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सड़क किनारे बोरियों से बरामद हुई 2 लाशें, पुलिस जांच में जुटी

रायपुर/बिलासपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में सोमवार को बोरी में भरी हुई लाशें मिली है. संदिग्ध परिस्थियों में लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है. वहीं दोनों ही मामलों में पुलिस जांच कर रही है. रायपुर में बोरी में युवक की मिली लाश राजधानी रायपुर में सोमवार सुबह युवक की बोरी में लाश मिली है. मृतक की पहचान नहीं हो सकी है. सूचना पर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है. पूरा मामला खमतराई थाना क्षेत्र का है. न्यायधानी में बोरी में महिला की लाश बरामद बिलासपुर जिले के शिवटिकरी गांव में नदी किनारे महिला की संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिली है. बोरी में भरी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है. डेड बॉडी को लेकर स्थानीय लोगों ने हत्या कर शव को ठिकाने लगाने की आशंका जता रहे हैं. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. मृतिका की शिनाख्त करने में पुलिस जुटी हुई है.

गौसेवा की दान पेटी चोरी, थाने के सामने घटी वारदात से पुलिस पर सवाल

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर में चोर ने पुलिस थाने के सामने ही दिन-दहाड़े चोरी की वारदात को अंजाम दिया है. कोतवाली थाने के ठीक सामने स्थित महावीर थाली रेस्टोरेंट में रखी गई गौसेवा दान पेटी को एक बुजुर्ग चोर दिनदहाड़े लेकर फरार हो गया. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि चोर पहले काउंटर पर रखी सौंफ खाता है और फिर मौके का फायदा उठाकर बेहद आराम से दान पेटी लेकर भीड़ में गायब हो जाता है. रेस्टोरेंट संचालक ने चोरी की शिकायत तत्काल कोतवाली थाने में दर्ज करवाई है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी बुजुर्ग की तलाश कर रही है. वहीं थाने के ठीक सामने हुई इस चोरी ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्यार का खौफनाक अंत : 67 वर्षीय प्रेमी ने गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी

धमतरी शक, अफेयर और मर्डर! छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से 67 साल के आशिक द्वारा 37 साल छोटी प्रेमिका की हत्या करने का मामला सामने आया है। हत्या की वजह शक होना बताया गया है। बुजुर्ग बॉयफ्रेंड को इस बात का शक था कि उसकी गर्लफ्रेंड का किसी अन्य के साथ अफेयर चल रहा है। इसलिए उसने मौका पाकर चाकू गोदकर उसकी हत्या कर दी। पूरा मामला धमतरी जिले के करेली बड़ी चौकी इलाके का है। बुजुर्ग बॉयफ्रेंड का नाम जगन्नाथ मारकंडे है। वह हसदा गांव का रहने वाला है। पेशे से किसान जगन्नाथ के ऊपर 30 साल की अपनी प्रेमिका पुष्पा मारकंडे की हत्या का आरोप है। जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच प्रेम संबंध था। दरअसल महिला का पति बीती साल से जेल में बंद था। तब से जगन्नाथ का महिला के घर आना-जाना लगा रहता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरियां कम हुईं और प्रेम संबंध बढ़ने लगा। मगर सब कुछ ठीक नहीं रहा। बुजुर्ग बॉयफ्रेंड को अपनी प्रेमिका पर शक होने लगा। उसे शक था कि उसकी प्रेमिका किसी अन्य के साथ भी अवैध संबंध बनाए हुए है। जगन्नाथ ने इसी शक के चलते अपनी प्रेमिका की चाकू से गोद गोदकर हत्या कर दी। उसने महिला की पीठ और पेट पर कई वार किए। इस दौरान महिला का बेटा भी मौजूद था। उसने अपनी मां को बचाने का प्रयास किया तो उसे भी चोटें आईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने मां-बेटे को मगरलोड अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।  

वित्त विभाग और परीक्षा एजेंसियों की खींचतान से ठप भर्तियां, नौकरी का इंतज़ार कर रहे उम्मीदवार

रायपुर सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया फाइलों में अटकी हुई है। इसके कारण 10 हजार से अधिक पदों की भर्ती परीक्षाएं लंबे समय से विलंबित हैं। कुछ प्रस्ताव विभागीय स्तर पर अटके हैं तो कुछ वित्त विभाग की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, कई भर्तियों की फाइलें परीक्षा एजेंसियों छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) और व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के पास लंबित पड़ी हैं। सबसे ज्यादा प्रस्ताव शिक्षा विभाग से जुड़े हुए हैं, जहां पांच हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा पांच हजार शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की थी, लेकिन फिलहाल यह प्रक्रिया फाइलों में ही उलझी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने स्पेशल एजुकेटर के 100 पद भरने की तैयारी की है। राज्य सरकार ने दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए कुल 848 पदों के सेटअप को मंजूरी दी है, लेकिन शुरुआती चरण में केवल 100 पदों पर भर्ती होगी। ये पद कोंडागांव, महासमुंद, जशपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, कबीरधाम सहित कई जिलों में भरे जाएंगे। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपर वाइजरों के 100 से अधिक पदों पर भर्ती हाेनी है। महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक पदुम सिंह एल्मा ने बताया कि राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा है। वित्त से अनुमति के बाद भर्ती होनी है। जेल और जल संसाधन विभाग की स्थिति प्रदेश की जेलों में 100 प्रहरियों की भर्ती को हरी झंडी मिल चुकी है। हालांकि, भर्ती नियमों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इस बार लिखित परीक्षा को सरल और शारीरिक परीक्षण को कठिन बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसी तरह जल संसाधन विभाग में अमीन के 50 पदों की भर्ती पर फैसला अटका हुआ है। विभाग के प्रमुख अभियंता के मुताबिक परीक्षा की जिम्मेदारी व्यापमं या पीएससी को दी जाएगी, लेकिन अंतिम निर्णय शेष है। उच्च शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया अधिकारिक सूत्रों के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग ने भी वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें 2160 असिस्टेंट प्रोफेसर, 130 ग्रंथपाल और 130 खेल अधिकारी के पदों की भर्ती शामिल है। चिकित्सकों की भर्ती इसी बीच स्वास्थ्य विभाग में 1080 पदों पर भर्ती प्रक्रिया फाइलों में चल रही है। इनमें से 650 पदों को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 1067 पदों का प्रस्ताव शासन के पास विचाराधीन है। इन पदों में चिकित्सा विशेषज्ञ, अधिकारी, दंत चिकित्सक और वैज्ञानिक शामिल हैं। विश्वविद्यालयों में 2000 से अधिक पद खाली राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों में भी दो हजार से ज्यादा पदों की भर्ती अटकी हुई है। विधानसभा में विधायक मोतीलाल साहू के प्रश्न पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फरवरी 2025 में यह जानकारी दी थी।     पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर – कुल 841 पद (249 शैक्षणिक, 592 अशैक्षणिक)     हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग – 175 पद (35 शैक्षणिक, 140 अशैक्षणिक)     अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर – 192 पद (55 शैक्षणिक, 137 अशैक्षणिक)     संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा – 196 पद (41 शैक्षणिक, 155 अशैक्षणिक)     शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर – 395 पद (201 शैक्षणिक, 194 अशैक्षणिक)     शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ – 62 अशैक्षणिक पद     इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ – 227 पद (101 शैक्षणिक, 126 अशैक्षणिक)     पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर – 91 पद     मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर – 76 पद

भाजपा संगठन की बड़ी बैठक 31 को, नए पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय होंगी

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 31 अगस्त को प्रदेश भाजपा संगठन की बड़ी बैठक होने जा रही है. भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन नए पदाधिकारियों की क्लास लेंगे. इस बैठक में नए पदाधिकारियों को राष्ट्रीय नेताओं के साथ प्रदेश के नेताओं का भी मार्गदर्शन मिलेगा. सभी 476 मंडलों और 36 संगठन जिलों के अध्यक्षों के साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी, सभी मोर्चा के अध्यक्ष और प्रकोष्ठों के संयोजकों को बुलाया गया है. बैठक से पहले मुख्यमंत्री साय के विदेश दौरे से पहले रवानगी होने पर वह भी बैठक में शामिल हो सकते हैं. दोनों डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा के साथ ही प्रदेश के कई मंत्री भी बैठक में रहेंगे भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के निर्देश पर प्रदेश संगठन ने पहले सदस्यता अभियान चलाकर रिकॉर्ड 60 लाख सदस्य बनाने का काम किया. इसके बाद पहले बूथों के चुनाव कराए गए. भाजपा के पहले 405 मंडल थे. इसमें 71 और नए मंडल बनाकर मंडलों की संख्या 476 कर दी गई है. इसी के साथ 35 संगठन जिलों में एक बिलासपुर ग्रामीण जिला बनाकर इनकी संख्या को 36 कर दिया गया है. प्रदेश संगठन ने मंडलों के साथ ही जिलों में भी जिलाध्यक्षों के पदों पर नए चेहरों को मौका दिया है. एक मात्र जिला रायपुर ग्रामीण ही ऐसा है जहां पर पुराने अध्यक्ष को वापस अध्यक्ष बनाया गया है. नई कार्यकारिणी गठन के बाद प्रदेश संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक प्रदेश संगठन की नई कार्यकारिणी बनने के बाद अब प्रदेश संगठन प्रदेश स्तर की एक बड़ी बैठक कराने की तैयारी कर रहा है. वैसे तो पहले बैठक को 29 अगस्त को कराने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन अब यह बैठक 31 अगस्त को करने का फैसला किया गया है. बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन सभी नए पदाधिकारियों की क्लास लेकर उनको बताएंगे कि किस तरह से संगठन का काम करना है. नए पदाधिकारियों को क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ ही भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव, संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और डिप्टी सीएम अरुण साव के साथ ही अन्य वरिष्ठ नेताओं का भी मार्गदर्शन मिलेगा.

प्रदेश में बारिश का आंकड़ा 815.1 मि.मी. पहुंचा, सामान्य से ज्यादा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 815.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1234.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 410.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।     रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 701.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 605.1 मि.मी., गरियाबंद में 699.1 मि.मी., महासमुंद में 626.0 मि.मी. और धमतरी में 716.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।     बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 819.2 मि.मी., मुंगेली में 796.7 मि.मी., रायगढ़ में 1002.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1012.5 मि.मी., सक्ती में 889.8 मि.मी., कोरबा में 817.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 814.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।     दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 660.1 मि.मी., कबीरधाम में 585.3 मि.मी., राजनांदगांव में 750.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1048.6 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 603.9 मि.मी. और बालोद में 882.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।     सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 589.7 मि.मी., सूरजपुर में 927.2 मि.मी., जशपुर में 837.0 मि.मी., कोरिया में 943.8 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 841.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।     बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1023.5 मि.मी., कोंडागांव में 738.6 मि.मी., कांकेर में 945.9 मि.मी., नारायणपुर में 964.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 941.2 मि.मी., सुकमा में 755.1 मि.मी. और बीजापुर में 1017.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

राज्यपाल शामिल हुए सहकार भारती बुनकर के राष्ट्रीय अधिवेशन में

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका रविवार को रायपुर में आयोजित दो दिवसीय सहकार राष्ट्रीय बुनकर अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बुनकरों से आव्हान किया कि वे समयानुसार उत्पादों में नवीन तकनीकों को अपनाएं। मांग के अनुसार उत्पादों के डिजाइन में बदलाव लाएं। राज्यपाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसका उद्देश्य केवल सहकारिता को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर विश्व की नींव रखना है। यही भावना हमें प्रेरित करती है कि हम ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ें और इस अभियान को हर घर, हर व्यक्ति तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सहकारिता के क्षेत्र में कई नवाचार कर देश को एक नया दृष्टिकोण दिया है। पैक्स समितियों को बहुउद्देशीय बनाने का कार्य इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में अब तक 2058 पैक्स समितियों को एम-पैक्स में परिवर्तित किया गया है और इनमें कॉमन सर्विस सेंटर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही 532 नई बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की प्रक्रिया जारी है। मत्स्य, दुग्ध और लघु वनोपज क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो सहकारिता के विस्तार की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राज्यपाल ने कहा कि हाथकरघा और बुनकरी का कार्य हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान और स्वदेशी गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के साथ मार्केटिंग के लिए नवीन माध्यमों और तकनीकों को जोडे़, इससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कई उदाहरण देकर बताया कि समय पर नवीन तकनीकों को नहीं अपनाने और डिजाइन में बदलाव नहीं करने पर कई कंपनियों और वस्तुओं को मार्केेट से बाहर होना पड़ है। उन्होंने कहा कि बुनकरों को अपने उत्पाद की लोकप्रियता और ब्रिकी के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेट फॉर्म की तरफ बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर सहकार भारती से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।

महिला से 59 लाख की ठगी, मुनाफे का झांसा देकर किया फ्रॉड, मध्य प्रदेश से पकड़े गए आरोपी

बिलासपुर महिला के साथ ऑनलाइन ठगी के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने महिला से 59 लाख रुपये की ठगी को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को मध्य प्रदेश की महू पुलिस ने गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी देशभर में लोगों से साइबर ठगी कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने फ्राड करते हुए रुपये जमा कराने के लिए 10 खातों का उपयोग किया। इसके अलावा 15 अन्य खातों की भी जानकारी मिली है। अब तक इस प्रकरण में प्रारंभिक स्तर पर 10 आरोपित मिले हैं।   पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने 59 लाख रुपये के फ्राड की शिकायत की थी। इसमें बताया था कि कुछ लोगों ने उन्हें वाट्सएप-इंस्टाग्राम ग्रुप में जोड़ा और शेयर मार्केट में लाभ का लालच दिया। आरोपितों ने महिला से अलग-अलग खातों में रुपये जमा करवाए। इसके बाद लाखों रुपये का मुनाफा दिखाया। महिला से जनवरी से मई माह तक 10 खातों में 59 लाख रुपये जमा करवाए। जिससे फर्जी तरीके से ट्रेडिंग एप पर शेयर खरीदना दिखाते थे। मई माह तक महिला को डेढ़ करोड़ रुपये का लाभ बताया। जब महिला ने रुपये निकालने की बात कही तो वह टालने लगे। महू निवासी अर्पित साल्वे ने अकाउंटेट बनकर महिला से बात की। उसने एक दो दिन में रुपये जमा करने की बात कही और एक सप्ताह बाद फोन उठाना बंद कर दिया। इस पर महिला को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस को सेंसेटिव कर दिया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें बिलासपुर पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश के टीम की भी मदद ली। पुलिस टीम ने ललित पुत्र सुरेंद्र सिंह (32) वर्तमान निवासी धारनाका मूल निवासी बुलंदशहर उत्तर प्रदेश, बबलू उर्फ कमलजीत पुत्र दिलावर चौहान (38) निवासी अयोध्यापुरी कालोनी कोदरिया, अर्पित पुत्र संतोष साल्वे (30) निवासी गिरनार सिटी गुजरखेड़ा और रोहित पुत्र बहादुर निषाद (25) निवासी धारनाका को गिरफ्तार किया।

ओसाका (जापान) में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ पैवेलियन में उमड़ी रौनक

रायपुर  ओसाका (जापान) में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले दिन ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन आकर्षण का केंद्र बन गया। उद्घाटन दिवस पर 22 हजार से अधिक दर्शकों ने यहाँ पहुँचकर छत्तीसगढ़ की विरासत, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक का अनुभव किया। भारत सरकार के इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के आमंत्रण पर 24 से 30 अगस्त 2025 तक भारत पैवेलियन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। आज इस भव्य पैवेलियन का विधिवत शुभारंभ किया गया। छत्तीसगढ़ : संस्कृति, उद्योग और अवसरों का संगम पैवेलियन को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह आगंतुकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, औद्योगिक शक्ति और पर्यटन की संभावनाओं को सुंदर रूप से पिरोया गया है। यह वैश्विक दर्शकों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराता है। पर्यटन और विरासत की छटा पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की धरती की सुंदरता और धरोहर को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। नवा रायपुर, देश का पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, जिसे निवेश और औद्योगिक प्रगति के लिए तैयार किया गया है, यहाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान चित्रकोट जलप्रपात ने भी सबका ध्यान खींचा। भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात होने के कारण इसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है। इतिहास और आस्था की झलक देने वाला सीतापुर (Sirpur) पैवेलियन में प्रमुख रूप से प्रदर्शित है। यह 8वीं शताब्दी ईस्वी से जुड़ा भारत का एक विशाल बौद्ध स्थल है, जो छत्तीसगढ़ की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का परिचायक है। भारत और जापान की सांस्कृतिक विरासत के इस जुड़ाव में, छत्तीसगढ़ बुद्ध के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरित होकर शांति, समावेश और सतत विकास के साझा मूल्यों को आगे बढ़ाता है। औद्योगिक शक्ति और लॉजिस्टिक हब के रूप में छत्तीसगढ़ पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पर विशेष बल दिया गया। राज्य की केंद्रीय स्थिति और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क उसे देश के भीतर सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाते हैं। विनिर्माण, वस्त्र, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की तेजी से हो रही प्रगति को भी यहाँ प्रदर्शित किया गया है। यह वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य को निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में स्थापित करता है। कला और शिल्प की पहचान छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोककला और हस्तशिल्प में भी झलकती है। पैवेलियन में बस्तर की ढोकरा कला—4,000 वर्ष पुरानी जीआई टैग प्राप्त धातु शिल्प—अपने अनगढ़ सौंदर्य और मौलिकता से सबको आकर्षित कर रही है। इसी तरह, कोसा सिल्क, जिसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा कहा जाता है, पैवेलियन का मुख्य आकर्षण बना। यह अपनी प्राकृतिक चमक, मजबूती और आकर्षण के लिए विख्यात है और राज्य के वनों में पाए जाने वाले एंथरेया मायलिट्टा रेशमकीट से तैयार किया जाता है। कोसा से बनी कलात्मक इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ की आत्मा को व्यक्त करती है—जहाँ आध्यात्मिकता, प्रकृति और विकास का संतुलन साफ़ दिखाई देता है। वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की दमदार उपस्थिति वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन की शानदार शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ दर्शक संख्या ने आने वाले सप्ताह की दिशा तय कर दी है। यह पैवेलियन न केवल सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है, बल्कि छत्तीसगढ़ को सतत औद्योगिक प्रगति और वैश्विक निवेश अवसरों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर प्रदेशभर से आई माताओं-बहनों का किया गया आत्मीय स्वागत

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है। उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक सुनील सोनी, इंद्र कुमार साव, अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर  मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदी तीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया। महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं। ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए। महिलाओं ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएँ हुईं महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया। कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।