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12 या 13 फरवरी को है विजया एकादशी? व्रत की सही डेट, मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि

सनातन धर्म में एकादशी तिथि बहुत ही पावन और विशेष मानी जाती है. ये तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित की गई है. एकादशी के दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु का व्रत और पूजन किया जाता है. साल में 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं. हर एक एकादशी व्रत का अपना विशेष महत्व है. फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकदशी तिथि पर विजया एकादशी का व्रत रखा जाता है. विजया एकदशी के दिन व्रत के साथ ही पूरे विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. उनसे आशीर्वाद की कामना की जाती है. मान्यता है कि विजया एकादशी का व्रत रखने से शत्रुओं पर विजय मिलती है. इस व्रत की महिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि श्रीराम ने भी ये व्रत रखा था. हालांकि, इस साल लोगों के मन में विजया एकादशी के व्रत को लेकर संशय है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल 12 या 13 फरवरी किस दिन रखा जाएगा विजया एकादशी का व्रत? साथ ही जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. विजया एकादशी कब है? पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन 13 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 25 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए इस साल विजया एकादशी व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा और अगले दिन व्रत का पारण किया जाएगा. विजया एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त विजया एकदाशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 08 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक रहेगा. विजया एकादशी पूजा विधि विजया एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें. एक वेदी बनाकर उस पर सात अनाज रखें और उसके ऊपर कलश स्थापित करें. कलश पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें. उन्हें पीले फूल, ऋतु फल, तुलसी दल और पंचामृत चढ़ाएं. धूप-दीप, घी का दीपक जलाएं और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें. विजया एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें. अंत में विष्णु जी की आरती करके पूजा का समापन करें.  

भद्रा की छाया में महाशिवरात्रि, पूजा और जलाभिषेक का सही मुहूर्त जानें

हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन शिव-शक्ति का मिलन हुआ था. इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाने वाली है. महाशिवरात्रि के दिन भक्त भोलेनाथ और माता पार्वती की विशेष पूजा करते हैं. साथ ही व्रत रखते हैं. मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ प्रसन्न मुद्रा में रहते हैं और पूजन व व्रत से प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं जल्द पूर्ण करते हैं. महाशिवरात्रि के दिन देश भर के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतार देखने को मिलती है. हालांकि, इस साल महाशिवरात्रि पर भद्रा का योग भी बन रहा है. ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या इसका प्रभाव शिव जी के जलाभिषेक पर भी पड़ेगा? ऐसे में आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर भद्रा काल कब से कब तक रहेगा? साथ ही कब जलाभिषेक किया जा सकता है? महाशिवरात्रि 2026 भद्रा काल का समय पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी की शाम 05 बजकर 04 मिनट से भद्रा काल शुरू होगा. वहीं भद्रा काल का समापन 16 फरवरी की सुबह 05 बजकर 23 मिनट पर होगा. यानी महाशविरात्रि पर करीब 12 घंटे 19 मिनट तक भद्रा काल रहेगा. हालांकि, चिंता की कोई बात नहीं है. पंडितों और ज्योतिषविदों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भद्रा पाताल लोक में वास करेगी. शास्त्रों में बताया गया है कि भद्रा के पाताल लोक में होने पर उसका प्रभाव धरती पर नहीं पड़ता. इसलिए महाशिवरात्रि के दिन भक्त बिना किसी असमंजस के भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा कर सकते हैं. महाशिवरात्रि 2026 जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त इस साल महाशिवरात्रि के दिन महादेव के जलाभिषेक के लिए कई मुहूर्त हैं. इस दिन पहला मुहूर्त सुबह 08 बजकर 24 मिनट से 09 बजकर 48 मिनट मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त सुबह 09 बजकर 48 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. तीसरा अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा. ये सुबह 11 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. शाम को शुभ-उत्तम मुहूर्त 06 बजकर 11 मिनट से 07 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. इन सभी मुहूर्तों में भक्त शिव जी का जलाभिषेक कर सकते हैं.

ज़िंदगी में सफल होना है? स्वामी विवेकानंद की ये 7 बातें आज ही अपनाएँ

स्वामी विवेकानंद का नाम सुनते ही मन में आशा, उम्मीद, प्रेरणा, जीत, सफलता जैसे शब्द चलने लगते हैं और खुद में आत्मविश्वास महसूस होता है। उन्होंने अपने विचारों से सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी बातें, विचार आज भी युवाओं को सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं। अगर आप उनके मार्ग पर चलें या फिर उनकी बातों को गांठ बांध लें, तो जीवन में सफलता जरूर मिलेगी। चलिए आपको उनकी कुछ प्रभावशाली बातें बताते हैं, जिनसे आप प्रेरणा ले सकते हैं। स्वामी विवेकानंद जी के विचार- 1- सोच बड़ी करो जैसा तुम सोचते हो, वैसे ही बन जाओगे। खुद को निर्बल मानोगे तो निर्बल और सबल मानोगे तो सबल ही बन जाओगे। अगर आप सोचते हैं कि आप सफल होंगे, तो उसी दिशा में मेहनत करना शुरू करें और एकदिन आप जरूर सफल होंगे। 2- रिस्क लें जीवन में जोखिम उठाइए, यदि आप जीतते हैं तो आप नेतृत्व करेंगे, यदि हारते हैं तो आप दूसरों का मार्गदर्शन करेंगे। जीत-हार सब आपकी सफलता के राह के साथी है, जो भी मिले उसे स्वीकार कर आगे बढ़ें और फिर मेहनत करें। 3- गलत मार्ग न चुनें किसी दिन जब आपके सामने कोई समस्या न आए, तो आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं। विवेकानंद जी ने कहा था कि सही रास्ता वही है, जिसमें रिस्क हो, कठिनाई हो, हर चीज जो सरलता से मिले वो गलत मार्ग हो सकता है। 4- त्याग करो जो कुछ भी तुम्हें कमजोर बनाता है- शारीरिक, बौद्धिक या मानसिक, उसे जहर की तरह त्याग दो। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि आपकी सफलता के बीच में जो भी चीज बाधा बन रही है, उसे त्याग करने की कोशिश करें। फिर चाहे वो नींद हो, गर्मी-सर्दी हो या फिर आपकी कोई इच्छा या आदत। 5- सीखते रहो जब तक जीना, तब तक सीखना। अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। जिस दिन आप सोच लेंगे कि अब सीखने को कुछ बाकि नहीं है, उस दिन आपको करने के लिए कुछ नहीं होगा। आखिरी सांस तक सीखना व्यक्ति का गुण होना चाहिए। 6- संगत का असर स्वामी जी कहते थे कि संगति आप को ऊंचा उठा भी सकती है और यह आपको ऊंचाई से गिरा भी सकती है, इसलिए संगति अच्छे लोगों से करें। इसलिए हमेशा उन लोगों के साथ रहें, जो आपको सफलता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करें न कि आपके कदम पीछे खींच लें। 7- लक्ष्य तय करें उठो, जागो और तबतक न रुको, जब तक तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते। अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उसपर काम करना शुरू करें। इस बीच आपकी लोग बुराई करें या तारीफ इससे आपको कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए।

सजावट में की गई ये गलती बिगाड़ सकती है घर की सुख-शांति, जानें मूर्तियों से जुड़े नियम

हम अपने घर को सुंदर बनाने और सकारात्मक ऊर्जा के लिए अक्सर देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां लाते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र कहता है कि हर मूर्ति घर के लिए सही नहीं होती। कई बार हम केवल कलात्मकता देखकर ऐसी मूर्तियां ले आते हैं जो असल में घर की ऊर्जा को अशांत कर सकती हैं। क्रोधित और उग्र स्वरूपों से बचें वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में कभी भी भगवान के उग्र या क्रोधित स्वरूप वाली मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। उदाहरण के लिए, भगवान शिव का 'नटराज' स्वरूप कला का अद्भुत नमूना है, लेकिन यह उनके 'तांडव' यानी विनाश के नृत्य को दर्शाता है। शास्त्रों के अनुसार, ऐसी मूर्ति घर में रखने से कलह और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसी तरह, मां काली का विकराल रूप या भगवान हनुमान का ऐसा चित्र जिसमें वे लंका दहन कर रहे हों, घर की शांति में बाधा डाल सकता है। युद्ध और विनाश के दृश्य पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, घर में कभी भी युद्ध से जुड़ी तस्वीरें या मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। अक्सर लोग महाभारत के दृश्य या भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता उपदेश देने वाली तस्वीर लगाते हैं। उपदेश वाली तस्वीर तो ठीक है, लेकिन अगर उसमें युद्ध के अस्त्र-शस्त्र और रथ प्रमुखता से दिख रहे हों, तो वह घर के सदस्यों के बीच वैचारिक मतभेद पैदा कर सकती है। खंडित और पुरानी मूर्तियां वास्तु के अनुसार, खंडित (टूटी हुई) मूर्ति घर में रखना सबसे बड़ा दोष माना जाता है। अगर मूर्ति का एक छोटा सा कोना भी चटक गया हो या उसका रंग पूरी तरह उतर गया हो, तो वह अपनी सकारात्मकता खो देती है। ऐसी मूर्तियों को तुरंत हटाकर किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए या किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख देना चाहिए। इन विशेष मूर्तियों से भी करें परहेज वास्तु नियमों के अनुसार, घर के भीतर शनि देव, राहु और केतु की मूर्तियां स्थापित नहीं करनी चाहिए। इनकी पूजा मंदिर में करना ही श्रेष्ठ माना गया है। इसके अलावा, एक ही भगवान की दो मूर्तियां इस तरह न रखें कि उनका मुख एक-दूसरे की तरफ हो या उनकी पीठ एक-दूसरे से मिलती हो। यह स्थिति घर में धन के आगमन को रोकती है। घर के मंदिर के लिए कुछ जरूरी नियम: बैठी हुई मुद्रा: घर में हमेशा भगवान की बैठी हुई और मुस्कुराती हुई मुद्रा वाली मूर्तियां लाएं। अंगूठे से बड़ी न हो: घर के मंदिर में रखी मूर्ति का आकार बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए, अंगूठे के बराबर की मूर्ति सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। आमने-सामने न हो: मूर्तियों को कभी भी एक-दूसरे के आमने-सामने न रखें। साफ-सफाई: धूल जमी हुई या जाले लगी हुई मूर्तियों से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है।

9 फरवरी 2026 का भविष्यफल: सभी 12 राशियों के लिए क्या कहता है सितारों का हाल

मेष राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन अपनी क्षमता साबित करने के लिए ऑफिस में नए काम हाथ में लें। पैसों से जुड़ी कोई समस्या नहीं आएगी। आपको अच्छी न्यूज मिल सकती है। आज आप स्वस्थ भी हैं। कुछ महिलाओं को संपत्ति भी विरासत में मिलेगी। वृषभ राशि: ऑफिस के काम पर ध्यान केंद्रित करें। अनुशासन और रोमांस के जरिए प्रेम जीवन को रोमांचक बनाए रखें। आज पेशेवर जीवन को उत्पादक बनाए रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन राशि: आज ऑफिस की गॉसिप से बचें। आपका प्रेम जीवन खुशनुमा रहेगा और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। आज का दिन समझदारी भरे निवेश के लिए भी अच्छा साबित हो सकता है। कर्क राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन प्यार से साथ रहें। लव के मामले में अहंकार को दूर रखें। भविष्य के लिए प्लान करें। पेशेवर जोखिम उठाने की इच्छा भी दिखाएं। धन और स्वास्थ्य दोनों अच्छी स्थिति में रहेंगे। सिंह राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन करियर में छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं। सुबह के समय किसी स्पेशल व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। ऑफिस और पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें। आप दान भी कर सकते हैं। कन्या राशि: आज समृद्धि बनी रहेगी। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। रोमांटिक मामलों को लगन से निपटाएं। आधिकारिक समस्याओं को मजबूती से सुलझाएं। आपको आर्थिक खर्चों में कटौती करनी चाहिए। तुला राशि: आज रिश्ते में सुखद पलों की तलाश करें। लव लाइफ को अगले लेवल पर ले जाने पर विचार करें। अहंकार को दफ्तर की जिंदगी से दूर रखें। आज आप हेल्दी महसूस करेंगे। वृश्चिक राशि: रोमांस से जुड़े मुद्दों का सोल्यूशन निकालें। प्रोफेशनल चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आप उनका सोल्यूशन निकाल लेंगे। जब तक आपका स्वास्थ्य अच्छा है, धन का प्रबंधन समझदारी से करें। धनु राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन सुरक्षित वित्तीय निवेश को प्राथमिकता दें। टीम मीटिंग में समझदारी से काम लें। कॉन्फिडेंस से नए विचारों को आगे बढ़ा सकते हैं। आज कई स्रोतों से धन प्राप्ति होगी। मकर राशि: स्टूडेंट्स को भी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए कोशिश करनी चाहिए। लव लाइफ में बेहतरीन पल देखने को मिलेंगे। प्रोफेशनल मुद्दों को सुलझाएं। आर्थिक निवेश पर विचार करें, जो सुरक्षित हों। कुंभ राशि: आपकी हेल्थ अच्छी रहेगी। कुछ रिलेशनशिप में खटास भरे पल भी आ सकते हैं। रिश्तों की समस्याओं के समाधान के लिए आज का दिन चुनें। बेहतर विकास के लिए पेशेवर अवसरों का लाभ उठाएं। मीन राशि: धन मिलने पर सुरक्षित वित्तीय फैसले लें। निजी और पेशेवर जीवन, दोनों में समझदार और संवेदनशील रहें। कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं होगी और आर्थिक समृद्धि भी आपके पक्ष में रहेगी।  

होली 2026: 3 या 4 मार्च, पंडितों से जानें रंगों के पर्व की सही तिथि

इंदौर      इस साल होली के पर्व को लेकर लोगों में काफी ज्यादा असमंजस की स्थिति बनी हो गई है. इसके पीछे का मुख्य कारण है 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण. गणनाओं के मुताबिक, 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा है, जबकि रंगों का पर्व होली 4 मार्च को मनाया जाएगा. तो आइए देश के प्रसिद्ध पंडितों से जानते हैं कि होली की सही तिथि या डेट क्या रहने वाली है.  ज्योतिषाचार्य पंडित दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, भारतीय ज्योतिष और निर्णय सिंधु ग्रंथ के आधार पर फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 2 मार्च 2026 को पड़ रही है. शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन भद्रा समाप्त होने के बाद या भद्रा के पूंछ काल में होलिका दहन करना ही शास्त्र सम्मत माना जा रहा है. उन्होंने बताया कि 2 मार्च की रात 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट के बीच होलिका दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा. अगले दिन 3 मार्च 2026 को फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्रग्रहण लगेगा. ग्रहण होने के कारण अगले दिन चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा यानी 4 मार्च 2026 को पूरे भारत में होली मनाई जाएगी.  3 मार्च को ये रहेगी चंद्रग्रहण की टाइमिंग  दरअसल गणनाओं के मुताबिक, 3 मार्च 2026 फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को चंद्रमा का उदय शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगी. ग्रहण का (मध्यकाल) मध्यान्ह समय शाम 5 बजकर 4 मिनट पर होगा और ग्रहण का मोक्ष काल शाम 6 बजकर 47 मिनट रहेगा. पूरे भारत में चंद्रोदय के समय यानी 3 मार्च की शाम 05 बजकर 59 के बाद ही सभी स्थानों में चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा. केवल ग्रहण का मोक्ष काल ही दिखाई देगा, जबकि ग्रहण का प्रारंभ और मध्य काल भारत में कहीं भी दिखाई नहीं होगा, क्योंकि चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण का आरंभ हो जाएगा.  सनातन धर्म के अनुसार, सूर्य ग्रहण में 12 घंटे पूर्व और चंद्र ग्रहण में 9 घंटे पूर्व सूतक काल मान्य होता है. इस गणना के अनुसार, 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा. कहां कहां दिखाई देगा चंद्रग्रहण?  3 मार्च को लगने जा रहा यह चंद्रग्रहण भारत के अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में भी दिखाई देगा. ऐसे में पूरे भारत में होली का पर्व 4 मार्च 2026 को ही मनाया जाना उचित रहेगा. होलिका दहन 2 मार्च 2026 को भद्रा पूंछ काल में, रात 12 बजकर 50 मिनट के बाद करना ही शास्त्र सम्मत माना जा रहा है.  होली की तिथि को लेकर पंडित वेद प्रकाश मिश्रा ने भी दिया अपना मत ज्योतिषाचार्य पंडित वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि शास्त्रीय परंपरा के अनुसार, होलिका दहन रात में और रंगोत्सव अगले दिन प्रातः काल मनाया जाता है. लेकिन 3 मार्च को चंद्रग्रहण और सूतक काल होने के कारण उस दिन रंगोत्सव करना उचित नहीं है. इसी कारण होली का पर्व 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. दरअसल, हृषीकेश पंचाङ्ग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 18 मिनट पर होगी, जो 3 मार्च को शाम 4 बजकर 33 मिनट तक रहेगी. इस प्रकार 2 मार्च को निशाव्यापिनी पूर्णिमा प्राप्त हो रही है. हालांकि, 2 मार्च को शाम 5 बजकर 18 मिनट से भद्रा लग रही है, इसलिए भद्रा के मुख काल को त्यागकर, भद्रा पूंछ काल में रात 12 बजकर 50 मिनट से रात 2 बजकर 02 मिनट तक होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत माना जा रहा है.  आगे पंडित वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि, प्रचलित मान्यता के अनुसार, होलिका दहन के अगले दिन अर्थात् 3 मार्च को होली का पर्व मनाया जाना चाहिए. लेकिन इस दिन शाम को ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण है, जो शाम 5 बजकर 59 मिनट से शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. ग्रहण समाप्त होने के बाद 3 मार्च को चौसठ्ठी देवी की यात्रा और पूजन किया जाएगा.  यानी, सभी मतों और पंडितों के मुताबिक, 4 मार्च को ही होली मनाना ज्यादा शुभ माना जा रहा है.

8 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की स्थिति से इन राशियों की किस्मत में आ सकते हैं महत्वपूर्ण बदलाव

मेष आज के दिन खुद का साथ दें और अपने ऊपर भरोसा रखें। दूसरों के हिसाब से नहीं चलना है। कोई आपकी सहनशक्ति की परीक्षा ले सकता है, लेकिन इससे आपकी असली पहचान नहीं बदलेगी। अपने विश्वास पर खरे उतरेंगे। आपको अच्छे फैसले लेने में मदद करेगा। इसके अलावा कुछ सीमाएं तय करना भी जरूरी हो सकता है। सीमाएं बनाने से खुदगरजी नहीं है, बल्कि यह वो तरीका है जिससे आपका जीवन संतुलित रहता है। वृषभ आज आपको शांति पाने के लिए किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। किसी के साथ अगर आपको ठीक नहीं लग रहा है, तो आप उससे दूरी बना लें। इसके लिए लड़ाई या बहस करना जरूरी नहीं है। इससे आप अपनी शक्तियों का सही इस्तेमाल कर सकते हैं और उसे बचा सकते हैं। आज आप समझेंगे कि शांत रहना मतलब सब कुछ कंट्रोल करना नहीं, बल्कि जो होता है उसे स्वीकार करना और संतुलित रहना है। अपने अंदर की स्थिरता आपको बाहर की परेशानियों से लड़ने में मदद करेगी। मिथुन आज आपको अतिरिक्त महसूस करने की जरूरत नहीं है। आपको हर बात तुरंत लोगों से कहने या हर चीज में शामिल होने की जरूरत नहीं। आपको जो स्पष्टता मिलेगी, वह एकांत जगह पर मिलेगी, जहां शोर-शराबा ना हो। आज थोड़ी देर खुद को रोकें और अपनी ऊर्जा को बर्बाद होने से बचाएं। कम बोलने से आपको बेहतर लगेगा और बाहरी परेशानिया आपके महत्वपूर्ण काम में बाधा नहीं डालेंगी। खुद को पहले रखें। जैसे-जैसे आप अपने साथ खुश होंगे, आपकी दया और अपनापन भी बढ़ेगा। कर्क आज परिवार के रिश्ते मजबूत होंगे। जोड़ों की सेहत के लिए पोषण पर ध्यान देने से शारीरिक आराम बढ़ेगा। लंबी अवधि के निवेश की सोच से वित्तीय सुरक्षा अधिक मजबूत महसूस होगी। पेशेवर अवसर उन कामों में बेहतर होंगे जो आपके कौशल और विशेषज्ञता पर आधारित हों। अकेले या स्वयं-निर्देशित यात्रा करने से मानसिक शांति मिलेगी। संपत्ति या घर से जुड़े फैसले भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण होंगे। अध्ययन और सीखने में सफलता तब बेहतर रहेगी जब अनुशासन खुद से बनाए रखा जाए, न कि जब कोई बाहरी दबाव हो। सिंह आज का दिन शुभ रहेगा। आज आप अपने पुराने तौर-तरीके और आदतों को ठीक उस प्रकार छोड़ देंगे, जैसे सांप अपनी पुरानी खाल बदलता है। हालांकि ये चीजे आपकी पहचान तय नहीं करेंगी, जो पहले बहुत जरूरी लगता था, अब वह महत्वहीन लगेगा। हालांकि इस पर ज्यादा ध्यान ना दें। एक छोटा बदलाव नई चीजों के लिए रास्ता खोलता है। धीरे-धीरे तरक्की की राह पर हैं। आप जिस रास्ते पर हैं, वह आपके पुराने रास्ते से बेहतर है। कन्या आज आपका समझदारी वाला पक्ष सामने आएगा। भले ही आपको अनुशासन पसंद है, पर दूसरों और चीजों के प्रति कोमल रवैया अपनाने से ज्यादा फायदा होगा। दूसरों के साथ-साथ खुद के साथ भी दयालु रहें। आप अपनी सारी कामयाबी हासिल कर लेंगे, लेकिन बिना दबाव महसूस किए। कोमल और शांतिपूर्ण तरीके से बोलना आपके सोचने के तरीके को ताज़ा करता है और आपको अपने आप में बने रहने में मदद करता है। दया कमजोरी नहीं है; यह अभी आपके लिए सबसे सही तरीका है। तुला आज आपके लिए अच्छी बात यह रहेगी, कि अब आप उस चीज से नहीं भागेंगे, जो आपको परेशान कर रही है। आम तौर पर आप अपनी भावनाओं को अंदर ही अंदर दबा लेते हैं, लेकिन यह सही नहीं है। किसी बात को स्वीकार करना और यह मान लेना कि यह आपको प्रभावित कर रही है, थोड़ी तकलीफ दे सकता है, लेकिन सच को अपनाने से तनाव कम होगा और चीजें साफ दिखने लगेंगी। आपको सब कुछ ठीक करने की जरूरत नहीं है। बस अपनी भावनाओं को खुलकर महसूस करने और विकसित होने का समय दें। वृश्चिक जो भी चीजें आपको रोके हुए हैं, उसे छोड़ ने का वक्त आ गया है,जो एक नकारात्मक सोच, खराब आदत या झूठे सपने से जुड़ा हुआ हो सकता है। आज आपके लिए स्पष्टता और खोज का होगा। जब आप उन भ्रमों को छोड़ देंगे जो सच नहीं हैं, तो आपके लिए नई संभावनाओं और विकास की जगह बनेगी। विकास तब शुरू होता है जब आप उन चीजों को लेकर बचाव की मुद्रा छोड़ देते हैं जो अब काम नहीं कर रही हैं। धनु आज आपको बात करने के बजाय चीजों को देखकर सीखने का मौका मिलेगा। दूसरे जो आपके बारे में बोल रहे हैं, उनकी बातों पर बिल्कुल ध्यान न दें, आप चुप रहें और ध्यान से देखें कि वे क्या कर रहे हैं। अपने मन में सोचें, वाह, कितना अजीब है! आप जो जवाब ढूंढ रहे हैं, वह बिना पूछे ही मिल जाएगा। चुप रहना आपके सोचने को साफ करता है और आप असलियत तक पहुच पाएंगे। कभी-कभी सच बस बिना जबरदस्ती ढूंढे ही सामने आ जाता है। मकर आज आपको किसी पर गुस्सा करने का मन हो सकता है, लेकिन झगड़ा करने बजाय आप शांत रहेंगे। शांत रहना कमजोरी नहीं है, बल्कि यह समझदारी है। अपनी ऊर्जा को बर्बाद करने की कोई जरूरत नहीं है, इसलिए कुछ बातें बिना जवाब छोड़ी जाए तो बेहतर है। जब आप शांत बैठने का विकल्प चुनेंगे, तो खुद को मजबूत महसूस करेंगे। शांति से आपकी मानसिक संतुलन बना रहेगा। आपको उन चीजों से दूर रहना है, जो आपकी ऊर्जा या ध्यान के लायक नहीं हैं। कुंभ कई दिनों से आप अपनी बातें दबा रखें हैं, उसे आप ज्यादा सोचने के बजाय, सच में महसूस करते हैं, वह आज कह दीजिए। चाहे काम का मामला हो या पर्सनल , आप अपनी सच्चाई बताएंगे। अपनी सच्चाई बोलने से आपको राहत मिलेगी, भावनात्मक बोझ हल्का होगा, मन को स्पष्टता और ताकत मिलेगी और नए अवसर खुलेंगे। मीन आज आप खुद को यह अनुमति देंगे कि आप कुछ न करें और किसी के भी समस्याओं को ठीक करने की जरूरत न महसूस करें। भावनात्मक रूप से आप किसी और का भारी बोझ नहीं उठा सकते। आप किसी ऐसे व्यक्ति के लिए खुश रह सकते हैं जो कठिन समय से गुजर रहा है। आप किसी से प्यार कर सकते हैं बिना उनकी समस्याएं अपने ऊपर लिए। जब आप किसी को अपनी जिदगी की जिम्मेदारी खुद लेने देते हैं, तो इससे दोनों के बीच जुड़ाव … Read more

मनचाहे पार्टनर के लिए महाशिवरात्रि पर करें खास उपाय

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। हर साल यह पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान और माता पार्वती की पूजा अर्चना होती है। इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 को है। यह पर्व भगवान शिव व माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव-पार्वती की पूजा मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से की गई पूजा से भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साथ ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है। इस दिन कुछ उपाय करने से मनचाहे पार्टनर की प्राप्ति होती है। क्योंकि मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए सनातन धर्म में इस दिन को बहुत ही अच्छा माना गया है। चलिए जानते हैं कि मनचाहा पार्टनर के लिए महाशिवरात्रि के दिन कौन से उपाय करने चाहिए। मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए उपाय 1. महाशिवरात्रि के दिन अगर आप मनचाहा वर चाहती हैं, तो इस दिन पूजा के समय गाय के कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ होगा। अभिषेक करते समय इस समय ॐ क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का जप करते रहें। मान्यता है कि इससे प्रेम विवाह करने में सफलता प्राप्त होती है। 2. अगर आप विवाह के बंधन में जल्द से जल्द बंधना चाहती हैं, तो महाशिवरात्रि के दिन स्नान-ध्यान के बाद भगवान शिव का अभिषेक करें। फिर पूरे विधि-विधान से शिव-शक्ति की पूजा आरधना करें। पूजा के समय अविवाहित लड़कियां मां पार्वती को सिंदूर अर्पित करें। 3. इस दिन कच्चे दूध में शहद और काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना बेहद शुभफलदायी माना जाता है। इस उपाय से शादी के योग बनते हैं। 4.महाशिवरात्रि के दिन शुद्ध घी या दही से भगवान शिव का अभिषेक करने से ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है। इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। 5. वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए महाशिवरात्रि के दिन वर और वधु एक साथ जोड़े में पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ फलदायी माना जाता है। 6. महाशिवरात्रि के दिन शिव-पार्वती का एक साथ पूजन करें। पूजा के दौरान माता पार्वती को सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी अर्पित करें। वहीं, शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करें। इस उपाय से रिश्तों में संवाद और समझ बढ़ती है। 7. महाशिवरात्रि पर गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करने से धन संबंधी अड़चनें कम होती हैं। 8 ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए ये अभिषेक करने से मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाता है।

7 फरवरी का राशिफल: इन राशियों के लिए ग्रहों की स्थिति से बदल सकती है किस्मत

मेष आज दिन पैसों के मामले में थोड़ा संभलकर चलने का समय है। जल्दबाजी में कोई बड़ा आपको नुकसान करा सकता है।रिलेशनशिप में भी गलतफहमी का शिकार हो सकते हैं।काम में दबाव रहेगा, पर आप जिम्मेदारी से काम करेंगे तो बात बन जाएगी। शाम तक मूड बेहतर होगा। सेहत में अगर सांस से जुड़ी दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। वृषभ आज आप पुराने झगड़े सुलझाने की कोशिश करेंगे। रिश्तों में आज आगे बढ़ेंगे और करीब आएंगे। ऑफिस में सीनियर्स नाराज हो सकते हैं, मैनेजमेंट की गुडबुक्स में रहें। परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। खुद की सेहत का भी ध्यान रखें, बाहर का खाना कम करें। मिथुन आज दिमाग तेज चलेगा और नए आइडिया इनोवेटिव हों, तो टीम मीटिंग्स में बताएं। बॉस से तारीफ मिलेगी। खर्च कंट्रोल में रखें, नहीं तो बजट बिगड़ सकता है। घर में माहौल ठीक रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, बस नींद पूरी करने की कोशिश करें, वरना चिड़चिड़ापन रह सकता है। कर्क आज इमोशंस आपके लिए खास रहेंगे। पार्टनर की सुनें और स्पेस दें।पैसों को लेकर आज कोई बड़ा रिस्क न लें। सेहत के मामले में पेट या नींद से जुड़ी दिक्कत हो सकती है, खाने-पीने में थोड़ा ध्यान रखें। सिंह आज आप कॉन्फिडेंट रहेंगे और सामने वाले पर आपकी बात का असर पड़ेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत दिखेगी, भले तारीफ तुरंत न मिले। रिश्तों में खुलकर बात करेंगे तो गलतफहमी दूर होगी। पैसों को लेकर आज कैश फ्लो रहेगा। हेल्थ के लिए स्ट्रैचिंग और वॉक करें। तुला आज छोटे-छोटे कामों में उलझ सकते हैं, जिससे मन थोड़ा परेशान हो सकता है। लेकिन धैर्य से काम लेंगे तो सब संभल जाएगा। पैसों में बचत पर ध्यान दें, कोई पुराना खर्च सामने आ सकता है। सेहत को लेकर पीठ या गर्दन में हल्का दर्द हो सकता है, ज्यादा देर एक ही जगह न बैठें। धनु आज रिश्तों में बैलेंस बनाएंस आपके लिए आज काम के मौके आएंगे। आज किसी नौकरी का ऑफर भी आ सकता है। काम में टीमवर्क से काम आगे बढ़ेगा। पैसों में अचानक खर्च आ सकता है, इसलिए पहले से प्लान बनाकर चलें। तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन करें। मकर आज मन थोड़ा भारी रह सकता है, इसलिए कहीं घूमने जा सकती हैं। कोशिश करें खुद को बिजी रखें। ऑफिस में आपकी मेहनत काम आएगी और कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। पैसों को लेकर सतर्क रहें, बड़ी रकम ना उधार दें, ना लें। आपको हेल्थ में आज दिक्कत आएगी, खांसी और फीवर हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। कुंभ आज घूमने-फिरने का प्लान बना सकते हैं, इससे मन खुश होगा। काम में नए मौके मिल सकते हैं , डेडलाइन में रहकर काम करें। रिश्तों में खुलापन रहेगा, किसी दोस्त से अच्छी बात हो सकती है। पैसों में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन बेकार का खर्च ना करें, तो आपके लिए अच्छा है। भागदौड़ से बचें। कन्या आज जिम्मेदारियां अधिक और काम भी अधिक रहेगा। ऑफिस का काम घर पर ना लाएं। आप शांत रहकर काम करेंगे तो हालात आपके फेवर में रहेंगे। पैसों में धीरे-धीरे सुधार होगा, निवेश के लिए रिसर्च करें। अभी बड़ा खर्च करना रिस्की रहेगा।हेल्थ को लेकर जिम टालना बेहतर रहेगा। सेहत में जोड़ों या कमर में दर्द महसूस हो सकता है, थोड़ा स्ट्रेचिंग करें। वृश्चिक आज लोगों से जुड़ने का दिन है। आपको आज निवेश को लेकर ध्यान देना चाहिए धोखा हो सकता है। ऑफिस में नए लोगों से मिलेंगे, आपका नेटवर्क बनेगा। हत में हल्की थकान या आंखों में जलन हो सकती है, स्क्रीन टाइम कम रखें। मीन आज मन भावुक रह सकता है, आज उदास फील करेंगे। काम में ध्यान थोड़ा भटकेगा, इसलिए खुद को फोकस में लाने की जरूरत है। आज फालतू चीजों में पैसा लगाने से खर्च बढ़ सकता है, खासकर घर से जुड़े कामों पर। हेल्थ को लेकर खास ध्यान दें। बॉडी दर्द की दिक्कत हो सकती है, पानी ज्यादा पिएं और हल्का खाना खाएं।

28 फरवरी को आसमान में होगा दुर्लभ नजारा, 6 ग्रहों की कतार बनेगी

28 फरवरी 2026 को शाम ढलते ही आसमान में एक खूबसूरत नजारा दिखेगा. सूर्यास्त के बाद पश्चिमी या दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज पर छह ग्रह एक लाइन में नजर आएंगे. ये ग्रह हैं – बुध, शुक्र, शनि, नेप्च्यून, यूरेनस और बृहस्पति. नासा और खगोल विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुर्लभ प्लैनेटरी अलाइनमेंट फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक चलेगा. 28 फरवरी को यह सबसे अच्छा नजारा दिखेगा. यह मौका खास है, क्योंकि इतने ग्रह एक साथ शाम के आसमान में कम ही दिखते हैं. कौन-से ग्रह दिखेंगे और कैसे पहचानें? ये छह ग्रह सूर्य की परिक्रमा पथ (एक्लिप्टिक) के साथ एक लाइन में लगेंगे. सूर्यास्त के करीब 30-45 मिनट बाद साफ मौसम में पश्चिमी क्षितिज की ओर देखें…      शुक्र (Venus): सबसे चमकदार, क्षितिज के बहुत करीब. इसे शाम का तारा कहते हैं.      बुध (Mercury): शुक्र के पास, थोड़ा ऊपर. क्षितिज के करीब होने से देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन साफ आसमान में नजर आएगा.     शनि (Saturn): स्थिर चमक वाला, शुक्र और बुध के ऊपर.     बृहस्पति (Jupiter): सबसे ऊंचा और चमकदार, आसमान में ऊपर की ओर.     यूरेनस: बृहस्पति के पास, लेकिन बहुत धुंधला. दूरबीन या छोटे टेलीस्कोप से दिखेगा.     नेप्च्यून: क्षितिज के करीब, सबसे धुंधला. अच्छे टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी. नंगी आंखों से शुक्र, बृहस्पति, शनि और बुध (अगर अच्छा मौसम हो) आसानी से दिखेंगे. यूरेनस और नेप्च्यून के लिए दूरबीन जरूरी है. कब और कहां से सबसे अच्छा दिखेगा?     तारीख: 28 फरवरी 2026 को शाम में. यह नजारा फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक चलेगा.     समय: सूर्यास्त के 30 मिनट बाद से करीब 1 घंटे तक.     दिशा: पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम क्षितिज. शहर की लाइट्स से दूर, खुले स्थान से देखें.     भारत में: पूरे देश में दिखेगा लेकिन उत्तर भारत में मौसम साफ रहने की उम्मीद है. दक्षिण भारत में भी अच्छा नजारा मिलेगा. खगोल ऐप्स जैसे स्टेलारियम, स्काई टुनाइट या स्टार वॉक का इस्तेमाल करें. ये ऐप्स ग्रहों की सटीक स्थिति बताएंगे. कुछ चुनौतियां भी हैं 28 फरवरी को चांद लगभग पूर्णिमा के करीब होगा. बृहस्पति के पास रहेगा. इसकी चमक से धुंधले ग्रह (जैसे यूरेनस और नेप्च्यून) कम दिख सकते हैं. बुध और नेप्च्यून क्षितिज के बहुत करीब होंगे, इसलिए ऊंची इमारतों या पहाड़ों से बचें. मौसम साफ होना जरूरी – बादल या धुंध होने पर कुछ ग्रह छिप सकते हैं. यह अलाइनमेंट क्या है? सच में ग्रह एक सीधी लाइन में होते हैं? यह असल में ऑप्टिकल इल्यूजन है. ग्रह सूर्य के चारों ओर अलग-अलग कक्षाओं में घूमते हैं लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे एक कतार में लगते हैं. असल में वे एक सीधी लाइन में नहीं होते, बल्कि आसमान में फैले हुए दिखते हैं. ऐसे नजारे कुछ साल में होते हैं. छह ग्रहों का शाम के आसमान में एक साथ दिखना खास है. मंगल ग्रह क्यों नहीं शामिल? गलत तस्वीरों से सावधान! सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें सात ग्रहों की कतार दिखा रही हैं, जिनमें मंगल भी शामिल है. यह गलत है. मंगल इस बार इस कतार में नहीं है. वह सुबह के आसमान में दिखेगा. पुरानी या फेक इमेजेस से बचें. नासा और विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार सिर्फ छह ग्रह हैं.