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न्याय की जीत: मूक-बधिर पीड़िता की गवाही पर मुहर, आरोपी को उम्रकैद की सजा कायम

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल मूक-बधिर होने पर किसी गवाह की बात को खारिज नहीं किया जा सकता। संकेतों से दी गई जानकारी को भी कानूनी तौर पर मौखिक साक्ष्य माना जाता है। हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल ने डिवीजन बेंच ने मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले को मरते दम तक उम्र कैद की सजा सुनाई है। आरोपी वर्तमान में जेल में बंद है और उसे अपनी पूरी सजा काटनी होगी। इस मामले में पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती थी, इसलिए उसकी गवाही के लिए प्लास्टिक की गुड़िया का सहारा लिया गया। बता दें कि बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र में रहने वाली 19 वर्षीय युवती 29 जुलाई 2020 को घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता खेत में काम करने गए थे। तभी उसका रिश्तेदार नीलम कुमार देशमुख घर में घुस गया। उसने युवती के साथ रेप किया। शाम को जब मां घर लौटी तो मूक- बधिर बेटी ने अपनी मां को इशारों में अपने साथ हुई दरिंदगी की कहानी सुनाई और आरोपी की पहचान बताई। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाना लेकर गए और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 450 और 376(2) के तहत केस दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया था। पीड़िता जन्म से ही बोलने और सुनने में अक्षम थी, इसलिए कोर्ट के सामने उसकी गवाही दर्ज कराना एक बड़ी चुनौती थी। सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट की मदद ली। जब कुछ सवाल पूछने में दिक्कत आई तो कोर्ट ने प्लास्टिक की गुड़िया मंगवाई। पीड़िता ने गुड़िया के माध्यम से संकेतों और इशारों से प्रदर्शन करके दिखाया कि आरोपी ने उसके साथ किस तरह से गलत काम किया था। इस आधार पर ट्रॉयल कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता की गवाही पूरी तरह से भरोसेमंद है। इसके अलावा मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी पुष्टि की। कोर्ट ने कहा कि केवल मूक-बधिर होने के आधार पर किसी गवाह की बात को खारिज नहीं किया जा सकता। संकेतों के माध्यम से दी गई जानकारी को भी कानूनी तौर पर मौखिक साक्ष्य माना जाता है। कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की धारा 376(2) के तहत मौत होने तक उम्रकैद और धारा 450 के तहत 5 साल जेल की सजा सुनाई है। साथ ही 21 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

सट्टेबाजों के लिए अलर्ट! IPL शुरू होने से पहले पुलिस का कड़ा संदेश, कार्रवाई तय

रायपुर. IPL शुरू होने से पहले रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की सट्टेबाजों के लिए खास संदेश जारी की है. ‘कानून के साथ मत खेलना’, वरना मैच ही नहीं, जेल भी देखनी पड़ेगी. दरअसल, हर साल आईपीएल के मैच के दौरान सट्टेबाजी बड़े पैमाने पर होती है. पुलिस हर बार कार्रवाई करती है, लेकिन सट्टेबाजों का नेटवर्क इतना बड़ा है कि कारोबार चलता ही रहता है. अबकी बार आईपीएल शुरू होने से पहले रायपुर पुलिस कमिश्नरेट इस पर लगाम कसने के लिए सक्रिय है. इस दिशा में सोशल मीडिया में बाकायदा मैसेज जारी कर सट्टेबाजों को चेतावनी दी है. रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने क्रिकेट की भाषा में समझाया है कि बेटिंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है. ‘चेज’ करने में माहिर है कानून की टीम. फर्जी सट्टा आईडी देने वालों से दूरी बनाने की अपील, नहीं माने तो ‘पार्टनरशिप’ नहीं टिकेगी… इसके साथ ही रायपुर पुलिस ने साफ संदेश दिया है. सट्टेबाजी छोड़िए, वरना सीधा जेल का रास्ता… बैंक खातों पर विशेष निगरानी कमिश्नरेट पुलिस ने सट्टेबाजों की आर्थिक गतिविधियों पर भी कड़ा शिकंजा कस दिया है। खासकर आईपीएल के दौरान खुलने वाले नए बैंक खातों और उनके ट्रांजेक्शन की जांच की जाएगी। प्राइवेट बैंकों के खातों पर विशेष नजर रखी जा रही है क्योंकि इन्हें खोलना आसान होता है। आईडी और कोड वर्ड के जरिये हो रही सट्टेबाजी सट्टेबाज अपने एजेंटों को विशेष आईडी और पॉइंट्स देकर सट्टे का खेल चला रहे हैं। एक-एक एजेंट को 50 लाख रुपये तक के पॉइंट और आईडी उपलब्ध कराई गई है। इसमें “लगाना” और “खाना” जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल होता है, जिससे सट्टेबाजी का संचालन किया जाता है। पुलिस की सख्त कार्रवाई की चेतावनी पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि सट्टेबाजी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसओजी, सर्विलांस सेल और एलआईयू के सहयोग से भौतिक और तकनीकी रूप से सट्टेबाजों की निगरानी की जा रही है। सट्टेबाजों की जगह केवल जेल होगी। 

प्रशासनिक फेरबदल: रजत बंसल बने जनसंपर्क आयुक्त, रवि मित्तल की PMO में नियुक्ति

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए रजत बंसल को मुख्यमंत्री सचिवालय में पोस्टिंग के साथ जनसंपर्क आयुक्त का प्रभार सौंपा है, जबकि रवि मित्तल को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में उप सचिव पद के लिए रिलीव कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार दोनों निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। वर्ष 2012 बैच के आईएएस अधिकारी रजत बंसल को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय के पद पर पदस्थ किया गया है। वे अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ आयुक्त जनसंपर्क, सीईओ ‘संवाद’, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म तथा प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। वहीं, वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी रवि मित्तल को भारत सरकार के आदेश के परिपालन में प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली में उप सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। इसके लिए उन्हें 31 मार्च 2026 की अपराह्न से कार्यमुक्त किया जाएगा। उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि चार वर्ष या आगामी आदेश तक निर्धारित की गई है। वर्ष 2012 बैच के अधिकारी रजत बंसल अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ सीईओ ‘संवाद’, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म और प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम का अतिरिक्त दायित्व भी संभालेंगे। इधर, वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी रवि मित्तल को 31 मार्च 2026 की अपराह्न से कार्यमुक्त किया जाएगा। उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि चार वर्ष या अगले आदेश तक निर्धारित की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों से संबंधित ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल पर ₹10 की कटौती और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म, CM साय ने की सराहना

डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल पर ₹10 की कटौती—केंद्र सरकार के फैसले का CM साय ने किया स्वागत मुख्यमंत्री ने कहा—140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय, प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचायक रायपुर   केंद्र सरकार द्वारा डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी को मात्र ₹3 प्रति लीटर करने के निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाने वाला ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से देश के प्रत्येक परिवार, किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार द्वारा आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढ़ने देना एक बड़ी संवेदनशील पहल है, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संवेदनशीलता और देशवासियों के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।

छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर एनएसयूआई का चरणबद्ध आंदोलन तेज, प्रेस वार्ता में दी रणनीति की जानकारी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी मनेन्द्रगढ़ में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) द्वारा छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। इसी कड़ी में आज आयोजित प्रेस वार्ता में संगठन ने अपने आंदोलन की रूपरेखा और आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष कासिम शोधकर्ता ने कहा कि लंबे समय से छात्र संघ चुनाव नहीं होने के कारण छात्रों की आवाज दब रही है और उनका प्रतिनिधित्व लगभग समाप्त हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए छात्र संघ चुनाव अत्यंत आवश्यक है, और संगठन इस मुद्दे पर अंतिम लड़ाई लड़ने को तैयार है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक शास्त्री ने एनएसयूआई के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के अधिकारों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल छात्र संघ चुनाव कराकर छात्रों को उनका लोकतांत्रिक अधिकार वापस देने की मांग की। कांग्रेस कमेटी मनेन्द्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि छात्र संघ चुनाव नहीं होने से छात्रों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस संगठन एनएसयूआई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस आंदोलन में पूरी मजबूती से खड़ा है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रफीक मेमन एवं एनएसयूआई महासचिव आशिष चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में महंगाई, संसाधनों की कमी और अन्य समस्याएं छात्रों को प्रभावित कर रही हैं। छात्र संघ चुनाव इन मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का सशक्त माध्यम है, इसलिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा। एनएसयूआई द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसारः 30 मार्च 2026 को प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में राज्यपाल एवं सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा

IPL का बड़ा मुकाबला रायपुर में: KKR-RCB मैच में शाहरुख खान की एंट्री तय!

रायपुर. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईपीएल 2026 का दूसरा शेड्यूल जारी कर दिया है। शेड्यूल्ड के मुताबिक राजधानी रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में दो मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच 10 मई को खेला जाएगा जो कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच होगा। वहीं दूसरा मैच 13 मई को कलकत्ता नाईट राइडर्स (KKR) और आरसीबी खेला जाएगा। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने आईपीएल के दो मुकाबलों के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। स्टेडियम में मैच और दर्शकों के लिए सुविधाओं के लिए जल्द ही बैठक की जाएगी। साथ ही टिकटों के दाम और अन्य सामानों के दर तय किये जाएंगे। रायपुर आ सकते हैं शाहरुख खान! राजधानी 13 मई को केकेआर vs आरसीबी के बीच मुकाबला खेला जाएगा। इसको देखने के लिए शाहरुख खान रायपुर आ सकते हैं । शाहरुख खान आम तौर पर केकेआर का हर मुकाबला देखने के लिए स्टेडियम पहुंचते हैं इसलिए ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि इस बार वह रायपुर आ सकते हैं । हालांकि अभी इसको लेकर अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है। 10 साल बाद छत्तीसगढ़ में आईपीएल की वापसी छत्तीसगढ़ मे 10 साल बाद रायपुर में फिर से आईपीएल के मैच होने वाले हैं. आरसीबी ने इस बार रायपुर को अपना होम ग्राउंड बनाया है। जहां इस बार रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम अपने दो मुकाबले खेलेगी। क्रिकेट फैंस को विराट कोहली के साथ-साथ हार्दिक पंड्या, अजिंक्य रहाणे की बैटिंग देखने को मिलेगी। शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम की जानकारी शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर, छत्तीसगढ़ (नवा रायपुर) में स्थित 65,000 दर्शकों की क्षमता वाला भारत का तीसरा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है। 2008 में स्थापित यह आधुनिक स्टेडियम, जो 2023 से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की मेजबानी कर रहा है, IPL (आईपीएल) और रणजी ट्रॉफी के लिए मशहूर है। यह स्टेडियम अपनी तेज गेंदबाजों और बल्लेबाजों के अनुकूल पिच और बड़ी बाउंड्री के लिए जाना जाता है, जो 80 मीटर के औसत के साथ एक समान खेल का मैदान प्रदान करता है। रायपुर की पिच रिपोर्ट रायपुर में स्थित शहीद वीर नारायरण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम की सरफेस आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। हालांकि यहां अब तक कुछ ज्यादा इंटरनेशनल मैच नहीं खेले गए हैं। लेकिन इस ट्रैक पर स्पिनर्स और तेज गेंदबाज दोनों को मदद मिलती रही है। पिच का एक्जेक्ट आकलन करना थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन यहां लक्ष्य का पीछा करना आसान माना जा सकता है।

देशभर के चार्टर्ड अकाउंटेंट रायपुर में जुटे, बैंक ऑडिट के उच्च मानकों पर फोकस

रायपुर. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की सीआईआरसी रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, रायगढ़ और कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “आरोहण” एलिवेटिंग स्टैंडर्ड्स ऑफ बैंक ऑडिट का आयोजन आज होटल बेबीलोन कैपिटल, VIP चौक, रायपुर में हुआ। इस कार्यक्रम में देशभर से 1500 से अधिक सीए ने भाग लिया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विशिष्ट अतिथि के रूप में दिवाकर पी. सिंह, जनरल मैनेजर, बैंक ऑफ बड़ौदा, प्रोग्राम डायरेक्टर सीए पंकज शाह, सीए अभय छाजेड़ (सीसीएम), प्रोग्राम कन्वेनर सीए संजय बिल्थारे , प्रोग्राम को-कन्वेनर सीए सुरेश कुमार अग्रवाल उपस्थित थे। ये सभी सम्मानित व्यक्तित्व डिग्निटरीज़ के रूप में उपस्थित थे और उन्होंने अपने अनुभव, मार्गदर्शन तथा विचारों से आयोजन की गरिमा और महत्व को बढ़ाया। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि बैंक ऑडिट सम्मेलन से सीए को नए नियम, RBI गाइडलाइन, काम करने का सही तरीका और नए टूल्स की आसान जानकारी मिलती है, जिससे उनका काम बेहतर और आसान हो जाता है। इसमें एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा करते हैं, जिससे रियल लाइफ सिचुएशन समझ में आती हैं। नए नियमों और बदलावों की जानकारी समय पर मिलती है। नेटवर्किंग का मौका मिलता है, जिससे नए कॉन्टैक्ट्स बनते हैं। कुल मिलाकर, यह सीए के प्रोफेशनल ग्रोथ में बहुत मदद करता है। विशिष्ट अतिथि दिवाकर पी. सिंह, जनरल मैनेजर, बैंक ऑफ बड़ौदा ने राष्ट्रीय सम्मेलन में मजबूत ऑडिट प्रणाली के महत्व पर जोर दिया। बदलते RBI नियमों के पालन, प्रभावी जोखिम प्रबंधन और पारदर्शिता की आवश्यकता बताई। उन्होंने फ्रॉड पहचान, डिजिटल बैंकिंग के जोखिम और ऑडिट में AI की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को नई तकनीक अपनाने और प्रोफेशनल एथिक्स बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उनका भाषण ऑडिट की गुणवत्ता सुधारने, आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने और बैंकिंग प्रणाली में विश्वास बनाए रखने पर केंद्रित था। रायपुर शाखा की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्य, महत्व एवं सदस्यों के व्यावसायिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बैंक ऑडिट के बढ़ते महत्व, गुणवत्ता पूर्ण रिपोर्टिंग एवं बदलते नियामकीय परिदृश्य में अद्यतन रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सचिव सीए ऋषिकेश यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सदस्यों के लिए प्रेरित किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए पहले दिन के सत्र का समापन किया। इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग क्षेत्रों के प्रोफेशनल सीए उपस्थित होंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य आज के युग के सीए को सही मार्गदर्शन देना है। सीए लोकेश गुप्ता ने IRAC नियम और एडवांस की स्क्रूटनी पर कहा कि बैंकों को आय की सही पहचान, एसेट क्लासिफिकेशन और प्रोविजनिंग नियमों का पालन करना चाहिए। समय-समय पर loans की गहन जांच, NPA पर नियंत्रण और पारदर्शिता बनाए रखना बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाता है। सीए अभय छाजेड़ ने बैंक ऑडिट में डॉक्यूमेंटेशन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सही और पूर्ण दस्तावेज ऑडिट की विश्वसनीयता बढ़ाते हैं। प्रैक्टिकल इश्यूज़ जैसे इनकम्प्लीट रिकॉर्ड्स, समय की कमी और कंप्लायंस चैलेंजेस को समझकर ऑडिटर्स को सतर्कता, सटीकता और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। सीए डी प्रेमनाथ ने CBS ऑडिट में अपडेटेड AI टूल्स के उपयोग को और विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि AI टूल्स बड़े डेटा को जल्दी एनालाइज करके अनयूजुअल ट्रांजैक्शन, फ्रॉड पैटर्न्स और रिस्क एरियाज़ पहचानने में मदद करते हैं। इससे मैनुअल काम कम होता है और एक्यूरेसी बढ़ती है। रियल टाइम मॉनिटरिंग से ऑडिटर्स तुरंत इश्यूज़ पकड़ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि AI के साथ ह्यूमन जजमेंट जरूरी है, ताकि फाइनल ऑडिट सही और बैलेंस्ड रहे। सीए नयन कोठारी ने अलएफएआर के तहत रिपोर्टिंग की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि सही, स्पष्ट और पूरी रिपोर्टिंग बहुत जरूरी है। इससे बैंक की स्थिति, रिस्क और कमियों का सही पता चलता है। अच्छी रिपोर्टिंग से मैनेजमेंट और रेगुलेटर को सही निर्णय लेने में मदद मिलती है और ट्रांसपेरेंसी बनी रहती है। इस कार्यक्रम में रायपुर आईसीएआई मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा, वाइस चेयरमैन सीए रवि जैन, सेक्रेटरी सीए ऋषिकेश यादव, कोषाध्यक्ष सीए शीतल काला, सिकासा चेयरमैन सीए संस्कार अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सीए विकास गोलछा, कार्यकारिणी सदस्य सीए आयुषि अग्रवाल, एक्स ऑफिसियो सीए पंकज शाह शामिल थे। कार्यक्रम में प्रायोजक के रूप में ITSA हॉस्पिटल, बैंक ऑफ बड़ौदा, श्री राम ज्वेलर्स एवं टैक्समैन का विशेष सहयोग रहा।

कर्नाटक का जलवा कायम! 8 गोल्ड समेत 12 मेडल जीतकर टॉप पर, मेजबान छत्तीसगढ़ पीछे

रायपुर. छत्तीसगढ़ की मेजबानी में रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया गया है। इसमें कर्नाटक की टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 8 गोल्ड, 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में टॉप पर जगह बना ली है। वहीं, ओडिशा की टीम 5 गोल्ड, एक सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज के साथ दूसरे नंबर पर काबिज है। असम की टीम 2 गोल्ड और 3 सिल्वर के साथ तीसरे नंबर पर चल रही है। वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ की टीम अब तक दो सिल्वर और ब्रॉन्ज लेकर 6वें नंबर पर चल रही है। गुरुवार को स्वीमिंग इवेंट में छत्तीसगढ़ की ओर से खेलते हुए अनुष्का भगत ने 200 मीटर इंडिविजुअल मेडली में सिल्वर हासिल किया। इसके पहले अनुष्का ने 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में सिल्वर जीता था। वहीं हॉकी में छत्तीसगढ़ को हार का सामना करना पड़ा, जबकि फुटबॉल का मैच ड्रॉ रहा। वेटलिफ्टिंग में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी खाता भी नहीं खोल सके। मैडल टेली – अब तक छत्तीसगढ़ को नहीं मिला कोई गोल्ड राज्य    गोल्ड    सिल्वर    ब्रॉन्ज    कुल कर्नाटक    8    3    1    12 ओडिशा    5    1    8    14 असम    2    3    0    5 मिजोरम    1    1    0    2 त्रिपुरा    0    2    2    4 छत्तीसगढ़    0    2    1    3

किसानों से अपील : भूमि धारिता एवं पात्रता अनुसार ही उर्वरक का करें भंडारण, ताकि सभी किसान हो सकें लाभान्वित

रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा है कि राज्य सरकार ने आगामी खरीफ सीजन के लिए रासायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस तरह की जानकारी संज्ञान में आ रही है कि फास्फेटिक उर्वरक के प्रमुख स्रोत डी.ए.पी. का अनियमित उठाव कृषक भाइयों द्वारा किया जा रहा है, जिससे अन्य कृषकों में प्रतिकूल वातावरण निर्मित होने की संभावना है।  केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा समन्वय से किये जा रहे प्रयासों से राज्य के कृषकों का हित संरक्षण सुनिश्चित किया गया है। कृषक भाइयों से अनुरोध है कि भूमि धारिता एवं पात्रता अनुसार ही उर्वरकों का भंडारण करें ताकि समस्त कृषक अग्रिम भंडारण की योजना से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने बताया कि वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के लिए सरकार ने किसानों को शत-प्रतिशत पहचान पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि उर्वरकों की कालाबाजारी रुक सके और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचे। मंत्री  नेताम ने यह भी कहा कि खरीफ मौसम में उर्वरकों का वितरण एग्रीस्टेक पोर्टल में दर्ज रकबे के आधार पर होगा। यदि इसमें किसी प्रकार की त्रुटि पायी जाती है तो अन्य कृषकों को पर्याप्त उपलब्धता के दृष्टिगत समस्त वैधानिक कार्यवाईयां सुनिश्चित करने के लिए शासन सजग है।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आवश्यक होने पर वैकल्पिक पौध पोषण स्रोतों की व्यवस्था के लिए आकस्मिक कार्य योजना भी तैयार कर ली गई है, ताकि पौध पोषण में किसी प्रकार की कमी ना हो। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा राज्य के लिए चिन्हित “नील हरित काई” के मदर कल्चर के उत्पादन की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है तथा माह अप्रैल से इसका वृहद उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्रों, शासकीय उद्यान रोपणियों एवं शासकीय  कृषि प्रक्षेत्रों में किया जाएगा।  उन्होंने बताया कि खरीफ मौसम में ज्यादा से ज्यादा कृषकों को इसका कल्चर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि कृषक इनका उपयोग कर वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिर कर यूरिया के समरूप पोषक तत्व पौधों को उपलब्ध करा सकें। इसके अलावा, हरी खाद के रूप में वर्गीकृत ढेंचा तथा अन्य दलहनी फसलों के कृषक प्रक्षेत्र में अनुप्रयोग को बढ़ावा देने आवश्यक राशि की व्यवस्था मंडी निधि से की जा रही है। इस हेतु समस्त जिलों को कृषक एवं क्षेत्र चयन के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री  नेताम ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों के अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर विक्रय तथा समस्त अन्य गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु उड़न दस्ता तथा निरीक्षकों की नियुक्ति संबंधी आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। नैनो उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता भी प्रदेश में होगी ताकि न्यूनतम कास्त लागत पर प्रति इकाई अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके। नैनो उर्वरक के प्रभावी उपयोग के संबंध में कृषकों को जागरूक करने एवं प्रशिक्षण हेतु सघन अभियान चलाया जाएगा।  कृषि मंत्री  नेताम ने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, भारत के कृषि परिदृश्य में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है, जहाँ धान खरीदी और किसान कल्याण की योजनाओं ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विगत तीन वर्षों के धान खरीदी के आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने न केवल धान खरीदी के अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का देश में सबसे अधिक मूल्य सुनिश्चित कर एक मिसाल पेश की है। खरीफ सीजन 2025-26 में 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी को मिलाते हुए पिछले तीन खरीफ सीजन में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार ने लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिससे किसानों के खाते में लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान हुआ है।  गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उपजे संकट के बीच प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए केन्द्र और राज्य सरकार अलर्ट मोड पर काम कर रही है। इसके लिए केंद्रीय स्तर पर निरंतर उच्चस्तरीय बैठक भी की जा रही है। केन्द्र और राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है, कि किसानों को खाद-बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता के लिए किसी प्रकार से दिक्कत की सामना न करना पड़े। 

श्रमिकों के लिए राहत की सौगात! CM साय जशपुर से 27.15 करोड़ सीधे खातों में करेंगे ट्रांसफर

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 28 मार्च को दोपहर 01 बजे जिला मुख्यालय जशपुर के वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित होगा। मुख्यमंत्री द्वारा श्रम विभाग के अंतर्गत 12 विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश की श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन करेंगे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में वित्त मंत्री  ओपी चौधरी, विशिष्ट अतिथि लोकसभा सांसद  राधेश्याम राठिया, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह सहित अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के सचिव  गिरीश रामटेके ने बताया कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 14 हितग्राहियों को 14 लाख 32 हजार रुपए, मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 1960 श्रमिकों को 3 करोड़ 92 लाख रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत 297 श्रमिकों को 44 लाख 55 हजार रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 20 हितग्राहियों को 20 लाख रुपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 325 श्रमिकों के बच्चों को 38 लाख 88 हजार 374 रुपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 3040 श्रमिकों को 6 करोड़ 08 लाख रुपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 71220 श्रमिकों के बच्चों को 14 करोड़ 53 लाख 96 हजार 500 रुपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 1142 श्रमिकों को 39 लाख 50 हजार 624 रुपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 526 हितग्राहियों को 1 करोड़ 52 लाख रुपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 784 श्रमिकों को 29 लाख 04 हजार 082 रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 9 हितग्राहियों को 9 लाख रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के अंतर्गत 3 श्रमिकों को 60 हजार रुपए अंतरित किए जाएंगे।