’ उन्होंने यह भी कहा कि मूर्ति को नाले में फेंक दिया गया। विजयेंद्र ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘हिंदू संगठनों को बुरी नजर से देखने वाली कर्नाटक की कांग्रेस सरकार हमेशा हिंदू विरोधी ताकतों की कट्टर समर्थक बनकर खड़ी रही है। शिवमोगा जिले में बदमाशों की ज्यादतियां चरम सीमा पर पहुंच गई हैं।’ भाजपा नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार इन दुष्ट तत्वों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं करती तो जो परिणाम होगा उसकी जिम्मेदार वह खुद होगी। कांग्रेस की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।  

कब्र से निकली सच्चाई: 11 साल बाद आरोपी ने कबूला रेप और हत्या का खौफनाक राज

बेंगलुरु कर्नाटक में एक चौंकाने वाले खुलासे ने सनसनी फैला दी है। यहां पर एक शख्स ने दावा किया है कि उसने रेप की शिकार लड़कियों और महिलाओं की लाशें जलाकर ठिकाने लगाई हैं। उसका कहना है कि 1998 से 2014 तक लगातार उसने ऐसा किया। करीब 11 साल बाद यह शख्स खुद पुलिस के पास पहुंचा और अपना गुनाह स्वीकार किया। साथ ही उसने यह भी कहाकि उसे ऐसा करने पर मजबूर किया गया। यह व्यक्ति कर्नाटक के धर्मस्थल में सफाई कर्मचारी था। उसने पुलिस से अपनी पहचान छुपाने का अनुरोध किया है। उसने पुलिस को कुछ लाशों और कंकाल की फोटो भी दी है। जल रहा था पछतावे की आग में इस व्यक्ति का कहना है कि वह दसियों साल से पछतावे की आग में जल रहा था। फिर उसने सामने आने का फैसला किया ताकि रेप और मर्डर के पीड़ितों को न्याय मिल सके। पुलिस का कहना है कि कोर्ट की जरूरी इजाजत के बाद धर्मस्थल पुलिस थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। स्कूली लड़कियों की भी लाश इस शख्स ने बताया कि शुरुआत में उसे लगा कि यह लाशें आत्महत्या करने वालों की या फिर डूबकर मरने वालों की है। इनमें बड़ी तादाद में महिलाओं की लाशें होती थीं। उनमें भी शरीर पर कोई कपड़ा नहीं रहता था। कुछ महिलाओं की लाशों पर तो यौन उत्पीड़न और हिंसा के निशान होते थे। ऐसा लगता था कि जैसे रेप के दौरान उन्हें काफी ज्यादा प्रताड़ित किया गया है। उसने बताया इनमें काफी ज्यादा संख्या स्कूली लड़कियों की होती थी। मना करने पर मारा-पीटा गया खुद की पहचान छुपाने वाले इस शख्स ने यह भी बताया कि 1998 में पहली लाश आई थी। उसने बताया कि मेरे सुपरवाइजर ने चुपचाप लाशों को ठिकाने लगाने के लिए कहा। जब मैंने इनकार किया और पुलिस के जाने की बात कही तो मुझे बुरी तरह से मारा-पीटा गया। इसके अलावा खुद को और अपने परिवार को भी बचाने की गुहार लगाई है। उसने कहाकि 11 साल पहले उसने परिवार के साथ धर्मस्थल छोड़ दिया। वह पड़ोसी राज्य में किसी गुप्त जगह पर जाकर छिप गया था। उसने बताया कि हमें हर रोज बस यही डर लगा रहता था कि कहीं हमें मार न दिया जाए।  

तिहाड़ से छूटते ही फरार हुआ खूंखार सोहराब, जेल सुरक्षा पर उठे सवाल

नई दिल्ली  एतिहाड़ जेल में सजा काट रहा सीरियल किलर सोहराब फरार हो गया है। सोहराब तीन दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आया था, लेकिन वापस जेल नहीं लौटा। जेल प्रशासन लखनऊ पुलिस के साथ मिलकर सोहराब को ढूंढ रही है।मिली जानकारी के अनुसार, सोहराब को तीन दिन के लिए पैरोल पर तिहाड़ से बाहर निकाला गया था। लखनऊ में पत्नी से मुलाकात के बाद सोहराब को दिल्ली की तिहाड़ जेल पहुंचना था, लेकिन वो नहीं पहुंचा। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और उसकी तलाश शुरू कर दी गई। जेल प्रशासन ने लखनऊ पुलिस से संपर्क किया और सोहराब को बरामद करने का प्रयास तेज कर दिया है। सोहराब एक खतरनाक अपराधी और सीरियल किलर है। उसने कई हत्याओं को अंजाम दिया है। सोहराब ने समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लखनऊ के सआदतगंज में पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के नाती की भी हत्या करवा दी थी। इस दौरान वो जेल में बंद था, लेकिन हत्या के लिए पूरा प्लान करने के बाद अंजाम दे दिया था। इसके अलावा सोहराब पूर्व पार्षद की हत्या की साजिश में भी शामिल रहा है। सोहराब ने लखनऊ के अमीनाबाद में बीजेपी के पार्षद पप्पू पांडे की शूटर को सुपारी देकर हत्या करवा दी थी। मामला साल 2005 का है। सोहराब के छोटे भाई शहजादे की लखनऊ के हुसैनगंज में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद से ही सोहराब के साथ उसके दो भाइयों के सिर पर खून सवार था। रमजान में हुई भाई की हत्या का बदला तीनों ने एक साल बाद लिया। भाई की हत्या के एक साल बाद ईद वाले दिन तीनों भाइयों, सोहराब, सलीम और रुस्तम ने अपने भाई के हत्यारों की हत्या कर दी थी। हत्या करने से पहले सोहराब ने लखनऊ के तत्कालीन एसएसपी को फोन करके कहा था कि अपने भाई की मौत का बदला लेने जा रहा हूं, रोक सको तो रोक लो। इसके बाद तीनों ने अपने भाई के हत्यारों को ईद के दिन मौत के घाट उतार दिया था। अब सोहराब पैरोल पर बाहर तो निकला, लेकिन पैरोल का समय खत्म होने के बाद भी तिहाड़ नहीं पहुंचा। इस मामले की सूचना जब जेल प्रशासन को हुई तो उनके हाथ-पांव फूलने लगे। तिहाड़ जेल प्रशासन ने तुरंत लखनऊ पुलिस को संपर्क किया और सोहराब को ढूंढने का काम शुरू कर दिया।  

PM मोदी से मिलने का जुनून: NRI ने अर्जेंटीना में तय की 400 किमी की लंबी दूरी

नई दिल्ली  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi) पांच देशों की अपनी यात्रा के तीसरे चरण में अर्जेंटीना (PM Modi Argentina visit) पहुंचे। ब्यूनस आयर्स में भारतीय समुदाय ने उनका स्वागत किया। अर्जेंटीना में एक भारतीय व्यक्तिविजय कुमार गुप्ता ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन (Indian man travels to greet PM Modi) करने के लिए 400 किलोमीटर की यात्रा कर के आया है (400 km journey to meet PM Modi) , साथ ही उसने यह भी कहा कि उसे उनसे हाथ मिलाने (PM Modi handshake Argentina) का मौका भी मिला। प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय यात्रा के लिए शनिवार को ब्यूनस आयर्स पहुंचे। वे अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली से बातचीत करेंगे। अर्जेंटीना में भारतीय समुदाय के सदस्य गुप्ता ने एएनआई से बात करते हुए अपनी लंबी यात्रा के बारे में दावा किया।   मोदी की अर्जेंटीना यात्रा पर भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट और होटल परिसर में "Modi-Modi", "जय हिंद" सहित देशभक्ति के नारे गूंजे और पारंपरिक नृत्य-गीतों का प्रदर्शन हुआ । 400 किमी की यात्रा, ‘हैलो’ और हाथ मिलाने की खुशी रोज़ारियो के रहने वाले प्रवासी भारतीय विजय कुमार गुप्ता ने ANI को बताया कि वह “हैलो” कहने और हाथ मिलाने की ख्वाहिश से 400 किमी की यात्रा करके यहां आए। उन्हें इस मौके पर पर्सनल इंटरैक्शन का सौभाग्य भी मिला । पीएम मोदी का संदेश – संस्कृति से दूरी मायने नहीं रखती मोदी ने ट्विटर (एक्स) पर लिखा, “Cultural connect में दूरी कोई बाधा नहीं होती!” उन्होंने कहा कि हजारों किलोमीटर दूर भी भारतीयों की संस्कृति से जुड़ाव दिखाई देता है द्विपक्षीय एजेंडा: समृद्ध व्यापार से रक्षा तक पीएम मोदी और राष्ट्रपति जेवियर माइलि की बैठक में खनिज, ऊर्जा, कृषि, रक्षा, और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भारत-अर्जेंटीना संबंधों को मजबूती देने पर चर्चा होगी प्रवासी भारतीयों में उत्साह की झलक “मोदी जी से हाथ मिलाकर गर्व महसूस हुआ,”— विजय कुमार गुप्ता जैसे कई भारतीयों की भावनाएं अभिव्यक्त हुईं । PM मोदी का भावनात्मक संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पोस्ट में लिखा, “Distance is no barrier when it comes to cultural connect!” कौन-कौन से समझौते होंगे? खनिज, ऊर्जा, रक्षा और कृषि क्षेत्रों में कितने MoUs या समझौते होंगे, इसकी ब्रीफिंग कब जारी की जाएगी? प्रवासी भारतीयों को शामिल करने का क्या प्लान? क्या आने वाले कार्यक्रमों में भारतीय समुदाय के बच्चों, युवाओं या कलाकारों को शामिल किया जाएगा? लैटिन अमेरिका की ओर भारत की रणनीति यह दौरा दर्शाता है कि भारत लैटिन अमेरिका की ओर बढ़ते व्यापार और रणनीतिक हितों की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। संस्कृति से जुड़ाव की ताकत पीएम मोदी का संदेश साफ है—सांस्कृतिक जुड़ाव, चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हो, उस दूरी को मिटा देता है।

डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक, विमान ने प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में कर दी घुसपैठ

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। न्यू जर्सी स्थित राष्ट्रपति के निजी गोल्फ कोर्स के ऊपर एक विमान के उड़ने से सीक्रेट सर्विस में हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने लड़ाकू विमान भेजकर विमान को खदेड़ा। NORAD ने इस घटना की जानकारी दी है। जिस दौरान यह घटना हुई, उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप स्वतंत्रता दिवस के बाद वीकेंड मनाने के लिए गोल्फ कोर्स में मौजूद थे। NORAD ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि 5 जुलाई को 2025 को बेंडमिस्टर, न्यू जर्सी के ऊपर एक विमान ने अस्थायी उड़ान प्रतिबंध का उल्लंघन किया, जिसे इंटरसेप्ट किया गया। इसमें विमानों के पायलटों से उड़ान से पहले संघीय विमानन प्रशासन से जारी किए अलर्ट को देखने को कहा गया है। उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड उत्तरी अमेरिका की रक्षा के लिए एयरोस्पेस चेतावनी, एयरोस्पेस नियंत्रण और समुद्री चेतावनी का संचालन करता है। शनिवार दोपहर हवाई क्षेत्र में घुसा विमान NORAD के बयान के अनुसार, नागरिक विमान ने शनिवार 5 जुलाई को स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:40 बजे (भारतीय समयानुसार रविवार 12:10 सुबह) से ठीक पहले अस्थायी उड़ान प्रतिबंध क्षेत्र में उड़ गया। उसे लड़ाकू जेट द्वारा सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि यह प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र का दिन का चौथा उल्लंघन था, और बाद में एक और उल्लंघन हुआ। एफ-16 लड़ाकू विमान ने खदेड़ा हालांकि, NORAD ने यह जानकारी नहीं दी कि घुसपैठिए विमान को खदेड़ने के लिए किस फाइटर जेट का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन द न्यूयॉर्क पोस्ट सहित कई आउटलेट्स ने बताया कि यह एक F-16 लड़ाकू विमान था। फरवरी में भी, NORAD ने फ्लोरिडा में ट्रम्प के मार-ए-लागो रिसॉर्ट के ऊपर हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में तीन F-16 को उड़ाया था।

पूर्व मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ के सरकारी बंगले में तय समय से ज्यादा दिन रुकने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र

नई दिल्ली पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ का सरकारी बंगले में ज्यादा दिन तक रुकना अब विवाद का कारण बन गया है। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि 5, कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगला तुरंत खाली करवाया जाए। यह बंगला देश के मुख्य न्यायाधीश का आधिकारिक निवास है। चंद्रचूड़ नवंबर 2024 में रिटायर हुए थे, लेकिन अब तक वहीं रह रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक जुलाई को केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि देश के पूर्व मुख्य न्यायधीश चंद्रचूड़ तय समय से ज्यादा दिन बंगले में रह रहे हैं। नियम के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद पूर्व मुख्य न्यायधीश को छह महीने तक टाइप-सात बंगले में रह सकते हैं। लेकिन चंद्रचूड़ टाइप-आठ बंगले में आठ महीने से रह रहे हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। इस मुद्दे पर क्या बोले चंद्रचूड़ इस मुद्दे पर चंद्रचूड़ ने कहा कि यह देरी उनके पारिवारिक कारणों की वजह से हुई। उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियों को विशेष देखभाल की जरूरत है और उनके लिए उपयुक्त घर ढूंढना आसान नहीं था। सरकार ने उन्हें किराए पर दूसरा घर दिया है, जिसकी मरम्मत चल रही है। मरम्मत पूरी होते ही वह शिफ्ट हो जाएंगे। इन दो मुख्य न्यायाधीश ने नहीं लिया बंगला दिलचस्प बात यह है कि चंद्रचूड़ के रिटायरमेंट के बाद दो मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना और वर्तमान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगला लेने से इनकार कर दिया। दोनों ने अपने पुराने आवास में ही रहना पसंद किया। इसी वजह से चंद्रचूड़ को बंगले में अतिरिक्त समय मिलने में आसानी हुई। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने दी थी सीमित मोहलत सुप्रीम कोर्ट की तरफ से चंद्रचूड़ को पहले ही अप्रैल 2025 तक बंगला रखने की अनुमति दी गई थी। बाद में मई 2025 तक मौखिक रूप से मोहलत भी मिली। लेकिन अब वह समय भी बीत चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब और इंतजार नहीं किया जा सकता क्योंकि कई जजों को आवास की जरूरत है। चंद्रचूड़ बोले- जिम्मेदारियों का एहसास है चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्हें पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारियों का एहसास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कुछ ही दिनों में बंगला छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले कई पूर्व मुख्य न्यायाधीश को भी परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त समय दिया गया है। वह यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट प्रशासन के साथ पहले ही साझा कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट की साख पर सवाल यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा कम ही देखा गया है जब अदालत को अपने आधिकारिक निवास को खाली कराने के लिए केंद्र सरकार को लिखित रूप से कहना पड़े। आमतौर पर ऐसे मामलों में अंदरखाने समाधान निकाल लिया जाता है। लेकिन मौजूदा हालात में अदालत को सख्त कदम उठाना पड़ा, जिससे यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है।

हिमाचल प्रदेश में आज फिर भारी बारिश की चेतावनी, मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में रेड अलर्ट जारी

शिमला हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक बार फिर बादल फटने से तबाही मची है। चौहारघाटी सिल्हबुधानी के कोरतंग में देर रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है, लेकिन जानमाल को नुकसान नहीं है। बीते सोमवार की रात मंडी में कई जगह बादल फटने से हुई तबाही के जख्मों के बीच हिमाचल में रविवार को फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। सात जिलों ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन के लिए ऑरेंज अलर्ट है। जबकि कांगड़ा, चंबा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिले के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 7-8 जुलाई को पूरे प्रदेश में ऑरेंज और 9 जुलाई को येलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार को कांगड़ा समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इसी बीच, नादौन और कांगड़ा में दो शव मिले हैं। नादौन में ब्यास नदी के किनारे बटाली क्षेत्र में मिले शव की पहचान मंडी के पंगलियुर (सैंज) निवासी 30 वर्षीय इंद्रदेव के रूप में हुई है। एक और शव की शिनाख्त होने के बाद मंडी जिले में प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या 18 हो गई है। बारिश के चलते चारों फ्लाइटें रद्द शनिवार सुबह बारिश के चलते दिल्ली और चंडीगढ़ से कोई भी फ्लाइट गगल एयरपोर्ट नहीं पहुंची। चारों फ्लाइटें रद्द रहीं। इसमें इंडिगो की एक दिल्ली और एक चंडीगढ़ से फ्लाइट। वहीं, स्पाइस जेट की दो फ्लाइटें दिल्ली से नहीं आई।  प्रदेश में अभी 239 सड़कें बंद उधर, बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में अभी 239 सड़कें, 258 ट्रांसफॉर्मर व 289 पेयजल स्कीमें ठप हैं। सर्वाधिक 176 सड़कें मंडी जिले में अवरुद्ध हैं। इनमें सराज में 85 सड़कें बंद हैं। प्रदेश में मानसून सीजन में अब तक 72 लोगों की जान गई है। 566.87 करोड़ का नुकसान आंका जा चुका है। सरकार किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार: सुक्खू मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मौसम विभाग ने रविवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में आपदा प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है।  शनिवार को शिमला में मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि प्रभावितों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए हैं। वह स्वयं लगातार जिला प्रशासन से संपर्क में हैं। जहां सड़कें टूटी हैं, वहां खच्चरों पर खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है।   कुछ सड़कें बहाल कर दी गई हैं, जिससे राहत कार्यों में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रभावितों को हर महीने 5,000 रुपये मासिक किराया देने का फैसला लिया है।   उन्होंने सराज क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया है कि जिनके मकान सुरक्षित हैं, वे अतिरिक्त कमरों को प्रभावित परिवारों को किराये पर देने के लिए आगे आएं। मंडी जिले के आपदा प्रभावित परिवारों को अब तक 1,317 खाद्य सामग्री किट वितरित कर दी गई है।   थुनाग में दूरसंचार सेवाएं बहाल, कई इलाकों में बांटा गया राशन वहीं, आपदा प्रभावित मंडी के सराज, थुनाग समेत अन्य जगह शनिवार को भी सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन का राहत व बचाव अभियान जारी रहा। एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के 250 जवान तैनात किए गए हैं।  प्रभावित क्षेत्रों में दो हेलिकाप्टरों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। सराज क्षेत्र में अब राहत और बचाव कार्यों में तेजी आई है। सेना के जवान दलदल भरे रास्तों में मोर्चा संभाले हुए हैं। थुनाग में दूरसंचार सेवाएं बहाल हो गई हैं। कुछ जगहों में बिजली सुविधा भी मिलना शुरू हो गई। थुनाग के साथ जंजैहली में राशन भी पहुंचना शुरू हो गया है। गर्भवती को पैदल, पालकी और गाड़ी से पहुंचाया करसोग मंडी जंजैहली मार्ग को थुनाग होकर लंबाथाच तक बहाल कर लिया गया है। राशन किट रैनगलू तक पहुंचाई जा रही हैं। शनिवार को दो गर्भवती महिलाओं को जंजैहली से पैदल व गाड़ी से करसोग पहुंचाया गया है। करीब आठ से दस किमी पालकी में बिठाकर सफर तय किया। मंडी के सराज में बादल फटने से सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है। इस बारे में बात करते हुए दिनेश नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि बहुत नुकसान हुआ है। हमने बगीचे में एक हजार पौधे लगाए थे, जो भी नष्ट हो गए। इस साल कुछ पौधे 25 साल पुराने थे, और हमने अन्य छोटे पौधे भी लगाए थे, लेकिन वे खत्म हो गए। हमारा परिवार सुरक्षित और स्वस्थ है। सब कुछ ठीक है, और जानवर भी सुरक्षित हैं।