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कानून पर हमला! तस्करों और भीड़ की हिंसा में पुलिस टीम जख्मी, 10 गिरफ्तार

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में फरार आरोपियों को गिरफ्तारी करने पहुंची पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया. घटना में टीआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके बावजूद बहादुर पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आरोपियों को थाने लेकर आई. मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया है. पूरा मामला पटेवा थाना अंतर्गत पचारी ग्राम का है. जानकारी के अनुसार, थाना पटेवा के आबकारी एक्ट के एक मामले में फरार आरोपी विजय मारकण्डेय और विनोद मारकण्डेय की गिरफ्तारी के लिए सांकरा थाना के टीआई  उत्तम तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे थे. पटेवा में अलग-अलग थाना और पुलिस इकाइयों के बल की संयुक्त टीम ने ग्राम पचरी में दबिश दी थी. पुलिस ने आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया. वाहन में बैठाने के दौरान आरोपियों ने विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू (Attack On Police In CG) कर दी. साथ ही उन्होंने अपने परिजनों और आसपास के लोगों को उकसाया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडों, लोहे की छड़ और ईंट-पत्थरों के साथ मौके पर पहुंच गए. भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसमें थाना प्रभारी उत्तम तिवारी को सिर, गले और सीने में गंभीर चोटें आईं. वहीं महिला आरक्षक समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस वाहन में भी की तोड़फोड़ भीड़ के हमले के दौरान पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिसमें हाईवे पेट्रोलिंग वाहन का कांच टूट गया. घटना के दौरान आरोपियों के परिजनों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश करते हुए पुलिस कार्रवाई में बाधा डाली. हालांकि पुलिस टीम ने किसी तरह स्थिति को संभालते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना पटेवा ले आई. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी विजय मारकण्डेय, विनोद मारकण्डेय सहित उनके परिजनों और अन्य लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, जानलेवा हमला, मारपीट और अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं फरार तीन आरोपी की तलाश में जुटी है.

छत्तीसगढ़ के कांकेर में एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने मार गिराया बड़े कैडर का आखिरी ACM

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. जवानों ने इस मुठभेड़ में बड़े कैडर की एक महिला नक्सली को मार गिराया है. मारी गई महिला माओवादी की पहचान ACM रैंक कमांडर रंगाबोइना भाग्या उर्फ रूपी के रूप में हुई है, जो बस्तर इलाके में बड़े कैडर की आखिरी नक्सली मानी जा रही है. रूपी पर 4 लाख रुपए का ईनाम घोषित है. एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, सर्चिंग पर निकलने जवानों पर माचपल्ली के जंगलों में अचानक फायरिंग हुई. जवाबी कार्रवाई में एसीएम रैंक की महिला नक्सली रूपी को ढेर कर दिया गया. रूपी डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी. विजय रेड्डी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 2025 में हुई एक मुठभेड़ में मारा गया था. रूपी बस्तर क्षेत्र के माड़ डिवीजन में में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी. साल 2004 यानी 24 साल पहले  माओवादी संगठन के साथ जुड़ी थी. मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान मृत महिला माओवादी के शव के साथ एक पिस्टल हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है. इलाके में सुरक्षाबलों ने सर्चिंग जारी है. कांकेर पुलिस अधीक्षक जिला निखिल राखेचा ने बताया कि जिला कांकेर के छोटेबेठिया–परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में स्थित माचपल्ली–आरामझोरा–हिडूर क्षेत्र के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की आसूचना के आधार पर पुलिस बल द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था. सर्च अभियान के दौरान पुलिस बल और माओवादियों के बीच माचपल्ली इलाके में मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ के पश्चात सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा एक महिला माओवादी कैडर का शव बरामद किया गया. मुख्यधारा में लौटे नक्सली, बस्तर रेंज IG की अपील बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि माओवादी कैडरों के सामने आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर देते हुए शासन की ओर से लगातार अपील की जाती रही है, जिसके प्रभाव से विगत महीनों में काफी बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने पुनर्वास का मार्ग अपनाया है. किंतु रूपी जैसे कुछ कैडरों ने पुनर्वास के मार्ग को छोड़कर हिंसात्मक रास्ता अपनाया, जिसका परिणाम आज उनके अंत के रूप में सामने आया है. आईजीपी बस्तर ने शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से अपील की कि उनके पास अब बहुत सीमित समय शेष है. वे सभी हिंसा के मार्ग को त्यागें और समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें.

रेलवे का बड़ा ऐलान: महाराष्ट्र-बंगाल रूट पर 11 स्पेशल ट्रेनें, लाखों यात्रियों को फायदा

भिलाई. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने समर स्पेशल ट्रेन शुरू की है। इस बार 11 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जो करीब 87 फेरों में दौड़ेंगी। इन ट्रेनों का संचालन 2 अप्रैल से शुरू हो चुका है। जो 16 जुलाई 2026 तक अलग-अलग तारीखों पर चलेंगी। ये ट्रेनें देश के 20 से ज्यादा प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेंगी, जिससे मध्य भारत, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। इन ट्रेनों से करीब 1.5 लाख से अधिक यात्रियों को कन्फर्म सीट और राहत मिल सकेगी। ये स्पेशल ट्रेनें लंबी दूरी के व्यस्त रुट को कवर करेंगी। जो दुर्ग, हरिद्वर, इतवारी, शालीमार, एलटीटी, संतरागाछी, हटिया, पटना-एलटीटी, तिरुपति-रक्सौल, चर्लपल्ली, गोंदिया, रक्सौल, एलटीटी, हावड़ा, इतवारी मालदा टाउन और पुणे, संतरागाछी शामिल हैं। इन मार्गो पर हर साल गर्मियों में भारी भीड़ रहती है, ऐसे में यह सुविधा यात्रियों के लिए काफी राहत देने वाली है। छत्तीसगढ़ में ये एक्सप्रेस ट्रेनें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़ समेत सभी प्रमुख स्टेशनों में रुकेगी। गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में इन स्पेशल ट्रेनों से वेटिंग लिस्ट कम होगी। लंबी दूरी के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

सुकमा को आज बड़ी सौगात: CM साय खोलेंगे नई लैब, स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा बूस्ट

जगदलपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुकमा दौरे पर रहेंगे. इस दौरान विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, सुबह 11:35 बजे मुख्यमंत्री निवास से पुलिस ग्राउंड जाएंगे, यहां से वह सुकमा के लिए रवाना होंगे. दोपहर 1:05 बजे सुकमा पहुंचने के बाद उनका दौरा जिला चिकित्सालय से शुरू होगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 1:20 बजे अटल आरोग्य लैब का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री जिला पुनर्वास केंद्र के साइंस पार्क में VR Lab और STEM Lab के अलावा नालंदा परिसर भवन निर्माण का भूमिपूजन करेंगे. वहीं इमली प्रसंस्करण यूनिट का शुभारंभ करेंगे. वहीं दोपहर 2:20 बजे मिनी स्टेडियम सुकमा में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान का शुभारंभ में शामिल होंगे. इस दौरान जिले के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया जाएगा. अब सीएम रायपुर वापस लौटेंगे. मुख्यमंत्री IIIT नवा रायपुर में आयोजित MY Bharat Budget Quest 2026 के समापन समारोह में शिरकत करेंगे.

Property Tax Alert: 30 अप्रैल के बाद बढ़ेगा 17% अधिभार, पुराने बकाएदारों पर प्रशासन का शिकंजा

दुर्ग. शासन के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्तिकर सहित अन्य सभी प्रकार के कर पटाने के लिए दुर्ग निगम ने हितग्राहियों को 30 अप्रैल तक मौका दिया है। इस दौरान किसी भी प्रकार का अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूला जाएगा। इसके बाद 1 मई से 17 प्रतिशत अधिभार वसूलने की तैयारी है। जानकारी के मुताबिक लक्ष्य का 80 प्रतिशत तक टैक्स वसूला जा चुका है। वर्तमान में लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है। साथ ही तीन साल से अधिक पुराने बकाएदारों द्वारा टैक्स नहीं जमा करने पर नल कनेक्शन काटने से लेकर अन्य कार्रवाई की तैयारी की गई है। निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल नियमित रूप से टैक्स वसूली की समीक्षा भी कर रहे हैं। शासन के निर्देश पर टैक्स जमा करने की तारीख 30 अप्रैल की गई है। यह निर्णय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक करदाता समय पर कर जमा कर शासकीय छूट का लाभ प्राप्त कर सकें। अप्रैल माह के अंत तक संपत्तिकर जमा करने वाले करदाताओं से किसी भी प्रकार की पेनल्टी नहीं ली जाएगी। वहीं 1 मई के बाद पिछले वर्ष का संपत्तिकर जमा करने पर 17 प्रतिशत तक सरचार्ज वसूला जाएगा। राजस्व विभाग को निर्देशित किया गया है कि आगामी दिनों में घर-घर जाकर बकायादारों से वसूली की जाए तथा नागरिकों को ऑनलाइन टैक्स भुगतान के लिए भी प्रेरित किया जाए। आयुक्त ने अमले को निर्देश दिए गए हैं कि वसूली के दौरान टीम अपनी गतिविधियों की फोटो व्हाट्सएप पर अपडेट करें, ताकि कार्य की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके।

बीजापुर के 224 गांवों में विकास की लहर, नियद नेल्लानार और सरकारी योजनाओं से हो रहा बदलाव

बीजापुर में विकास की नई दस्तक: नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर दशकों से विकास से कटे इलाकों में पहुंचा रोजगार, राशन, शिक्षा और सुरक्षित आवास; 5 लाख मानव दिवस सृजित वापस लौटे गांव, बदली जिंदगी: नक्सल इलाके में विकास की सशक्त कहानी रायपुर  लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास की पहुंच बनी है, जहां दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब इन क्षेत्रों में रोजगार, आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों का विस्तार हो रहा है, जिससे लोगों के जीवन में ठोस परिवर्तन दिखाई दे रहा है। बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है, जिससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम और अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। 16 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार का सहारा इन ग्रामों में अब तक 16,671 जॉब कार्ड पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7,271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। इससे हजारों परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा योजना से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका का आधार मिल रहा है। पहली बार दिखा विकास का व्यापक असर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्रों में 1,744 विकास कार्य कराए गए हैं, जिनके माध्यम से 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं। इन कार्यों के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है, बल्कि पलायन में भी कमी आई है और ग्रामीणों का शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। आजीविका डबरी बन रही आय का सशक्त जरिया नियद नेल्लानार क्षेत्र में 372 आजीविका डबरी की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की गई है। जनपद पंचायत भैरमगढ़ के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलनार, जहां कभी नक्सली दहशत के कारण ग्रामीण गांव छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर थे, अब पुनः जीवन की मुख्यधारा में लौट आया है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीण अपने गांव लौट आए हैं। उनके आजीविका संवर्धन के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में हितग्राही सहदेव कोरसा, लखु और सुदरू कोरसा की आजीविका डबरी पूर्ण हो चुकी हैं। इन डबरियों में मत्स्य पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग से अभिसरण के माध्यम से मछली पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य प्रस्तावित है। 2977 परिवारों को मिला पक्का आवास नियद नेल्लानार क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 2,977 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अब तक 690 हितग्राहियों के पक्के आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इन आवासों में अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। गांव-गांव में बदलाव की सजीव तस्वीर जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम दुगाली में मनरेगा से निर्मित कुआं अब 100 से अधिक ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा बन गया है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण जहां बोरिंग संभव नहीं थी, वहां यह कुआं स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इससे ग्रामीणों को सुलभ पेयजल के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है। ग्राम पालनार में, जहां पहले प्रशासन की पहुंच नहीं थी, आज पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण कार्य जारी हैं, जिसमें वर्तमान में 200 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। कावड़गांव में 50 वर्षों के भय और अलगाव के बाद अब 100 प्रतिशत ग्रामीण श्रमिकों को जॉब कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही इस गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और मोबाइल टॉवर जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। सावनार (तोड़का पंचायत) में 9.35 लाख रुपए की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन से 40–45 बच्चों को नियमित शिक्षा और पोषण मिल रहा है। पुसुकोण्टा (उसूर) में 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया है। धरमारम और तोड़का क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानों के निर्माण से अब ग्रामीणों को गांव में ही राशन मिल रहा है। ग्राम बांगोली में, जहां पहले 18 किलोमीटर दूर जाकर राशन लाना पड़ता था, अब 524 परिवारों को गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध हो रही है। युवाओं का कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे वे निर्माण कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के प्रभावी अभिसरण से बीजापुर के अंदरूनी गांवों में अब विकास ने गति पकड़ ली है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जो विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है। बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बस्तर में समृद्धि की नई राह : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के जिन गांवों तक कभी विकास की पहुंच नहीं थी, वहां आज नियद नेल्लानार योजना और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं के माध्यम से नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। हमारी सरकार का स्पष्ट विश्वास है कि जब विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब ही स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन, सुरक्षित आवास, पेयजल, शिक्षा और आजीविका के अवसरों के विस्तार से न केवल लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बल्कि शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील नीतियों, … Read more

कला: अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का सशक्त माध्यम – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही- मंत्री गुरु खुशवंत साहेब  ‘गौरा’ -राष्ट्रीय दृश्य कला प्रदर्शनी रायपुर गौरा में आपका स्वागत है। यह  प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।        इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर ,लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज,दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी  दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।           गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है। यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है         डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG),रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है         घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर,शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं।  वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है। यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी         डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।          डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।       (CGPAG) के बारे में          छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

13 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 पर प्रेस कांफ्रेंस, प्रमुख अधिकारी करेंगे जानकारी साझा

रायपुर  जनगणना 2027 के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगवा एवं जनगणना कार्य निदेशक छत्तीसगढ, नागरिक पंजीकरण निदेशक छत्तीसगढ़ कार्तिकेय गोयल दिनांक 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) को दोपहर 12:00 बजे सिविल लाइन सर्किट हाऊस के सभाकक्ष में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे । इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आप सादर आमंत्रित हैं । दिनांक: 13 अप्रैल 2026 स्थान: पुराना सर्किट हाऊस के सभाकक्ष में समय: दोपहर 12 बजे

मीडिया आमंत्रण- बजट क्वेस्ट राष्टीय चरण में सम्मिलित होने के संबंध में

रायपुर  माय भारत छत्तीसगढ़,युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा बजट क्वेस्ट के राष्टीय चरण के प्रथम दिवस के अंतगर्त दिनांक 12/04/2026 को  मॉक पार्लियामेंट का आयोजन राजीव गांधी राष्टीय भूजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित किया जाएगा जिमसें महिला प्रतिभागी शामिल होंगे। बजट क्वेस्ट कार्यक्रम छत्तीसगढ़ से 30,000 में से चयनित 150 युवती महिला आरक्षण बिल पर मॉक पार्लियामेंट मे भाग ले रही है।  मीडिया प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे आज 12/04/2026 को अपरान्ह 02:00 बजे प्रस्तुत होकर युवाओं के विचार को आम जन तक पहुंचाने में सहयोग करें।  धन्यवाद!!