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राधा अष्टमी पर बरना में विशेष समारोह, भक्तों में उत्साह का माहौल

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय संगिनी राधारानी का जन्म हुआ था. जहां एक ओर जन्माष्टमी पर संपूर्ण भारत में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाता है, वहीं राधा अष्टमी विशेष रूप से बरसाना, वृंदावन और मथुरा में भव्य उत्सव का रूप ले लेती है. पंचांग के अनुसार इस वर्ष राधा अष्टमी का पर्व 31 अगस्त 2025, रविवार को मनाया जाएगा. चलिए जानते हैं इस दिन का धार्मिक महत्व. बरसाना का महत्व बरसाना, मथुरा के पास स्थित एक छोटा सा गांव, राधा रानी का जन्मस्थान होने के कारण विशेष महत्व रखता है. यहां के लोग राधा रानी को अपनी आराध्य देवी मानते हैं और उनके जन्मोत्सव को एक बड़े पर्व के रूप में मनाते हैं. इस दिन बरसाना की गलियां, मंदिर और घर रंग-बिरंगी रोशनी से सजे होते हैं, और यहां का माहौल राधा रानी की भक्ति में डूबा रहता है. राधा अष्टमी का विशेष उत्सव राधा अष्टमी के दिन बरसाना में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं. सुबह से ही, भक्तजन राधा रानी के मंदिर में दर्शन के लिए कतार में लग जाते हैं. इस दिन, मंदिर में राधा रानी की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया जाता है, जिसमें उन्हें सुंदर वस्त्र, आभूषण और फूलों से सजाया जाता है. इसके बाद, भगवान कृष्ण और राधा रानी की मूर्तियों को पालने में झुलाया जाता है. इस दिन, भक्तजन राधा रानी के जन्मोत्सव को मनाने के लिए रासलीला, भजन, और कीर्तन का आयोजन करते हैं. कई लोग दान-पुण्य करते हैं और गरीबों को भोजन कराते हैं. इस दिन, लोग विशेष पकवान, जैसे कि खीर, पूरी, और लड्डू बनाते हैं, जिन्हें राधा रानी को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में बांटा जाता है. पूजा विधि और व्रत नियम राधा अष्टमी पर भक्त प्रातःकाल स्नान कर व्रत का संकल्प लेते हैं. घर या मंदिर में राधा-कृष्ण की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराकर पुष्प और वस्त्रों से सजाया जाता है. इसके बाद धूप-दीप, नैवेद्य और भोग अर्पित किया जाता है.व्रती दिनभर निराहार रहकर रात्रि में व्रत का समापन करते हैं. मान्यता है कि इस दिन राधा नाम का स्मरण करने मात्र से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. राधा अष्टमी का महत्व हिंदू धर्म में राधारानी को भक्ति और प्रेम की साक्षात स्वरूप माना गया है. पुराणों के अनुसार, राधा बिना कृष्ण अधूरी हैं और कृष्ण बिना राधा. यही कारण है कि राधा-कृष्ण को सदा साथ में पूजा जाता है. इस दिन भक्त राधारानी के प्रति अपनी भक्ति अर्पित करते हैं और मान्यता है कि उनकी पूजा से जीवन में प्रेम, सुख, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

आज का राशिफल 28 अगस्त 2025: किस्मत चमकेगी इन राशियों के लिए

मेष: आज के दिन रचनात्मकता में वृद्धि के साथ नई एनर्जी का अनुभव होगा, जो इनोवेटिव विचारों की खोज को मोटिवेट करती है। संबंधों को मजबूत करने और नए संबंध बनाने की क्षमता के साथ, प्रोफेशनल संबंधों को बढ़ावा दिया जाता है। स्मार्ट प्लानिंग करें। वृषभ: आज के दिन फ्लेक्सिबिलिटी को अपनाएं। गुरुवार का दिन विकास और चुनौतियों के मिश्रण का वादा करता है। धन से जुड़ी मुश्किलों को आसानी से दूर करने के लिए पैसों को सावधानी के साथ मैनेज करने की सलाह दी जाती है। मिथुन: आज के दिन आपके पेशेवर जीवन में चुनौतियां आ सकती हैं, जिनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए धैर्य और स्ट्रैटेजिक सोच की आवश्यकता होगी। अपने रास्ते में आने वाली किसी भी मुश्किल को दूर करने के लिए खुला दिमाग रखें। कर्क: आज के दिन पर्सनल ग्रोथ और रोमांस के अवसरों पर प्रकाश डाला गया है। इससे यह सामाजिक मेलजोल के लिए एक रोमांचक समय बन गया है। कुछ लोगों को अप्रत्याशित चुनौतियों से गुजरना पड़ सकता है। खर्च कम करें। सिंह: आज के दिन आगे बढ़ने के लिए ध्यान और विश्राम के संतुलन की आवश्यकता होगी। धैर्य और क्रिएटिविटी पर जोर देना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि सभी योजनाएं उम्मीद के मुताबिक सामने नहीं आएंगी। हेल्दी डाइट पर फोकस करें। कन्या: आज के दिन रिसर्च किए बिना कहीं भी पैसा न लगाएं। आप क्लाइंट के ऑफिस की यात्रा कर सकते हैं। शादी पर फैसला लेने के लिए एक साथ अधिक समय बिताना चाहिए। आपके माता-पिता रिश्ते को मंजूरी दे सकते हैं। तुला: आज के दिन एकस्ट्रा मैरिटल अफेयर से दूर रहें। आपका रोमांटिक रिश्ता मजबूत होगा। आप कार्यालय में बेस्ट प्रदर्शन देने में सक्षम होंगे। इस सप्ताह भाग्य आपकी तिजोरी में दस्तक देगा और आपका स्वास्थ्य बरकरार रहेगा। वृश्चिक: आज के दिन ऑफिस रोमांस एक अच्छा विचार नहीं है। धन का आगमन होगा और इसका असर जीवनशैली पर भी पड़ेगा। अपने सहकर्मियों के साथ हमेशा सपोर्टिव रहें और अतिरिक्त जिम्मेदारियां लेने की इच्छा दिखाएं। धनु: आज के दिन पार्टनर से अपनी फीलिंग्स को शेयर करने में संकोच न करें। नौकरी में बेस्ट परिणाम देने के लिए कोशिश करें। स्मार्ट फाइनेंशियल डिसीजन लेने के लिए आपकी स्थिति अच्छी है। कोई बड़ी मेडिकल समस्या नहीं होगी। मकर: आज के दिन दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें। आपको रिश्तों में आपसी समझ की कमी महसूस होगी। टॉक्सिक रिलेशन से बाहर निकलने की कोशिश करें। पिछला निवेश अच्छे परिणाम ला सकता है। हेल्दी फूड्स सुनें। कुंभ: आज के दिन रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। आपकी कम्युनिकेशन स्किल काम आएगी। बहस करते समय अपना आपा न खोएं और प्रेमी के साथ व्यवहार करते समय डिप्लोमेटिक बनें। वाहन चलाते समय सावधान रहें। मीन: आज के दिन आपके जीवन में प्यार का फूल खिलेगा। आपके इनोवेटिव विचार वर्कप्लेस पर काम आएंगे। कोई गंभीर समस्या वित्त और स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित नहीं करेगी। जिनका हाल ही में ब्रेकअप हुआ है, वे दोबारा प्यार में पड़कर खुश होंगे।

अगस्त में ऋषि पंचमी: पूजा विधि, मुहूर्त और जरूरी सावधानियों के साथ व्रत कैसे करें

हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला ऋषि पंचमी व्रत, हिंदू धर्म में एक खास स्थान रखता है. यह पर्व गणेश चतुर्थी के अगले दिन आता है और इसे पापों से मुक्ति तथा सातों ऋषियों की कृपा पाने का दिन माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में हुई जाने-अनजाने गलतियों का प्रायश्चित हो जाता है. खासकर महिलाओं के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह व्रत रजस्वला काल के दौरान हुए किसी भी धार्मिक दोष से मुक्ति दिलाता है. इस दिन गंगा स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं  ऋषि पंचमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त तारीख – 28 अगस्त 2025, गुरुवार पंचमी तिथि प्रारंभ – 27 अगस्त, दोपहर 3:44 बजे पंचमी तिथि समाप्त – 28 अगस्त, शाम 5:56 बजे पूजा का शुभ समय – सुबह 11:05 बजे से दोपहर 1:39 बजे तक (कुल अवधि – 2 घंटे 34 मिनट) पूजन विधि 1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ, हल्के पीले रंग के कपड़े पहनें. 2. लकड़ी की चौकी पर सप्त ऋषियों (कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ) की फोटो या मूर्ति स्थापित करें. 3. एक कलश में जल भरकर चौकी के पास रखें. 4. सप्त ऋषियों को धूप, दीप, फूल, फल, मिठाई और नैवेद्य अर्पित करें. 5. अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें और दूसरों की मदद करने का संकल्प लें. 6. सप्त ऋषियों की आरती करें और व्रत कथा सुनें. 7. पूजा के बाद प्रसाद बांटें और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें. व्रत पारण की विधि अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर देवी-देवताओं का ध्यान करें. साफ कपड़े पहनकर सूर्य देव को जल अर्पित करें. मंदिर की सफाई करें, देसी घी का दीपक जलाएं और सप्त ऋषियों की आरती करें. सात्विक भोजन बनाकर सप्त ऋषियों को भोग लगाएं और फिर जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें. मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में खुशहाली आती है. इस दिन का महत्व 1. ऋषि पंचमी को गंगा स्नान करने से पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. 2. महिलाओं के लिए यह व्रत विशेष रूप से जरूरी माना गया है, क्योंकि इससे महावारी के समय हुए धार्मिक दोषों का निवारण होता है. 3. यह दिन जीवन में अनुशासन, सेवा और आभार की भावना को मजबूत करता है. सावधानियां 1. पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करें. 2. किसी से विवाद या झगड़ा न करें. 3. साधु-संत और बुजुर्गों का अपमान न करें. 4. मन में किसी के प्रति बुरा भाव न रखें.

आज का राशिफल 27 अगस्त 2025: सुख-समृद्धि और सफलता की सौगात, इन राशियों पर विशेष कृपा

मेष आज का दिन आपके लिए अपनी रचनात्मकता और भविष्य के लिए पॉजिटिव दृष्टि को अपनाने का दिन है। चाहे आप किसी व्यक्तिगत लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हों या अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हों। अब बड़े सपने देखने और ऊंचे लक्ष्य पाने का समय आ गया है। वृषभ आज के दिन सितारे आपके पक्ष में हैं। फाइनेंशियल डीसीजन लेने के लिए आज का दिन अच्छा है। आपका अनुशासन और टिके रहने की क्षमता आपके काम आएगी। खुद पर भरोसा रखें और सोचे-समझे रिस्क लेने से न डरें। मिथुन आज का मिथुन राशिफल आपको सलाह देता है कि आप नियमित व्यायाम और खान-पान में सावधानी बरतते हुए अपनी दिनचर्या स्वस्थ रखें। अगर आप उदास महसूस करते हैं तो प्रोफेशनल्स से मदद लेने में संकोच न करें। तनाव न लें। कर्क आज समय आ गया है कि आप अपने जीवन की डोर अपने हाथों में लें। आज यूनिवर्स आपको खोजने और तलाशने के लिए मोटिवेट करेगा। आपको हर प्रयास में सफलता मिलेगी और आप रोमांच की भावना के साथ जीवन जिएंगे। सिंह आज के दिन पॉजिटिव सोच बनाए रखें। आपका सोशल सर्कल एक्टिव होगा और आपको सपोर्ट करेगा, जिससे आप अपने डीसीजन में अधिक कॉन्फिडेंट महसूस करेंगे। दिल के मामले में आज आप अतिरिक्त आकर्षक महसूस कर सकते हैं। कन्या आज के दिन रुपए पैसे आएंगे बस उन्हें रोक कर रखें। अभी निवेश न करें। आज अपने किसी खास के प्रति देखभाल और चिंता जाहिर करें। अपने पसंदीदा शौक को पार्टनर के साथ पूरा करें, जैसे खाना बनाना या शाम को संगीत सुनना। तुला आज के दिन आपकी आर्थिक स्थिति सकारात्मक दिख रही है। डिप्लोमेटिक और निष्पक्षता जैसे नैचुरल टैलेंट का उपयोग करके किसी भी विवाद या संघर्ष को आसानी से सॉल्व किया जा सकता है। कनेक्शन के गहरे लेवल का अनुभव करेंगे। वृश्चिक आज के दिन भौतिक सुख सुविधा में वृद्धि हो रही है। लेकिन थोड़ा कलह भी आपको परेशान कर सकती है। अपनी जुबान पर नियंत्रण रखें। रिस्की चीजों में बिल्कुल भी पैसे न लगाएं, नुकसान होगा। धन हानि के संकेत हैं। धनु आज का दिन बैलेंस पर आधारित है। दूसरों के साथ मजबूत संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का एक उत्कृष्ट समय है। निष्पक्षता की आपकी गहरी समझ करियर क्षेत्र में आपकी ताकत है। आपका स्वास्थ्य और खुशहाली उन्नति पर है। मकर आज के दिन अपनी डेली लाइफ में स्वस्थ आदतों और दिनचर्या को शामिल करके सकारात्मक ऊर्जा का लाभ उठाएं। स्मार्ट, केलकुलेटेड निवेश करें, जो आपके मूल्यों और आकांक्षाओं के अनुरूप हो। सकारात्मक संबंध बनाने पर ध्यान दें। कुम्भ आज के दिन अपने लॉन्ग टर्म लक्ष्यों और प्रायोरिटी पर फोकस करें। खुद की देखभाल को प्राथमिकता दें। आज कम्यूनिकेशन जरूरी है। दिन की एनर्जी का फायदा उठाते हुए खुद को रोकना नहीं चाहिए और स्पेशल व्यक्ति की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। खर्च कम करें। मीन मीन राशि के लोगों को इन दिनों ऐसा ज्ञान प्राप्त हो गया है कि वे किसी भी सिचुएशन को बहुत अच्छे से टैकल कर रहे हैं। जीवन जीने की कला कहते हैं इसे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्रेम संतान की स्थिति न तो बहुत अच्छी है और न ही बुरी है।

आज का राशिफल (26 अगस्त 2025): इन राशि वालों के लिए दिन रहेगा शुभ

मेष आज एनर्जी से भरपूर दिन आपका इंतजार कर रहा है, जो रचनात्मकता से भरपूर है। स्मार्ट तरीके से धन से जुड़े मामले हैन्डल करें। पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों तरह के रिश्तों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें कम्युनिकेशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वृषभ आज के दिन खर्च को कंट्रोल करें। स्टूडेंट्स को कोई गुड न्यूज मिल सकती है, हो सकता है आपने टॉप किया हो या आपको आपके फेवरेट कॉलेज में एडमिशन मिल गया हो। आज की एनर्जी आपको विचारों और प्रोजेक्ट्स को उत्साह के साथ आगे बढ़ाने के लिए मोटिवेट करती है। मिथुन आज के दिन पैसों के मामले में आप भाग्यशाली रहेंगे। बाहर का खाना आज खाने से बचें अगर सेहत रिलेटेड प्रॉब्लम है। आज का आपका दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। मैरिड कपल्स अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड कर सकते हैं। कर्क आज के दिन लव के मामले में साथी की बात सुनना बेहतर रहेगा। कुछ लोगों के लिए हलचल भरा ये दिन रहने वाला है। आज मुश्किलों पर काबू पाना आपके दिन को उजागर करता है, जो चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकता है। सिंह आज का आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। परिवर्तन को अपनाएं और अपने इंट्यूशन पर भरोसा करें। दिन पर्सनल ग्रोथ और प्रोफेशनल अवसरों को आमंत्रित करता है। आपका इंट्यूशन ही आपका मार्गदर्शन करेगा। कन्या आज का दिन पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्रों में काम के साथ इच्छाओं को बैलेंस करने की चुनौती ला सकता है। ग्रहों की स्थिति विकास को बढ़ावा देती है। आज सकारात्मक ऊर्जा आपके चारों ओर है। अवसरों को खुले दिल से अपनाना जरूरी है। तुला आज का आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। परीक्षा से भरा दिन, लेकिन उतने ही लाभदायक परिणाम भी मिलेंगे। अपना विश्वास बनाए रखें और लगातार काम करते रहें। प्रॉफिट को अनलॉक करें। कॉन्फिडेंस के साथ आज ही चुनौतियों से निपटें। वृश्चिक आज के दिन महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। परिवर्तन को स्वीकार करें। यह दिन विकास के अवसरों की ओर इशारा कर रहा है। इमोशनल और प्रोफेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए अलर्ट रहना आवश्यक है। धनु आज के दिन काम के सिलसिले में भागदौड़ बढ़ सकती है। कुछ लोगों को अपने बॉस की फटकार भी झेलनी पड़ेगी। आज किसी भी तरह की बहस से दूरी बनाएं। जितना पॉजिटिव रहेंगे उतना बेहतर है। आज अपना फेवरेट फूड ट्राई करें। मकर आज के दिन लव के मामले में सितारे आपके साथ हैं। मुश्किलें आती-जाती रहती हैं। पैसों का आगमन तो होगा ही लेकिन आपके खर्च भी बढ़ने वाले हैं। कुछ लोगों के लिए दिन थोड़ा स्ट्रेसफुल साबित हो सकता है। कुंभ आज का दिन रिलेशन में बैलेंस खोजने पर फोकस करता है। गलतफहमी के चलते अन-बन हो सकती है। अपने विचारों और इरादों को क्लियर करें। आपके लिए सेल्फ-लव पर फोकस करने वाला दिन है। काम का बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। मीन आज का दिन आपके लिए क्रिएटिव रहेगा। आज नई चुनौतियों को खुली बांहों के साथ स्वीकार करें। पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है। नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे। बढ़ावा देने वाला क्रिएटिव दिन आपका इंतजार कर रहा है। नए अवसर खुद ही आपके सामने आएंगे।

हरतालिका तीज व्रत: जानें पूजन सामग्री, मंत्र और विधि-विधान

इस साल हरतालिका तीज का व्रत उदया तिथि में 26 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। कुवांरी कन्याएं भी यह व्रत अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए रख सकती है। इस व्रत में निर्जला रहा जाता है। अगरे दिन व्रत का पारण किया जाता है। इस साल हस्त नक्षत्र पड़ रहा है, कहा जाता है हरतालिका तीज की पूजा हस्त नक्षत्र में बहुत फलदायी मानी जाती है। मिट्टी और बालू की मूर्ति बनाकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना कैसे करनी है, इसके यहां पढ़ें व्रत का संपूर्ण विधि-विधान-हरतालिका तीज की पूजा शाम के समय होती है, इसके लिए पहले जमीन को साफ कर लें। इसके बाद इसके ऊपर एक चौकी लगाएं। ध्यान रखें कि चौकी पूर्न दिशा में लगाएं। इस चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की एक तस्वीर और मिट्टी की मूर्ति रखें। इसके बाद एक कलश स्थापना करें। इसके लिए चावल से अष्टदल बनाकर उसके ऊपर गंगा जल पानी, हल्दी की गांठ, सुपारी आदि डालक कलश रखें, कलश पर स्वास्तिक बनाएं। कलश के ऊपर आम के पत्ते लगाएं। उस पर एक कटौरी चावल भरकर रखें और उस पर एक दीपक जलाएं। इस दिन मिट्टी से माता पार्वती, गणेश जी, नंदी और कार्तिकेय जी बनाएं। उन्हें जल और दूध दही से अभिषेक कराएं। उन्हें वस्त्र अर्पित करें, दूर्वा अर्पित करें। माता पार्वती को चुनरी और श्रृंगार का सामान अर्पित करें। कुशा से सभी पर गंगा जल छिड़के। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, फल और फूल अर्पित करें। भोग के खीर या पुएं बना सकते हैं। इसके बाद भीगे हुए चने रखें। अर्पित करें सबसे पहले एक दीपक जलाएं। माता के सामने व्रत का संकल्प करें। मिट्टी की मूर्ति को पांच बार सिंदूर लगाएं और वहीं सिंदूर दान माता पार्वती की मूर्ति से लेकर अपने पांच बार लगाएं। इससे पार्वती से सुहाग लेना कहते हैं। इसके बाद माता पार्वती और भगवान शिव को अबीर गुलाल और इत्र भी अर्पित करें। विवाहिता पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य लाभ के लिए व्रत रखती हैं। निर्जला व्रत रख कर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की बालू या मिट्टी की मूर्ति बनाकर पूजन की जाती है। इस तरह करें हरतालिका का पूजन सुबह स्नान कर शिव-पार्वती के मंदिर जाएं। इसके बाद शिव-पार्वती को लाल गुलाब अर्पित करें। भगवान शिव और नंदीगण को शहद चढ़ाएं। इस दिन माता पार्वती पर सुहाग पिटारी अर्पित की जाती है, इसके अलावा अपनी सामर्थ्य अनुसार अपने घर की बुजुर्ग महिलाओं या जो रिश्ते में आपसे बड़ी हैं, उन्हें सुहाग पिटारी के साथ साड़ी और बिछिया भेंट करें। गुड़ के 11 लड्डू मां पार्वती को बनाएं और माता पार्वती को अर्पित करें।

25 अगस्त 2025: सूर्य की तरह चमकेगा ये राशियां, पढ़ें आज का राशिफल

मेष: मेष राशि वालों को आज के दिन संतुलन पर जोर देने की जरूरत है। रिश्तों में ईमानदारी और खुला संवाद बहुत जरूरी है। पेशेवर तौर पर, तनाव को मैनेज करना और कार्यों को प्रभावी ढंग से प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। आर्थिक रूप से, खर्चों को लेकर सतर्क रहें और बड़ा निवेश करने से पहले दो बार सोचें। वृषभ: आज के दिन धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। ऑफिस की पॉलिटिक्स से दूर रहें। अपनी सेहत का ख्याल रखें। आज का आपका दिन बेहद शुभ माना जा रहा है। किसी खुले पार्क में ब्रीदिंग एक्सरसाइज या योग करने से तनाव को कम करने में मदद मिलेगी। मिथुन: आज के दिन तनाव कम लें। मन और शरीर दोनों को कंट्रोल में रखने का एक अच्छा तरीका योग है। आज का दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। पैसों के मामले में सोच समझकर ही डिसीजन लें। कर्क: आज के दिन बॉडी को फिट रखने के लिए एक्सरसाइज जरूर करें। आपका दिन उथल-पुथल से भरपूर साबित हो सकता है। काम के प्रेशर के चलते आपका स्ट्रेस बढ़ सकता है। याद रखें, काम से भी ज्यादा जरूरी आपकी मेंटल हेल्थ है। सिंह: आज के दिन समय-समय पर ब्रेक लेते रहें। आज के दिन आपके जीवन में कई बदलाव हो सकते हैं। चाहे मामला प्रेम का हो, नौकरी का हो, सेहत का हो, धन का हो, परिवार का हो, आज कोई खुशखबरी या बैड न्यूज भी मिल सकती है। कन्या: आज के दिन आपका समय काफी शानदार रहने वाला है। कुछ लोगों को अपने पद या सैलरी में वृद्धि देखने को मिल सकती है। पैसे के मामले में भाग्य आपके साथ है। इमोशनल पक्ष और माफ करने की क्षमता पर ध्यान केंद्रित रखें। तुला: आज के दिन चाहे जो भी हो अपना पॉजिटिव नजरिया बनाए रखें। आज का दिन हैप्पी-हैप्पी रहने वाला है। किसी इन्वेस्टमेंट से आपको अच्छा पैसा मिल सकता है। ज्वैलरी में इन्वेस्टमेंट करने के लिए आज का दिन शुभ है। वृश्चिक: आज का दिन आपके रोमांटिक जीवन में बदलाव का संकेत दे रहा है। आप रिश्तों में नए और गंभीर स्टेज पर हैं। मुश्किल वक्त के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। अब आप उन गंभीर जिम्मेदारियों को लेने के लिए तैयार हैं, जो करियर लाइफ का जरूरी हिस्सा हैं। धनु: आज के दिन वाद-विवाद से दूर रहना बेहतर है। सेहत का ख्याल रखें। आपके लिए ये दिन काफी प्रोडक्टिव रहने वाला है। अपनी फैमिली के साथ कुछ टाइम स्पेंड करें। लव के मामले में आपका दिन शानदार रहेगा। मकर: आज का दिन हलचल से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में आपको थोड़ी बहुत डांट या फटकार पड़ सकती है। अपनी पॉजिटिव एनर्जी को बनाए रखें। बाहर के खाने से परहेज करें। अपनी फिटनेस पर फोकस करें। कुंभ: आज के दिन कुंभ राशि के जातकों का दिन काफी एनर्जेटिक रहने वाला है। अपनी इस एनर्जी का सही तरीके से इस्तेमाल करेंगे तो दिन का लाभ उठा सकेंगे। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों के बीच थोड़ी बहुत तकरार हो सकती है। मीन: आज के दिन लंबे समय से चले आ रहे मामले सुलझ सकते हैं। इससे मौजूदा गलतफहमियों को सुलझाने में मदद मिलेगी। करीबियों के बीच बात-चीत बेहतर होगी। खर्चों पर ध्यान दें। जंक फूड्स का सेवन कम से कम करें।

शिव की तीसरी आंख से जुड़ी कथाएं और आध्यात्मिक महत्व

परमेश्वर शिव त्रिकाल दृष्टा, त्रिनेत्र, आशुतोष, अवढरदानी, जगतपिता आदि अनेक नामों से जानें जाते हैं। महाप्रलय के समय शिव ही अपने तीसरे नेत्र से सृष्टि का संहार करते हैं परंतु जगतपिता होकर भी शिव परम सरल व शीघ्रता से प्रसन्न होने वाले हैं। संसार की सर्व मनोकामना पूर्ण करने वाले शिव को स्वयं के लिए न ऐश्वर्य की आवश्यकता है न अन्य पदार्थों की। वे तो प्रकृति के मध्य ही निवासते हैं। कन्दमूल ही जिन्हें प्रिय हैं व जो मात्र जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं। जहां अन्य देवों को प्रसन्न करने हेतु कठिन अनुष्ठान किया जाता है वहीं शिव मात्र जलाभिषेक से ही प्रसन्न होते हैं। शिव का स्वरूप स्वयं में अद्भुत तथा रहस्यमय हैं। चाहे उनके शिखर पर चंद्रमा हो या उनके गले की सर्प माला हो या मृग छाला हो, हर वस्तु जो भगवान शंकर ने धारण कर रखी है, उसके पीछे गूढ़ रहस्य है। शास्त्रनुसार सभी देवताओं की दो आंखें हैं पर शिव के तीन नेत्र हैं। इस लेख के माध्यम से हम अपने पाठकों को बताते हैं क्यों हैं शिव के तीन नेत्र तथा इसके पीछे क्या रहस्य है।   श्लोकः त्वं ब्रह्मा सृष्टिकर्ता च त्वं विष्णुः परिपालकः। त्वं शिवः शिवदोऽनन्तः सर्वसंहारकः।।   भगवान शंकर का एक नाम त्रिलोचन भी है। त्रिलोचन का अर्थ होता है तीन आंखों वाला क्योंकि एक मात्र भगवान शंकर ही ऐसे हैं जिनकी तीन आंखें हैं। शिव के दो नेत्र तो सामान्य रुप से खुलते और बंद होते रहते हैं, शिव के दो नेत्रों को शास्त्रों ने चंद्रमा व सूर्य कहकर संबोधित किया है परंतु तीसरा नेत्र कुछ अलग संज्ञा लिए हुए होता है। वेदों ने शिव के तीसरे नेत्र को प्रलय की संज्ञा दी है। वास्तविकता में शिव के ये तीन नेत्र त्रिगुण को संबोधित है। दक्षिण नेत्र अर्थात दायां नेत्र सत्वगुण को संबोधित है। वाम नेत्र अर्थात बायां नेत्र रजोगुण को संबोधित है तथा ललाट पर स्थित तीसरा नेत्र तमोगुण को संबोधित करता है। इसी प्रकार शिव के तीन नेत्र त्रिकाल के प्रतीक है ये नेत्र भूत, वर्तमान, भविष्य को संबोधित करते हैं। इसी कारण शिव को त्रिकाल दृष्टा कहा जाता है। इनहीं तीन नेत्रों में त्रिलोक बस्ता है अर्थात स्वर्गलोक, मृत्युलोक व पाताललोक अर्थात शिव के तीन नेत्र तीन लोकों के प्रतीक हैं। इसी कारण शिव त्रिलोक के स्वामी माने जाते हैं।   त्रीद्लं त्रिगुनाकारम त्रिनेत्रम च त्रिधायुतम। त्रीजन्म पापसंहारम एक बिल्व शिव अर्पिन।।   शिव को परमब्रह्म माना जाता है। संसार की आंखें जिस सत्य का दर्शन नहीं कर सकतीं, वह सत्य शिव के नेत्रों से कभी ओझल नहीं हो सकता क्योंकि सम्पूर्ण संसार शिव की एक रचना मात्र है। इसी कारण तीन लोक इनके अधीन हैं। शिव का तीसरा नेत्र ज्ञान चक्षु है। यह विवेक का प्रतीक है। ज्ञान चक्षु खुलते ही काम जल कर भस्म हो जाता है। जैसे विवेक अपना ऋषित्व स्थिर रखते हुए दुष्टता को उन्मुक्त रूप में विचारने नहीं देता है तथा उसका मद-मर्दन करके ही रहता है। इसी कारण शिव के तीसरे नेत्र खुलने पर कामदेव जलकर भस्म हो गए थे।   शिव का तीसरा चक्षु आज्ञाचक्र पर स्थित है। आज्ञाचक्र ही विवेकबुद्धि का स्रोत है। तृतीय नेत्र खुल जाने पर सामान्य बीज रूपी मनुष्य की सम्भावनाएं वट वृक्ष का आकार ले लेती हैं। धार्मिक दृष्टि से शिव अपना तीसरा नेत्र सदैव बंद रखते हैं। तीसरी आंख शिव जी तभी खोलते हैं जब उनका क्रोध अपने प्रचुरतम सीमा से परे होता है। तीसरे नेत्र के खुलने का तात्पर्य है प्रलय का आगमन।   सूर्यस्त्वं सृष्टिजनक आधारः सर्वतेजसाम्। सोमस्त्वं सस्यपाता च सततं शीतरश्मिना।।   वास्तवक्ता में परमेश्वर शिव ने यह तीरा नेत्र प्रत्येक व्यक्ति को दिया है। यह विवेक अतःप्रेरणा के रूप में हमारे अंदर ही रहता है। बस जरुरत है उसे जगाने की। शिव के ज्ञान रुपी तीसरे नेत्र से ये प्रेरणा मिलती है कि मनुष्य धरती पर रहकर ज्ञान के द्वारा अपनी काम और वासनाओं पर काबू पाकर मुक्ति प्राप्त कर सके। अगर सांसरिक दृष्टि से देखा जाए तो नेत्रों का कार्य होता है मार्ग दिखाना व मार्ग में आने वाली मुसीबतों से सावधान करना। जीवन में कई बार ऐसे संकट भी शिव जी द्वारा दिए तीनों नेत्र संयम से प्रयोग में लेने चाहिए। काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह व अहंकार इसी तीसरे नेत्र से हम में प्रवेश करते हैं तथा इसी तीसरे नेत्र से हम इन्हे भस्म भी कर सकते हैं। मकसद है इस आज्ञा चक्र को जाग्रत करके सही मार्ग पर ले जाने की।  

इस तरह बढ़ाएं बच्चों में क्रिएटिविटी

अपने आशियाने को संवारने में जैसे हम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते वैसे ही बच्चों के कमरों को सजाने-संवारने पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। कमरे की सजावट करते समय छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है क्योंकि यहीं वह जगह है, जहां से उसके सपनों को नई उड़ान मिलती है। वह अपने कमरे से शैतानियों के साथ-साथ नए-नए कामों की प्लानिंग करता है। यहीं से उसकी अलग पर्सनैलिटी विकसित होनी शुरू होती है। -बच्चों को जो रंग सबसे पसंद हैं, उनके कमरे में वैसा ही पेंट करवाए। दीवारों पर बच्चे की मनपसंद कविता या कार्टून करैक्टर बनाना भी कमरे की रौनक को और बढ़ाएगा। दीवारों पर वॉशऐबल पेंट या डिजाइनर वॉलपेपर का इस्तेमाल करें क्योंकि बच्चे अक्सकर दीवारों पर अपनी चित्रकारी का हुनर दिखाते हैं। अगर बच्चा छोटा हैं तो वह अपनी स्कूल टीचर के नक्शे-कदमों पर दीवारों पर अल्फाबेट बनाएगा लेकिन बच्चों को ऐसा करने से रोके नहीं, उन्हें नए-नए क्रेटिव काम करने दें क्योंकि अगर हम बार-बार उन्हें कुछ भी करने से रोकेंगे तो वह कभी भी आत्म निर्भर नहीं हो पाएंगे। -बच्चे को खुशमिजाज और उनमें भरपूर एनर्जी बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ बच्चों के कमरे में आकर्षक रंगों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। अपने पसंद की बजाए बच्चे की पसंद के अनुरूप न्यॉन कलर्स, पैरेट, गुलाबी, चॉकलेटी, लाल या नीला जैसे रंगों से सजाएं। बच्चों को ज्यादातर कार्टून करेक्टरों में रूचि होती है। उनके कमरों में उनकी मनपसंद चीजें रखें। साथ ही अन्य फेवरेट कैरेक्टर के प्रिंट वाले कुशन्स, बेड कवर और कर्टन से कमरे को खूबसूरत और कलरफुल लुक दे सकते हैं। ये क्लरफूल रंग उनकी जिंदगी को भी रंगीन बनाते है। -बच्चे के कमरे को इस तरह से सेट करें कि खेलने, क्राफ्ट, पेंटिंग और अन्य गेमस वह आराम से कर सकें। अगर बच्चा छोटा हैं तो उसके कमरे में आप नंबर या अल्फाबेट के डिजाइन वाली दरी बिछा सकती हैं या किसी दीवार पर गिनती या अल्फाबेट वाले पैटर्न लटका सकती हैं। ऐसे करके खेलना-कूदना और पढ़ना साथ-साथ चलेगा और वह पढ़ाई को सिरदर्द समझ कर नहीं बल्कि एन्जॉय करेंगे। बच्चों को प्जल गेम और आई क्यू टेस्ट गेम की तरफ रूझाएं, जिससे उनका माइंड शार्प बनेगा। -कमरे में स्टोरेज की पूरी सुविधा होनी चाहिए क्योंकि बच्चा चाहे किसी भी उम्र का हो, उसके पास ढेर सारा सामान होता है। उसके पास किताबें, कपड़े, स्टेशनरी और खिलौनों का पिटारा होता ही है। बॉक्स बैड, फोल्डेबल स्टोरेज बीन, दीवारों और दरवाजों पर हुक्स, खूबसूरत टोकरियों और शेल्फ का इस्तेमाल करके स्टोरेज स्पेस बनाई जा सकती है। इसका एक फायदा यह भी है कि इससे बच्चा आत्मनिर्भर बनता है और अपने काम के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने लगता है। अपने काम को करने में उसकी रूचि बढ़ती है और वह मेहनती भी बनते हैं। उसे अपने कमरे को साफ-सफाई खुद रखता है। -अलग से बच्चे का कमरा तैयार करवाने के आपको और भी कई फायदे होंगे। वह अपने काम को समयानुसार करने के आदी होंगे। कई बार बच्चे मां-बाप के साथ बैठकर रातभर टी.वी देखते हैं। कुछ प्रोग्राम बच्चों के देखने वाले नहीं होते, जिसका बुरा प्रभाव उन पर पड़ता है।  

धन और सफलता की होगी बारिश! गणेश चतुर्थी पर बने दुर्लभ योग से इन राशियों को मिलेगा लाभ

इस साल गणेश चतुर्थी (27 अगस्त 2025) पर एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, जो कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. ज्योतिषाचार्य  के अनुसार, इस दिन शुक्र और वरुण ग्रह के बीच नवपंचम योग का निर्माण होगा. यह योग केवल आर्थिक समृद्धि ही नहीं, बल्कि करियर, स्वास्थ्य, प्रेम और पारिवारिक जीवन में भी शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है. शुक्र को धन, ऐश्वर्य, प्रेम और सामाजिक प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है, जबकि वरुण ग्रह अवसर, रहस्य और जीवन में नए बदलाव लाने के लिए प्रसिद्ध है. जब ये दोनों ग्रह 120 डिग्री पर स्थित होते हैं, तो नवपंचम योग बनता है, जो शुभ अवसरों और अनुकूल परिस्थितियों को जन्म देता है. डॉ. मिश्रा के अनुसार, “इस योग के प्रभाव से विशेष रूप से मेष, कर्क और मीन राशि के जातकों के जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव और लाभ देखने को मिलेंगे.” मेष राशि: रुके कार्य होंगे पूरे मेष राशि वालों के लिए यह योग अत्यंत शुभ रहने वाला है. डॉ. मिश्रा बताते हैं कि लंबे समय से अटके कार्य पूरे होंगे. करियर में नई ऊंचाइयां हासिल होंगी और नए अवसर मिलेंगे. व्यापारियों और नौकरीपेशा जातकों को आर्थिक लाभ की संभावना है. पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. कर्क राशि: आय और वैवाहिक जीवन में वृद्धि कर्क राशि के जातकों के लिए यह संयोग विशेष रूप से लाभकारी साबित होगा. नए आय स्रोत प्राप्त होंगे और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. वैवाहिक जीवन में खुशहाली आएगी और पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य बढ़ेगा. कार्यक्षेत्र में की गई मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा. डॉ. मिश्रा कहते हैं कि “कर्क राशि वालों के लिए यह समय निवेश और नई योजनाओं को सफल बनाने के लिए अनुकूल है.” मीन राशि: कारोबार और सामाजिक मान-सम्मान में लाभ मीन राशि के जातकों को इस दुर्लभ योग का सबसे अधिक लाभ होगा. कारोबार में अप्रत्याशित सफलता मिल सकती है. जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की की संभावना है. नई योजनाओं में सफलता हासिल होगी और सामाजिक प्रतिष्ठा व मान-सम्मान में वृद्धि होगी. प्रेम जीवन में भी मधुरता आएगी. अन्य राशियों पर सामान्य प्रभाव यद्यपि नवपंचम योग का मुख्य लाभ मेष, कर्क और मीन राशि के जातकों को होगा, लेकिन यह संयोग अन्य राशियों के लिए भी सकारात्मक परिवर्तन और अवसर ला सकता है. नए प्रोजेक्ट्स में सफलता, सामाजिक संपर्कों में लाभ और व्यक्तिगत विकास के अवसर बढ़ सकते हैं.  “गणेश चतुर्थी का यह योग न केवल आर्थिक लाभ देगा बल्कि मानसिक संतुलन और पारिवारिक सुख-शांति को भी बढ़ावा देगा. जो लोग अपने लक्ष्यों और योजनाओं पर ध्यान देंगे, वे अधिकतम लाभ उठा पाएंगे.”