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नक्सली हिंसा का शिकार बने निर्दोष ग्रामीण, IED विस्फोट में घायल

बीजापुर छत्तीसगढ़ के कोर नक्सल क्षेत्र बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED ब्लास्ट होने से 3 ग्रामीण घायल हो गए. रविवार की शाम तीनों ग्रामीण थाना मद्देड़ अंतर्गत धनगोल गांव के जंगल में मशरूम (फुटु) इकट्ठा करने गए हुए थे. इसी दौरान वे माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में आ गए. इस हादसे में 1 बालिका सहित 3 ग्रामीण बुरी तरह घायल हो गए. घायल ग्रामीण का विवरण – 1. कविता कुड़ियम (उम्र 16 वर्ष), पिता- नागैया, निवासी- धनगोल, थाना– मद्देड़, जिला– बीजापुर. 2. कोरसे संतोष, पिता- लच्छा, उम्र 26 वर्ष, निवासी- धनगोल, थाना – मद्देड़, जिला – बीजापुर. 3. चिड़ेम कन्हैया, पिता- किस्टैया, उम्र- 24 वर्ष, निवासी- धनगोल, थाना – मद्देड़, जिला – बीजापुर. जानकारी के मुताबिक, प्रेशर IED विस्फोट में घायल ग्रामीणों के पैर एवं चेहरे में चोटें आई हैं. सूचना मिलते ही उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल बीजापुर भर्ती किया गया है जहां इनका उपचार जारी है. प्रशासन की जनता से अपील प्रशासन ने जनता से अपील की है कि जंगल क्षेत्रों में भ्रमण करते समय विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस थाना या निकटतम सुरक्षा कैम्प को दें.

मानसून सत्र में बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ लाएगा पांच विधेयक, देश का पहला ‘पेंशन फंड व ग्रोथ-स्टेबिलिटी एक्ट’ वाला राज्य बनेगा

  रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में वित्त विभाग नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है. इस दौरान विभाग रिकार्ड पांच विधेयक पेश करेगी, जिनमें पेंशन फंड और ग्रोथ एण्ड स्टेबिलिटी फंड भी शामिल है. इस तरह का एक्ट लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा. मानसून सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान रिकार्ड 5 विधेयक ला रहे हैं. एससीआर (स्टेट कैपिटल रीजन) के लिए एक्ट के साथ पेंशन फंड और प्रदेश के ग्रोथ एण्ड स्टेबिलिटी के लिए एक्ट लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस तरह का एक्ट बनाने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बनने जा रहा है. वित्त मंत्री ने बताया कि इसी तरह से जीएसटी में विभिन्न टैक्सों में 25 हजार के पेनाल्टी वाले 10 साल से पुराने पेंडिंग केस हैं, जिनको समाप्त करने का निर्णय लिया है. इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को 65 हजार से अधिक प्रकरण में लाभ मिलेगा. उनको अब अलग-अलग जगहों पर चक्कर लगाने से मुक्ति मिलगी.

कबीरधाम में पहले सोमवार को निकलेगी भोरमदेव पदयात्रा, डिप्टी सीएम और हजारों भक्त होंगे शामिल

कबीरधाम भगवान शिव की भक्ति में डूबा कबीरधाम जिला सावन मास के पहले सोमवार को ऐतिहासिक भोरमदेव पदयात्रा के लिए तैयार है। यह सदियों पुरानी परंपरा कवर्धा के बुढ़ा महादेव मंदिर से भोरमदेव मंदिर तक 18 किलोमीटर की पैदल यात्रा के रूप में 2008 से अनवरत जारी है। इस बार पदयात्रा में कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, आमजन और पूर्व में कबीरधाम जिले में कलेक्टर रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले के लोगों से इस भक्तिमय आयोजन में शामिल होकर शिव भक्ति का आनंद लेने की अपील की है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। पदयात्रा सुबह 7 बजे बुढ़ा महादेव मंदिर से शुरू होगी और भोरमदेव मंदिर पर भगवान शिव का जलाभिषेक कर समाप्त होगी। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधा के लिए चलित एम्बुलेंस, स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था, पेयजल, विश्राम स्थल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भोरमदेव मंदिर परिसर में कांवरियों के ठहरने के लिए भवन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, गर्भगृह में भगवान शिव के लाइव दर्शन के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। सावन के प्रत्येक सोमवार को मंदिर में निःशुल्क भंडारा और प्रसादी का वितरण होगा। यात्रा के दौरान डीजे साउंड सिस्टम भक्ति भजनों से माहौल को और आध्यात्मिक बनाएगा। जिला प्रशासन ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष रोड मैप तैयार किया है, ताकि उन्हें किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन और डिप्टी सीएम विजय शर्मा की मंशा के अनुरूप यह आयोजन भव्य और व्यवस्थित होगा। यह पदयात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का भी जीवंत उदाहरण है।

विदेश में सॉफ्टबॉल का दम दिखाएंगी छत्तीसगढ़ की शेरनियाँ

बीजापुर की चंद्रकला और जांजगीर-चांपा की शालू एशिया कप सॉफ्टबॉल चौंपियनशिप में रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार राज्य के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, खेल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष अवसर उपलब्ध करा रही है। छत्तीसगढ़ की बेटियाँ आज खेल के मैदान से लेकर हर क्षेत्र में अपनी मेहनत, निष्ठा और जज्बे से नया इतिहास रच रही हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बीजापुर जिले की धरती एक बार फिर खेल जगत में अपनी प्रतिभा का परचम लहराने जा रही है। जिले के आवापली गांव की होनहार खिलाड़ी चंद्रकला तेलम का चयन भारतीय सॉफ्टबॉल टीम में एशिया कप सॉफ्टबॉल चौंपियनशिप 2025 के लिए हुआ है।  जो 14 से 20 जुलाई तक शियान, चीन में आयोजित होगी। चंद्रकला के साथ ही जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ की शालू डहरिया भी भारतीय टीम का हिस्सा होंगी, जो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।     खास बात यह है कि भारतीय टीम के कोच के रूप में बीजापुर जिले के श्रम निरीक्षक  सोपान कर्णेवार की नियुक्ति हुई है। इससे पहले भी श्री कर्णेवार के कोचिंग में जिले के अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। भारतीय टीम का गठन कई कठिन चयन परीक्षाओं के बाद हुआ है। चंद्रकला तेलम को अनंतपुर (आंध्र प्रदेश), नागपुर, श्रीनगर एवं इंदौर में आयोजित चयन परीक्षण और विशेष कोचिंग कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चुना गया है। भारतीय दल को नई दिल्ली में अंतिम प्रशिक्षण के बाद 13 जुलाई को शियान, चीन के लिए रवाना किया जाएगा।     बीजापुर और जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर ने भी टीम को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट की विजेता एवं उपविजेता टीम को वर्ल्ड कप सॉफ्टबॉल चौंपियनशिप में भाग लेने का अवसर मिलेगा।चंद्रकला और शालू डहरिया की यह उपलब्धि जिले की अन्य बेटियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2025: रायगढ़ जिला बना देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता

तीसरी, छठवीं और नवमीं सभी कक्षाओं में राष्ट्रीय औसत से बेहतर परिणाम ग्रामीण छात्रों और बालिकाओं ने दिखाया श्रेष्ठ प्रदर्शन रायपुर, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा हर चार वर्ष में आयोजित होने वाले परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2025 में रायगढ़ जिले ने राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उत्कृष्टता साबित की है। दिसंबर 2024 में आयोजित इस सर्वेक्षण में रायगढ़ जिले के 91 स्कूलों के 325 शिक्षक और 2728 विद्यार्थी शामिल हुए थे। जिले के छात्रों ने कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमीं तीनों स्तरों पर सभी विषयों में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले को ‘उदित’ श्रेणी में शामिल कराया है। इस सर्वेक्षण में शासकीय, मान्यता प्राप्त अशासकीय तथा अनुदान प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से आंका गया। रायगढ़ जिले में यह अभियान कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी और सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में संचालित किया गया, जिसका परिणाम सभी स्तरों पर अत्यंत सराहनीय रहा। कक्षा तीसरी में भाषा विषय में रायगढ़ का औसत 70 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय औसत 64 प्रतिशत और राज्य औसत 59 प्रतिशत से कहीं अधिक है। गणित में भी रायगढ़ ने 68 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि राष्ट्रीय औसत 60 और राज्य औसत 57 प्रतिशत रहा। कक्षा छठवीं में भाषा में 64 प्रतिशत, गणित में 56 प्रतिशत और ‘आस-पास की दुनिया’ विषय में 59 प्रतिशत के साथ रायगढ़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं कक्षा नवमीं में भाषा विषय में 60 प्रतिशत, गणित में 39 प्रतिशत, विज्ञान में 43 प्रतिशत और सामाजिक विज्ञान में भी 43 प्रतिशत के साथ जिले ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर परिणाम दर्ज किए। इन आंकड़ों के आधार पर रायगढ़ को परख सर्वेक्षण की चार स्तरीय श्रेणी में ‘उदित वर्ग में स्थान मिला है। यह श्रेणी केवल उन जिलों को प्रदान की जाती है, जिन्होंने तीनों कक्षाओं में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया हो। रायगढ़ के साथ तीसरी कक्षा में बालोद, बलरामपुर, बीजापुर, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा, छठवीं में बलरामपुर, बस्तर, बीजापुर और सरगुजा तथा नवमीं में बस्तर, बीजापुर, बिलासपुर, धमतरी और दुर्ग जिले भी इस श्रेणी में शामिल किए गए हैं। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों से यह भी सामने आया है कि रायगढ़ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का परिणाम शहरी क्षेत्रों से बेहतर रहा। इसके अलावा, बालिकाओं का प्रदर्शन भी बालकों की तुलना में तीनों कक्षाओं में अधिक बेहतर रहा है, जो जिले में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक बदलाव का संकेत है।

राजनीति में श्राप! पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी को चेताया- रथयात्रा तक होगी दुर्गति

रायपुर राहुल गांधी के भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा अडानी परिवार के लिए रोक दिए जाने वाले बयान पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने सख्त आपत्ति जताई है. उन्होंने श्राप देते हुए कहा कि भगवान पर टिप्पणी करने वाले ऐसे सनातन विरोधी का सर्वनाश हो जाना चाहिए. देख लेना अगले रथयात्रा तक कैसे दुर्गति होगी. रायपुर जग्गनाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि राहुल गांधी बस आलू से सोना बनाये, भगवान पर टिप्पणी न करें. भगवान से लगेंगे तो सत्यानाश हो जाएगा. मैं ब्राह्मण हूं, और सही में जग्गनाथ जी का काम करता हूं तो चाहूंगा मेरा श्राप राहुल गांधी को लग जाए. पुरंदर मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने भगवान जगन्नाथ को चैलेंज किया है. भगवान जगन्नाथ कलयुग के साक्षात् देवता हैं. सनातन को मानने वाले सभी भगवान जगन्नाथ के पास गए हैं. भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि कांग्रेस को सद्बुद्धि दे. विधायक ने इसके साथ आरोप लगाया कि कुछ लोग भगवान को, सनातन धर्म को अपमानित करना चाहते हैं. किसी व्यक्ति विशेष के लिए रथयात्रा रोकने का आरोप लगाया गया है. जिनकी शादी नहीं हो रही वह प्रभु जगन्नाथ को लेकर आरोप लगा रहे हैं. यह मुद्दा कांग्रेस का नहीं राहुल गांधी का है.

नकली होलोग्राम का खेल खत्म: आबकारी विभाग की कार्रवाई में बड़ी शराब खेप जब्त

रायपुर छत्तीसगढ़ में नकली होलोग्राम केस में पूर्वआबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनवर ढेबर, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा जेल में हैं. इसके बावजूद भी नकली होलोग्राम छपवाकर उसी तरीके से अवैध कारोबार जारी है. 13 जुलाई 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने एक बार फिर रायपुर में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेचने वाले आरोपी गिरफ्तार किया है. टीम ने आरोपी के पास से 25 लीटर शराब जब्त की है, जिसे नकली होलोग्राम लगाकर बेंचा जा रहा था. इनमें से शोले ब्रांड की बोतलों पर स्टीकर भी नकली लगे मिले. जानकारी के मुताबिक आरोपी मनीराम टंडन ग्रैंड i10 कार (CG04MZ5272) में अभनपुर थाना अंतर्गत ग्राम चंडी में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेच रहा था. सूचना पर आबकारी विभाग की टीम ने छापेमार कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के पास से टीम ने 25.92 बल्क लीटर नकली होलोग्राम युक्त देशी शराब जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 14,400 रुपये है. मामले में आबकारी विभाग ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है. 3 महीने में दूसरा मामला यह कोई पहला मामला नहीं है. बीते तीन महीनों में यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें नकली होलोग्राम के ज़रिए अवैध शराब बेचने की कोशिश पकड़ी गई है. 22 मार्च को रायपुर में एक ढाबे और प्रिंटिंग शॉप पर छापा मारकर 40 हजार से अधिक नकली होलोग्राम स्टीकर, शराब बोतलों के लेबल और ढक्कन जब्त किए गए थे. इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए, जबकि कुछ आरोपी बिहार फरार हो गए थे. 20 अप्रैल 2025 को इसी कड़ी में बीरगांव स्थित एक ढाबे में छापा मारकर संकटमोचन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से 1460 नकली होलोग्राम, 1100 शराब लेबल और 105 बोतल के ढक्कन मिले. पूछताछ में सामने आया कि नकली होलोग्राम का काम भिलाई निवासी संदीप के लिए किया जा रहा था, जिससे उसकी पहचान 2013-14 में सिलतरा की एक शराब भट्टी में नौकरी के दौरान हुई थी. इसके बाद टीम बीरगांव के एक प्रिंटिंग शॉप पर पहुंची, जहां गणेश चौरसिया को 371 शीट (करीब 40,000 स्टीकर) काटते पकड़ा गया. गणेश ने बताया कि यह प्रिंटिंग रंजीत गुप्ता के ऑर्डर पर की गई थी, जो रेड की सूचना मिलते ही फरार हो गया. जांच में यह भी सामने आया कि नकली होलोग्राम को सीरियल के अनुसार सेट करने और अलग-अलग प्रिंटिंग हाउस से टेम्पलेट्स प्रिंट कराने का काम संगठित तरीके से किया जा रहा था. अब तक की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी नकली होलोग्राम के ज़रिए देशी शराब की तस्करी कर रहे थे. हर महीने करीब 30 हजार नकली स्टीकर्स की खपत से सरकार को लगभग 24 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था. क्यों लगाया जाता है नकली होलोग्राम? जानिए क्या है पूरा मामला… होलोग्राम घोटाले में यह खुलासा हुआ कि नकली शराब को वैध दिखाने के लिए उस पर जाली होलोग्राम स्टीकर लगाए जाते थे ताकि स्कैनिंग में पकड़ न आ सके. नोएडा की PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) को इसके टेंडर का जिम्मा सौंपा गया, जबकि आरोप है कि यह कंपनी टेंडर के लिए योग्य नहीं थी, बावजूद इसके अधिकारियों ने शर्तों में बदलाव कर उसे चयनित किया. इसके बदले कंपनी के मालिक विधु गुप्ता से हर होलोग्राम पर आठ पैसे का कमीशन लिया गया. 3 मई को यूपी एसटीएफ ने विधु गुप्ता को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी जैसे नामों का उल्लेख किया.

‘पुष्पा’ बनी हकीकत: ट्रक में बने गुप्त चैंबर से गांजा बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्त में

कवर्धा कबीरधाम पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक ट्रक से 120 किलो गांजा जब्त किया है। खास बात यह रही कि तस्करी के लिए ट्रक में बेहद चालाकी से ‘पुष्पा’ फिल्म की तर्ज पर एक गुप्त चैंबर तैयार किया गया था, जिसमें गांजे के 115 पैकेट छिपाकर उड़ीसा से राजस्थान ले जाया जा रहा था। पुबता दें कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह छवाई के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, पंकज पटेल और डीएसपी संजय ध्रुव के मार्गदर्शन में की गई। थाना चिल्फी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रक (नंबर RJ 14 GG 9595) में भारी मात्रा में गांजा लेकर उड़ीसा से कोटा (राजस्थान) की ओर तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और बारीकी से तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रक के केबिन और ट्रॉली के बीच बेहद पेशेवर तरीके से बनाए गए गुप्त चैंबर से गांजे से भरे 115 पैकेट बरामद किए गए, जिनका वजन करीब 120 किलो था। 2 अंतराज्यीय तस्कर गिरफ्तार पुलिस ने मौके से दो अंतराज्यीय तस्करों अकरम खान (उम्र 37 साल) और पप्पु सिंह (उम्र 32 साल) को गिरफ्तार किया है। दोनों राजस्थान के जिला झालावाड़ में स्थित हरनावदा पिया के रहने वाले है।प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे उड़ीसा से गांजा लेकर कोटा, राजस्थान जा रहे थे। ट्रक में खासतौर पर चैंबर बनवाया गया था ताकि गांजा आसानी से छिपाया जा सके और किसी को शक न हो। पुलिस टीम की सतर्कता से टूटी तस्करी की कड़ी इस कार्रवाई में निरीक्षक उमाशंकर राठौर, सउनि बीरबल साहू, आरक्षक इरफान खान, आंसू तिवारी, पप्पू पनागर, सुनील मेरावी, अजय चंद्रवंशी, सुभाष नौरंगे और हरजेंद्र रात्रे की अहम भूमिका रही। इन सभी की सतर्कता और पेशेवर अंदाज ने इस अंतराज्यीय तस्करी का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता दिलाई। ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने इस सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की और कहा कि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस मुहिम में पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। कबीरधाम पुलिस की यह कार्रवाई न केवल तस्करों को साफ संदेश देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – वैष्णव ब्राह्मण समाज का रहा है गौरवशाली इतिहास

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय), मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में वैष्णव ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। इस समाज की विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में दानशीलता की अद्भुत मिसालें स्थापित की हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में वैष्णव ब्राह्मण समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज के प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज ने सनातन धर्म को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह समाज केवल पुरोहित कर्म से ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में भी सक्रिय रहा है। दानशीलता की महान परंपरा का परिचय देते हुए इस समाज ने कभी राजपाट तक दान कर दिए। राजनांदगांव की वैष्णव ब्राह्मण रियासत इसका अनुपम उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डेढ़ वर्ष के भीतर हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को अमल में लाकर पूर्ण किया है। छत्तीसगढ़, प्रभु श्रीराम का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का लंबा समय यहीं व्यतीत किया था। हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अपनी आस्था के अनुसार तीर्थ स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। दिव्यांगजनों, विधवाओं और परित्यक्ताओं के लिए इस योजना में अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प लिया गया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रसर होना है। इस कार्य में वैष्णव ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समाज संगठित रहकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज एक दूरदर्शी और कल्पनाशील समाज है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव से विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस समाज के ऐतिहासिक योगदान को निकटता से देखा है। उच्च शिक्षा, रेलवे, उद्योग और पेयजल व्यवस्था के विकास में राजनांदगांव के राजपरिवार ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। महंत दिग्विजय दास जी ने महाविद्यालय के लिए अपना महल दान किया, रेलवे के लिए विशाल भूमि दी, और बीएनसी कॉटन मिल की स्थापना की, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला। महंत घासीदास जी ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क भूमि देने की घोषणा की थी। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज सनातन धर्म की ध्वजवाहक है। इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के आयोजन से समाज और अधिक एकजुट होकर आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पी. एल. बैरागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल जे. के. वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष राकेश दास वैष्णव, विजय कुमार दास, राघवेंद्र दास वैष्णव, डॉ. सौरभ निर्वाणी, अंजना देवी वैष्णव, रजनीश वैष्णव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

जिस रास्ते पर कभी भाजपा ने रोका था रास्ता, अब कांग्रेस ने किया चक्काजाम

खैरागढ़ आठ वर्षों से मौत के गड्ढों में तब्दील हो चुकी डोंगरगढ़-खैरागढ़ मुख्य सड़क पर रविवार को कांग्रेस ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया. विरोध का नेतृत्व कर रहीं डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल खुद सड़क पर बैठ गईं. वर्षों से आवाजाही और विकास की राह रोक कर बैठी यह सड़क अब राजनीति का मंच बन चुकी है, जहां पहले भाजपा प्रदर्शन करती थी, अब वहीं कांग्रेस कर रही है. दरअसल, खैरागढ़ जिला मुख्यालय को धर्मनगरी डोंगरगढ़ और महाराष्ट्र से जोड़ने वाली यह सड़क ढारा से सिदार खपरी तक इतनी जर्जर है कि सड़क में गड्ढे नहीं, गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ रही है. बरसात में इन गड्ढों में पानी भरने से हादसों का डर बना रहता है. मां बमलेश्वरी और करेला भवानी मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसी खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है. पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता का कहना है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की है और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है. वहीं, विभागीय पत्राचार के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. सरकारी कागजों में सड़क बनी रहती है, जमीनी हकीकत में गड्ढे और धूल उड़ती रहती है. गड्डों वाली सड़क बनी फोटो खिंचवाने और बयानबाजी का मंच बीते पांच वर्षों में कांग्रेस की सरकार थी तो भाजपा ने इसी सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया, आज भाजपा की सरकार है तो कांग्रेस सवाल उठा रही है. इस बीच सड़क पर नारे बदलते गए, नेता बदलते गए, लेकिन गड्ढे वहीं के वहीं रह गए. यह सड़क अब जनता के लिए आवाजाही का मार्ग नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए फोटो खिंचवाने और बयानबाजी का मंच बन गई है. जब सत्ता में रहते हैं, तब फाइलें चुप रहती हैं, सड़कें टूटी रहती हैं. विपक्ष में जाते ही सड़कें भी याद आने लगती हैं, और जनता भी. इस सड़क पर गिरते संभलते लोगों के मन में अब सिर्फ एक सवाल है – सड़क कब बनेगी? या यह सड़क हमेशा सत्ता और विपक्ष की राजनीति में पिसती रहेगी, और जनता गड्ढों में गिरकर ही हर बार चुनावी वादे याद करती रहेगी?