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मौत को मात देकर शिवभक्त बना एकमात्र अंग्रेज, पत्नी के तप और बैजनाथ महादेव से जुड़ी चमत्कारी कथा

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में स्थित बैजनाथ महादेव मंदिर का एक अनूठा इतिहास रहा है. ये मंदिर आगर-मालवा के सुसनेर रोड पर स्थित है, जोकि जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों में से एक है. मंदिर के शिखर की ऊंचाई लगभग 50 फीट है. यह भारत का एकमात्र मंदिर है जिसका अंग्रेजों ने जीर्णोद्धार करवाया. मंदिर बाणगंगा नदी के किनारे बना हुआ है. दरअसल, 16वीं शताब्दी में निर्मित इस प्राचीन मंदिर का 1883 में एक ब्रिटिश सेना अधिकारी ने जीर्णोद्धार कराया गया था. वह अधिकारी एक चमत्कारिक घटना के कारण शिव का भक्त बन गया था. ब्रिटिश सेना का नाम लेफ्टिनेंट कर्नल मार्टिन था, जोकि अफगानिस्तान युद्ध में भाग लेने गए. उनकी पत्नी आगर मालवा छावनी में रहती थीं. उन्हें कुछ दिनों तक अपने पति की कोई खबर नहीं मिली. एक दिन वह चिंतित होकर घोड़े पर सवार होकर जीर्ण-शीर्ण बैजनाथ मंदिर पहुंचीं. वहां की आरती और मंत्रोच्चार ने उसे आकर्षित किया. उनकी व्याकुलता देखकर पुजारियों ने उन्हें 11 दिनों तक ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने की सलाह दी. उन्होंने प्रतिज्ञा की कि यदि उनका पति सुरक्षित लौट आता है, तो वह मंदिर का जीर्णोद्धार करवाएंगी. मार्टिन की पत्नी के मंत्र जपने का फल जब उन्होंने मंत्र का जाप करना शुरू किया उसके ठीक दसवें दिन मार्टिन का एक पत्र आया. उसमें उसने एक चौंकाने वाली बात लिखी. उसने बताया कि जब युद्ध में शत्रुओं ने उसे घेर लिया, तो बाघ की खाल पहने और हाथ में त्रिशूल लिए एक योगी प्रकट हुए और उन्होंने शत्रुओं को भगा दिया. मार्टिन ने बताया कि योगी ने उससे कहा कि वह उनकी पत्नी की प्रार्थनाओं के कारण उसे बचाने आए हैं. सौभाग्य से, पति की सुरक्षित वापसी के बाद मार्टिन दंपति ने 15,000 रुपए के भारी दान से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया. इसका प्रमाण आज भी मंदिर के शिलालेखों में देखा जा सकता है. इसके बाद वे इंग्लैंड चले गए, लेकिन कहा जाता है कि उन्होंने अपने घर में एक शिवलिंग स्थापित किया और अपनी अंतिम सांस तक शिव की पूजा की. बैजनाथ महादेव मंदिर तक कैसे पहुंचे? हवाई मार्ग: सबसे निकट इंदौर का देवी अहिल्या बाई होलकर हवाई अड्डा है, जोकि 126 किमी दूर है. यह मध्य प्रदेश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा माना जाता है. दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, कोलकाता, बेंगलुरु, रायपुर और जबलपुर जैसे शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. रेल मार्गः इस मंदिर के सबसे पास उज्जैन का रेलवे स्टेशन है, जोकि 68 किमी दूर है. उज्जैन रेलवे स्टेशन मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है. सड़क मार्गः आगर-मालवा सड़क से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. आप यहां एक कैब किराए पर ले सकते हैं या उज्जैन, इंदौर (126 किमी), भोपाल (184 किमी) और कोटा राजस्थान (195 किमी) से बस पकड़कर यहां पहुंच सकते हैं.

पानी में चलकर होते हैं दर्शन! 300 मीटर गुफा में छिपी है नरसिंह मंदिर की रहस्यमयी दुनिया

देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जिनकी रहस्यमयी कहानियां हैं. उन्हीं में से एक है झरणी नरसिंह मंदिर. ये कर्नाटक के बीदर जिले में स्थित है. यहां भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. बताया गया है कि इस मंदिर में भगवान नरसिम्हा विष्णु के चौथे अवतार के रूप में विराजमान हैं, जोकि आधे मनुष्य और आधे सिंह के स्वरूप में हैं. मंदिर सुबह आठ बजे भक्तों के लिए खुल जाता है और शाम 6 बजे तक दर्शन होते हैं. बीदर शहर इस मंदिर से एक किलोमीटर दूर है. ये 300 मीटर लंबी गुफा में बना हुआ है, जिसमें श्रद्धालु दर्शन के लिए प्राकृतिक झरने वाले पानी से होकर गुजरते हैं, जो इसे एक अद्भुत और पवित्र स्थान बनाता है. मंदिर मणिचूला पहाड़ी के नीचे स्थित है, यही वजह है कि यहां से पानी का प्रवाह कभी रुकता नहीं है. नरसिंह मंदिर के रहस्यलोक की कहानी शास्त्रों के मुताबिक, नरसिंह भगवानने हिरण्यकशिपु नामक असुरका वध किया था, जिसने अपने पुत्र भक्त प्रह्लाद को मारने की कोशिश की थी और देवताओं को भी परेशान किया था. नरसिंह भगवान ने ब्रह्मा के वरदान की शर्तों का पालन किया था. असुर को वरदान था कि न दिन, न रात, न घर के अंदर, न बाहर, न अस्त्र से, न शस्त्र से, न मनुष्य, न पशु से उसका वध हो. भगवान ने अपनी जांघों पर लिटाकर अपने नाखूनों से उसका वध किया था. पौराणिक कथा के अनुसार, हिरण्यकशिपु का वध करने के बाद भगवान नरसिंह ने झारासुर (जलासुरा) नामक एक और असुर का वध किया. ये असुर भगवान शिव का परम भक्त था. जिस समय वह मृत्यु की शैया पर लेटा हुआ था और अंतिम सांस ले रहा था उस समय उसने नरसिंह भगवान से विनती की कि वे उसी गुफा में रहें जहां वह निवास कर रहा था और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करें. नरसिंह भगवान ने असुर की अंतिम इच्छा पूरी की और उसके गुफा में निवास करने लगे. झारासुर जल में बदल गया और वह झरना बन गया, जो आज तक बह रहा है. श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में आधुनिक सुविधाएं मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान नरसिंह की मूर्ति स्वयं प्रकट हुई है, जो बहुत शक्तिशाली है. यहां श्रद्धालुओं को गुफा के अंदर कोई परेशानी न हो इसके लिए लाइटिंग से लेकर AC तक का इंतजाम किया गया है. साथ ही साथ श्रद्धालुओं के लिए स्नान और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.

आज का राशिफल 26 दिसंबर: सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल पढ़ें

मेष राशि- आज आपको अकेले आगे बढ़ने के बजाय लोगों के साथ मिलकर काम करने से ज्यादा फायदा मिलेगा। ऑफिस में किसी सीनियर या टीम मेंबर की सलाह काम आ सकती है। प्यार के मामले में अगर कोई बात मन में है तो खुलकर कह दें, इससे रिश्ता हल्का और बेहतर होगा। पैसे को लेकर आज जल्दबाजी न करें, खासकर कोई बड़ा खर्च टालना बेहतर रहेगा। सेहत ठीक रहेगी, बस शरीर को जरूरत से ज्यादा थकाएं नहीं। वृष राशि- आज करियर से जुड़ी बातें आपके दिमाग में ज्यादा रहेंगी। भविष्य की प्लानिंग करने का दिन है और आज की गई सोच आगे काम आएगी। रिश्तों में एक-दूसरे को थोड़ा स्पेस देना जरूरी रहेगा, वरना छोटी बात पर मनमुटाव हो सकता है। पैसों में सोच-समझकर खर्च करें। मन थोड़ा भावुक रह सकता है, इसलिए खुद को शांत रखें। मिथुन राशि- आज आपकी बातचीत करने की कला काम आएगी। ऑफिस में आपकी बातों से काम बन सकते हैं और नए आइडिया सामने आ सकते हैं। प्यार में आज बातों से ही नजदीकी बढ़ेगी, लेकिन दिल की बात साफ रखें। फालतू खर्च से बचें, नहीं तो बाद में परेशानी हो सकती है। सेहत के लिए तनाव कम करना जरूरी है। कर्क राशि- आज भावनाएं थोड़ी ज्यादा हावी रह सकती हैं। घर और काम के बीच संतुलन बनाकर चलें। पैसों के मामलों में आज किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। प्यार में धैर्य रखें और छोटी बातों को तूल न दें। सेहत के लिए पानी ज्यादा पिएं और आराम जरूर करें। सिंह राशि- आज आपको लोगों के साथ मिलकर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। ऑफिस या बिजनेस में टीमवर्क से फायदा होगा और आपकी बातों को अहमियत मिलेगी। प्यार में आज जोश रहेगा और रिश्ते में ताजगी महसूस होगी। खर्च को लेकर रिस्क न लें। दिमाग को शांत रखना जरूरी रहेगा। कन्या राशि- आज आपका दिन प्लानिंग और समझदारी से भरा रहेगा। काम में चीजें सही तरीके से मैनेज होंगी और आपकी मेहनत दिखेगी। रिश्तों में छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाने से भरोसा बढ़ेगा। पैसों में खर्च और बचत दोनों पर ध्यान दें। सेहत के लिए अपनी दिनचर्या फॉलो करना फायदेमंद रहेगा। तुला राशि- आज बातचीत ही आपकी सबसे बड़ी ताकत होगी। ऑफिस में सही शब्दों में बात करने से अटका काम निकल सकता है। रिश्तों में सच बोलना जरूरी रहेगा, चाहे बात थोड़ी कड़वी ही क्यों न हो। दिखावे के खर्च से बचें। मन शांत रहेगा तो सेहत भी बेहतर रहेगी। वृश्चिक राशि- आज आपको जमीन से जुड़े रहकर फैसले लेने होंगे। काम में धैर्य रखें और हर चीज कंट्रोल में रखने की कोशिश न करें। प्यार में साफ और ईमानदार बात भरोसा बढ़ाएगी। पैसों में आज सावधानी जरूरी है। अच्छी नींद और आराम से सेहत संभली रहेगी। धनु राशि- आज आप पॉजिटिव महसूस करेंगे और यही आपकी ताकत बनेगी। काम में मिलकर की गई कोशिशें सफल हो सकती हैं। प्यार में खुलापन रहेगा और बात आगे बढ़ सकती है। पैसों में जरूरत से ज्यादा भरोसा न करें। थोड़ा अकेला समय आपको मानसिक शांति देगा। मकर राशि- आज जिम्मेदारियां थोड़ी बढ़ सकती हैं। काम में पुराने प्लान दोबारा देखने पड़ सकते हैं, लेकिन इससे फायदा ही होगा। रिश्तों में दिखावे के बजाय दिल से बात करें। पैसों में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। सेहत के लिए नींद और आराम जरूरी रहेगा। कुंभ राशि- आज आपके नए आइडिया लोगों को पसंद आएंगे। ऑफिस या कामकाज में पहचान मिलने के संकेत हैं। प्यार में दोस्ती वाली समझ रिश्ते को और गहरा करेगी। पैसों में अचानक खर्च से बचें। खुद को थोड़ा समय देना फायदेमंद रहेगा। मीन राशि- आज आपको फोकस और समझदारी से आगे बढ़ना होगा। काम में आपकी सुलझी सोच तारीफ दिला सकती है। रिश्तों में सीमाएं साफ रखें, इससे गलतफहमी नहीं होगी। पैसों में सेविंग पर ध्यान दें। अच्छी नींद और शांत माहौल से सेहत बेहतर रहेगी।

तुलसी पूजन दिवस: संध्या समय अपनाएं ये सरल उपाय, मिलेगा कई गुना लाभ

देश भर में आज ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में क्रिसमस का पर्व मनाया जा रहा है. हालांकि, हिंदू धर्म में 25 दिसंबर के दिन को तुलसी पूजन दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस पर्व को मनाने की शुरुआत साल 2014 से हुई थी. ऐसे में आज क्रिसमस के साथ-साथ तुलसी पूजन दिवस भी मनाया जा रहा है. मान्यता है कि तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी वास करती हैं. तुलसी का पूजन करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. साथ ही घर-परिवार में खुशियों का वास होता है. नकारात्मकता दूर रहती है. पूजा-पाठ के अलावा तुलसी पूजन दिवस पर शाम के समय कुछ उपाय भी किए जाते हैं. आज हम शास्त्रों में बताए गए इन्हीं प्रभावशाली उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको तुलसी पूजन दिवस के दिन करने से कई परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है. तुलसी पूजन दिवस पर शाम को करें ये उपाय     आज तुलसी पूजन दिवस की शाम तुलसी माता की पूजा करें. उनके पास घी का एक दीपक जलाएं. फिर दाहिने हाथ की ओर से पौधे की तीन बार परिक्रमा करें. इस दौरान तुलसी त्वं नमोस्तुते मंत्र का जाप करें. इस उपाय को करने से देवी तुलसी के साथ-साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की भी विशेष कृपा मिलती है.     आज शाम में देवी तुलसी की पूजा के साथ ही गरीबों को अन्न, श्रृंगार का समान, धन या गर्म कपड़ों का दान करें. ऐसा करने से पापों का नाश होता है. साथ ही काम में आ रहीं बाधाएं खत्म होती हैं. लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो जाते हैं.     तुलसी पूजन दिवस के शुभ दिन गौ सेवा करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, गाय के विभिन्न अंगों में देवी-देवता वास करते हैं. सच्चे मन से गौ माता की सेवा करने पर भगवान प्रसन्न होते हैं. साथ ही पापों से मुक्ति मिलती है. इसलिए तुलसी पूजन दिवस पर गौ माता को गुड़ और रोटी दें.  

अगर व्यक्ति में हों ये 5 गुण, तो हर दिल में बनती है खास जगह और मिलती है बड़ी कामयाबी

सफलता की कुंजी हमेशा कड़ी मेहनत को माना जाता है। लेकिन कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद भी कुछ लोगों को सफलता नहीं मिल पाती है। क्या आप जानते हैं मेहनत करने के बावजूद भी क्यों कुछ लोग अपने लक्ष्य को हासिल करने में असफल बने रहते हैं? इस सवाल का जवाब सफल लोगों की 5 ऐसी आदतें हैं, जो अकसर कॉमन लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए जानते हैं सफल लोगों की 5 ऐसी आदतों के बारे में, जो उन्हें आम से खास बनाकर सफलता का रास्ता तय करने में मदद करती हैं। मीठा बोलने का गुण व्यक्ति की सफलता के पीछे उसके व्यवहार की बड़ी भूमिका होती है। मधुरभाषी यानी मीठे बोल बोलने वाला व्यक्ति हमेशा लोगों के बीच पसंद किया जाता है। ऐसे लोगों की मदद करने के लिए सभी लोग हमेशा तैयार रहते हैं। ऐसे लोग अपनी भाषा से सबका दिल जीतने में कामयाब रहते हैं। जो भविष्य में उनके लिए सफलता का रास्ता तय करने में आसानी पैदा करते हैं। याद रखें, आपके शब्द आपके व्यक्तित्व की ताकत हैं। इन्हें अनमोल बनाएं और देखें कैसे ये आपकी जिंदगी को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हैं। सुलझा स्वभाव वाणी में मिठास और अपने व्यवहार में सौम्यता रखने वाला मनुष्य अपने सुलझे हुए स्वभाव से लोगों को हमेशा प्रभावित कर लेता है। उनकी यह खासियत उसे हर क्षेत्र में तरक्की दिलाती है। अनुशासन अनुशासन से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, सफलता, और आत्मविश्वास का विकास होता है। जिस व्यक्ति के पास ये गुण मौजूद होता है, उसे जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। समय का सदुपयोग करने वाला व्यक्ति सफल व्यक्ति हमेशा अपने समय का सदुपयोग करते हुए नए कामों की योजनाएं बनाते हैं। इससे उनके भविष्य के लिए उन्हें एक रास्ता मिलता है, जिस पर काम करके वे सफलता की ऊंचाईयों को चूमते हैं। मेहनती जो लोग ईमानदारी से कड़ी मेहनत करते हैं, उन्हें देर से ही सही, लेकिन सफलता जरूर मिलती है। इसीलिए सफलता मिलने में देरी होने पर व्यक्ति को निराश नहीं होना चाहिए बल्कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।

चंदन का पौधा या लकड़ी घर में रखने से मिलते हैं अद्भुत लाभ, जानिए सही वास्तु तरीका

सनातन धर्म में चंदन को अत्यंत पवित्र, सात्त्विक और दिव्य माना गया है। वेद, पुराण और वास्तु शास्त्र में चंदन का उल्लेख देवपूजा, तिलक, यज्ञ और औषधि के रूप में मिलता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि घर में सही विधि और सही स्थान पर चंदन रखा जाए, तो इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, मानसिक शांति मिलती है और देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। शास्त्रों में चंदन का धार्मिक महत्व हिंदू शास्त्रों के अनुसार चंदन को शीतलता, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। भगवान शिव, विष्णु, श्रीकृष्ण और श्रीराम को चंदन अत्यंत प्रिय है। कहा जाता है कि जहां चंदन की सुगंध रहती है, वहां दैवीय ऊर्जा का वास होता है। वास्तु के अनुसार घर में चंदन रखने के प्रमुख लाभ सकारात्मक ऊर्जा का संचार वास्तु शास्त्र के अनुसार चंदन की सुगंध वातावरण को शुद्ध करती है और घर से नकारात्मक शक्तियों को दूर रखती है। इससे घर में शांति और सौहार्द बना रहता है। मानसिक तनाव और क्रोध में कमी चंदन का प्रभाव मन को शीतल करता है। यदि घर में चंदन की लकड़ी, चंदन पाउडर या चंदन अगरबत्ती रखी जाए तो तनाव, चिंता और गुस्सा कम होता है। पूजा-पाठ में सिद्धि घर के पूजा स्थान में चंदन रखने से देवी-देवताओं की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। तिलक में चंदन का प्रयोग करने से एकाग्रता बढ़ती है और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। वास्तु दोष में कमी वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिन घरों में वास्तु दोष होता है, वहां चंदन रखने से दोष का प्रभाव धीरे-धीरे कम होता है, विशेषकर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में। स्वास्थ्य और रोग नाश चंदन प्राकृतिक औषधि है। इसकी सुगंध से सिरदर्द, अनिद्रा और मानसिक थकान में राहत मिलती है। यह आभामंडल (Aura) को भी मजबूत करता है। घर में चंदन रखने की सही दिशा चंदन को हमेशा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूजा कक्ष में रखें टूटा या सूखा चंदन न रखें चंदन को साफ, ढके हुए पात्र में रखें इन बातों का रखें ध्यान चंदन का अपमान या अनावश्यक उपयोग न करें जूते-चप्पल के पास चंदन न रखें नकली या केमिकल युक्त चंदन से बचें वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में चंदन रखना केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का प्रभावी उपाय है। सही दिशा और श्रद्धा के साथ रखा गया चंदन जीवन में संतुलन और समृद्धि लाता है।

नाग पाशम मंत्र और पद्मनाभस्वामी मंदिर: दरवाज़े के पीछे छुपा सदियों पुराना रहस्य

 तिरुवनंतपुरम केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर न केवल भारत का, बल्कि दुनिया का सबसे अमीर मंदिर माना जाता है. लेकिन इस मंदिर की ख्याति केवल इसके अपार सोने-चांदी के कारण नहीं है, बल्कि इसके सातवें दरवाजे Vault B के पीछे छिपे अनसुलझे रहस्य के कारण भी है. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जब मंदिर के तहखानों को खोला गया, तो पांच दरवाजों से करीब कई टन सोना निकला. लेकिन जैसे ही सातवें दरवाजे की बारी आई, वहां सन्नाटा पसर गया. आखिर क्या है इस दरवाजे का रहस्य? जो इसे आजतक भी नहीं खोला गया है, आइए जानते हैं. बिना ताले और चाबी का दरवाजा इस दरवाजे की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें कोई ताला, चाबी, कुंडी या नट-बोल्ट नहीं है. यह लोहे का एक विशाल दरवाजा है जिस पर दो बड़े नागों की आकृतियां बनी हुई हैं. देखने में ऐसा लगता है जैसे ये नाग इस दरवाजे की पहरेदारी कर रहे हों. नाग बंधम मंत्रों का पहरा पौराणिक मान्यताओं और मंदिर के पुजारियों के अनुसार, इस दरवाजे को किसी भौतिक तकनीक से नहीं, बल्कि प्राचीन नाग बंधम मंत्रों के जरिए मंत्रमुग्ध कर बंद किया गया है. माना जाता है कि इसे सिद्ध ऋषियों ने सदियों पहले सुरक्षित किया था ताकि मंदिर की पवित्रता और खजाना सुरक्षित रहे. इसे कौन खोल सकता है? शास्त्रों के जानकार बताते हैं कि इस दरवाजे को केवल वही सिद्ध पुरुष या तपस्वी खोल सकता है जिसे ‘गरुड़ मंत्र’ का पूरा ज्ञान हो. यदि कोई व्यक्ति गलत उच्चारण के साथ या आधुनिक मशीनरी के जरिए इसे जबरन खोलने की कोशिश करता है, तो माना जाता है कि इसका परिणाम विनाशकारी हो सकता है. अनहोनी का डर और धार्मिक मान्यताएं स्थानीय लोगों और राजपरिवार का मानना है कि इस दरवाजे को खोलना भगवान विष्णु के अवतार पद्मनाभस्वामी के क्रोध को निमंत्रण देना होगा. कहा जाता है कि 1930 के दशक में कुछ लुटेरों ने इसे खोलने की कोशिश की थी, लेकिन जहरीले सांपों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वे भाग खड़े हुए. यह भी मान्यता है कि इस दरवाजे के पीछे अथाह समुद्र का पानी या कोई दिव्य शक्ति है, जिसे छेड़ने पर प्रलय आ सकता है. सुप्रीम कोर्ट और कानूनी रोक मंदिर के प्रबंधन और खजाने की सुरक्षा को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सात तहखानों की सूची बनाई थी. हालांकि, Vault B (सातवें दरवाजे) को लेकर जुड़ी धार्मिक आस्थाओं और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए फिलहाल इसे खोलने पर रोक लगा दी गई है. कोर्ट का मानना है कि श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुचाना उचित नहीं है. इसलिए पद्मनाभस्वामी मंदिर का Vault B आज भी विज्ञान और आधुनिक दुनिया के लिए एक चुनौती बना हुआ है.

1 जनवरी को खास योग का निर्माण, इन शुभ कार्यों से पूरे साल चमकेगा भाग्य

नया साल 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास शुरुआत के साथ आने वाला है। 1 जनवरी 2026, गुरुवार के दिन कई अत्यंत शुभ योग और ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग बन रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि वर्ष के पहले दिन शुभ कर्म और पूजा-पाठ किए जाएं तो उसका प्रभाव पूरे साल तक बना रहता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि नए साल 2026 के पहले दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं और किन कार्यों को करने से सौभाग्य, सुख और समृद्धि की वर्षा होगी। 1 जनवरी 2026 को बन रहे हैं ये शुभ ज्योतिषीय संयोग ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 1 जनवरी 2026 को कई दुर्लभ योग बन रहे हैं, जो इसे विशेष रूप से फलदायी बनाते हैं। गुरुवार का दिन: देवगुरु बृहस्पति का वार होने के कारण यह दिन ज्ञान, धन और धर्म के लिए शुभ माना जाता है। गुरु प्रदोष व्रत: नए साल का पहला दिन होने के साथ-साथ इस दिन प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। गुरुवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष फलदायी होता है। रोहिणी नक्षत्र: यह नक्षत्र वृद्धि, समृद्धि और स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है। रवि योग: यह योग हर कार्य में सफलता और बाधाओं से मुक्ति प्रदान करता है। ग्रहों की विशेष स्थिति: सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र का धनु राशि में गोचर नए अवसर, धन लाभ और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। इन सभी संयोगों के कारण नए साल 2026 की शुरुआत अत्यंत शुभ और मंगलकारी मानी जा रही है। नए साल 2026 के पहले दिन करें ये शुभ कार्य यदि आप चाहते हैं कि साल 2026 आपके लिए सुख, सौभाग्य और सफलता लेकर आए, तो 1 जनवरी को इन कार्यों को अवश्य करें— दान-पुण्य करें नए साल के पहले दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, धन या आवश्यक सामग्री का दान करें। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। पूजा-पाठ से करें नए साल की शुरुआत घर में देवी-देवताओं की विधिवत पूजा करें। संभव हो तो मंदिर जाकर दर्शन करें। धार्मिक कार्यों से साल की शुरुआत करने से पूरा वर्ष सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता है। प्रदोष व्रत में करें भगवान शिव की आराधना 1 जनवरी 2026 को गुरु प्रदोष व्रत होने के कारण भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष फल देती है। शिवलिंग पर जल, दूध चढ़ाएं। बेलपत्र, फल, फूल और मिठाई अर्पित करें। ऐसा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता मिलती है। लक्ष्मी-गणेश और विष्णु जी की पूजा नए साल के दिन भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की उपासना अवश्य करें। इससे घर में धन, वैभव, शांति और स्थिरता बनी रहती है। 1 जनवरी 2026 को बनने वाले शुभ योग नए साल को भाग्यवर्धक और मंगलमय बना रहे हैं। यदि इस दिन श्रद्धा और विधि से शुभ कार्य किए जाएं, तो पूरे वर्ष जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता बनी रहती है।

25 दिसंबर का राशिफल: नौकरी, व्यापार और स्वास्थ्य पर क्या पड़ेगा असर, जानें 12 राशियों का हाल

मेष: आज मेष राशि वालों की लाइफ में आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। आज आपको संतान सुख में वृद्धि मिल सकती है। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं, इसके कारण आपको पैसा खर्च करना पड़ सकता है। वृषभ: वृषभ राशि वालों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी। जीवन साथी की सेहत का ध्यान रखें। आज आपको बिजनेस में माता-पिता का साथ मिलेगा। कारोबार के लिए कहीं बाह पर जाना पड़ सकता है। मिथुन : आज मिथुन राशि वालों को आत्म संयत रहना होगा। धैर्यशीलता बनाए रखें। आपको लिए समय उत्तम है। आज किसी दोस्त से मिलना हो सकता है। कारेाबार में भागदौड़ रहेगी। कर्क: कर्क राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। इस समय कारोबार चल निकलेगा और लाभ के अवसर भी मिलेंगे। मित्रों व परिवार का साथ मिलेगा, इससे आपको लाभ होगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। सिंह: परिवार की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ मिलेगा। आज सिंह राशि वालों को मन परेशान हो सकता है। कोशिश करें कि बातचीत में संतुलन बनाए रखें। लाइफ पार्टनर के लिए धन आगम के योग। तुला: आपके लिए इस रिलेशनशिप मैटर करते हैं, आपको इन पर ध्यान देना चाहिए। ऑफिस में आपके साथ काम करने वाले आपको हर तरह से सपोर्ट करेंगे। आपका बिजनेस आपके लिए अच्छी खबर लाएगा। कन्या : इस समय कन्या राशि वालों को शांत रहना होगा। फाइनेंस में जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें। भागदौड़ अधिक रहेगी। आपके लिए करियर में आगे बढ़ने के योग भी बन रहे हैं। वृश्चिक: वृश्चिक राशि वालों का मन आज खुश रहेगा। बिजनेस इस समय बढ़ सकता है। आपकी प्रोपर्टी में भी वृद्धि हो सकती है। कारोबार में लाभ के मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफलता हासिल हो सकती है। धनु : धनु राशि वालों के लिए शैक्षिक कार्यों में सम्मान और ट्रांसफर के योग बन रहे हैं। सेहत का ध्यान रखें। कारोबार में वृद्धि होने के योग बन रहे हैं। लाभ के अवसर भी मिलेंगे। मकर : इस समय मकर राशि वालों को आत्म संयत रहना होगा। धैर्यशीलता बनाए रखने का कोशिश करें, खासकर लवलाइफ में धैर्य रखना होगा। परिवार में किसी मंगलकार्य में पैसा खर्च करना पड़ सकता है। कुंभ: किसी दोस्त के सहयोग से किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। लेकिन कारोबार के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। आपके लिए जीवन में खुशियां आने वाली हैं। मीन: आज मीन राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। भवन के रख-रखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ सकते हैं।

नमक और हल्दी की सही जगह, ताकि खुशियाँ बनी रहें

रसोई घर का वह हिस्सा है जिसे हम अपने घर का ऊर्जा केंद्र मानते हैं। भारतीय संस्कृति और वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में रखी हर चीज़ का हमारे स्वास्थ्य और भाग्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अक्सर हम अपनी सुविधा के लिए नमक और हल्दी के डिब्बों को पास-पास रख देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी आदत आपके जीवन में बड़ी परेशानियाँ खड़ी कर सकती है? आइए विस्तार से समझते हैं कि वास्तु और ज्योतिष की दृष्टि से नमक और हल्दी को एक साथ क्यों नहीं रखना चाहिए और इसके क्या परिणाम हो सकते हैं।  ग्रहों का संतुलन और उनका प्रभाव ज्योतिष शास्त्र में हर मसाले का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है: नमक: नमक का संबंध राहु और केतु से माना जाता है। साथ ही, कुछ विद्वान इसे चंद्रमा का प्रतीक भी मानते हैं। हल्दी: हल्दी को साक्षात बृहस्पति का स्वरूप माना जाता है। बृहस्पति सुख, समृद्धि, ज्ञान और वैवाहिक जीवन के कारक हैं। जब हम नमक और हल्दी को एक साथ रखते हैं, तो यह ग्रहों के बीच एक प्रकार का द्वंद्व पैदा करता है। राहु का प्रभाव जब गुरु के साथ मिलता है, तो यह गुरु-चांडाल दोष जैसी स्थिति उत्पन्न कर सकता है, जिससे घर की बरकत रुक जाती है और शुभ कार्यों में बाधाएं आने लगती हैं।  नकारात्मक ऊर्जा का संचार वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होना अनिवार्य है। नमक और हल्दी दो विपरीत प्रकृति के तत्व हैं। हल्दी जहां पवित्रता और मांगलिक कार्यों का प्रतीक है, वहीं नमक का स्वभाव सोखना है। यदि इन्हें सटाकर रखा जाए, तो हल्दी की सकारात्मक ऊर्जा कम होने लगती है, जिसका सीधा असर घर के मुखिया की आय और बच्चों की शिक्षा पर पड़ सकता है। स्वास्थ्य और स्वच्छता नमक बहुत जल्दी वातावरण से नमी सोख लेता है। यदि नमक और हल्दी पास रखे हैं और हल्दी के डिब्बे में नमक के कण गिर जाएं, तो हल्दी में गांठें पड़ सकती हैं या वह खराब हो सकती है। भोजन बनाते समय अक्सर हम जल्दबाजी में होते हैं। पास-पास रखे डिब्बों के कारण चम्मचों का आदान-प्रदान हो सकता है, जिससे मसालों की शुद्धता और स्वाद प्रभावित होता है। रसोई में नमक रखने के सही नियम नमक को हमेशा कांच के जार या डिब्बे में रखना चाहिए। प्लास्टिक या स्टील के बर्तन में नमक रखना वास्तु दोष पैदा करता है। कांच का संबंध राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने से है। नमक के डिब्बे को कभी भी खुला न रखें। ऐसा माना जाता है कि खुला नमक घर की शांति को सोख लेता है। यदि संभव हो, तो नमक के डिब्बे में 2-3 लौंग डाल दें। इससे घर में धन का आगमन बना रहता है और नकारात्मकता दूर होती है। हल्दी के रखरखाव से जुड़ी जरूरी बातें  हल्दी के डिब्बे को अपनी रसोई के उत्तर-पूर्वी कोने की ओर रखना शुभ माना जाता है क्योंकि यह स्थान देवताओं और गुरु का है। हल्दी निकालने के लिए हमेशा सूखे और साफ चम्मच का उपयोग करें। जूठे हाथ या गंदे हाथ कभी भी हल्दी के डिब्बे में न लगाएं।