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मकर संक्रांति पर एकादशी के संयोग में दोपहर 3.07 बजे से करें स्नान-दान

जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति मनाई जाती है। पौष कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर इस साल मकर संक्रांति पड़ रही है। इस बार मकर संक्रांति ऐसे शुभ संयोगों के साथ आ रही है, जिसमें दान-पुण्य का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस साल दो शुभ योग तो बन ही रहे हैं, साथ ही 23 साल के बाद संक्रांति पर एकादशी का शुभ संयोग देखने को मिलेगा। 14 जनवरी 2026 को धनु राशि से मकर राशि में सूर्य का प्रवेश दोपहर 3:07 बजे हो रहा है। इसी दिन मकर संक्रांति मनाई जाएगाी। इस दिन गंगा स्नान और दान पुण्य के लिए पुण्य काल देखा जाएगा। मकर संक्रान्ति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी शुरु होती है। इस लिए इस पर्व को उत्तरायणी भी कहते हैं। मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग मकर संक्रांति पर इस वर्ष 23 साल बाद एकादशी का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन षट्तिला एकादशी व्रत भी है। संक्रांति और एकादशी का एक ही दिन में आना आध्यात्मिक रूप से अक्षय पुण्य फल देने वाला माना जाता है। पंडितों के मुताबिक, इससे पहले मकर संक्रांति और एकादशी का शुभ संयोग वर्ष 2003 में बना था। जानें क्या रहेगा स्नान-दान का उत्तम समय इस बार मकर संक्रांति पर महा पुण्य काल दोपहर 3:07 बजे से शाम 6 बजे तक माना जाएगा। मकर संक्रांति पर दो शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जिसमें सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं, जो सुबह 7:15 बजे से रात 3:03 बजे तक मान्य होंगे। अमृत सिद्धि योग में दान पुण्य और पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन खिचड़ी दान करने और खाने का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति पर क्या करें दान? मान्यता है कि मकर संक्रांति तिल, गुड़, खिचड़ी, चावल, हल्दी, नमक, उड़द, धान आदि का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पापों का नाश होता है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं।

मकर संक्रांति के बाद पंचग्रही योग से कुछ राशियों की बढ़ेगी परेशानी

नए साल यानी 2026 की महीना चल रहा है। इस साल ग्रहों की चाल में कई बदलाव होंगे। एक ऐसा ही बदलाव मकर संक्रांति के कुछ दिनों बाद होगा। इस दौरान पांच ग्रह मकर राशि से गुजरेंगे। इस दौरान पंचग्रही राजयोग का निर्माण होगा। ग्रहों की इस परिवर्तन की वजह से कई राशियों की जिंदगी में बहुत सारे बदलाव लाएंगे। हालांकि कुछ राशियों की परेशानियां भी बढ़ेगी। चलिए जानते हैं कि मकर संक्रांति कब है और किन राशियों पर क्या असर पड़ेगा। पंचांग के मुताबिक इस साल यानी 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस तारीख को धनु राशि से मकर राशि में सूर्य का प्रवेश दोपहर 3:07 बजे हो रहा है। वहीं, मकर संक्रांति के कुछ दिन बाद मकर राशि में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा की युति से दुर्लभ पंचग्रही राजयोग बन रहा है। मकर राशि को सबसे अधिक लाभ इस शक्तिशाली योग का सबसे अधिक लाभ मकर राशि को होगा। इससे उनके करियर, धन, प्रतिष्ठा और पारिवारिक सुख में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। साथ ही अचानक से धन की प्राप्ति हो सकती है। कुंभ राशि मकर संक्रांति के बाद पंचग्रही योग कुंभ राशि के जातकों के लिए घातक साबित हो सकता है। वर्तमान में राहु भी इसी राशि में गोचर कर रहा है। ऐसे में पंचग्रही योग का निर्माण आपके जीवन में कई बड़े बदलाव ला सकता है। इस समय आपके व्यक्तिगत संबंधों में तनाव बढ़ सकता है और अपने करीबी लोगों, यहां तक कि माता-पिता के साथ भी मतभेद या बहस हो सकती है। यह समय थोड़ा कठोर रह सकता है क्योंकि यह आपको आपके अपनों का वास्तविक चेहरा दिखा सकता है। साथ ही इस अवधि में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है, क्योंकि आप मानसिक तनाव, चिंता और थकावट महसूस कर सकते हैं। आध्यात्मिक गतिविधियों जैसे ध्यान, योग, पूजा या मंत्र जाप में शामिल होना आपके लिए लाभदायक रहेगा, क्योंकि इससे मन को शांति मिलेगी और मानसिक संतुलन बना रहेगा। कर्क राशि पंचग्रही योग कर्क राशि के जातकों के लिए भी सही नहीं रहेगा। इस राशि के लोग चंद्र ग्रह द्वारा शासित होते हैं। इस दौरान नौकरी जाने की संभावना बन सकती है या व्यवसाय में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। यह समय उनके लिए एक कठिन परीक्षा की तरह होगा। प्रेम संबंधों में भी परेशानियां आ सकती हैं और साथी से अलगाव या ब्रेकअप का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यह क्षण आपके लिए भावनात्मक रूप से काफी कष्टदायक रहेगा। इस दौरान कर्क राशि के जातकों को चिंता, घबराहट और मानसिक तनाव की समस्या हो सकती है। इसलिए उन्हें विशेष रूप से ध्यान, योग और खुद की देखभाल पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। यदि समय रहते अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रखा गया, तो मनोवैज्ञानिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। सलाह- इस दौरान सकारात्मक सोच बनाए रखें और अपने परिवार के साथ समय बिताएं।

पैसों की तंगी से परेशान हैं? लॉकर में रखें ये एक चीज़, बढ़ेगा धन

भारतीय वास्तु शास्त्र और टोने-टोटकों की परंपरा में फिटकरी को एक अत्यंत शक्तिशाली और शुभ वस्तु माना गया है। आमतौर पर फिटकरी का उपयोग जल शुद्धिकरण, त्वचा की देखभाल और दांतों की सफाई के लिए होता है लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका एक गूढ़ और चमत्कारी पक्ष भी है विशेष रूप से धन-संबंधित समस्याओं और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में। इस आर्टिकल में जानेंगे कि फिटकरी को लॉकर या तिजोरी में रखने से क्या प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, फिटकरी में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। इसे एक प्रकार का ऊर्जा फिल्टर माना जाता है। यदि घर या ऑफिस के लॉकर में निगेटिव वाइब्स या किसी तरह की दोषपूर्ण ऊर्जा है, तो फिटकरी उसे धीरे-धीरे सोख लेती है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।  फिटकरी से जुड़े उपाय करने से मनोबल बढ़ता है और निर्णय क्षमता सुधरती है। तिजोरी में फिटकरी रखने के लाभ वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की तिजोरी या लॉकर को धन का मुख्य केंद्र माना जाता है, जहां मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में तिजोरी का वास्तु के अनुसार संतुलित और सकारात्मक होना बहुत जरूरी है। फिटकरी को प्राचीन मान्यताओं में एक ऐसा तत्व माना गया है जो नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता रखता है और वातावरण में सकारात्मकता फैलाता है। जब इसे तिजोरी में रखा जाता है, तो यह आर्थिक मामलों में आने वाली रुकावटों को दूर करने में सहायक माना जाता है। लॉकर या तिजोरी में रखने की विधि यदि आप फिटकरी को अपने लॉकर या तिजोरी में रखना चाहते हैं, तो इसे कुछ नियमों के अनुसार रखें- लाल या पीले कपड़े में फिटकरी का एक साफ टुकड़ा लपेट लें। यह टुकड़ा शुक्रवार या पूर्णिमा के दिन सुबह रखें, जब घर में साफ-सफाई और सकारात्मक वातावरण हो। लॉकर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखें क्योंकि यह दिशा धन-संचय की मानी जाती है। हर 15 से 30 दिनों में इस फिटकरी को बदलें क्योंकि यह नकारात्मकता सोखकर भारी हो जाती है।

चलते-फिरते फोन? इन 4 कामों के दौरान भूलकर भी न करें इस्तेमाल, चेतावनी देते हैं प्रेमानंद जी महाराज

मोबाइल फोन का आविष्कार तो हमारी सहूलियत के लिए हुआ था लेकिन यह हमारे जीवन का इतना जरूरी हिस्सा बन जाएगा, यह तो शायद ही किसी ने सोचा हो। आज अधिकतर लोग जितना टाइम अपने फोन के साथ बिताते हैं, उतना तो शायद ही अपने दोस्तों या परिवार के साथ बिताते हों। कुछ मामलों में तो यह हमारी जरूरत भी है लेकिन हर समय सिर्फ फोन में लगे रहना, ना सिर्फ हमारी फिजिकल, मेंटल हेल्थ पर बुरा असर डालता है बल्कि हमारी सोशल लाइफ को भी इंपैक्ट करता है। आध्यात्मिक गुरु श्री प्रेमानंद जी महाराज ने अपने एक सत्संग में इसी समस्या पर बात की है। उन्होंने बताया है कि कुछ ऐसे समय और जगह हैं, जब तो कम से कम हमें फोन चलाने से परहेज करना ही चाहिए। तो चलिए जानते हैं प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कुछ कहा है। खाना खाते हुए नहीं चलाना चाहिए फोन प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि खाना खाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से परहेज करना चाहिए। ऐसा करना ना सिर्फ हेल्थ के लिए नुकसानदायक होता है बल्कि इसे भोजन का अपमान भी माना जाता है। यह बात तो मॉडर्न साइंस भी मानती है कि खाना खाते हुए हमेशा सिर्फ उसी पर ध्यान देना चाहिए। इससे खाने के पोषक तत्व शरीर में बेहतर ढंग से एब्जॉर्ब हो पाते हैं। खाने को हमेशा शांति से बैठकर ग्रेटीट्यूड की भावना के साथ खाना चाहिए। सोने से पहले ना चलाएं फोन प्रेमानंद जी महराज कहते हैं कि सोने से पहले भी मोबाइल फोन नहीं देखना चाहिए। इससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसकी जगह भगवान का नाम लें और शांति से समय पर सोने की कोशिश करें। डॉक्टर्स भी सोने से पहले फोन चलाने को मना करते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप फोन चलाते हैं तो अपना दिमाग एक्टिव रहता है। ऐसे में जल्दी नींद भी नहीं आती और आपकी स्लीप साइकिल डिस्टर्ब होती है। पूजा-पाठ करते हुए ना चलाएं फोन पूजा-पाठ करते समय भी फोन से दूर रहना चाहिए। अगर आप पूजा के समय भी फोन का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे पूजा में मन नहीं रम पाता। इस तरह भगवान की भक्ति में भी बाधा पड़ती है और पूजा-पाठ भी ठीक से नहीं हो पाता। इसलिए जब भी पूजा करने जाएं तो फोन को अपने से दूर रखें और कुछ देर शान्ति के साथ पूजा-पाठ में बिताएं। सत्संग सुनने बैठें तो ना चलाएं फोन कुछ लोग सत्संग सुनते समय भी फोन में लगे रहते हैं। ऐसा करने से ना तो उनका ध्यान संतों की कही गई बातों पर जाता है, ना ही ऐसे सत्संग का कोई फायदा होता है। प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि सत्संग सुनते समय मोबाइल फोन को दूर रखना चाहिए और एकाग्र हो कर सत्संग सुनना चाहिए। जबतक संतो की कही बातें अच्छी तरह समझकर जीवन में ना उतारी जाएं, तब तक सत्संग सुनने का कोई फायदा नहीं।

करोड़पति बनने का वास्तु मंत्र! घर में ये एक बदलाव बदल सकता है किस्मत

वास्तु शास्त्र केवल दिशाओं का ज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे आसपास की ऊर्जा को संतुलित करने का एक प्राचीन विज्ञान है। कई बार हम कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन सफलता और पैसा हमारे हाथ नहीं लगता। वास्तु के अनुसार, इसका कारण घर में मौजूद ऊर्जा का अवरोध हो सकता है। आज हम बात करेंगे वास्तु के उस सबसे बड़े सीक्रेट की, जिसे अपनाकर आप अपने जीवन में धन के प्रवाह को बढ़ा सकते हैं। वास्तु का सबसे बड़ा सीक्रेट वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना गया है। इस दिशा का सीधा संबंध आपके करियर, नए अवसरों और पैसे की आवक से होता है। यदि आपके घर की उत्तर दिशा दोषपूर्ण है, तो पैसा आएगा तो सही लेकिन टिकेगा नहीं। वह एक बदलाव जो बदल सकता है आपकी किस्मत अगर आप करोड़पति बनने का सपना देखते हैं, तो अपने घर की उत्तर दिशा में नीले रंग के पानी का फव्वारा या बहते हुए पानी की तस्वीर लगाएं। यह एक छोटा सा बदलाव धन की ऊर्जा को चुंबक की तरह खींचता है। धन वृद्धि के लिए 5 अचूक वास्तु नियम मुख्य द्वार घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से लक्ष्मी का आगमन होता है। मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और चमकदार होना चाहिए। द्वार पर चांदी का स्वास्तिक लगाएं या दहलीज पर तांबे के सिक्के दबाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती। तिजोरी की सही दिशा आप अपना पैसा और गहने जहां रखते हैं, वह स्थान आपकी आर्थिक स्थिति तय करता है। अपनी तिजोरी या अलमारी को हमेशा घर के दक्षिण-पश्चिम  कोने में रखें लेकिन इसका मुंह उत्तर की ओर खुलना चाहिए। उत्तर की ओर खुलती हुई तिजोरी कुबेर के खजाने का स्वागत करती है। रसोई घर और अग्नि का संतुलन रसोई घर में अग्नि का वास होता है, जो समृद्धि का प्रतीक है। यदि आपकी रसोई दक्षिण-पूर्व में नहीं है, तो वहां एक लाल रंग का बल्ब जलाएं। कभी भी रसोई में जूठे बर्तन रात भर न छोड़ें क्योंकि यह लक्ष्मी को रुष्ट करता है। कबाड़ और मकड़ी के जाले वास्तु में राहु का वास गंदगी और कबाड़ में माना गया है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण कहते हैं, उसे हमेशा खाली और साफ रखें। यहाँ भारी सामान या कूड़ा रखने से बुद्धि भ्रष्ट होती है और धन का नुकसान होता है। मनी प्लांट और धातु का कछुआ  इसे हमेशा घर के अंदर दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाएं। ध्यान रहे कि इसकी बेलें जमीन को न छुएं, उन्हें ऊपर की ओर सहारा दें। उत्तर दिशा में एक पीतल के बर्तन में पानी भरकर उसमें पीतल का कछुआ रखें। यह स्थिरता और निरंतर धन लाभ का प्रतीक है।

आज का राशिफल 7 जनवरी: जानें आपकी राशि के लिए दिन कैसा रहेगा

मेष राशि- इस समय आपके अंदर एक अजीब सी बेचैनी चल रही है। ऐसा लग सकता है कि आप बहुत कुछ करना चाहते हैं, लेकिन चीजें अपनी रफ्तार से नहीं चल रहीं। कामकाज में दबाव रहेगा, जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी, पर आप उनसे भागने वाले नहीं हैं। बस ध्यान रखें कि गुस्से में या जल्दबाज़ी में बोले गए शब्द बाद में पछतावे की वजह बन सकते हैं। घर में आपकी बात मानी जाएगी, लेकिन आपको भी दूसरों की भावनाएं समझनी होंगी। पैसों के मामले में खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, इसलिए फालतू चीजों पर हाथ रोकना जरूरी है। धैर्य रखेंगे तो हालात आपके पक्ष में आते दिखेंगे। वृषभ राशि- आपके लिए यह समय थोड़ा सुकून देने वाला है। जो परेशानियां पिछले कुछ समय से चल रही थीं, अब उनमें धीरे-धीरे सुधार नजर आएगा। काम में स्थिरता आएगी और लोग आपकी मेहनत को समझेंगे। मन थोड़ा हल्का रहेगा और परिवार का साथ अच्छा महसूस होगा। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन बचत की आदत बनाना जरूरी है। रिश्तों में भरोसा बढ़ेगा और किसी अपने से खुलकर बात करने का मौका मिलेगा। सेहत को लेकर लापरवाही न करें, छोटी-छोटी दिक्कतों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं रहेगा। मिथुन राशि– आपका दिमाग इस समय बहुत तेज चल रहा है। एक साथ कई बातें सोच रहे हैं, कई योजनाएं बना रहे हैं, लेकिन इसी चक्कर में खुद को उलझा भी सकते हैं। बातचीत आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी, इसलिए मन की बात दबाकर न रखें। काम में नए आइडिया आएंगे, जिनसे फायदा हो सकता है। पैसों में छोटे-मोटे लाभ होंगे, लेकिन खर्च भी साथ-साथ रहेगा। रिश्तों में साफ बातचीत जरूरी है, वरना गलतफहमी पैदा हो सकती है। एक समय में एक काम करें, तभी मन को शांति मिलेगी। कर्क राशि- इस समय आप भावनात्मक रूप से थोड़ा ज्यादा संवेदनशील रहेंगे। छोटी बातें भी दिल को छू सकती हैं। कामकाज में जिम्मेदारी बढ़ेगी और परिवार से जुड़ी बातें ज्यादा सोचने पर मजबूर करेंगी। पैसों का खर्च घर या अपनों पर हो सकता है, जो आपको बुरा नहीं लगेगा। रिश्तों में अपनापन रहेगा, लेकिन मूड स्विंग्स से बचना जरूरी है। खुद को थोड़ा समय दें, आराम करें और हर बात को दिल पर लेने से बचें। मन शांत रहेगा तो फैसले भी बेहतर होंगे। सिंह राशि- आपका आत्मविश्वास धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। लोग आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे और आपकी मौजूदगी का असर दिखेगा। काम में नेतृत्व करने का मौका मिलेगा, लेकिन अहंकार बीच में न आने दें। पैसों के मामले में नए मौके बन सकते हैं, लेकिन सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी है। रिश्तों में किसी बात पर टकराव हो सकता है, इसलिए शब्दों का चयन संभलकर करें। दिल से काम करेंगे तो सम्मान भी मिलेगा और संतोष भी। कन्या राशि- आप मेहनत करने वालों में से हैं और इस समय आपकी मेहनत का असर दिखने लगा है। जिम्मेदारियां ज्यादा होंगी, थकान भी रहेगी, लेकिन अंदर से संतोष महसूस होगा। पैसों की स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी, हालांकि खर्च भी साथ-साथ चलता रहेगा। परिवार आपकी ताकत बनेगा। रिश्तों में आपसे उम्मीदें रहेंगी, उन्हें समझने की कोशिश करें। खुद पर जरूरत से ज्यादा बोझ न डालें, थोड़ा आराम भी जरूरी है। तुला राशि- आप हर चीज को बहुत बारीकी से देख रहे हैं। यह आपकी ताकत है, लेकिन इसी वजह से आप खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल लेते हैं। कामकाज में सब कुछ ठीक रखने की कोशिश आपको थका सकती है। पैसों का हिसाब सही रहेगा, लेकिन मन को थोड़ा ढीला छोड़ना भी जरूरी है। रिश्तों में किसी अपने को आपकी जरूरत है, भले ही वह सीधे न कह पाए। हर चीज़ पर नियंत्रण रखने के बजाय भरोसा करना सीखें, इससे मन हल्का होगा। वृश्चिक राशि- आपकी सोच सबसे अलग है और यही बात इस समय आपको आगे ले जा सकती है। नए विचार, नए रास्ते और अलग नजरिया लोगों को प्रभावित करेगा। काम में इनोवेशन से फायदा हो सकता है। पैसों में सुधार के संकेत हैं, लेकिन जोखिम सोच-समझकर लें। रिश्तों में गहरी बातचीत होगी, जिससे जुड़ाव बढ़ेगा। भावनाओं से भागने के बजाय उन्हें समझना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धनु राशि- आप इस समय संतुलन की तलाश में हैं। दिल कुछ और चाहता है और दिमाग कुछ और कहता है। फैसले लेने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। कामकाज में साझेदारी या दूसरों की राय अहम रहेगी। पैसों में स्थिरता रहेगी, लेकिन बड़े फैसले फिलहाल टालना बेहतर होगा। रिश्तों में खुलकर बात करेंगे तो चीज़ें आसान होंगी। दूसरों को खुश करते-करते खुद को न भूलें, यही सबसे बड़ी सीख है। मकर राशि- आप अंदर ही अंदर बहुत कुछ महसूस कर रहे हैं। बाहर से भले शांत दिखें, लेकिन मन में कई सवाल चल रहे हैं। यह समय खुद को समझने और पुराने घावों से बाहर आने का है। काम में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पैसों में अचानक खर्च आ सकता है, इसलिए थोड़ा सतर्क रहें। रिश्तों में भरोसा और सच्चाई सबसे जरूरी होगी। दिल की आवाज सुनेंगे तो रास्ता खुद-ब-खुद साफ होता जाएगा। कुंभ राशि- आप आगे बढ़ने की सोच में हैं। कुछ नया सीखने, कहीं जाने या अपनी सोच को फैलाने का मन करेगा। काम में नई दिशा मिल सकती है, जिससे उत्साह बढ़ेगा। पैसों का खर्च यात्रा, पढ़ाई या किसी योजना पर हो सकता है। रिश्तों में दोस्तों का साथ अच्छा रहेगा और बातचीत से मन हल्का होगा। अधूरे काम निपटाने का यह सही समय है, वरना बाद में बोझ बन सकते हैं। मीन राशि- आपका दिल इस समय बहुत कोमल है। आप दूसरों के लिए ज्यादा सोचते हैं, लेकिन खुद की जरूरतें पीछे रह जाती हैं। कामकाज में मन लगेगा, लेकिन ध्यान भटक भी सकता है। पैसों में खर्च बढ़ सकता है, इसलिए संतुलन जरूरी है। रिश्तों में प्यार और अपनापन मिलेगा, लेकिन हकीकत से भागने के बजाय उसका सामना करना बेहतर होगा। खुद पर भरोसा रखें, सब धीरे-धीरे ठीक होता जाएगा।

काला धागा किस पैर में और किस दिन बांधने से मिलेगा खूब लाभ

ज्योतिष विज्ञान के अनुसार हम जो भी चीजें पहनते हैं, उसकी एनर्जी कहीं ना कहीं हमें जरूर प्रभावित करती है। ज्वेलरी से लेकर कपड़ों के रंग भी हम पर कहीं ना कहीं किसी ना किसी रूप में असर डालती हैं। आजकल कई लोग अपने पैरों या हाथ में काले रंग का धागा बांधते हैं। कुछ लोग इसे फैशन समझते हैं तो वहीं कुछ लोगों को लगता है कि बुरी नजर से बचने के लिए ऐसा किया जाता है। दरअसल इसका संबंध सिर्फ ज्योतिष शास्त्र से ही नहीं बल्कि विज्ञान से भी है। नीचे विस्तार से जानें कि वाकई में इसे क्यों पहना जाता है? साथ ही जानें इसे पहनने का सही तरीका और इसे किस पैर में बांधना सही होता है। किस पैर में बांधे काला धागा? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लड़कियों को हमेशा अपने पैर में एक काला धागा जरूर बांधना चाहिए। मान्यता है कि अगर लड़की इसे अपने बाएं पैर में बांधती हैं तो इसका लाभ मिलता है। वहीं लड़कों को हमेशा दाएं पैर में ही इसे धारण करना चाहिए। साथ ही नियम के अनुसार इसे हमेशा 21 से 30 दिन के बीच में बदल लेना चाहिए। वहीं अगर ये खराब हो जाए या फिर टूटने की स्थिति में हो तो इसे बदल लेना चाहिए। इस दिन बांधे काला धागा वैसे तो अगर मन से पहना जाए तो काला धागा सच्चे भाव के साथ किसी भी दिन पहन सकते हैं लेकिन अगर नियम को माना जाए तो इसे शनिवार के दिन ही पहनना सबसे सही होता है। दरअसल काला धागे का सीधा-सीधा संबंध शनि देव से है। इसकी एनर्जी इतनी तेज है कि ये हर तरह की बुरी नजर से हमें बचा सकता है। साथ ही किसी भी तरह की बुरी एनर्जी हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती है। जो लोग इसे पैर में नहीं बांधना चाहते हैं, वो इसे बाजु में भी पहन सकते हैं। शनिवार के दिन घर में शनि के मंत्र का 108 बार जाप करते हुए इसे घर में भी पहना जा सकता है। चाबे तो आप शनि मंदिर जाकर वहां पर किसी पंडित से इसे मंत्र के साथ पहन सकते हैं। डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं।)

शुक्र देव के गोचर से 3 राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम

मकर संक्रांति उत्तर भारत का प्रमुख पर्व है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर मनाया जाता है। साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को है। इससे ठीक एक दिन पहले, 13 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 4 बजे शुक्र देव मकर राशि में गोचर करेंगे। द्रिक पंचांग के अनुसार, यह गोचर बहुत शक्तिशाली है। शुक्र सुख, वैभव, प्रेम और धन का कारक है। इसका मकर में प्रवेश कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। विशेष रूप से वृषभ, तुला और मीन राशि वालों का गोल्डन टाइम शुरू होगा। इन राशियों में धन लाभ, रिश्तों में मधुरता और सफलता के योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं इसका प्रभाव और इन राशियों पर लाभ। शुक्र गोचर 2026 की तारीख और महत्व शुक्र देव 13 जनवरी 2026 को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर शनि की राशि है, इसलिए शुक्र यहां नीच का हो जाता है, लेकिन गोचर का प्रभाव राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। मकर संक्रांति से पहले यह गोचर सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत देता है। शुक्र का गोचर प्रेम, वैभव और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है। इस दौरान किए गए उपाय जैसे लक्ष्मी पूजा या सफेद वस्तुओं का दान फलदायी होते हैं। तीन राशियां विशेष लाभ पाएंगी और इनका समय गोल्डन हो जाएगा। वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र गोचर बहुत शुभ है। मेहनत से किए कामों में सफलता मिलेगी। करियर में तरक्की या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य की चिंताएं दूर होंगी और मानसिक शांति मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह समय निवेश या नए काम शुरू करने के लिए अच्छा है। गोल्डन टाइम में वृषभ वाले आत्मविश्वास से भरे रहेंगे और सफलता पाएंगे। तुला राशि तुला राशि के लिए शुक्र गोचर गोल्डन पीरियड लेकर आ रहा है। 2025 की अधूरी इच्छाएं पूरी होंगी। परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी और रिश्ते मजबूत होंगे। नौकरी तलाश रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है या दोस्त के साथ नया काम शुरू कर सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। यह समय रिश्तों और करियर दोनों में संतुलन लाने का है। तुला वाले इस गोचर में भाग्य का साथ पाएंगे और जीवन में नई खुशियां आएंगी। मीन राशि मीन राशि वालों के लिए यह गोचर सबसे शुभ है। धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं, पुराने निवेश या संपत्ति से मुनाफा मिलेगा। घर की पुरानी समस्याएं दूर होंगी। जीवनसाथी के साथ समय अच्छा बीतेगा और भविष्य की योजनाएं बनेंगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यह गोल्डन टाइम मीन वालों को आर्थिक स्थिरता और सुख देगा। शुक्र की कृपा से जीवन में नई शुरुआत होगी और सफलता मिलेगी। शुक्र गोचर 2026 मकर संक्रांति से पहले इन तीन राशियों – वृषभ, तुला और मीन के लिए गोल्डन टाइम लेकर आ रहा है। धन, रिश्ते और सफलता के योग बन रहे हैं। सफेद वस्तुओं का दान करें और लक्ष्मी पूजा करें तो लाभ दोगुना होगा।

आस्था का महामिलन: पहली शिवलिंग पूजा की तिथि पर ही बिहार में होगा दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग का लोकार्पण

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में इन दिनों आस्था की बयार बह रही है. चकिया-केसरिया मार्ग पर स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा की भव्य तैयारी चल रही है. यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण लाया गया है. इस शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी 2026 को विधि-विधान के साथ की जाएगी. पूर्वी चंपारण के रामायण मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना के अवसर पर हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर और सोनपुर सहित पांच पवित्र स्थलों के जल से शिवलिंग का महाभिषेक किया जाएगा. इसके साथ ही हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी होगी. माघ कृष्ण चतुर्दशी तिथि क्यों है खास? 17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी तिथि है, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग उत्पत्ति का दिन माना जाता है. इसी दिन भगवान शिव की पहली बार शिवलिंग रूप में पूजा हुई थी. पटना स्थित महावीर मंदिर न्यास के अनुसार, यह शिवलिंग सहस्र शिवलिंग के रूप में स्थापित किया जा रहा है और पिछले एक हजार वर्षों में इस प्रकार की सहस्र शिवलिंग की स्थापना कहीं नहीं हुई है. यही कारण है कि इस आयोजन को अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक माना जा रहा है. पंडित भवनाथ झा की देखरेख में होगी शिवलिंग की स्थापना विराट रामायण मंदिर परिसर में सहस्र शिवलिंग की पीठ-स्थापना और पूजा की जिम्मेदारी प्रसिद्ध विद्वान पंडित भवनाथ झा की देखरेख में की जाएगी. उन्होंने बताया कि पीठ-स्थापना माघ कृष्ण चतुर्दशी, जिसे नरक निवारण चतुर्दशी भी कहा जाता है, इस दिन की जाएगी. शास्त्रों के अनुसार यह तिथि शिवरात्रि के समान ही शिव पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. ईशान संहिता में उल्लेख है कि इसी महानिशा में भगवान शिव शिवलिंग रूप में प्रकट हुए थे. इस पवित्र अवसर पर परंपरागत रूप से व्रत भी रखा जाता है. इसी कारण सहस्र शिवलिंग की पीठ-स्थापना इसी दिन की जा रही है. पूजा पूरी तरह शास्त्रीय विधि से होगी, जिसके अंतर्गत एक भव्य यज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा. इस यज्ञ में चारों वेदों और आगम शास्त्रों के विद्वान भाग लेंगे. भगवान शिव के सहस्र स्वरूप स्थापित होंगे पंडित भवनाथ झा ने बताया कि शिव लिंग की स्थापना प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती जा रही है, क्योंकि यह सदियों बाद हो रहा है. विभिन्न पवित्र नदियों और संगम स्थलों से जल, बालू और मिट्टी मंगाई जा रही है. ग्रंथों के अनुसार विधि तैयार की गई है, जिसके तहत अष्टकमल यंत्र पर शिव के आठ स्वरूपों की स्थापना होगी. आठों दिशाओं में देवताओं का आवाहन किया जाएगा और मध्य में पार्वती सहित भगवान शिव के सहस्र स्वरूप स्थापित होंगे, जो युगों तक श्रद्धालुओं का कल्याण करेंगे. स्थापना के दिन सुबह 8:30 बजे से पूजा शुरू होगी और दोपहर में शिवलिंग की स्थापना की जाएगी. पूजा के बाद प्रसाद और भोजन का वितरण होगा. महावीर मंदिर से सात पंडित विशेष रूप से पूजन के लिए आएंगे. शिवलिंग की स्थापना के बाद अलग से नंदी का निर्माण भी किया जाएगा, जिसे ब्लैक ग्रेनाइट स्टोन से तैयार किया जाएगा.  

अगर 2026 में आगे बढ़ना है तो हर लड़की को सीखनी होंगी ये 8 अहम स्किल्स

लाइफ हर किसी के लिए थोड़ी चैलेंजिंग होती है, लेकिन अगर आप एक लड़की हैं तो चीजें थोड़ी सी और ज्यादा टफ हो जाती हैं। हमारा समाज आज भले ही कितना भी प्रोग्रेसिव हो गया है, लेकिन लड़कियों के लिए चीजें आज भी ज्यादा मुश्किल हैं। अगर आप लकी हैं कि आपको ये चांस मिला है कि दुनिया के साथ कदम से कदम बढ़ाकर चल सकें, तो इसे वेस्ट ना जाने दें। कोशिश करें हर साल खुद को और बेहतर बनाएं। इसके लिए आप अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान तो दें ही, साथ ही कुछ जरूरी चीजें भी सीखें। ये सभी चीजें लाइफ के एक ना एक मोड़ पर आपके काम आने वाली हैं। चलिए 2026 के लिए कुछ ऐसी ही स्किल्स आपको बताए देते हैं, जो इस बार आपको जरूर सीख लेनी हैं। जरूरत और चाहत के बीच का अंतर समझें लड़कियों के साथ ये बहुत होता है, उन्हें कोई चीज सिर्फ सुंदर लगती है और वो उसे अपने शॉपिंग कार्ट में एड कर लेती हैं। ध्यान रखिए कोई भी चीज 'क्यूट' है, सिर्फ इसलिए आपको उसे खरीदने की जरूरत नहीं है। अपनी जरूरत और चाहत के बीच फर्क करना सीखिए, ये आपके जीवन में बहुत काम आएगा। अपनी पढ़ाई को सीरियस लें स्कूल या कॉलेज जाती हैं, तो सिर्फ इसलिए ना पढ़ें कि आपको केवल पास होना है। ये पढ़ाई आप इसलिए कर रही हैं क्योंकि आपको अपना भविष्य बनाना है। मन में रखकर पढ़ें कि आप अपने परिवार की सबसे सक्सेसफुल महिला बनाना चाहती हैं। हर लड़की के लिए ये सबसे जरूरी है कि वो फाइनेंशियली स्ट्रांग हो। अपनी फिजिकल हेल्थ का ध्यान रखें 2026 में अपनी हेल्थ को प्रायोरिटी बनाएं। सुंदर दिखने के लिए आपको महंगे स्किनकेयर की नहीं बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल की जरूरत है। खूब पानी पीएं, अच्छा खाएं, स्लीप रूटीन फिक्स करें और ज्यादा वॉक करें। जरूरी नहीं है कि शुरुआत जिम जाने से की जाए, रोजाना 10 मिनट की स्ट्रेचिंग भी एक अच्छी शुरुआत दे सकती है। खुद को फाइनेंशियली स्ट्रांग करें अपने आप को फाइनेंशियली जितना मजबूत कर लेंगी, यकीन मानिए जिंदगी को उतना खुलकर जी पाएंगी। इसलिए खाली समय में सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग छोड़कर कुछ काम की स्किल्स सीखें। आजकल डिजिटल जमाना है तो आप कई तरह की डिजिटल स्किल सीख सकती हैं, जैसे वीडियो एडिटिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग, मार्केटिंग या ऑनलाइन बिजनेस कैसे रन करें। कहां कैसे बिहेव करना है, ये सीखना जरूरी है किसी भी रूम में एंटर हो रही हैं, तो वहां कैसे बिहेव करना है ये सीखना बहुत जरूरी है। आपको नोटिस होने के लिए ज्यादा लाउड होने की जरूरत नहीं है। खुद को एक ग्रेस के साथ कैरी करें, सीखें कब बोलना है, क्या बोलना है, कैसे कॉन्फिडेंस के साथ खुद को प्रेजेंट करना है। लोगों की रिस्पेक्ट करना सीखें क्योंकि बदतमीज लोग किसी को पसंद नहीं होते। सिर्फ खूबसूरत होना काफी नहीं है आप सुंदर हैं ये अच्छी बात है लेकिन ये आपकी पूरी पर्सनेलिटी बिल्कुल नहीं है। सुंदर होने के अलावा आप लोगों से कैसे बातचीत करती हैं, उनका कितना सम्मान करती हैं, आपका बर्ताव कैसा है; ये सभी चीजें लोग आपके बारे में याद रखते हैं। इसलिए सुंदरता के अलावा इन चीजों पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है। नए लोगों से मिले घर के भीतर खुद को समेटना बंद करें। बाहर निकलें, नए-नए लोगों से मिलें, नए अनुभव लें और नई-नई चीजें सीखें। ये एक छोटी सी आदत आपको जीवन में बहुत कुछ सिखा सकती है। वीकेंड्स पर सेमिनार, वर्कशॉप, स्पोर्ट्स, आर्ट गैलरी जैसी चीजें एक्सप्लोर करें, जहां आप अलग अलग लोगों से मिलेंगी। इससे आपकी नॉलेज और संसार को देखने का नजरिया दोनों इंप्रूव होते हैं। अच्छे और सच्चे दोस्तों का होना है जरूरी अपना एक छोटा सा फ्रेंड सर्किल जरूर बनाएं। अच्छे दोस्त ना सिर्फ मेंटली आपको सपोर्ट करते हैं, बल्कि आपको लाइफ का नया नजरिया भी देते हैं। अभी आपको बेशक लगता हो कि दोस्त ज्यादा जरूरी नहीं हैं लेकिन यकीन मानिए अच्छे दोस्त जीवन को आसान और सुलझा हुआ बना देते हैं। इनका होना अपने आप में ब्लेसिंग होता है।