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अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग स्कॉलरशिप योजना को हरी झंडी, यूपी के छात्र कर सकेंगे UK में मास्टर्स

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विदेश में पढ़ाई का सपना देख रहे मेधावी छात्रों को बड़ी सौगात दी है। अब प्रदेश के होनहार छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (UK) में मास्टर डिग्री के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना समेत कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा दो सप्लीमेंटरी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। स्कॉलरशिप योजना को मंजूरी कैबिनेट ने ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना’ को हरी झंडी दी। इस योजना के तहत हर साल प्रदेश के पांच मेधावी छात्रों को UK के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में एक साल की मास्टर्स डिग्री के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। यूपी सरकार देगी UK में मास्टर्स के लिए स्कॉलरशिप, कैबिनेट ने दी मंजूरी इस योजना को यूके के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) के सहयोग से चलाया जाएगा। लाभार्थियों का चयन यूपी सरकार और एफसीडीओ के बीच होने वाले एमओयू के तहत किया जाएगा। खर्च का ब्योरा     प्रति छात्र कुल खर्च: 38,048 पाउंड से 42,076 पाउंड (लगभग ₹40 लाख)     राज्य सरकार का योगदान: 19,800 पाउंड (करीब ₹23 लाख)     शेष राशि एफसीडीओ द्वारा वहन की जाएगी     खर्च में शामिल: ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, शोध शुल्क, मासिक भत्ता, और आने-जाने का हवाई किराया (इकोनॉमी क्लास) कब से लागू होगी योजना? यह छात्रवृत्ति योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी और तीन साल तक (2025-26, 2026-27, 2027-28) प्रभावी रहेगी। 2028-29 के लिए योजना को जारी रखने हेतु 30 मार्च 2028 तक नवीनीकरण करना होगा। अब ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की गई घरौनी को संपत्ति का वैध दस्तावेज माना जाएगा। इसके आधार पर बैंक लोन भी लिया जा सकेगा लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई। प्रदेश के 62 जिलों में खराब राजकीय नलकूपों के रीबोर का प्रस्ताव पास किया गया। FRBM एक्ट की सीमा 3 से बढ़ाकर 3.5 कर दी गई। राज्य में दो नए निजी विश्वविद्यालयों को स्थापित करने की अनुमति दी गई है। यूपी सरकार के ये फैसले शिक्षा, ग्रामीण विकास और अधोसंरचना सुधार की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। खासकर चिवनिंग स्कॉलरशिप योजना के जरिए प्रदेश के मेधावी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सपने साकार करने का अवसर मिलेगा।

मौर्य की बढ़ी परेशानी, कोर्ट ने दिए FIR के आदेश, जानिए क्या है मामला

वाराणसी  उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें करने का नाम नहीं ले रही हैं. वर्ष 2023 में रामचरितमानस और तुलसीदास जी पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश कोर्ट ने दिया है. मामले की शिकायत वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट में की गई थी. जिसपर वाराणसी के कैंट थाने में मौर्य के खिलाफ 156(3) के तहत मुकदमा पंजीकृत करके विवेचना शुरू करने का आदेश थाना प्रभारी को दिया गया है.   दरअसल, 22 जनवरी 2023 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक टीवी चैनल पर दिए इंटरव्यू में कहा था कि रामचरितमानस को तुलसीदास ने अपनी प्रसन्न्ता के लिए लिखा था. यह सब बकवास है. सरकार को इसे बैन कर देना चाहिए. इसी बयान को लेकर उनपर एफआईआर दर्ज करने का आदेश हुआ है.    गौरतलब है कि मौर्य अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. कई मौकों पर उन्होंने हिंदू, सनातन और ब्राह्मणों को लेकर विवादित टिप्पणी की. इस क्रम में बीते दिन उनपर रायबरेली में हमला भी हुआ था. आरोपी का कहना था कि वो मौर्य द्वारा ब्राह्मणों, हिंदुओं पर दिए गए बयान से खफा था. हालांकि, मौर्य समर्थकों ने हमलावार को जमकर पीटा था और पुलिस के हवाले कर दिया था.  फिलहाल, वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी एमएलए कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ सुसंगत धाराओं में वाराणसी के कैंट थाने में 156(3)के तहत मुकदमा पंजीकृत करके थाना प्रभारी को विवेचना शुरू करने का आदेश दे दिया है. इससे मौर्य की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.   मामले में उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष और पेशे से वकील अशोक कुमार ने वाराणसी के कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था. अक्टूबर 2023 में इस प्रार्थना पत्र को खारिज भी कर दिया गया था, लेकिन रिवीजन दाखिल करने के बाद पुनः वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश गुरुवार को दिया है. 

रेलवे का बड़ा कारनामा: 4.5 किमी लंबी मालगाड़ी ने यूपी से दौड़ लगाकर रचा नया इतिहास

चंदाैली पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू मंडल) ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी 'रुद्रास्त्र' का सफल संचालन किया है। यह अब तक भारतीय रेल की सबसे लंबी मालगाड़ी बन गई है। सात अगस्त 2025 को दोपहर 2:20 बजे, डीडीयू मंडल के गंजख्वाजा स्टेशन से ‘रुद्रास्त्र’ को गढ़वा रोड के लिए रवाना किया गया। यह अभूतपूर्व मालगाड़ी छह खाली बॉक्सन रेक को जोड़कर तैयार की गई, जिसमें कुल 354 वैगन और सात इंजन लगाए गए। ट्रेन ने पहले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर और फिर भारतीय रेल के सामान्य ट्रैक पर सफर किया। ‘रुद्रास्त्र’ के सफल संचालन से यह साबित होता है कि डीडीयू मंडल सिर्फ संचालन नहीं बल्कि नवाचार में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह मॉडल भविष्य में भारतीय रेल की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा दे सकता है। क्या है ‘रुद्रास्त्र’? ‘रुद्रास्त्र’ नामक यह सुपर लॉन्ग मालगाड़ी डीडीयू मंडल की नवाचार और क्षमता निर्माण की नई पहल है। आमतौर पर इस तरह की रेकें अलग-अलग चलाई जाती हैं, लेकिन इन्हें एक साथ जोड़कर चलाना प्रबंधन दक्षता, समय की बचत, और मार्ग की अधिकतम उपयोगिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। डीडीयू मंडल की भूमिका डीडीयू मंडल भारतीय रेल के अहम माल परिवहन केंद्रों में से एक है, जो विशेष रूप से धनबाद मंडल को कोयला और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में सहयोग करता है। यहां से खाली मालगाड़ियों को जांच और मरम्मत के बाद समय पर भेजा जाता है। ‘रुद्रास्त्र’ की प्रमुख विशेषताएं     लंबाई: 4.5 किलोमीटर     कुल रेक: 6 बॉक्सन रेक     कुल वैगन: 354     इंजन: 07     शुरुआत बिंदु: गंजख्वाजा स्टेशन (डीडीयू मंडल)     गंतव्य: गढ़वा रोड (सोननगर से होकर) अन्य उपयोगिता     6 मालगाड़ियों को एक साथ चलाकर ट्रैक की अधिकतम क्षमता का उपयोग     समय और संसाधनों की बचत (चालक दल, मार्ग योजना आदि)     माल ढुलाई की गति और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि     रेलवे के कार्बन फुटप्रिंट को घटाने में सहायक  

अमेठी में CRPF जवान की संदिग्ध मौत, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

अमेठी  जिले के रामगंज स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात महाराष्ट्र के जवान की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान खड़गे अमोलदास (24) के रूप में हुई है। वह महाराष्ट्र के बुलडाना जिले के अलंद गांव का रहने वाला था। गुरुवार दोपहर सुल्तानपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सीआरपीएफ के जवान अपने साथी को लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जवान को देखते ही मृत घोषित कर दिया। कई दिनों से डिप्रेशन में था जवान साथी जवानों ने बताया कि खड़गे अपने रूम में था, जहां उसने यह कदम उठाया। वह घरेलू मामलों को लेकर कई दिनों से डिप्रेशन में था। जवान स्पोर्ट्स कोटे से सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। नगर कोतवाल धीरज कुमार ने बताया कि जवान को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छानबीन में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलने के बाद सीआरपीएफ के जवान बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचित कर दिया है। मामले की छानबीन जारी है।

नोएडा से हरदोई पहुंचे शूटर, कांवड़ियों के वेश में एसओजी ने किया पीछा और किया एनकाउंटर

सीतापुर पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की आठ मार्च को हुई हत्या के मामले में आखिरकार पुलिस को सफलता मिल गई। जेल भेजे गए तीन आरोपियों से पूछताछ में दो शूटरों के नाम सामने आए थे। करीब पांच माह की मेहनत के बाद एसओजी व एसटीएफ शूटरों का मूवमेंट ट्रैक कर सके। एसओजी टीम सावन में कांवड़ियों के वेश में घूमी। इसी टीम ने बृहस्पतिवार भोर करीब 4:30 बजे दोनों के हरदोई से पिसावां की ओर मूवमेंट की जानकारी दी। पुलिस टीमों ने घेराबंदी की और मुठभेड़ में शूटरों को ढेर कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार 8 मार्च को वारदात के बाद से ही एसओजी की स्वॉट, सर्विलांस और नारकोटिक्स टीमें शूटरों की तलाश में जुट गईं। शूटरों के नोएडा के एक इलाके में होने की जानकारी मिली थी। हत्याकांड से '8' अंक का खास नाता राघवेंद्र की हत्या में आठ अंक का अजब संयोग है। आठ मार्च को उनकी हत्या हुई। राघवेंद्र की हत्या से लेकर शूटरों के एनकाउंटर तक आठ ही गोलियों का इस्तेमाल हुआ। चार गोलियां राघवेंद्र को लगीं और चार ही गोलियों में दोनों शूटर भी ढेर हो गए। राघवेंद्र की बाइक का नंबर भी 8005 है। आठवें महीने में पुलिस ने आरोपियों को मार गिराया। आठ अगस्त को ही शूटरों का अंतिम संस्कार होगा। नाजिमा से शादी कर कृष्ण गोपाल तिवारी बन गए थे करीम खान अटवा निवासी 95 वर्षीय रामप्रसाद शुक्ला ने बताया कि शूटरों के पिता कृष्ण गोपाल तिवारी को नाजिमा से प्रेम हो गया था। नाजिमा के प्यार में पड़ कर उन्होंने अपना नाम करीम खान रख लिया था। कृष्ण गोपाल ने नाजिमा से विवाह नहीं किया था। बस दोनों साथ रहते थे। दोनों से तीन पुत्र संजय, राजू व राहुल हुए। पुत्री की मौत हो गई थी। टीम को मिलेगा सवा लाख का इनाम एसपी सीतापुर अंकुर अग्रवाल का कहना है कि एसओजी व एसटीएफ की संयुक्त टीम को अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन की ओर से 50 हजार रुपये, आईजी रेंज की ओर से 25 हजार रुपये व मेरी ओर से 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सभी को सम्मानित किया जाएगा। राघवेंद्र हत्याकांड में यह दोनों शूटर पुलिस के लिए चुनौती थे। यह पुलिस टीम के लिए बड़ी कामयाबी है।  

यूपी: राखी पर्व पर महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा, सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की परंपरा इस साल भी जारी है. परिवहन विभाग की ओर से 8 से 10 अगस्त तक रोडवेज बसों में महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही प्रत्येक महिला के साथ आने वाले एक सहयात्री को भी बिना टिकट यात्रा की छूट दी गई है, यह सुविधा रोडवेज व नगरीय बस सेवा की बसों में मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार अगस्त को बताया था कि हमारी सरकार ने तय किया है, 'रक्षाबंधन' के पावन अवसर पर (8-10 अगस्त) उ.प्र. राज्य सड़क परिवहन निगम और नगर विकास की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा बहन-बेटियों को देने जा रहे हैं. यह पहल 2017 में शुरू हुई थी, जब रक्षाबंधन पर बहनों को आर्थिक बोझ से मुक्त रखते हुए अपने घर या भाइयों के पास पहुंचने का अवसर देने के लिए सरकार ने रोडवेज में मुफ्त सफर का ऐलान किया था. सरकार की ओर से जारी आकंड़ों के मुताबिक आठ साल में इस योजना के तहत 1.23 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभ ले चुकी हैं. इस दौरान परिवहन निगम ने टिकटों के रूप में 101 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च खुद वहन किया. यात्रा की अवधि और नियम अवधि: 8 अगस्त की मध्यरात्रि से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक लाभार्थी: सभी आयु वर्ग की महिलाएं और बालिकाएं अतिरिक्त लाभ: प्रत्येक महिला के साथ एक सहयात्री का टिकट भी माफ लागू बसें: साधारण, जनरथ और कुछ अन्य श्रेणियां रक्षाबंधन पर यात्रा का सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक पर्व पर महिलाओं की सुविधा के लिए शुरू हुई यह योजना अब एक सामाजिक परंपरा बन गई है. शुरुआत में इसे केवल एक दिन के लिए लागू किया जाता था, लेकिन समय के साथ यात्रा की अवधि और लाभार्थियों की संख्या बढ़ी. आंकड़ों के अनुसार, 2017 में लगभग 11 लाख महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ लिया, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 29 लाख से अधिक हो गई. 2022 में भी 22 लाख से ज्यादा यात्रिणियों ने मुफ्त सफर किया. परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अवधि में बसों की संख्या और रूट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाती है, ताकि भीड़ के कारण किसी को असुविधा न हो. सुरक्षा के मद्देनज़र संवेदनशील रूटों पर पुलिस या होमगार्ड के जवान भी तैनात किए जाते हैं. ग्रामीण और दूरदराज की महिलाओं को सबसे अधिक लाभ इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में रहने वाली महिलाओं को मिलता है, जहां से बड़े शहरों तक की यात्रा का किराया कई बार उनकी सामर्थ्य से अधिक होता है. मुफ्त बस सेवा के कारण वे न सिर्फ भाइयों के पास राखी बांधने जा सकती हैं, बल्कि त्योहार के दिन बिना आर्थिक चिंता के वापसी भी कर पाती हैं. सहयात्री के लिए भी राहत इस बार की घोषणा में महिलाओं के साथ एक सहयात्री के टिकट माफ करने का प्रावधान भी चर्चा में है. कई मामलों में महिलाएं छोटे बच्चों या वृद्ध परिजनों के साथ यात्रा करती हैं, जिनका किराया पहले अलग से देना पड़ता था. यह बदलाव कई परिवारों के लिए सुविधा और बचत दोनों लेकर आया है. हालांकि, यह छूट केवल चुनिंदा बस श्रेणियों में ही लागू होगी, ताकि राजस्व पर अनावश्यक दबाव न पड़े.

बाराबंकी में दर्दनाक हादसा, चार महिलाओं समेत पांच की मौत

बाराबंकी बाराबंकी जिला मुख्यालय से नौ किलोमीटर दूर हैदरगढ़ मार्ग पर रोडवेज की अनुबंधित बस पर गूलर का पेड़ गिर गया। पेड़ बस के अगले हिस्से पर गिरा। हादसे में चार महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई। एक महिला की पहचान शहर के मोहल्ला गुलरिया गार्दा की निवासी शिक्षा मेहरोत्रा (53) के रूप में हुई है। तीन अन्य महिलाओं की आयु 40 से 45 साल के मध्य है। पेड़ काटकर लोगों को निकाला गया। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस में 40 लोग सवार थे। हादसे के बाद कई यात्री खिड़की से कूदकर निकले। बारिश के दौरान हुए हादसे के कारण राहत व बचाव कार्य में देर लगी। सवारियां लेकर बाराबंकी से हैदरगढ़ जा रही बस पर करीब साढ़े 10 बजे जैदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरख में स्थित राजा बाजार के पास पेड़ गिर पड़ा। पेड़ इतनी तेज गिरा कि बस के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश के बीच में पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। बस के अंदर फंसे लोगों की चीख-पुकार दिल को दहला देने वाली थी। पेड़ काटने का काम वन विभाग के कर्मचारियों ने किया। ग्रामीण सहयोग में लगे रहे।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: जनरल कोच में भी मिलेगा ताजा खाना, कीमत होगी बेहद कम

रायबरेली रेल यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर! अब सिर्फ एसी कोच ही नहीं, जनरल कोच के यात्रियों को भी ट्रेन में सफर के दौरान ताजा और पौष्टिक खाना मिलेगा। केवल 80 रुपये खर्च कर आप ट्रेन में ही गर्मागरम शाकाहारी थाली का स्वाद ले सकेंगे। यह सुविधा रायबरेली से शुरू हो रही है और आगे देशभर में लागू की जाएगी। रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्री भी ट्रेन में ही पौष्टिक और स्वादिष्ट खाना पा सकेंगे। पहले यह सुविधा सिर्फ एसी कोच तक सीमित थी, लेकिन अब भारतीय रेलवे की सहयोगी संस्था आईआरसीटीसी (IRCTC) और टच स्टोन फाउंडेशन के बीच हुए समझौते के तहत जनरल कोच के यात्रियों को भी यह सेवा दी जा रही है। यह सुविधा सबसे पहले रायबरेली से शुरू की गई है, और जल्द ही इसे अन्य स्टेशनों व ट्रेनों में भी विस्तार दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था में यात्रियों को 80 रुपये में शाकाहारी थाली मिलेगी, जिसमें पूरी न्यूट्रिशन का ध्यान रखा गया है। इस थाली में क्या-क्या मिलेगा? यात्रियों को 2 पराठे या 4 रोटियां (100 ग्राम), 150 ग्राम चावल, 150 ग्राम दाल या सांभर, 100 ग्राम मौसमी सब्जी और 80 ग्राम दही परोसा जाएगा। यह खाना न केवल स्वादिष्ट होगा, बल्कि पूरी तरह से संतुलित और ताजगी से भरपूर भी होगा। रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खाना पर्यावरण अनुकूल थालियों में परोसा जाए, ताकि प्लास्टिक के उपयोग को कम किया जा सके। यह पहल न केवल खाने की गुणवत्ता को बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन पर मिलने वाले स्टैंडर्ड वेज मील की कीमत 70 रुपये है, लेकिन अगर यात्री ट्रेन में बैठकर खाना मंगवाते हैं, तो उन्हें सिर्फ 80 रुपये खर्च करने होंगे। यह सेवा खासतौर पर जनरल कोच में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो अब तक स्टेशनों पर उतरकर खाने की तलाश करते थे या फिर सफर में कम गुणवत्ता वाले खाने पर निर्भर रहते थे। अब उन्हें सफर के दौरान ही संतुलित, साफ-सुथरा और गर्म भोजन मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनेगी।

आयुष्मान कार्ड वालों के लिए जरूरी खबर: समय सीमा तय, नहीं तो छूट जाएगा लाभ

बदायूं आयुष्मान योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार प्रदान किया जाता है। इन बुजुर्गों का कार्ड बन चुका है, लेकिन उन्हें इसे नवंबर से पहले अपडेट कराना आवश्यक है। कार्ड के अपडेट होने के बाद ही लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई आयुष्मान योजना का उद्देश्य है कि लोगों को इलाज के लिए किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। वर्तमान में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। जिन लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड नवंबर से पहले बन चुका है, उन्हें इसे जल्द अपडेट कराना चाहिए। साथ ही, जिन बुजुर्गों ने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, वे भी इसे जल्द बनवाएं। कार्ड जिला पुरुष और महिला चिकित्सालय में बनाए जा रहे हैं।  

भारी टैरिफ से तिलमिलाईं मायावती: अमेरिका की चाल से भारत को झटका, चिंतन और जवाब जरूरी!

लखनऊ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर कुल 50 प्रतिशत का शुल्क (टैरिफ) लगाए जाने को लेकर देश में भी राजनीति गरमा गई इस मुदे को लेकर विपक्ष विपक्ष सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहा है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ब्रिक्स देश ब्राज़ील की तरह ही भारत पर भी कुल मिलाकर 50 प्रतिशत का भारी भरकम टैरिफ (शुल्क) लगाकर अमेरिका ने जो भारत को आघात पहुंचाने का प्रयास किया है। टैरिफ लगाकर देश को कमजोर करने की कोशिश कर रहा अमेरिका उसे भारत सरकार ने अपने संयमित बयान में ’अनुचित, अन्यायपूर्ण व अविवेकी’ बताया है, किन्तु देश की जनता डोनाल्ड ट्रम्प का ’मित्र’ देश भारत के प्रति इसे प्रथम दृष्टया विश्वासघाती एवं देश को कमज़ोर करने वाला कदम ज़्यादा मानती है। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुएए कहा कि जिससे निपटने के लिए सभी को पूरी परिपक्वता दिखाते हुये राजनीतिक स्वार्थ, संकीर्णता, मतभेद एवं द्वेष आदि से ऊपर उठकर, दीर्घकालीन रणनीति के तहत्, देश में पूरे अमन-चैन और कानून व्यवस्था के अच्छे माहौल के साथ पूरी मुस्तैदी से कार्य करना ज़रूरी है। देश के सामने बड़ी चुनौती देश के सामने आई इस बड़ी चुनौती पर गंभीर चिन्तन के लिए सम्बंधित विषय पर वर्तमान संसद सत्र में चर्चा हो तो यह जन व देशहित में बेहतर होगा, किन्तु केन्द्र व राज्य सरकारें अगर आन्तरिक संकीर्ण मुद्दों में ही अधिकतर उलझी रहेंगी तो यह कैसे संभव हो पायेगा? वैसे इस बारे में यहाँ उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. की राजनीति हमेशा से देश के मानवतावादी संविधान की मंशा के मुताबिक ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की रही है, किन्तु यहाँ देश में केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच आपसी अविश्वस के कारण जो राजनीतिक टकराव और खींचतान आदि लगातार बनी हुई है वह अब समाप्त होना चाहिए, यही व्यापक जन व देश हित में है। भारत पर अमेरिका ने कुल शुल्क 50 प्रतिशत लगाया  पिछले सप्ताह घोषित 25 प्रतिशत शुल्क के अतिरिक्त राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को भारत पर रूसी तेल की खरीद को लेकर 25 प्रतिशत शुल्क और लगा दिया, जिससे भारत पर कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है और यह अमेरिका द्वारा किसी भी देश पर लगाए गए सबसे अधिक शुल्कों में से एक है। यह अतिरिक्त शुल्क 21 दिन बाद यानी 27 अगस्त से प्रभावी होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा और इसके लिए वह कोई भी कीमत चुकाने को तैयार है। 50 प्रतिशत का एकमुश्त शुल्क 3.75 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ बढ़ेगा आप को बता दें कि भारत का अमेरिका को निर्यात लगभग 7.51 लाख करोड़ रुपये (2024) है और 50 प्रतिशत का एकमुश्त शुल्क 3.75 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ डालेगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "हमारे कई क्षेत्र जैसे – एमएसएमई, कृषि, डेयरी इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रत्न एवं आभूषण, दवा उत्पादन और जैविक उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद और सूती कपड़े, सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।" उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार को समझ नहीं आ रहा कि इससे कैसे निपटा जाए। खरगे ने यह भी कहा, "आप (प्रधानमंत्री) इस विदेश नीति की तबाही के लिए 70 साल की कांग्रेस को भी दोष नहीं दे सकते। चीन, तुर्की भी रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं अमेरिका, यूरोपीय संघ, चीन, तुर्की भी रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं। ट्रंप का भारत पर निशाना साधना दिखाता है कि वह हमारी बांह मरोड़ रहे हैं। चीन को 90 दिनों की राहत मिली है, लेकिन भारत को नहीं।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत को तय करना है कि वह किसके साथ राजनयिक संबंध रखना चाहता है। अब, भारत को भी कुछ तय करना होगा।