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खेलों का उत्सव लौट आया: राजस्थान में 24 नवंबर से खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स

रायपुर : खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स राजस्थान में 24 नवंबर से 5 दिसम्बर तक केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि केआईयूजी ‘गौरव की दिशा में पहला कदम’ है पहली बार, बीच वॉलीबॉल, कैनोइंग और कयाकिंग, तथा साइक्लिंग (मेडल स्पोर्ट्स) और खो-खो (डेमोंस्ट्रेशन) पांचवीं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का हिस्सा होंगे रायपुर पांचवें खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स राजस्थान के सात शहरों में 24 नवंबर से 5 दिसम्बर 2025 तक आयोजित होंगे। इसमें 23 मेडल स्पोर्ट्स और एक डेमोंस्ट्रेशन स्पोर्ट (खो-खो) में प्रतियोगिताएं होंगी। इसी साल कुछ समय पहले में बिहार में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स की तरह, यूनिवर्सिटी गेम्स भी राजस्थान के सात शहरों जयपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर में आयोजित होंगे। इस 12 दिनों के यूनिवर्सिटी आयोजन में 5,000 से अधिक एथलीटों के आने की उम्मीद है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन भारतीय विश्वविद्यालय संघ के सहयोग से किया जाता है। केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ भारत के खेल मार्ग में एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। दुनिया भर में विश्वविद्यालय, चैंपियनों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और केआईयूजी हमारे युवा एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का मंच प्रदान करता है। इन खेलों का राजस्थान संस्करण भारत के विस्तृत खेल परिदृश्य को उजागर करेगा और वैश्विक स्तर पर राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने की आकांक्षा रखने वालों के लिए पहला कदम साबित होगा। डॉ. मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विज़न के तहत खेलो इंडिया पहल ने भागीदारी, प्रतिभा विकास और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने वाला एक ठोस पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है। राजस्थान में आयोजित होने वाले ये यूनिवर्सिटी गेम्स हजारों छात्रों को न केवल खेलों को पढ़ाई के समानांतर ही आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही प्रतियोगिता एवं सौहार्द्र के माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत भी करेंगे। केआईयूजी-2025 में 23 मेडल स्पोर्ट्स और एक डेमोंस्ट्रेशन श्रेणी के स्पोर्ट्स होंगे। मेडल स्पोर्ट्स में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फेंसिंग, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, मल्लखंब, रग्बी, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, योगासन, साइक्लिंग, बीच वॉलीबॉल, कैनोइंग और कयाकिंग शामिल हैं। खो-खो एक डेमोंस्ट्रेशन इवेंट होगा। पहली बार केआईयूजी कार्यक्रम में कैनोइंग, बीच वॉलीबॉल, और कयाकिंग तथा साइक्लिंग को शामिल किया जा रहा है। पूर्वाेत्तर भारत में आयोजित हुए पिछले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी चैंपियन बनी। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया था। खेलो इंडिया के विषय में  खेलो इंडिया योजना युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। खेलो इंडिया गेम्स खेल कौशल प्रदर्शन का आधारभूत मंच हैं, जो प्रतिभा की पहचान करने और प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्टता हासिल करने हेतु एक विकास का मार्ग प्रदान करने का प्लेटफॉर्म बनते हैं। ये राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं ओलंपिक आंदोलन की सच्ची भावना में आयोजित की जा रही हैं, जिसमें संबंधित एनएसएफ, एसजीएफआई, एआईयू आदि जैसे विभिन्न हितधारकों को शामिल किया जाता है। इस कार्यक्रम के तहत अब तक देश भर में 20 संस्करणों का आयोजन हो चुका है, जिसमें 7 संस्करण खेलो इंडिया यूथ गेम्स (केआईव्हायजी), 4 संस्करण खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (केआईयूजी), 5 संस्करण खेलो इंडिया विंटर गेम्स (केआईव्हीजी), 2 संस्करण खेलो इंडिया पैरा गेम्स (केआईपीजी), 1 संस्करण खेलो इंडिया बीच गेम्स (केआईबीजी), और 1 संस्करण खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल (केआईडब्ल्यूएसएफ) शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने लिया संज्ञान; बी.पी.एल. मरीजों के लिए नि:शुल्क जांच, अन्य मरीजों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम दर पर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश

रायपुर डॉ.  भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस विषय में स्वतः संज्ञान लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीज हित में फैसला लेते हुए आगामी सामान्य परिषद् की बैठक तक के लिए चिकित्सालयों में आने वाले बी.पी.एल. राशनकार्डधारी ओपीडी मरीजों को निःशुल्क सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, ऐसे अन्य ओपीडी मरीज जो बी.पी.एल. श्रेणी में नहीं आते हैं, उन्हें शासन/विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम दरों पर यह जांच सुविधा प्राप्त होगी।   अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री का यह निर्णय ओपीडी स्तर पर जांच सुविधाओं को सुलभ एवं किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा है कि – इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हुए किसी भी मरीज को जांच सुविधा में असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाये। विदित हो कि प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में सीटी स्कैन – एमआरआई जांच की अत्याधुनिक मशीनें स्थापित हैं जिसके कारण प्रतिदिन यहां पर काफी संख्या में मरीज इन मशीनों से जांच सुविधा का लाभ उठाने आते हैं परंतु विगत कुछ दिनों से आयुष्मान योजना पोर्टल के जरिए ओपीडी में इन जांचों हेतु ब्लॉकिंग सुविधा में दिक्कत आ रही थी जिसे देखते हुए माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने लोकहित में निर्णय लेते हुए गरीब मरीजों की जांच निशुल्क करने हेतु दिशा- निर्देश जारी किए हैं।

डिजिटल बोर्ड से शिक्षिका ने उपमुख्यमंत्री को पढ़ाई हृदय की संरचना एवं बैटरी की कार्यप्रणाली

रायपुर : बच्चों के संग विद्यार्थी बने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा डिजिटल बोर्ड से शिक्षिका ने उपमुख्यमंत्री को पढ़ाई हृदय की संरचना एवं बैटरी की कार्यप्रणाली डिजिटल बोर्ड एवं इंटरएक्टिव लर्निंग से बच्चों को विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों को समझने में होगी आसानी- उपमुख्यमंत्री शर्मा रायपुर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के ग्राम बिरकोना स्थित उच्चतर माध्यमिक शाला से कवर्धा विकासखंड के अंतर्गत संचालित 17 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम सुविधा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं का स्कूली बच्चों के साथ रिबन काटकर शुभारम्भ किया। इस कार्यक्रम में कवर्धा विकासखण्ड के सभी स्कूल जहां स्मार्ट कक्षाओं की शुरुआत हो रही है वहां के बच्चे वर्चुअल माध्यम से सीधे जुड़े। इस अवसर पर सभी शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के साक्षी बने। इस दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा स्मार्ट क्लास में जाकर बच्चों के साथ बैठकर खुद भी विद्यार्थी बन गए। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर आदर्श विद्यार्थी की तरह डिजिटल बोर्ड के माध्यम से हृदय की संरचना, पौधों में पादप हार्मोन एवं इलेक्ट्रो केमिस्ट्री में बैटरी की कार्यप्रणाली के बारे में डिजिटल बोर्ड द्वारा जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिक्षकों के साथ डिजिटल कक्षा के संचालन, उपयोग एवं कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्वयं भी स्मार्ट बोर्ड संचालित कर इसकी उपयोगिता को परखा। उन्होंने इस पहल को जिले में डिजिटल शिक्षा व्यवस्था के सुव्यवस्थित विस्तार की दिशा में अभूतपूर्व कदम बताया। उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद भी किया। बच्चों के संग विद्यार्थी बने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह परियोजना केवल उपकरण या तकनीक की उपलब्धता नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा संस्कृति में परिवर्तन की पहल है। जहाँ मल्टी-डायमेंशनल कंटेंट, थ्री-डी विसुअलाइजेशन और इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से विज्ञान एवं गणित जैसे कठिन से कठिन विषय भी विद्यार्थियों के लिए आकर्षक और सरल बन सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कवर्धा विकासखंड के 17 स्कूलों में यह सुविधा शुरू की गई है, जबकि एचडीएफसी के सीएसआर मद से शेष 33 विद्यालयों को भी जोड़कर कुल 50 स्कूलों तक इसका विस्तार किया जाएगा तथा आगे कुल 74 विद्यालयों को भी स्मार्ट क्लास के रूप में सुसज्जित करने का लक्ष्य किया गया है। इससे विद्यार्थियों की विषय को लेकर आधातभूत समझ भी बढ़ेगी तथा परीक्षाओं में परिणाम भी बेहतर होंगे। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकेंगे। उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय विषयवार साप्ताहिक शैक्षणिक शेड्यूल तैयार करें, डिजिटल वीडियो लाइब्रेरी विकसित की जाए और एक स्कूल को दूसरे स्कूल से जोड़कर ज्ञान एवं अनुभव विनिमय तंत्र तैयार किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को सतत, प्रतिस्पर्धात्मक एवं सहयोगात्मक समझ का वातावरण प्राप्त होगा। उन्होंने आगे कहा कि सफलता के लिए किसी प्रकार का शॉर्टकट नहीं होता। कठोर परिश्रम ही एकमात्र विश्वसनीय मार्ग है। सही को सही और गलत को गलत कहने का साहस ही सच्चे शिक्षित होने का प्रमाण है। उन्होंने समाज में बढ़ते नशे के खतरों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कि जिले के 44 विद्यालयों में शेड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा विद्यार्थियों के मानसिक एवं व्यवहारिक सुदृढ़ीकरण के लिए वरिष्ठ प्रबुद्धजनों की काउंसलिंग योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए एक समग्र शैक्षणिक अभियान के रूप में विकसित की जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया। इसके साथ ही सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके बच्चों की शिक्षा में किये गए अतुलनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आगामी जीवन के स्वस्थ एवं सुखी होने की शुभकामनाएं भी दी।

ग्रामीणों की खुशियों का अवसर: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने पूरी की उनकी मांग

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से ग्रामीणों की मांग हुई पूरी सूरजपुर में 11 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से दो सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से सूरजपुर जिले के ग्रामीणों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए कुल 11 करोड़ 39 लाख 63 हजार रुपये (1,139.63 लाख रुपये) की लागत से दो प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों का आज भूमि पूजन एवं शुभारंभ किया गया। पहला निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से नया कृष्ण मंदिर होकर सिलफिली बनारस रोड तक (5.20 किमी) का है, जिस पर 6 करोड़ 90 लाख 68 हजार रुपये की लागत स्वीकृत की गई है।दूसरा निर्माण कार्य एनएच-43 से नावापारा दुर्गाबाड़ी होकर रवीन्द्र नगर (3.96 किमी) तक सड़क निर्माण का है, जिसकी लागत 4 करोड़ 48 लाख 95 हजार रुपये है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से सैकड़ों ग्रामीण परिवारों को आवागमन की सुविधा, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और जीवन स्तर में सुधार मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गांव-गांव तक पक्की सड़क और विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। भूमिपूजन कार्यक्रम में  स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीणजन  बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सड़कों की स्वीकृति से क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का माहौल रहा।

बस्तर में गूंजा खेल उत्सव का जोश: उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया ओलंपिक प्रतियोगिता का उद्घाटन

रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक का किया शुभारंभ बस्तर के होनहार युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने का मिल रहा अवसर – अरुण साव गोविंदपुर खेल मैदान में शेड निर्माण के लिए 25 लाख की घोषणा की रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज बस्तर ओलंपिक-2025 के विकासखण्ड स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कांकेर के गोविंदपुर खेल मैदान में खेल ध्वज फहराया और वहां मौजूद खिलाड़ियों के बीच जाकर उनका उत्साहवर्धन किया। साव ने तीरंदाजी, व्हालीबॉल और रिले रेस में सांकेतिक तौर पर हिस्सा लेकर प्रतिभागी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गोविंदपुर के खेल मैदान में शेड निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा और हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष मती शालिनी राजपूत भी शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर के प्रतिभाशाली युवक-युवतियों को समुचित प्लेटफॉर्म मुहैया कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पिछले वर्ष से बस्तर ओलंपिक का आगाज किया है, जिसकी ख्याति राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुकी है। इसकी सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गत वर्ष एक लाख 65 हजार युवक-युवतियों ने अपना पंजीयन कराया था, जबकि इस वर्ष रिकॉर्ड तीन लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के खिलाड़ियों की अपनी विशिष्ट पहचान है, क्योंकि वे अनुशासित होकर टीम भावना से अपनी खेल प्रतिभाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले में खेल सुविधाओं और विकास के लिए पूर्व में ही लगभग आठ करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा दी जा चुकी है। विधायक आशाराम नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि कांकेर में पखांजूर से लेकर नरहरपुर तक विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं का सकारात्मक वातावरण निर्मित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के हुनरमंद खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए पिछले साल से बस्तर ओलंपिक शुरू किया है जो आज वृहद रूप ले चुका है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक, उपाध्यक्ष उत्तम यादव, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष मती तारा ठाकुर, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक मती तनुजा सलाम और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि एवं खिलाड़ी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

उपमुख्यमंत्री शर्मा डड़सेना कलार समाज द्वारा आयोजित भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर : डड़सेना कलार समाज सशक्त रूप से संगठित होकर एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा- उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री  शर्मा डड़सेना कलार समाज द्वारा आयोजित भगवान  सहस्त्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने भगवान सहस्त्रबाहु चौक में भव्य प्रतिमा स्थापना और सौर्दर्यीकरण की घोषणा की रायपुर  प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने  कवर्धा शहर के भारत माता चौक में डड़सेना कलार समाज द्वारा आयोजित भगवान  सहस्त्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शमिल होकर समाज के साथ पारंपरिक और आध्यात्मिक उत्सव साझा किया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने रायपुर रोड स्थित भगवान सहस्त्रबाहु चौक का सौंदर्यीकरण तथा भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की भव्य प्रतिमा की स्थापना करने की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि डड़सेना कलार समाज आज सशक्त रूप से संगठित होकर एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। समाज ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि नई पीढ़ी जागरूक और लक्ष्य के प्रति समर्पित है। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि समाज के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जो न केवल समाज बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों द्वारा दिखाई जा रही एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की भावना प्रेरणादायक है। इसी संगठित प्रयास का परिणाम है कि समाज की नई पीढ़ी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है तथा राज्य और राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे रही है। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि समाज के सर्वांगीण उत्थान और विकास से जुड़े हर सार्थक प्रयास में छत्तीसगढ़ सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। शिक्षा, कौशल विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे सभी क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं और संसाधनों का लाभ समाज को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समाज आगे बढ़ने का संकल्प ले तो सरकार सदैव उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मती देवकुमारी चंद्रवंशी, मती सतविंदर पाहुजा, पार्षद  दीपक सिन्हा, अध्यक्ष  रूपेन्द्र जयसवाल,  गजेंद्र जयसवाल,  खेलूराम जयसवाल,  आत्माराम जायसवाल,  श्याम लाल, बद्री जायसवाल,  रोहित,  उमराव सहित जनप्रतिनिधि, समाज के नागरिक उपस्थित थे।

जशपुर के युवाओं ने बढ़ाया प्रदेश का मान: हिमालय की 5350 मीटर ऊंचाई पर किया ट्रैकिंग और आइस क्लाइंबिंग

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले के बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले जशपुर जिले के पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री  साय ने युवाओं के साहस, अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि जशपुर के युवाओं ने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी महान लक्ष्य को प्राप्त करना असंभव नहीं है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि से जशपुर और पूरे प्रदेश के आदिवासी युवाओं में एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति नई जागरूकता और उत्साह पैदा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक भावना का विकास होता है। उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के युवाओं ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में भाग लेकर दुहांगन वैली में 5350 मीटर ऊंचाई तक सफलतापूर्वक आरोहण किया और छत्तीसगढ़ राज्य का गौरव बढ़ाया। अभियान के दौरान दल के सदस्यों ने ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग जैसी कठिन व रोमांचक गतिविधियों में अपनी अद्वितीय दक्षता और साहस का परिचय दिया। यह दल जिला प्रशासन, जशपुर के सहयोग से सितंबर माह में रवाना हुआ था। युवाओं ने मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन के सहयोग एवं प्रोत्साहन से ही उन्हें हिमालय अभियान का हिस्सा बनने और यह उपलब्धि हासिल करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस अभियान से मिले अनुभव और आत्मविश्वास से जिले के अन्य युवा भी साहसिक खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित होंगे। युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन के सहयोग से आदिवासी वनांचल क्षेत्र जशपुर से हिमालय अभियान में भाग लेने का अवसर मिला। वहां विभिन्न प्रकार की एडवेंचर गतिविधियों — ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग — में हिस्सा लेकर उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम भावना और धैर्य का अभ्यास किया। उल्लेखनीय है कि जनजातीय हिमालय पर्वतारोहण अभियान 2025 की शुरुआत एक स्थानीय प्रशिक्षण पहल के रूप में हुई थी, जो सामूहिक विश्वास, सहयोग और समर्पण से एक सशक्त अभियान में परिवर्तित हुई। इस पहल ने न केवल युवाओं में आत्मविश्वास और रोमांच की भावना जगाई, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया।

जशपुर को मिला नया खेल केंद्र: सन्ना पंडरापाठ में एनटीपीसी के सहयोग से बनेगी तीरंदाजी अकादमी

रायपुर : जशपुर जिले के सन्ना पंडरापाठ में तीरंदाजी अकादमी स्थापित करने हेतु एनटीपीसी के साथ हुआ एग्रीमेंट 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से बनेगा आधुनिक आर्चरी सेंटर छत्तीसगढ़ के युवाओं को तीरंदाजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मिलेगा अवसर – मुख्यमंत्री  साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज जशपुर जिले के बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में बगीचा विकासखंड अंतर्गत सन्ना पंडरापाठ में तीरंदाजी अकादमी स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन और एनटीपीसी के बीच एग्रीमेंट किया गया। एनटीपीसी द्वारा यह परियोजना कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से संचालित की जाएगी। इस अवसर पर कलेक्टर  रोहित व्यास और एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  बिलाश मोहंती उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के माध्यम से आर्चरी सेंटर की स्थापना के लिए 20 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा रही है, यह अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी के प्रति अपार संभावनाएं हैं, और इस सेंटर के आरंभ होने से उन्हें प्रशिक्षण और संसाधनों की बड़ी सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वर्ष 2036 में भारत ने ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए दावेदारी प्रस्तुत की है। हमारी कोशिश होगी कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में अधिकतम संख्या में शामिल हों और पदक जीतकर प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। यह तभी संभव है जब हम आर्चरी सेंटर जैसे और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें। ऐसे केंद्रों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने घोषणा की है कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक प्राप्त करने वालों को 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी कहा कि राज्य खेल अलंकरण समारोह को पुनः आयोजित किए गए हैं और इसके माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘खेलो इंडिया’ के नए प्रशिक्षण केंद्र आरंभ किए गए हैं और जनजातीय क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश प्राचीन काल से ही तीरंदाजी में अग्रणी रहा है। महाभारत और रामायण जैसे हमारे पवित्र ग्रंथों के नायक भी इस विधा में पारंगत रहे हैं। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमें आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मार्गदर्शन के माध्यम से नए आर्चर्स तैयार करने होंगे। उल्लेखनीय है कि सन्ना पंडरापाठ में 10.27 एकड़ भूमि में यह अकादमी स्थापित की जाएगी। यहां आउटडोर तीरंदाजी रेंज, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, खिलाड़ियों की सुविधा हेतु भवन, जैविक खेती के लिए छायादार नर्सरी, पुस्तकालय, चिकित्सा केंद्र, कौशल विकास केंद्र, हर्बल वृक्षारोपण तथा प्रशिक्षण मैदान जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालयों में आयोजित होंगे राज्योत्सव कार्यक्रम

रायपुर राज्य स्थापना दिवस 2025 के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भव्य राज्योत्सव कार्यक्रम का आयेाजन किया जाएगा। जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में राज्य के मंत्रीगण, सांसद तथा विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन ने प्रत्येक जिले के लिए मुख्य अतिथि के नामों की घोषणा की है। राज्य शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार राजनांदगांव जिला मुख्यालय में आयेाजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष और सरगुजा में मुख्य अतिथि कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम होंगे। इसी प्रकार बिलासपुर जिला मुख्यालय में श्री तोखन साहू  केन्द्रीय राज्य मंत्री, बस्तर में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव तथा दुर्ग में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार गरियाबंद में मंत्री श्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा में मंत्री श्री केदार कश्यप, कोरबा में मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, जशपुर में मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा रायगढ़ में मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सूरजपुर में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में मंत्री श्री टंकराम राम वर्मा, बालोद में मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कोरिया में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद श्री विजय बघेल, कबीरधाम में सांसदश्री संतोष पाण्डेय, बलरामपुर-रामानुजगंज में सांसदश्री चिंतामणी महाराज, महासमुंद में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, सक्ति में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद श्री महेश कश्यप, कांकेर में सांसद श्री भोजराज नाग तथा खैरागढ़-गंडई-छुईखदान में सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। वहीं मुंगेली जिले में विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक श्री धरमलाल कौशिक, धमतरी में विधायक श्री अजय चन्द्राकर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, कोण्डागांव में विधायक सुश्री लता उसेंडी, नारायणपुर में विधायक श्री विक्रम उसेंडी तथा सुकमा जिले में विधायक श्री किरण देव जिला मुख्यालय में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों की झांकी एवं विकासपरक योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। राज्योत्सव कार्यक्रमों का आयोजन जनभागीदारी और पारंपरिक गौरव के साथ गरिमामय ढंग से किया जाएगा ताकि प्रदेश की संस्कृति, विकास और एकता का संदेश पूरे राज्य में प्रसारित हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के फरसाबहार में 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

 4.16 करोड़ लागत के 4 कार्यों का लोकार्पण और 36.72 करोड़ लागत के 9 विकासकार्यों का हुआ भूमिपूजन रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के व्यापक विकास को नए आयाम देते हुए  40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 13 विकासकार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 16 लाख 41 हजार रुपए लागत के 4 विकासकार्यों का लोकार्पण और 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं।       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिन विकासकार्यों का लोकार्पण किया उनमें 01 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपए लागत के मस्कामारा से होते हुए लवाकेरा मेन रोड तक मार्ग लं. 1.70 कि.मी., 01 करोड़ 29 लाख 56 हजार रुपए लागत के जिला जशपुर के अम्बाकछार पहुंच मार्ग लं. 1.00 कि.मी., 10 लाख रुपए लागत के आर सी.सी. पुलिया निर्माण, सिंहटोला दीपक घर से मेन रोड़ पहुंच मार्ग पर, ग्राम लावाकेरा और 95 लाख 53 हजार रूपए लागत के  जशपुर के मुण्डाडीह पहुच मार्ग लं. 0.90 कि.मी. का  निर्माण कार्य शामिल है।         इसी तरह उन्होंने 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 31 लाख 38 हजार रूपए लागत के फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, 23 करोड़ 96 लाख 94 हजार रूपए लागत के पमशाला में सरईटोला पहुंच मार्ग लं. 11.50 कि.मी. का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 72 लाख 55 हजार रुपए लागत के फरसाबहार में विश्रामगृह भवन का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास कोल्हेनझरिया का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास फरसाबहार का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52  लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास लवाकेरा का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97  हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पण्डरीपानी का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पंडरीपानी का भवन निर्माण कार्य और 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास तपकरा का भवन निर्माण कार्य शामिल है।       इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव,पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।