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कर्नाटक की पहाड़ियों में गुफा से मिला पूरा परिवार, रूसी महिला और दो बच्चों को पुलिस ने बचाया

कर्नाटक उत्तर कन्नड़ जिले के कुमता तालुक स्थित दुर्गम रामतीर्थ पहाड़ियों की एक गुफा से शुक्रवार को एक 40 वर्षीय रूसी महिला और उसके दो बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। यह महिला, नीना कुटीना उर्फ मोही, अपने दो छोटे बच्चों के साथ लगभग दो सप्ताह से एकांतवास में रह रही थी। पुलिस ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। पूजा, ध्यान और आत्मिक शांति की तलाश में गुफा में बिता रही थी दिन पुलिस के अनुसार, मोही बीते कुछ समय से गुफा में आत्मिक शांति की तलाश में रह रही थी। उसने गुफा को एक आध्यात्मिक स्थल में परिवर्तित कर दिया था, जहां रुद्र मूर्ति स्थापित कर वह दिनभर पूजा और ध्यान में लीन रहती थी। वह अपने दो बच्चों प्रेया (6) और अमा (4) के साथ गोकर्ण के घने जंगलों और पहाड़ी इलाके में रह रही थी। भूस्खलन के बाद गश्त के दौरान मिला सुराग हाल ही में हुए भूस्खलन के बाद पुलिस की एक टीम नियमित गश्त पर थी, जब उन्होंने गुफा के पास कपड़े सूखते हुए देखे। यह सुराग मिलने पर जब टीम ने गुफा की ओर रुख किया, तो उन्हें मोही और उसके बच्चे वहां मिले। पुलिस अधीक्षक एम. नारायण ने बताया, "यह आश्चर्यजनक था कि एक महिला दो छोटे बच्चों के साथ इतने दुर्गम स्थान पर रह रही थी। सौभाग्य से वे सभी सुरक्षित थे और अच्छे स्वास्थ्य में पाए गए।" 2017 में खत्म हो गया था वीजा जानकारी के अनुसार, मोही भारत में बिजनेस वीजा पर आई थी, जिसकी वैधता वर्ष 2017 में समाप्त हो चुकी थी। वह कब से देश में रह रही है, इसका स्पष्ट विवरण नहीं है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि वह गोवा से गोकर्ण आई और फिर पहाड़ियों में एकांतवास का जीवन शुरू कर दिया। उसने हिंदू धर्म और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से प्रेरित होकर यह निर्णय लिया था। रेस्क्यू के बाद, पुलिस ने मोही और उसके बच्चों के लिए गोकर्ण स्थित एक साध्वी द्वारा संचालित आश्रम में अस्थायी आवास की व्यवस्था की है। एक स्थानीय एनजीओ की मदद से रूसी दूतावास से संपर्क किया गया है और आधिकारिक निर्वासन (deportation) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इस परिवार को बेंगलुरु लाया जाएगा।

मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 6 दिन तक भारी बारिश, सतर्क रहें

मुंबई पिछले एक महीने में महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। कुछ राज्यों में बारिश बहुत ज़्यादा हुई है और बाढ़ आ गई है। इससे नागरिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट भी आई है। लेकिन एक बार फिर भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देशभर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग द्वारा दी गई चेतावनी के अनुसार, अगले 6 दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 6 दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए 12 से 17 जुलाई के बीच बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र में भी अगले छह दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस बीच, महाराष्ट्र में भी बारिश के बादल छाने वाले हैं। पिछले कुछ दिनों से थमी बारिश के वापस लौटने की संभावना है। महाराष्ट्र के कोंकण और विदर्भ में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं मराठवाड़ा में बारिश की मात्रा कम थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से मराठवाड़ा में यह कमी भी पूरी हो गई है, वहीं दूसरी ओर विदर्भ में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। बहरहाल अगले 6 दिनों तक महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, इसी के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है।  

श्रद्धा की पराकाष्ठा: 351 लीटर गंगाजल लेकर 306 दिन तक चला ये अद्भुत शिवभक्त

नई दिल्ली  सावन महीने की शुरूआत से कड़ी सुरक्षा के बीच कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की भक्ति देखने को मिलती है। ऐसा ही एक भक्त सहारनपुर जनपद के नकुड़ के गांव नयागांव निवासी मनोज कुमार है। जो इस साल की सबसे भारी कांवड को लेकर चल रहे है। मनोज कुमार 306 दिनों से लगातार कांवड़ यात्रा पर हैं।  हरिद्वार से शुरू की थी यात्रा  जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार ने हरिद्वार से 351 लीटर गंगाजल अपने कंधों पर लेकर सफर शुरू किया था। उन्होंने लगातार 306 दिनों तक यात्रा की अब वो सहारनपुर रोड स्थित हरि कॉलेज के पास पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ये यात्रा किसी दिखावे के लिए नहीं शुरू की। बल्कि भोले बाबा का नाम लेकर शुरू की है। वो भोलेनाथ का नाम लेकर चल रहे है।  अब तक अकेले किया सफर  मनोज ने बताया कि उन्होंने न तो कोई अभ्यास किया, न ही कोई पूर्व योजना बनाई थी। न ही किसी मन्नत या दिखावे के लिए ये यात्रा शुरू की। उसने बताया कि हर केन में लगभग 175 लीटर जल है और इसका कुल वजन इतना अधिक है कि वो एक दिन में सिर्फ एक किलोमीटर तक ही चल पाते है। इस गंगाजल को अपने कंधों पर अकेले उठाकर हरिद्वार से लेकर अब तक सफर किया है। गांव तक पहुंचने में अभी लगभग 6-7 दिन और लग सकते हैं। उनकी इस भक्ति को देखकर सब लोग खुश हो रहे है और हैरान भी रह जाते है।  

राज्यसभा नामांकन पर बोले जेपी नड्डा – ‘गौरव का क्षण’, दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा के लिए नामित देश के 4 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शुभकामनाएं दी हैं। भाजपा अध्यक्ष ने उनके योगदान की भी सराहना की। राज्यसभा के लिए नामित सदस्यों में वरिष्ठ राजनयिक हर्षवर्धन श्रृंगला, प्रसिद्ध इतिहासकार मीनाक्षी जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम और सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद-80 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए सभी चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए नामित किया। उनकी यह नियुक्तियां खाली सीटों के लिए हुईं। जेपी नड्डा ने मीनाक्षी जैन को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर मीनाक्षी जैन को बधाई। उन्होंने वर्षों तक हमारे इतिहास, राजनीति और साहित्य का अध्ययन और लेखन किया है। उनका कार्य लोगों को गहराई से सोचने और सीखने में मदद करता है। राज्यसभा में उनकी उपस्थिति राष्ट्र के लिए एक बड़ी संपत्ति होगी। संसद में उनकी भूमिका के लिए शुभकामनाएं।" उज्ज्वल निकम के लिए अपने संदेश में नड्डा ने कहा, "उज्ज्वल निकम को राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई। अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने न्याय को बनाए रखने और सभी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत की है। कानून और संविधान के प्रति उनका समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है। संसद में उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं।" हर्षवर्धन श्रृंगला को बधाई देते हुए जेपी नड्डा ने लिखा, "हर्षवर्धन श्रृंगला को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई। एक अनुभवी राजनयिक के रूप में उन्होंने पूरे समर्पण के साथ भारत की सेवा की और जी-20 अध्यक्षता को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। वैश्विक मामलों में उनके विशाल अनुभव से उच्च सदन को मूल्यवान दृष्टिकोण मिलेगा। संसद में इस नई यात्रा के लिए उन्हें शुभकामनाएं।" सी. सदानंदन मास्टर को लेकर अपने संदेश में भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "सी. सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर बधाई। समाज कल्याण और शिक्षा के प्रति आपकी निडर सेवा ने अनेक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। डर और धमकियों के बावजूद आप देश की प्रगति के लिए अडिग रहे। युवाओं को मार्गदर्शन और प्रेरित करने का उनका जुनून सराहनीय है। संसद में उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं।"

फिर संकट में अमरनाथ यात्रा, कुलगाम में बस टक्कर में 10 से ज्यादा श्रद्धालु जख्मी

जम्मू-कश्मीर अमरनाथ यात्रा के दौरान एक और बड़ा हादसा सामने आया है। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के खुडवानी इलाके में बालटाल की ओर जा रहे अमरनाथ यात्रा काफिले की तीन बसें आपस में टकरा गईं। इस हादसे में 10 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक इलाज देने के बाद अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी यात्रियों की हालत स्थिर है और उन्हें मामूली चोटें आई हैं। कैसे हुआ हादसा यह हादसा रविवार को सुबह के समय हुआ जब अमरनाथ यात्रियों का एक काफिला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टचलू क्रॉसिंग के पास से गुजर रहा था। कुलगाम जिले के खुडवानी क्षेत्र में जैसे ही बसें टचलू क्रॉसिंग के पास पहुंचीं, तीन बसें एक-दूसरे से टकरा गईं। माना जा रहा है कि बसों की रफ्तार और ब्रेकिंग में हुई चूक के कारण यह टक्कर हुई। हालांकि हादसे की असली वजह की जांच की जा रही है। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया जहां नौ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अनंतनाग के GMC अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने दी राहत की खबर GMC अनंतनाग के डॉक्टरों ने बताया कि घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत अब स्थिर है। किसी को गंभीर चोट नहीं लगी है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार सभी घायलों की निगरानी कर रही है और जरूरत के अनुसार इलाज जारी है।   प्रशासन और पुलिस सतर्क हादसे की जानकारी मिलते ही कुलगाम पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि हादसे के पीछे का कारण जल्द ही स्पष्ट किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं और बसों की नियमित जांच भी की जा रही है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि वाहन चालकों के पास वैध लाइसेंस हो और वे तय गति सीमा का पालन करें।  

लावरोव और किम की मुलाकात से बढ़ी रूस-उत्तर कोरिया की दोस्ती, पश्चिमी देशों पर तीखा संदेश

उत्तर कोरिया  रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की और अमेरिका, दक्षिण कोरिया तथा जापान को उत्तर कोरिया के खिलाफ सुरक्षा साझेदारी बनाने के सिलसिले में चेतावनी दी। लावरोव रूस तथा उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य व अन्य सहयोग को और प्रगाढ़ करने के वास्ते बातचीत के लिए उत्तर कोरिया के दौरे पर हैं। उन्होंने शनिवार को उत्तर कोरिया के पूर्वी शहर वोनसान में देश के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं। बैठक के दौरान किम ने यूक्रेन के खिलाफ संघर्ष में रूस द्वारा उठाए गए ‘‘सभी कदमों का बिना शर्त समर्थन और प्रोत्साहन'' देने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार समिति ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी' ने अपनी एक खबर में कहा कि किम ने कहा कि प्योंगयांग और मॉस्को गठबंधन के स्तर के अनुरूप सभी रणनीतिक मुद्दों पर समान विचार रखते हैं। केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, लावरोव ने दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपने ‘‘रणनीतिक एवं सामरिक सहयोग को और मजबूत करने तथा संयुक्त कार्रवाई को तेज करने'' का आह्वान किया। हाल के वर्षों में रूस और उत्तर कोरिया के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं।   उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में समर्थन देने के लिए सैनिकों और गोला-बारूद की आपूर्ति की है, जिसके बदले में उसे सैन्य और आर्थिक सहायता मिली है। उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चो सोन हुई के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में लावरोव ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान पर उत्तर कोरिया के चारों ओर सैन्य जमावड़ा करने का आरोप लगाया। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास' के अनुसार, लावरोव ने कहा, ‘‘हम इन संबंधों का इस्तेमाल उत्तर कोरिया और निश्चित रूप से रूस सहित किसी के भी खिलाफ गठबंधन बनाने को लेकर चेतावनी देते हैं।''    

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए नामित किए 4 नए सदस्य, जानिए कौन हैं ये प्रतिष्ठित व्यक्ति

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए चार मशहूर हस्तियों को नामित किया है. इनमें वकील उज्ज्वल निकम, पूर्व डिप्लोमेट हर्षवर्धन श्रृंगला, हिस्टोरियन डॉक्टर मीनाक्षी जैन और वरिष्ठ सोशल एक्टिविस्ट और एजुकेशनिस्ट सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं. राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी चार हस्तियों को बधाई दी. उन्होंने सभी के पूर्व कामों सराहना भी की. सी. सदानंदन मास्टर केरल के त्रिशूर जिले के एक हाई स्कूल शिक्षक, सी. सदानंदन मास्टर एक सोशल एक्टिविस्ट और एजुकेशनिस्ट हैं. मसलन, उन्होंने सामाजिक और शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है. उन्हें भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया है. वह गंभीर राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए थे. उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से बी.कॉम और कालीकट विश्वविद्यालय से बी.एड की डिग्री हासिल की. वे 1999 से पेरमंगलम के श्री दुर्गा विलासम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सामाजिक विज्ञान पढ़ा रहे हैं. इनके अलावा वे केरल में राष्ट्रीय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष और इसके देशीय अध्यापक वार्ता के पब्लिकेशन संपादक भी हैं. भारतीय विचार केंद्रम के भी सक्रिय सदस्य हैं, जिसकी स्थापना एक आरएसएस प्रचारक पी परमेश्वरन ने किया था. राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए: सदानंदन मास्टर पर 25 जनवरी, 1994 को, राजनीतिक झड़पों के लिए जाने जाने वाले जिले कन्नूर में उनके आवास के पास हमला किया गया था. इस हमले में उनके दोनों पैर काट दिए गए थे. यह हमला कथित तौर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सदस्यों द्वारा किया गया था और कथित तौर पर उनके वामपंथी विचारधारा से दूर होने से जुड़ा था.  घटना के समय उनकी उम्र 30 वर्ष थी. अपनी चोटों के बावजूद, वे सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहे हैं. वह पहले भी केरल में चुनाव में हिस्सा लिया है, जिसमें कन्नूर के कुथुपरम्बा निर्वाचन क्षेत्र से भी चुनाव लड़ चुके हैं. 2021 के चुनाव में भी वह उम्मीदवार थे. सी. सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी और कहा, "एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनके प्रयास सराहनीय हैं. युवा सशक्तिकरण के प्रति उनकी गहरी रुचि है." डॉक्टर मीनाक्षी जैन डॉक्टर मीनाक्षी जैन एक मशहूर हिस्टोरियन हैं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के गार्गी कॉलेज में इतिहास की एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम किया और नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी की पूर्व फेलो हैं. दिसंबर 2014 में, उन्हें इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च के सदस्य के रूप में नामित किया गया था. साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 2020 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. डॉक्टर मीनाक्षी जैन को भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास, विशेष रूप से मध्यकालीन और औपनिवेशिक भारत पर उनके बड़े रिसर्च के लिए जाना जाता है. सामाजिक आधार और जाति और राजनीति के बीच संबंधों पर उनकी डॉक्टरेट थीसिस 1991 में पब्लिश हुई थी. डॉक्टर मीनाक्षी जैन को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी और कहा, "शिक्षा, साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में उनके कार्यों ने अकादमिक विमर्श को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध किया है. उनके संसदीय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं." उज्ज्वल निकम उज्ज्वल निकम का जन्म 30 मार्च, 1953 को महाराष्ट्र के जलगांव में हुआ था. वह एक मशहूर सरकारी वकील रहे हैं. उनके पिता देवरावजी निकम, एक जज और बैरिस्टर थे. उन्होंने जलगांव के ही केसीई सोसाइटी के एसएस मनियार लॉ कॉलेज से साइंस ग्रेजुएशन किया और फिर कानून की डिग्री हासिल की. उज्ज्वल निकम ने ही 26/11 मुंबई आतंकी हमले में वकील रहे थे और वह कई अन्य हाई-प्रोफाइल क्रिमिनल मामलों की वकालत कर चुके हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से उम्मीदवार बनाया था लेकिन वह कांग्रेस नेता (अब सांसद) वर्षा गायकवाड़ से हार गए थे. उज्ज्वल निकम ने कई अहम मामलों वकील: 1991 कल्याण बम विस्फोट: 1991 के कल्याण बम विस्फोट के लिए रविंदर सिंह को दोषी ठहराने में उज्ज्वल निकम ने अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें 12 लोग मारे गए थे और 60 से ज़्यादा घायल हुए थे. 1993 बॉम्बे बम विस्फोट: मुंबई सीरियल बम विस्फोट मामले में सरकारी वकील के रूप में काम किया. यह मुकदमा लगभग 14 साल तक चला और दर्जनों लोगों को दोषी ठहराया गया. गुलशन कुमार हत्याकांड (1997): बॉलीवुड के म्यूजिक प्रोड्यूसर गुलशन कुमार की हत्या का मामला संभाला. प्रमोद महाजन हत्याकांड (2006): वह महाराष्ट्र के मंत्री प्रमोद महाजन की हत्या के मामले में भी वकील थे. 2008 मुंबई हमले (26/11): 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मुकदमे में सरकारी वकील के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई, और एकमात्र पकड़े गए आतंकवादी अजमल कसाब की मौत की सजा के लिए सफलतापूर्वक पैरवी की. शक्ति मिल्स सामूहिक बलात्कार (2013) और कोपर्डी बलात्कार और हत्या मामला (2016): इन अहम मामलों में विशेष सरकारी वकील के रूप में काम किया. उज्ज्वल निकम को कानूनी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 2016 में भारत सरकार द्वारा भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. उनके हाई-प्रोफाइल मामलों में शामिल होने के लिए खतरे की वजह से उन्हें 2009 से जेड-प्लस सुरक्षा भी प्रदान की गई.

बांग्लादेश में हिंसा का तांडव: हिंदू व्यापारी की हत्या के बाद शव पर किया गया डांस

ढाका बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस सरकार बनने के बाद से ही हिंदुओं को प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। राजधानी ढाका में हिंदू व्यापारी की हत्या कर दी गई, जिससे एक बार फिर से पड़ोसी देश में हिंदुओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। लाल चंद सोहाग कबाड़ व्यापारी थे और उनकी पीट-पीटकर हत्या किए जाने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों छात्र शनिवार को सड़कों पर उतर आए और अंतरिम सरकार पर भीड़ हिंसा को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। पुलिस ने कबाड़ व्यापारी लाल चंद सोहाग की पीट-पीटकर हत्या के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो के पास अवैध रूप से हथियार थे। ढाका के कई विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों ने बुधवार को हुई इस घटना के विरोध में रैलियां निकालीं। जबरन वसूली करने वालों ने पुराने ढाका इलाके में मिटफोर्ड अस्पताल के सामने कबाड़ व्यापारी सोहाग की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बीते दिनों वायरल हुए इस घटना के एक वीडियो में सोहाग को कंक्रीट के स्लैब के टुकड़ों से पीट-पीटकर मार डाला गया और फिर उसकी मौत की पुष्टि होने के बाद, हमलावर उसके शव पर नाचते हुए दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, "तुम दरिंदों को लोगों को मारने का अधिकार किसने दिया? जब जबरन वसूली करने वाले उत्पात मचा रहे हैं, तो अंतरिम (सरकार) क्या कर रही है?" ये नारे छात्रों ने अपने परिसरों में लगाए। बीआरएसी विश्वविद्यालय, एनएसयू, ईस्ट वेस्ट विश्वविद्यालय और सरकारी ईडन कॉलेज जैसे निजी विश्वविद्यालयों के छात्रों ने शनिवार को प्रदर्शन किया, जबकि लाल की नृशंस हत्या का वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद प्रमुख ढाका विश्वविद्यालय और जगन्नाथ विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रथम अलो अखबार के अनुसार, लाल चंद की बहन मंजुआरा बेगम (42) ने गुरुवार को राजधानी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज कराया। इस मामले में 19 आरोपियों के नाम हैं और 15-20 अज्ञात संदिग्ध भी शामिल हैं। बीडीन्यूज24 ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के युवा मोर्चे के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कथित तौर पर सोहाग की हत्या कर दी, जो उसी संगठन का एक पूर्व कार्यकर्ता था। पार्टी ने कहा कि उसने लिंचिंग के आरोपी चार अपराधियों को तुरंत पार्टी से निष्कासित कर दिया।  

खिलौना या डरावना सपना? लोगों को सहमा देने वाला ये टॉय एक साल में ही हुआ बैन

नई दिल्ली  खिलौने बच्चों के लिए मनोरंजन का साधन होते हैं जो उन्हें सीखने और उनके विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। ये बच्चों को कल्पनाशील और रचनात्मक बनने में मदद करते हैं और खेल-खेल में गिनती, अक्षर, शेप और कलर जैसी चीजें भी सिखाते हैं। कुछ खिलौने सामाजिक विकास में भी सहायक होते हैं लेकिन क्या आपने कभी ऐसे किसी खिलौने का नाम सुना है जो इतना खतरनाक साबित हुआ हो कि उसे बैन (प्रतिबंधित) करना पड़ गया हो? जी हां दुनिया में एक ऐसा खिलौना बनाया गया था जो सच में इतना खतरनाक था कि बाद में उसे प्रतिबंधित करना पड़ा। गिल्बर्ट यू-238 परमाणु ऊर्जा प्रयोगशाला: एक रेडियोएक्टिव 'लर्निंग सेट' वह खतरनाक खिलौना था 'गिल्बर्ट यू-238 परमाणु ऊर्जा प्रयोगशाला'। यह 1950 के दशक की शुरुआत में बेचा गया था। यह एक रेडियोएक्टिव खिलौना और साथ ही एक लर्निंग सेट भी था। $49.50 में मिलने वाले इस खिलौने में यूरेनियम अयस्क के चार सैंपल (ऑट्यूनाइट, टॉर्बरनाइट, यूरेनिनाइट, कॉर्नोटाइट) शामिल थे। इसके साथ इसमें एक गाइगर काउंटर (जो रेडिएशन नापने के काम आता है) और अलग-अलग कुछ अन्य औज़ार भी थे। इस सेट के साथ लोकप्रिय ब्लोंडी कॉमिक स्ट्रिप से डैगवुड पर आधारित एक कॉमिक बुक भी आई थी जिसका शीर्षक था 'लर्न हाउ डैगवुड स्प्लिट्स द एटम'। इसे मैनहट्टन प्रोजेक्ट के निदेशक जनरल लेस्ली ग्रोव्स के साथ मिलकर लिखा गया था। कैंसर और गंभीर बीमारियों का खतरा: क्यों किया गया बैन? साल 2006 में परमाणु ऊर्जा प्रयोगशाला को अब तक के 10 सबसे खतरनाक खिलौनों में से एक बताया गया था। इस खिलौने के लॉन्च के एक साल के भीतर ही इसे मार्केट से बैन करना पड़ा था क्योंकि इससे लोगों की जान पर बन आई थी। यह आज के आधुनिक टॉयगन जैसा कोई खिलौना नहीं था बल्कि बच्चों को रेडियोएक्टिव सामग्री जैसे कि यूरेनियम 238, पोलोनियम 210, लेड 210 और रेडियम 226 के साथ प्रयोग करने का मौका देता था। इससे बच्चों के लिए कैंसर और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं जैसे खतरे पैदा होने लगे थे। इस गेम के अंदर कई उपकरण और एक मैनुअल भी था जिसके ज़रिए बच्चों को बताया जाता था कि कैसे वे अपनी परमाणु चीजों के बारे में सीख सकते हैं। रेडियोएक्टिव रेडिएशन बहुत खतरनाक होता है लेकिन इस गेम में ग्लव्स या गाइडलाइन्स जैसी कोई सुरक्षा चीज़ें नहीं थीं। उस वक्त यह सोचा गया था कि बच्चे इससे चीजें सीखेंगे और विज्ञान की दुनिया में आगे बढ़ेंगे लेकिन इस भयंकर खतरे को देखते हुए इसे बाद में बैन करना पड़ा था।  

फेक प्रोफाइल के जाल में फंसी अर्जिता फुकन, वायरल तस्वीरों के आरोपी की हुई गिरफ्तारी

असम  असम के डिब्रूगढ़ में प्रतीम बोरा नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसने अर्चिता फुकन का फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर उनकी मॉर्फ्ड तस्वीरें अपलोड की थीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बोरा फुकन का पूर्व साथी रहा है। उसने महिला को बदनाम करने और उत्पीड़न के मकसद से आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड किया था। टिनसुकिया का निवासी बोरा कई हफ्तों से इस फेक प्रोफाइल को ऑपरेट कर रहा था, जिसके बाद फुकन के भाई की शिकायत पर शनिवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अर्चिता फुकन को बेबीडॉल अर्ची के नाम से जाना जाता है। उसने बताया कि फर्जी अकाउंट से उनकी तस्वीरों को अमेरिकी एडल्ट स्टार केंड्रा लस्ट के साथ मॉर्फ करके शेयर किया गया। असम की इस युवती ने कहा कि उनके दोस्तों और परिचितों ने सोशल मीडिया पर वायरल इन मॉर्फ्ड तस्वीरों को देखा। पुलिस ने बताया कि प्रीतम बोरा छिप गया था, लेकिन उसका फोन ट्रेस करके उसे टिनसुकिया के एक किराए के अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया। उसके फोन और लैपटॉप को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। फुकन के साथ बोरा ने ऐसा क्यों किया पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी बोरा ने स्वीकार किया कि उसने फुकन के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट से तस्वीरें लेकर उन्हें एडिट किया था। उसने बताया कि रिश्ता खत्म होने के बाद गुस्से और भावनात्मक निराशा के कारण उसने यह फर्जी अकाउंट बनाया। बोरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी, मानहानि, पहचान हेरफेर, अश्लीलता और गोपनीयता के उल्लंघन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। बोरा पुलिस हिरासत में है और जल्द ही उसे अदालत में पेश किया जाएगा।