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छिना था परिवार बसाने का हक, अब लौटी खुशियां: आत्मसमर्पित माओवादियों की नई शुरुआत

जगदलपुर कभी जंगलों में बंदूक उठाने को मजबूर और जिंदगी के हर फैसले पर संगठन का पहरा, लेकिन अब वही चेहरे मुख्यधारा में लौटकर अपनी जिंदगी खुद लिख रहे हैं. बस्तर में आत्मसमर्पित माओवादियों की कहानी अब सिर्फ सरेंडर तक सीमित नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत की कहानी बन चुकी है. जहां बंदिशें टूट रही हैं, और घर-परिवार के सपने पूरे हो रहे हैं. माओवादी संगठन में शामिल होने के बाद इन लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती थी. हर कदम पर नियम हर फैसले पर पहरा. सबसे बड़ी बंदिश होती थी परिवार बसाने की मनाही. संगठन के भीतर रिश्ते बनाने और बच्चे पैदा करने पर सख्त रोक थी. यहां तक कि कई मामलों में जबरन नसबंदी तक कर दी जाती थी, यानि एक इंसान से उसकी सबसे बुनियादी इच्छाएं तक छीन ली जाती थी. न अपना घर… न अपने बच्चे… सिर्फ संगठन और उसकी विचारधारा. लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है मुख्यधारा में लौटे इन आत्मसमर्पित माओवादियों के लिए सरकार की पुनर्वास नीति एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है सिर्फ हथियार छोड़ने तक ही सीमित नहीं, बल्कि इन्हें एक सम्मानजनक और सामान्य जीवन जीने का मौका दिया जा रहा है. इसी कड़ी में सबसे संवेदनशील पहल वैसक्टोमी रिवर्सल अब इनकी जिंदगी में नई रोशनी ला रही है. पिछले साल 56 पुनर्वासित माओवादियों का सफल ऑपरेशन किया गया, जिससे वे फिर से सामान्य पारिवारिक जीवन की ओर लौट सकें. इस पहल का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. इन 56 में से 23 दंपतियों के घर अब बच्चों की किलकारियां गूंज चुकी हैं. जो कभी जंगलों में हथियार लेकर घूमते थे, आज वही लोग अपने बच्चों को गोद में लेकर एक नई दुनिया बसा रहे हैं. यह सिर्फ एक व्यक्तिगत खुशी नहीं, बल्कि उस दर्दनाक अतीत से बाहर निकलने का संकेत है, जहां इंसान को उसकी इंसानियत से ही दूर कर दिया जाता था. बस्तर में यह बदलाव एक बड़ी सामाजिक कहानी भी कह रहा है. जहां पहले डर, हिंसा और बंदिशों का माहौल था वहां अब भरोसा, परिवार और भविष्य की बात हो रही है. और यही वजह है कि हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले कई अन्य माओवादियों ने भी नसबंदी रिवर्सल के लिए आवेदन दिया है. सरकार और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि इनकी जिंदगी में भी खुशियों की वही शुरुआत हो जो अब कई घरों में दिखाई देने लगी है. आईजी बस्तर सुंदरराज पी. बताते हैं कि पुनर्वास के तहत हम हर संभव मदद दे रहे हैं कई माओवादियों ने वैसक्टोमी रिवर्सल के लिए आवेदन किया है स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर हम कोशिश कर रहे हैं कि वे सामान्य पारिवारिक जीवन जी सकें.

ठेकेदारों को निर्माण कार्य 1 वर्ष में पूरा करने दिए निर्देश

रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण से जुड़े विभागों और ठेकेदारों की मैराथन समीक्षा बैठक ली।उन्होंने प्रोजेक्ट में मुख्य मंदिर परिसर का उन्नयन, सरोवर का सौंदर्यीकरण, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा, सरोदा, पार्किंग में अब तक हुए कार्यों की प्रगति की गहनता से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय सीमा पर पूर्णता इन दो पैमानों पर सभी कामों की मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति गठित की गई है। उन्होंने सभी ठेकेदारों से कहा कि 15-15 दिन में किए जाने वाले कार्यों की टाइमलाइन दें। निगरानी समिति को हर सोमवार कार्यस्थल का मुआयना कर प्रगति की समीक्षा के निर्देश दिए। इस दौरान निर्माण कार्य में लगे सभी प्रोजेक्ट इंचार्ज और इंजीनियर्स को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए कहा। काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने समीक्षा के दौरान कहा कि मुख्य मंदिर परिसर में पेड़ों के इर्द गिर्द यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने के लिए चबूतरे बनवाये जाएं। मंदिर परिसर में जो भी प्रवेश द्वार और खंभे बनने का रहे हैं उनमें 'फनी नागवंशी' स्थापत्य की झलक दिखे, ऐसी संरचनाएं बनाई जाएं, लकड़ी के दरवाजों में इसी के अनुसार की नक्काशी की जाए। मुख्य प्रवेश द्वार सहित सभी द्वार भव्य रूप से बनाए जाएं।       उन्होंने कहा कि सरोवर स्थल में पिचिंग और लाइनिंग का काम तकनीकी उत्कृष्टता के साथ किया जाए। उन्होंने सरोवर तट पर सीढ़ियां तथा उसके ऊपर शेड का निर्माण व्यवस्थित रूप से करने के लिए कहा ताकि श्रद्धालु वहां आराम से बैठ सकें। सरोवर के किनारे लगने वाले स्ट्रीट लाइट के पोल भी आकर्षक रूप से तैयार करवाए जाएं जो पूरे मार्ग को भव्यता प्रदान करे। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने मंदिर परिसर में बनने वाले विश्राम स्थल में दरवाजे खिड़की इस प्रकार से लगाए जाएं जो पूरे भवन को भव्यता के साथ पर्याप्त हवा और रोशनी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगने वाली कलाकृतियों में स्थानीयता और लोक संस्कृति की छाप दिखनी चहिए। उन्होंने पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए पर्याप्त स्थान के साथ मजबूत फ्लोरिंग तैयार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पार्किंग में करीब बनने वाले दुकानों को इस प्रकार से बनाया जाए जिससे पार्किंग स्थल पर वाहनों का प्रवेश और निकासी व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो। उन्होंने पूरे कॉरिडोर में पेयजल, शौचालय जैसे जनसुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए।     मड़वा महल में प्रवेश द्वार, बाउंड्री वाल, कलाकृतियों की स्थापना, पर्यटकों की बैठक व्यवस्था का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ करने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार छेरकी महल, रामचुवा में होने वाले निर्माण और उन्नयन कार्यों की प्रगति के बारे में संबंधित ठेकेदार से जानकारी ली गई। सरोदा डैम में कैफेटेरिया, डैम तक सीढ़ियों और व्यू प्वाइंट का निर्माण, सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों को लेकर कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, एमडी पर्यटन  विवेक आचार्य, कलेक्टर  गोपाल वर्मा,  नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार मेरावी,  राम किंकर वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बोड़ला  नन्द वास,  लोकचंद साहू,   आदित्य वास्तव,  दुर्गेश दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

भ्रष्टाचार पर सख्ती: 1.19 करोड़ की गड़बड़ी उजागर, 8 पंचायत सचिव निलंबित

गौरेला. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने गौरेला जनपद के 8 पंचायत सचिवों द्वारा 15वें वित्त आयोग मद की कुल 1 करोड़ 19 लाख 56 हजार रुपये की अनियमित भुगतान संबंधित वेन्डर को करने पर निलंबित कर दिया है. गुरुवार को जारी अलग-अलग निलंबन आदेश में कहा गया है कि पंचायत सचिवों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम के विपरीत होने पर पंचायत सेवा अनुशासन और अपील नियम 1999 में प्रदत्त अधिकारों को प्रयोग करते हुए उन्हें निलंबित किया जाता है. निलंबित किए गए पंचायत सचिवों में ग्राम पंचायत तेन्दुमुढ़ा के सचिव उमा शंकर उपाध्याय, ग्राम पंचायत नेवरी नवापारा के सचिव भैयालाल करसायल, ग्राम पंचायत ठाड़पथरा के सचिव नान्हूदास बघेल, ग्राम पंचायत आमाडोब के सचिव ओंकार भानू, ग्राम पंचायत पूटा के सचिव रतन सिंह, ग्राम पंचायत आमगांव के सचिव राधेश्याम मरावी, ग्राम पंचायत साल्हेघोरी के सचिव राजकुमार शर्मा और ग्राम पंचायत हर्राटोला के सचिव त्रिलोक सिंह शामिल हैं. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत गौरेला निर्धारित किया गया है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. निलंबन आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत तेन्दुमुढ़ा के सचिव द्वारा 29 लाख 98 हजार 445 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत नेवरी नवापाऱा के सचिव द्वारा 26 लाख 13 हजार 200 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत ठाड़पथरा के सचिव द्वारा 23 लाख 26 हजार 700 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत आमाडोब के सचिव द्वारा 10 लाख 91 हजार 400 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत पूटा के सचिव द्वारा 10 लाख 72 हजार 378 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत आमगांव के सचिव द्वारा 6 लाख 40 हजार 182 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत साल्हेघोरी के सचिव द्वारा 6 लाख 69 हजार रुपये और ग्राम पंचायत हर्राटोला के सचिव द्वारा 5 लाख 47 हजार 700 रुपये का अनियमित भुगतान करने संबंधित वेन्डर को किया गया है.

बड़े नशा नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, हैदराबाद-सरगुजा कनेक्शन उजागर

मनेन्द्रगढ़ नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में चिरमिरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय कुख्यात रसल एक्का गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हैदराबाद से जुड़ा था कनेक्शन पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह गिरोह ATM और डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार का पैसा संचालित कर रहा था। इस तरीके से न सिर्फ सप्लाई चेन, बल्कि पूरे फाइनेंशियल नेटवर्क को भी छुपाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि नशे का सामान हैदराबाद से सरगुजा संभाग तक सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस ने पहले कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड रसल एक्का को रायपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वैंदला वासु (हैदराबाद), रजत कुमार (सूरजपुर) को भी गिरफ्तार कर लिया। ATM के जरिए चलता था पूरा नेटवर्क गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से मिली रकम को ATM ट्रांजेक्शन के जरिए अलग-अलग खातों से निकालकर नेटवर्क में बांटा जाता था, जिससे पुलिस की नजर से बचा जा सके। इस खुलासे के बाद पुलिस ने न सिर्फ तस्करी, बल्कि पूरे फाइनेंशियल ऑपरेशन को भी ट्रैक कर तोड़ दिया। चिरमिरी पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है। इससे सरगुजा संभाग में सक्रिय अंतरराज्यीय नशा तस्करी की एक बड़ी चेन खत्म हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

81वीं जीएचआरडीएन बैठक में मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0, मैट्स विश्वविद्यालय में हुआ आयोजन

मैट्स विश्वविद्यालय में 81वीं जीएचआरडीएन बैठक के अंतर्गत मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0 का आयोजन, देशभर के प्रमुख मानव संसाधन विशेषज्ञों की भागीदारी रायपुर  मैट्स विश्वविद्यालय में जीएचआरडी मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मानव संसाधन क्षेत्र के अग्रणी नेताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा पेशेवरों का एक भव्य संगम रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह शिखर सम्मेलन मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उभरती प्रवृत्तियों, चुनौतियों तथा नवाचारों पर विचार-विमर्श का एक प्रभावी मंच बना। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, माननीय कुलपति प्रोफेसर के. पी. यादव, आदरणीय महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया तथा आदरणीय कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा की गरिमामयी उपस्थिति एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इस महत्वपूर्ण और प्रभावशाली कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र गेडाम (आईएसटीडी नागपुर) रहे। कार्यक्रम का समन्वय श्री एस. के. लाजेवर (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रकरण) तथा श्री सुरेश (सचिव, छत्तीसगढ़ प्रकरण) द्वारा किया गया। साथ ही इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. उमेश गुप्ता, प्राध्यापक एवं अधिष्ठाता, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय ने की। इस शिखर सम्मेलन में विभिन्न उद्योगों से आए विशिष्ट अतिथि वक्ताओं तथा मानव संसाधन क्षेत्र के नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। प्रमुख अतिथियों में श्री डी. के. मोहंती (समूह मानव संसाधन प्रमुख, नीको), डॉ. राज्जू कुमार (एन एक्सिडेंटल इंजीनियर), श्री अभिषेक सिंह (सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ, यूनिसेफ), श्री श्याम वर्मा (निदेशक, मिरेकल्स) तथा श्री साइमन जॉर्ज (प्रमुख – शिक्षण एवं विकास / प्रशासन, एसआरयू) शामिल रहे। उनके विचारों और अनुभवों ने चर्चा को अत्यंत समृद्ध बनाया तथा शिक्षा जगत और उद्योग जगत से आए प्रतिभागियों को प्रेरित किया। इस शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न उद्योगों और कॉर्पोरेट क्षेत्रों के प्रतिष्ठित मानव संसाधन पेशेवरों के साथ आयोजित एक रोचक विचार गोष्ठी रही। इस चर्चा में समकालीन मानव संसाधन कार्यप्रणालियों, भविष्य के कार्यबल की प्रवृत्तियों, नेतृत्व विकास, डिजिटल परिवर्तन तथा बदलते व्यावसायिक वातावरण में प्रतिभा प्रबंधन की रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस चर्चा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न उद्योगों से आए बड़ी संख्या में मानव संसाधन पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह शिखर सम्मेलन अत्यंत संवादात्मक और ज्ञानवर्धक अनुभव बन गया। अनुभवी मानव संसाधन नेताओं और उभरते पेशेवरों के बीच विचारों के आदान-प्रदान ने सीखने, संपर्क स्थापित करने तथा सहयोग का एक सशक्त मंच प्रदान किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में मैट्स विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं नियुक्ति प्रकोष्ठ की समर्पित टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने कार्यक्रम की योजना बनाने और उसे सुचारू रूप से संपन्न कराने में उल्लेखनीय योगदान दिया। जीएचआरडी मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0 का समापन सभी वक्ताओं, विचार गोष्ठी के प्रतिभागियों, गणमान्य अतिथियों तथा उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ, जिन्होंने इस आयोजन को अत्यंत सफल बनाया। यह शिखर सम्मेलन उद्योग और शिक्षा जगत के मध्य सहयोग को सुदृढ़ करने तथा मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में नेतृत्व और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के प्रति मैट्स विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों को दी जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उपायों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों से धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये में कर रही है तथा अंतर की राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है।  साय ने कहा कि पिछले 2 वर्षों से हमारी सरकार किसानों से किया हर एक वादा पूरा कर रही है। उन्होंने किसानों से संवाद कर होली के पूर्व धान के अंतर की राशि का भुगतान तथा योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी भी ली।        मुख्यमंत्री ने कहा कि देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, लेकिन तिलहन उत्पादन में अभी भी कमी है। वर्तमान में देश अपनी आवश्यकता का लगभग 57 प्रतिशत ही तिलहन उत्पादन कर पा रहा है, शेष 43 प्रतिशत आयात करना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए तिलहन विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिकों के सुझावों को अपनाकर तिलहन उत्पादन बढ़ाएं। उन्होंने जानकारी दी कि कृषक उन्नति योजना की तर्ज पर तिलहन फसलों के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर आय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि जीएसटी में सुधार के बाद कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी आई है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है। कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।          कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने तिलहन विकास कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को विश्वविद्यालय के माध्यम से उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य में संचालित 28 कृषि महाविद्यालयों, 27 कृषि विज्ञान केंद्रों एवं अनुसंधान संस्थानों के जरिए हर वर्ष लगभग 50 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक  प्रबोध मिंज, विधायक  रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर  मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष  राम किशुन सिंह, सभापति  हरविंदर सिंह,  राम लखन पैंकरा, संभाग आयुक्त  नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

नगर निगम अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने जोन 8 में राजस्व वसूली की गहन समीक्षा की

नगर निगम अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने जोन 8 में राजस्व वसूली की गहन समीक्षा की सभी एआरआई जोन 8 के सभी 7 वार्डों के घर – घर, दुकान – दुकान जाकर फील्ड में उतरकर राजस्व वसूली करें, कोई भी घर, कोई भी  दुकान 31 मार्च 2026 तक राजस्व वसूली से छूटने ना पाए रायपुर  आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त विश्वदीप के आदेशानुसार नगर निगम अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने नगर निगम जोन 8 महोबा बाजार पहुंचकर जोन 8 के सभी 7 वार्डों में राजस्व वसूली अभियान की गहन समीक्षा नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल और जोन सहायक राजस्व अधिकारी महादेव रक्सेल एवं सभी राजस्व निरीक्षकों और सहायक राजस्व निरीक्षकों की उपस्थिति में की. अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने दिए गए निर्धारित लक्ष्य अनुसार 31 मार्च 2026 तक शत – प्रतिशत राजस्व वसूली करना नगर निगम हित में सर्वोच्च प्राथमिकता से हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. अपर आयुक्त ने जोन 8 के अंतर्गत सभी 7 वार्डों के प्रत्येक घर और प्रत्येक दुकान में जाकर घर – घर और दुकान – दुकान फील्ड में उतरकर नगर निगम जोन 8 राजस्व विभाग के लिए राजस्व वसूली करने सभी सहायक राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया. अपर आयुक्त ने निर्देश दिए कि 31 मार्च तक जोन 8 अंतर्गत किसी भी वार्ड में कोई भी घर और कोई भी दुकान राजस्व वसूली से छूटने ना पाए , यह सभी सहायक राजस्व निरीक्षक हर हाल में नगर निगम हित में सुनिश्चित करें.

रोमांच का महासंग्राम: गंगरेल में होगी महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप, 52 टीमें करेंगी मुकाबला

धमतरी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के लिए कल का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है. पहली बार गंगरेल बांध की शांत जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के अंतर्गत भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है. यह रोमांचक प्रतियोगिता, 22 मार्च रविवार को दोपहर 3:00 बजे से प्रारंभ होगी, जिसका जिलेवासियों को बेसब्री से इंतजार है. आयोजन स्थल पर उत्साह और उमंग का माहौल देखते ही बन रहा है. प्रतियोगिता में 52 टीमें होंगी शामिल जानकारी के अनुसार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में धमतरी सहित आस पास के जिलों की कुल 52 टीमें हिस्सा ले रही हैं. प्रतियोगिता की शुरुआत मचान हाट प्वाइंट से शुरू होगी और गंगरेल ब्लू एडकेचर स्पोर्टस प्वाइंट में समाप्त की जाएगी. सभी टीमें 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में अपनी क्षमता और तालमेल का प्रदर्शन करेंगी. तैयारियां लगभग अंतिम दौर में है. मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद महासमुंद रूपकुमारी चौधरी होंगी. महिला शक्ति की सशक्त भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र इस आयोजन की सबसे विशेष और प्रेरणादायक बात यह है कि ग्रामीण अंचल की तीन महिला टीमें भी पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं. ग्राम लिर्रा, जिला धमतरी की चयन बाई, सुमन और दिनेश्वरी निधार अपनी पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ इस प्रतियोगिता में शामिल होकर न केवल प्रतिस्पर्धा को रोचक बनाएंगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी सशक्त संदेश देती नजर आएंगी. सीमित संसाधनों के बावजूद उनका यह साहस और जज्बा सभी के लिए प्रेरणास्रोत है. पर्यटन और स्थानीय प्रतिभा को मिलेगा मंच इस अनूठे आयोजन का उद्देश्य गंगरेल बांध को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित करना, जल पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है. प्रतियोगिता के माध्यम से जिले की प्राकृतिक सुंदरता और संभावनाओं को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है. आकर्षक पुरस्कारों से बढ़ेगा उत्साह प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए आकर्षक नगद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं. प्रथम पुरस्कार : 1,00,000 रुपये द्वितीय पुरस्कार : 50,000 रुपये तृतीय पुरस्कार : 25,000 रुपये इसके अतिरिक्त बोट सजावट और वेशभूषा प्रतियोगिता के लिए 11,000 रुपये का विशेष पुरस्कार भी रखा गया है, जिससे प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस ऐतिहासिक अवसर पर जिले के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, युवाओं, खेल प्रेमियों और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन स्थल पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि गंगरेल नौकायान उत्सव धमतरी की नई पहचान बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम है. विशेष रूप से महिला टीमों की भागीदारी इस आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बनाती है. सभी नागरिकों से आग्रह है कि वे पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन का हिस्सा बनें और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए इसे सफल बनाएं. धमतरी की पहचान बनेगा यह आयोजन‘महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि धमतरी जिले के पर्यटन, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का उत्सव है. गंगरेल बांध की लहरों पर आज रोमांच, प्रतिस्पर्धा और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिलेगा, जो निश्चित रूप से जिले की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा.

नौकरी का सुनहरा मौका: रायपुर प्लेसमेंट कैंप में अर्बन प्रमोटर-टेक्नीशियन के पदों पर भर्ती

रायपुर. नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ा मौका है। जिला रोजगार कार्यालय रायपुर द्वारा 23 मार्च को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्लेसमेंट कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें 100 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। इस जॉब फेयर में 10वीं पास सहित 12वीं, स्नातक और स्नातकोत्तर अभ्यर्थी भी शामिल हो सकते हैं। इस प्लेसमेंट कैंप में निजी क्षेत्र की कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड द्वारा अर्बन प्रमोटर के 100 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें महिला और पुरुष दोनों आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को 10,000 से 20,000 रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा पेस्ट कंट्रोल टेक्नीशियन के 5 पदों पर भी भर्ती होगी, जिसके लिए न्यूनतम योग्यता 8वीं पास निर्धारित है। 14,000 रुपये प्रतिमाह मिलेगा वेतन इन पदों के लिए 10,000 से 14,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थी अपने बायोडाटा, आधार कार्ड और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की छायाप्रति के साथ निर्धारित समय पर कैंप में पहुंच सकते हैं। साथ ही इस जॉब फेयर में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल e-rojgar.cg.gov.in पर पंजीयन अनिवार्य किया गया है।

सीएम विष्णु देव साय बस्तर में करेंगे राज्य की सबसे बड़ी हेरिटेज मैराथन की शुरुआत

सीएम विष्णु देव साय बस्तर में देंगे राज्य की सबसे बड़े ‘हेरिटेज मैराथन’ की सौगात बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ की थीम पर 22 मार्च को होगा राज्य का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स इवेंट फिटनेस और विरासत का उत्सव- बस्तर को ग्लोबल टूरिज्म मैप पर लाने की बड़ी तैयारी बस्तर को देश का प्रमुख टूरिज्म और स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन बनाना हमारा संकल्प-  साय रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेल, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का आयोजन रविवार 22 मार्च को करने जा रही है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा रनिंग इवेंट होगा, जिसकी शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से होगी और समापन विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पर होगा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस रूट पर दौड़ते हुए प्रतिभागियों को बस्तर की अद्भुत वादियों और सांस्कृतिक पहचान का अनूठा अनुभव मिलेगा।            मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि बस्तर हेरिटेज मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध परंपरा, प्राकृतिक संपदा और जनभागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ के संदेश के साथ यह आयोजन न केवल फिटनेस को बढ़ावा देगा, बल्कि बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर देना, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।           मैराथन में 42 किलोमीटर (फुल मैराथन), 21 किलोमीटर (हाफ मैराथन), 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर (फन रन) की श्रेणियां रखी गई हैं, ताकि हर आयु वर्ग और फिटनेस स्तर के लोग इसमें भाग ले सकें। प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रुपये की आकर्षक पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। पंजीकरण शुल्क मात्र 299 रुपये रखा गया है, जबकि बस्तर संभाग के सातों जिलों के प्रतिभागियों के लिए यह पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे स्थानीय स्तर पर अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।           प्रतिभागियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैराथन मार्ग पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे रूट पर नियमित अंतराल पर रिफ्रेशमेंट पॉइंट्स (आरपीएन) स्थापित किए जाएंगे, जहां एनर्जी ड्रिंक्स और पानी की उपलब्धता रहेगी। इसके अलावा मेडिकल सपोर्ट, इमरजेंसी सेवाएं और सुव्यवस्थित रूट मैनेजमेंट भी सुनिश्चित किया गया है ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके। इस आयोजन को और यादगार बनाने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और प्रोफेशनल रनिंग फोटोग्राफ्स प्रदान किए जाएंगे। साथ ही जुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसे आकर्षक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा बनी रहे।          ‘रन फॉर नेचर, रन फॉर कल्चर’ (प्रकृति के लिए दौड़ो, संस्कृति के लिए दौड़ो) की थीम पर आधारित यह मैराथन बस्तर की प्राकृतिक धरोहर और जनजातीय संस्कृति को देशभर के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह अवसर न केवल दौड़ने का है, बल्कि बस्तर को करीब से जानने और उसकी विरासत को महसूस करने का भी है। इच्छुक प्रतिभागी https://www.bastarheritage. run/registration लिंक के माध्यम से या आधिकारिक पोस्टर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।            मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया’, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के विजन से प्रेरित है। प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया है। बस्तर हेरिटेज मैराथन उसी सोच को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है, जहां खेल, संस्कृति और प्रकृति एक साथ जुड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बस्तर को देश के प्रमुख पर्यटन और स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के आयोजनों से न केवल युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बस्तर के कारीगरों, कलाकारों और छोटे-छोटे व्यवसायों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।          मुख्यमंत्री श्री साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह देश के हर कोने से युवाओं और नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे बस्तर आएं, यहां की प्रकृति, संस्कृति और ऊर्जा को महसूस करें और इस ऐतिहासिक मैराथन का हिस्सा बनें।