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मध्यप्रदेश पुलिस की नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

मंदसौर, भोपाल देहात, अलीराजपुर एवं पांढुर्णा में 37 लाख रूपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त भोपाल प्रदेश को नशामुक्त बनाने तथा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन, विक्रय एवं खेती पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंदसौर, भोपाल देहात, अलीराजपुर एवं पांढुर्णा पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाइयों में एमडी ड्रग्स, डोडाचूरा एवं गांजे के पौधे जब्त कर अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की है। इन जिलों में पुलिस ने कार्रवाइयों के दौरान 37 लाख 16 हजार 500 रुपए मूल्य के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की है। मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अवैध खेती के मामलों में भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मंदसौर: 25 लाख रुपये की एमडी ड्रग्स सहित तस्करी में प्रयुक्त सामग्री जब्त ले के थाना भानपुरा पुलिस ने गरोठ-भानपुरा आम रोड पर कार्रवाई करते हुए 250 ग्राम एमडी ड्रग्स, जिसकी अनुमानित कीमत 25 लाख रुपए है, तथा 5 किलोग्राम डोडाचूरा, जिसकी कीमत 10 हजार है, जब्त किया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त बिना नंबर की मोटरसाइकिल एवं दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए। इस कार्रवाई में कुल 25 लाख 75 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। प्रकरण में मादक पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल देहात: एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपी गिरफ्तार भोपाल देहात के थाना परवलिया सड़क पुलिस ने मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 12.63 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 50 हजार रुपये है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन भी जब्त किए। इस कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 3 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है। अलीराजपुर: कपास की फसल के बीच गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश जिले में थाना सोंडवा सहित पांच थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने ग्राम छोटी हथवी के पटेल फलिया में कार्रवाई करते हुए खेत में कपास एवं अन्य फसलों के बीच उगाए जा रहे गांजे के पौधों की अवैध खेती का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मौके से गांजे के 280 पौधे जब्त किए, जिनका कुल वजन 142 किलोग्राम तथा अनुमानित कीमत 7 लाख 10 हजार रुपये है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पांढुर्णा: मकान के पीछे बाड़े में उगाए जा रहे गांजे के पौधे जब्त जिले के थाना मोहगांव पुलिस ने ग्राम डुड्डेवानी में एक मकान के पीछे स्थित बाड़े में उगाए जा रहे गांजे के पौधे को जब्त किया। जब्त पौधे का वजन लगभग 26.300 किलोग्राम तथा अनुमानित कीमत 1 लाख 31 हजार 500 रुपये है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन, विक्रय एवं खेती में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में की जा रही ऐसी कार्रवाइयों के माध्यम से न केवल अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी की जा रही है, बल्कि तस्करी में प्रयुक्त वाहनों एवं अन्य सामग्री को भी जब्त किया जा रहा है। पुलिस द्वारा प्रकरणों की विवेचना के दौरान मादक पदार्थों की आपूर्ति एवं वितरण से जुड़े नेटवर्क की पहचान करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।  

विगत 10 दिनों में विभिन्न जिलों में वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा चोरी गए वाहनों की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 10 दिनों में विभिन्न जिलों में पुलिस ने सक्रिय वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए 127 चोरी की गई मोटरसाइकिलें एवं 01 ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त की हैं। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना एवं संदिग्धों की सतत निगरानी के आधार पर की गई इन कार्रवाइयों में वाहन चोरी की अनेक वारदातों का खुलासा कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। खंडवा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा, 68 मोटरसाइकिलें जब्त खंडवा पुलिस ने मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर 61 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। तकनीकी साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मिले सुरागों के आधार पर की गई कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी चोरी के वाहनों को जंगल एवं सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे तथा बाद में उन्हें मोटरसाइकिल, स्क्रैप अथवा पार्ट्स के रूप में बेच देते थे। एक अन्य कार्यवाही में थाना मांधाता पुलिस ने एक वाहन चोर को गिरफ्तार कर 7 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख 10 हजार रुपये है। इस प्रकार खंडवा जिले में दोनों कार्रवाइयों में कुल 68 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। गुना- तीन आरोपी गिरफ्तार, 20 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त जिले के राघौगढ़ थाना पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये है। शिवपुरी- 10 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त शिवपुरी के कोतवाली थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। इन वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये है।  रतलाम- 6 मोटरसाइकिलें जब्त जिले के ताल थाना पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल का उपयोग कर अवैध जहरीली शराब की तस्करी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चोर गिरोह से 6 मोटरसाइकिलें जब्त की है। अन्य जिलों में भी वाहन चोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई वाहन चोरी के विरुद्ध कार्यवाही कर उज्जैन में 5 मोटरसाइकिलें एवं 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, छतरपुर में 5 मोटरसाइकिले, भोपाल में 4 मोटरसाइकिले, सिवनी में 4 मोटरसाइकिले, ग्वालियर में 2 मोटरसाइकिले तथा अशोकनगर, दतिया एवं खरगोन में 1-1 मोटरसाइकिल जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज एवं मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग करते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में की गई इन कार्रवाइयों से वाहन चोरी में संलिप्त आरोपियों की पहचान करने, गिरोहों की गतिविधियों का पता लगाने तथा चोरी गए वाहनों की बरामदगी में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी एवं अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम तथा इनमें संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी है।  

विगत दो सप्ताह में साइबर अपराधियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई

प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में साइबर ठगी के मामलों का खुलासा  अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े आरोपी गिरफ्तार ठगी की राशि होल्ड कराने से लेकर पीड़ितों को राशि वापस दिलाने तक पुलिस की प्रभावी कार्रवाई भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी बैंक खातों के दुरुपयोग, UPI फ्रॉड एवं ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जाने वाली ठगी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो सप्ताह में प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में साइबर अपराध से जुड़े प्रकरणों में आरोपियों की गिरफ्तारी, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा, ठगी की राशि को होल्ड कराने तथा पीड़ितों को राशि वापस दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल फुटप्रिंट, बैंकिंग ट्रांजेक्शन एवं मनी ट्रेल का विश्लेषण करते हुए पुलिस टीमों ने अलग-अलग राज्यों तक पहुंच बनाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कई मामलों में बैंकिंग संस्थानों से तत्काल समन्वय कर ठगी की राशि को होल्ड/फ्रीज कराया गया, जिससे पीड़ितों को उनकी राशि वापस दिलाने की कार्रवाई संभव हो सकी। बैतूल- 1 करोड़ 93 लाख रूपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी का आरोपी नागपुर से गिरफ्तार बैतूल बाजार पुलिस ने ऑनलाइन रोबोट्रेड एप्लीकेशन के माध्यम से हुई 1 करोड़ 93 लाख रूपए की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को नागपुर से गिरफ्तार किया। अनूपपुर- 91 लाख रूपए की साइबर ठगी में कानपुर से आरोपी गिरफ्तार, 14 लाख रूपए से अधिक की राशि पीड़ित को वापस थाना जैतहरी पुलिस ने 91 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी को कानपुर (उत्तरप्रदेश) से गिरफ्तार किया। आरोपी द्वारा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में निवेश कर अच्छा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर फरियादी से राशि ट्रांसफर कराई गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 34 लाख की राशि होल्ड कराई है। जबकि 14 लाख रूपए से अधिक की राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराई जा चुकी है। शेष राशि वापस कराने की कार्यवाही जारी है। प्रकरण में पूर्व में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मंदसौर-14 लाख रूपए की ठगी, हरियाणा से अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार मंदसौर पुलिस ने व्हाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन निवेश एवं अधिक मुनाफे का झांसा देकर लगभग 14 लाख रूपए की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान ठगी की लगभग 10 लाख रूपए की राशि को बैंक खाते में होल्ड/फ्रीज कराया गया। आरोपी से मनी ट्रेल एवं नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। शाजापुर – 2 लाख 60 हजार रूपए की साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने 2 लाख 60 हजार रूपए की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में ठगी की राशि ट्रांसफर कराने वाले नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों एवं संभावित आरोपियों की जांच जारी है। कटनी- 1 लाख 88 हजार रूपए की UPI ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार कटनी पुलिस ने 1 लाख 88 हजार रूपए की UPI साइबर ठगी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया। ग्वालियर- अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश ग्वालियर साइबर क्राइम विंग ने ऑनलाइन फ्रॉड के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में 01 लैपटॉप, 02 टैबलेट, 19 मोबाइल फोन, 17 एटीएम कार्ड, 04 पासबुक, 09 चेकबुक एवं 38 सिम कार्ड जब्‍त किए हैं। जांच में साइबर फ्रॉड नेटवर्क के दुबई, कंबोडिया एवं श्रीलंका से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं साइबर अपराधों में उनकी भूमिका की जांच जारी है। एक अन्य कार्रवाई में डेटिंग ऐप के माध्यम से ब्लैकमेलिंग एवं अवैध वसूली करने वाले 02 आरोपियों को क्राइम ब्रांच ग्वालियर ने मुरैना से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने होटल में बंधक बनाकर मारपीट कर तथा आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1 लाख 38 हजार की वसूली की थी। अशोकनगर- फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खुलवाकर अवैध लेन-देन करने वाला आरोपी गिरफ्तार अशोकनगर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खुलवाकर उसे अवैध लेन-देन में उपयोग करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में उक्त खाते से लाखों रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस द्वारा बैंक खाते के उपयोग, लेन-देन एवं उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। गुना-12 पीड़ितों की 1 लाख 77 हजार रूपए से अधिक की राशि वापस पुलिस ने साइबर ठगी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए NCRP पोर्टल की MRM प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित बैंक खातों पर तत्काल होल्ड लगवाया। बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय कर निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पुलिस ने 12 पीड़ितों से ठगी गई 1 लाख 77 हजार 402 रूपए की राशि को वापस कराया। देवास- 14 साइबर फ्रॉड मामलों में 80 हजार रूपए की राशि वापस देवास पुलिस द्वारा साइबर फ्रॉड से संबंधित 14 मामलों में 80 हजार रूपए की राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई में तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण, डिजिटल ट्रांजेक्शन की निगरानी, मनी ट्रेल की जांच, फर्जी बैंक खातों की पहचान, बैंकिंग संस्थानों से त्वरित समन्वय तथा NCRP/MRM प्रक्रिया का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन निवेश, अधिक मुनाफे, नौकरी, ट्रेडिंग अथवा अन्य किसी लालच में आकर अनजान व्यक्तियों को राशि ट्रांसफर न करें।

खरगोन में ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये की अवैध गांजा फसल पर बड़ी कार्रवाई, 60 क्विंटल से अधिक गांजे के पौधे जब्त

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं अवैध खेती के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत पांच दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई में स्मैक, डोडाचूरा, गांजा, एमडी ड्रग्स एवं ब्राउन शुगर सहित 3 करोड़ 91 लाख रुपये से अधिक कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त की हैं। इन कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस द्वारा ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत की गई कार्रवाई विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। खरगोन—दुर्गम एवं नो-नेटवर्क क्षेत्र में ऑपरेशन ‘प्रहार’, करीब 3 करोड़ रुपये की गांजा फसल पर बड़ी कार्रवाई खरगोन पुलिस ने ऑपरेशन ‘प्रहार’के तहत अवैध गांजे की खेती के विरुद्ध जिले की अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम जामली एवं ग्राम गुवाड़ा ठाटा फलिया में दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। दोनों स्थानशेडो एरिया (नो-मोबाइल-नेटवर्क जोन)में स्थित थे। पुलिस टीमों ने ड्रोन की मदद से खेतों की सर्चिंग की तथा नदी, पहाड़ी एवं दुर्गम रास्तों से होकर खेतों तक पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। ग्राम जामली से पुलिस ने 9,391 गांजे के पौधे, 3,765 किलोग्राम वजन, कीमत 1 करोड़ 88 लाख 25 हजार रुपयेतथा ग्राम गुवाड़ा ठाटा फलिया से 5,800 गांजे के पौधे, 2,209 किलोग्राम वजन, कीमत 1 करोड़ 10 लाख 45 हजार रुपयेके जब्त किए। इस प्रकार दोनों स्थानों से कुल 15,191 गांजे के पौधे, 5,974 किलोग्राम (59.74 क्विंटल) वजन एवं लगभग 2 करोड़ 98 लाख 70 हजार रुपये कीमतके गांजे के पौधे जब्त किए गए। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए हैं।  मंदसौर मंदसौर थाना दलौदा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 40 ग्राम अवैध स्मैक कीमत 4 लाख एवं 1.5 किलोग्राम डोडाचूरा कीमत 3 हजार सहित हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल कीमत 70 हजार एवं एंड्रॉयड मोबाइल कीमत 15 हजार जब्त किया। थाना भानपुरा पुलिस ने ग्राम धनकपुरा में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर मक्का के कट्टों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा 481 किलोग्राम 592 ग्राम डोडाचूरा कीमत 10 लाख रुपये तथा 30 लाख कीमत का टाटा ट्रक जब्त किया है । इसी थाना क्षेत्र में दूसरी कार्रवाई में 120 ग्राम एमडी ड्रग्स कीमत 12 लाख रुपये, 4 किलो 700 ग्राम डोडाचूरा कीमत 9 हजार 400 रुपये, हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल कीमत 70 हजार एवं एंड्रॉयड मोबाइल कीमत 15 हजार जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं थाना गरोठ पुलिस ने बिना नंबर के पावरट्रेक ट्रैक्टर-ट्रॉली से 221 किलोग्राम डोडाचूरा कीमत 4 लाख 42 हजार  रुपये बरामद कर एक विधि-विरुद्ध बालक को पुलिस अभिरक्षा में लिया। कार्रवाई में ट्रैक्टर-ट्रॉली कीमत 8 लाख रुपये एवं दो मोबाइल फोन कीमत 20 हजार भी जब्त किए गए। मंदसौर जिले की इन सभी कार्रवाइयों में कुल 70 लाख 44 हजार 400 कीमत के अवैध मादक पदार्थ एवं सपंत्ति जब्‍त की है। इंदौर इंदौर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए थाना लसूड़िया पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 65 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसकी अनुमानित कीमत 6 लाख 50 रुपये  है। थाना छत्रीपुरा पुलिस ने गंगवाल बस स्टैंड क्षेत्र में चेकिंग के दौरान 12 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर, कीमत लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये, बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। वहीं इंदौर क्राइम ब्रांच ने चेकिंग के दौरान 12 ग्राम ब्राउन शुगर सहित एक बाइक जिसकी कीमत 1 लाख 70 हजार रुपये है जब्‍त की है । इन कार्रवाइयों में कुल 9 लाख 40 हजार रुपये के मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त की है। नरसिंहपुर नरसिंहपुर पुलिस द्वारा अवैध स्मैक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 60.04 ग्राम अवैध स्मैक, अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये, बरामद की गई। कार्रवाई में स्मैक तस्करी में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा तस्करी में प्रयुक्त काले रंग की मोटरसाइकिल, अनुमानित कीमत 2 लाख रुपये, भी जब्त की गई। इस प्रकार कुल लगभग 8 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है।  ग्वालियर ग्वालियर पुलिस द्वारा डबरा सिटी थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13 किलो 128 ग्राम अवैध गांजा, कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये, बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा गांजा उड़ीसा से लाकर डबरा में बेचने की बात सामने आई। पन्ना पन्ना पुलिस द्वारा थाना गुनौर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 3.048 किलोग्राम अवैध गांजा अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं थाना कोतवाली क्षेत्र में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 किलो 120 ग्राम अवैध गांजा एवं मोटरसाइकिल सहित कुल 86 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। दोनों कार्यवाहियों में कुल 1 लाख 46 हजार रुपये के मादक पदार्थ एवं संपत्ति जब्‍त की है। दमोह दमोह पुलिस द्वारा थाना तेजगढ़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 4 किलो 140 ग्राम अवैध गांजा, अनुमानित कीमत 1 लाख रुपये, बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। शिवपुरी शिवपुरी पुलिस द्वारा थाना बैराड़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी के कब्जे से 1 किलो 138ग्राम अवैध गांजा एवं 3 हजार 730 रुपये नगद सहित कुल 23 हजार 730 रुपये का संपत्ति  बरामद की है। वहीं थाना कोलारस पुलिस ने ग्राम सरजापुर में आरोपी के बाड़े से लगभग 40 किलोग्राम वजन के 9 हरे गांजे के पौधे जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। दोनों कार्रवाइयों में कुल 63 ह‍जार 730 रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन एवं अवैध खेती के विरुद्ध लगातार कार्यवाही जारी है। 

‘भट्टा सरदार’ के ठिकानों पर छापेमारी में दैहिक शोषण के साक्ष्य मिले, सवा करोड़ रुपये जब्त

 महासमुंद  मानव तस्करी और श्रमिकों के अवैध परिवहन से जुड़े संगठित नेटवर्क के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इनमें श्रमिक दलाली के मामले में चर्चित अजगर उर्फ जगत कुमार गुप्ता उर्फ भट्टा सरदार के ग्राम बाम्हनडीह स्थित घर, खरियार रोड निवासी लता संवर और ओडिशा के बेलटुकरी निवासी मुकेश चंद्राकर के ठिकाने शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान करीब 1.40 करोड़ रुपये, बड़ी संख्या में कागजी दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में प्रलोभन देकर मानव तस्करी, नाबालिगों को काम के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे दूसरे राज्यों में ले जाने, बाल मजदूरी और नाबालिग बालिकाओं के दैहिक शोषण से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। ठिकानों से हजारों बालिग एवं नाबालिग श्रमिकों के अवैध परिवहन और बंधुआ मजदूरी से संबंधित दस्तावेज व डिजिटल प्रमाण मिलने की बात कही गई है। भट्टा सरदार के नाम से है कुख्यात पुलिस की अलग-अलग टीमें संबंधित ठिकानों पर तलाशी और पूछताछ कर रही हैं। जगत गुप्ता को क्षेत्र में ‘भट्ठा सरदार’ के नाम से जाना जाता है। श्रमिकों को दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों में भेजने के मामले में उसका नाम पहले भी सामने आता रहा है। श्रमिक की हत्या मामले में सामने आया था नाम पिछले वर्ष पटेवा थाना क्षेत्र में श्रमिक शत्रुघन खड़िया की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जगत कुमार गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार मृतक ने उस पर ईंट भट्ठे में काम करने और दूसरे राज्य जाने के लिए दबाव बनाने तथा धमकी देने का आरोप लगाया था। मानव तस्करी की पुरानी फाइलें खोल रही पुलिस पुलिस अब जगत गुप्ता, लता संवर, मुकेश चंद्राकर समेत नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संपर्कों और श्रमिकों के परिवहन से संबंधित मामलों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी।     कार्रवाई जारी, शुक्रवार को देंगे विस्तृत जानकारी     कार्रवाई अभी जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार को एसपी कार्यालय से मीडिया को मामले की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।     -सुशील नायक, एएसपी महासमुंद  

शराब कांड में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 3 आरोपियों के 5 ठिकाने ध्वस्त; मौतों का आंकड़ा 30 पहुंचा

 सागर  जहरीली शराब कांड के आरोपियों पर प्रशासन की कार्यवाही भी तेज हो गई है। गुरुवार को इस कांड के तीन आरोपितों के बंडा कस्बे में स्थित पांच मकान-गोदामों को बुल्डोजर चलाकर ढहा दिया गया। इसके साथ काली कमाई से खड़े किए गए उनके अवैध साम्राज्य का रसूख भी मिट्टी में मिल गया। तीन ठिकाने ढहाए बंडा एसडीएम कार्यालय में गुरुवार दोपहर एक बजे कार्यवाही करने वाली पूरी टीम को एकत्र किया गया। वहां अधिकारियों ने उन्हें ब्रीफ किया उसके बाद तीन अलग-अलग टुकड़ियां एक-एक बुल्डोजर लेकर तीन टीमें आरोपितों मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर, चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत और आशीष साहू के चिन्हित ठिकानों पर पहुंची। 10 मिनट के भीतर भवनों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। कार्रवाई के दौरान मनीष लोधी के घर से एक महिला कुछ दस्तावेज लेकर अधिकारियों के पास पहुंची, जिसे बिना सुने हटा दिया गया। करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष और ततरवारा गांव के सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत की करीब 2500 वर्गफीट में बनी आलीशान कोठी को पांच-छह घंटों में तोड़ दिया गया। कोठी का अधिकांश हिस्से का निर्माण एक साल पूर्व ही किया गया था। भवन इतना बड़ा था कि परिसर में करीब दस गाड़ियों की पार्किंग आसानी से हो सकती थी। एक आरोपी आशीष साहू के कॉलेज रोड स्थित करीब 20 साल पुराना मकान दो घंटे के भीतर ही पूरी तरह ढहा दिया गया। इसके आगे का हिस्सा कच्चा था। आशीष को मनीष लोधी का सहयोगी बताया जा रहा है। उसका मुख्य काम अलग-अलग गांवों में शराब की तस्करी करना था। आशीष के खिलाफ छह-सात मामले दर्ज हैं। रवि लखेरा ने खड़ा किया नेटवर्क पुलिस के अनुसार आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी ने अंतरराज्यीय नकली शराब माफिया रवि लखेरा के साथ मिलकर नकली शराब का नेटवर्क खड़ा किया। उसने ततरवारा सरपंच चंदू राजपूत के साथ अवैध शराब की फैक्र्ट्री बनाई। चंदू तो पकडा गया, लेकिन मनीष और रवि फरार हैं। पुलिस ने इन तीनों पर 20 -20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपित बनाए गए 30 लोगों में से 14 पकड़े जा चुके हैं। मनीष के गोदाम में भट्ठी, कड़ाही और मशीनें वार्ड-11 स्थित मनीष लोधी उर्फ यशवंत के गोदाम में भट्ठी, कड़ाही और मशीनें मिलीं। खाद्य पदार्थों के रैपर भी मिले। अंदर पांच बाइकें खड़ी थीं और जिसमें से तीन पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। आशंका जताई गई कि इन्हीं वाहनों का इस्तेमाल अवैध शराब की सप्लाई और तस्करी में किया जाता था। इसको देखने से साफ हुआ कि पुलिस इस गोदाम को देखने तक नहीं पहुंची थी। प्रशासन की बुल्डोजर कार्रवाई में पूरा गोदाम इन मशीनों के साथ जमींदोज हो गया। इस अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि अगर इन मशीनों का संबंध अवैध शराब बनाने से हो तो उसके सबूत भी हमेशा के लिए इस मामले में बंडा नगर पालिका की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। 10-10, 20-20 वर्षों से अवैध निर्माण था, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी मनीष लोधी का गोदाम तो सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया गया था, लेकिन उसे भी खाली कराने की कोई कोशिश नहीं हुई। सीएमओ आरसी अहिरवार का कहना था कि ये निर्माण उनके कार्यकाल के पहले हुए हैं, इसलिए अभी स्पष्ट नहीं बता सकता कि उन पर कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं? हाल में हुई जांच में यह बगैर परमिशन अवैध निर्माण पाए गए, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। जहरीली शराब से एक और मौत जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में गुरुवार को पिपरिया किल्लाई निवासी राम सिंह (30) की भी मौत हो गई। इसके साथ ही जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 30 पहुंच गई है।     जहरीली शराब के आरोपित के पांच अवैध निर्माण को चिन्हित किया गया था। प्रशासन द्वारा सभी पर कार्रवाई की गई है। उन्हें 24 घंटे पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे। आरोपितों के अन्य निर्माणों की जांच की जा रही है। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी – संजय जैन, एसडीएम बंडा  

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के मामले में बड़ी कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी, परिवहन एवं अवैध रूप से हथियार रखने वालों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और मजबूत सूचना तंत्र के परिणामस्वरूप पिछले दो सप्ताह में छतरपुर, खरगोन, ग्वालियर, इंदौर एवं मुरैना पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों में कुल 48 अवैध फायर आर्म्स, जिंदा राउंड, खाली खोखा, हथियार निर्माण में प्रयुक्त उपकरण एवं वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से अवैध हथियारों के स्रोत एवं इनके नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। खरगोन थाना बिस्टान पुलिस ने अवैध फायर आर्म्स के निर्माण एवं तस्करी से जुड़े फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर ग्राम सिगनूर में नहर के पास छिपाकर रखी 10 अवैध देशी पिस्टल, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रूपये है, तथा पिस्टल निर्माण में प्रयुक्त ग्राइंडर, सांड़सी, कानस, पेचकस एवं हथौड़ी आदि संसाधन जब्त किए गए है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व से 11 आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज पाए गए। इसके अतिरिक्त खरगोन पुलिस द्वारा अवैध फायर आर्म्स की तस्करी/परिवहन के विरुद्ध की गई एक अन्य कार्रवाई में 01 आरोपी को गिरफ्तार कर 10 अवैध पिस्टल एवं 01 मोटरसाइकिल जब्त की गई। दोनों कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस ने कुल 20 अवैध पिस्टल जब्त की हैं। ग्वालियर अवैध हथियार रखने एवं सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले बदमाशों के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन ईगल” के तहत ग्वालियर पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 15 आरोपियों/विधि-विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लिया। कार्रवाई में 315 बोर के 14 देशी कट्टे, 15 जिंदा राउंड, 01 खाली खोखा तथा 32 बोर की 01 पिस्टल एवं 05 जिंदा राउंड बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान महाराजपुरा, मुरार, पनिहार, उटीला, डबरा देहात, पुरानी छावनी, गोला का मंदिर, झांसीरोड, सिरोल, हजीरा, बिजौली, कंपू एवं थाटीपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त थाना इंदरगंज, गोला का मंदिर, महाराजपुरा एवं डबरा सिटी पुलिस द्वारा अलग-अलग 04 कार्यवाहियों में अवैध हथियारों का प्रदर्शन एवं वारदात की फिराक में घूम रहे आरोपियों/विधि-विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लेकर कुल 04 अवैध देशी कट्टे/पिस्टल एवं जिंदा राउंड बरामद किए गए। छतरपुर थाना लवकुशनगर पुलिस ने ग्राम किशनपुरा में अवैध हथियार निर्माण की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण की दो फैक्ट्रियों का खुलासा किया। कार्रवाई में निर्माता एवं विक्रेता सहित 02 अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों स्थानों से 315 बोर एवं 12 बोर के देशी कट्टे, अधबने हथियार, अधबने कट्टों के साँचे एवं नाल सहित हथियार निर्माण में प्रयुक्त बड़ी संख्या में उपकरण एवं संसाधन जब्त किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों का निर्माण कर बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक के विरुद्ध पूर्व में अवैध शराब से संबंधित 02 अपराध भी पंजीबद्ध होना पाया गया। इंदौर क्राइम ब्रांच इंदौर ने अवैध फायर आर्म्स की तस्करी एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 03 देशी पिस्टल, 01 देशी कट्टा, 04 जिंदा कारतूस तथा 01स्कूटी जब्त की गई। जब्त मशरुका की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाखरुपये है। प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों के विरुद्ध पूर्व से आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से अवैध हथियारों की आपूर्ति एवं नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मुरैना थाना पोरसा पुलिस ने फायरिंग के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर 04 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 315 बोर के 03 अवैध देशी कट्टेएवं मोटरसाइकिल, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख रूपये से अधिक है, जब्त की गई। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण एवं तस्करी के स्रोतों तक पहुंचकर कार्रवाई करने के साथ ही हथियार रखने वाले बदमाशों की लगातार निगरानी एवं धरपकड़ की जा रही है। अवैध हथियारों के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

रीवा पुलिस ने लगभग 10 करोड़रूपए की 3.087 किलोग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

भोपाल  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में रीवा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के अवैध नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता है। पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रीवा रेंज हेमन्त सिंह चौहान के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के नेतृत्व में यह सफलता प्राप्‍त हुई है। जिले में संचालित "ऑपरेशन प्रहार 2.0" के तहत थाना गढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सोनवर्षा निवासी दो व्यक्ति भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स लेकर बिक्री के उद्देश्य से जाने वाले हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है, जब्‍त की गई। इसके अतिरिक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध थाना गढ़ में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस एक ओर जहां अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और बिक्री में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस आगामी 15 जुलाई से "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" राज्यव्यापीजनजागरूकता अभियान भी प्रारंभ करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामों, नगरीय क्षेत्रों, सामाजिक संस्थाओं तथा विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, तस्करी एवं कारोबार के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कठोर कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता आधारित प्रयासों को भी समान प्राथमिकता देते हुए पुलिस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज की सहभागिता के माध्यम से नशामुक्त एवं सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।  

बेमेतरा में अवैध उर्वरक भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 275 बोरी यूरिया जब्त; किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार सजग

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 275 बोरी यूरिया जब्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सु प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक  मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा जिलेभर में लगातार औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो तथा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर अनुचित लाभ कमाने के प्रयासों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसी अभियान के तहत प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो, तहसील देवकर में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया। मौके पर संपूर्ण उर्वरक को विधिवत जब्त कर लिया गया तथा संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक ही उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा निम्न गुणवत्ता की सामग्री बाजार में न पहुंचे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी संस्था इस प्रकार की अनियमितता करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा। कलेक्टर सु प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन पूरे जिले में लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत प्राप्त होते ही बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा, कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता तथा कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में चल रही इस तरह की सतत कार्रवाई न केवल कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने में सहायक होगी, बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत करेगी कि सरकार उनकी मेहनत, उनकी फसल और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जिला प्रशासन ने किसानों एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई 1 पोकलेन और 6 हाईवा जब्त

​रायपुर      राज्य में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सख्त और 'जीरो टॉलरेंस' के निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। सीएम के कड़े रुख के बाद प्रदेश भर में खनिज माफियाओं के हौसले पस्त हैं। इसी कड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कलेक्टर  के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने बीते दो दिनों में एक बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस विशेष अभियान के तहत अवैध गतिविधियों में संलिप्त 1 पोकलेन मशीन और 6 हाईवा वाहनों को जब्त किया गया है। ​सोमवार और मंगलवार को लगातार कार्रवाई        खनिज अमले द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में ​सोमवार को सारंगढ़ तहसील क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान गौण खनिज साधारण रेत का अवैध परिवहन करते हुए 02 हाईवा (वाहन क्रमांक CG-07-CR-7715 एवं CG-13-AQ-0321) को रंगे हाथों पकड़ा गया। इन दोनों वाहनों को जब्त कर सारंगढ़ थाने की सुरक्षा में सौंप दिया गया है। इसी तरह ​मंगलवार की कार्रवाई के तहत तहसील सारंगढ़ के ही अंतर्गत दोबारा किए गए निरीक्षण में गौण खनिज चूना पत्थर का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 02 और हाईवा (वाहन क्रमांक CG-13-BB-2721 एवं CG-13-BB-2321) पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें भी सारंगढ़ थाने की सुपुर्दगी में रखा गया। ​कोसीर क्षेत्र में औचक दबिश: पोकलेन मशीन भी जब्त      ​ खनिज विभाग की टीम ने उप तहसील कोसीर क्षेत्र के ग्राम पंचायत पासीद में औचक निरीक्षण (सरप्राइज रेड) किया। इस कार्रवाई ने रेत माफियाओं में हड़कंप मचा दिया। मौके पर साधारण रेत के अवैध उत्खनन में सीधे तौर पर संलिप्त 01  पोकलेन मशीन को जब्त कर स्थानीय ग्राम सरपंच की सुपुर्दगी में दिया गया। इसके साथ ही रेत के अवैध परिवहन में लगे 02 अन्य हाईवा (वाहन क्रमांक CG-06-HD-6457 एवं CG-11-BK-6697) को जब्त कर कोसीर थाने की सुरक्षा में खड़ा कराया गया है। ​कड़े कानूनों के तहत दर्ज हुआ मामला     ​ खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी बड़ी कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 की धारा 21 के कड़े प्रावधानों के तहत की गई है।        ​ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य की संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी रसूखदार या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।