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महासमुंद कलेक्टर ने एनएच-06 का किया निरीक्षण

महासमुंद. कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सोमवार को एनएच-06 से बेलटुकरी तक जाने वाले मार्ग एवं महासमुंद-तुमगांव रोड का निरीक्षण किया तथा संबंधित निर्माण एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर लंगेह ने एनएच-06 से बेलटुकरी मार्ग के निरीक्षण के दौरान सड़क की स्थिति, और भारी वाहनों के कारण हो रही क्षति का जायजा लिया। कलेक्टर लंगेह ने इस दौरान जिला खनिज अधिकारी फागुलाल नागेश एवं पीएमजेएसवाई के कार्यपालन अभियंता आशीष कुलदीप एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में संचालित फर्सी पत्थर एवं अन्य खनन उद्योगों की सहायता से सड़क मरम्मत का कार्य शीघ्र कराया जाए। उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन में लगे भारी वाहनों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि खनन कंपनियां अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करें। साथ ही, निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए, ताकि ग्रामीणों, स्कूली बच्चों एवं राहगीरों को सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को समय-सीमा तय कर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। तत्पश्चात कलेक्टर लंगेह ने महासमुंद-तुमगांव निर्माणाधीन सड़क के डामरीकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 9.65 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और इसे जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभाग एवं ठेकेदार एजेंसी को दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सड़क की गुणवत्ता, बेस लेयर, डामरीकरण की मोटाई, जल निकासी व्यवस्था एवं सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मानकों के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समय-सीमा का सख्ती से पालन करने तथा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता सी.एस. चंद्राकर एवं अनुविभागीय अधिकारी मौजूद थे।

राज्यसभा चुनाव में लक्ष्मी वर्मा बनीं भाजपा उम्मीदवार

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्यसभा के चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. छत्तीसगढ़ से पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है. भाजपा ने कई राज्यों के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई गई है. पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है. लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं और विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुकी हैं. राज्यसभा की इस सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया निर्धारित तिथि पर शुरू होगी. राजनीतिक सफर बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक के ग्राम मु़ड़पार की निवासी लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर बहुत लंबा है. वर्ष 1990 से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने 2000 में रायपुर सांसद रमेश बैस की सांसद प्रतिनिधि नियुक्त की गईं. अगले ही साल 2001 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति की सदस्य चुना गया. इस दायित्व को उन्होंने चार साल तक संभाला. पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता का फल भी मिला, 2010 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्य समिति (2010 से 2014 तक) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति का सदस्य (2010 से 2022 तक ) नियुक्ति किया गया. उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष (2021 से 2025 तक) नियुक्त किया. इसके साथ (2021 से 2024 तक ) उन्हें गरियाबंद संगठन प्रभारी के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी मीडिया प्रवक्ता का भी दायित्व संभाला. संवैधानिक सफर लक्ष्मी वर्मा 1994 में रायपुर नगर पालिका निगम में वार्ड नं. 07 से पार्षद निर्वाचित हुईं. 2010 में रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं. 2019 में एफएसएनएल स्टील मिनिस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर काम किया. वहीं 7 अक्टूबर 2024 से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य संवैधानिक पद संभाल रही हैं. सामाजिक पद लक्ष्मी वर्मा की केवल राजनीति में ही नहीं बल्कि सामाजिक स्तर पर अपनी पहचान है. 1998 में शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष बनीं. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1999 में नेहरू युवा केन्द्र रायपुर से जिला युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2004 में श्रम पुनर्वास समिति जिला रायपुर के सदस्य मनोनीत की गईं. 2009 से मजदूर यूनियन छत्तीसगढ़ एकता मजदूर कल्याण संघ पंजीयन क्र. को 467 की प्रधान संरक्षक हैं. 2011 से कुटुम्ब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य हैं. वहीं 2014 वर्तमान में किसान संघर्ष समिति रायपुर छत्तीसगढ़ के विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया. 2023 से वर्तमान में अखिल भारतीय पंचायत परिषद राष्ट्रीय महासचिव हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड की उपाध्यक्ष भी हैं. लक्ष्मी वर्मा की मनवा कुर्मी समाज में अच्छी-खासी पैठ है. 2000 से 2006 तक मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला महामंत्री रहीं. 2006 से 2008 तक समाज की प्रदेश संगठन मंत्री , 2008 से 2010 तक छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी प्रदेश महिला अध्यक्ष रहीं. वर्तमान में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा महिला राष्ट्रीय महासचिव हैं.

गरियाबंद के कलेक्टर ने होली पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के जारी किए आदेश

गरियाबंद. कलेक्टर बीएस उइके ने होली त्यौहार के दौरान होलिका दहन एवं 04 मार्च को होली का त्यौहार के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था बनाये रखने के संबंध में जरूरी निर्देश जारी किये हैं। इस संबंध में तहसील गरियाबंद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी चितेश कुमार देवांगन, नायब तहसीलदार अवंतिका गुप्ता एवं योगेन्द्र कुमार देवांगन का ड्यूटी लगाया गया है। इसी प्रकार तहसील छुरा के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी गैंदलाल साहू, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी डोनेश्वर साहू, तहसील राजिम के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी मयंक अग्रवाल एवं नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तारेन्द्र कुमार ठाकुर, तहसील फिंगेश्वर के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी डिंपल धु्रव, तहसील मैनपुर के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी रमेश मेहता, तहसील अमलीपदर के लिए प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी सुशील कुुमार भोई तथा तहसील देवभोग के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी अजय कुमार चंद्रवंशी को शांति व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया है।

रायपुर में जलाशय योजना के लिए 7.94 करोड़ स्वीकृत

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा सरगुजा जिले के विकासखण्ड-मैनपाट की सरईकेरचा व्यपवर्तन योजना के नहर की जीर्णोंद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 95 लाख 91 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 414 हेक्टेयर के विरूद्ध 253 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। इसी तरह से विकासखण्ड-अंबिकापुर की बरकेला जलाशय योजना के बांध एवं नहर के नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 67 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्य के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 251 हेक्टेयर के विरूद्ध 102 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी।  गरियाबंद : पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना अंतर्गत आवेदन आमंत्रित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अन्तर्गत जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यमियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र विभाग के महाप्रबंधक श्री दिनबंधु धु्रव ने बताया कि आवेदन के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक का आधार कार्ड, पेन कार्ड, जाति-निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, मशीनरी का कोटेशन एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट अनिवार्य है। योजना में कुल परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति उद्यमी निर्धारित है। लाभार्थी द्वारा 10 प्रतिशत अंशदान अनिवार्य रूप से वहन किया जाएगा तथा शेष राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के अन्तर्गत खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों को लाभ मिलेगा जिसमें पोहा उद्योग, आचार एवं मसाला निर्माण, बेकरी उत्पाद, सेवईयां निर्माण, नमकीन निर्माण, पशु आहार उत्पादन, टमाटर सॉस निर्माण, मक्का प्रोसेसिंग, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी आधारित उत्पाद, फल, फूल, सब्जी प्रसंस्करण उद्योग, हर्बल उत्पाद तथा लघु वनोपज आधारित इकाइयाँ सम्मिलित हैं। योजनान्तर्गत इच्छुक आवेदक योजना की अधिकृत पोर्टल एचटीटीपीएस पीएमएफएमई डॉट एमओएफपीआई डॉट गवर्नमेंट डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु इच्छुक आवेदक जिले के व्यापार एवं उद्योग केंद्र, गरियाबंद, संयुक्त जिला कार्यालय, कक्ष क्रमांक 92 में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं इसके अतिरिक्त दूरभाष क्रमांक 07706-241268 में भी संपर्क कर सकते है।

हजारों दिव्यांग एवं वृद्धजन हुए ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ अभियान से लाभान्वित

मोहला. जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 18 दिवसीय सर्विस ऑन व्हील्स दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सेवा रथ अभियान ने दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में शासकीय सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करते हुए जनसेवा की मिसाल कायम की। अभियान के अंतर्गत जिले के तीनों विकासखंड कृमानपुर, मोहला एवं अंबागढ़ चौकी में क्लस्टर स्तरीय शिविरों और सेवा रथ के माध्यम से ग्राम-ग्राम पहुँचकर दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को उनके घर के समीप विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। सीमावर्ती एवं अंतिम छोर के गांवों तक प्रशासन की सीधी पहुँच इस अभियान की प्रमुख उपलब्धि रही। अभियान के दौरान सेवा रथ के माध्यम से 337 डीएलसी, भौतिक सत्यापन, 209 मृत्यु प्रविष्टि 39 पलायन प्रविष्टि तथा 245 आधार सीडिंग की कार्यवाही पूर्ण की गई। वहीं वय वंदन योजना अंतर्गत 56 पंजीयन किए गए और 72 आयुष्मान कार्डों का निर्माण एवं वितरण किया गया। सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु 14 स्थानों पर नशा मुक्ति शपथ कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पात्र हितग्राहियों को 2 बैटरी ट्राइसाइकिल, 21 ट्राइसाइकिल, 17 व्हीलचेयर, 175 वॉकिंग स्टिक, 35 श्रवण यंत्र, 12 बैसाखी, 8 वॉकर, 8 कमर ध्घुटना बेल्ट, 8 डिजिटल/सेंसर स्टिक, 3 कृत्रिम पैर/कृत्रिम अंग तथा 1 मानसिक दिव्यांगजन हेतु विशेष टीएलएम किट का वितरण किया गया, जिससे उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने में मदद मिली। इसके अतिरिक्त 21 दिव्यांगजनों से कौशल प्रशिक्षण हेतु आवेदन तथा 9 हितग्राहियों से यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त किए गए। ग्राम स्तर पर सेवाएँ उपलब्ध होने से उन दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को विशेष राहत मिलीए जिनके लिए शासकीय कार्यालयों तक पहुँचना कठिन था। जिला प्रशासन के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने की पहल में अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांग मितान जनप्रतिनिधि एवं मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना के 20 मार्च तक आवेदन और दो मई को होगी परीक्षा

रायपुर. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) 2025-26 की परीक्षा 02 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से कक्षा 8 वीं में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययन के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रतिमाह एक हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। विद्यार्थी ऑफलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 मार्च निर्धारित की गई है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पात्रता के अनुसार राज्य शासन द्वारा संचालित शासकीय, शासकीय अनुदान प्राप्त एवं स्थानीय निकाय के विद्यालयों में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत वे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कक्षा 7 वीं में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक (एससी/एसटी वर्ग के लिए 5 प्रतिशत की छूट) के साथ उत्तीर्ण किया हो तथा जिनके माता-पिता अथवा पालक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 3.50 लाख रुपये से अधिक न हो। केंद्रीय, नवोदय, निजी एवं आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसई) 2025-26 परीक्षा के लिए आवेदन पत्र का प्रारूप एवं परीक्षा केंद्रों की सूची सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं 145 परीक्षा केंद्राध्यक्षों को प्रेषित की जा चुकी है। विस्तृत जानकारी मंडल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। सचिव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर पुष्पा साहू ने आशा व्यक्त की है कि अधिक से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होकर केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ उठाएंगे।

16 राजस्व निरीक्षकों का कलेक्टर ने किया तबादला

अंबिकापुर. जिले के प्रशासनिक ढांचे में फेरबदल किया गया है. कलेक्टर अजित बसंत ने विभिन्न तहसीलों में पदस्थ राजस्व निरीक्षकां का तबादला किया है. इस संबंध में आदेश भी जारी किया गया है. सूची में 16 राजस्व निरीक्षकों का नाम शामिल है. जारी आदेश में विश्वनाथ तिवारी का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-3 से रा.नि.मं. लखनपुर, रामकुमार राम का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-4 से रा.नि.मं. रघुनाथपुर (धौरपुर) ट्रांसफर कर दिया गया है. जारी आदेश में संजय सिंह का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-5 से रा.नि.मं. उदयपुर, धर्मेन्द्र कुमार सिंह का रा.नि.मं. अम्बिकापुर-6 से रा.नि.मं. बतौली, सबल साय एक्का का रा.नि.मं. धौरपुर से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-3, विकास कुमार सोनपाकर का रा.नि.मं. उदयपुर से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-4, राज बहादुर सिंह का रा.नि.मं. खम्हरिया (उदयपुर) से राजस्व निरीक्षक नजूल, संजय कुमार सिंह का रा.नि.मं. लखनपुर से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-5 ट्रांसफर कर दिया गया है. इस तरह धर्मेन्द्र कुमार सिंह का रा.नि.मं. सलका (लखनपुर) से रा.नि.मं. अम्बिकापुर-6, छय कुमार पैंकरा का रा.नि.मं. पेटला सीतापुर से राजस्व निरीक्षक नजूल, शिवपूजन तिवारी का रा.नि.मं. बतौली से राजस्व निरीक्षक नजूल, रामदेव यादव का राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मं. लुण्ड्रा, सरयू राम पैंकरा का राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मंखम्हरिया (उदयपुर), आशीष गुहा का राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मं. धौरपुर, विजय कुमार श्रीवास्तव राजस्व निरीक्षक नजूल से रा.नि.मं. सलका (लखनपुर), सत्येन्द्र कुमार मिश्रा से राजस्व निरीक्षक डायवर्सन का रा.नि.मं. पेटला सीतापुर तबादला किया गया है. 

DGP अरुण देव ने नक्सली खात्मे के लिए बस्तर में की हाई-लेवल बैठक

जगदलपुर. देश में नक्सलवाद के खात्मे की तय समयसीमा 31 मार्च नजदीक आते ही छत्तीसगढ़ पुलिस ने रणनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा के कारली पुलिस लाइन में बस्तर संभाग स्तर की हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई, जहां जमीनी हालात के आधार पर ऑपरेशनों की री-डिज़ाइन पर फोकस रहा। बैठक की अध्यक्षता डीजीपी अरुण देव गौतम ने की। चार घंटे चली समीक्षा में नक्सल विरोधी अभियानों की वर्तमान स्थिति, इंटेलिजेंस इनपुट, संवेदनशील इलाकों की पहचान और टार्गेटेड एक्शन प्लान पर निर्णय लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, अब प्राथमिकता फील्ड-आधारित कार्रवाई, त्वरित समन्वय और शेष प्रभाव वाले क्षेत्रों में कंसन्ट्रेटेड ऑपरेशन पर है। केंद्रीय बलों और जिला पुलिस के बीच रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि समीक्षा बैठक को बस्तर में रखने का उद्देश्य ग्राउंड रियलिटी को समझना और उसी अनुसार रणनीति तय करना है। साथ ही, नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण का विकल्प खुला बताते हुए कहा गया कि समय सीमित है सरेंडर करने वालों को पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षित भविष्य मिलेगा। संकेत साफ हैं आने वाले दिनों में बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान अधिक केंद्रित, तेज और निर्णायक रूप से आगे बढ़ेगा।

युवा कलाकारों से संस्कृति विभाग ने मंगाए छात्रवृत्ति के आवेदन

रायपुर. संस्कृति विभाग ने गरीब होनहार युवा कलाकारों व विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। प्रविष्टियां निर्धारित प्रारूप में पूर्ण दस्तावेजों सहित पंजीकृत डाक के माध्यम से 20 मार्च तक आमंत्रित की गई हैं। विभाग द्वारा छात्रवृत्ति प्रोत्साहन के लिए विभिन्न विद्याएं व उपविद्याएं निर्धारित की गई हैं। चयनित विद्यार्थियों को नियमानुसार मासिक छात्रवृत्ति प्रोत्साहन राशि 5,000 रुपए से 10,000 रुपए तक प्रदान की जाएगी। यह राशि डीबीटी-ई-पेमेंट के माध्यम से सीधे खाते में अंतरित होगी। विशेष फोटो प्रदर्शनी का आज आखिरी दिन छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर क्लाउड एवं संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित दो दिवसीय विशेष फोटो प्रदर्शनी ‘छत्तीसगढ़ की विभूतियां: पद्म पुरस्कार प्राप्त महान व्यक्तित्वों की प्रेरक यात्रा’ का आज 3 मार्च को अंतिम दिन है। यह प्रदर्शनी महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित कला वीथिका में लगाई गई है, जिसे दोपहर 12 बजे से रात 7 बजे तक देखा जा सकता है। बता दें कि इस दो दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ 2 मार्च को किया गया था।

माँ बम्लेश्वरी धाम में चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान बढ़ाएं सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था: कलेक्टर

डोंगरगढ़. माँ बम्लेश्वरी मंदिर में 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में श्रद्धालुओं और पदयात्रियों की सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तय की गई। बैठक में विधायक हर्षिता बघेल और पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुविधा के लिए पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई और यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और व्यवस्थित पार्किंग पर विशेष जोर दिया गया। अंजोरा से अछोली तक सेवा पंडाल लगाने, जहां श्रद्धालुओं को विश्राम, चाय-नाश्ता और भोजन की सुविधा उपलब्ध हो, इसके निर्देश भी दिए गए। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सा विभाग को ओआरएस घोल, आवश्यक दवाइयों और मरहम-पट्टी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। मंदिर के ऊपर और नीचे डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। पदयात्रियों के पैरों में छाले जैसी समस्याओं को देखते हुए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था विशेष रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था के मद्देनजर मेला स्थल और मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी, साथ ही क्विक रिस्पांस टीम भी सक्रिय रहेगी। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में संकेतक, रेडियम पट्टी और अस्थायी गति अवरोधक लगाए जाएंगे। असामाजिक तत्वों पर सख्त नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। रोपवे के फिटनेस सर्टिफिकेट और मेंटेनेंस की समीक्षा की गई तथा ट्रस्ट से आवश्यक जानकारी ली गई। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिष्ठान्न और अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। डोंगरगढ़ को प्लास्टिक मुक्त रखने और मंदिर परिसर व सीढ़ियों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। मेले की संपूर्ण व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आस्था के इस महापर्व में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।