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परीक्षा पूर्व तैयारी के लिए नई पहल, छात्रों को फोन पर मिलेगा समाधान

रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा 2026 के विद्यार्थियों की शंकाओं के समाधान हेतु “हेल्पलाइन 2026” का संचालन परीक्षा के एक दिवस पूर्व प्रभावी रूप से किया जा रहा है। यह हेल्पलाइन 05 फरवरी 2026 से मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी. पिल्ले एवं सचिव श्रीमती पुष्पा साहू के निर्देशन में निरंतर संचालित है, जिससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन के साथ-साथ मानसिक संबल भी प्राप्त हो रहा है। विषय-विशेषज्ञों की सहभागिता से मिला सटीक एवं विषयवार मार्गदर्शन आज 21 फरवरी 2026 को राजनीति शास्त्र, रसायन शास्त्र, लेखा शास्त्र, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, वस्तु चित्रण एवं आलेखन तथा शरीर क्रिया विज्ञान एवं प्राथमिक चिकित्सा (फिजियोलॉजी एण्ड फर्स्ट एड) विषयों के विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर श्रीमती सुनिता पाण्डेय, आस्था निगम, श्रीमती सोमा बनिक, श्रीमती अर्पणा तिवारी, श्रीमती नम्रता तिवारी, श्रीमती रंजना ठाकुर, राजकुमार गेन्ड्रे, श्रीमती निशा सिंह, श्रीमती दीपा साखरकर एवं सहायक प्राध्यापक अखिलेश वामनगड़े ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कीं। प्रश्नपत्र पैटर्न, सिलेबस एवं उत्तर लेखन शैली को लेकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाएँ हेल्पलाइन के माध्यम से विद्यार्थियों ने रसायन शास्त्र के वैद्युत रसायन, आयोडोफॉर्म अभिक्रिया, नेमिंग अभिक्रिया तथा जैव अणुओं से संभावित प्रश्नों के स्वरूप के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने यह भी पूछा कि क्या प्रश्न सिलेबस से बाहर आएंगे तथा मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों को सिलेबस की पूर्ण जानकारी होगी या नहीं। इसके अतिरिक्त प्रश्नपत्र के ब्लूप्रिंट, परीक्षा पैटर्न, कम्प्यूटर विषय की तैयारी, कम्पनी लेखा पाठ से संभावित प्रश्न तथा उत्तर कैसे लिखें कि पूर्ण अंक प्राप्त हो सकेंकृइन विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। कुछ विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण प्रश्नों के संबंध में जानकारी चाही, वहीं एक छात्र ने कम समय में प्रभावी तैयारी कैसे की जाए, इस विषय में सलाह प्राप्त की। सभी जिज्ञासाओं का समाधान विषय विशेषज्ञों द्वारा सरल, स्पष्ट एवं प्रेरणादायक ढंग से किया गया। 660 कॉल्स के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुँचा मार्गदर्शन दिनांक 21 फरवरी 2026 तक हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1800-233-4363 पर कुल 660 कॉल प्राप्त हुए। प्रत्येक कॉल का सुव्यवस्थित रूप से निराकरण कर विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक एवं परामर्शात्मक सहयोग प्रदान किया गया। उपसचिव के मार्गदर्शन एवं समन्वयक के नेतृत्व में सफल संचालन हेल्पलाइन का संचालन उपसचिव डॉ. बी. रघु के मार्गदर्शन में तथा हेल्पलाइन समन्वयक डॉ. प्रदीप कुमार साहू के समन्वय से किया जा रहा है। मण्डल की यह पहल परीक्षा पूर्व विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, स्पष्टता एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण पहल

रायपुर. उपभोक्ता न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण पहल खाद्य, नागरिक  आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  दयालदास बघेल ने उपभोक्ता संरक्षण विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति  ए.पी. साही, छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति  गौतम  चौरड़िया, खाद्य विभाग की सचिव मती रीना बाबा साहेब कंगाले, मध्यप्रदेश, गोवा, बिहार, झारखंड उत्तरप्रदेश सहित आठ राज्यों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्यगण उपस्थित थे। राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति  ए.पी. साही ने कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तकनीकी एवं विधिक सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में जागरूकता एवं तकनीकी पहलुओं की प्रशिक्षण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में तकनीकी, डिजिटल व्यवस्था, प्रक्रियात्मक सुधार और विधायी संशोधनों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान दौरान ई-प्रणालियों का विस्तार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग की जानकारी दी गई। वहीं ई-जागृति, ई-फाइलिंग और ई-हियरिंग’’ जैसी डिजिटल सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को घर बैठे शिकायत दर्ज करने और सुनवाई में भाग लेने की सुविधा मिल रही है। उपभोक्ता न्याय को किफायती, पारदर्शी और त्वरित बनाने हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान शिकायत स्वीकृति की प्रक्रिया, उपभोक्ता आयोग के आर्थिक एवं क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार, शिकायत और जवाब दावा प्रस्तुत करने की समय-सीमा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को स्पष्ट किया। इस दौरान यह भी बताया गया कि यदि प्रतिवादी पक्ष 30 दिनों की निर्धारित अवधि या अधिकतम 15 दिनों की अतिरिक्त अवधि (कुल 45 दिन) में लिखित बयान प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसके साक्ष्यों पर विचार सीमित हो सकता है। साथ ही प्रतिवादी को शिकायतकर्ता के गवाहों से जिरह का अवसर और उसकी सीमा पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों एवं न्यायमूर्तियों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बढ़ती चुनौतियों, डार्क पैटर्न जैसी भ्रामक डिजाइन तकनीकों और झूठे व भ्रामक विज्ञापनों के मुद्दों पर चर्चा की। क्षेत्राधिकार संबंधी विवादों और तकनीकी जटिलताओं के त्वरित समाधान हेतु वर्तमान संरचना में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया गया। निष्पादन आवेदन के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए व्यावहारिक कठिनाइयों और प्रणालीगत विलंब संबंधी जानकारी दी गई। सभी उपभोक्ता आयोगों में प्रक्रियात्मक एकरूपता लाने, मानकीकृत नियम एवं दिशानिर्देश अपनाने तथा केस मैनेजमेंट को सुव्यवस्थित करने पर भी जोर दिया गया। उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल उपभोक्ताओं को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राज्य हज कमेटी एवं वक्फ बोर्ड के चेयरमेन ने दी मुख्यमंत्री को बधाई

रायपुर राज्य हज कमेटी एवं वक्फ बोर्ड के चेयरमेन ने दी मुख्यमंत्री को बधाई मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के आज उनके जन्मदिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेंटी के चेयरमेन मिर्जा एजाज बेग एवं राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमण्डल ने जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी मुख्यमंत्री के आज शाम जशपुर जिले से लौटने पर रायपुर के पुलिस लाईन हेलीपेड पहुंचने पर राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के आग्रह पर मुख्यमंत्री नेे केक काटा। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा,  सुनील सोनी, अपेक्स बैंक छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष  केदार नाथ गुप्ता जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष  अशोक बजाज,  प्रीतेश गांधी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

2.18 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर 2.18 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात वन मंत्री  केदार कश्यप ने आज कोंडागांव जिले के मर्दापाल में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने क्षेत्रवासियों को 2 करोड़ 18 लाख 47 हजार रुपए की लागत वाले कुल 36 विकास कार्यों की सौगात दी। साथ ही वन मंत्री ने मर्दापाल में भूमिपूजन कार्यक्रम से पहले गांव के मड़ई मेला में सम्मिलित होकर भंगा राम मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख समृद्धि एवं शांति की कामना की।          वन मंत्री  कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी ग्रामवासियों को पारंपरिक भंगाराम माता मावली माघ मड़ई मेला की शुभकामनाएं दीं और कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आगे भी ग्रामीण अंचल के जरूरतों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए विकसित भारत जी राम जी योजना को और अधिक प्रभावी बनाया गया है जिसके तहत अब लोगों को 125 दिन की रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और एक सप्ताह के भीतर भुगतान किया जाएगा। वन मंत्री ने शिविर में पंचायत विभाग के विकसित भारत जीरामजी योजना पर आधारित स्टॉल के साथ- साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया और ग्रामीणों से कहा कि विभागों के स्टॉल में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जनपद पंचायत की अध्यक्ष मती अनिता कोर्राम ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी और अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।  विभिन्न ग्राम पंचायतों के 36 विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन          वन मंत्री  केदार कश्यप ने मर्दापाल में विभिन्न ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण एवं सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार हेतु कुल 218.47 लाख रुपये की लागत से 36 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों में सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच, आंगनबाड़ी भवन, सीसी सड़क, नाली निर्माण तथा पुलिया निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इन सभी कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा कई गांवों के ग्रामवासी लाभान्वित होंगे।   भूमिपूजन कार्यों में ग्राम बयानार में पनका समाज हेतु सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में 5 लाख, मुंगवाल में पंचायत भवन के पास घोटुल निर्माण लागतं 3 लाख, नरिहा में राजबेड़ा मंदिर के समीप सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य लागत 20 लाख, पेरमापाल में ग्राम पंचायत पेरमापाल स्कूलपारा में 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागतं 6 लाख, जोगीआड़वल में कोरहाबेडा में 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, तोड़म में मनीराम के खेत के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 7 लाख, मड़ागांव में शिव मंदिर पारा में सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य लागत 3 लाख, पेरमापाल में दुलारदई माता पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, खण्डाम में डोंगरीपारा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 5 लाख, खण्डाम में आवास प्लाट पारा में रंगमंच कार्य निर्माण लागत 3 लाख, बोटीकनेरा में राजू सोनी के घर के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, नगरी में गांवकीन माता पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, कचोरा में ग्राम पंचायत कचोरा डोंगरीपारा में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 5 लाख, मर्दापाल में अटल सद्भावना भवन कार्य में लोहार पारा लागत 5 लाख, मर्दापाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मर्दापाल में मरीज एवं परिजनों हेतु शेड निर्माण लागत 4 लाख, मर्दापाल में सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य लेपस (मानिकपुरी समाज भवन) से सुरेश घर तक 200 मीटर में 16.19 लाख, चांगेर में टेमरूभाठा में कोटकरीन पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, बड़ेकुरूषनार में नारायण कश्यप घर से सुखनाथ लोहार घर के बीच 1.50 पुलिया निर्माण में 6 लाख, बड़ेकुरूषनार में तेलीपारा पंचायत भवन के पास 02 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, हसलनार में उप स्वास्थ्य केंद्र हसलनार में मरीज एवं परिजनों हेतु शेड निर्माण लागत 2 लाख का कार्य शामिल है। इसी प्रकार हसलनार में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में प्लाटपारा में मुरिया पारा लागत 6 लाख, जोड़ेंगा में पोहमार पटेल पारा अटल सद्भावना भवन लागत 5 लाख, जोड़ेंगा में पंचायत भवन के पास सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य लागत 5 लाख, खड़पड़ी में टोड़ाबेडा में अटल सद्भावना भवन निर्माण कार्य लागत 5 लाख, कोरमेल में मुख्य मार्ग से बड़ामुंडा मार्ग में 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, मटवाल में 1.5 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 4 लाख, पदनार में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 6.50 लाख, तुमड़ीवाल में खासपारा में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य लागत 6.50 लाख, पुसपाल में स्कूल से पुजारी मार्ग में डारा खेत के पास पुलिया निर्माण लागत 6.50 लाख, हथकली में पंचायत भवन से हासेल मार्ग हेमचंद घर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख, हसलनार में हसलनार करागुड़रापारा में सांस्कृतिक भवन निर्माण लागत 5 लाख, कुधुर में डोंगरा देव पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 3 लाख, टेकापाल में स्कूल पारा से कुंगारपाल के बीच 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य लागत 6 लाख, बेतबेंड़ा में सी.सी. सड़क सह नाली निर्माण कार्य मुख्य मार्ग 300 मीटर लागत 23.28 लाख, हंगवा में तोतर रोड में 1.5 मीटर पुलिया निर्माण लागत 4.50 लाख और कांगा में कांगा कारीदेलगिन माता पारा में सांस्कृतिक मंच निर्माण कार्य लागत 3 लाख रुपए का भूमिपूजन कार्य शामिल है।          इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मती यशोदा कश्यप, सरपंच मती जयंती कश्यप सहित पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

दिव्यांग धरम सिंह पटेल और उलख राम पटेल चेहरे पर लौटी मुस्कान

रायपुर स्कूटी पाकर लाभार्थियों में हर्ष, उपमुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने विधायक कार्यालय कवर्धा में दो दिव्यांग लाभार्थियों को स्कूटी का वितरण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमरौडी निवासी  धरम सिंह पटेल और ग्राम खिरसाली निवासी  उलख राम पटेल को स्कूटी की चाबी सौंपकर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को सुगम करना है। स्कूटी मिलने से लाभार्थियों को आवागमन में सुविधा होगी तथा वे अपने कार्यों को स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे। इस अवसर पर  धरम सिंह पटेल ने बताया कि वे विद्युत विभाग में अस्थाई रूप से ऑपरेटर का कार्य करते हैं। पहले उन्हें कार्य में जाने में बहुत असुविधा हुआ करती थी आवश्यक गतिविधियों के लिए आवागमन में किसी पर निर्भर रहना पड़ता था, अब स्कूटी मिल जाने से वे अपने अनुसार कार्य पर जा आ सकेंगे। उलख राम पटेल ने बताया कि वे कपड़े सिलने का कार्य करते हैं ऐसे में स्कूटी मिल जाने से उन्हें अपने कार्य में बहुत आसानी होगी। दोनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई कर आज उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई जिससे वे खुश हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने दोनों को वाहन चलाने का भी अभ्यास करवाया और दोनों का स्वागत कर उत्साहवर्धन किया। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सभी नागरिक सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। उल्लेखनीय है कि अब तक उपमुख्यमंत्री  शर्मा की पहल से 100 से अधिक दिव्यांग लोगों को सहायक उपकरण लगे स्कूटी प्रदान की गई है। इस अवसर पर राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य  भगतराम पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  संतोष पटेल,  नरेन्द्र मानिकपुरी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  मनहरण कौशिक,  भुखन साहू,  रामबिलास चंद्रवंशी,  विजय पाटिल  रवि राजपुत, मती सतविंदर पाहुजा, मती विजय लक्ष्मी तिवारी,  लाला राम साहू सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने पुल निर्माण की धीमी गति पर अधिकारियों को लगाई फटकार, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश

लोरमी उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज लोरमी प्रवास के दौरान ग्राम कारीडोंगरी एवं दरवाजा के बीच मनियारी नदी पर निर्माणाधीन पुल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान श्री साव ने पुल निर्माण की धीमी गति पर कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, अब तक पुल का निर्माण पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ है। समय सीमा से काफी पीछे हैं। कम मजदूरों से समय पर काम पूर्ण कैसे होगा।  साव ने मौके पर मौजूद अधिकारी से कहा कि, बारिश के पूर्व पुल का निर्माण किसी भी स्थिति में पूरा हो जाना चाहिए, क्योंकि वनांचल के ग्रामीणों को बारिश में बड़ी  दिक्कत का सामना करना पड़ता है, पुल नहीं होने से ग्रामीणों का संपर्क कट जाता है। वहीं धीमी गति से निर्माण पर ठेकेदार की सिर्फ नोटिस से काम नहीं चलेगा, पेनाल्टी की  आवश्यकता हो तो वो भी लगाएं। उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा, यह बहुप्रतीक्षित पुल बन जाने से बड़ी राहत मिलेगी, इसके निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन्मदिवस उनके गृहग्राम बगिया में धूमधाम, उत्साह और आत्मीयता के साथ मनाया गया

रायपुर बधाई और शुभकामनाएं देने वालों का लगा रहा तांता, मुख्यमंत्री ने सभी का किया आभार व्यक्त मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का 62वाँ जन्मदिवस उनके गृहग्राम बगिया में अत्यंत उत्साह, आत्मीयता और पारिवारिक स्नेह के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री  साय ने अपने गृहग्राम बगिया स्थित अपने घर पहुंचते ही सबसे पहले अपनी माता मती जसमनी देवी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री  साय के जन्मदिवस पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा।जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सभी के स्नेह, शुभकामनाओं और आत्मीय स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनस्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने अपने जन्मदिवस को विशेष और यादगार बनाने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस विशेष अवसर पर बगिया स्थित  राम सदन में सत्यनारायण व्रत कथा श्रवण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, उनकी माताजी मती जसमनी देवी, धर्मपत्नी मती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ व्रत कथा का श्रवण किया तथा ईश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के आगमन से पूर्व ही उनके गृहग्राम बगिया स्थित गृहनिवास में उनसे मिलने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों में मुख्यमंत्री से भेंट करने और उन्हें शुभकामनाएं देने को लेकर विशेष उत्साह और उत्सुकता देखने को मिली। इस अवसर पर विधायक मती गोमती साय एवं मती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, जिला पंचायत सदस्य  कृष्ण कुमार राय सहित जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्यगण, पंचायत प्रतिनिधि, नगरीय निकायों के प्रतिनिधिगण,  जनप्रतिनिधि, कमिश्नर  नरेंद्र दुग्गा, आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह तथा अन्य अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। क्रिकेट में जिले का नाम रोशन कर चुकी छात्राओं को मुख्यमंत्री ने प्रदान की क्रिकेट किट क्रिकेट की दुनिया में जिले का नाम रोशन करने वाली शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास, इचकेला की प्रतिभाशाली छात्राओं को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रोत्साहित करते हुए 15 क्रिकेट किट प्रदान किया। छात्रावास की इन छात्राओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले को गौरवान्वित किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप इसी लगन, अनुशासन और मेहनत के साथ निरंतर आगे बढ़ती रहें तथा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य और देश का नाम रोशन करें। पारंपरिक परिधान में आए पहाड़ी कोरवा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री को दी जन्मदिवस की बधाई बगीचा से आए विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पहाड़ी कोरवा समाज के सदस्य अपने पारम्परिक वेशभूषा एवं तीर-धनुष के साथ उपस्थित हुए, जिससे उनकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक दिखाई दी।मुख्यमंत्री  साय ने उनसे आत्मीय संवाद करते हुए उनके क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। इस पर पहाड़ी कोरवा समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में उनके क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य संचालित हो रहे हैं तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उनके गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस योजना से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है और उनके क्षेत्रों की तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने माँ परमेश्वरी की प्रतिमा की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना आवश्यक – वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री देवांगन वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर और श्रम विभाग मंत्री लखन लाल देवांगन आज देवांगन जनकल्याण समिति  दुर्ग द्वारा आयोजित माँ परमेश्वरी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवांगन समाज की ईष्ट देवी माँ परमेश्वरी की प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। महोत्सव को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना अत्यंत आवश्यक है। जब समाज संगठित रहेगा, तभी वह शिक्षा, व्यापार, शासकीय सेवा और राजनीति सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि आज कई समाज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर चुके हैं, लेकिन कुछ समाज अभी भी पीछे हैं। ऐसे में सभी समाजों को मिल-जुलकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की अच्छी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाती है। मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का भी यही उद्देश्य है कि समाज का हर वर्ग आगे बढ़े। उन्होंने प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को दोहराते हुए समाज के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता पर बल दिया। प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने देवांगन समाज को सुलझा हुआ और जागरूक समाज बताते हुए कहा कि यह समाज लंबे समय से व्यापार, कृषि और वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता आया है। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा क्षेत्र में कोसा व्यापार में भी देवांगन समाज की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह संगठित और मजबूत होकर चलता है, और इसके लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई बार बेटा-बेटी आगे नहीं बढ़ पाते। समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो और बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि समाज को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला समाज बनना चाहिए। इस दौरान खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने महिलाओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से ही समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव है। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष पुराणिक लाल देवांगन, कमलेश देवांगन, संकटलाल देवांगन, अशोक देवांगन, श्रीमती कल्पना देवांगन, श्रीमती तुलसी साहू सहित समाज के पदाधिकरण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव – जन्मदिन पर CM साय का रक्तदान अभियान

रायपुर जन्मदिन पर सेवा का संदेश: मुख्यमंत्री साय ने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की तथा रक्तदाताओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री के 62वें जन्मदिन के अवसर पर अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर तथा शिवनाथ ब्लड सेंटर द्वारा 62 लोगों के रक्तदान की विशेष व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, प्रसव एवं गंभीर बीमारियों के दौरान जब मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में रक्तदान मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिजन निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकेंगे।  उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा एक वर्ष में लगभग 11 हजार यूनिट रक्त संग्रह का संकल्प लिया गया है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लड बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षित यातायात जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया।  मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने तथा सड़क यातायात नियमों का हर समय पालन करते हुए जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, चिकित्सक दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर की संचालक डॉ. पूनम अग्रवाल, संस्थान के अन्य प्रतिनिधि और रक्तदाता उपस्थित थे।

नई कार्य संस्कृति से आत्मनिर्भर बन रहे छात्र, चुनौतियों से लड़ने की मिल रही ताकत

रायपुर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट संकल्प के तहत वर्ष 2026 के लिए दो चरणो में विभागीय अधिकारियों और अधीक्षकों  को  प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के सभी आश्रम-छात्रावासों में ‘प्रोजेक्ट संकल्प’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य ‘सीखो-सिखाओ, अंजोर फैलाओ’ की कार्य संस्कृति को संस्थागत स्वरूप देना तथा विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से सफलतापूर्वक मुकाबला करने के लिए तैयार करना है। प्रमुख सचिव बोरा ने कहा है कि छात्रावास केवल आवासीय सुविधा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व विकास के सशक्त मंच हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को गंभीरता से लिया जाए, ताकि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित हो सके। प्रशिक्षण का कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न होगा  प्रथम चरण में जनजाति बाहुल्य 21 जिलों के सहायक आयुक्तों का 2.5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में “जीवन के रंग, खुशियों के संग” कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिलों में कार्यान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण उपरांत सभी जिलों द्वारा अपने-अपने छात्रावासों के लिए कार्ययोजना विभाग को प्रस्तुत की जाएगी। द्वितीय चरण में छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों के लिए 8 दिवसीय वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें 6 दिनों तक प्रतिदिन 3 घंटे के सत्रों में ‘सफलता मंत्र 1 से 9’ तक की अवधारणाएँ साझा की जाएंगी। बीच के दो दिनों में अधीक्षक सीखी हुई बातों को अपने जीवन एवं विद्यार्थियों के साथ व्यवहार में लाने का प्रयास करेंगे। इस प्रकार तैयार अधीक्षक छात्रावासों में विद्यार्थियों, सहयोगियों तथा जहाँ संभव हो अभिभावकों के साथ भी प्रशिक्षण की सीख साझा करेंगे, जिससे सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण का निर्माण हो सके। प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट संकल्प-2026’ के माध्यम से राज्य के छात्रावासों एवं आश्रमों में नई कार्य संस्कृति की स्थापना कर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित एवं सफल नागरिक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है। इस पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ नैतिक सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है। आश्रम-छात्रावास में रह रहे छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैं।