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भारत माता वाहिनी योजना से मजबूत हुआ नशामुक्ति जनआंदोलन

रायपुर. प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरण एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित भारत माता वाहिनी योजना के तहत प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूहों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार कर रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में रैली, प्रभात फेरी, जनजागरूकता अभियान, नशा छोड़ने का संकल्प एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हुआ है तथा युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। केंद्रों में चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग एवं अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है। जिला बलरामपुर इस अभियान का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूहों द्वारा सतत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है, जिससे वे पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं। उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी आधारित मॉडल को अपनाकर नशामुक्ति अभियान को सशक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। भारत माता वाहिनी योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।

वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन 72 लाख रूपए की राशि के विभिन्न निर्माण कार्यों का करेंगे भूमिपूजन

रायपुर. प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन 18 फरवरी दिन बुधवार को कोरबा में आयोजित श्रमिक सम्मेलन में शामिल होंगे एवं नगर निगम कोरबा के विभिन्न वार्डों में 72 लाख रूपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।  निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंत्री  देवांगन चारपारा कोहड़िया कोरबा से सुबह 10.45 बजे रवाना होकर 11 बजे टी.पी.नगर कोरबा में स्थित इंडोर ऑडिटोरियम में श्रम विभाग कोरबा द्वारा आयोजित श्रमिक सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम पश्चात अपरान्ह 3.30 बजे एम.पी.नगर कोरबा के दशहरा मैदान में आयोजित विभिन्न निर्माण कार्याे का भूमिपूजन करेंगे। इन कार्यो में वार्ड क्र. 27 में आर.सी.सी. नाली एवं कल्वर्ट निर्माण कार्य राशि 12.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 25 कुंआ भट्ठा बुधवारी बाई पास में स्थित विवेकानंद सेवा सदन के द्धितीय तल में हॉल व कक्ष निर्माण एवं अन्य विस्तार कार्य राशि 25.00 रूपए, वार्ड क्र. 25 अंतर्गत कोरबा के महिला महाविद्यालय के पीछे ब्रम्हवाटिका के पास किचन शेड निर्माण कार्य राशि 5.00 लाख रूपए, एवं वार्ड क्र. 28 अंतर्गत अहाता निर्माण एवं अन्य विस्तार कार्य राशि 30.00 लाख रूपए शामिल है।

री-डेवलपमेंट कार्य में देरी पर सांसद नाराज़, दपूमरे जीएम तरुण प्रकाश के साथ अहम बैठक

रायपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के साथ आज रायपुर रेल मंडल में संसदीय क्षेत्रों के सांसदों की बैठक हुई. सांसदों ने रायपुर और दुर्ग स्टेशन के री-डेवलपमेंट कार्य की धीमी प्रगति को लेकर नाराजगी जाहिर की. डीआरएम दयानंद के इसके पीछे तकनीकी बताए जाने पर सांसदों ने रोष व्यक्त किया. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के साथ बैठक में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महेश कश्यप, भोजराज नाग और रूपकुमारी चौधरी मौजूद रहे. बैठक में रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और रावघाट रेल लाइन सहित विभिन्न लंबित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई. विशेष रूप से रायपुर और दुर्ग के अमृत रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य को दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया. बैठक के दौरान रायपुर और दुर्ग स्टेशन के री-डेवलपमेंट कार्य की धीमी प्रगति को लेकर सांसदों ने नाराजगी जाहिर की. सांसदों ने स्पष्ट कहा कि प्रारंभिक चरण में कार्य की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिससे आम जनता में भी असंतोष है. इस पर डीआरएम दयानंद ने स्पष्ट किया कि परियोजना के शुरुआती चरण में ड्रॉइंग और डिजाइन से जुड़े कई तकनीकी मुद्दे सामने आए थे. जिस पर सांसदों ने रोष व्यक्त किया. इन तकनीकी कारणों से कार्य की गति प्रभावित हुई. उन्होंने बताया कि संशोधित ड्रॉइंग और डिजाइन की प्रक्रिया अब पूरी कर ली गई है और आगे कार्य तेजी से किया जाएगा. समय-समय पर कार्य की समीक्षा भी की जाएगी ताकि तय समयसीमा में परियोजना पूरी हो सके. यह वर्ष की पहली बैठक थी, जिसमें स्टेशन डेवलपमेंट, यात्री सुविधाएं, साफ-सफाई, ट्रेनों के संचालन और यात्री अनुभव को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. कुछ लंबित परियोजनाओं के प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को पुनः भेजने पर सहमति बनी है. रायपुर-दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर की मांग सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि रायपुर से दिल्ली के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने, रायपुर-जगन्नाथपुरी तथा दुर्ग-अंबिकापुर के लिए वंदे भारत सेवा प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा गया है. राजधानी एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन के बजाय प्रतिदिन चलाने और जोधपुर – जयपुर रूट की ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की भी मांग की गई. इसके अलावा भाटापारा और अन्य छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, मंडी गेट, जोरा व पिरदा में अंडरपास निर्माण तथा कचना और जोरा में अंडरब्रिज निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई. रायपुर – धमतरी रेल लाइन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया गया.

संघर्ष से सफलता तक: कुनकुरी की नेहा खाखा बनीं नवगुरुकुल की प्रेरक पहचान

जशपुरनगर संघर्ष से सफलता तक: कुनकुरी की नेहा खाखा बनीं नवगुरुकुल की प्रेरक पहचान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन जशपुर द्वारा संचालित नवगुरुकुल संस्थान ग्रामीण एवं सामान्य पृष्ठभूमि के युवाओं को आधुनिक कौशल से सुसज्जित कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य कर रहा है। यह पहल न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है, बल्कि जिले के युवाओं को आत्मविश्वास के साथ भविष्य निर्माण की ओर अग्रसर कर रही है। इसी नवाचारपूर्ण पहल का सशक्त उदाहरण हैं कुनकुरी की नेहा खाखा। वर्तमान में नेहा नवगुरुकुल में फाइनेंस जूनियर एसोसिएट टीम में ग्रोथ रोल पर कार्यरत हैं, जहाँ उन्हें 2.52 लाख रुपये वार्षिक पैकेज प्राप्त हो रहा है। अपनी भूमिका में वे अन्य विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करती हैं, उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करती हैं और उनकी शैक्षणिक प्रगति में सहयोग प्रदान करती हैं। नेहा का कहना है कि नवगुरुकुल ने उन्हें केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया है। यहाँ का सहायक और प्रेरक वातावरण उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है। आत्मविश्वास से भरी नई उड़ान नेहा बताती हैं कि उनके पिता के निधन पश्चात उनकी माता मती ललिता खाखा परिवार की जिम्मेदारियाँ संभाल रही हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बीच नेहा ने शिक्षा को अपनी ताकत बनाया। उन्होंने डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, कांसाबेल से उच्च माध्यमिक शिक्षा पूर्ण की। नवगुरुकुल के बारे में उन्हें अपनी माता से जानकारी मिली। तत्पश्चात उन्होंने स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, मनोरा में आयोजित एक सेमिनार में भाग लेकर संस्थान के लर्निंग मॉडल को समझा। प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त कर उन्होंने नवगुरुकुल, जशपुर में अध्ययन प्रारंभ किया। नेहा ने नवगुरुकुल में स्कूल ऑफ फाइनेंस का चयन किया। एक वर्ष के अध्ययन के दौरान उन्होंने वित्तीय विवरण, मैनेजमेंट अकाउंटिंग, कॉस्ट अकाउंटिंग तथा टैली में दक्षता प्राप्त की। साथ ही संचार कौशल, टीम वर्क और समस्या समाधान जैसे सॉफ्ट स्किल्स में भी उल्लेखनीय सुधार किया। इसके परिणाम स्वरूप उन्हें नवगुरुकुल में ही जॉब मिल गया। जहाँ वे अपनी शिक्षा जारी रखते हुए रोजगार भी प्राप्त कर रही है। वे पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी, कुनकुरी से स्नातक शिक्षा भी पूर्ण कर रही हैं। नवगुरुकुल: कौशल विकास का सशक्त मंच जिला प्रशासन जशपुर द्वारा संचालित नवगुरुकुल संस्थान जिले के युवाओं एवं छात्राओं के लिए कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। यहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन एवं अनुशासित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। संस्थान में प्रोग्रामिंग, बिजनेस एवं फाइनेंस जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों के साथ जीवन कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी रोजगारोन्मुखी बनते हैं। नेहा खाखा की यह कहानी दर्शाती है कि समर्पित प्रयास, उचित मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग मिलने पर ग्रामीण अंचल की बेटियाँ भी आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयाँ छू सकती हैं। नवगुरुकुल जैसी पहलें जशपुर जिले को कौशल संपन्न और सशक्त युवाओं की नई पहचान दे रही हैं।

आदिवासी युवक की मौत पर सियासी घमासान: एसडीएम पर आरोप, एक करोड़ मुआवजा व नौकरी की मांग

बलरामपुर बलरामपुर जिले के कुसमी में एसडीएम द्वारा की गई मारपीट से आदिवासी किसान की मौत के मामले को लेकर दूसरे दिन भी माहौल गरमाया रहा। कुसमी बस स्टैंड में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना देते हुए मृतक परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। इस दौरान शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। इस धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। यह है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी ब्लॉक स्थित हंसपुर गांव में बॉक्साइट के अवैध खनन की जांच के लिए कुसमी एसडीएम करुण डहरिया पहुंचे थे। आरोप है कि वे निजी वाहन से कुछ निजी लोगों को साथ लेकर आए थे। सरना के पास उन्होंने तीन ग्रामीणों को रोककर अवैध खनन का आरोप लगाया और रॉड, डंडे तथा लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई की। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को बेहोश होने तक पीटा गया। मारपीट में घायल ग्रामीणों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 62 वर्षीय रामनरेश राम की मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया का इलाज जारी है। यह घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बिना किसी पूछताछ या जांच के एसडीएम और उनके साथ गए प्राइवेट लोगों ने ग्रामीणों पर आरोप लगा लाठी डंडों से हमला कर दिया। वहीं सूत्र यह भी बताते हैं कि मारपीट में ग्रामीणों के घायल होने के बाद एसडीएम ने सामरी के नायब तहसीलदार पारस शर्मा को भी फोन कर बुलवाया ताकि यह दिखाया जा सके की पूरा राजस्व अमला अवैध खनन की जांच के लिए गया हुआ था। खेत में पानी की सिंचाई करने के लिए गए थे ग्रामीण मामले में घायल ग्रामीण आकाश अगरिया एवं अजीत उरांव ने बताया कि वे गेहूं के खेत में पानी की सिंचाई करने गए हुए थे। लौटने के दौरान बिना किसी पूछताछ या जांच अवैध खनन का आरोप लगा उनकी पिटाई की गई। मामला सामने आने के बाद एसडीएम और उनके तीनों साथियों को पुलिस ने हिरास्त में ले लिया था और पूछताछ कर रही थी। पहले भी विवादों में रहे हैं एसडीएम एसडीएम करुण डहरिया पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। जांजगीर जिले के चांपा में पदस्थापना के दौरान उन्होंने एक छात्र को तमाचा मार दिया था जिसके बाद छात्रों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रशिक्षण के दौरान गरियाबंद जनपद सीईओ रहने के दौरान नवंबर 2022 में उन्हें नलकूप खनन का बिल पास करने बीस हजार रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने भी गिरफ्तार किया था। मामले में अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई मामले में घायल दो ग्रामीणों के बयान के आधार पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया सहित उनके साथ गए विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजिल कुमार यादव और सुदीप यादव के खिलाफ राजपुर थाने में धारा 103, 115(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एसडीएम समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिसके बाद सभी से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।

जनदर्शन में मिली त्वरित राहत: लगनी बाई को मिला राशन कार्ड

रायपुर. शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में  कोंडागांव जिले  के केशकाल विकासखंड के ग्राम गौरगांव निवासी मती लगनी बाई को त्वरित राहत मिली। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक के उपरांत कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लगनी बाई ने राशन कार्ड बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने उनके आवेदन पर खाद्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। खाद्य विभाग द्वारा उसी दिन आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर लगनी बाई को राशन कार्ड बनाकर प्रदान किया गया। राशन कार्ड प्राप्त होने से लगनी बाई और उनका परिवार अब नियमित रूप से शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले राशन सामग्री के साथ साथ अन्य योजनाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने इस त्वरित सहायता के लिए शासन प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अविनाश भोई, खाद्य अधिकारी  नवीनचंद वास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा केस में बड़ा फैसला, 17 आरोपी दोषमुक्त, क्या बोले वकील

बेमेतरा छत्तीसगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर बेमेतरा से निकलकर सामने आई. बेमेतरा जिले के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में जिला न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है. जिला न्यायालय ने जिन आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है, उनमें चेचानमेटा बिरनपुर थाना निवासी डकेश्वर सिन्हा उर्फ हरिओम पिता गौतम सिन्हा (28 साल), ग्राम खैरी, थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी मनीष वर्मा पिता नंदकुमार वर्मा (23 साल), कोरवाय थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी समारू नेताम पिता जेठूराम नेताम (43 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी पूरन पटेल पिता खेमकुमार पटेल (19 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी राजकुमार निषाद पिता संजय निषाद (19 साल), पदमी थाना व जिला बेमेतरा निवासी भोला निषाद पिता श्रवण निषाद (23 साल), पेंण्डरवानी, थाना गण्डई जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई निवासी दूधनाथ साहू पिता कमल साहू (27 साल), पेण्डरवानी, थाना गण्डई जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई निवासी अरुण रजक पिता मनहरण रजक (18 साल), कोरवाय, थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी चंदन साहू पिता देवकुमार साहू (20 साल), कोरवाय, थाना साजा जिला बेमेतरा निवासी होमेन्द्र नेताम पिता नीलकंठ नेताम (25 साल), कोगियाखुर्द, थाना परपोड़ी, जिला बेमेतरा निवासी टाकेन्द्र साहू पिता परसराम साहू (22 साल), कोगियाखुर्द, थाना परपोडी, जिला बेमेतरा निवासी राम निषाद पिता हिरेश निषाद (19 साल) मासुलगोदी, थाना परपोड़ी, जिला बेमेतरा निवासी संजय कुमार साहू पिता नेमराम साहू (25 साल), निवासी कोरवाय, थाना साजा, जिला बेमेतरा निवासी चिंताराम साहू पिता स्व. बिरझुराम साहू (68 साल), निवासी कोगियाखुर्द, थाना परपोडी, जिला बेमेतरा निवासी लोकेश साहू पिता चतुरराम साहू (23 साल) निवासी कोगियाखुर्द, थाना परपोड़ी, जिला बेमेतरा वरूण साहू पिता रामकुमार साहू (18 साल 3 माह) और मासुलगोदी, थाना परपोडी जिला बेमेतरा निवासी राजेश साहू पिता बल्लु साहू (23 साल) शामिल हैं. बिरनपुर मामले में साजा थाना में कुल 173 लोगों के विरूद्ध दर्ज धारा 302, 147, 148, 149, 153 (3) भादवि तथा 201, 109, 34 भादवि के अपराध में अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दिक्षित की न्यायालय में विचारण किया गया है. 64 अभियोजन साक्षियों का कथन के बाद आज संदेह का लाभ देकर न्यायालय से सभी 17 लोगों को छोड़ दिया गया है. क्या था बिरनपुर हिंसा मामला? बिरनपुर हिंसा मामला शुरू हुआ था दो बच्चों की मामूली लड़ाई से, जो देखते-देखते हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया. 8 अप्रैल 2023 को साजा विधायक ईश्वर साहू के 22 वर्षीय पुत्र भुनेश्वर साहू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद तनाव इतना बढ़ा कि 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया. गांव में आगजनी हुई और मुस्लिम समुदाय के रहीम (55) व उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की भी हत्या हो गई. प्रशासन ने धारा 144 लागू किया, जो करीब दो सप्ताह तक जारी रहा. पुलिस ने शुरुआत में 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन CBI ने अपनी जांच में 6 नए आरोपियों का उल्लेख किया है.

दृष्टि दिव्यांगता पर संकल्प की जीत: आत्मनिर्भरता की मिसाल बने अभिनंदन, अब गढ़ रहे नई प्रतिभाओं का भविष्य

रायपुर. दृष्टि दिव्यांगता पर संकल्प की जीत: आत्मनिर्भरता की मिसाल बने  अभिनंदन, अब गढ़ रहे नई प्रतिभाओं का भविष्य दृढ़ इच्छाशक्ति, अटूट आत्मविश्वास और संगीत के प्रति समर्पण ने यह सिद्ध कर दिया है कि शारीरिक सीमाएं सफलता की राह में अवरोध नहीं बनतीं। दृष्टि दिव्यांगता को चुनौती देते हुए  अभिनंदन नशीने ने आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ऐसी प्रेरक कहानी रची है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित रायपुर मठपुरैना  स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय  में वर्ष 2006 में कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले  अभिनंदन ने वर्ष 2019 में बारहवीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विद्यालयीन शिक्षा के दौरान वे विद्यालय के ऑर्केस्ट्रा ग्रुप “रोशनी” के सक्रिय सदस्य रहे और अपनी मधुर आवाज से अनेक मंचों पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।संगीत के प्रति गहरी लगन ने उन्हें उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर किया। उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से संगीत विषय में स्नातक शिक्षा पूर्ण कर अपनी प्रतिभा को शैक्षणिक आधार प्रदान किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और आज उसी विद्यालय में संगीत शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी। वर्तमान में  अभिनंदन दृष्टि दिव्यांग बच्चों को संगीत की विधिवत शिक्षा देकर उनकी छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान कर रहे हैं। वे केवल शिक्षक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी हैं। उनके मार्गदर्शन में कई बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।  अभिनंदन द्वारा संचालित “अभिनंदन म्यूजिकल परिवार” ऑर्केस्ट्रा समूह दिव्यांग कलाकारों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। यह समूह विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियों से समाज में सकारात्मक संदेश दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मोहला-मानपुर जिले में समाज कल्याण विभाग के कार्यक्रमों हेतु जागरूकता गीतों की रचना कर सामाजिक सरोकारों से भी अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।  अभिनंदन की जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि यदि संकल्प अडिग हो तो चुनौतियां भी सफलता की सीढ़ियां बन जाती हैं। उनका संघर्ष और उपलब्धियां प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए आशा, प्रेरणा और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं।राज्य सरकार की समावेशी नीतियों और सशक्तिकरण के प्रयासों के परिणामस्वरूप आज ऐसे अनेक प्रतिभाशाली दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा में अपनी पहचान स्थापित कर रहे हैं।  अभिनंदन की उपलब्धियां इसी सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त अभिव्यक्ति हैं।

सुरक्षाबलों की बड़ी जीत: सुकमा में 22 नक्सलियों ने डाले हथियार, ‘लाल आतंक’ कमजोर

सुकमा नक्सल मुक्त भारत अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुकमा जिले में 22 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इसमें एक महिला नक्सली भी शामिल है। इस घटना को नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सरकार की नीतियों का असर आत्मसमर्पण की यह प्रक्रिया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस बड़ी सफलता में जिला रिजर्व गार्ड, जिला पुलिस बल, क्षेत्रीय फील्ड टीम, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और कोबरा बटालियन की सराहनीय भूमिका रही। सुरक्षाबलों द्वारा लंबे समय से चलाए जा रहे सघन तलाशी व घेराबंदी अभियानों के कारण नक्सली संगठनों पर लगातार दबाव बना हुआ था। पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने छोड़े हथियार प्रशासन के अनुसार, सरकार की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति, बेहतर जीवन की संभावनाओं और विकास कार्यों के विस्तार से प्रभावित होकर नक्सलियों ने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को नियमानुसार पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।  प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे नक्सल मुक्त भारत अभियान की दिशा में एक मजबूत कदम बताया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में नक्सलवाद के प्रभाव वाले क्षेत्रों में शांति, विकास और विश्वास का माहौल और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। यह कदम क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

हितग्राहियों को मिली बड़ी सौगात, 1 करोड़ 37 लाख से ज्यादा का लाभ

रायपुर विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 37 लाख 2 हजार 294 रुपये की राशि की गई वितरित श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष  योगेश दत्त मिश्रा की अध्यक्षता में ऑडिटोरियम जांजगीर में आज श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रमिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियो को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 37 लाख 2 हजार 294 रुपये की राशि वितरित की गई।         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि श्रमिकों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से श्रमिकों में जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक पात्र हितग्राही योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन श्रमिकों को योजनाओं से सीधे जोडने और संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक  चुन्नीलाल साहू,  नंदकुमार चौधरी,  विकास शर्मा,  पंकज अग्रवाल,  अनिल शर्मा,  हितेश यादव,  पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, मती इंद्रावती जांगड़े,  संजय शर्मा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और श्रमिक उपस्थित थे।