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योगी सरकार की अनोखी पहल: पोषण पाठशाला से बच्चों की सेहत में सुधार

  – सतत विकास के लक्ष्यों के तहत स्टंटिंग को कम करने के लिए योगी सरकार का संकल्प – पोषण पाठशाला के माध्यम से माता-पिता को जागरूक कर रही योगी सरकार – प्रदेश में स्टंटिंग के खिलाफ खास रणनीति पर काम कर रही प्रदेश सरकार – 75 जिलों में 9.80 लाख से अधिक माप, स्टंटिंग उन्मूलन की दिशा में बड़ी शुरुआत लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में बच्चों में स्टंटिंग (नाटापन) और कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार 'संभव अभियान 5.0' के माध्यम से 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के तहत स्टंटिंग को कम करने का संकल्प लिया है। इस बार इस अभियान का केंद्र बिंदु स्टंटिंग के उन्मूलन को बनाया गया है, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधक है। बीते जुलाई माह से शुरू हुए इस अभियान ने पिछले एक माह में राज्यव्यापी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। साथ ही, 'पोषण पाठशाला' कार्यक्रम ने विश्व स्तनपान सप्ताह (1-7 अगस्त) की थीम 'स्तनपान में निवेश, भविष्य में निवेश' को साकार करते हुए माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। स्टंटिंग के खिलाफ खास रणनीति पर काम कर रही योगी सरकार योगी सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों के तहत स्टंटिंग को कम करना है, जिसके लिए ठोस नीतियां बनाई जा रही हैं। पोषण पाठशाला के माध्यम से योगी सरकार माता-पिता और अन्य अभिभावकों को जागरुक कर रही है। बच्चों के जीवन के पहले 1000 दिनों में अपर्याप्त पोषण के कारण स्टेंटिंग की समस्या होती है। इसे कम करने के लिए योगी सरकार ने 'छह माह, सात बार' रणनीति अपनाई है। इसके तहत छह माह से कम आयु के शिशुओं की नियमित निगरानी, बीमारी प्रबंधन, और माताओं को स्तनपान सहायता प्रदान की जा रही है। पहले छह माह में केवल स्तनपान और बाद में संतुलित आहार बच्चों के विकास को मजबूत करता है। इस दिशा में, 75 जिलों के 7,500 आंगनबाड़ी केंद्रों में 0-5 वर्ष की आयु के अविकसित बच्चों की माप के लिए कुल 9.80 लाख से अधिक कार्य किए गए हैं। प्रदेश में पहली बार एक साथ स्टंटिंग मापन अभियान चलाया गया इन केंद्रों में अविकसित बच्चों की निगरानी के लिए 7,500 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो सघन ग्रोथ मॉनिटरिंग और न्यूट्रिशन ट्रैकिंग सुनिश्चित कर रहे हैं। बीते 14-15 जुलाई को पूरे प्रदेश में पहली बार एक साथ स्टंटिंग मापन अभियान चलाया गया, जिसमें नोडल अधिकारियों ने बच्चों के एंथ्रोपोमेट्रिक माप (लंबाई, वजन) का सत्यापन किया। स्टंटिंग की वास्तविक स्थिति को समझने और डेटा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए राज्यव्यापी स्टंटिंग वैलिडेशन अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में सभी विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास सेवा के संयुक्त प्रयासों से चयनित गांवों में बच्चों की निगरानी की गई हैं। यह पहल समय रहते हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। बीते वर्षों में स्टंटिंग के आंकड़ों में सुधार दर्ज हुआ है। 'पोषण पाठशाला' के माध्यम से मिला प्रशिक्षण विश्व स्तनपान सप्ताह (1-7 अगस्त) के अवसर पर शुरू की गई 'पोषण पाठशाला' ने माताओं को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने माताओं को स्तनपान और पोषक आहार के बारे में प्रशिक्षित किया। बताया गया कि पहले 1000 दिन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं संतुलित पोषण से स्टंटिंग को रोका जा सकता है। सघन निगरानी से संभव हो रहा स्टंटिंग की स्थिति का आकलन प्रत्येक जनपद में ब्लॉक और जनपद स्तर के 100 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो आंगनबाड़ी केंद्रों की सघन निगरानी कर रहे हैं। जिलाधिकारी मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित कर रहे हैं, जिसमें स्टंटिंग की स्थिति का आकलन किया जाता है। 'संभव अभियान 5.0' का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों में अतिगंभीर कुपोषण का चिन्हांकन, चिकित्सीय उपचार, और स्टंटिंग में कमी लाना है। इस अभियान ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन के प्रवेश द्वार के नए गुंबद का किया लोकार्पण

– सीएम ने विधान भवन के नये सभा मंडप, सभा कक्ष संख्या-15 और अतिविशिष्ट जलपानगृह का किया उद्धाटन – सीएम योगी ने मानूसन सत्र से पहले की सर्वदलीय बैठक, बैठक में सभी दल के विधायक रहे मौजूद – बैठक में वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, बसपा और कांग्रेस विधायक समेत कई लोग रहे उपस्थित लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले रविवार को विधान भवन के प्रवेश द्वार पर नए गुंबद, सभा मंडप का लोकार्पण किया। इसके अलावा नवीनीकृत सभा कक्ष संख्या-15 और अतिविशिष्ट जलपान गृह भी का उद्धाटन किया। साथ ही उन्होंने मानसून सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधान सभा अध्यक्ष ने सतीश महाना ने रविवार को मानूसन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ पक्ष और विपक्ष के तमाम नेता उपस्थित थे। इस दौरान कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, मंत्री संजय निषाद, आेम प्रकाश राजभर, कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह, विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" आदि मौजूद रहे।

रक्षाबंधन पर योगी सरकार का रिकॉर्ड, सिर्फ 2 दिन में 50 लाख यात्रियों ने की बस यात्रा

  प्रदेश की लाखों बहनों ने उठाया योगी सरकार की निशुल्क यात्रा का लाभ 8 अगस्त को 19.5 लाख, 9 अगस्त को 31.7 लाख यात्रियों ने किया सफर कुल यात्रियों में 70 प्रतिशत तक यात्री निशुल्क यात्रा सुविधा से हो रहे लाभान्वित तीन दिनों में 75 लाख से अधिक यात्रियों के यात्रा करने का अनुमान   लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं के लिए शुरू की गई निःशुल्क बस यात्रा योजना ने इस बार यात्री संख्या के नए कीर्तिमान बनाए हैं। तीन दिनों तक चलने वाली इस सुविधा को देखते हुए रात 12 बजे तक इसके 75 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड बनाने की संभावना है। परिवहन निगम के अनुसार इसमें 70 प्रतिशत तक वह यात्री हो सकते हैं, जिन्हें सरकार की ओर से निशुल्क यात्रा का लाभ दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने रक्षाबंधन के पर्व पर प्रदेश की माताओं और बहनों को बड़ी सौगात देते हुए 8 से 10 अगस्त तक परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा का तोहफा दिया है। इसमें महिलाओं के साथ एक सहयात्री को भी यह सुविधा दी जा रही है। 3 दिनों में 75 लाख यात्रियों के सफर का अनुमान परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर के अनुसार सामान्य दिनों में निगम की बसों में प्रतिदिन 14-15 लाख यात्री सफर करते हैं, लेकिन इस बार रक्षाबंधन पर्व के शुरुआती दो दिनों में ही यह आंकड़ा 50 लाख से अधिक पहुंच गया। इनमें लगभग 70 प्रतिशत महिला यात्री थीं, जिन्होंने मुख्यमंत्री योगी की ओर से दिए गए 66 घंटे के ‘सम्मान के तोहफे’ का लाभ लिया। एमडी सरवर ने बताया कि 8 अगस्त की सुबह 6 बजे से ही बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ रही। पहले दिन यानी 8 अगस्त को 19.5 लाख से ज्यादा लोगों ने यात्रा की, जो सामान्य दिनों की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक था। रक्षाबंधन के दिन 9 अगस्त को तो यह संख्या 31.7 लाख के पार पहुंच गई, जो सामान्य दिनों की तुलना में 210 प्रतिशत से अधिक रही। तीसरे दिन 10 अगस्त को दोपहर 12.50 बजे तक ही 13 लाख यात्री सफर कर चुके थे और रात 12 बजे तक यह संख्या 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इस तरह तीन दिनों में 75 लाख से अधिक लोग बसों में यात्रा करेंगे, जो परिवहन निगम के इतिहास में अभूतपूर्व संख्या है। चलाई गईं अतिरिक्त बसें, तैनात रहे सभी कर्मचारी उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार 8 अगस्त सुबह 6 बजे से 10 अगस्त मध्यरात्रि 12 बजे तक महिलाओं और बेटियों के लिए सभी श्रेणी की रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस अवधि में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें चलाई गईं और समस्त अनुबंधित बसों को भी संचालन में लगाया गया। प्रमुख बस स्टेशनों — गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, लखनऊ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर एवं इटावा — पर यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए विशेष ड्यूटी और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई। उन्होंने यह भी बताया कि चालक-परिचालकों को प्रोत्साहन राशि देने की योजना लागू की गई है, जिसमें 1800 किलोमीटर संचालन पूर्ण करने पर 1200 रुपए का भुगतान और 6 दिनों तक लगातार कार्य करने पर अतिरिक्त 0.55 रुपए प्रति किलोमीटर दिया जाएगा। वहीं तकनीकी कर्मचारियों को भी प्रतिदिन उपस्थित रहने पर एकमुश्त 500 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। संचालन व्यवस्था बेहतर बनाए रखने वाले कार्मिकों और पर्यवेक्षकों को भी ₹5000 प्रति स्टेशन के हिसाब से सम्मानित किया जाएगा। बहनों ने योगी भाई को दिया धन्यवाद इस सुविधा का लाभ पाने वाली प्रदेश की लाखों महिलाओं ने इस तोहफे के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की यह पहल सिर्फ एक यात्री सुविधा नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सम्मान का प्रतीक है, जिससे न केवल रक्षाबंधन पर्व की खुशियां बढ़ी हैं, बल्कि करोड़ों महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक यात्रा का भरोसा भी मिला है। झांसी बस डिपो से यात्रा करने वाली संध्या ने कहा कि योगी सरकार ने यह अच्छा कदम उठाया है। इससे महिलाओं को काफी अच्छा महसूस हो रहा है। मुरादाबाद बस डिपो पर महिला यात्री जीतू ने कहा कि इस पहल से लाखों बहनों को लाभ हो रहा है, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हार्दिक शुक्रिया। योगी सरकार की सुविधा का लाभ हिंदु समुदाय के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय की बहनों ने भी उठाया। उन्होंने भी एक सहयात्री के साथ निशुल्क यात्रा की और योगी सरकार का धन्यवाद दिया। विगत 8 वर्षों में 1.23 करोड़ बहनों को मिला मुफ्त सफर का लाभ 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू हुई रक्षाबंधन पर माताओं-बहनों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की योजना बीते आठ वर्षों में नारी सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन गई है। इन 8 वर्षों में  1,23,30,194 महिलाओं को इसका लाभ मिला है, जिसके लिए सरकार ने 101.42 करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ वहन किया। इन वर्षों में 2023 में सर्वाधिक 29 लाख से अधिक महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की। यह सुविधा खासकर ग्रामीण, पिछड़े और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए “सम्मान का तोहफा” साबित हुई है, जिससे उन्हें सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक यात्रा का अवसर मिला। रक्षाबंधन को भावनात्मक और पारिवारिक जुड़ाव के साथ मनाने का यह अनूठा प्रयास दर्शाता है कि योगी सरकार महिला कल्याण को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे ज़मीन पर उतारकर महिलाओं की गरिमा और सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है।

योगी सरकार का लक्ष्य 2027 तक फाइलेरिया मुक्त हो उत्तर प्रदेश, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान शुरू

– सीएम योगी के निर्देश पर 27 जिलों में जनप्रतिनिधियों व सीएमओ ने किया अभियान का आगाज – 28 अगस्त तक स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर खिलाएंगे दवा, दवा जरूर खाएं और खुद के साथ समुदाय को बीमारी से बचाएं लखनऊ,  योगी सरकार प्रदेश को वर्ष 2027 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। इसी के तहत प्रदेश में रविवार से 27 जिलों के 195 ब्लाॅक में लिम्फेटिक फाइलेरियासिस के उन्मूलन के प्राथमिक उद्देश्य से व्यापक सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान शुरू किया गया। इन जिलों में जनप्रतिनिधियों ने दवा खाकर अभियान की शुरुआत की। सामुदायिक भागीदारी के महत्व को समझते हुए, योगी सरकार ने कई विभागों को शामिल करते हुए सहयोगात्मक प्रयास की योजना बनाई है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर व्यापक जन सहयोग सुनिश्चित करने और एमडीए अभियान की अंतिम सफलता सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अभियान से जोड़ा गया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप अभियान को सफल बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इस उद्देश्य अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों का पालन करे और उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करे। इसके अतिरिक्त, मिशन निदेशक ने सभी सहयोगी विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। ये दिशा-निर्देश अभियान के कार्यान्वयन के दौरान एकीकृत और सुसंगत दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए तैयार किए गए हैं। जन सहभागिता रणनीति का एक प्रमुख पहलू स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शामिल करना है, जो दी जाने वाली दवा की सुरक्षा और प्रभावशीलता के बारे में जनता की किसी भी चिंता या आशंका को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। फाइलेरिया की रोकथाम में बच्चे और गुरू जी निभाएंगे अहम भूमिका शिक्षा विभाग विभिन्न स्कूल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाकर इस अभियान में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। शिक्षक छात्रों को फाइलेरिया की रोकथाम के बारे में शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस शिक्षा को दैनिक दिनचर्या में शामिल किया जाएगा, जहां शिक्षक प्रार्थना सभाओं के दौरान फाइलेरिया की रोकथाम के महत्व को समझाएँगे। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य एमडीए अभियान में अभिभावकों की भागीदारी और समर्थन को प्रोत्साहित करना है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग भी अभियान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी के प्रसार में सक्रिय रूप से शामिल है। यह जानकारी राशन की दुकानों पर रणनीतिक रूप से साझा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आबादी के एक बड़े हिस्से तक पहुंच हो। अभियान का उद्देश्य उन परिवारों को अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है जो इस अभियान से हिचकिचा रहे हैं। 15 साल बाद दिखाई देते हैं फाइलेरिया के लक्षण प्रमुख सचिव ने अभियान के महत्व को रेखांकित किया है और इस बात पर ज़ोर दिया है कि यह फाइलेरिया के दुर्बल करने वाले प्रभावों के विरुद्ध महत्वपूर्ण निवारक उपाय है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अभियान की सफलता व्यापक जनभागीदारी और सहयोग पर निर्भर करती है। फाइलेरिया, संक्रमित क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलने वाला रोग है, जिसके लक्षण अक्सर सूजन और दूधिया पेशाब आने के काफी समय बाद, आमतौर पर 10-15 साल बाद दिखाई देते हैं। हालाँकि फाइलेरिया वर्तमान में लाइलाज है, लेकिन पाँच साल तक दी जाने वाली वार्षिक दवा इस रोग की शुरुआत को प्रभावी ढंग से रोक सकती है। 35 हजार से अधिक औषधि प्रशासक और 7 हजार से अधिक पर्यवेक्षक किये गये तैनात एमडीए अभियान औरैया, बहराइच, बलरामपुर, बस्ती, चंदौली, देवरिया, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशाम्बी, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, महाराजगंज, मिर्जापुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, श्रावस्ती, रायबरेली और सुल्तानपुर में चलेगा। इसके लिए 35483 औषधि प्रशासक (डीए) और 7096 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। 195 ब्लॉकों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सूचना एवं संचार तकनीक सामग्री भेज दी गई है और यह सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सूक्ष्म योजनाएँ बनाई गई हैं कि 195 ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठकें हुई हैं और तैयारियों का जायजा लिया गया है। किसी भी गंभीर प्रतिकूल दवा प्रभाव से निपटने के लिए 390 त्वरित प्रतिक्रिया दल तैयार किया गया है। इस व्यापक कार्यान्वयन का उद्देश्य आबादी के एक बड़े हिस्से को फाइलेरिया के खतरे से बचाना है।

गऊ माता की कृपा से समृद्धि का रास्ता: यूपी के लिए सीएम योगी का विजन

  एक गाय के गोबर से 5500 किलोमीटर बिना प्रदूषण फैलाए चलेगी कार एक गोवंश के गोबर से सालाना 225 लीटर पेट्रोल के बराबर मीथेन होगी तैयार रफ्तार पकड़ेगी अर्थव्यवस्था : स्वरोजगार से लाखों की होगी कमाई, बड़ी संख्या में पैदा होंगे नए तौर तरीके के रोजगार निराश्रित गोवंश से प्रदेश में हर दिन औसतन 54 लाख किलोग्राम गोबर (गोमेय) प्राप्त होता है प्रदेश में पहली बार गऊ माता से मिल रहे गोमेय का किया जा रहा इतना व्यापक रूप से प्रयोग लाखों ग्रामीण युवाओं को रोजगार और महिलाओं को लघु उद्यम से जोड़ने की तैयारी, योगी सरकार को मिलेगा राजस्व लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन और गऊ माता की कृपा से अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था नई रफ्तार पकड़ने जा रही है। प्रदेश में पहली बार गाय के गोबर से इतने बड़े पैमाने पर मीथेन तैयार की जाएगी, जो वाहनों को लंबी दूरी तक चलाने के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार और हरित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। विशेषज्ञों का कहना है कि एक गाय के गोबर से सालाना 225 लीटर पेट्रोल के बराबर मीथेन गैस तैयार होगी। इसे शुद्ध कर सीबीजी में बदला जाएगा, जिससे एक कार 5500 किलोमीटर से भी अधिक दूरी तय कर सकेगी। गोबर को सीबीजी संयंत्रों में प्रोसेस किया जाएगा उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश से रोजाना औसतन 54 लाख किलोग्राम गोबर प्राप्त होता है। इस गोबर को सीबीजी संयंत्रों में प्रोसेस किया जा सकेगा, जिसका इस्तेमाल मीथेन बनाने से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में खाना पकाने, लघु उद्योगों में हीटिंग ईंधन और प्राकृतिक खेती में जैविक घोल के रूप में किया जाएगा। इससे लाखों रुपये तक की सालाना कमाई संभव होगी। कचरे से कंचन' की अवधारणा को मिलेगा बढ़ावा गो सेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि यह 'मीथेन फार्मिंग' आने वाले समय में जीवाश्म ईंधनों का विकल्प बन सकती है। यह योजना 'कचरे से कंचन' की अवधारणा को बढ़ावा दे रही है, जो परिवहन और हरित अर्थव्यवस्था के लिए प्रभावी ईंधन उपलब्ध कराएगी। डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि एक गोवंश के गोबर से तैयार मीथेन प्राकृतिक गैस का ही एक रूप है, जो पर्यावरण अनुकूल और किफायती भी है। हिंदी में कीवर्ड्स सीएम योगी विजन गऊ माता की कृपा वन ट्रिलियन इकोनॉमी यूपी गाय का गोबर सीबीजी 5500 किलोमीटर कार मीथेन गैस उत्पादन गोबर से सीबीजी संयंत्र ग्रामीण रोजगार योजना यूपी कचरे से कंचन अवधारणा हरित ईंधन उत्तर प्रदेश

मैनपुरी में शॉर्ट सर्किट से फैक्ट्री में भीषण आग, मशरूम प्लांट जलकर खाक

मैनपुरी  मैनपुरी के बेवर क्षेत्र के करपिया गांव में शनिवार देर रात सात मंजिला मशरूम प्लांट में भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सात मंजिला था मशरूम प्लांट कपिलमुनि कोल्ड स्टोर में करीब चार साल से कपिल मुनि एग्रो फूड्स के नाम से मशरूम प्लांट संचालित हो रहा था। यहां सात मंजिलों में करीब 700 ब्लॉक बनाए गए थे, जहां मशरूम उत्पादन किया जाता था। इसका संचालन मनोज कुमार सिंह बैस करते हैं। शनिवार रात करीब 12:30 बजे आग लगी, जिसकी जानकारी रविवार सुबह लगभग 5 बजे ग्रामीणों ने प्लांट से उठता धुआं देखकर दी।   पुलिस अधिकारी और दमकल मौके पर मौजूद सूचना पर एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह, एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती प्रयासों के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और इटावा जिलों से दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं। जलकर स्वाह हुआ पूरा प्लांट प्लांट स्वामी मनोज कुमार सिंह के अनुसार, आग में मशरूम के बैग और गोदाम में रखी पूरी सामग्री जलकर खाक हो गई। रक्षाबंधन के कारण उस समय मजदूर अवकाश पर थे, जिससे आग की सूचना समय से नहीं मिल पाई। दमकल टीमें लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं।  

अचानक भड़की आग ने मशरूम प्लांट को किया राख, वजह बना शॉर्ट सर्किट

मैनपुरी. बेवर क्षेत्र के गांव करपिया में संचालित सात मंजिला मशरूम प्लांट में शनिवार की देर रात शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई। रविवार सुबह आग की लपटें देख ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। प्लांट संचालक की सूचना पर एएसपी नगर और सीओ सिटी ने दमकल टीमों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। विकराल आग को बुझाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए आसपास के जिलों से भी दमकल की गाड़ियों को बुलाकर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्लांट स्वामी ने आग लगने के कारण करोड़ों रुपये के नुकसान का अंदेशा जताया है। काेल्ड स्टोर में चार साल से चल रहा था मशरूम प्लांट बेवर क्षेत्र के गांव करपिया स्थित कपिलमुनि कोल्ड स्टोर में करीब चार साल से कपिल मुनि एग्रो फूड्स के नाम से मशरूम प्लांट का संचालन हो रहा है। इस सात मंजिला प्लांट में मशरूम उत्पादन के लिए करीब सात सौ ब्लाक बनाए गए हैं। इसका संचालन मनोज कुमार सिंह बैस करते हैं। शनिवार देर रात साढ़े 12 बजे के करीब शार्ट सर्किट से प्लांट में आग लग गई। इसकी जानकारी रविवार की सुबह लगभग पांच बजे स्थानीय ग्रामीणों ने प्लांट से धुआं निकलते देखकर दी। सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं  सूचना पाकर एएसपी नगर अरुण कुमार सिंह, एसडीएम भोगांव संध्या शर्मा, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। जहां टीम ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद अधिकारियों ने फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर और इटावा जिले से दमकल वाहनों को बुलाया। टीम में अभी भी आग बुझाने में जुटी हुई हैं। आग में जल गए मशरूम के बैग वहीं प्लांट मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आग के कारण उनके मशरूम के बैग सहित गोदाम में रखी मशरूम आदि सब कुछ जल गया है। जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। रक्षाबंधन होने के कारण प्लांट में काम करने वाले मजदूर अवकाश पर थे। इसलिए आग लगने के बारे में समय से जानकारी नहीं मिल सकी थी।   

एक नाम, दो वोटर कार्ड— तेजस्वी का डिप्टी CM पर गंभीर आरोप

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में दो वोटर आईडी कार्ड वाले विवाद को लेकर सियासत काफी गर्म है। दरअसल बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पास दो ईपिक नंबर होने की जब बात सामने आई थी तब चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव को खत लिख इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। अब राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर बड़ा आरोप लगाया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के नाम से दो वोटर आईकार्ड है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि लखीसराय और पटना के वोटर लिस्ट में विजय सिन्हा का नाम है और तो क्या प्रशासन या चुनाव आयोग उन्हें नोटिस भेजेगा? रविवार को अपने सरकारी आवास एक पोलो रोड में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास दो मतदाता पहचान पत्र है। एक लखीसराय तो दूसरा पटना का मतदाता पहचान पत्र है। अगर विजय सिन्हा ने खुद फॉर्म नहीं भरा तो आयोग बताए कि उनका दो जगह पहचान पत्र कैसे बना। दिलचस्प यह है की दोनों कार्ड में उनकी उम्र भी अलग-अलग है। इससे साफ है कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया फर्जीवाड़ा है।

नई AI तकनीक से PM आवास योजना में धोखाधड़ी पर लगाम, नकली आवेदकों की होगी पहचान

मुरादाबाद मुरादाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों का चयन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए होगा, जहां जिला प्रशासन ने बताया है कि 44533 नए आवेदनों की जांच एआई के माध्यम से होगी। एआई सैटेलाइट इमेजिंग और लोकेशन ट्रैकिंग से यह परखेगी कि पोर्टल पर डाले गए घरों की तस्वीरें असली हैं या नहीं। सभी आवेदनों की सत्यता जांचने के बाद आखिर में एआई ही यह तय करेगा कि किन लोगों को आवास मिलना चाहिए और किन लोगों को नहीं। इस तरह की जांच से योजना में गड़बड़ी की गुंजाइश ना के बराबर रहेगी, साथ ही झूठा दावा करने वालों की छुट्टी हो जाएगी। एआई का फायदा यह होगा कि अगर किसी ने पक्के मकान में रहते हुए कच्चे मकान की फोटो दिखाकर योजना का लाभ लेने की कोशिश की है, तो यहां एआई तुरंत पकड़ लेगा और उसका आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। पूरी तरह निष्पक्ष होगी जांच इसको लेकर परियोजना निदेशक, डीआरडीए, निर्मल कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच में कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिनके पास पहले से पक्का मकान है लेकिन योजना का लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक ऐसे लोगों को लिस्ट से बाहर कर दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल व निष्पक्ष होगी और अंतिम सूची https://awaasplus.nic.in पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। तीन चरणों में होगी जांच एआई की यह जांच तीन चरणों में होगी, जहां पहले चरण में ग्राम स्तर पर बनाई गई टीमें जांच करेंगी। इसमें सहायक विकास अधिकारी, अवर अभियंता और बोरिंग टेक्नीशियन शामिल हैं। इनका काम गांव-गांव जाकर सत्यापन करना है और 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट देनी है। दूसरे चरण में ब्लॉक रिपोर्ट के आधार पर जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम दस्तावेजों और जमीनी तथ्यों का पुनः मूल्यांकन करेगी। तीसरे और आखिरी स्टेज में एआई तकनीक के जरिए फोटो व लोकेशन मिलान के आधार पर गलत सूचनाएं देने वालों को छांटा जाएगा और असली लाभार्थियों को लिस्ट में जोड़ा जाएगा।

अब राज्य कर विभाग के अधिकारी करेंगे ज्यादा काम, आने वाला है बड़ा बदलाव

मथुरा राज्य कर विभाग में सात अधिकारियों के निलंबन के बाद कार्य प्रभावित है। पहले ही अधिकारियों की कमी से जूझ रहे राज्य कर विभाग में अब जिम्मेदारियां वितरित किए जाने की तैयारी है। अवकाश पर गए कुछ अधिकारियों को कार्यभार संभालने के लिए वापस बुलाया जा रहा है। शेष बचे सहायक आयुक्त, उपायुक्त व राज्य कर अधिकारियों को अतिरिक्त चार्ज देने की मंजूरी हाईकमान से मांगी गई है। राज्य कर विभाग में उत्पीड़न के आरोपों पर खंड एक के उपायुक्त कमलेश कुमार के साथ प्रकरण की जांच कर रहे छह और जीएसटी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। निलंबित किए अधिकारियों में चार उपायुक्त, दो सहायक आयुक्त व एक सीटीओ शामिल हैं। बड़ी संख्या में अधिकारियों के निलंबन से राज्य कर विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। दो मोबाइल टीमें, एक एसआइबी इकाई व तीन खंड खाली हो गए हैं। कर वसूली के साथ प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारी कार्य को सुचारू कराने के लिए रिक्त हुए पदों की जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को दे रहे हैं। अवकाश पर गए अधिकारियों को वापस बुलाया गया है। डीसी प्रशासन सुनील को खंड एक के डीसी कमलेश कुमार का अतिरिक्त चार्ज देने की तैयारी है। खंड पांच के डीसी संजीव कुमार की जिम्मेदारी डीसी प्रद्युम्न गुप्ता को दी जाएगी। एसी पूजा गौतम की जिम्मेदारी नीलेश को दी जा रही। अन्य अधिकारियों को भी खाली हुए पदो पर संयोजित किया जा रहा है। संयुक्त आयुक्त कार्यपालक राज्य कर विभाग रमेश सिंह ने बताया कि जब तक नए अधिकारी नहीं मिल जाते शेष अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा रही है। अलीगढ़ कार्यायल को अधिकारियों को सूची भेज दी गई है। अनुमति मिलते ही संबंधित अधिकारियों को चार्ज दे दिया जाएगा।