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62वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर जशपुर जिले के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने प्रदेश में शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना करते हुए कहा कि जनकल्याण ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के विकास के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव

रायपुर खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सुभाष स्टेडियम में आयोजित स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहुंचकर पत्रकार खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खेल मड़ई के सफल आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब और पत्रकारों को बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री साव ने फाइनल मैच खेल रही संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम के कप्तान एवं प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी तथा विस्तार न्यूज टीम के कप्तान मृगेंद्र पांडेय सहित दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम ने विस्तार न्यूज को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सुभाष स्टेडियम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल का मैदान व्यक्ति को जीवन की अनमोल पूंजी प्रदान करता है। खेल हमें अच्छा स्वास्थ्य देता है, अच्छे दोस्त देता है, समन्वय की भावना सिखाता है और संबंधों को मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति को यह सब मिलता है तो वह जीवन में प्रसन्न रहता है, खुशहाल रहता है और निरंतर तरक्की की ओर अग्रसर होता है। साव ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पिछले कई दिनों से आयोजित इस खेल मड़ई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी स्नेह को बढ़ाते हैं और स्वस्थ जीवन-शैली के लिए प्रेरित करते हैं। पत्रकारिता जैसे दायित्वपूर्ण क्षेत्र में सक्रिय साथियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार साथी इसी तरह मुस्कुराते रहें, स्वस्थ रहें और अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते रहें।

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों संग बांटी खुशियाँ, मुस्कान बना सबसे खास तोहफा

रायपुर. बच्चों के चेहरों की मुस्कान बना मुख्यमंत्री साय के जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस को जशपुर के बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच जिस आत्मीयता और स्नेह के साथ मनाया, उसने इस दिन को बच्चों के जीवन की एक अविस्मरणीय स्मृति बना दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री आश्रम परिसर पहुँचे, बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक दौड़ गई। वे दौड़कर उनके पास आए और कुछ ही क्षणों में पूरा वातावरण एक पारिवारिक मिलन जैसा हो गया। उस पल मुख्यमंत्री किसी पद पर आसीन व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों के अपने स्नेही अभिभावक की तरह उनके बीच दिखाई दे रहे थे। बच्चों के चेहरों की मुस्कान बना मुख्यमंत्री साय के जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ बैठकर बातें कीं।  उन्होंने बच्चों के नाम पूछे, पढ़ाई के बारे में जाना, उनके सपनों को सुना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। जब मुख्यमंत्री बच्चों से बात कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और अपनत्व बच्चों के मन में गहरा विश्वास जगा रहा था। बच्चे भी पूरी सहजता से उनसे बातें करते हुए खुशी से चहकते रहे।  आश्रम परिसर में उस समय जो दृश्य था, वह एक परिवार के बीच मनाए जा रहे उत्सव जैसा महसूस हो रहा था। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाया। उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद दिया और कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, बड़े सपने देखें और जीवन में आगे बढ़कर अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि आप सब बच्चों की मुस्कान मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है। उनके इन स्नेहपूर्ण शब्दों ने बच्चों के मन को छू लिया। बच्चों की आँखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह पल उनके लिए कितना खास बन गया है। मुख्यमंत्री के रूप में स्नेही अभिभावक को अपने बीच पाकर बच्चों ने जिस खुशी और अपनत्व का अनुभव किया, वह लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में रहेगा।  उल्लेखनीय है कि बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री का उनके बीच पहुँचकर जन्मदिन मनाना बच्चों के लिए गर्व और प्रेरणा का विशेष क्षण बन गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण तथा आश्रम के शिक्षक एवं स्टाफ उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में डिप्टी कलेक्टर की पोस्ट पर 50–50 का फार्मूला

रायपुर. कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के पदों नायब तहसीलदार-तहसीलदार से राज्य प्रशासनिक सेवा डिप्टी कलेक्टर के पदों पर पदोन्नति के लिए कोटा बढ़ाया गया है. अब डिप्टी कलेक्टर के 50% रिक्त पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे. गणेश प्रशासनिक सेवा संघ ने इसके लिए राज्य सरकार का आभार जताया है. राज्य प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के माध्यम से आने के लिए पदोन्नती का प्रतिशत पूर्व की भांति 40% से बढ़ा कर पूर्ववत 50% किया गया है. राजपत्र में इसका प्रकाशन भी कर दिया गया है. बता दें 2020 से पूर्व भी यह प्रतिशत 50% ही था, जिसे घटाकर 40% कर दिया गया था. संघ ने सरकार का जताया आभार छ. ग. कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ द्वारा लगातार पूर्व की भांति पदोन्नति तथा सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पद का अनुपात पूर्व की भांति 50%-50% अनुपात करने की मांग किया जाता रहा है. छ. ग. कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के मांग पर विचार करते हुए राज्य शासन ने पुनः पदोन्नति में 50% अनुपात बहाल किया गया है. शासन के इस कदम का छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ स्वागत करते हुए, मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के साथ ही साय सरकार के केबिनेट को आभार ब्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित करता है. कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रवक्ता शशिभूषण सोनी ने बताया कि शासन के इस निर्णय से सभी तहसीलदार/ नायब तहसीलदार लाभान्वित होंगे और प्रमोशन के लिए ज्यादा अवसर मिलेंगे. तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत अधिकारी के पास लगभग 10-12 वर्ष का प्रशासनिक अनुभव होता हैं, जिसका लाभ प्रशासन के साथ-साथ आम जनता को मिलेगा. यह निर्णय साय सरकार का सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है. संघ ने आभार जताते हुए बताया कि साय सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों में हर्ष व्यापत है.

खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र: अरुण साव

खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच में पहुंचे उप मुख्यमंत्री, पत्रकार खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह बिलासपुर  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने शुक्रवार को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सुभाष स्टेडियम में आयोजित स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहुंचकर पत्रकार खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खेल मड़ई के सफल आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब और पत्रकारों को बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने फाइनल मैच खेल रही संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम के कप्तान एवं प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी तथा विस्तार न्यूज टीम के कप्तान श्री मृगेंद्र पांडेय सहित दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम ने विस्तार न्यूज को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सुभाष स्टेडियम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल का मैदान व्यक्ति को जीवन की अनमोल पूंजी प्रदान करता है। खेल हमें अच्छा स्वास्थ्य देता है, अच्छे दोस्त देता है, समन्वय की भावना सिखाता है और संबंधों को मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति को यह सब मिलता है तो वह जीवन में प्रसन्न रहता है, खुशहाल रहता है और निरंतर तरक्की की ओर अग्रसर होता है। श्री साव ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पिछले कई दिनों से आयोजित इस खेल मड़ई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी स्नेह को बढ़ाते हैं और स्वस्थ जीवन-शैली के लिए प्रेरित करते हैं। पत्रकारिता जैसे दायित्वपूर्ण क्षेत्र में सक्रिय साथियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार साथी इसी तरह मुस्कुराते रहें, स्वस्थ रहें और अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते रहें।

‘शतक’ फिल्म में है शताब्दी की राष्ट्रसेवा गाथा: मंत्री राजवाड़े

रायपुर. महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज रिलीज के प्रथम दिवस रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल पहुंचकर अपने समस्त स्टाफ के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ का अवलोकन किया. फिल्म ‘शतक’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संगठन की शक्ति, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा का भावनात्मक एवं प्रभावशाली चित्रण प्रस्तुत करती है. यह फिल्म राष्ट्र जीवन में संघ के योगदान, त्याग और समर्पण की प्रेरक गाथा को सजीव रूप में दर्शाती है. फिल्म देखने के उपरांत मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और संगठन की शक्ति का जीवंत दस्तावेज है. उन्होंने कहा कि पिछले एक शताब्दी में संघ ने समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए सेवा और राष्ट्रहित की भावना को सशक्त किया है. यह फिल्म नई पीढ़ी को अपने कर्तव्यों और संस्कारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देती है. मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रिलीज के पहले दिन ‘शतक’ फिल्म देखकर मुझे अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है. मैं प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आग्रह करती हूँ कि वे इस प्रेरणादायी फिल्म को अवश्य देखें और राष्ट्र निर्माण के इस महान विचार से प्रेरणा लें. मंत्री राजवाड़े ने कहा कि इस प्रकार की सकारात्मक और मूल्यपरक फिल्में समाज में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और संगठन भावना को सुदृढ़ करती हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘शतक’ फिल्म प्रदेशवासियों में देशप्रेम, अनुशासन और सेवा के भाव को और अधिक सशक्त करेगी. उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से परिवार सहित फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि यह फिल्म भारतीय सांस्कृतिक चेतना और संगठन की शक्ति का प्रभावशाली संदेश देती है, जो समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी.

रायपुर आईजी ने पुलिस अधीक्षकों को अपराध और सड़क दुर्घटनाएं रोकने के दिए सख्त निर्देश

रायपुर. आईजी अमरेश मिश्रा ने रायपुर रेंज के पुलिस अधीक्षकों की बैठक ली, जिसमें उन्होंने अपराध समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने अंतर्राज्यीय सीमा में निगरानी और एंड टू एंड जांच करने कहा। इसके अलावा किशोर अपराधों में नियंत्रण, दुर्घटनाओं में कमी लाना के भी निर्देश दिए। आज आईजी अमरेश मिश्रा की बैठक में रायपुर जोन के अतंर्गत रायपुर (ग्रामीण), महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, बलौदाबाजार जिलों के पुलिस अधीक्षकों एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में बेहतर कार्यालय प्रबंधन एवं मानव संसाधन प्रबंधन पर परिचर्चा की गई। बैठक में लंबित अपराध, चिटफंड प्रकरण, सायबर अपराध की समीक्षा करते हुए नवीन कानून के अतंर्गत दर्ज अपराधों का गुणवत्तापूर्ण विवेचना कर समयावधि में निराकरण करने, थानों में जप्त वाहनों के निराकरण, राजसात एवं निलामी, गौवंश तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही रेंज स्तर पर चलाये जा रहे निश्चय अभियान के तहत लगातार प्रभावी कार्यवाही करते हुए अंर्तराज्यीय सीमा में निगरानी एवं चेकिंग कर मादक पदार्थ की तस्करी, फायनेंशियल एण्ड टू एण्ड इन्वेस्टीगेशन, PIT NDPS तथा सफेमा के तहत कार्यवाही करने की बात कही। स्कूलों में बच्चो की सुरक्षा सुनिश्चित करने व किशोर अपराधो में नियंत्रण के लिए सभी स्तरों पर बैठक आयोजित कर कार्ययोजना बनाने, स्कूल के आसपास नशे की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। होली, रमजान आदि त्यौहारों में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने आसूचना संकलन कर गुण्डा बदमाशों के विरूद्ध कार्रवाई एवं संभावित चाकूबाजी/अड्डेबाजी आदि संवेदनशील स्थानों को चिन्हांकित कर लगातार चेकिंग अभियान व प्रभावी पेट्रोलिंग करने के भी निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने मालवाहक वाहनो में यात्री परिवहन, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध एवं अवैध पार्किंग पर कार्ययोजना के साथ सघन कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आगामी विधानसभा बजट सत्र के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने संबंधी भी दिशा-निर्देश दिए गए।

62 साल के हुए विष्णु देव साय, सीएम के जन्मदिन पर मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए राज्य में विकास के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर साय के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। प्रधानमंत्री ने विकास प्रयासों की सराहना की प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री साय के प्रयास छत्तीसगढ़ की प्रगति को गति दे रहे हैं और लोगों के जीवन पर परिवर्तनकारी प्रभाव डाल रहे हैं। उन्होंने साय के स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना की। सीएम विष्णुदेव साय ने केक काटा-चॉकलेट खिलाई छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगिया स्थित बालक छात्रावास में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपना जन्मदिन बच्चों के साथ बड़ी सादगी से मनाया. उन्होंने छात्रावास में बच्चों के साथ केक काटा और उन्हें केक खिलाकर चॉकलेट बांटी. सीएम साय ने बच्चों से बातचीत की, उनकी पढ़ाई और भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें उपहार भी दिए. यह आयोजन प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत न्योता भोज कार्यक्रम का हिस्सा था, जहां सीएम ने बच्चों के साथ भोजन साझा किया और उन्हें प्रेरित किया. बाद में उन्होंने जगन्नाथ मंदिर जाकर प्रभु जगन्नाथ का आशीर्वाद लिया. मां जसमनी देवी से आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद सीएम सत्यनारायण कथा में शामिल हुए और भक्ति भाव से प्रार्थना की. गृह ग्राम बगिया पहुंचकर परिवार के साथ जन्मदिन मनाने के साथ-साथ सीएम ने सामाजिक संदेश दिया कि जन्मदिन जैसे अवसरों पर बच्चों या जरूरतमंदों के साथ बिताना चाहिए. इस सादगी भरे जन्मदिन ने स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर काफी सराहना बटोरी, जहां लोग इसे जनसेवा का जन्मदिन कह रहे हैं. सीएम साय ने प्रधानमंत्री को जताया आभार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र से राज्य की डबल इंजन सरकार जनकल्याण की नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है। उन्होंने ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ के पूर्ण योगदान का भरोसा दिलाया। केंद्रीय अमित शाह और किरन रिजिजू ने भी दी बधाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और जनकल्याण को मजबूत बताया और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी शुभकामनाएं योगी आदित्यनाथ, हिमंत बिस्वा सरमा और रेखा गुप्ता सहित कई नेताओं ने साय को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके नेतृत्व में राज्य के विकास और सुशासन की सराहना की। ‘सेवा-सुशासन-संकल्प दिवस’ के रूप में मनेगा मुख्यमंत्री साय का 62वाँ जन्मदिन  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 62वें जन्मदिवस को इस वर्ष पूरे प्रदेश में एक ऐतिहासिक और सेवाभावी उत्सव के रूप में मनाया जायेगा।  भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने बताया कि इस विशेष अवसर को ‘सेवा-सुशासन-संकल्प दिवस’ के रूप में समर्पित करते हुए, भारतीय जनता पार्टी के सभी मोर्चा और कार्यकर्ताओं ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।  भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने बताया कि मुख्यमंत्री के जन्मदिन को जन-सेवा से जोड़ने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में विविध कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई गई है। इस अवसर पर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में फल वितरण किया जाएगा। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और मुख्यमंत्री श्री साय के पर्यावरण प्रेम को देखते हुए राज्यभर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आम जनमानस की सुविधा के लिए प्रत्येक जिले में नि:शुल्क मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे, जहाँ विशेषज्ञों द्वारा जाँच और दवाइयों का वितरण होगा। सुशासन के संकल्प को दोहराने के लिए जिला स्तर पर संगोष्ठियों का आयोजन होगा। भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने बताया कि भाजपा के सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों को इस निमित्त अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। प्रत्येक मोर्चा अपनी विशिष्ट कार्ययोजना के अनुसार इस दिन को यादगार बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय रहेगा। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री श्री साय के विजन ‘सुशासन’ को जन-जन तक पहुँचाना और अंतिम व्यक्ति की सेवा करना है। साय के 62वें जन्मदिवस पर पार्टी कार्यकर्ता गरीब कल्याण और छत्तीसगढ़ की प्रगति के लिए स्वयं को समर्पित किया हैं। 

विष्णु देव साय का सफर: पंच, सरपंच, सांसद और अब मुख्यमंत्री – जशपुर के लाल की अद्भुत यात्रा

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 फरवरी को अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं.  आज विष्णु देव साय अपने गृह ग्राम बागिया जाएंगे. यहां वे अपने परिवार के साथ जन्मदिन मनाएंगे और क्षेत्र के लोगों से भी मुलाकात करेंगे. सीएम के 62वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बधाई दी. 1964 में एक साधारण किसान परिवार में जन्मे विष्णु देव साय ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत गांव की राजनीति से की. उनका राजनीतिक सफर पंच, सरपंच, विधायक, और फिर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने तक का रहा. उनकी सादगी, संगठन में स्थापित प्रभाव और शांत स्वभाव की राजनीति उन्हें एक अलग पहचान देती है. बीजेपी के आदिवासी चेहरे के तौर पर उभरे साई को जमीनी नेता और संगठन के भरोसेमंद कार्यकर्ता के तौर पर जाना जाता है. 21 फरवरी 1964 में हुआ था जन्म विष्णु देव साय के जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं, उनके जीवन और राजनीतिक सफर के बारे में. विष्णु देव साय का 21 फरवरी 1964 में किसान परिवार में जन्म हुआ था. उनका जन्म जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम बगिया में हुआ था. उनके पिता राम प्रसाद साय एक किसान थे और उनकी मां जसमनी देवी गृहिणी थीं. गांव के माहौल में पले-बढ़े साय ने कुनकुरी से हायर सेकेंडरी की पढ़ाई की. उन्होंने 1991 में कौशल्या देवी साय से शादी की. उनके परिवार के पॉलिटिकल रिश्ते भी थे. उनके दादा नरहरि प्रसाद साय, मेंबर ऑफ पार्लियामेंट और यूनियन मिनिस्टर रहे, जबकि परिवार के दूसरे सदस्य भी विधायक रहे. पंच के तौर पर शुरू हुआ पॉलिटिकल करियर साय ने अपना पॉलिटिकल करियर 1989 में बगिया ग्राम पंचायत में पंच के तौर पर शुरू किया था. 1990 में वे बिना किसी विरोध के सरपंच चुने गए यह साल उनके लिए एक बड़ा पॉलिटिकल टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. उसी साल उन्होंने अविभाजित मध्य प्रदेश की तपकारा विधानसभा सीट से बीजेपी कैंडिडेट के तौर पर चुनाव लड़ा और विधायक बने. 1990 से 1998 तक विधायक चुने गए साय 1990 से 1998 तक विधायक के तौर पर लगातार दो कार्यकाल के दौरान, उन्होंने आदिवासी इलाके में अपनी मजबूत पकड़ बनाई और संगठन में खुद को एक भरोसेमंद लीडर के तौर पर स्थापित किया. 1999 से 2014 सांसद रहे विष्णु देव साय विष्णु देव साय पहली बार 1999 में रायगढ़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए. जिसके बाद वो 1999, 2004, 2009 और 2014 में लगातार चार बार सांसद चुने गए. अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण समितियों में काम किया, जिनमें खाद्य और सार्वजनिक वितरण, सूचना प्रौद्योगिकी, जल संसाधन और वाणिज्य समितियां शामिल थीं. 2014 से 2019 तक केंद्रीय मंत्री रहे साय जिसके बाद 2014 में केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद उन्हें माइंस और स्टील के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया. 2014 से 2019 के बीच उन्होंने स्टील, माइंस और लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट जैसे मंत्रालयों में जिम्मेदारियां संभालीं.  लखीराम अग्रवाल को माना जाता है साय का पॉलिटिकल गुरु अविभाजित मध्य प्रदेश में बीजेपी के सीनियर नेता लखीराम अग्रवाल को साय का पॉलिटिकल गुरु माना जाता है. कहा जाता है कि लखीराम अग्रवाल ने उन्हें आगे बढ़ाया और 1990 में उन्हें विधानसभा का टिकट दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उनके अनुशासन, आदिवासी समुदाय में मजबूत असर और विवादों से दूर रहने की पहचान ने साय को बीजेपी के अंदर एक भरोसेमंद नेता बना दिया. 2023 में छत्तीसगढ़ के सीएम बने साय 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने साय को अहम जिम्मेदारियां दीं. उन्होंने मैनिफेस्टो कमेटी, बस्तर और सरगुजा इलाकों में बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान में एक अहम भूमिका निभाई. आदिवासी समुदाय के नेता के तौर पर उन्हें स्ट्रेटेजी के साथ आगे बढ़ाया गया. विष्णु देव साई 3 दिसंबर, 2023 को MLA चुने गए और 10 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेकर राज्य का नेतृत्व संभाला.    

बिजली दरों में वृद्धि का विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में विरोध

रायपुर. छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने आज विद्युत नियामक की जनसुनवाई में अपना प्रतिवेदन पेश किया। इसमें एसोसिएशन ने आगामी वर्ष 2026–27 में विद्युत दरों में किसी भी प्रकार की वृद्धि होने के खिलाफ पुरजोर विरोध किया। एसोसिएशन ने 13 बिंदुओं में अपनी मांगें रखी। एसोसिएशन ने विद्युत नियामक आयोग के सचिव को सौंपे अपने प्रतिवेदन में बताया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के औद्योगिक विकास में लौह उद्योगों का पारस्परिक सहयोग रहा है। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नीति के वजह से औद्योगिक विकास में अग्रणी बनने जा रहा है। जैसा कि भारत देश में छत्तीसगढ़ राज्य स्टील हब के नाम से जाना जाता है क्योंकि छोटे-छोटे लौह उद्योग जो कम पूंजी में अधिक उत्पादन करते हैं। साथ ही सबसे अधिक मात्रा में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को रोजगार प्रदान करने में सक्षम है। उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में लौह उद्योगों औद्योगिक वातावरण को विद्युत नियामक आयोग द्वारा गतिशील बनाये रखा। फलस्वरूप प्रदेश में औद्योगिक विकास दर एवं प्रदेश का घरेलू सकल उत्पादन जी.डी.पी. की सर्वोच्च ऊंचाई को छू रहा है। नतीजन लौह उद्योगों का विस्तार एवं नये लौह उद्योग लगते जा रहे है। विदित है कि छत्तीसगढ़ में 100 इकाईयों की 300 मिनी स्टील प्लांट (फर्नेस) उद्योग है जो छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल के कुल उत्पादन के लगभग 30 से 35% के सबसे बड़े उपभोक्ता (power intensive industry) है, जो प्रतिवर्ष लगभग 750 करोड़ यूनिट खपत करने वाले उद्योग है इस उच्च श्रेणी के सबसे अधिक बिजली खपत करने वाले उद्योगों द्वारा छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल को प्रतिवर्ष लगभग 5 से 6 हजार करोड़ का राजस्व देने वाले है। छत्तीसगढ़ का पूरा लौह उद्योग जीएसटी टैक्स के माध्यम से राज्य शासन एवं भारत सरकार को प्रति वर्ष लगभग 9 से 10 हजार करोड़ से अधिक राजस्व प्रदान करते हैं। यह उद्योग लगभग दो लाख परिवारों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है एवं छत्तीसगढ़ के मिनी स्टील प्लांट उद्योग 110 स्पंज आयरन एवं 250 रोलिंग मिलों की बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ज्ञातव्य है कि वर्तमान विद्युत दर पर मिनी स्टील प्लांट उद्योग बहुत कठिन हो गया है। अतः आपसे निवेदन है कि निम्नलिखित सुझावों एवं मांगों पर त्वरित निर्णय लेने की कृपा करें। ये हैं 13 मांगे मल्टी-ईयर टैरिफ (MYT) 5 वर्ष का होना चाहिए। जो अगले 5 वर्षों के लिए टैरिफ को लगभग स्थिर रखा जाए। कुछ अतिआश्यक पड़ने में उचित सीमा के अंदर बदलाव करे, जिससे उद्योग अपने विस्तार की योजना बना सके। जो अत्यधिक विद्युत उपभोग (Power intensive) (जिनका लोड फैक्टर 50% से ज्यादा एवं कॉन्टैक्ट डिमांड 2500kVA या उससे ज्यादा है) के लिए एक अलग विद्युत श्रेणी (category) बनाया जाये। जिससे उनकी विकास एवं समस्यओं पर आसानी से ध्यान रखा जा सके और राज्य शासन एवं नियामक आयोग कोई रक्षात्मक (protective) पॉलिसी बना सें। अत्यधिक विद्युत उपभोग करने वाले (power intensive) HV4- मिनी स्टील प्लांट उद्योगों के लिए विद्युत दर एवरेज बिलिंग दर लगभग रूपये 5.50 प्रति यूनिट होना चाहिए, जिससे उड़ीसा, झारखंड, दोमादर वेली (DVC) आदि जैसे दूसरे बड़े स्टील बनाने वाले राज्यों के समकक्ष हो। अत्यधिक विद्युत उपभोगक्ता से एवरेज बिलिंग लगभग वोल्टेज-वाइज कॉस्ट ऑफ सप्लाई (वर्ष 25-25 रूपये 5.55 प्रति यूनिट 33 केवी सप्लाई के लिए, जैसा नियामक आयोग ने टैरिफ ऑर्डर 24-25 में तय किया है (पिछले रेवेन्यू गैप को छोड़कर) नियामक आयोग ने टैरिफ ऑर्डर में वर्ष 25-26 के लिए वोल्टेज-वाइज कॉस्ट ऑफ सप्लाई तय नहीं की है) के बराबर होना चाहिए। लोड फैक्टर प्रोत्साहन पूर्व की भांति जारी रखा जाये यानी 50% लोड फैक्टर पर 1% प्रोत्साहन से शुरू करके हर 1% बढ़ोतरी पर प्रोत्साहन 1% बढ़ाया जाए जो ज्यादा से ज्यादा 74% तक हो। शटडाउन एवं साप्ताहिक अवकाश के दिनों को ध्यान में रखते हुए, पॉवर ऑफ के घंटे को बढ़ाकर हर माह औसतन 72 घंटे किए जाए, जिससे उद्योगों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को भी मेंटेनेंस के काम के लिए काफी समय मिल सके। लोड शेडिंग के दौरान हर महीने नॉर्मल पॉवर ऑफ आवर्स के अलावा, असल लोड शेडिंग पीरियड के आधार पर एक्स्ट्रा पॉवर ऑफ आवर्स दिए जाए। फ्यूल एवं पॉवर परचेस एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) को जीरो पर रीसेट किया जाए क्योंकि वर्ष 25-26 के दौरान एनर्जी चार्ज पर यह 18% तक बढ़ गया है। FCA और FPPA सरचार्ज के कैलकुलेशन की इंडिपेंडेंट चेकिंग के लिए एक ठीक और पारदर्शी तरीका शुरू किया जाये। सोलर पॉवर बैंकिग को एड्रेस करने के लिए सोलर आवर्स के दौरान कॉन्ट्रैक्ट डिमांड को अधिकतम सीमा 20% तक पार करने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगाया जाये। बिजली बिल विलम्ब भुगतान पर सरचार्ज के बराबर एडवांस पेमेंट पर छूट (APR) (अभी DPS बिल का 1.5% हर महीने या उसके हिस्से के लिए है और APR सिर्फ 1.25% है) दिया जा सकता है ताकि बिजली बिलों का एडवांस पेमेंट बढ़ाया जा सके जिससे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी का कैश फ्लो बेहतर होगा। उद्योगों को स्मार्ट (प्रीपेमेंट) एनर्जी मीटर लगाने का विकल्प दिया जाए। अत्यधिक विद्युत उपभोग करने वाले (power intensive) उद्योग के लिए विलम्ब भुगतान सरचार्ज को हर दिन के हिसाब से तय किया जाना चाहिए (देरी वाले दिनों की संख्या पर 0.05% हर दिन) क्योंकि उनकी बिजली बिल की राशि बहुत अधिक होती है और थोड़ी सी भी देरी से उन पर बहुत अधिक DPS का बोझ पड़ता है। सभी अत्यधिक विद्युत उपभोग करने वाले (power intensive) उद्योग अपनी डिमांड को अनुमेय सीमाएँ (permissible limits) के अंदर कंट्रोल करने के लिए आटोमेटेड डिमांड सिस्टम लगाती है, लेकिन यह देखा गया है कि कुछ मामलों में ऐसे सिस्टम के थोड़े समय के लिए खराब होने की वजह से डिमांड अनुमेय सीमाएँ से ज्यादा हो जाती है, जिससे ऐसे उपभोक्ता पर पेनल्टी चार्ज के तौर पर भारी पैसे का बोझ पड़ता है, इसलिए ऐसी किसी भी स्थिति को (जैसे साल में एक बार) उन उपभोक्ता के लिए छूट कर दिया जाना चाहिए जिन्होंने आटोमेटेड डिमांड कंट्रोल सिस्टम लगवाया है। सोलर पॉवर प्लांट को लगाने को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेस / परमिसेंस को आसान बनाना चाहिए और राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए सोलर पॉवर पर किसी भी कॉस सब्सिडी सरचार्ज को माफ किया जाना चाहिए। मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने निवेदन करते … Read more