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पाथरी एनीकट निर्माण कार्य के लिए 3.32 करोड़ रूपए स्वीकृत

पाथरी एनीकट निर्माण कार्य के लिए 3.32 करोड़ रूपए स्वीकृत रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखण्ड-बकावण्ड की मारकण्डी नदी में ग्राम पाथरी के समीप पाथरी एनीकट निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 32 लाख 39 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने पर क्षेत्र में निस्तारी, पेयजल, भू-जल संवर्धन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 50 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और 30 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों के लिए सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना के निर्माण कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

31 एल्डरमैन की नियुक्ति, 3 जिलों के 8 निकायों में नई जिम्मेदारियां; राजनांदगांव निगम में 8 नाम शामिल

राजनांदगांव राज्य सरकार ने नगरीय निकायों में नामांकित पार्षदों (एल्डरमैन) की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस घोषणा के तहत तीनों जिलों के 8 निकायों में कुल 31 एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं, जिनमें 11 महिलाएं भी शामिल हैं। राजनांदगांव नगर निगम में कुल 8 एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं, जिनमें युवा चेहरों को प्राथमिकता दी गई है। नवनियुक्त सदस्यों में नागेश यदु, करूणा राजपूत, हर्ष रामटेके, सूर्यकांत श्रीवास, मंजू यादव, भीष्म देवांगन, कृति बोरकर और देवाशीष झा शामिल हैं। राजनांदगांव नगर निगम के अतिरिक्त अन्य नगरीय निकायों में भी एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। डोंगरगढ़ नगर पालिका में लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, जितेंद्र हिरवानी, सविता दरगड़, पूजा नामदेव और लक्ष्मी यादव को जिम्मेदारी मिली है। डोंगरगांव नगर पंचायत में 3 एल्डरमैन नियुक्त डोंगरगांव में गुलशन हिरवानी, दयानंद सेन और राजीव वैष्णव नियुक्त हुए हैं। छुरिया नगर पंचायत में संगीता यादव, गुरप्रीत सिंह भाटिया और नीतीश सिन्हा को एल्डरमैन बनाया गया है। एलबी नगर में राजेंद्र तिवारी, घमोतीन चंद्रवंशी और रेखराम यादव को नियुक्त किया गया है। छुईखदान नगर पंचायत में एल्डरमैन की नियुक्ति जबकि छुईखदान नगर पंचायत में राजू ऊके, किरण गुप्ता और अर्जुन महोबिया को जिम्मेदारी दी गई है। गंडई नगर पंचायत में टेकन देवांगन, राजेश जायसवाल और अशोक देवांगन, और अंबागढ़ चौकी नगर पंचायत में देव नारायण कुंभकार, सैयद अजहरूद्दीन और कुंजलता हरमुख को एल्डरमैन पद पर नियुक्त किया गया है।

CG Judicial Transfer: 17 न्यायिक अधिकारियों का ट्रांसफर, ओमप्रकाश जायसवाल बने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार

रायपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट प्रशासन ने राज्य की उच्च न्यायिक सेवा संवर्ग में एक बड़ा फेरबदल किया है। हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेश के 17 उच्च न्यायिक सेवा अधिकारियों का तबादला किया गया है। यह आदेश हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। ​इस प्रशासनिक फेरबदल में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गई हैं। ​महत्वपूर्ण नियुक्तियां: हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी के सचिव ओम प्रकाश जायसवाल को हाईकोर्ट में नया रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल बनाया गया है। वहीं, जगदलपुर के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत को जगदलपुर में ही स्पेशल जज एनआईए (NIA) कोर्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ​हाईकोर्ट और अकादमी में बदलाव: बलौदाबाजार के प्रधान जिला न्यायाधीश अब्दुल जाहिद कुरैशी को हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार विजलेंस नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, बलौदाबाजार के राकेश कुमार वर्मा को छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी बिलासपुर में एडिशनल डायरेक्टर और रूपनारायण पात्रे को हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी का सचिव बनाया गया है। ​जिलों के जिला न्यायाधीश बदले: सूरजपुर की प्रधान जिला न्यायाधीश विनिता वारनेर का तबादला बलौदाबाजार किया गया है, जबकि सूरजपुर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश थामस एक्का अब सूरजपुर के नए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश होंगे। इसके साथ ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार न्यायिक सुमित कपूर को रायपुर का जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है। ​इस फेरबदल में रायपुर, जगदलपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज और सारंगढ़ सहित कई जिलों के अतिरिक्त व जिला न्यायाधीशों के प्रभार बदले गए हैं, जिससे न्यायिक कामकाज को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर! बिलासपुर जोन की 5 ट्रेनें कई दिनों तक कैंसिल, सफर से पहले देखें पूरी सूची

बिलासपुर दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा से जुड़े काम के लिए 3 जुलाई से 17 नवंबर तक हर मंगलवार और शुक्रवार मेगा ब्लॉक रहेगा। इसका असर बिलासपुर जोन से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों पर पड़ेगा। मेगा ब्लॉक के कारण हैदराबाद-रक्सौल, टाटानगर-इतवारी-टाटानगर और बिलासपुर-टाटानगर-बिलासपुर समेत 5 प्रमुख ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में 20 से 40 दिन तक रद्द रहेंगी। कुछ ट्रेनें बीच रास्ते से चलाई जाएंगी। वहीं, कुछ का रूट बदला जाएगा और कई ट्रेनें तय समय से देरी से चल सकती हैं। रेलवे के मुताबिक, चक्रधरपुर मंडल के कंसबहाल और धारुआडीही सेक्शन में अप और डाउन लाइन पर ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा का काम किया जाएगा। इसी वजह से मेगा ब्लॉक किया जा रहा है। इसका असर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर गुजरने वाली ट्रेनों पर भी पड़ेगा। ऐसे में झारखंड, बिहार, तेलंगाना और महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों को सफर के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लेने की सलाह दी गई है।साउथ बिहार एक्सप्रेस बीच रास्ते तक ही चलेगी आरा-दुर्ग 13288 साउथ बिहार एक्सप्रेस तय तारीखों पर आरा से चलकर राउरकेला तक ही जाएगी। वहीं 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस दुर्ग के बजाय राउरकेला से रवाना होगी। यानी दोनों ट्रेनें दुर्ग और राउरकेला के बीच रद्द रहेंगी। 5 प्रमुख ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में रहेंगी रद्द मेगा ब्लॉक के कारण हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस, टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस, बिलासपुर-टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस समेत कुल पांच प्रमुख ट्रेनों का संचालन अलग-अलग तिथियों में 20 से 40 दिनों तक प्रभावित रहेगा। रेलवे ने बताया कि ट्रैक की सुरक्षा और भविष्य में सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह कार्य आवश्यक है। इन ट्रेनों के रद्द होने से झारखंड, बिहार, तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के हजारों यात्रियों को यात्रा की योजना बदलनी पड़ सकती है। चक्रधरपुर मंडल में होगा ट्रैक अपग्रेडेशन रेलवे के अनुसार चक्रधरपुर मंडल के कंसबहाल और धारुआडीही सेक्शन में अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रैक की मरम्मत, रखरखाव और सुरक्षा संबंधी कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों के लिए नियमित मेगा ब्लॉक लिया जाएगा ताकि भविष्य में ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाया जा सके। इसी वजह से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर गुजरने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। साउथ बिहार एक्सप्रेस बीच रास्ते तक ही चलेगी रेलवे ने बताया कि 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में आरा से राउरकेला तक ही संचालित होगी। वहीं 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस दुर्ग की बजाय राउरकेला से रवाना होगी। इसका मतलब है कि दुर्ग और राउरकेला के बीच दोनों दिशाओं में ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से बंद रहेगी, जिससे इस रूट के यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। कई ट्रेनों का बदला जाएगा रूट मेगा ब्लॉक के दौरान कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। 18478 ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों पर ईब–झारसुगुड़ा रोड–संबलपुर सिटी–कटक मार्ग से संचालित होगी। इसी तरह 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस भी कुछ विशेष दिनों में टाटानगर-गमहारीया के स्थान पर कांड्रा-सीनी मार्ग से होकर दुर्ग पहुंचेगी। इससे यात्रियों के यात्रा समय में भी बदलाव संभव है। यात्रियों को हो सकती है परेशानी, पहले जांचें ट्रेन का स्टेटस रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मेगा ब्लॉक की अवधि में कई ट्रेनों के समय में बदलाव, रूट डायवर्जन और आंशिक निरस्तीकरण की स्थिति बन सकती है। इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन जाने से पहले अपनी ट्रेन का अपडेट अवश्य जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके। विशेष रूप से झारखंड, बिहार, तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा योजना पहले से तैयार करने की सलाह दी गई है। इन ट्रेनों का बदलेगा रास्ता 18478 ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस तय तारीखों पर ईब-झारसुगुड़ा रोड-संबलपुर सिटी-कटक मार्ग से चलेगी। वहीं 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस कुछ विशेष तिथियों पर टाटा-गमहारीया की जगह कांड्रा-सीनी मार्ग से दुर्ग पहुंचेगी।

रायपुर: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की सौजन्य भेंट

रायपुर : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी से महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने की सौजन्य भेंट बस्तर संभाग में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पोषण सेवाओं के विस्तार एवं महिला सशक्तिकरण पर हुई सार्थक चर्चा  रायपुर  छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री माननीय श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से सौजन्य भेंट कर महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।     इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने हालिया बस्तर संभाग प्रवास की जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में किए गए निरीक्षणों, जनसंवाद कार्यक्रमों तथा जमीनी स्तर पर प्राप्त अनुभवों एवं निष्कर्षों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों में संचालित योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों एवं संभावनाओं की भी जानकारी दी।     बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, दूरस्थ क्षेत्रों में पोषण सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आंगनबाड़ी सेवाओं के विस्तार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण तथा आगामी जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के सफल संचालन को लेकर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई।     मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी का मार्गदर्शन एवं सुझाव प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को और अधिक प्रभावी, समावेशी एवं जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहना

रायपुर : कृत्रिम गर्भाधान से पशुधन विकास की मिसाल बना ग्राम पुरी कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहना कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहना रायपुर, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने धमतरी जिले के प्रवास के दौरान पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर पशुधन विकास विभाग द्वारा विकासखंड धमतरी के मुख्य ग्राम योजना अंतर्गत ग्राम पुरी स्थित पशु चिकित्सा संस्था मुख्य ग्राम इकाई में उन्नत वत्स प्रदर्शनी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर गायों को हरा चारा भी खिलाया । प्रदर्शनी में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से उत्पादित 42 उन्नत वत्सों (एफ-1 से एफ-3 पीढ़ी) का प्रदर्शन किया गया। मंत्री नेताम ने उन्नत नस्ल के इन वत्सों का अवलोकन कर विभाग द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाना किसानों और पशुपालकों की आय वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए पशुपालकों से संवाद किया तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा पशुधन विकास विभाग के संचालक चन्द्रकांत वर्मा, कलेक्टर अविनाश मिश्रा भी उपस्थिति थे।  ग्राम की सरपंच श्रीमती कुंती देवदास एवं दुग्ध सहकारी समिति के अध्यक्ष चिरौंजीलाल साहू ने बताया कि ग्राम पुरी में शत-प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से लगभग प्रत्येक परिवार डेयरी गतिविधियों से जुड़ चुका है। वर्तमान में ग्राम के दुग्ध संकलन केन्द्र में प्रतिदिन 500 लीटर से अधिक दूध का संकलन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राम पुरी अब वैज्ञानिक पशुपालन एवं डेयरी विकास का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रहा है। कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम गर्भाधान कार्य में सूचना-तंत्र के रूप में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले ग्राम के चरवाहों को मंत्री नेताम ने गमछा एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पाता है। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेतों में दवा के छिड़काव हेतु स्प्रे ड्रोन का पूजन-अर्चन कर मंत्री नेताम ने उसका प्रदर्शन भी किया। ड्रोन तकनीक के माध्यम से कम समय, कम लागत एवं अधिक दक्षता के साथ कृषि कार्य किए जाने की उपयोगिता से उपस्थित किसानों को अवगत कराया गया।

डॉ. आशा लकड़ा बोलीं- जनजातीय समाज के अधिकारों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर : जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग प्रतिबद्ध: डॉ. आशा लकड़ा जशपुर में जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक, समस्याएं और सुझाव सुने कहा- सभी वैध प्रकरणों का नियमानुसार होगा निराकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की होगी सतत निगरानी रायपुर, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने गुरुवार को जशपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ संवाद किया। बैठक में उन्होंने जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सभी वैध मामलों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय तथा छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का मूल उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना, उन्हें न्याय दिलाना तथा उनके हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का छत्तीसगढ़ प्रवास जनजातीय क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जनजातीय क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा भी करता है। जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो पाता, उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। डॉ. लकड़ा ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनके संघर्ष ने जनजातीय अधिकारों की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक आधार तैयार किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो अथवा अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ अन्याय, शोषण या अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं, तो आयोग ऐसे मामलों में गंभीरता से सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ अनुसूचित जनजाति के नागरिक और 725 से अधिक जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। इनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए वर्ष 2004 में संविधान के अनुच्छेद 338(क) के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया। आयोग अनुसूचित जनजातियों को प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षणों के क्रियान्वयन की निगरानी, शिकायतों की जांच तथा जनजातीय विकास योजनाओं की समीक्षा कर सरकार को आवश्यक सुझाव देता है। डॉ. लकड़ा ने कहा कि आयोग को जांच के दौरान दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियां प्राप्त हैं। आयोग आवश्यक होने पर किसी भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति को समन जारी कर सकता है, सार्वजनिक अभिलेख तलब कर सकता है तथा प्रकरणों की विधिवत सुनवाई कर सकता है। आयोग की अनुशंसाएं कार्रवाई प्रतिवेदन के साथ संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाती हैं। ऑनलाइन भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत डॉ. आशा लकड़ा ने जनजातीय समुदाय से अपनी शिकायतें एवं समस्याएं लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आयोग के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन दर्ज किए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को डायरी नंबर जारी किया जाता है, जिसके आधार पर प्रकरण की सुनवाई की जाती है। उन्होंने आवेदन करते समय पूरा पता, मोबाइल नंबर एवं पिनकोड सही ढंग से दर्ज करने की अपील की। बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के कंसल्टेंट एच.आर. मीणा एवं जे.पी. सिंह, सीनियर इन्वेस्टिगेटर श्रीमती सोनल राज, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

रायपुर: विकसित भारत-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : विकसित भारत-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति: मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े 125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान और ग्रामसभा आधारित कार्ययोजना से सशक्त होंगे गांव  जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावा रायपुर, विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी एवं सतत विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यह योजना ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान तथा ग्रामसभा आधारित कार्ययोजनाओं के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। यह बात महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विकसित भारत-जी रामजी योजना के शुभारंभ अवसर पर कही। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आजीविका संवर्धन, आधारभूत संरचना विकास तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं तथा इन क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों से ही स्थायी विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को पूर्व में उपलब्ध 100 दिनों के रोजगार के स्थान पर अब 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामसभाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन एवं अनुमोदन किए जाने से विकास कार्यों की प्रभावशीलता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि आधारित गतिविधियों तथा टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार होने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सभी संबंधित विभागों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विकसित भारत-जी रामजी योजना तथा ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान पर आधारित प्रेरणादायी लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने नशा मुक्त भारत और बाल विवाह उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ भी ली। मनरेगा के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

रायपुर: कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश, हर किसान तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, बढ़े आय और उत्पादन

रायपुर : कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दिए निर्देश: किसानों तक हर योजना का लाभ पहुंचे, बढ़े आय और उत्पादन रायपुर,  कृषि मंत्री रामविचार नेताम एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप ने गुरुवार को बीजापुर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में संचालित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों की आय में वृद्धि तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि मंत्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करते हुए नलकूप एवं कूप निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने तिलहन, दलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, हल्दी एवं गन्ना जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में पार्लर प्रोजेक्ट के तहत हल्दी की खेती, नारियल एवं ऑयल पाम के पौधारोपण तथा उद्यानिकी विभाग के लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। बीजापुर जिले में मक्का उत्पादन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना करते हुए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान विभागीय भूमि के बेहतर उपयोग, रबी फसलों विशेषकर गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, बीज उत्पादन कार्यक्रम, जैविक खेती तथा दलहन-तिलहन मिशन के प्रभावी संचालन पर विस्तार से चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने दंतेवाड़ा जिले में पिछले सात वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित जैविक खेती मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसानों को जोड़ने, सभी किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पात्र किसानों तक भी शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान पशुधन पोर्टल, टीकाकरण, मोबाइल वेटनरी यूनिट, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, बकरी पालन, सूकर पालन एवं उन्नत मादा पालन योजनाओं की प्रगति का परीक्षण किया गया। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में हैचरी विस्तार, मछली एवं झींगा पालन को बढ़ावा देने, किसान क्रेडिट कार्ड, एनएफडीपी पंजीयन तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मत्स्य पालकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे तथा निर्धारित लक्ष्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए। बैठक में छत्तीसगढ़ जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिलों के कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बम्हनीडीह के विकास की नई यात्रा का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बम्हनीडीह के विकास की नई यात्रा का किया शुभारंभ हसदेव नदी पर पुल, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय और सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन की घोषणा रायपुर स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र की सबसे सशक्त कड़ी है और नगर पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं को धरातल पर उतारने का प्रभावी माध्यम हैं। नवगठित नगर पंचायत बम्हनीडीह के प्रथम जनप्रतिनिधियों के कंधों पर केवल एक नगर के विकास की नहीं, बल्कि एक नई कार्यसंस्कृति और जनविश्वास की नींव रखने की जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह में नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश कुमार डडसेना एवं सभी पार्षदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें दायित्व सौंपा है, उसका प्रतिफल पारदर्शी प्रशासन, संवेदनशील कार्यशैली और विकास के रूप में दिखाई देना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बम्हनीडीह के विकास को नई गति देने वाली तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए दहिदा-बम्हनीडीह के बीच हसदेव नदी पर पुल निर्माण, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय तथा सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधासंपन्न बनाना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में विकास को नई गति देते हुए हर वर्ग के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को पक्के घर, किसानों को उनकी उपज का सम्मानजनक मूल्य, महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए आर्थिक संबल तथा युवाओं के लिए रोजगार और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल बड़े शहरों के विकास से नहीं, बल्कि बम्हनीडीह जैसे उभरते नगरों को सशक्त बनाने से होगा। राज्य सरकार ऐसे सभी नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, बेहतर नागरिक सेवाओं और सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बम्हनीडीह नगर पंचायत जनभागीदारी, सुशासन और विकास का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगी तथा आने वाले वर्षों में क्षेत्र की नई पहचान बनेगी। समारोह में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक किरण सिंह देव ने भी जनता को संबोधित किया।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, नारायण चंदेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।