samacharsecretary.com

इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी लखनऊ पहुंचे, समर्थकों में दिखा उत्साह

लखनऊ उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय और वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की अगुवाई में बड़ी संख्या में कांग्रेस व सपा कार्यकर्ताओं ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रेड्डी का हवाई अड्डे पर स्वागत किया। लखनऊ पहुंचने के बाद रेड्डी का सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है। देश के उपराष्ट्रपति का चुनाव आगामी नौ सितंबर को होगा जिसके लिए विपक्ष ने रेड्डी को साझा उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन से होगा। राधाकृष्णन तमिलनाडु से भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं, जबकि तेलंगाना से ताल्लुक रखने वाले रेड्डी उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं।   उपराष्ट्रपति का पद जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के कारण रिक्त हुआ है। उपराष्ट्रपति चुनाव को विपक्ष ने एक वैचारिक लड़ाई बताया है, हालांकि संख्या बल सत्तारूढ़ राजग के पक्ष में है। जुलाई 2011 में सेवानिवृत्त हुए 79 वर्षीय रेड्डी को काले धन के मामलों की जांच में ढिलाई बरतने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार की आलोचना करने सहित कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए जाना जाता है।  उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘सलवा जुडूम' अभियान को भी असंवैधानिक करार दिया था। राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन (67) प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सदस्य रहे और बाद में तमिलनाडु में भाजपा का नेतृत्व किया था।  

श्रमिकों के बच्चों की आधुनिक शिक्षा के लिए पारदर्शी व रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी संभव- सीएम

– प्रदेश में 57 मुख्यमंत्री अभ्युदय और कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना का कार्य जारी- सीएम योगी – सीएम योगी ने ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’, औद्योगिक न्यायाधिकरण वेबसाइट और ई-कोर्ट पोर्टल की भी शुरुआत की लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित “रोजगार महाकुंभ 2025” के अवसर पर अटल आवासीय विद्यालयों के लिए एकीकृत निगरानी प्रणाली (Integrated Monitoring System Portal) का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों की गतिविधियों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल श्रमिकों के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अनुशासित शिक्षा दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। विद्यालयों के सभी क्रियाकलापों की हो सकेगी डिजिटल निगरानी  अटल कमांड सेंटर आधारित ERP प्रणाली के माध्यम से विद्यालयों के सभी क्रियाकलापों की डिजिटल निगरानी शुरू की गई है। इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं हैं: 1.     उपस्थिति प्रबंधन : छात्र-छात्राओं और स्टाफ की दैनिक उपस्थिति रीयल-टाइम में अद्यतन होगी। 2.     शैक्षणिक निगरानी: छात्रों की प्रोफाइल, प्रगति, परीक्षा परिणाम और रिपोर्ट कार्ड ERP पर उपलब्ध होंगे, साथ ही कमांड सेंटर से शिक्षण गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी। 3.     स्टाफ प्रोफाइल: शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण जुड़ा होगा, जो जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करेगा। 4.     वित्तीय प्रबंधन: व्यय, बजट और बिलिंग की पारदर्शी जानकारी ERP पर दर्ज होगी। 5.     CCTV एकीकरण: विद्यालयों के सीसीटीवी को ERP से जोड़ा गया है, जिससे अटल कमांड सेंटर से लाइव निगरानी संभव होगी, सुरक्षा और अनुशासन को बढ़ाएगी। 6.     छात्र प्रोफाइल : प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत जानकारी और प्रगति का समग्र मूल्यांकन कमांड सेंटर से होगा। सीएम ने कहा कि यह प्रणाली 18,000 बच्चों को निशुल्क लॉजिंग, फीडिंग और आधुनिक शिक्षा प्रदान करने वाले अटल आवासीय विद्यालयों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। बीओसी बोर्ड से जुड़े श्रमिकों के बच्चों के लिए वरदान है अटल आवासीय विद्यालय- सीएम  सीएम ने कहा कि अटल आवासीय विद्याल बीओसी बोर्ड से जुड़े श्रमिकों के बच्चों के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि श्रमिक अपना पसीना बहाकर दूसरों के लिए घर और स्कूल बनाता था, लेकिन उसका अपना बच्चा पढ़ नहीं पाता था। यह पीड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी, जिसे पूरा करने के लिए श्रम और सेवायोजन मंत्रालय ने 18 आवासीय विद्यालय शुरू किए। इन विद्यालयों में उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षा की व्यवस्था है, जो यूपी के किसी अन्य विद्यालय में नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि अब उसी तर्ज पर हमने बेसिक एजुकेशन में भी इंटीग्रेटेड कैंपस की एक व्यवस्था प्रारंभ की है। पहले चरण में 57 मुख्यमंत्री अभ्युदय और कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना का कार्य हमने प्रारंभ कर दिया है। यह डे स्कूल होंगे जहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्राप्त होगी। श्रमिकों के लिए डिजिटल न्याय सेतु पोर्टल की हुई शुरुआत इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘श्रम न्याय सेतु पोर्टल’, औद्योगिक न्यायाधिकरण वेबसाइट और ई-कोर्ट पोर्टल की भी शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि यह श्रमिकों के हित में बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल से श्रमिकों को त्वरित, पारदर्शी और टाइम-बाउंड न्याय मिलेगा। श्रम विवादों का ऑनलाइन समाधान, 24 घंटे सेवाएं और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। उद्यम चले, लेकिन श्रमिकों का शोषण न हो, यह हमारी प्राथमिकता है। यह कदम उद्यमों और श्रमिकों के हित को संतुलित करने की दिशा में उठाया गया है। रोजगार महाकुंभ 2025 में सीएम योगी ने 15 अभ्यर्थियों को दिया नियुक्ति पत्र रोजगार महाकुंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए, जिनका चयन यूएई और अन्य विदेशी कंपनियों ने किया है। 11 कंपनियों ने सर्वाधिक नियुक्ति का आश्वासन दिया। रोजगार महाकुंभ 2025 में 1,00,000 से अधिक पंजीकरण, 50,000 नौकरियों के अवसर तथा 15,000 अंतरराष्ट्रीय रिक्तियां शामिल होंगी, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जापान और जर्मनी में प्लेसमेंट भी होंगे। इसी तरह 35,000 घरेलू अवसर देश की अग्रणी कंपनियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। इस तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में 100 से अधिक भर्ती साझेदार इसमें भाग ले रहे हैं, जिनमें 20 अंतर्राष्ट्रीय भर्तीकर्ता भी होंगे। इस अवसर पर 10,000 से अधिक ऑफर लेटर जारी किए जाएंगे, जिनमें से 2,000 से अधिक विदेशी प्लेसमेंट के लिए होंगे। इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू’, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन एमकेएस सुंदरम्, निदेशक नेहा प्रकाश, श्रम आयुक्त मार्कंडेय शाही समेत रोज़गार महाकुंभ 2025’ के रणनीतिक पार्टनर के अधिकारीगण मौजूद रहे।   

DM और मेयर से गुहार: घायल बच्चे ने कहा, ‘कुत्तों से बचाइए, तभी जाऊंगा स्कूल’

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि बच्चे अब स्कूल जाने तक से डरने लगे हैं। हाल ही में 5वीं कक्षा के एक छात्र अविरल अग्रवाल को कुत्तों ने इतनी बुरी तरह से घायल कर दिया कि वह अब स्कूल जाने से डर रहा है। घायल बच्चा शहर के महापौर और जिलाधिकारी से गुहार लगा चुका है कि कॉलोनी और स्कूल के आसपास के कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए। अविरल ने बताया कि जब तक कुत्ते नहीं पकड़े जाएंगे, वह स्कूल नहीं जाएगा। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने नगर निगम को आदेश दिए हैं कि कुत्तों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उनका वैक्सीनेशन (टीकाकरण) किया जाए। घटना का पूरा विवरण मिली जानकारी के मुताबिक, राम वाटिका कॉलोनी के रहने वाला अविरल अपने दोस्तों के साथ घर लौट रहा था, तभी अचानक रास्ते में कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने अविरल के पैर में गहरे घाव किए और मांस का टुकड़ा नोच लिया। राहगीरों की मदद से बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पहली बार नहीं था कुत्तों का हमला अविरल ने बताया कि कुछ महीने पहले भी कॉलोनी में साइकिल चलाते समय कुत्तों ने उस पर हमला किया था। अब तक वह दो बार कुत्तों के हमले का शिकार हो चुका है। कॉलोनी और स्कूल के आसपास बहुत सारे आवारा कुत्ते घूम रहे हैं जो बच्चों पर हमला करते रहते हैं डॉक्टरों की राय और इलाज डॉक्टर प्रवेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है। उसे एंटी रैबीज इंजेक्शन दिया जा चुका है और घाव गहरे होने की वजह से प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ेगी। वहीं, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण करने के लिए टीम का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने भी कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन का आदेश दिया है।  घायल बच्चे की फरियाद अविरल ने बताया कि वह स्कूल से वैन से घर लौट रहा था जब कुत्तों ने उस पर हमला किया। पहली बार तो बच गया था, लेकिन इस बार बच नहीं पाया। कॉलोनी में कुत्तों की संख्या इतनी ज्यादा है कि वह ठीक से साइकिल भी नहीं चला पाता। वह जिलाधिकारी और महापौर से अनुरोध करता है कि कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए, क्योंकि वह अब कुत्तों से डर गया है और तब तक स्कूल नहीं जाएगा। जानिए, क्या कहना जिलाधिकारी का? जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि इस मौसम में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे रेबीज का खतरा बना रहता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जरूरतमंद लोगों को तुरंत वैक्सीनेशन दिया जाए। साथ ही प्राइवेट अस्पतालों को भी वैक्सीनेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम को कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन कराने का भी जिम्मा सौंपा गया है।  

‘मजार को छूकर देख लो…’ धमकी भरा संदेश, CM योगी और विधायक शलभ मणि पर खतरा

देवरिया  उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। देवरिया सदर से विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी 'एमडी सेराज' नाम की ईमेल आईडी से भेजी गई है। पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, जांच शुरू कर दी गई है और मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है। धमकी क्यों मिली? मामला देवरिया के गोरखपुर रोड पर बने एक मजार (दरगाह) से जुड़ा है। विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने पहले शिकायत की थी कि यह मजार रेलवे के ओवरब्रिज के पास बनी है और हर साल इसका दायरा अवैध रूप से बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बंजर जमीन और नेशनल हाइवे पर यह मजार कैसे बनी? इसका नक्शा किसने पास किया? क्या रेलवे ब्रिज के नीचे निर्माण की इजाजत दी जा सकती है? इसी मुद्दे को लेकर विधायक जून 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे और उन्होंने खुद मजार के विस्तार पर आपत्ति जताई थी। क्या लिखा था धमकी में? 'मजार को छूकर देख लो', 'सदर विधायक को गोली मार देंगे', मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाल भी बुरा कर देंगे'। यह धमकी सोशल मीडिया और एक वेबसाइट के कमेंट बॉक्स में पोस्ट की गई थी, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। पुलिस और साइबर सेल की जांच शुरू देवरिया के एसपी विक्रांत वीर ने बताया कि सोशल मीडिया पर जैसे ही यह धमकी वायरल हुई, पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। कमेंट बॉक्स की जांच हो रही है, IP ऐड्रेस और ईमेल आईडी की ट्रेसिंग के लिए मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है।

धार्मिक मंच पर विवाद: अविमुक्तेश्वरानंद ने रामभद्राचार्य को सुनाई खरी-खोटी

लखनऊ  तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा स्वामी प्रेमानंद को लेकर दिए गए बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने एक मंच से नाम लिए बिना रामभद्राचार्य पर कटाक्ष किया है। साथ ही संत प्रेमानंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आपको दिखाई नहीं देता तो क्या सुनाई भी नहीं दे रहा है। प्रेमानंद दिनभर संस्कृत ही बोलते रहते हैं। ज्योर्तिमठ नाम के इंस्टाग्राम आईडी ने जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का वीडियो शेयर किया। जिसमें वह कह रहे हैं, “वो एक पीले कपड़े वाले महात्माजी है वृंदावन में प्रेमानंद जी, कह रहे हैं कि उनको एक अक्षर संस्कृत नहीं आती। उनको संस्कृत आने की जरूरत क्या है? वो तो भगवान के नाम का प्रचार कर रहे हैं और भगवान का नाम संस्कृत में ही हैं। भगवान का नाम किस भाषा में है बताएं आप?” अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा, “जो दिन भर राधे-राधे, कृष्ण-कृष्ण, हे गोविंद, हे गोपाल बोल रहे हैं और लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि नाम का स्मरण करो, हमें बताएं कि भगवान का नाम ये किस भाषा के शब्द हैं? क्या ये संस्कृत भाषा के शब्द नहीं है. क्या ये संबोधन की विभक्ति संस्कृत भाषा की नहीं है। वो तो दिन भर संस्कृत बोल रहा है, जो भगवान के नाम का उच्चारण कर रहा है। आपको नहीं दिखाई नहीं देता, लगता है आपको सुनाई भी नहीं देता।” प्रेमानंद से ईर्ष्या नहीं लेकिन चमत्कार को नहीं मानते; उत्तराधिकारी ने दी सफाई उधर, संत प्रेमानन्द महाराज को चुनौती देने वाले पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बयान के बाद बखेड़ा खड़ा होता देख जगदगुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्रदास ने उनके हवाले से सोमवार को बयान में सफाई दी। जगद्गुरु ने कहा कि प्रेमानंदजी से कोई ईर्ष्या नहीं, लेकिन चमत्कार को नहीं मानता। प्रेमानंद महाराज के बिना किडनी जीवन जीने को चमत्कार मानने के सवाल पर जगद्गुरु ने कहा था कि यह कोई चमत्कार नहीं है।  

निक्की को जिंदा जलाने के पीछे दहेज ही नहीं, रील्स और ब्यूटी पार्लर की खींचतान भी

नोएडा  यूपी के ग्रेटर नोएडा में हुए निक्की भाटी हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। निक्की की निर्मम हत्या का मामला सामने आने के बाद से उसकी मौत को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक तरफ इस मामले में निक्की के ससुराल वालों को हिरासत में लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर रील्स पोस्ट करना और अपना ब्यूटी पार्लर फिर से खोलना भी निक्की की मौत की वजह बना है।  दरअसल, निक्की और उसकी बहन कंचन सोशल मीडिया पर रील और वीडियो अपलोड करती थी जो विपिन भाटी और उसके भाई रोहित भाटी को पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर निक्की के घर में झगड़ा हुआ था। जिसके बाद दोनों बहनें मायके चली गईं थीं। बाद में पंचायत बुलाकर फैसला लिया गया कि अब दोनों बहनें वीडिया नहीं बनाएंगी। हालांकि ससुराल वापस आने के बाद उन्होंने फिर से वीडियो बनाया था।   बताया गया कि निक्की ने अपना पार्लर भी दोबारा शुरू कर दिया था जिससे उसका पति विपित भाटी नाराज चल रहा था। इसके चलते वह उस पर दबाव डाल रहा था और अंत में उसने अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया। निक्की के पिता का कहना है कि दोनों दामाद काम-धंधा नहीं करते थे। सिर्फ पैसों की डिमांड करना और दबाव बनाना उनकी आदत थी। यहां तक कि बेटियों के पार्लर से भी चोरी करने लगे थे।   

बी. सुदर्शन रेड्डी को अखिलेश का समर्थन, कहा- न्याय की जंग के सच्चे योद्धा

लखनऊ  उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। रेड्डी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कहा, "न्याय के हिमायती लोग अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर उपराष्ट्रपति पद के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करें। सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी से बेहतर प्रत्याशी कोई नहीं हो सकता।" बी. सुदर्शन रेड्डी ने भी सपा की तारीफ की। उन्होंने कहा, "लोहिया जी और अन्य नेताओं से हमने बहुत कुछ सीखा। हम साउथ इंडिया से हैं और हिंदी में भाषण देने की कोशिश कर रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के बाहर के दल भी हमारा समर्थन कर रहे हैं। यह अखिलेश जी की मदद के बिना संभव नहीं था। मैं कल अरविंद केजरीवाल से भी मिला। उपराष्ट्रपति पद कोई राजनीतिक पद या मुद्दा नहीं है। यह गैर-राजनीतिक पद है। सभी दलों से अनुरोध है कि वह मेरा समर्थन करें। संवैधानिक संस्थाओं पर संकट के बादल हैं।" सपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों के लोग रहे मौजूद ताज होटल में बी सुदर्शन रेड्डी व अखिलेश यादव सपा-कांग्रेस सांसदों के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, आनंद भदौरिया, अफजाल अंसारी, एसपी सिंह, जियाउर रहमान बर्क, जया बच्चन, प्रिया सरोज, इकरा हसन, इमरान मसूद अवधेश प्रसाद,सनातन पांडे पहुंचे। 9 सितंबर को होगा राष्टपति पद के लिए चुनाव देश के उपराष्ट्रपति का चुनाव आगामी नौ सितंबर को होगा जिसके लिए विपक्ष ने रेड्डी को साझा उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन से होगा। बता दें कि उपराष्ट्रपति का पद जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के कारण रिक्त हुआ है।  

रोजगार महाकुंभ से खुलेगा अवसरों का द्वार, सीएम योगी ने किया उद्घाटन

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम न्याय सेतु पोर्टल का सीएम ने शुभारंभ किया। अटल इंटीग्रेटेड मॉनीटरिंग सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ। रीयल टाइम निगरानी हो सकेगी। 15 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान योगी ने कहा कि हर युवा को रोजगार व नौकरी की गारंटी मिलेगी। रोजगार महाकुंभ इसे आगे बढ़ाने का माध्यम है। मार्केट व इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार हमें कोर्स संचालित करने होंगे। उसी के अनुसार अपने युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। उद्यम चलने चाहिए मगर युवाओं का शोषण भी न हो, इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रोजगार महाकुंभ में कहा कि पीएम के मिशन रोजगार के अभियान की कड़ी में विकसित भारत के संकल्पना के साथ हर व्यक्ति, हर संस्था भी अपना योगदान दे सके, उसके लिए आवश्यक है कि हर युवा के हाथ को उसकी योग्यता के अनुसार कार्य मिल जाए। युवा अपार ऊर्जा का स्त्रोत है। यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में और भारत में सबसे ज्यादा युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है। जहां भी इन युवाओं को अवसर मिला है, उसने अपनी प्रतिभा व सामर्थ्य का लोहा, उस क्षेत्र और उद्यम को लाभांवित करने में लगाया है। यूपी के इस प्रतिभा व सामर्थ्य की मांग न केवल देश में बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी हो रही है। यह एक अवसर है जब यहां पर इंडस्ट्री और एंप्लायर एक साथ जुड़ रहे हैं। एक ओर वे संस्थाएं हैं जो रोजगार देने को उत्सुक हैं। दूसरी ओर वे युवा हैं जो स्किल डवलपमेंट के साथ जुड़कर उस रोजगार को पाने का इच्छुक है। सीएम योगी ने कहा कि 21 से 40 वर्ष का कोई भी युवा को ब्याज मुक्त, गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जो लोन वो ले रहा है, उसका ब्याज सरकार देगी। 10 प्रतिशत तक मार्जन मनी भी सरकार उपलब्ध कराएगी। अब तक 70 हजार युवाओं ने इस योजना से जुड़कर काम करना शुरू किया है। सरकार ने अपने स्तर पर भी नौकरी उपलब्ध कराने की कार्रवाई की। आठ साल में यूपी पुलिस में 2.19 लाख भर्तियां कीं। 1.56 लाख शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से संपन्न किया। सभी विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सहित सभी को जोड़कर साढ़े आठ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने वाला यूपी सबसे बड़ा राज्य। निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया यूपी में अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का नतीजा यह हुआ कि निवेशकों ने यूपी को सबसे अच्छे डेस्टीनेशन के रूप में चयन किया। इसके लिए प्रदेश सरकार को अपनी नीतियों में परिवर्तन करना पड़ा। अब तक 33 से अधिक सेक्टोरियल पॉलिसी तैयार की हैं। निवेशक इन्वेस्ट यूपी के पोर्टल पर जाकर क्लिक करे और जिस क्षेत्र में निवेश करना है, उसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी। उसकी सहायता के लिए निवेश मित्र व निवेश सारथी भी है। यदि उसने निवेश कर लिया है तो पॉलिसी के तहत मिलने वाला निवेश भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। 70 सालों में उद्योगों को जितना इंसेटिंव नहीं मिला, उतना हमने आठ साल में दिया। 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे। सात लाख युवाओं को काम। यूपी रोजगार मिशन लागू करने वाला अग्रणी राज्य बना है। यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा आज की मांग एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स की है। हमने इसके लिए लैब उपलब्ध कराई हैं। नये समय की टेक्नोलॉजी के लिए यूपी के नौजवानों को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है। दुनिया के तमाम देशों में यूपी के नौजवानों की आज मांग हो रही है। आज हम दुनिया की मांग के अनुरूप वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं।यूपी रोजगार के लिए न्यूनतम गारंटी देने वाला राज्य बन रहा है। श्रम एवं सेवायोजन पोर्टल से नियुक्ति पाने वाला और नियोक्ता दोनों को इस पोर्टल से जोड़ना होगा। हर नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि वो कार्मिक को उसका पूरा वेतन उपलब्ध कराएगा। किसी कार्मिक के वेतन से कोई कटौती नहीं करेगा। नियोक्ता को जो भी इंसेंटिव होगा, वो उसे सरकार देगी। इसे हम श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे।  

IAS आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति को मिला एक साल का सेवा विस्तार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के पूर्व मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह को सातवां सेवा विस्तार मिल गया है। 14 अगस्त को यूपी कैडर में प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद से ही उनके वापस सिक्किम कैडर लौटने की चर्चा थी। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से इस अधिकारी के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। इससे पहले छह बार वे सेवा विस्तार ले चुके थे। इसमें से चार सेवा विस्तार एक-एक साल और दो छह-छह माह का था। इस प्रकार वे पिछले पांच वर्षों से सेवा विस्तार के तहत कार्य कर रहे थे। अब उनको केंद्र सरकार ने एक साल का सेवा विस्तार दिया है। इस तरह वे 2026 के अगस्त तक यूपी में अपनी सेवा देंगे। सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के किला को ढाहने में बड़ी भूमिका निभाने वाले आंजनेय कुमार सिंह सीएम योगी के पसंदीदा अधिकारी में से एक माने जाते हैं। 14 अगस्त को समाप्त हुई प्रतिनियुक्ति सीनियर आईएएस आंजनेय कुमार सिंह को एक बार फिर सेवा विस्तार मिल गया है। उन्हें लगातार सातवीं बार एक्सटेंशन मिला है। आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि 14 अगस्त को समाप्त हो गई थी। यूपी सरकार ने केंद्र से उनका कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश की थी, लेकिन मंजूरी में देरी होने पर शनिवार को उन्हें मुरादाबाद कमिश्नर पद से रिलीव कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने मुरादाबाद डीएम अनुज सिंह को चार्ज सौंपते हुए 60 दिन की छुट्टी ले ली थी। हालांकि, इसके 48 घंटे बाद ही केंद्र ने यूपी सरकार की सिफारिश स्वीकार कर ली। आंजनेय सिंह का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया। अब वे अपने मूल कैडर सिक्किम नहीं लौटेंगे। यूपी में अब जल्द ही उन्हें नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। यूपी में 10 साल से कर रहे सेवा 2005 बैच के आईएएस अफसर आंजनेय कुमार सिंह मूल रूप से मऊ जिले के सलाहादबाद गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने सिक्किम कैडर में 8 साल नौकरी की। इसके बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2015 में प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए। यहां उन्हें 10 साल पूरे हो चुके हैं। अब नए एक्सटेंशन के बाद उनका कार्यकाल 11 साल का हो जाएगा। राजनीतिक सिफारिशों से आए यूपी वर्ष 2015 में तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह की सिफारिश पर सपा सरकार ने उन्हें यूपी बुलाया था। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ की सिफारिश पर उन्हें लगातार प्रतिनियुक्ति विस्तार मिलता रहा। अब तक उन्हें 6 बार केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है। यह सातवां मौका रहा, जब केंद्र ने योगी सरकार की सिफारिश को मान लिया है। आजम पर की थी कड़ी कार्रवाई लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान रामपुर के डीएम रहते हुए आंजनेय सिंह ने सपा नेता आजम खान के खिलाफ एक के बाद एक कड़े कदम उठाए। आजम ने उस समय भाषण में कलेक्टर को जूते साफ कराने तक की बात कही थी। इस हेट स्पीच केस में आजम को 3 साल की सजा हुई। उनकी विधायकी भी रद्द हो गई। इसके बाद आंजनेय सिंह का नाम यूपी की नौकरशाही में सख्त छवि वाले अफसरों में शामिल हो गया। रामपुर में 2 साल डीएम रहने के बाद आंजनेय सिंह को प्रमोशन देकर मुरादाबाद मंडल का कमिश्नर बनाया गया था। अब एक्सटेंशन मिलने के बाद माना जा रहा है कि योगी सरकार उन्हें फिर किसी अहम पद की जिम्मेदारी सौंप सकती है।

सिरफिरे का डर: लखनऊ में महिला डॉक्टर को भरे दिन में 1000 कॉल और 5000 मैसेज

लखनऊ लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr. RMLIMS) में तैनात एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर एक सिरफिरे की हरकत से परेशान हो गईं. महिला प्रोफेसर ने बताया कि आरोप एक दिन में 1000 फोन कॉल करता और 5000 से ज्यादा अश्लील मैसेज व फोटो भेज कर उत्पीड़न करता है. उन्होंने इस बारे में 1090 वीमेन हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोपी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था. पीड़ित डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि बस्ती जिले का रहने वाला 41 वर्षीय महेश तिवारी लंबे वक्त से उन्हें फोन कॉल्स और अश्लील मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था. इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. वीमेन हेल्पलाइन पर की थी शिकायत महिला असिस्टेंट प्रोफेसर के अनुसार, महेश तिवारी ने उन्हें कई महीनों से परेशान किया. उन्होंने बताया कि आरोपी एक दिन में 1000 से ज्यादा कॉल और 5000 से अधिक अश्लील मैसेज व फोटो भेज चुका है. इस उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने 12 मई 2025 को 1090 वीमेन हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन हेल्पलाइन ने चेतावनी देकर आरोपी को छोड़ दिया गया था. इसके बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और महिला प्रोफेसर को लगातार परेशान करता रहा. पीड़िता का कहना है कि 19 अगस्त की शाम जब वह OPD से निकलकर फैकल्टी अपार्टमेंट लौट रही थीं, तभी आरोपी उनका पीछा करते हुए उनके फ्लैट तक पहुंच गया. जब वह लिफ्ट का इंतजार कर रही थीं, इसी दौरान उन्हें आरोपी पास में खड़ा दिखा. इसके बाद महिला ने घबरा कर शोर मचा दिया, जिससे मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड्स तुरंत हरकत में आए और आरोपी को दबोच लिया और उसे पुलिस के हवाल कर दिया. पीड़िता ने इस घटना के संबंध में विभूतिखंड थाने में शिकायत दर्ज कराई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलित ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने बताया कि आरोपी महेश तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में पीड़िता को किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े.