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अयोध्या के कुम्हारों के जीवन में ‘दीप’ जला रही योगी सरकार

दीपोत्सव 2025 दीपोत्सव से रोशन हुए कुम्हारों के घर, अयोध्या में युवाओं को मिल रहा रोजगार अयोध्या के कुम्हारों के जीवन में ‘दीप’ जला रही योगी सरकार 2017 के बाद बदला हाल : कभी हजारों में कमाने वाले अब दीपोत्सव में कमा रहे लाखों दीपोत्सव से अयोध्या के सैकड़ों कुम्हार परिवारों को मिला रोजगार इलेक्ट्रिक चाक से बढ़ा उत्पादन, आधुनिकता और परंपरा का संगम योगी सरकार की पहल से मिट्टी के दीयों को मिली नई पहचान 26 लाख 11 हजार 101 दीप जलाकर अयोध्या रचेगी नया कीर्तिमान अयोध्या दीपोत्सव शुरू होने के बाद से अयोध्या के कुम्हार परिवारों के घरों में खुशहाली का उजाला फैल गया है। जो युवा कभी काम की तलाश में बाहर जाते थे, वे अब अपनी ही धरती पर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। योगी सरकार के प्रयासों से शुरू हुए दीपोत्सव ने न केवल अयोध्या की अर्थव्यवस्था को बल दिया है बल्कि पारंपरिक मिट्टी कला को भी नई पहचान दी है। नौवें दीपोत्सव में इस बार 26 लाख 11 हजार 101 दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दीपोत्सव की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। अवध विश्वविद्यालय के छात्र, अधिकारी और स्वयंसेवी संगठन भी इस महाउत्सव को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं। जयसिंहपुर गांव के बृज किशोर प्रजापति बताते हैं कि जबसे दीपोत्सव मनाया जा रहा है, तब से वे और उनका परिवार लगातार दीए बना रहे हैं। इस बार उन्हें दो लाख दीए बनाने का ऑर्डर मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की परंपरा शुरू कर हमारे जैसे परिवारों को रोजगार से जोड़ा है। अब हम आत्मनिर्भर हैं। आधुनिक तकनीक से बढ़ रही उत्पादन क्षमता पुराने ढर्रे को छोड़कर अब कुम्हार आधुनिक इलेक्ट्रिक चाक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न केवल उत्पादन में तेजी आई है बल्कि दीयों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। जयसिंहपुर गांव के करीब 40 से अधिक कुम्हार परिवार दीपोत्सव के लिए दिन-रात मिट्टी के दीए बनाने में जुटे हैं। कभी हजारों में कमाते थे, अब बन रहे लखपति 2017 से पहले ये कुम्हार रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करते थे। दीपोत्सव शुरू होने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। पहले जहां ये परिवार महीने में 20 से 25 हजार रुपये कमाते थे, वहीं अब दीपोत्सव के दौरान ही लाखों रुपये की आमदनी हो जाती है। सोहावल की पिंकी प्रजापति बताती हैं कि इस बार उन्हें एक लाख दीए बनाने का ऑर्डर मिला है। उन्होंने कहा, पहले दीपावली के समय दीए सस्ते बिकते थे, अब सरकार के आह्वान से बाजार में अच्छा रेट मिल रहा है। दीपोत्सव ने दी नई पहचान और बाजार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दीपोत्सव में मिट्टी के दीयों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे स्थानीय कुम्हारों को बड़े स्तर पर ऑर्डर मिल रहे हैं। जयसिंहपुर, विद्याकुण्ड, सोहावल और आसपास के गांवों में इस समय उत्सव जैसा माहौल है।  अयोध्या के स्थानीय निवासी रामभवन प्रजापति, गुड्डू प्रजापति, राजू प्रजापति, जगन्नाथ प्रजापति, राम भवन प्रजापति, सुनील प्रजापति और संतोष प्रजापति समेत यहां सैकड़ों की संख्या में पूरा परिवार मिट्टी गूंथने, आकार देने और दीयों को सुखाने-बेचने में जुटा है। जानिए, कब कितने दीप जले  वर्ष                जले दीप 2017             1.71 लाख 2018             3.01 लाख 2019             4.04 लाख 2020             6.06 लाख 2021             9.41 लाख 2022           15.76 लाख 2023           22.23 लाख 2024                25.12 लाख

ग्रामीण क्षेत्रों से सर्वाधिक भागीदारी, दिखा विकास के प्रति उत्साह

विकसित यूपी @2047: 75 जिलों में जारी है जनसंवाद, अब तक मिले 41 लाख सुझाव  ग्रामीण क्षेत्रों से सर्वाधिक भागीदारी, दिखा विकास के प्रति उत्साह  शिक्षा, कृषि और समाज कल्याण पर सबसे अधिक सुझाव प्राप्त – बलरामपुर के डॉ. अमित गौतम ने एआई व मशीन लर्निंग सेंटर की स्थापना का दिया सुझाव – फतेहपुर की अंकिता सिंह ने शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर दिया व्यावहारिक सुझाव – बांदा के धीरज कुमार ने पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया – प्रदेश की 40 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में हुई बैठकों और गोष्ठियों से बढ़ा जनसंपर्क – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प के अनुरूप विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की प्रक्रिया जारी लखनऊ उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 : समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ निरंतर गति पकड़ रहा है। इस जनसहभागिता आधारित अभियान के तहत अब तक लगभग 41 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से सर्वाधिक सुझाव आए हैं। प्रदेश के 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों द्वारा व्यापक जनसंवाद आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें छात्र, शिक्षक, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संघ और मीडिया प्रतिनिधि ने बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। सभी वर्गों से प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर अमूल्य सुझाव मिल रहे हैं। इन सुझावों में सर्वाधिक विषय कृषि, शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, उद्योग, आईटी एवं टेक्नोलॉजी, पर्यटन और सुरक्षा से संबंधित रहे। शिक्षा और कृषि क्षेत्र में सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई। फतेहपुर की अंकिता सिंह ने आकांक्षी जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल दिया। उन्होंने अभ्युदय कोचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकारियों की अनिवार्य कक्षाओं की व्यवस्था और राजकीय विद्यालयों में महिला अधिकारियों के नियमित संवाद का सुझाव दिया। बलरामपुर के डॉ. अमित कुमार गौतम ने सुझाव दिया कि प्रदेश के हर जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हो, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तकनीक का अधिकतम उपयोग हो सके। बांदा के धीरज कुमार ने पशुधन विकास को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण पशु चिकित्सा केंद्रों की स्थापना, आधुनिक डेयरी प्रबंधन और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही। महाभियान के तहत अब तक प्रदेश की 40 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों, 200 से अधिक नगर पालिकाओं, 15 नगर निगमों, 500 से अधिक नगर पंचायतों, 600 से अधिक क्षेत्र पंचायतों और 50 से अधिक जिला पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न के अनुरूप, प्राप्त फीडबैक के आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।    

18 व 19 अक्टूबर को होगा ड्रोन व लेजर शो

जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी मनमोहक आकृतियां होंगी शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रतिवर्ष नई ऊंचाई छू रहा दीपोत्सव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव-2025 में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर जलने वाले 26 लाख दीपों की आभा जहां भक्ति-उल्लास का प्रतीक बनेगी, वहीं कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो श्रद्धालुओं को अनूठा अनुभव देंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ड्रोन शो और लेजर शो की प्रस्तुतियों को दो दिन (18 व 19 अक्टूबर) कराने का निर्णय लिया है।   पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां प्रस्तुत करेंगे। आकाश में अद्भुत कलाकृतियां उभरकर दिव्य दृश्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो दर्शकों के सामने वास्तविक प्रतीत होने वाली छवियों के माध्यम से अनुभव को यादगार बनाएंगी। 18 को भी आयोजित होगा एक अतिरिक्त ड्रोन शो उन्होंने बताया कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सदैव आस्था, संस्कृति और नवाचार के समन्वय को प्राथमिकता देता आया है। पिछले वर्ष आयोजित दीपोत्सव में पहली बार 500 ड्रोन के माध्यम से भव्य शो किया गया था।  दीपोत्सव-2025 को और अधिक आकर्षक एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से 1,100 ड्रोन के जरिए अद्भुत ड्रोन शो प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है। पर्यटन विभाग ने दीपोत्सव से पहले 18 अक्टूबर को भी एक अतिरिक्त ड्रोन शो आयोजित करने का निर्णय लिया है।  शो में 'त्रेता युग से नव अयोध्या' की प्रतीकात्मक झांकी भी दिखेगी संगीत और रोशनी से सजे लेज़र शो में प्रभु श्रीराम के जीवन और आदर्शों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से चित्रित किया जाएगा। 1,100 स्वदेशी ड्रोन रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आकाश में प्रस्तुत करेगा, जिनमें जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी कई मनमोहक आकृतियां शामिल होंगी। शो का समापन ‘त्रेता युग से नव अयोध्या’ की प्रतीकात्मक झांकी के साथ होगा, जो शहर के आध्यात्मिक अतीत और आधुनिक वर्तमान को जोड़ता है।

घर जाने की टेंशन खत्म! दिवाली स्पेशल ट्रेनों में मिलेगी तुरंत सीट

आगरा ताजनगरी आगरा से कई लोग दिवाली और छठ को लेकर अपने-अपने गांव-शहर की ओर कूच करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। यात्रियों को वेटिंग की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते आगरा रेल मंडल ने 10 और स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए बीते दिनों आगरा से करीब 38 स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया था। अब जिले से कुल 48 स्पेशल ट्रेनें संचालित हो रही हैं। ट्रेनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यात्रियों ने राहत की सांस ली है।  किया जा रहा ये काम आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि जरूरत पड़ने पर रेलवे ट्रेनों की संख्या को बढ़ा सकता है। अधिकतर वेटिंग बिहार, कोलकाता, बनारस और मुंबई जाने वाली ट्रेनों में देखने को मिल रही है। भीड़ और वेटिंग की लगातार निगरानी की जा रही है।  इन ट्रेनों में ज्यादा मारामारी प्रशस्ति श्रीवास्तव ने आगे बताया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अत्यधिक भीड़ और वेटिंग कोटा-पटना एक्सप्रेस, मरुधार एक्सप्रेस और अन्य इस रूट की ट्रेनों में थोड़ी ज्यादा चल रही है। इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए स्पेशल ट्रेनों को शुरू किया गया है। 

यूपी वालों के लिए खुशखबरी! अब इस शहर में भी शुरू होगी मेट्रो सेवा

वाराणसी  यूपी के वाराणसी में लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कैंट रेलवे स्टेशन तक मेट्रो रेल सेवा शुरू होगी। इसके लिए विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से रेलवे मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। इस सेवा को शुरू करने का उद्देश्य विमान से उतरने के बाद यात्री मेट्रो से शहर तक पहुंच जाएं। इससे यात्रियों को सुविधा होने के साथ किराये में बचत होगी। बाबतपुर एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 80 विमानों का संचालन होता है। इन उड़ानों से 10,000 से 12,000 यात्रियों का आवागमन होता है। इस समय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण का काम तेजी के साथ चल रहा है। इसमें मल्टी लेवल पार्किंग, आठ एयरोब्रिज के साथ पांच हजार यात्री क्षमता वाला नया टर्मिनल भवन, रनवे के नीचे अत्याधुनिक सुविधा और सुरक्षा युक्त टनल निर्माण शामिल है। इससे यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानों की संख्या बढ़ जाएगी। यात्री संख्या भी बढ़ेगी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में काशी की ऐतिहासिकता और पौराणिकता की छाप भी होगी ताकि यात्रियों को बाबा विश्वनाथ की नगरी में होने का अहसास हो। एयरपोर्ट से कैंट स्टेशन की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। यहां से यात्री टैक्सी, ऑटो और ई-बस से गंतत्व को जाते हैं। इस दूरी को तय करने में खासकर टैक्सी और ऑटो चालक अच्छा-खासा किराया यात्रियों से वसूल लेते हैं। इसको देखते हुए मेट्रो सेवा कारगर साबित होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए भेजा प्रस्ताव: निदेशक एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि विस्तारीकरण के बाद विमानों के बढ़ने से यात्रियों का आवागमन भी बढ़ेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर हवाई अड्डे से बाबतपुर रेलवे स्टेशन होकर शहर तक मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस बारे में रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो सेवा के लिए फिजिबिलिटी सर्वे के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

करीब 150 से अधिक कम्पनियों ने यूपी में बड़े निवेश के लिए जताई इच्छा

– योगी सरकार की पहल से यूपी बन रहा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन – 15 लाख करोड़ निवेश के बाद सरकार का फोकस अब विदेशी कंपनियों पर – MoU साइनिंग की तैयारी में इन्वेस्ट यूपी, दक्षिण कोरिया की शीर्ष कंपनियों से भी जुड़ रहा उत्तर प्रदेश – जर्मनी, फ्रांस और रूस में वन-टू-वन मीटिंग्स जारी, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में ताइवान का निवेश बढ़ने की संभावना – गल्फ और सिंगापुर की कंपनियां दिखा रहीं गहरी दिलचस्पी, यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी वैश्विक रफ्तार लखनऊ उत्तर प्रदेश को उद्योग प्रदेश और 2030 तक वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार तेज़ी से काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतारा जा चुका है, और अब सरकार बड़े पैमाने पर विदेशी निवेशकों को भी प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए आकर्षित कर रही है। इन्वेस्ट यूपी की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, जापान, सिंगापुर, कोरिया, जर्मनी, फ्रांस, रूस, ताइवान और खाड़ी देशों की करीब 150 से अधिक कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। सरकार की पहल पर उद्यमियों के साथ ‘वन-टू-वन’ बैठकें जारी हैं और कई MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर की तैयारी चल रही है। फोकस कंट्री डेस्क और प्रगति जापान : विश्व एक्सपो, ओसाका के दौरान इन्वेस्ट यूपी की टीम ने कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास के साथ नियमित संपर्क में रहते हुए, JETRO के साथ समय-समय पर वार्ताएं हो रही हैं। अब तक जापान की 30 से अधिक कंपनियों के साथ वन-टू-वन बैठकें की जा चुकी हैं और कुछ निवेश परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग के चरण में हैं। दक्षिण कोरिया : यहां इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स को साझेदार के रूप में जोड़ा गया है और जल्द ही MoU पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। कोरिया में स्थापित शीर्ष 25 कंपनियों के साथ संपर्क स्थापित किया गया है, जबकि भारतीय मिशनों और दूतावासों के साथ नीतिगत संवाद और प्रचार सामग्री का आदान-प्रदान जारी है। जर्मनी, फ्रांस और रूस : इंडो-जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स से संपर्क स्थापित किया गया है। भारत और रूस में बीटूजी (बिजनेस टू गवर्नमेंट) बैठकों और गोलमेज वार्ताओं के माध्यम से निवेश पर चर्चा हुई है। साथ ही, जर्मनी और फ्रांस में भारतीय मिशनों के साथ वर्चुअल मीटिंग्स भी आयोजित की गई हैं। 13 से अधिक यूरोपीय कंपनियों ने यूपी में निवेश में रुचि दिखाई है। ताइवान : ताइवान की कई प्रमुख कंपनियों के साथ इन्वेस्ट यूपी ने बैठकें की हैं। सितंबर 2025 में बैंगलुरु में आयोजित इलेक्ट्रोनिका इंडिया एक्सपो के दौरान 40 से अधिक ताइवानी कंपनियों के साथ समर्पित बैठकें हुईं। इससे इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में निवेश की दिशा में बड़ी संभावनाएं खुली हैं। सिंगापुर और गल्फ देश : सिंगापुर और खाड़ी देशों (UAE, सऊदी अरब, क़तर, कुवैत, ओमान, बहरीन) में भारतीय राजनयिक मिशनों के साथ वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किए गए। गल्फ की 20 से अधिक और सिंगापुर की 25 से अधिक कंपनियों के साथ संपर्क स्थापित किया गया है। कई कंपनियां आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की इच्छा जता चुकी हैं। निवेश से मिलेगा रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती  योगी सरकार की यह पहल न केवल प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि यूपी को राष्ट्रीय औद्योगिक हब बनाने की दिशा में भी निर्णायक साबित होगी। विदेशी निवेश से तकनीकी सहयोग और उत्पादन क्षमता में भी इजाफा होगा।

UP में कृषि क्रांति की नई शुरुआत: हर जिले में बनेगा अपनी खास फसल का क्लस्टर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि ‘कमोडिटी क्लस्टर’ दृष्टिकोण के तहत बुंदेलखंड में मूंगफली, वाराणसी में लाल मिर्च व सब्जी, बाराबंकी से आज़मगढ़ के बीच केला, कालानमक चावल, हरी मटर, उड़द और आलू आदि के क्लस्टर विकसित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘टिशू कल्चर’ को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सेक्टोरल विशेषज्ञों की नियुक्ति पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री मंगलवार को उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट (यूपी एग्रीज) की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर, टिकाऊ और डिजिटल रूप से सशक्त बनाना शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य में ‘डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम’ के निर्माण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि फसल, मौसम, बीज, सिंचाई, उर्वरक, बीमा, बाजार, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत सेवाओं से संबंधित सभी सूचनाएं एकीकृत प्लेटफॉर्म पर रियल टाइम उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल कृषि नीति तैयार की जाए, जो राष्ट्रीय तकनीकी मानकों पर आधारित हो और सुरक्षित साइबर अवसंरचना तथा नवाचार आधारित अनुसंधान को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि बीज से लेकर बाजार तक की प्रक्रिया को समग्र दृष्टिकोण से जोड़ते हुए यह परियोजना किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने और राज्य के कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से उन्नत एवं डिजिटल टिकाऊ कृषि तंत्र की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कृषि से उद्योग तक’ की सोच के साथ कार्य करते हुए मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाए। निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश विविध कृषि सहायता परियोजना (यूपी डास्प) के समन्वयन में यूपी एग्रीज का क्रियान्वयन करते हुए कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और किसान उत्पादक संगठनों को भी परियोजना से जोड़ा जाए। बैठक में बताया गया कि यह परियोजना लगभग ₹4000 करोड़ (यूएस $500 मिलियन) की लागत से विश्व बैंक के सहयोग से छह वर्षों की अवधि के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के 28 जनपदों में लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य बदलते जलवायु परिदृश्य के अनुरूप कृषि उत्पादन में सतत वृद्धि करना और किसानों को बाजार से बेहतर रूप में जोड़ना है। परियोजना में उत्पादकता वृद्धि, संसाधनों के कुशल उपयोग, कृषि आधारित उद्योगों के विकास और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कृषि वित्तीय प्रणाली को सुदृढ़ बनाना अत्यंत आवश्यक है। इसके अंतर्गत छोटे एवं सीमांत किसानों तथा कृषि आधारित सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ऋण सुविधा, जोखिम प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और निजी निवेश को प्रोत्साहन पर बल दिया जाए। बैठक में बताया गया कि परियोजना से संबंधित संस्थागत तैयारियों में ठोस प्रगति हुई है। सामाजिक एवं पर्यावरणीय मूल्यांकन का कार्य पूरा हो चुका है। मॉनिटरिंग, लर्निंग एवं इवैल्यूएशन एजेंसी तथा तकनीकी सहायता एजेंसी का चयन किया जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इर्री) के साथ छह वर्षीय उत्पादकता कार्यक्रम के लिए अनुबंध स्वीकृत हो चुका है। किसान उत्पादक संगठनों की क्षमता निर्माण के लिए तकनीकी सहायता एजेंसी का चयन शीघ्र किया जाएगा, जबकि तकनीकी परामर्शी एजेंसी का चयन अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना के प्रत्येक घटक के परिणामों की नियमित समीक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यूपी एग्रीज की सतत मॉनिटरिंग के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश भी दिए।  

म्यूजियम में दिखेगी त्रेता युग की जीवंत झलक, योगी करेंगे दीपोत्सव में उद्घाटन

-एक बार 100 लोग एक साथ कर सकेंगे प्रवेश, बना है पूरी तरह वातानुकूलित -काशीराम कालोनी के सामने बना यह म्यूजियम भक्तों के लिए आस्था का नया केंद्र बनेगा अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि के प्रांगण में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद अब अयोध्या धाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। यहां त्रेता युग की पुनर्रचना करते हुए दुनिया का पहला रामायण वैक्स म्यूजियम बनकर तैयार हो चुका है। चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित काशीराम कालोनी के सामने बना यह म्यूजियम न केवल भक्तों के लिए आस्था का नया केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी वैश्विक स्तर का आकर्षण साबित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौवें दीपोत्सव समारोह में इसका लोकार्पण होने की प्रबल संभावना है। दीपोत्सव की भव्यता के बीच सीएम योगी जनता को यह अनमोल उपहार समर्पित करेंगे। 9850 वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस पूर्णतः एयर कंडीशंड म्यूजियम को बनाने में 6 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यहां श्री राम समेत 50 प्रमुख पात्रों की जीवंत वैक्स प्रतिमाएं प्रदर्शित होंगी, जो रामायण की पूरी कथा को जीवंत कर देंगी। म्यूजियम में एक साथ 100 लोगों को प्रवेश की अनुमति होगी। जैसे ही दर्शक अंदर कदम रखेंगे, त्रेता युग की महक और राम धुन की मधुर ध्वनि से भर जाएगा पूरा वातावरण। हर कोने में लगी स्पीकर से निरंतर 'राम तारक मंत्र' और भक्ति भजनों की धुन बजेगी, जो मन को शांति और भक्ति से भर देगी। साउथ इंडियन वास्तु शैली पर हुआ है निर्माण, दोनों तल करेंगे आकर्षक म्यूजियम का निर्माण साउथ इंडियन वास्तु शैली में किया गया है, जो दक्षिण भारत की पारंपरिक स्थापत्य कला का सुंदर संगम दर्शाता है। दो मंजिला इस भवन में ग्राउंड फ्लोर पर रामलला के बाल रूप से लेकर सीता स्वयंवर तक की घटनाएं चित्रित हैं, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर वनवास, लंका दहन और राम-रावण युद्ध की भव्य झलक मिलेगी। हर वैक्स मॉडल की अलग-अलग लाइटिंग की गई है, जो पात्रों को जीवंत बना देती है। दर्शक भगवान राम की मूर्ति के कपड़े, बाल और मुस्कान को छूकर हकीकत महसूस करेंगे। प्रवेश द्वार पर सबसे पहले भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा के दर्शन होंगे, जो विघ्नहर्ता के रूप में यात्रा की शुरुआत का संकेत देगी। इसके बाद रामलला के बाल रूप की वैक्स मूर्ति के साथ सेल्फी लेने की विशेष व्यवस्था है। बच्चे-बूढ़े सभी यहां आकर बालक राम के साथ फोटो खिंचवाकर यादगार पल संजो सकेंगे।  आय का 12 फीसदी नगर निगम को जाएगा म्यूजियम में सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम हैं। चार इमरजेंसी गेट्स से जुड़ा फायर सिस्टम लगा है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। यह प्रोजेक्ट नगर निगम के सहयोग से चलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि म्यूजियम की आय का 12 प्रतिशत सीधे नगर निगम को जाएगा, जो अयोध्या के विकास में योगदान देगा। जानिए म्यूजियम में और क्या हैं इंतजाम इस वैश्विक स्तर के म्यूजियम का निर्माण केरल की प्रसिद्ध सुनील वैक्स म्यूजियम कंपनी ने किया है। कंपनी के प्रमुख सुनील ने बताया, "हमने पहले महाराष्ट्र के लोनावाला में और केरल के तिरुवनंतपुरम में सेलिब्रिटी वैक्स म्यूजियम बनाए हैं। लेकिन अयोध्या का यह रामायण म्यूजियम अनोखा है। यहां हमने रामायण के 50 पात्रों को इतनी बारीकी से गढ़ा है कि दर्शक खुद को त्रेता युग में महसूस करेंगे। सुनील ने खुलासा किया कि म्यूजियम के बाहर पार्किंग की व्यवस्था के अलावा स्टूडियो कॉफी हाउस, स्नैक्स जोन और इंटरटेनमेंट एरिया भी तैयार हो रहा है। पर्यटक न केवल वैक्स म्यूजियम का लुत्फ उठाएंगे, बल्कि स्नैक्स में साउथ इंडियन और उत्तर भारतीय व्यंजनों का मिश्रण होगा, जो अयोध्या की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएगा। अयोध्या के विकास में मील का पत्थर अयोध्या के विकास में यह म्यूजियम मील का पत्थर साबित होगा। राम मंदिर के बाद पर्यटन में आई बूम को देखते हुए यह केंद्र सालाना करोड़ श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को 'विश्व स्तरीय पर्यटन नगरी' बनाने का संकल्प लिया है। दीपोत्सव के दीयों से जगमगाती अयोध्या में यह म्यूजियम आस्था का केंद्र बनेगा। कुल पचास पात्रों की बनी हैं मूर्तियां फर्स्ट फ्लोर पर वनवास के दौरान सुंदरवन, सीता हरण और रावण वध की 3डी लाइटिंग प्रभाव से सजी मूर्तियां हैं। हनुमान जी की लंका दहन वाली मूर्ति में आग के प्रभाव जैसी लाइटिंग है, जो रोमांच पैदा करेगी। कुल 50 पात्रों में राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, हनुमान, रावण, विभीषण समेत सभी प्रमुख चरित्र शामिल हैं। सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में म्यूजियम अत्याधुनिक है। एयर कंडीशंड हॉल में तापमान 22 डिग्री पर नियंत्रित रहेगा। सीसीटीवी और सिक्योरिटी गार्ड 24×7 निगरानी करेंगे। इसमें प्रवेश करने के लिए ₹100 का शुल्क निर्धारित किया जाएगा।

चुनावी मोर्चे पर उत्तर प्रदेश के अफसर तैनात, बिहार में संभालेंगे जिम्मेदारी

लखनऊ  बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav) के लिए एनडीए का सीट बंटवारा हो गया है। एक साथ एनडीए दलों के नेता ने ट्वीट करके बताया है कि बीजेपी और जेडीयू 101-101 यानी बराबर सीट लड़ेगी। चिराग पासवान की लोजपा 29, उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो 6 और जीतनराम मांझी की हम 6 सीट लड़ेगी। यह पहली बार होगा कि बिहार में जेडीयू और भाजपा विधानसभा में बराबर सीट लड़ेगी। जेडीयू हमेशा बीजेपी से ज्यादा सीट लड़कर और बड़े भाई के दर्जा में रही है। दिल्ली में बीजेपी कैंडिडेट के चयन के लिए पार्टी दफ्तर में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई है। आज देर रात या कल सुबह भाजपा अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करना शुरू कर देगी। महागठबंधन में सीट बंटवारा फंसा हुआ है। लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं क्योंकि सोमवार को लैंड फॉर जॉब केस में सुनवाई के दौरान उनकी पेशी है। तेजस्वी की राहुल गांधी से मुलाकात की अभी कोई खबर नहीं है। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी भी दिल्ली के लिए निकल गए हैं और कहा है कि महागठबंधन बीमार है, दिल्ली में इसका इलाज होगा तो स्वस्थ हो जाएगा। पटना में आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने कहा है कि महागठबंधन में सीट बंटवारे का ऐलान कल हो जाएगा। बाकी दलों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की दूसरी लिस्ट कल आएगी। पशुपति पारस की पार्टी ने कहा है कि वो परसों तक फैसला करेगी। बताया जा रहा है कि महागठबंधन से 4 सीट का ऑफर मिला था जो पारस को मंजूर नहीं है। अब वो असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन की सोच रहे हैं।

योगी सरकार लगाएगी सभी मंडलों में प्रदर्शनी, दिव्यांगजन के हुनर को मिलेगा मंच

वोकल फॉर लोकल के साथ दिव्यांगजन की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में जुटी योगी सरकार लखनऊ इस दीपावली, उत्तर प्रदेश के घर-घर में न केवल मिट्टी के दीये जलेंगे, बल्कि दिव्यांगजन के हुनर और आत्मनिर्भरता की चमक भी समाज को रोशन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी मंडलों में 16-17 अक्टूबर को 'दिव्य दीपावली मेला-2025' का आयोजन होगा, जिसमें दिव्यांगजन द्वारा निर्मित उत्पादों की भव्य प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।  योगी सरकार की यह पहल न केवल 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के मंत्र को साकार करने से साथ-साथ दिव्यांगजन को आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान का नया मंच भी प्रदान करेगी। मिट्टी के दीपकों से लेकर कृत्रिम आभूषण और खाद्य सामग्री तक, इन प्रदर्शनियों में दिव्यांगजन का कौशल दीपोत्सव की रौनक को दोगुना करेगा। योगी सरकार दिव्यांगजनों के न केवल आर्थिक विकास पर ध्यान दे रही है, बल्कि सामाजिक समावेशिता को भी प्राथमिकता देती है। इस दीपावली, जब घर-घर दीये जलेंगे, तो दिव्यांगजन के हुनर की रोशनी पूरे प्रदेश को नई दिशा देगी।  इन उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में हस्तनिर्मित मिट्टी के दीपक, आकर्षक मोमबत्तियां, कृत्रिम आभूषण, हथकरघा उत्पाद, घरेलू सजावटी सामान, पूजा सामग्री, आचार, मुरब्बा, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री प्रदर्शित होंगी। ये उत्पाद विभिन्न दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के सहयोग से तैयार किए गए हैं।  प्रदेश सरकार ने सभी मंडल मुख्यालयों में प्रदर्शनियों के लिए उचित स्थान चिह्नित करने और व्यापक प्रचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, दिव्यांगजन के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकें। यह पहल 'वोकल फॉर लोकल' के साथ दीपोत्सव को स्वदेशी रंग देने का प्रयास है। गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ जैसे मंडलों में मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बस्ती, अलीगढ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली आदि में भी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोग इन प्रदर्शनियों में शामिल हों और स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं। यह आयोजन दीपावली की रौनक को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में संवेदनशीलता का संदेश देगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योगी सरकार ने दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। 'दिव्य दीपावली मेला-2025' न केवल उनके हुनर को मंच देगा, बल्कि समाज को यह संदेश देगा कि हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा से समाज को रोशन कर सकता है।