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स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई ताकत: केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत के 7.19 करोड़ रुपये के सीएसआर कार्यों का किया लोकार्पण

बिलासपुर जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत लगभग 7.19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का लोकार्पण किया। इस पहल के तहत एनटीपीसी की सीपत इकाई द्वारा बिलासपुर के दो प्रमुख संस्थानों कुमार साहब स्व श्री दिलीप सिंह जूदेव सुपरस्पेशलिटी एवं सिम्स अस्पताल को अत्याधुनिक उपकरणों एवं सुदृढ़ अधोसंरचना की सौगात प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान लगभग 4.27 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में स्थापित अत्याधुनिक रक्त कोष (ब्लड बैंक), सूक्ष्मजीव विज्ञान प्रयोगशाला, हार्मोन परीक्षण प्रयोगशाला तथा एआई पॉवर्ड माइक्रोस्कोपी का उद्घाटन किया गया। यह रक्त केंद्र छत्तीसगढ़ का अपनी तरह का पहला आधुनिक ब्लड बैंक है, जिसमें विश्वस्तरीय मशीनें स्थापित की गई हैं। इससे जांच और उपचार सेवाएं अधिक सटीक, त्वरित एवं पारदर्शी होंगी। वहीं, सिम्स बिलासपुर में लगभग 2.92 करोड़ रुपये की सीएसआर राशि से क्रय की गई मशीनों का भी लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर एनटीपीसी सीपत और सिम्स के मध्य मशीनों के हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेजों का औपचारिक आदान-प्रदान भी हुआ। इस सहायता से सिम्स के लगभग 8 विभागों के लिए 26 आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें उच्च स्तरीय रंगीन डॉप्लर, स्वचालित केमिल्यूमिनेसेंस प्रणाली, उच्च दक्षता तरल क्रोमैटोग्राफी (एचपीएलसी), सी-आर्म मशीन, ऑपरेशन टेबल, दंत चिकित्सा कुर्सी, शवगृह फ्रीजर, एमओ2 फ्रैक्शनल लेजर प्रणाली तथा एसीटी मशीन शामिल हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने एनटीपीसी सीपत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किया गया यह सहयोग छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक ब्लड बैंक और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं से मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलेगा तथा यह पहल जनसेवा के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति देगी। उन्होंने स्व श्री दिलीप कुमार जूदेव को भी याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा से समाज के लिए काम किया,लोगों की सेवा की।  इस अवसर पर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ब्लड बैंक पूर्णतः कंप्यूटरीकृत एवं ऑनलाइन प्रणाली से संचालित होगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों सुनिश्चित होंगी। यहां एकल दाता प्लेटलेट (एसडीपी) की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे कैंसर, डेंगू जैसे गंभीर रोगों के मरीजों को एक ही दाता से प्लेटलेट्स उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि एफेरेसिस मशीन, उन्नत सूक्ष्मजीव विज्ञान उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सूक्ष्मदर्शी के माध्यम से ब्लड कैंसर जैसी जटिल बीमारियों की त्वरित और सटीक जांच संभव होगी। यह सुविधा देश के चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध है। सिम्स के डीन श्री रमणेश मूर्ति ने कहा कि एनटीपीसी सीपत के सहयोग से अस्पताल में आधुनिक मशीनों की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे जटिल बीमारियों का इलाज अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा और मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। कार्यक्रम में बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक, बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एनटीपीसी सीपत से परियोजना प्रमुख श्री स्वपन कुमार मंडल, सिम्स अधीक्षक डॉ लखन सिंह, एनटीपीसी के श्री जयप्रकाश सत्यकाम,सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों ने एनटीपीसी सीपत के सीएसआर कार्यों की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। उल्लेखनीय है कि एनटीपीसी सीपत द्वारा किया गया यह प्रयास क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

Durg से चल रहा ऑनलाइन सट्टा गिरोह बेनकाब, 5 आरोपियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

भिलाई नगर/दुर्ग. दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह गोवा, रायपुर, दुर्ग और अन्य राज्यों से मिलकर संगठित तरीके से काम कर रहा था। खास बात यह है कि पूरा नेटवर्क ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, फर्जी सिम और म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित किया जा रहा था। सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में एएसपी सुखनंदन राठौर ने पत्रवार्ता में बताया कि इस कार्रवाई में भिलाई के अमन अली और हुसैन अली को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने गिरोह के बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम गोवा पहुंची और वहां पांच दिनों तक रहकर अन्य मुख्य आरोपियों को पकड़ा गया। राठौर ने बताया कि राहुल रंगवानी (26 वर्ष) जो देवपुरी रायपुर का रहने वाला है, इस गिरोह का मुख्य संचालक था। वह गोवा में बैठकर क्रिक प्लस गेमिंग नाम के ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टा चलाता था। वहीं सोविंद यादव उर्फ राजू यादव (26 वर्ष) निवासी प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भी गोवा में रहकर इस नेटवर्क को संभालने का काम करता था। गिरोह में हर सदस्य की अलग जिम्मेदारी थी। संदीप कापसे (25 वर्ष) निवासी गोंदिया (महाराष्ट्र) का काम लोगों से संपर्क बनाना और नेटवर्क को जोड़कर रखना था। वहीं अमन अली (23 वर्ष) निवासी गौतम नगर खुर्सीपार और हुसैन अली (21 वर्ष) निवासी गौतमनगर खुर्सीपार म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल सट्टे के पैसे को इधर-उधर करने में किया जाता था। हर दिन लाखों रुपए का लेनदेन करते थे। शुरुआती जांच में ही रोजाना करीब 10 से 15 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है, जबकि महीने में यह आंकड़ा 4 से 5 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता था। 45 बैंक और 76 पासबुक एटीएम कार्ड किया जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान भी जब्त किया है। इसमें 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, 1 वाई-फाई राउटर, 5 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड और 2 लाख 70 हजार रुपए नकद शामिल हैं। एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस का कहना है कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल सट्टा संचालन में किया जा रहा था।

Udanti Sitanadi Tiger Reserve में घुसपैठ पर सख्ती, 22 आरोपी दबोचे गए

गरियाबंद. उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी (कोर) रेंज अंतर्गत घुरवाड़ क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी कथित रूप से अतिक्रमण का प्रयास करते हुए वन्यप्राणियों के प्राकृतिक रहवास को नुकसान पहुंचा रहे थे. वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों को हिरासत में लिया. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे पर्यावरण और वन्यजीवों पर गंभीर असर पड़ सकता था. वन भूमि पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है. दो दिन पहले ही महासमुंद में वन विभाग ने 94 हेक्टेयर वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाते हुए संलिप्त 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वन विभाग के अनुसार, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95, 96 आरक्षित वन में अतिक्रमण कर हरे-भरे वृक्षों को काट कर आरोपी महिला-पुरुष खेती योग्य भूमि बना रहे थे. इसके पहले धमतरी में जंगल क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए वन विभाग ने व्यापक अभियान चलाया था. यह कार्रवाई दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के अंतर्गत वनखंड क्रमांक 169, पालगांव गोंदलानाल क्षेत्र में की गई थी.

Malhar से निकली प्राचीन विरासत, 2000 वर्ष पुराना ताम्रपत्र मिला; ज्ञान भारतम अभियान में बड़ी खोज

बिलासपुर. ज्ञान भारतम अभियान के तहत ऐतिहासिक नगर मल्हार में एक  महत्वपूर्ण खोज सामने आई है। यहाँ रहने वाले संजीव पाण्डेय के निवास पर 3 किलोग्राम से अधिक वजन का एक दुर्लभ ताम्रपत्र प्राप्त हुआ है, जिस पर लगभग 2000 वर्ष पुरानी ब्राह्मी लिपि तथा पाली भाषा में लेख उत्कीर्ण हैं। यह ताम्रपत्र ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्राह्मी लिपि भारत की प्राचीनतम लिपियों में से एक है, जिसका उपयोग मौर्य काल से प्रारंभ होकर कई शताब्दियों तक होता रहा। वहीं पाली भाषा का संबंध मुख्यतः बौद्ध धर्म के साहित्य और शिक्षाओं से जुड़ा रहा है, जिससे इस खोज का धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्राचीन समय में ऐसे ताम्रपत्रों का उपयोग भूमि दान, राजकीय आदेश या धार्मिक घोषणाओं के आधिकारिक दस्तावेज के रूप में किया जाता था। इस ताम्रपत्र का वैज्ञानिक परीक्षण एवं विस्तृत अध्ययन किए जाने पर उस काल की सामाजिक संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है। ज्ञान भारतम अभियान के तहत यह खोज न केवल मल्हार क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को उजागर करती है, बल्कि शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है। उल्लेखनीय है कि संस्कृति  मंत्रालय द्वारा ज्ञान भारतम् अभियान के तहत देश की प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में यह पहल गांव-गांव तक पहुंच रही है, जहां ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को अपनी पुरानी पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने और उन्हें सामने लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा और दर्शन से जुड़े अमूल्य दस्तावेजों का दस्तावेजीकरण और संरक्षण करना है। विशेषज्ञों द्वारा पांडुलिपियों की पहचान कर उनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। यह अभियान न केवल सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि देश की ऐतिहासिक और बौद्धिक संपदा को पुनर्जीवित करने का भी एक सशक्त प्रयास है।

उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं रणनीतियों को किया साझा

रायपुर. केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके। आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे। आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन श्री अभिनव बिंद्रा, श्री पुलेला गोपीचंद और श्री गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

1 मई से तेंदूपत्ता संग्रहण का अभियान, 639 फड़ों पर होगी खरीद व्यवस्था

राजनांदगांव. जिले के वन क्षेत्र में तेंदूपत्ता का अधिक से अधिक संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा इस वर्ष 639 फड़ की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है। जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित राजनांदगांव द्वारा तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए कुल 49334 संग्राहकों को जोड़ने की तैयारी की गई है। वन विभाग के अधिकारियों की माने तो 1 में से तेंदूपत्ता की तोड़ाई ड़ाई शुरूकर दी जाएगी। वन मंडल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी पाना बरस, आंधी, डोगर गांव, अर्जुनी, छुरिया चिचोला, बागनदी, डोंगरगढ़ से लगे वन क्षेत्र सहित आसपास के जंगली क्षेत्रों में तेंदूपत्ता का अधिक से अधिक संग्रहण सुनिश्चित करने का कार्य किया जाएगा। जिसकी तैयारियां विभाग द्वारा पूर्ण कर ली गई है। विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2026 तेंदूपत्ता संग्रहण में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों की संख्या 50 रखी गई है। लॉट इकाई संख्या – 51 बनाई गई है। संग्रहण केन्द्रों की संख्या (फड़ संख्या) 639 तैयार किए गए हैं। वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण लक्ष्य 80800.000 मानक बोरा रखा गया है। वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता का संग्रहण दर 5500.00 प्रति मा.बो. शासन द्वारा निर्धारित किया गया है।

निजी परिवहन कर्मियों का प्रदर्शन तेज, Bharatiya Mazdoor Sangh की रैली में Geeta Soni का नेतृत्व; 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

जांजगीर/रायपुर. भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के नेतृत्व में रायपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में निजी परिवहन कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार वाहन रैली और धरना प्रदर्शन किया। लगभग 300 ऑटोरिक्शा में भारतीय मजदूर संघ के ध्वज के साथ निकली इस रैली ने श्रमिक एकता का सशक्त प्रदर्शन किया। इस आंदोलन की विशेष बात यह रही कि कार्यक्रम का संचालन महासंघ की अखिल भारतीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी गीता सोनी के कुशल नेतृत्व में हुआ। उनके मार्गदर्शन में पूरे आयोजन को व्यवस्थित, शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से संचालित किया गया, जिससे श्रमिकों की मांगें मजबूती के साथ प्रशासन तक पहुंचीं। गीता सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि निजी परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल संवाद और संगठित प्रयासों से ही संभव है, और संगठन उनके अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगा। आंदोलन का नेतृत्व अखिल भारतीय महामंत्री रविशंकर अल्लूरी ने किया, वहीं प्रदेश प्रतिनिधि के रूप में बीएमएस छत्तीसगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष शंखध्वनि सिंह बनाफर उपस्थित रहे। रैली के पश्चात परिवहन मंत्री, डीआरएम रायपुर, परिवहन आयुक्त एवं प्रदेश परिवहन सचिव के नाम 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। इसमें प्रमुख रूप से परिवहन कर्मचारी कल्याण बोर्ड के गठन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और बीमा सुविधाएं उपलब्ध कराने, सभी स्टेशनों पर प्रीपेड ऑटो बूथ एवं पार्किंग की व्यवस्था, ई-वाहनों के लिए पर्याप्त चार्जिंग प्वाइंट तथा अनधिकृत ओला, उबर और रैपिडो बाइक सेवाओं पर नियंत्रण की मांग शामिल है। कार्यक्रम को सफल बनाने में रायपुर रेलवे स्टेशन प्रीपेड ऑटो संघ के अध्यक्ष राजेश स्वामी, महासचिव दीपक मुदलियार, नारायण दास सोनी, भाटापारा ऑटो चालक संघ से गोविंद मनहरे, शिवकुमार साहू सहित बीएमएस के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस पूरे आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि गीता सोनी के नेतृत्व में निजी परिवहन कर्मचारियों की आवाज अब और अधिक संगठित, सकारात्मक और प्रभावशाली रूप से सामने आ रही है।

हजारों महिलाओं को सशक्त बनाने वाली Chandrakanti Nage को ‘नारी शक्ति सम्मान’, हुनर से बदल रही हैं जिंदगी

चारामा/कांकेर. न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ‘आज की नारी: नारी शक्ति सम्मान’ कार्यक्रम में फाउंडेशन की कोऑर्डिनेटर चंद्रकांति नागे को उनके बहुमुखी कौशल और उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा किए गए सामाजिक और कौशल विकास कार्यों की एक महत्वपूर्ण पहचान है। कौशल ही बना पहचान का आधार ब्यूटी एवं स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में सक्रिय चंद्रकांति नागे सिलाई, ब्यूटी (पार्लर कार्य) सहित कई व्यावसायिक हुनरों में दक्ष हैं। अपने अनुभव और समर्पण के बल पर वे अपने क्लाइंट्स को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं प्रदान कर रही हैं और क्षेत्र में एक विश्वसनीय नाम के रूप में स्थापित हो चुकी हैं। गरिमामयी उपस्थिति में मिला सम्मान इस अवसर पर अभिनेत्री दीपिका चिखलिया एवं कांची सिंह द्वारा, फाउंडेशन के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उनके कार्यों की सराहना की। हजारों को दिया आत्मनिर्भरता का मार्ग चंद्रकांति नागे ने अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। उनके द्वारा प्रशिक्षित कई युवा आज आत्मनिर्भर बनकर अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर चुके हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। महिलाओं को देती हैं निरंतर प्रेरणा वे लगातार महिलाओं को अपने हुनर को पहचानने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका मानना है कि— “जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो वह अपने साथ पूरे समाज को भी आगे लेकर जाती है।” प्रेरणादायक सफर की मिसाल चंद्रकांति नागे का यह सफर न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपने हुनर और मेहनत के दम पर जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान – मुख्यमंत्री साय

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में  गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महारत्न कंपनी Steel Authority of India Limited में कटौती की आहट, मैनपॉवर कॉस्ट बना कारण

भिलाई नगर. महारत्न कम्पनी सेल में इस समय नियमित कार्मिक 49752 व ठेका श्रमिक 68066 हैं। दोनों को मिलाकर कुल मैनपॉवर 117818 है। सेल का मैनपॉवर कास्ट 11.62 प्रतिशत है। इसी को आधार बनाकर सेल की सभी यूनिटों में मैनपॉवर को कम करने कवायद जारी है। छंटनी में कितने की नौकरी जाएगी यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। इस समय नियमित कार्मिकों की तुलना में ठेका श्रमिकों की संख्या 18314 ज्यादा है। मैनपॉवर कास्ट कम करने के लिए अब दोनों की संख्या में कटौती करने के लिए सभी यूनिटों में कवायद चल रही है । इस्पात मंत्रालय का मानना है कि निजी स्टील कम्पनियों की तुलना में सेल का मैनपॉवर कास्ट 11.62 प्रतिशत है जो कि बहुत ज्यादा है। इस कास्ट को कम करने अब सेल को मैनपॉवर कम करने कहा गया है। नियमित कार्मिकों को जहां कम्पलसरी और वालंटरी रिटायरमेंट के जरिए कम किया जाएगा वहीं ठेका श्रमिकों की सीधे सीधे छंटनी की जाएगी। बीएसपी में ज्यादा छंटनी होने के आसार आंकड़ों की बात करें तो इस समय बीएसपी में नियमित कार्मिकों की संख्या 12552 है जबकि ठेका श्रमिक 16738 हैं। बीएसपी चूंकि सबसे बड़ी यूनिट है इसलिए यहां नियमित कार्मिकों और ठेका श्रमिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। ऐसे में तुलनात्मक रूप से यहां छंटनी की ज्यादा गुंजाइश है। सेल की अन्य यूनिटों- दुर्गापुर, राउरकेला, बोकारो, इस्को में भी आंकड़े बड़े हैं। जहां तक लेबर प्रोडक्टिविटी की बात है तो बीएसपी में यह पिछले माह 879 टन क्रूड स्टील / मैन/ वर्ष था। विगत वित्त वर्ष की औसतन लेबर प्रोडक्टिविटी 774 टन कूड स्टील/ मैन/ वर्ष थी। दुर्गापुर का मैनपॉवर कास्ट सबसे ज्यादा बीएसपी का मैनपॉवर कास्ट 10.90 प्रतिशत, दुर्गापुर का 13.47 प्रतिशत, राउरकेला का 10.08 प्रतिशत, बोकारो का 9.22 प्रतिशत, इस्को का 6.54 प्रतिशत है। इस तरह इस समय सबसे ज्यादा मैनपॉवर कास्ट दुर्गापुर का है। इन यूनिटों के अलावा अन्य यूनिटों को अपना मैनपॉवर कास्ट कम करने कहा जा रहा है। मैनपॉवर कास्ट को ही इस्पात मंत्रालय ने मैनपॉवर में कटौती करने का आधार बनाया है।