samacharsecretary.com

न्यायधानी में UGC नियमों के विरोध का बंद फ्लॉप, सवर्ण संगठनों ने जताई नाराज़गी

बिलासपुर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के विरोध में आज देशभर में सवर्ण समाज ने बंद का आह्वान किया है. हालांकि, छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में बंद बेअसर नजर आया और मुख्य बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे. लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है, विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है. सामान्य वर्ग के समाज प्रतिनिधियों, शिक्षकों, छात्रों और विभिन्न संगठनों ने UGC के नए नियमों पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि ये शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हितों के खिलाफ है. सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की अनदेखी की जा रही है. यूजीसी कानून विरोध आंदोलन के संयोजक डॉ प्रदीप शुक्ला ने कहा कि जब तक इन नियमों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. आज शहर में बड़ी रैली निकालने और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे. जानिए क्यों हो रहा UGC के नियमों का विरोध बता दें, UGC ने यह नियम रोहित वेमुला और पायल तड़वी की कथित जातिगत भेदभाव के कारण हुए हत्या मामलों के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तैयार किए थे, ताकि कैंपस में जातिगत और अन्य आधारों पर होने वाले भेदभाव को जड़ से खत्म किया जा सके. लेकिन नियम लागू होते ही देशभर में सवर्ण समाज ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया. विवाद की मुख्य वजहें और विरोधियों के तर्क सामान्य वर्ग (S-4 जैसे संगठन) और कई शिक्षक समूहों द्वारा विरोध के पीछे निम्नलिखित तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं:     OBC को शामिल करना: विरोधियों का तर्क है कि SC-ST के साथ अब OBC को भी इन कड़े सुरक्षा प्रावधानों में शामिल करना नियमों के दुरुपयोग की संभावना को बढ़ाता है.     झूठे आरोपों का डर: सवर्ण संगठनों का मानना है कि ‘इक्विटी स्क्वाड’ और ‘समता दूत’ जैसी व्यवस्थाओं से निर्दोष छात्रों और शिक्षकों को आपसी रंजिश के चलते झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है.     असमान सुरक्षा: तर्क दिया जा रहा है कि नियम केवल आरक्षित वर्गों की सुरक्षा की बात करते हैं, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भेदभाव से सुरक्षा का कोई स्पष्ट ढांचा इसमें नहीं दिखता. सुप्रीम कोर्ट ने नए नियम पर लगाई रोक चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इन नियमों पर रोक लगाते हुए कहा कि ‘भेदभाव’ की परिभाषा वर्तमान रेगुलेशन में बहुत धुंधली है.नियमों को और अधिक समावेशी बनाने की जरूरत है ताकि यह देखा जा सके कि ये ‘समानता के अधिकार’ का उल्लंघन तो नहीं कर रहे. कोर्ट ने कहा कि जब तक इस पर अंतिम फैसला नहीं आता, 2012 के पुराने यूजीसी नियम ही प्रभावी रहेंगे.

रायपुर इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू, संपादकों व पूर्व पदाधिकारियों संग डिप्टी सीएम साव भी मैदान में

रायपुर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति में आयोजित खेल मड़ई के अंतर्गत इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन किया। रायपुर प्रेस क्लब के इस आयोजन का उद्देश्य पत्रकार साथियों को व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर खेलों से जोड़ना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता में पत्रकार जगत की विभिन्न टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे। उद्घाटन अवसर पर पहला मैच संपादकों और प्रेस क्लब के पूर्व पदाधिकारियों की टीमों के बीच खेला गया, जिसमें दोनों ही टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। उद्घाटन के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव स्वयं मैदान में उतरे और बल्ला थामकर क्रिकेट खेलते नजर आए। डिप्टी सीएम का यह अंदाज देखकर आयोजन का उत्साह और भी बढ़ गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब द्वारा खेल मड़ई का आयोजन एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है। खेलों का हमारे जीवन में बड़ा महत्व है और अच्छे स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से खेलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार साथियों की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद खेलों के प्रति उनका उत्साह काबिले-तारीफ है। उपमुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब के सभी पदाधिकारियों, आयोजकों और प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं।

राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य आगाज़, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के नाम से विख्यात राजिम एक बार फिर धर्म, आस्था और सनातन संस्कृति के त्रिवेणी संगम का साक्षी बनने जा रहा है. माघ पूर्णिमा 1 फरवरी से महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 तक राजिम कुंभ कल्प 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा. इस वर्ष भी कुंभ कल्प का आयोजन नए मेला स्थल चौबेबांधा, राजिम में होगा. त्रिवेणी संगम पर इसका शुभारंभ रविवार की शाम 6.30 बजे महाआरती से होगा. यहां अलग-अलग अस्थाई कुंड तैयार किए गए हैं. साथ ही, साधु-संतों के स्नान की भी व्यवस्था है. शाही स्नान घाट को 50 से 100 मीटर और आरती घाट को लगभग 120 मीटर लंबा बनाया गया है. वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक भव्य मंच बनाया गया है. महानदी में लक्ष्मण झूला के ठीक नीचे प्रशासन द्वारा अस्थाई सड़क बनाई गई है, जहां कई दुकानें लगाई जाएंगी. राजिम कुंभ मेला जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है. रेलवे श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 1 फरवरी से 15 फरवरी तक दो स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. इससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी. कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री, अभनपुर मानिकचौरी और राजिम में रूकेगी. वर्तमान में इस रूट पर तीन ट्रेनों का संचालन हो रहा है. रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 08755 रायपुर-राजिम मेमू पैसेंजर रायपुर स्टेशन से 11.55 बजे रवाना होकर 12.15 बजे मंदिर हसौद, 12.24 बजे सीबीडी, 12.34 बजे केंद्री, 12.49 बजे अभनपुर, 12.57 बजे मानिकचौरी और 13.20 बजे राजिम पहुंचेगी. ठीक इसी तरह गाड़ी संख्या 08756 राजिम-रायपुर मेमू कुंभ मेला स्पेशल राजिम रेलवे स्टेशन से 2 बजे रवाना होकर, 2.07 बजे मानिकचौरी, 2.14 बजे अभनपुर, 2.22 बजे केंद्री, 2.31 बजे सीबीडी, 2.43 बजे मंदिर मानिकचौरी और 3:30 बजे रायपुर पहुंचेगी. इसी तरह दूसरी गाड़ी संख्या 08757 रायपुर- राजिम मेमू पैसेंजर रायपुर स्टेशन से 2.30 बजे रवाना हो कर 2.48 बजे मंदिर हसौद, 2.49 बजे सीबीडी, 3.9 बजे केंद्री, 3.23 बजे अभनपुर, 3.31 बजे मानिकचौरी और 4 बजे राजिम पहुंचेगी. राज्यपाल करेंगे उद्घाटन राजिम कुंभ कल्प 2026 का शुभारंभ माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से होगा. उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे. इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक अजय चन्द्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, अभनपुर विधायक इन्द्रकुमार साहू सहित जिले एवं आसपास के अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी. देशभर के संत-महात्माओं का होगा दिव्य समागम राजिम कुंभ कल्प के शुभारंभ अवसर पर देशभर से प्रतिष्ठित संत-महात्माओं का दिव्य समागम होगा. प्रमुख संतों में दंडी स्वामी डॉ. इन्दुभवानन्द तीर्थ, दंडी स्वामी सच्चिदानंद तीर्थ, महंत रामसुंदर दास, महंत नरेन्द्र दास, स्वामी राजीव लोचन दास, स्वामी विराम देवाचार्य, आचार्य स्वामी राकेश, साध्वी महंत प्रज्ञा भारती, संत कौशलेन्द्र राम, बालयोगेश्वर रामबालक दास, महंत सर्वेश्वर दास, स्वामी डॉ. राजेश्वरानन्द, संत परमात्मानन्द, संत युधिष्ठिर लाल, संत गोकुल गिरि, प्रजापिता ब्रह्मकुमार नारायण भाई, ब्रह्मकुमारी पुष्पा बहन, हेमा बहन सहित अनेक संत शामिल होंगे. महानदी आरती, सांस्कृतिक संध्या और सत्संग होंगे मुख्य आकर्षण कुंभ कल्प के दौरान प्रतिदिन शाम 6:30 बजे महानदी आरती का आयोजन किया जाएगा. वहीं शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम और शाम 7 बजे से मुख्य मंच पर विविध आयोजन होंगे. विशेष आकर्षण के रूप में 9 से 11 फरवरी तक पंडोखर सरकार संत गुरूशरण जी महाराज का सत्संग दरबार त्रिवेणी संगम राजिम में आयोजित होगा, जो प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा.

बजट से जनता को नहीं मिला लाभ: भूपेश बघेल बोले—इसीलिए शेयर बाजार हुआ धराशायी

रायपुर केंद्रीय बजट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया भी आ गई है. उन्होंने इस बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि देश में इस बजट से किसी को कुछ नहीं मिला है, और छत्तीसगढ़ को अडानी के लिए छोड़ दिया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि केंद्रीय बजट का प्रतिगामी असर दिखाई दे रहा है. न कृषि, ना उद्योग, न रोजगार और न ही मजदूरों के लिए इसमें कुछ है. यही वजह है कि शेयर मार्केट के साथ सब कुछ भी धराशाई हो गया है. मिडिल क्लास के लिए भी कुछ नहीं है. इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव नहीं किया गया है. शराब महंगी हो गई है और मछली सस्ता हो गया है, बस यही बजट में दिखा है. शराब की दुकानें बढ़ा दी, ऊपर से शराब महंगी हो गई. इसका मतलब अब अवैध शराब और बढ़ेगी. प्रदेश में डबल इंजन की सरकार धान खरीदी नहीं कर पाई. 31 तारीख निकल गई, किसान सड़कों पर थे. वहीं प्रदेश में धान खरीदी पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेता अपना बचत धान नहीं बेच पाए तो दूसरों का क्या ही होगा. मोदी खुद बोले थे कि ये मोदी की गारंटी है कि 31 सौ क्विंटल में सबका धान खरीद जाएगा, लेकिन किसी का धान बिक नहीं पाया. छोटे किसानों को समर्पण कराया गया, और बड़े किसानों को टोकन नहीं मिला, स्थिति यह है.

विकसित भारत की ओर निर्णायक पहल: केंद्रीय बजट 2026-27 पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। महिला सशक्तिकरण को नई दिशा लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी। उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। कर सुधार और आम जनता को राहत आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से ही साकार होंगे सपने – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर. आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से ही साकार होंगे सपने – मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर, लक्ष्यनिष्ठ और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में एक और उल्लेखनीय पहल सामने आई है। महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित स्टेडियम ग्राउंड में कपिध्वज करियर गाइडेंस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 6 से 8 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपने भविष्य को दिशा देने का अवसर प्राप्त किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज का युवा ही देश और समाज के भविष्य का निर्माणकर्ता है। युवाओं के कंधों पर राष्ट्र निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे निभाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, सही मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियाँ व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं और सही निर्णय, समय प्रबंधन तथा सकारात्मक सोच के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। मंत्री  राजवाड़े ने शिक्षा को सफलता की सबसे मजबूत नींव बताते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने मूल्यों, जीवनशैली और दीर्घकालिक उद्देश्यों को ध्यान में रखकर करियर का चयन करें और ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रमों का पूरा लाभ उठाएं। इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित करियर मार्गदर्शक एवं कोटा (राजस्थान) स्थित मोशन कोचिंग सेंटर के संस्थापक एवं सीईओ  नितिन विजय (एन वी सर) ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर चयन, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास निर्माण और लक्ष्य आधारित अध्ययन पर प्रभावशाली मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “सोच ऊंची रखो, उड़ान भी ऊंची होगी।” कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करता है।  नितिन विजय ने कहा कि “सफलता दो बार प्राप्त होती है  पहले मन में और फिर वास्तविक जीवन में,” इसलिए विद्यार्थियों को मानसिक और व्यवहारिक दोनों स्तरों पर स्वयं को सफलता के लिए तैयार करना चाहिए। उन्होंने करियर चयन से पहले अपनी रुचि, क्षमता और व्यक्तित्व को समझने, गलतियों से सीखने और आत्मचिंतन को जीवन में आगे बढ़ने का मूलमंत्र बताया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष  चंद्रमणी देवपाल सिंह पैकरा,  राम कृपाल साहू,  परमेश्वरी राजवाड़े,  रजनी त्रिपाठी,  भीमसेन अग्रवाल,  राजेश महलवाला,  ठाकुर राजवाड़े,  नूतन विश्वास,  अनुज राजवाड़े,  अशोक राजवाड़े,  रेखा राजवाड़े,  रमेश गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।साथ ही जिला पंचायत सीईओ  विजेन्द्र पाटले, एसडीएम  चाँदनी कंवर, जिला कार्यक्रम अधिकारी  शुभम बंसल एवं अन्य अधिकारीगण, बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा और क्षेत्रवासी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने बाल विवाह उन्मूलन और नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ शपथ लेकर सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया।

अंबिकापुर में मंत्री राजेश अग्रवाल की पूजा-अर्चना, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की प्रार्थना

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज अम्बिकापुर के विश्वकर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उनके आशीर्वाद से सभी के जीवन में समृद्धि, कौशल और प्रगति की प्रार्थना के साथ उन्होंने सृष्टि के दिव्य रचनाकार विश्वकर्मा भगवान को नमन किया। अम्बिकापुर के हृदय स्थल पर स्थित प्राचीन विश्वकर्मा मंदिर पहुंचे अग्रवाल ने पारंपरिक विधि-विधान से भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्ज्वलन और आरती के बीच उन्होंने राज्य की समृद्धि की प्रार्थना की।  श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि विश्वकर्मा भगवान के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार में समृद्धि, कौशल और प्रगति का संचार हो।

सरगुजा के विकास को नई दिशा: मंत्री अग्रवाल ने संपूर्णता अभियान 2.0 का किया शुभारंभ

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ सरगुजा के पिछड़े क्षेत्रों को मिलेगी नई उड़ान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जनपद पंचायत लखनपुर, सरगुजा में नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया। यह अभियान आकांक्षी प्रखंडों एवं पिछड़े क्षेत्रों के समग्र, संतुलित और सतत विकास के संकल्प को मजबूत बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम में अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर गहन चर्चा की। उन्होंने सभी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए, ताकि अभियान का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अग्रवाल ने कहा कि नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 छत्तीसगढ़ के पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगा, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं पर समग्र फोकस रहेगा। संपूर्णता अभियान 2.0 का व्यापक स्वरूप संपूर्णता अभियान 2.0 नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उन्नत संस्करण है, जो 112 संकेतकों पर आधारित पहल है। यह पहले संस्करण से अधिक स्थानीयकृत, समुदाय-केंद्रित और सतत विकास पर जोर देता है। अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, जल संरक्षण, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे जैसे बहुआयामी क्षेत्रों को कवर करता है। सरगुजा जैसे आदिवासी क्षेत्रों के लिए यह विशेष रूप से प्रासंगिक है। अभियान का लक्ष्य गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सतत विकास है। प्राथमिकताओं में डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक संरक्षण शामिल हैं। अग्रवाल ने बल दिया कि यह केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि समुदाय, एनजीओ और निजी क्षेत्र की साझेदारी से चलेगा, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन दूर हो। कार्ययोजना में प्रखंड-स्तरीय डैशबोर्ड निगरानी, मासिक समीक्षाएं और लक्ष्यबद्ध परियोजनाएं हैं। लखनपुर में सड़कें, स्कूल उन्नयन, आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग डेटा-संग्रहण से पारदर्शिता सुनिश्चित करें, ताकि 2026 अंत तक सरगुजा के आकांक्षी प्रखंडों में ठोस प्रगति हो। राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संपूर्णता अभियान 2.0 से प्रत्येक नागरिक को समान अवसर देगी। यह पिछड़े क्षेत्रों को समृद्ध कर छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की नई इबारत लिखेगी।

जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के सहयोग से संपूर्णता अभियान 2.0 सफल होगा: देवांगन

रायपुर. कैबिनेट मंत्री देवांगन की अध्यक्षता में आकांक्षी जिला अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि विगत वर्ष संपूर्णता अभियान 1.0 के तहत निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशन में नीति आयोग द्वारा कोरबा जिले को विकास की तेज राह पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संपूर्णता अभियान 2.0 लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरपंचों सहित सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और विभागीय अधिकारियों के समन्वय से आकांक्षी जिले के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए कोरबा को विकास व प्रगति के पथ पर आगे ले जाना उनकी प्राथमिकता है। मंत्री देवांगन ने कहा कि इस अभियान के सभी मानकों को प्राप्त करने में सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। योजनाओं का सफल क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुनिश्चित रूप से पहुँचे, इसके लिए समर्पित भाव से कार्य करना जरूरी है।  कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित भारत की दिशा में लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ की व्यवस्था से जिले में अनेक विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 विजन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी छत्तीसगढ़ को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री देवांगन ने जनजागरूकता के माध्यम से संपूर्णता अभियान 2.0 के निर्धारित संकेतकों पर प्रभावी कार्य कर लक्ष्यों की प्राप्ति और कोरबा जिले को आकांक्षी जिला श्रेणी से बाहर लाने के लिए सभी की सहभागिता अत्यंत आवश्यक बताई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि कोरबा जिला लंबे समय से आकांक्षी जिला श्रेणी में शामिल रहा है। संपूर्णता अभियान 1.0 में बेहतर कार्य होने पर जिले को प्रोत्साहन मिला था। उन्होंने कहा कि संपूर्णता अभियान 2.0 में जिन संकेतकों को शामिल किया गया है, उन पर उपलब्धि हासिल करने पर सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है।  इस अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि शासन द्वारा आकांक्षी योजना का जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में प्रभावी संचालन कर तेज विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आकांक्षी जिले के सभी मानकों की लक्ष्य प्राप्ति हेतु आगामी तीन माह तक संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के आधार पर फील्ड में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि संपूर्णता अभियान प्रधानमंत्री जी का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसके अंतर्गत देशभर के कुछ जिलों और ब्लॉकों का चयन किया गया है। कोरबा जिला भी आकांक्षी जिले के रूप में शामिल है। संपूर्णता अभियान 1.0 के दौरान निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध कार्य किया गया था। संपूर्णता अभियान 2.0 आज से प्रारंभ हुआ है और 14 अप्रैल तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कृषि के प्रमुख संकेतकों को निश्चित समय सीमा में संतृप्त करना प्रमुख उद्देश्य है। अभियान का मकसद नियमित निगरानी और शासन तंत्र के प्रभावी एकीकरण के माध्यम से विगत वर्ष की उपलब्धियों को मजबूत करते हुए आगे बढ़ाना है। उन्होंने निर्धारित संकेतकों का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सभी एकजुट होकर शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल करेंगे और सम्मानित होंगे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने अभियान की सफलता की कामना करते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित मानकों की लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने सम्पूर्णता अभियान के उददेश्यों को विस्तार से बताया।  संपूर्णता अभियान 2.0 के प्रमुख उद्देश्य अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के बीच अभिसरण को मजबूत कर समग्र विकास को गति प्रदान करना है। स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक प्लेटफार्मों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाना, तथा सफल कहानियों का दस्तावेजीकरण कर नवाचार और पारस्परिक सीख को प्रोत्साहित करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र में जन्म के समय शिशुओं के वजन में सुधार, क्षय रोग (टीबी) केस नोटिफिकेशन की दर में वृद्धि, तथा प्रत्येक माह कम से कम एक बार ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस अथवा शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित करने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रतिशत को बढ़ाना प्रमुख संकेतक हैं। शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र में क्रियाशील बालिका शौचालयों वाले विद्यालयों का प्रतिशत तथा टीकाकृत पशुओं का अनुपात भी प्रमुख संकेतकों में शामिल है। मंत्री देवांगन द्वारा शपथ दिलाई गई, स्व सहायता समूहों को चेक का वितरण उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन ने संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ करते हुए उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अभियान की सफलता हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर अतिथियों ने सेल्फी जोन में स्मृति फोटो भी लिए। कार्यक्रम में बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूह-ग्राम दोंदरो की देवी स्व-सहायता समूह, जय मां दुर्गा स्व-सहायता समूह, जामबहार की जय मां लक्ष्मी एवं जय अंबे स्व-सहायता समूह, तथा सोनपूरी की राधा कृष्णा स्व-सहायता समूह को मंत्री देवांगन द्वारा चेक वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोलगा के उतरा सिंह, पंचराम, शांति और दुकालुराम को स्वायल हेल्थ कार्ड भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने स्व-सहायता समूह द्वारा लगाये स्टाल का भी अवलोकन किया।

लखनपुर में विकास को गति: मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4.18 करोड़ के 26 कार्यों का भूमिपूजन किया

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने नगर पंचायत लखनपुर में 4 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक कीमत के 26 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचेगी। डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ के बहुमुखी विकास के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। लखनपुर में आयोजित  समारोह में अग्रवाल ने सभी 26 परियोजनाओं का विधिवत भूमिपूजन किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ये कार्य क्षेत्र के समग्र उत्थान का आधार बनेंगे और सरगुजा जैसे पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटिंग, सामुदायिक भवन और पेयजल सुविधाओं का विस्तार शामिल है। कुल 4.18 करोड़ रुपये की लागत से ये कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे, जिससे लखनपुर नगर पंचायत का मूलभूत ढांचा सशक्त होगा। विशेष रूप से ग्रामीणों की लंबे समय की मांगों को ध्यान में रखते हुए ये योजनाएं तैयार की गई हैं। श्री  अग्रवाल ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि विकास की किरण अंतिम छोर तक पहुंचे। छत्तीसगढ़ का बहुमुखी विकास सुनिश्चित करते हुए हम हर क्षेत्र को समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता के लिए निर्देशित किया, तथा जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की।