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लखपति दीदी: 18 हजार से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, गांवों की अर्थव्यवस्था को दे रहीं मजबूती

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले में ‘लखपति दीदी’ अभियान ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जहां 18 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध जशपुर की महिलाएं अब खेती, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और लघु उद्यमों के माध्यम से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। गांव-गांव में सक्रिय कृषि सखियां और पशु सखियां किसानों तक आधुनिक तकनीक और उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी पहुंचाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर रही हैं। जिले में वर्तमान में 12 हजार 808 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 1 लाख 37 हजार 912 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सामूहिक प्रयासों से ये महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 से 2027 तक जशपुर जिले में 30 हजार 877 ‘लखपति दीदी’ तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 18 हजार 218 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं, जबकि शेष महिलाओं को भी आगामी वर्षों में इस श्रेणी में लाने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के लिए ‘बिहान’ योजना के माध्यम से व्यापक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसके तहत लगभग 14 करोड़ रुपये मुद्रा लोन, 76 करोड़ रुपये बैंक लिंकेज और 13 करोड़ रुपये सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सहायता दी गई है। साथ ही लगभग 70 हजार महिलाओं को कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसके अतिरिक्त करीब 8500 संभावित लखपति दीदियों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया है और उनकी आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए निगरानी भी की जा रही है। महिलाएं डेयरी, बकरी पालन, पोल्ट्री और फूड प्रोसेसिंग जैसे व्यवसायों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं। उल्लेखनीय है कि महिलाओं को नई तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने के उद्देश्य से 23 से 25 मार्च 2026 तक कृषि महाविद्यालय, कुनकुरी में ‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’ का आयोजन किया जा रहा है, जो महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। जशपुर की यह पहल दर्शाती है कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार, गांव और पूरे राज्य की प्रगति सुनिश्चित होती है।  

नालंदा परिसर के निर्माण से बस्तर के छात्रों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं : वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण से बस्तर के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगम क्षेत्रों में ऐसे परिसर बनाए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। केदार कश्यप ने आज शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर जगदलपुर में प्रस्तावित ‘नालंदा परिसर’ का विधिवत भूमिपूजन किया। इस नालंदा परिसर का निर्माण लगभग 11 करोड़ 59 लाख की लागत से किया जाएगा, जिसमें 500 सीटर बैठक व्यवस्था, 24 घंटे सातों दिन पढ़ने की सुविधा, वाई फाई, पार्किंग और गार्डन की सुविधा रहेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि युवाओं से समय का सदुपयोग करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया। महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में नालंदा परिसर के निर्माण से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को भी काफी सुविधा होगी। नालंदा परिसर में स्मार्ट लाइब्रेरी व स्टडी जोन होगा। हजारों किताबों के संग्रह के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ई-बुक एक्सेस करने की भी सुविधा होगी। स्मार्ट लर्निंग पर फोकस होगा। 24X7 वाईफाई और इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को यहां मिलेगी। सिविल सर्विसेज के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, क्लैट की तैयारी के साथ मैथ्स ओलिंपियाड के लिए भी किताबें यहां होगी। नालंदा परिसर का निर्माण धरमपुरा क्षेत्र में हो आपके विधायक किरण देव लगातार प्रयासरत रहे। नालंदा परिसर के निर्माण से हमारे आने वाली पीढ़ी को शिक्षा क्षेत्र में लाभ होगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार की मंशा है कि शिक्षा का स्तर बढ़ाना है।           इस अवसर पर स्थनीय विधायक किरण देव ने कहा कि आज के हमारे युवा साथी भारत वर्ष की नींव है। बस्तर के युवा नालंदा परिसर में पढ़ाई कर अपना भविष्य खुद तय करेंगे। उन्होंने कहा कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय विश्व की ख्यातिप्राप्त संस्था रही है और इसी अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न निकायों में निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि यह परिसर बस्तर के छात्रों की बहुप्रतीक्षित मांग थी, जहां विद्यार्थी 24 घंटे अध्ययन कर सकेंगे और अपने भविष्य को संवार सकेंगे। उन्होंने नालंदा परिसर के निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।          कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, ब्रेवरेज कार्पाेरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, प्रोफेसर एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  

खेल प्रतिभा का महाकुंभ: छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की धूम, खिलाड़ियों का गर्मजोशी से किया स्वागत

रायपुर,      खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आगमन शुरू हो गया है, जिससे प्रदेश में खेल उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार शाम असम से तैराकी के 10 खिलाड़ी और तमिलनाडु से 17 फुटबॉल खिलाड़ियों का दल रायपुर पहुंचा।        खिलाड़ियों के स्वागत में स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पारंपरिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और SAI के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया।आयोजन के तहत 23 मार्च को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। यह पहली बार है जब इस स्तर का आदिवासी खेल आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।        यह भव्य प्रतियोगिता रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से लगभग 3,000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग जैसे सात खेलों में पुरुष और महिला वर्गों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे।      छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर है, बल्कि जनजातीय संस्कृति और खेल भावना के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बनेगा।

तंत्र की नाकामी: उपचार के अभाव में दम तोड़ गया लकड़बग्घा

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरु घासीदास नेशनल पार्क के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते एक लकड़बग्घे की इलाज के अभाव में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह मामला जिले के बिहारपुर क्षेत्र के मकराद्वारी का है, जहां बीमार और घायल अवस्था में लकड़बग्घा जंगल में भटकता हुआ मिला था। बताया जा रहा है कि जंगल में लगी आग के कारण वह अपने प्राकृतिक आवास से बाहर भटक रहा था और बीमार होने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। स्थानीय स्तर पर मौजूद वन अमले ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। बताया जा रहा है कि वन्यजीव चिकित्सक छुट्टी पर था, लेकिन इसके बावजूद पार्क प्रबंधन द्वारा किसी वैकल्पिक डॉक्टर या इलाज की व्यवस्था नहीं की गई। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण लकड़बग्घा तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना यह कोई पहली घटना नहीं है। ठीक एक महीने पहले इसी नेशनल पार्क में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया था, जिसकी समय पर रेस्क्यू और इलाज नहीं होने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। लगातार वन्यजीवों की मौत के मामलों के बाद अब स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित इलाज और बचाव कार्य किया जाता तो इन बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती थी। मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम बद्दो में किया भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का भूमिपूजन

11.49 करोड़ रुपए की नहर परियोजना से 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ 770 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित, किसानों की आय में होगी वृद्धि      रायपुर,  चैत्र नवरात्रि पंचमी की पावन तिथि के अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत वनांचल ग्राम बद्दो में किसानों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने 11.49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले भोरमदेव सकरी फीडर नहर विस्तारीकरण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 6 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। कार्यक्रम में पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नन्द श्रीवास, राम किंकर वर्मा, लोकचंद साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।     इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तार से क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। इस नहर से खेतों तक पानी आसानी से पहुंचेगा और खेती में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि 770 हेक्टेयर जमीन को स्थायी सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल अच्छी होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसे काम करना है जिससे किसानों का जीवन बेहतर हो। उन्होंने कहा कि इस बड़ी परियोजना की शुरुआत यह दर्शाती है कि वर्तमान सरकार वनांचल क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक भी विकास की योजनाएं पहुंचे और वहां के लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके।      उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भोरमदेव सकरी फीडर नहर के विस्तारीकरण कार्य को सफल बनाने के लिए जन सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएं तभी समय पर और बेहतर तरीके से पूरी हो पाती हैं, जब स्थानीय लोगों, विशेषकर किसानों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह नहर उनके ही हित में बनाई जा रही है। सभी गांवों के किसानों की सहभागिता और सहयोग से ही इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जब जनभागीदारी के साथ विकास कार्य होते हैं, तो उनका लाभ भी लंबे समय तक और प्रभावी रूप से मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो और गांव-गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं और अनेक कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। योजना से बहुउद्देशीय लाभ        इस योजना से 635 हे. क्षेत्र में सिंचाई की कमी की पूर्ति सहित 770 हेक्टेयर रूपांकित क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई होगी। असिंचित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर कृषि भूमि की दरों में उन्नयन होगा। नहरों के सर्विस बैंक निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही, सिंचाई सुविधा मिलने से किसान अब एक से अधिक फसल लेने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह योजना क्षेत्र के किसानों के लिए दीर्घकालीन रूप से लाभकारी साबित होगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी। योजना से लाभन्वित ग्राम परियोजना के पूर्ण होने पर बाघुटोला, लाटा, खिरसाली, बद्दो, रघ्घुपारा एवं छपरी सहित कुल 6 ग्रामों के किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। इस नहर विस्तारीकरण के माध्यम से लगभग 770 हेक्टेयर कृषि भूमि में खरीफ सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे इन गांवों के किसानों को समय पर पानी उपलब्ध होगा, जिससे फसलों की पैदावार में वृद्धि होगी।    

छत्तीसगढ़ में इतिहास रचा: पहली नौकायान स्पर्धा में 52 टीमों ने दिखाया जलवा, विजेता बना लाखपति

धमतरी प्रदेश में पहली बार गंगरेल बांध की शांत और मनोरम जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ, जिसमें मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी तय करते हुए प्रतिभागियों ने अद्भुत संतुलन, गति और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता स्थल पर दर्शकों में उत्साह और रोमांच का अद्वितीय संगम देखने को मिला। धमतरी, कांकेर और बालोद के कुल 52 टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरा। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक ओमकार साहू, महापौर रामू रोहरा और पूर्व विधायक रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस दौरान कलेक्टर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र ठाकुर और अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। महिला प्रतिभागियों ने बढ़ाया आयोजन का गौरव इस प्रतियोगिता की सबसे खास विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की चयन बाई, सुमन और दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी संदेश दिया। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका साहस और आत्मविश्वास सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रदान किए गए पुरस्कार और ट्रॉफी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को पुरस्कार और ट्रॉफी प्रदान किए गए:     प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 4 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद) – ₹1,00,000     द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 1 (सत्वंत मंडावी एवं मिथलेश मंडावी, कोलियारी) – ₹50,000     तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी, तिर्रा) – ₹25,000 इसके अतिरिक्त, बोट क्रमांक 6 (पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद, तिर्रा) को वेशभूषा पुरस्कार दिया गया, जबकि बोट क्रमांक 8 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद, सटी यारा) को सजावट पुरस्कार के रूप में सम्मानित किया गया, और दोनों के लिए ₹11,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं, जिला प्रशासन ने महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके लिए ₹15,000, ₹10,000 और ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की घोषणा की। विधायक ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और जल पर्यटन को नई पहचान देगा। महापौर रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में खेल और साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मत्स्य विभाग ने 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए, जिससे मत्स्य व्यवसाय में सहायता मिलेगी। इसके अलावा, वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया। पर्यटन और विकास को मिलेगी नई दिशा गौरतलब है कि ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति और खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

किराना दुकान के बाहर झगड़ा बना गोलीकांड: पामगढ़ में रिटायर्ड फौजी की पिस्टल से युवक जख्मी

जांजगीर-चांपा जांजगीर-चांपा जिले के थाना पामगढ़ क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। विकास नगर निवासी शैलेंद्र साहू अपने कुछ साथियों के साथ हिमांशु किराना स्टोर के पास पहुंचे और वहां कथित रूप से गाली-गलौज करने लगे। दुकान संचालक हिमांशु श्रीवास ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और इसी दौरान हिमांशु श्रीवास के भाई रिटायर्ड फौजी गुलशन श्रीवास ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली पंकज कश्यप के जांघ के पास पैर में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल पंकज कश्यप को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पामगढ़ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिलासपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी गुलशन श्रीवास, जो रिटायर्ड आर्मी सिग्नल कोर का हवलदार बताया जा रहा है, उसके भाई के साथ हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।  

जल जीवन मिशन के तहत मोहनटोला में जल उत्सव, एमसीबी ने जल संरक्षण का संकल्प लिया

एमसीबी : जल संरक्षण का संकल्प: जल जीवन मिशन के तहत मोहनटोला में भव्य जल उत्सव, लोगों ने लिया जिम्मेदारी निभाने का संकल्प एमसीबी जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनटोला में 22 मार्च 2026 को विश्व जल दिवस, जल अर्पण दिवस एवं जल उत्सव पखवाड़ा का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं जनजागरूकता से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सशक्त पहल प्रस्तुत की। पंचायत भवन के समीप आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कार्यपालन अभियंता  आकाश पोद्दार के निर्देशन में तथा सहायक अभियंता जयंत कुमार चंदेल एवं उप अभियंता मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। जनपद अध्यक्ष  माया प्रताप सिंह, जनपद उपाध्यक्ष हीरा लाल मौर्य, जिला महामंत्री हिरा लाल यादव, जनपद सदस्य  रविन्द्र कुमार बैगा एवं देवेन्द्र कुमार सिंह सहित ग्राम पंचायत मोहनटोला के सरपंच  अमरबहादुर सिंह, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्य, जल बहिनियां, पंप ऑपरेटर एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों द्वारा जल जीवन मिशन विषय पर रंगोली बनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया गया। पूरे गांव में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को पानी के महत्व के प्रति सचेत किया गया। सोलर सिस्टम एवं नल कनेक्शन पर मौली धागा बांधकर उनके संरक्षण एवं जिम्मेदारी का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत, जल एवं स्वच्छता समिति, जल बहिनियों तथा पंप ऑपरेटरों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके कार्यों के प्रति सम्मान और प्रेरणा दोनों का संचार हुआ। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल जीवन मिशन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करते हुए स्वच्छ पेयजल के महत्व, जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता एवं नल-जल योजना के सफल संचालन में जनसहभागिता की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही पंचायती राज अधिनियम की अधिसूचना 6 दिसंबर 2024 के अनुसार न्यूनतम 60 रुपये जल शुल्क के नियमित भुगतान की अनिवार्यता को भी समझाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामवासी सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए जल स्रोतों का संरक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित करें, तो हर घर तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति संभव है। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों ने जल संरक्षण की शपथ ली और यह संकल्प लिया कि वे पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझेंगे, उसका संरक्षण करेंगे तथा समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे। ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय टीम के समन्वित प्रयासों से यह आयोजन उत्साह, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।

मंत्री केदार कश्यप का बयान: राज्य में वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए हो रहे निरंतर प्रयास

रायपुर : जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञों की चर्चा  विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित रायपुर विश्व वानिकी दिवस 21 मार्च के अवसर पर, वन विभाग और विभिन्न संगठनों द्वारा वन संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों में वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और सतत भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञ चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का जीवन प्रकृति पर आधारित है और राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वन क्षेत्र में वृद्धि, वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी और राज्य की पहली रामसर साइट की उपलब्धि की सराहना की। साथ ही विभागीय योजनाओं को लक्ष्य आधारित और चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में टीईआरआई नई दिल्ली द्वारा वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विमोचन किया गया।                विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा अरण्य भवन, नया रायपुर स्थित दण्डकारण्य सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड विकास मरकाम ने की। उन्होंने कहा कि वनों को न काटे न कटने दे ये सरकार और हम सभी समाज के लोगों का कर्तव्य भी है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।            अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि वनों की भूमिका को स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका से जोड़ते हुए जैव विविधता संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से जुड़े वित्तीय संसाधनों जैसे जीसीएफ, जीईएफ और अन्य योजनाओं के तहत परियोजनाएं तैयार करने पर जोर दिया।            कार्यशाला में तकनीकी सत्र और पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। तकनीकी सत्र में वनों से मिलने वाली पारिस्थितिकी सेवाओं पर प्रस्तुतीकरण, ग्रीन क्लाइमेट फंड परियोजनाओं की जानकारी तथा नाबार्ड द्वारा उपलब्ध वित्तीय सहायता के विकल्पों पर चर्चा की गई। वहीं, पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने वानिकी और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुकूलन कोष परियोजना से जुड़े हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।           उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” है, जिसका उद्देश्य वनों के आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व को उजागर करना है। यह कार्यशाला राज्य में वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का ऐलान: महतारी वंदन योजना के लिए पोर्टल फिर खोला जाएगा, छूटी महिलाओं को मिलेगा मौका

दुर्ग छत्तीसगढ़ की महिला बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि लोगों को हर चीज मंहगाई के हिसाब से नहीं देखनी चाहिए। मंत्री दुर्ग जिले के भिलाई में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंची थीं। मीडिया के सवालों का जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के संकट को वैश्निक चुनौती के कारण हो रहा है। मंत्री ने कहा- लोगों को हर चीज केवल महंगाई के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश इस समय वैश्विक चुनौतियों से गुजर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती से खड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए भी खुशशबरी दी। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं छूट गई हैं उन्हें इस योजना में शामिल किया जाएगा। तारीख तय नहीं पर नोम जोड़े जाएंगे मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा- सरकार महिलाओं के लिए विशेष योजना चला रही है। उन्होंने कहा कि यहां महिला आबादी को फोकस किया जा रहा है। अभी महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। जिन महिलाओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें भी जल्द जोड़ा जाएगा। पोर्टल दोबारा खोला जाएगा और सभी पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन नाम जोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। गैस सिलेंडर के दामों पर क्या बोलीं गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए कठिनाइयां सभी के जीवन में आती हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए बताया कि गैस सिलेंडर बाहर से आने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर परिस्थिति को संभालने में सक्षम हैं। थोड़ी दिक्कत जरूर है, लेकिन देश सुरक्षित है, यह सबसे बड़ी बात है। गैस के कीमत में वृद्धि अस्थाई है मंत्री ने कहा कि इन्हीं कठिन परिस्थितियों से आगे चलकर जीवन आसान बनता है और सिलेंडर के दाम में वृद्धि अस्थायी है। वहीं, धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर उन्होंने कहा कि यह कानून सर्वसम्मति से पारित हुआ है।