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हसदेव के तारा कोल ब्लॉक नीलामी पर गरमाई सियासत

रायपुर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने हसदेव अरण्य क्षेत्र में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी करके आदिवासियों का जीवन आधार खत्म कर दिया. हसदेव, बांगो बांध इस इलाके का जीवनदायिनी है. यहां पर यदि उत्खनन होता है तो इस क्षेत्र में लाखों पेड़ काटे जायेंगे. हमारी सरकार ने लेमरू एलीफेंट अभ्यारण्य के लिए 1950 वर्ग किमी क्षेत्र को संरक्षित किया था. ये भाजपा की साय सरकार ने खुद केंद्र को पत्र लिख कर तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को कहा है. एक आदिवासी मुख्यमंत्री होकर आदिवासियों और जंगल का नहीं बल्कि के हितों के खातिर काम कर रहे हैं. जनता के ठग रही भाजपा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हसदेव अरण्य क्षेत्र के तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए साय सरकार ने कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा था.यह पत्र 11 दिसंबर 2025 को साय सरकार ने लिखा था.हमारी सरकार ने 23 जून 2023 को तारा सहित 9 कोल ब्लाकों को नीलामी से अलग रखने के लिए पत्र लिखा था. भाजपा बताए कि उनकी सरकार ने तारा कोल ब्लॉक नीलामी के लिए अनुशंसा क्यों किया था? कांग्रेस की सरकार के समय 26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर मांग की थी कि हसदेव-अरण्य में अब किसी भी कोल ब्लॉक का आवंटन या नीलामी न की जाए.16 जुलाई 2023 को कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट रूप से कहा था कि हसदेव-अरण्य में किसी भी नई खदान के आवंटन या विकास की कोई आवश्यकता नहीं है. 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉक्स को नीलामी प्रक्रिया से वास्तव में डी-नोटिफाई कर दिया था. जंगल लुटा दिया भूपेश बघेल ने कहा कि तारा कोल ब्लाक लगभग 5000 एकड़ क्षेत्र में फैला है. जिसमें से 4000 एकड़ से अधिक घना जंगल है. इसके लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को पूरी तरह काट दिया जाएगा.लेमरू एलीफेंट रिजर्व के चारों ओर खनन होगी, जिससे भारत के राष्ट्रीय धरोहर पशु हाथी के आवाजाही के रास्ते पर गंभीर असर पड़ेगा, जबकि हाथियों की संख्या में कमी का संकट पहले से ही बना हुआ है.कई अन्य प्रजातियां भी इससे और अधिक खतरे में पड़ जाएंगी. हसदेव अरण्य वन क्षेत्र के तारा कोल ब्लाक की नीलामी केंद्र सरकार के द्वारा की गयी है.इस नीलामी में तारा कोल ब्लॉक CG Syn-Gas and Chemicals Limited नाम की कंपनी को मिला है जो कि अडानी इंटरप्राइजेस लि. की सहयोगी कंपनी मून्दड़ा सिनर्जी लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी है. भाजपा की सरकार राज्य में बनने के बाद छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन को अडानी पर लुटाया जा रहा है- भूपेश बघेल, पूर्व सीएम छग 2024 और 2025 के पीएससी घोटाले की जांच कौन करेगा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 2024 की परीक्षा में सही उत्तर लिखने वाले और गलत उत्तर लिखने वाले को बराबर नंबर तो कही पर गलत उत्तर वाले को ज्यादा नंबर तथा सही वाले को कम नंबर दिया गया. छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं जो सामने आई हैं. उससे गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं. छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव 2023 के पहले भाजपा ने युवाओं से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी की परीक्षा करवाएंगे.लेकिन पिछले 2 सालों से छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी की जा रही है. न्यूनतम नंबर लाने का आयोग दावा भूपेश बघेल ने कहा कि 2025 की पीएससी परीक्षा में 2025 में पीएससी के द्वारा कुल 265 पद निकाला गया. मुख्य परीक्षा में कुल पद के तीन गुना लोग उत्तीर्ण होकर साक्षात्कार में आते 265×3 = 795 इंटरव्यू में आना चाहिए. 608 लोग ही उत्तीर्ण होकर इंटरव्यू में पहुंचे. इनका तर्क है कि 187 बच्चे न्यूनतम नंबर नहीं ला पाये. आयोग साबित करे कि 187 बच्चे न्यूनतम नंबर नहीं लाये. बच्चों का दावा है कि हमारा न्यूनतम नंबर तो आया ही होगा. आयोग इंटरव्यू के पहले सभी बच्चों को कॉपी उपलब्ध कराए. 2024 की मुख्य परीक्षा में कापी जांचने में गड़बड़ी हुई है, तो 2025 में गड़बड़ी नहीं हुई होगी, इसका क्या गांरटी है? पिछली बार 2024 में पीएससी अध्यक्ष रीता सांडिल्य के रहते गड़बड़ी हुई थी, 2025 में उनकी ही अध्यक्षता में गड़बड़ी हुई. 2024 में पीएससी परीक्षा में उत्तर-पुस्तिका की जांच अपात्र स्कूली शिक्षकों (शिक्षक एलबी) से कराई गई, यही नहीं मूल्यांकनकर्ताओं का नाम और नंबर भी सार्वजनिक हुआ था, जो बेहद आपत्तिजनक है. भर्ती परीक्षा की गोपनियता को भंग करने वालों को सजा देने के बजाय पुरस्कृत करते हुए रीता सांडिल्य को पीएससी के कार्यकारी अध्यक्ष से प्रमोट करते हुए अध्यक्ष बना दिया गया है.बेहद स्पष्ट है कि इन गड़बड़ियों को सरकार का संरक्षण है – भूपेश बघेल, पूर्व सीएम छग उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार मामले के निराकरण तक इंटरव्यू स्थगित करे. अभ्यर्थियों की मांग के अनुसार सभी का उत्तर-पुस्तिकायें साक्षात्कार के पहले सार्वजनिक किया जाए ताकि सभी अभ्यर्थियों को यह पता लगे कि उनकी कॉपियां सही जांची गयी है. जो लोग इंटरव्यू के लिए चयनित हुए हैं उनके अतिरिक्त शेष सभी अभ्यर्थियों की कापियां अभ्यर्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए. उत्तर-पुस्तिका जांचने के लिए मूल्यांकनकर्ताओं का मानदंड तय किया जाए तथा पीएससी मुख्य परीक्षा के लिए मॉडल उत्तर जारी करे.

SEO-Friendly Title 2: पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल, भूपेश बघेल ने दोनों गुटों के नेताओं संग की अलग-अलग मुलाकात

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी का मंथन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस में गुटबाजी के बीच विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल लगातार कांग्रेस नेताओं से मिले। मंगलवार को पंजाब कांग्रेस भवन में पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। बैठकों का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा इस बैठक में शामिल नहीं हुए। दोनों फिलहाल दिल्ली में हैं। चुनावी रणनीति पर चर्चा तेज बैठक में पंजाब कांग्रेस के तीनों वर्किंग प्रेसिडेंट, महासचिवों और संगठन के अन्य पदाधिकारियों से अलग-अलग बातचीत की गई। दोपहर बाद जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ भी बैठक प्रस्तावित रही, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल लगातार नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर रहे हैं ताकि संगठन को और मजबूत बनाया जा सके। वड़िंग ने कहा कि अगले तीन-चार दिनों तक यह मंथन जारी रहेगा और सभी नेताओं से एक-एक कर चर्चा की जाएगी। एक दो दिनों में चंडीगढ़ में होगी मुलाकात चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के बैठक में शामिल नहीं होने के सवाल पर वड़िंग ने कहा कि दोनों नेताओं से भूपेश बघेल की फोन पर बातचीत हो चुकी है। वे फिलहाल पंजाब से बाहर हैं और एक-दो दिन में चंडीगढ़ आकर प्रभारी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव समिति के दोनों चेयरमैन भी जल्द इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में कुछ पदाधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर वड़िंग ने स्पष्ट किया कि दो जिला अध्यक्ष अमरनाथ यात्रा पर गए हुए हैं। उन्होंने पहले ही लिखित रूप से इसकी सूचना दे दी थी, इसलिए उनकी अनुपस्थिति का कोई अन्य अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। उधर, कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने दिल्ली में अपनी मौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि उनका दिल्ली जाना पूरी तरह निजी कारणों से है। उन्होंने बताया कि वह अपनी पत्नी को विदेश जाने के लिए छोड़ने के लिए दिल्ली आए हैं और उनके दौरे का किसी राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। 'मतभेद जल्द सुलझाएं जाएंगे' बैठक के बाद वर्किंग प्रेसिडेंट राजकुमार वेरका ने कहा कि कांग्रेस 2027 के चुनाव को ध्यान में रखकर लगातार रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी में गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। यदि कहीं कोई मतभेद है तो उसे भी जल्द सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस के सभी नेता एक मंच पर नजर आएंगे और चुनाव की तैयारियों को मिलकर आगे बढ़ाएंगे।

पंजाब कांग्रेस में डैमेज कंट्रोल मिशन पर भूपेश बघेल, चन्नी-वड़िंग विवाद खत्म कराने की कोशिश

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले उभरी अंदरूनी खींचतान को शांत करने के लिए पार्टी हाईकमान ने सक्रियता बढ़ा दी है। पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल सोमवार दोपहर तकरीबन 3 बजे चंडीगढ़ पहुंचेंगे। सूत्रों के अनुसार वह अगले करीब पांच दिनों तक पंजाब में रहकर पार्टी नेताओं से अलग-अलग बैठकें करेंगे और विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा करेंगे। छत्तीसगढ़ से रवाना होने से पहले भूपेश सिंह बघेल ने कहा— ""पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर मैं पंजाब दौरे पर जा रहा हूं। चुनाव को लेकर कांग्रेस की ओर से कमेटियां गठित की जा चुकी हैं। यूथ कांग्रेस के चुनाव भी हो चुके हैं। पंजाब के सभी साथियों से मिलकर चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।"" सूत्रों के मुताबिक, चुनाव समिति के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की नाराजगी के बीच हाईकमान डैमेज कंट्रोल में जुटा है। इसी क्रम में भूपेश बघेल सबसे पहले चन्नी और कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनकी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत अन्य नेताओं के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं। संगठन मजबूत करने पर हाईकमान का फोकस बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व फिलहाल चुनाव समिति में किसी तरह के बदलाव के पक्ष में नहीं है। पार्टी का फोकस संगठन को एकजुट कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देना है। इस बीच एआईसीसी के पंजाब के तीन सह प्रभारी हीना कावरे, रविंदर डलवी और सूरज ठाकुर भी चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। सभी नेता प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात और संगठन की स्थिति का फीडबैक लेंगे। हाईकमान मतभेद दूर करने में जुटा सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने चुनावी रणनीति को लेकर नेताओं से वन-टू-वन मुलाकातों का दौर शुरू कर दिया है। दूसरी ओर चरणजीत सिंह चन्नी भी अपने समर्थक नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। ऐसे में हाईकमान की कोशिश दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर कर चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश देने की है। कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी के विदेश दौरे से 7 जुलाई तक लौटने से पहले पंजाब के हालात पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना चाहता है। भूपेश बघेल दौरे के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को पंजाब की राजनीतिक स्थिति और चुनावी तैयारियों पर रिपोर्ट सौंपेंगे। दिल्ली में रवाना होने से पहले भूपेश बघेल ने भी कहा कि कांग्रेस में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है और सभी नेता मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

हॉस्पिटल हादसा: तीन सफाई कर्मियों की मौत पर भूपेश बघेल का सख्त रुख, जिम्मेदारों को सजा देने की मांग

रायपुर राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में गटर की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सफाई के नाम पर किसी व्यक्ति की मौत हो जाए यह छोटी घटना नहीं है। चाहे अस्पताल प्रबंधन हो या काम कराने वाली एजेंसी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी मीटिंग के लिए भूपेश बघेल दिल्ली रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने असम में कांग्रेस उपाध्यक्ष नव ज्योति तालुकदार के इस्तीफे पर कहा, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। बीजेपी कांग्रेस नेताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही। हिमंता शर्मा डराने धमकाने ओर लालच देने का काम कर रहे। भूपेन बोरा ने भी कुछ समय पहले इस्तीफा दिया था, उस वक्त भी कुछ नहीं हुआ। किसी के आने-जाने से फर्क नहीं पड़ता। नक्सल आत्मसमर्पण को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा, आत्मसमर्पण करने वालों को सामान्य जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। मेनस्ट्रीम में आने के बाद उनको वही माहौल मिलना चाहिए, जो एक सामान्य व्यक्ति को मिलता है। बघेल ने कहा, आज 18 मार्च है, 31 मार्च में कुछ दिन बचे हैं, अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब वो समय नजदीक आ रहा है, बता दें कि मंगलवार को रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल  में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान अंदर उतरे तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे तीनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, तीनों सिमरन सिटी निवासी हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस से झूमाझटकी भी हुई, जो देर रात तक जारी रही। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मजदूर कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के थे। मामले की जांच जारी है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल बोले—यह बजट नहीं, बल्कि किसानों-महिलाओं-युवाओं की अनदेखी का प्रतीक

रायपुर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए SANKALP थीम पर आधारित 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट को लेकर विपक्षी दलों के नेता सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट को लेकर ने कहा कि यह अज्ञान और दुर्गति विनाश का बजट है। भूपेश बघेल ने कहा कि इस बजट में किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कुछ भी नहीं है। दो घंटे सिर्फ शब्दों का जाल बुना गया। मैं भी पांच साल बजट पेश किया हूं। एक-एक सड़क, चौक-चौराहों के नाम गिनाए जा रहे थे। धान खरीदी के नाम पर धोखा हुआ है। किसान का रकबा बढ़ा है, उत्पादन बढ़ा है, लेकिन खरीदी कम हुई है। बजट में कुछ नहीं है, सिर्फ शब्दों का खेल खेला गया है। मंत्रियों के बोलने के लिए कुछ नहीं है। मान्य परंपरा के विपरीत जा रहे हैं, परंपराओं को तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे समय की घोषणाओं को बार-बार पढ़ा जा रहा है। रेलवे ट्रैक सिर्फ यहां के खनिज को लूटने के लिए है। कोई स्टॉपेज नहीं होगा। यह सरकार का तीसरा बजट है, लेकिन मोदी की गारंटी का कोई जिक्र नहीं है। भूपेश बघेल ने कहा कि आज क्या एक लाख बीस हजार में घर बन सकता है? जिसने बनाया है, वह साहूकार के कर्ज में लद गया है।

एसडीएम की पिटाई से किसान की मौत, भूपेश बघेल ने कहा– सत्ता के नशे में अधिकारी

रायपुर बलरामपुर जिले के कुसमी में एसडीएम द्वारा की गई मारपीट से आदिवासी किसान की मौत के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर तल्ख टिप्पणी करते हुए इसे प्रदेश में गिरती कानून-व्यवस्था के उदाहरण के तौर पर पेश किया है. पंजाब दौरे से लौटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था की स्थिति बेहद ख़राब है. हद तो यह है कि प्रशासन के लोग ही हत्या करने लगे हैं. विष्णु देव सरकार और विजय शर्मा के विभाग के अधिकारी निरंकुश हो गए हैं. वृद्ध आदिवासी को पीट-पीट कर मार डाला. वहीं होली के दौरान शराब दुकानों के खुले रहने पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इनको (सरकार) तीज त्योहार से कोई मतलब नहीं है. होली जैसे त्योहार में शराब दुकान खोल रहे हैं. इनको केवल पैसे से मतलब है, सब कुछ पैसा है. एक बात तो समझ आती है कि सरकार को किसी के भावना से कोई मतलब नहीं है.

‘सुर्खियों में रहने की कोशिश’— भूपेश बघेल के बयान पर मंत्री केदार कश्यप का पलटवार

 रायपुर भूपेश बघेल के बीजेपी में शामिल होने के ऑफर पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी जरूरत न छत्तीसगढ़ को है, और न ही भाजपा को है. वो सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं. कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने आज अपने विभाग का लेखा-जोखा मीडिया के सामने पेश किया. इस दौरान पत्रकारों के सवालों का दवाब देते हुए कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब भी दिया. उन्होंने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के पीडीएस दुकान के खाली होने के आरोप पर कहा कि जिन लोगों ने पूरे प्रदेश को लूटने का काम किया, जिनके ऊपर केस चल रहा हैं, वो बता रहे हैं कि हमारी पीडीएस की दुकानें खाली हो गई हैं. जिन लोगों ने खाली किया आज वे विपक्ष में हैं. वहीं अमरजीत भगत के नक्सली कमांडर हिडमा को सपोर्ट वाले बयान पर कहा मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस हमेशा नक्सलियों के साथ में रही है. झीरम घाटी के नाम पर ये घड़ियाली आंसू बहाते हैं. इस बात को साबित करता है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हो या यहाँ के लोग हों. ये कहते हैं कि झीरम के सबूत इनके पास है. जब सबूत है तो स्वाभाविक है, आपसी गुटबाजी के कारण झीरम कांड हुआ है. दरअसल, कांग्रेस पार्टी को इस बात का दुख है कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, और कांग्रेस के समर्थक खत्म हो रहे हैं. कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हमेशा मंचों से कहा है कि वे नक्सलियों के साथ खड़े हैं. वहीं बीजापुर विधायक के सुरक्षा वाले मामले में केदार कश्यप ने कहा कि कहीं किसी को जाने के लिए नहीं रोका जा रहा है. वो बिना सुरक्षा के अंदरूनी क्षेत्र में चले जाते थे. उनको सुरक्षा की क्या आवश्यकता है. वो बिना सुरक्षा और बिना पुलिसकर्मी के नक्सल क्षेत्र में घूमते थे, उन्हें क्या सुरक्षा की आवश्यकता है. अब बस्तर नक्सल मुक्त हो रहा है. असम में कांग्रेस नेता चुनाव में गए हैं, क्या बीजेपी नेता भी जाएंगे? इस पर केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि असम में हमारे नेता प्रचार करने जा रहे है. फिर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में लोग किसलिए जा रहे, ये बाद में पता चलेगा. पिछले बार तो यहां लाकर बकरा और सूअर खिलाए थे. इस बात क्या खिलाएंगे ये देखना होगा. वहीं बस्तर में स्वास्थ्य की स्थिति पर मंत्री कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार में 3 मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई. स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी स्थिति निर्मित ना हो, इसे लेकर हमारी सरकार काम कर रही है. चिकित्सा के क्षेत्र में और भी विस्तार हो रहा है. अंदुरूनी क्षेत्र में भी चिकित्सा का जाल बिछ रहा है. वहीं युवा कांग्रेस की महापंचायत का केदार कश्यप ने स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है कि वो वास्तविक लोगों को लेकर आएंगे, मरे हुए लोगों को न लाए. 2 सालों में परिवहन विभाग के कार्यों को लेकर कहा कि सीएम ग्रामीण बस योजना से लोगों को लाभ मिला. 425 नए गांव तक पहली बार बस पहुंचे. सड़क दुर्घटना में रायपुर जिले को सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु जिले के रूप में शामिल किया जा रहा है. इलेक्ट्रिक वाहन नीति में वाहन मूल्य का 10% या अधिकतम 1 लाख रुपए छूट दी जा रही है. आटो एक्सपो के माध्यम से 133.4 करोड़ के RTO टैक्स का छूट मिला. बस संगवारी एप की सुविधा लोगों को दी गई है. वाहन 4.0 और सारथी 4.0 ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से हो रहे है. आरसी/डीएल की घर पहुंच सेवा के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र को डाक के माध्यम से भेजा जा रहा है. ई-चालान के माध्यम से अनफिट वाहनों पर कार्रवाई हो रही है. वर्तमान में 20 टोल नाकों से गुजरने वाले बिना फिटनेस और टैक्स के वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है. सड़क दुर्घटना में घायलों को कैशलेश उपचार की व्यवस्था की जा रही है. वन विभाग की दो साल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 355 हाथियों का विचरण हो रहा है. हाथी-मानव द्वंद कम हो, इस पर काम हो रहा है. प्रभावित इलाकों में एलिफेंट ट्रेकिंग मेसेज के माध्यम से जानकारी दी जाती है. दो सालों में छत्तीसगढ़ ने नया कीर्तिमान रचा है. सघन वनों में 70% घनत्व बढ़ा है. 7 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का कार्य हुआ है. भूमि स्वामी को वृक्षारोपण के लिए योजना बनाकर प्रेरित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले देवगुड़ियों का निर्माण कराया गया. 463 पदों में भर्ती की गई, 1500 में और भी करना है. वर्तमान में बाघों की संख्या 35 है. बाघों के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वन भैंसा, पहाड़ी मैना के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वहीं सहकारिता विभाग में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प से विभाग लोगों के हित में काम कर रहा है. 515 नई पैक्स समितियों का गठन किया गया है. 2739 उपार्जन केंद्रों में 25.49 किसानों से 139 मिट्रिक टन धान खरीदी हुई है, 1.45 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड दिया गया. उच्च शक्कर कारखाने लगाए गए है.

CM हिमंता भड़के: 12,000 बीघा जमीन कब्जा करने के आरोप पर भूपेश समेत कांग्रेसियों को चुनौती, सबूत पेश करें

रायपुर   असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं पर 500 करोड़ रुपये मानहानि का मुकदमा दायर कर राजनीतिक हलचल मचा दी है. सीएम सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत अन्य नेताओं पर झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने का आरोप लगाया है. यह मुकदमा गुवाहाटी की अदालत में दाखिल किया गया. इस बात से शुरू हुआ विवाद विवाद की जड़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस है. उसमें असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी को पता चला कि राज्य भर में मुख्यमंत्री और उनके परिवार की ओर से लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा किया गया है. इसके अलावा, AI जनित वीडियो को लेकर भी तनाव बढ़ा है, जिसमें कथित तौर पर सीएम सरमा के खिलाफ गलत सामग्री प्रसारित की गई. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए सरमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जन के आरोप में घेरा गया. 9 फरवरी को शुरू हुई कानूनी कार्रवाई हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को भूपेश बघेल सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि, राजनीतिक असहमति अलग बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है। सीएम सरमा का आरोप है कि, कांग्रेस नेताओं, खासकर भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए जो पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन हैं। इसी को लेकर उन्होंने सीधे कोर्ट का रुख किया। सरमा ने कांग्रेस नेताओं दावों को पूरी तरह से "झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक" करार दिया है। सीएम ने एक्स पर किया पोस्ट सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “आरोप लगाकर भागने वाली राजनीति का दौर खत्म हो चुका है. गांधी परिवार की इस साजिश को अदालत में देखूंगा.” उन्होंने 9 फरवरी को सिविल और क्रिमिनल मानहानि की कार्यवाही शुरू करने की घोषणा की थी, जो अब अमल में आ गई. भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. गांधी परिवार पर भी हमला मुकदमे के पहले सीएम कह चुके थे कि वह कांग्रेस नेताओं के आरोपों को लेकर लीगल एक्शन लेंगे. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस लीडरशिप पर मिलकर बदनामी करने और पॉलिटिकल ड्रामा करने का भी आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि यह हमला गांधी परिवार के कहने पर किया गया था. उन्होंने कहा कि विपक्ष को पर्सनल बुराई के बजाय मुद्दों और गवर्नेंस पर फोकस करना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान बने विवाद की वजह बता दें कि, मामला 4 फरवरी को गुवाहाटी में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता से शुरू हुई। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की आंतरिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने राज्य भर में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है। सरमा ने इन दावों को पूरी तरह से "झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक" करार दिया है। इससे पहले सरमा ने कहा था कि वे गांधी परिवार के गुलामों की ओर से किए जा रहे प्रचार, बदनाम करने की कोशिश या राजनीतिक नाटक से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिट एंड रन राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। अगर उनके पास जरा भी साहस या सबूत है तो अदालत में पेश करें। इसी बीच असम की राजनीति में हिमंता सरमा और गौरव गोगोई के बीच टकराव और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से गहरे संबंध हैं और इससे संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचने की आशंका जताई थी। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है और उन्होंने मानसिक संतुलन खो दिया है।

बजट से जनता को नहीं मिला लाभ: भूपेश बघेल बोले—इसीलिए शेयर बाजार हुआ धराशायी

रायपुर केंद्रीय बजट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया भी आ गई है. उन्होंने इस बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि देश में इस बजट से किसी को कुछ नहीं मिला है, और छत्तीसगढ़ को अडानी के लिए छोड़ दिया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि केंद्रीय बजट का प्रतिगामी असर दिखाई दे रहा है. न कृषि, ना उद्योग, न रोजगार और न ही मजदूरों के लिए इसमें कुछ है. यही वजह है कि शेयर मार्केट के साथ सब कुछ भी धराशाई हो गया है. मिडिल क्लास के लिए भी कुछ नहीं है. इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव नहीं किया गया है. शराब महंगी हो गई है और मछली सस्ता हो गया है, बस यही बजट में दिखा है. शराब की दुकानें बढ़ा दी, ऊपर से शराब महंगी हो गई. इसका मतलब अब अवैध शराब और बढ़ेगी. प्रदेश में डबल इंजन की सरकार धान खरीदी नहीं कर पाई. 31 तारीख निकल गई, किसान सड़कों पर थे. वहीं प्रदेश में धान खरीदी पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेता अपना बचत धान नहीं बेच पाए तो दूसरों का क्या ही होगा. मोदी खुद बोले थे कि ये मोदी की गारंटी है कि 31 सौ क्विंटल में सबका धान खरीद जाएगा, लेकिन किसी का धान बिक नहीं पाया. छोटे किसानों को समर्पण कराया गया, और बड़े किसानों को टोकन नहीं मिला, स्थिति यह है.

पूर्व CM बघेल पर सेक्स सीडी विवाद में नया मोड़, CBI की अपील के बाद हाईकोर्ट में कांग्रेस की याचिका

रायपुर   छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी प्रकरण में रायपुर सत्र अदालत द्वारा दोबारा ट्रायल शुरू करने के निर्णय को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस फैसले के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अजय चंद्राकर ने मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्यवश राजनीतिक रंग दे दिया गया। चंद्राकर ने कहा कि न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए जाने के बाद अब इस पर अनावश्यक बयानबाजी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक सीख बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष द्वारा पत्र लिखे जाने पर चंद्राकर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब नेता प्रतिपक्ष की भूमिका केवल पत्राचार तक सीमित रह गई है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि पत्र लिखकर चर्चा में बने रहना ही उनका मुख्य कार्य रह गया है। चंद्राकर ने सवाल उठाया कि विपक्ष यह स्पष्ट करे कि कहां और किसके दबाव में किसी का नाम हटाया गया है। उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्रमाण केवल आरोप लगाना राजनीति का स्तर गिराता है। कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर दिल्ली में चल रही बैठकों पर भी भाजपा विधायक ने निशाना साधते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल किसी भी स्थिति में कांग्रेस प्रदेशअध्यक्ष दीपक बैज को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने नहीं देंगे। चंद्राकर के अनुसार, छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बघेल ही सर्वाधिक प्रभावशाली नेता हैं और उनके बाद देवेंद्र यादव का स्थान आता है। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि बैठकें तो रोज होती हैं लेकिन पहले भी ढाई-ढाई साल के प्रयोग का नाटक चलता रहा है। कांग्रेस द्वारा धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग पर चंद्राकर ने कहा कि इस मुद्दे पर खुद कांग्रेस नेताओं में एकराय नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के फैसले भी अब कांग्रेस कमेटी तय करती है और राज्य सरकार उनके इशारों पर नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर नीतिगत निर्णय ले रही है। क्या है पूरा मामला मामला 27 अक्टूबर 2017 को सामने आया था, जब तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास से एक कथित सेक्स सीडी जब्त हुई थी। दावा है कि सीडी में तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत आपत्तिजनक स्थिति में थे। वीडियो के वायरल होते ही प्रदेश के साथ साथ देशभर में सियासत गरमा गई थी। बाद में जांच CBI को सौंपी गई और लंबे समय तक चले कानूनी व राजनीतिक घटनाक्रम के बाद 2025 में विशेष अदालत ने बघेल को बरी कर दिया। इसके CBI ने सेशन कोर्ट नई अपील लगाई है। जिससे मामले में नया मोड़ आ गया है। अब पूर्व सीएम हाईकोर्ट की ओर रुख करने के मूड़ में दिखाई दे रहे हैं।