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बिहार चुनाव परिणाम पर बघेल का वार: NDA नहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त जीते

रायपुर बिहार चुनाव में NDA की जीत तय मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसा है। उन्होंने कहा, गिनती पूरी नहीं हुई है। जो रिजल्ट है उसमें और ग्राउंड रिपोर्ट में कही मेल नहीं है, इसका श्रेय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जाता है, ऐसा करिश्मा केवल निर्वाचन आयोग कर सकता है। ग्राउंड रिपोर्ट बदलाव का था। अमित शाह के सभाओं में भी कुर्सियां खाली थी। साफ संकेत है कि हरियाणा, महाराष्ट्र में हुआ वही बिहार में हुआ है। जो महाराष्ट्र का स्ट्राइक था वहीं यहां भी दिख रहा है। बिना मैकेनिज्म के ये संभव नहीं है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस SIR का विरोध करेगी। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, समय बढ़ाने की बात है। हम SIR का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि आपको प्रूफ करना है कि आप मतदाता हैं। गरीब आदमी फोटो खिंचवाने और अन्य तरह के खर्चे कैसे करेगा। SIR के विरोध में छत्तीसगढ़ में क्या करना है ये पार्टी तय करेगी। यहां गरीब आदिवासियों के नाम कटेंगे। प्रदेश में अब तक नहीं खुले एक भी गौ अभ्यारण्य मामले में भूपेश बघेल ने कहा, विधानसभा में हर बार घोषणा करते हैं, 2 साल से सुन रहे हैं। बघेल ने कहा – गृहमंत्री के खिलाफ बोलते ही जब्त हो गई संपत्ति ED ने की चैतन्य बघेल की संपत्ति जब्त की है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल खड़े किया है। बघेल ने कहा, एजेंसी स्वतंत्र नहीं है। बीजेपी एफिडेविट जमा करने कैसे कह सकती है? पैतृक संपत्ति को जब्त कर लिया है। अमित शाह के खिलाफ बोला, आतंकी घटना है ये मानने के लिए 48 घंटे लग गए। गृह मंत्री की लापरवाही है, ऐसा कहते ही संपत्ति जब्त हो गई। छत्तीसगढ़ का सब कुछ जब्त हो रहा है। हम आवाज उठाते हैं तो हमारी संपत्ति जब्त होती है। हजार साल पुराना नाट्य शाला है उस धरोवर को भी सुरक्षित नहीं रख पा रही है। मंत्री नेताम के बयान पर बघेल ने किया पलटवार कोचिया चलाते हैं कांग्रेस पार्टी। मंत्री रामविचार नेताम के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पटलवार किया है। उन्होंने कहा, रामविचार नेताम के जिले में धान कोचियाई का काम होता है। नकली होलोग्राम से शराब बिक्री इनके सरकार में हो रही है। हमारे बहाने मुख्यमंत्री पर रामविचार नेताम आरोप लगा रहे हैं।

ED कोर्ट का आदेश: चैतन्य को नहीं मिली जमानत, इन्वेस्टिगेशन प्रभावित होने की चिंता

रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय के कोर्ट में 24 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी. जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था.  ईडी कोर्ट ने चैतन्य बघेल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. एक बार फिर से चैतन्य बघेल को बेल नहीं मिल पाई. चैतन्य बघेल पिछले 100 दिनों से रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को भिलाई के निवास से गिरफ्तार किया था. चैतन्य बघेल को नहीं मिली जमानत: प्रवर्तन निदेशालय के अधिवक्ता सौरभ कुमार पांडेय ने बताया कि "प्रवर्तन निदेशालय अपनी जांच कर रहा था और यह जांच मुख्य रूप से शराब घोटाला से जुड़े हुए मामले में हो रहा था. जांच के दौरान ऐसे प्रमाण मिले जिसमें ऐसा लगा कि शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल की मुख्य भूमिका रही है. प्रत्यक्ष रूप से चैतन्य बघेल इससे लाभ लेने के साथ बहुत सारा पैसा का हैंडलिंग भी किया है. हैंडलिंग करने वाले पैसा लगभग 1000 करोड़ के आसपास है. शराब घोटाला के लगभग 20 करोड़ के लगभग लाभ चैतन्य बघेल ने लिया है. इसी भूमिका को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. 24 अक्टूबर को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे सोमवार को सुनाया गया । ED की स्पेशल कोर्ट ने कहा कि चैतन्य बघेल की रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। चैतन्य बघेल ने इससे पहले हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, लेकिन किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिल सकी। 17 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को वैध बताया था, जिसके बाद यह याचिका विशेष अदालत में दायर की गई थी। चैतन्य बघेल मनी लॉन्ड्रिंग केस में 101 दिन से जेल में बंद है। चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले- ED दरअसल, शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया गया। ED के मुताबिक चैतन्य बघेल ने ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए फर्जी निवेश दिखाया है। साथ ही सिंडिकेट के साथ मिलकर 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई है। ED ने चैतन्य बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुलाई में गिरफ्तार किया था। बर्थडे के दिन चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी चैतन्य के वकीलों ने अदालत में इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि 18 जुलाई को ईडी ने उनके भिलाई स्थित घर से जन्मदिन के दिन उन्हें गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, कुल घोटाले में करीब 1,000 करोड़ रुपए को विभिन्न चैनलों के जरिए सफेद किया गया है। चैतन्य के प्रोजेक्ट में 13-15 करोड़ इन्वेस्ट ED ने अपनी जांच में पाया कि, चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में घोटाले के पैसे को इन्वेस्ट किया गया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापेमारी कर ED ने रिकॉर्ड जब्त किए थे। प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि, इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था। जबकि रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ ही दिखाया गया। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से पता चला कि, बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश पेमेंट किया, जो रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया। फर्जी फ्लैट खरीदी के जरिए पैसों की हेराफेरी ED ने अपनी जांच में पाया है कि त्रिलोक सिंह ढिल्लो ने 19 फ्लैट खरीदने के लिए 5 करोड़ बघेल डेवलपर्स को ट्रांसफर किए। ढिल्लन ने ये फ्लैट अपने कर्मचारियों के नाम पर खरीदे लेकिन पेमेंट त्रिलोक ढिल्लो ने खुद दिया। ED ने जब ढिल्लन के कर्मचारियों से पूछताछ की तो कर्मचारियों ने बताया कि, ये फ्लैट की खरीदी उन्हीं के नाम पर हुई, लेकिन पैसे ढिल्लो ने दिए। ये सारा ट्रांजेक्शन 19 अक्टूबर 2020 को एक ही दिन हुआ। ED ने कहा कि ब्लैक को लीगल करने के लिए यह एक पूर्व-योजना के तहत किया गया लेन-देन था। इसका मकसद पैसे को छिपाकर चैतन्य बघेल तक पहुंचाना था।

विजय बघेल की याचिका पर बहस पूरी, भूपेश बघेल का आचार संहिता विवाद अदालत में सुरक्षित

बिलासपुर बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में कभी भी बड़ा फैसला आ सकता है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ यह याचिका दुर्ग सांसद विजय बघेल ने दाखिल की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भूपेश बघेल ने आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया था। याचिका में यह मांग की गई है कि भूपेश बघेल का निर्वाचन शून्य किया जाए। इस मामले में भूपेश बघेल की ओर से कोर्ट में 16 बिंदुओं पर जवाब पेश करते हुए कहा गया कि यह याचिका चलने योग्य नहीं है। विधानसभा चुनाव 2023 के भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ चुनावी याचिका दायर करते हुए पूर्व सीएम के निर्वाचन को निरस्त करने की मांग की है। याचिका में विजय बघेल ने आरोप लगाया है कि पाटन क्षेत्र में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। भाजपा का आरोप है कि चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद पाटन विधानसभा सीट में कांग्रेस उम्मीदवार के लिए रैली का आयोजन किया गया था। इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की गई है। इस संबंध में रोड शो कार्यक्रम की एक सीडी भी दी गई है। विधानसभा चुनाव 2023 में पाटन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल ने कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव याचिका दाखिल की थी। याचिका में विजय बघेल ने कहा है कि 16 नवंबर 2023 को पाटन विधानसभा सीट में चुनाव प्रचार किया गया, जबकि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज के लिए 15 नवंबर की शाम को प्रचार अभियान खत्म हो गया था। पाटन विधानसभा सीट में भी दूसरे फेज में मतदान हुआ था। याचिका में कहा गया है कि प्रावधान का उल्लंघन करते हुए 16 नवंबर को रैली और रोड शो आयोजित किया गया था। इस रैली की फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराए गए हैं। आरोप है कि फोटो और वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि भूपेश बघेल रैली का आयोजन कर रहे थे, जिसमें सरकारी कर्मचारी और पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भूपेश बघेल के पक्ष में नारे लगाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भूपेश बघेल ने आचार संहिता का उल्लंघन किया, इसलिए उनकी उम्मीदवारी रद्द की जाए और उन्हें दंडित किया जाए।

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल बोले, 1-2 दिन में तय होगा बिहार महागठबंधन का सीट बंटवारा

रायपुर एनडीए में सीट बंटवारे के बाद अब सब की नजर महागठबंधन पर है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष दिल्ली में हैं। वहीं कांग्रेस के भी कई प्रमुख नेता दिल्ली में कैंप कर रहे हैं। आज कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है। वहीं बैठक से पहले कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने बिहार में महागठबंधन के सीट बंटवारे पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह 1-2 दिन में हो जाएगा। सारी तैयारी हो चुकी है, ये जल्दी हो जाएगा। बिहार एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बिहार के विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा को छह सीटें दी गई हैं। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को भी छह सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है। भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने एक्स पर लिखा, संगठित व समर्पित एनडीए…आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए परिवार के सभी सदस्यों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में आपसी सहमति से सीटों का वितरण पूर्ण किया, जो कि इस प्रकार है– भाजपा – 101 सीट जदयू – 101 सीट लोजपा (रामविलास) – 29 सीट रालोमो – 06 सीट हम – 06 सीट आज दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है। इसके बाद संभावना है कि शाम तक सीट बंटवारे की घोषणा हो जाएगी। हालांकि कई सीटों पर कांग्रेस और राजद के बीच पेज फंसा हुआ ही है। इसलिए कांग्रेस ने इस बार अलग-अलग नीति बनाने शुरू कर दी है। 2020 के विधानसभा के तरह ही इस बार भी कांग्रेस 70 सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची भी पूरी तरह से तैयार कर ली है। दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस पर मोहर भी लग जाएगी। सूत्र बता रहे हैं कि राजद और वामदल अब भी कांग्रेस को 70 सीट देने के लिए तैयार नहीं हैं।  

भूपेश बघेल को SC से झटका, ED मामले में कानून का पालन अनिवार्य

रायपुर  सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) की धारा 44 के तहत जांच करने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारों को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। देश की सबसे बड़ी अदालत ने उन्हें हाई कोर्ट जाने की नसीहत दी। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बघेल की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस प्रावधान में कुछ भी गलत नहीं है। पीठ ने साथ ही कहा कि अगर इसका (धारा 44) दुरुपयोग हो रहा है तो पीड़ित पक्ष हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। पीठ की ओर से न्यायमूर्ति बागची ने कहा, 'दुर्भावना कानून में नहीं, बल्कि उसे दुरुपयोग में है।' कांग्रेस नेता ने पीएमएलए की धारा 44 के तहत ईडी को मूल शिकायत के बाद दर्ज की गई अन्य शिकायतों के आधार पर धन शोधन से संबंधित मामले में आगे की जांच के अधिकार को चुनौती दी थी। गौरतलब है कि ईडी छत्तीसगढ़ में बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपए की शराब बिक्री से संबंधित धन शोधन के आरोपों की जाच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि संबंधित मामले में अवैध रूप से कमीशन की वसूली की गई, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, चैतन्य बघेल को किया गया गिरफ्तार

भिलाई  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने अरेस्ट कर लिया है. उन्हें भिलाई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है. चैतन्य बघेल की यह गिरफ्तारी ऐसे समय पर हुई है, जब आज सुबह ईडी ने भूपेश बघेल के घर पर छापेमारी की. चैतन्य बघेल की यह गिरफ्तारी कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है. चैतन्य का आज जन्मदिन भी है.  बताया जा रहा है कि इस मामले में नए साक्ष्य मिलने के बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत चैतन्य को गिरफ्तार किया है. ईडी ने शुक्रवार सुबह-सुबह भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य के भिलाई घर पर छापेमारी की थी. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे.  शराब घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई शराब घोटाले और उससे जुड़ी आर्थिक गड़बड़ियों की जांच के तहत की गई है. फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. भिलाई स्थित घर पर मौजूद हैं भूपेश बघेल गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे. पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर उन्होंने हाल ही में ग्रामीणों से मुलाकात भी की थी. हालांकि आमतौर पर विधानसभा सत्र के दौरान वह रायपुर में रहते हैं, लेकिन इस बार वह भिलाई में ही मौजूद थे- जहां ईडी की टीम पहुंची.  भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इस संबंध में सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, ''ईडी आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में “साहेब” ने ईडी भेज दी है।  ईडी ने पहले कहा था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले की आपराधिक आय का ‘प्राप्तकर्ता’ होने का संदेह है। इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अपराध से प्राप्त 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में गई। कार्रवाई के बीच विधानसभा के लिए निकले बघेल ईडी के कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा के सत्र के लिए अपने निवास से निकल गए हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार केंद्रीय एजेंटीयों का दुरुपयोग कर रही है। जिसे जो करना है वह कर ले मुझे न्याय पालिका पर भरोसा है।  उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मुझे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है परंतु मैं हार नहीं मानूंगा। भूपेश बघेल अपने निवास से 100 मीटर दूर नेशनल हाईवे पैदल ही समर्थकों के साथ चल कर आए। इस दौरान फोरलेन पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। शराब घोटाला मामले में भूपेश बघेल के घर छापा आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ का आबकारी घोटाल अब 2100 करोड़ से बढ़कर 3200 करोड़ का हो गया है। मामले में एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं।मंगलवार को ईडी टीम ने होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के भिलाई स्थित निवास के साथ-साथ होटल और कई अन्य ठिकानों पर छापा मारा था।  बता दें कि छापेमारी के दौरान विजय अग्रवाल के जुड़े गोवा और दिल्ली के ठिकानों पर भी टीम ने दबिश दी थी। जिसमें ईडी को 70 लाख रुपये नगद बरामद हुए थे। होटल कारोबारी विजय अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में अब शुक्रवार को सुबह तड़के ईडी ने भूपेश बघेल के घर छापा मार दिया है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि- ईडी आ गई। आज विधानसभा के सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठाना था। भिलाई निवास में 'साहेब' ने ED भेज दी है।  बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज पांचवां और अंतिम दिन है। ऐसे में भूपेश बघेल ने साय सरकार पर आरोप लगाया है कि सदन में तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाया जाना था, लेकिन ऐसा न हो सके इसलिए लिए यह ईडी की कार्रवाई की जा रही है। शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं. शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं.

भूपेश बघेल के घर ED का छापा: बघेल परिवार पर शिकंजा कसती ED, शराब घोटाले में बेटा निशाने पर

भिलाई शराब घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई शराब घोटाले और उससे जुड़ी आर्थिक गड़बड़ियों की जांच के तहत की गई है. फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. भिलाई स्थित घर पर मौजूद हैं भूपेश बघेल गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे. पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर उन्होंने हाल ही में ग्रामीणों से मुलाकात भी की थी. हालांकि आमतौर पर विधानसभा सत्र के दौरान वह रायपुर में रहते हैं, लेकिन इस बार वह भिलाई में ही मौजूद थे- जहां ईडी की टीम पहुंची.  भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इस संबंध में सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, ''ईडी आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में “साहेब” ने ईडी भेज दी है।  ईडी ने पहले कहा था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले की आपराधिक आय का ‘प्राप्तकर्ता’ होने का संदेह है। इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अपराध से प्राप्त 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में गई। कार्रवाई के बीच विधानसभा के लिए निकले बघेल ईडी के कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा के सत्र के लिए अपने निवास से निकल गए हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार केंद्रीय एजेंटीयों का दुरुपयोग कर रही है। जिसे जो करना है वह कर ले मुझे न्याय पालिका पर भरोसा है।  उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मुझे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है परंतु मैं हार नहीं मानूंगा। भूपेश बघेल अपने निवास से 100 मीटर दूर नेशनल हाईवे पैदल ही समर्थकों के साथ चल कर आए। इस दौरान फोरलेन पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। शराब घोटाला मामले में भूपेश बघेल के घर छापा आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ का आबकारी घोटाल अब 2100 करोड़ से बढ़कर 3200 करोड़ का हो गया है। मामले में एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं।मंगलवार को ईडी टीम ने होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के भिलाई स्थित निवास के साथ-साथ होटल और कई अन्य ठिकानों पर छापा मारा था।  बता दें कि छापेमारी के दौरान विजय अग्रवाल के जुड़े गोवा और दिल्ली के ठिकानों पर भी टीम ने दबिश दी थी। जिसमें ईडी को 70 लाख रुपये नगद बरामद हुए थे। होटल कारोबारी विजय अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में अब शुक्रवार को सुबह तड़के ईडी ने भूपेश बघेल के घर छापा मार दिया है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि- ईडी आ गई। आज विधानसभा के सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठाना था। भिलाई निवास में 'साहेब' ने ED भेज दी है।  बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज पांचवां और अंतिम दिन है। ऐसे में भूपेश बघेल ने साय सरकार पर आरोप लगाया है कि सदन में तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाया जाना था, लेकिन ऐसा न हो सके इसलिए लिए यह ईडी की कार्रवाई की जा रही है। शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं.