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अलर्ट प्रशासन ने रोकी बाल विवाह की 2 घटनाएं, समय रहते समझाइश देकर टली बड़ी कार्रवाई

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. देश के कई राज्यों में अक्षय तृतीया के अवसर को विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसके चलते इस अवधि में बाल विवाह के मामले भी सामने आते हैं। इसी के मद्देनजर जिले में प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग की सतर्कता के चलते दो अलग-अलग मामलों में नाबालिगों के संभावित बाल विवाह को समय रहते रोक दिया गया। सूचना प्राप्त होते ही संबंधित टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत दोनों विवाहों को रुकवा दिया। पहला मामला: सोन बचरवार पंचायत पहला मामला पेंड्रा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सोन बचरवार का है, जहां एक नाबालिग बालक की शादी की तैयारी चल रही थी। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना मिलने के बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने तत्काल टीम को मौके पर भेजा। दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि बालक की उम्र 17 वर्ष 10 माह 14 दिन है, जो निर्धारित कानूनी आयु 21 वर्ष से कम है। इसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विवाह रुकवाया। दूसरा मामला: गुम्मा टोला में कार्रवाई दूसरा मामला ग्राम पंचायत गुम्मा टोला का है, जहां थाना गौरेला क्षेत्र में एक अन्य नाबालिग के विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से मिली। टीम ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की, जिसमें बालक की उम्र 20 वर्ष 9 माह 7 दिन पाई गई, जो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित उम्र से कम है। इसके चलते इस विवाह को भी रोक दिया गया। परिजनों को दी गई समझाइश दोनों मामलों में टीम ने बालक-बालिका के माता-पिता और परिवारजनों को समझाइश दी तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही, भविष्य में बाल विवाह नहीं करने के लिए घोषणा पत्र और पंचनामा पर हस्ताक्षर भी कराए गए। टीम की सराहनीय भूमिका इस पूरी कार्रवाई में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, गौरेला पुलिस और पेंड्रा पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। प्रशासन की इस तत्परता से एक बार फिर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाने का संदेश गया है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा में बड़ा हादसा, राखड़ बांध टूटने से ऑपरेटर की मौत, तीन मजदूर सुरक्षित निकाले गए

कटघोरा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब नवागांव के कला में स्थित सीएसईबी का राखड़ बांध (झाबु डेम) अचानक फूट गया। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक जेसीबी ऑपरेटर की मौत हो गई, जबकि अन्य मजदूरों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। ऐसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, घटना के समय जेसीबी ऑपरेटर सहित कुल पांच लोग राखड़ डेम में मरम्मत कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक बांध फूट गया और राखड़ का तेज बहाव शुरू हो गया। देखते ही देखते जेसीबी मशीन बह गई और मलबे में दबकर ऑपरेटर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मड़वारानी निवासी हुलेश्वर कश्यप के रूप में हुई है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहीं आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों की मदद से तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वही, मलबे में दबे जेसीबी और चालक को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद सीएसईबी प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि डेम की मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे यह हादसा हुआ। मुआवजे की घोषणा प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल 5 लाख रुपये नगद और 18 लाख रुपये का चेक, कुल 23 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। वहीं इस घटना को लेकर युवा कांग्रेस ने आक्रोश जताते हुए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इधर, जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में सियासी उबाल: आज जांजगीर-चांपा पहुंचेंगे CM साय, BJP की जन-आक्रोश रैली पर सबकी नजर

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. शाम 4 बजे वह रायपुर सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम पहुंचेंगे. शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक जन-आक्रोश महिला पद यात्रा में शामिल होंगे. पद यात्रा इनडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक होगी. इसके बाद सीएम हाउस पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 7 बजे रायपुर से बिलासपुर के लिए स्टेट प्लेन से रवाना होंगे. जांजगीर चांपा स्थित आनंदम निधिवन रिसॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. वहीं रात 9:40 बजे फिर बिलासपुर से रायपुर के लिए लौटेंगे.  रायपुर में भाजपा की जन-आक्रोश रैली आज राजधानी में सोमवार को भाजपा द्वारा आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा है. आक्रोश रैली दोपहर 3 बजे इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम में सम्मेलन के साथ समाप्त होगी. इस जन आक्रोश रैली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव समेत सभी मंत्री और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेता शामिल होंगे. कांग्रेस आज प्रदेशभर में करेगी पीसी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रदेशभर में आज कांग्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. सभी जिलों में  प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी. रायपुर में जिला कांग्रेस भवन में दोपहर 12:30 बजे से प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन समेत वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. 

रायपुर : माओवाद के बाद विकास की नई राह: पुसपाल बनेगा ईको-टूरिज्म हब

रायपुर : माओवाद के बाद विकास की नई राह: पुसपाल बनेगा ईको-टूरिज्म हब रिसॉर्ट और ओपन रेस्टोरेंट से बढ़ेगा पर्यटन और आजीविका के साधन : मंत्री केदार कश्यप रायपुर कोण्डागांव जिले के पुसपाल क्षेत्र से माओवाद खत्म होने के बाद अब विकास की नई तस्वीर उभर रही है। वर्षों तक प्रभावित रहने के कारण जहां पर्यटन गतिविधियां ठप थीं, वहीं अब केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में शांति स्थापित हुई है और पर्यटन की संभावनाएं फिर से जीवंत हो गई हैं। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने ग्राम परौदा में लगभग एक करोड़ 45 लाख 96 हजार रूपए की लागत से बनने वाले ईको-टूरिज्म रिसॉर्ट का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही पुसपाल क्षेत्र में ही एक करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से नदी तट पर बनने वाले ओपन रेस्टोरेंट का भी भूमिपूजन किया। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि पुसपाल को विकसित करने का उद्देश्य कोण्डागांव–बस्तर ईको-टूरिज्म सर्किट को मजबूत बनाना है। अभी तक पर्यटक टाटामारी और चित्रकूट तक ही सीमित रहते थे, लेकिन अब पुसपाल में नई गतिविधियां शुरू होने से पर्यटन का दायरा भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि यहां भंवरडीह नदी में एटीवी राइड, एडवेंचर स्पोर्ट्स, रिवर राफ्टिंग और बांस राफ्टिंग जैसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी। साथ ही पुसपाल वैली में व्यू पॉइंट से सूर्यास्त का अद्भुत नजारा देखने के साथ पर्यटक ईको-कॉटेज में रात्रि में सितारों से भरे आकाश का आनंद लेते हुए विश्राम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ईको-टूरिज्म के विकास से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र की संस्कृति को देश-विदेश में पहचान मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों को संग्रहण कार्ड भी वितरित किए गए। मंत्री कश्यप ने संग्राहकों से अपील की कि वे अधिक मात्रा में और अच्छी गुणवत्ता का तेंदूपत्ता संग्रह करें, ताकि उन्हें बेहतर मूल्य और बोनस का लाभ मिल सके। अंत में वन विभाग ने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से वनों को आग से बचाने, उनकी सुरक्षा करने और अवैध अतिक्रमण रोकने में सहयोग की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती यशोदा कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

कृषि विश्वविद्यालय में 20 अप्रैल को अक्ती तिहार, मंत्री नेताम करेंगे मिट्टी और बीजों की पूजा

कृषि विश्वविद्यालय में 20 अप्रैल को मनाया जाएगा अक्ती तिहार, मंत्री नेताम करेंगे मिट्टी और बीजों की पूजा किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के बारे में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा  सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं अनुदेशन प्रक्षेत्रों में भी होगा अक्ती तिहार का आयोजन  रायपुर  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अक्षय तृतीया के अवसर पर कल ‘‘अक्ती तिहार’’ का आयोजन किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र के पास स्थित प्रक्षेत्र में प्रातः 10ः30 बजे से आयोजित राज्य स्तरीय अक्ती तिहार समारोह के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम होंगे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे। अक्षय तृतीया के अवसर पर धरती माता एवं बीजों की पूजा-अर्चना कर बीज बुआई का कार्य प्रतीकात्मक रूप से किया जाएगा। कृषि मंत्री नेताम द्वारा प्रगतिशील कृषकों को कृषि आदान सामग्री का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर किसानों के लिए नवीन बीज बुआई तकनीकी एवं कृषि में ड्रोन का उपयोग तकनीक का प्रदर्शन भी किया जाएगा। कृषि विज्ञान केंन्द्र रायपुर द्वारा इस अवसर पर “रासायनिक उर्वरकों का विकल्प” विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है। अक्ती तिहार का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रां एवं अनुसंधान केन्द्रों में भी किया जाएगा।  उल्लेखनीय है कि अक्ती तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और कृषि संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो अक्षय तृतीया के शुभ दिन मनाया जाता है। यह त्यौहार केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि हमारे कृषक जीवन की नई शुरूआत का प्रतीक है। इस दिन से खेती के नए कार्यों का शुभारंभ होता है। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अच्छी फसल की कामना करने का अवसर प्रदान करता है। अक्ती तिहार के अवसर पर गांवों में सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। ग्राम बैगा द्वारा ठाकुर देव की पूजा कर धान चढ़ाया जाता है जो हमारी पारंपरिक आस्था और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। किसान भाई अपने घरों से धान लाकर उसका एक भाग अपनी कोठी में मिलाते हैं और शेष भाग खेतों में पूजन के साथ बुआई की शुरूआत के रूप में अर्पित करते हैं। यह परंपरा कृषि कार्य की शुभ शुरूआत का संकेत देती है।

बाल आयोग का बड़ा कदम, ‘सार्थक अभियान’ से बच्चों के भविष्य को मिलेगा नया बल

सार्थक अभियान’ को मिला बल, बच्चों के भविष्य के लिए बाल आयोग का बड़ा कदम अरुण साव जी की मानवीय संवेदनशीलता पर आभार उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी के सहयोग से जूडो खिलाड़ी रंजीता को मिलेगी मदद आयोग अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा की "सार्थक" पहल रंग लाई  रायपुर माननीय उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी से छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने भेंट की । उन्होंने छत्तीसगढ़ के बाल गृह कोंडागांव की पूर्व छात्रा कु रंजीता कुरैठी के बारे में बताया कि उसने जूडो में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीते हैं और भारतीय दल में शामिल रही है । डॉ वर्णिका शर्मा ने माननीय अरुण साव जी को बताया कि इस बच्ची को प्रशिक्षण हेतु जापान भेजने और मासिक रूप से अतिरिक्त पोषक आहार के लिए राशि की जरूरत है । माननीय अरुण साव उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने फौरन अपनी संवेदनशीलता दिखाई और बच्ची से तुरंत वीडियो कॉल पर बात की । उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सहायता देने की व्यवस्था के निर्देश दिए । डॉ वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा आरम्भ किए गए सार्थक अभियान के तहत पिछले बाल देखरेख संस्थाओं को छोड़कर जाने वाले अट्ठारह वर्ष की आयु के बालक बालिकाओं के भविष्य निर्माण के लिए आयोग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं । इसी कड़ी में ये प्रयास भी शामिल है । डॉ वर्णिका शर्मा ने आयोग की ओर से माननीय उपमुख्यमंत्री जी की इस सार्थक और संवेदनशील  पहल के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है । इस अवसर पर डॉ वर्णिका शर्मा ने बच्चों के खेल मैदानों को सुरक्षित करने ,आवारा कुत्तों से बच्चों के बचाव और नगरीय क्षेत्र में खुले गड्ढे के चारों ओर बाड़ी लगाकर बच्चों को बचाने के संबंध में भी बातचीत की । उपमुख्यमंत्री जी ने इन विषयों को तत्काल आगामी विभागीय बैठक में शामिल करते हुए ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया ।

रायपुर: ग्राम माकड़ी में आयोजित हुआ जनसमस्या निवारण शिविर, 13 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत

रायपुर : ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन विधायक सुउसेण्डी ने 13 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों की दी सौगात शासकीय महाविद्यालय सहित 18 निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन रायपुर  राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दूरस्थ अंचलों के गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को  कोंडागांव जिले के ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक सुलता उसेंडी उपस्थित रहीं।  विधायक सुउसेंडी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकास कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों को व्यक्तिगत योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है। महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक गांव के सर्वांगीण विकास हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से क्षेत्र स्वस्थ बस्तर की दिशा में अग्रसर है, जिसके तहत विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। उन्होंने सभी ग्रामवासियों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जब घर-घर पहुंचे, तो उन्हें सही जानकारी प्रदान करें, ताकि सभी के लिए स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त समाज के निर्माण के लिए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया। साथ ही युवाओं सहित सभी नागरिकों से अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। कलेक्टर ने कहा कि माओवादमुक्त होने के पश्चात शासन द्वारा बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से सघन स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु बस्तर मुन्ने अभियान के साथ सुशासन तिहार का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, योजनाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करने के लिए ‘नियद नेल्लानार 2.0’ की भी शुरुआत की जा रही है। विधायक ने प्री. मेट्रिक आश्रम में क्लास रूम निर्माण कार्य लागत 19 लाख रूपए, कन्या आश्रम में क्लास रूम निर्माण कार्य लागत 19.39 लाख रूपए, प्री. मे. बालक छात्रावास में क्लासरूम निर्माण लागत 19.39 लाख रूपए, लैब निर्माण कार्य लागत 22.89 लाख रूपए, नीति आयोग द्वारा लाइब्रेरी निर्माण कार्य 42 लाख रूपए, हीरावण्डी से बालेंग तक पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य लंबाई 6.50 किलोमीटर लागत 685.29 लाख रूपए और शासकीय महाविद्यालय माकड़ी निर्माण कार्य लागत 465.84 लाख रूपए सहित कुल लागत 13 करोड़ 79 लाख रूपए के 18 विकास कार्यो का भूमिपूजन किया   27 हितग्राहियों को मिली आवास की चाबी शिविर में ग्रामवासियों से विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर स्थल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 27 हितग्राहियों को आवास निर्माण पूर्ण होने पर प्रतीकात्मक चाबी वितरित, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को 07 छड़ी और 10 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति, शिक्षा विभाग द्वारा 12 जाति प्रमाण पत्र और गणवेश वितरण, श्रम विभाग द्वारा 07 श्रम कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 46 राशन कार्ड, उद्यान विभाग द्वारा  वर्मी बेड प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा  किसान किताब, कृषि विभाग द्वारा  05 हितग्राहियों को उड़द बीज वितरण, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 04 हितग्राहियों को पोषण किट और 02 गोद भराई कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इसी प्रकार पशुधन विभाग द्वारा श्रीमती योगश्वरी प्रधान को राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता योजना से 70 हजार, उन्नत मादा वत्स पालन योजना अंतर्गत दीपेन्द्र साहू को 14 हजार 625 रूपए और श्रीमती सुपोती मरकाम को 17 हजार 550 रूपए, त्रयी सुकर योजना अंतर्गत मंगलु मरकाम और मुकेश नेताम 09-09 हजार रूपए की अनुदान राशि दी गई। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, सहकारी समिति द्वारा 06 नवीन केसीसी धारक किसानों को ऋण स्वीकृति और राजस्व विभाग द्वारा 09 किसानों को डिजिटल किसान किताब का वितरण किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सेवकराम नेताम, दीपेश अरोरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जुगबती पोयाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रदमा बघेल एवं श्रीमती भगवती नेताम, जनपद उपाध्यक्ष बैसाखु कोर्राम, दीपेश अरोरा, जनपद सदस्य पन्नालाल नेताम, पूजा शर्मा, विरेन्द्र प्रधान, श्रीमती रूखमणी पोयाम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, जनपद पंचायत सीईओ गजेंद्र धुरडे, सरपंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर: बैगा बहुल ग्रामों में महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान

रायपुर : बैगा बहुल ग्रामों में महिला सशक्तिकरण हेतु विशेष अभियान स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं महिलाएं रायपुर  खैरागढ़, छुईखदान, गंडई जिले के कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशानुसार बीते दिनों विकासखंड छुईखदान के बैगा बहुल ग्राम सरई पतेरा एवं लालपुर में महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु विशेष अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बैगा जनजाति की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाना एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करना रहा। कार्यक्रम के दौरान पद्मफुलबासन यादव के मार्गदर्शन में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के महत्व एवं उससे होने वाले लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि समूह से जुड़कर वे अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं, साथ ही सामाजिक रूप से भी सशक्त बन सकती हैं। इस दौरान महिलाओं को समूह की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया गया। अभियान में लगभग 150 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें से कई महिलाओं ने स्व-सहायता समूह से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की। इसके लिए संभावित सदस्यों की सूची तैयार कर आगे समूह गठन की प्रक्रिया को गति देने की पहल की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अधिकारी-कर्मचारी, डीपीएम, बीपीएम, एसी, पीआरपी, एफएलसीआरपी, सक्रिय महिलाएं, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कृषि विश्वविद्यालय में 20 अप्रैल को मनाया जाएगा अक्ती तिहार, कृषि मंत्री नेताम करेंगे मिट्टी और बीजों की पूजा

रायपुर.  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अक्षय तृतीया के अवसर पर कल ‘‘अक्ती तिहार’’ का आयोजन किया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र के पास स्थित प्रक्षेत्र में प्रातः 10ः30 बजे से आयोजित राज्य स्तरीय अक्ती तिहार समारोह के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम होंगे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे। अक्षय तृतीया के अवसर पर धरती माता एवं बीजों की पूजा-अर्चना कर बीज बुआई का कार्य प्रतीकात्मक रूप से किया जाएगा। कृषि मंत्री नेताम द्वारा प्रगतिशील कृषकों को कृषि आदान सामग्री का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर किसानों के लिए नवीन बीज बुआई तकनीकी एवं कृषि में ड्रोन का उपयोग तकनीक का प्रदर्शन भी किया जाएगा। कृषि विज्ञान केंन्द्र रायपुर द्वारा इस अवसर पर “रासायनिक उर्वरकों का विकल्प” विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है। अक्ती तिहार का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रां एवं अनुसंधान केन्द्रों में भी किया जाएगा।  उल्लेखनीय है कि अक्ती तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और कृषि संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो अक्षय तृतीया के शुभ दिन मनाया जाता है। यह त्यौहार केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि हमारे कृषक जीवन की नई शुरूआत का प्रतीक है। इस दिन से खेती के नए कार्यों का शुभारंभ होता है। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अच्छी फसल की कामना करने का अवसर प्रदान करता है। अक्ती तिहार के अवसर पर गांवों में सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। ग्राम बैगा द्वारा ठाकुर देव की पूजा कर धान चढ़ाया जाता है जो हमारी पारंपरिक आस्था और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। किसान भाई अपने घरों से धान लाकर उसका एक भाग अपनी कोठी में मिलाते हैं और शेष भाग खेतों में पूजन के साथ बुआई की शुरूआत के रूप में अर्पित करते हैं। यह परंपरा कृषि कार्य की शुभ शुरूआत का संकेत देती है।

छत्तीसगढ़ के Surguja में दिखी अनोखी परंपरा: दुल्हन लाई बारात, विदाई में भावुक हुआ दूल्हा

अंबिकापुर. आपने अक्सर शादी की परंपराओं में दुल्हे की बारात देखी होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की एक शादी में दुल्हन बारात लेकर दुल्हे के घर पहुंची. यह अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी गई है. परंपरा के उलट दुल्हन देवमुनि एक्का खुद बारात लेकर दूल्हे बिलासुस बरवा के घर पहुंची. मसीही रीति-रिवाज के तहत संपन्न इस विवाह में कन्यादान की जगह ‘वरदान’ हुआ. सबसे खास बात यह रही कि दूल्हे की विदाई की गई और वह फूट-फूटकर रोया. दरअसल, दुल्हन का एक भी भाई नहीं है, पिता खेती किसानी का काम करते हैं. ऐसे में दुल्हन के पिता किसी बेटे की तलाश में थे. और जब अपनी बेटी का रिश्ता बरवा परिवार से हाथ मिलाया तो शादी में अनोखी रस्में निभाई गई. दुल्हे की जगह दुल्हन बारात लेकर दुल्हा को लेने आई और शाम मसी रितिवाज के मुताबिक विदाई हुई. परिवार के लिए जरूरी था फैसला : दुल्हन के पिता दुल्हन के पिता मोहन एक्का ने बताया उनके घर में चार बेटियां हैं, ऐसे में उन्होंने यह अनोखा कदम उठाया और खुद बारात लेकर लड़के के घर पहुंचे. उन्होंने कहा कि यह फैसला भले समाज को अलग लगे, लेकिन उनके परिवार के लिए यह जरूरी था. वह दूल्हे को अपने घर ले जाकर बेटे की तरह रखेंगे. शादी पूरी तरह उनके रीति-रिवाजों के अनुसार हो रही है और फिलहाल दहेज नहीं दिया गया है.